युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

31 जनवरी 2011

बहू ने अपना लीवर देकर बचाई सास की जान

Indira Khurana

Parveen Khurana

डबवाली (लहू की लौ) आम तौर पर टीवी में सास बहू की झगड़ते हुए दिखाया जाता है। प्राय: समाज में भी यह धारणा है कि सास और बहू में कभी बन नहीं सकती। लेकिन इसके विपरीत एक बहू ने इस किदवंती को केवल झुठलाया ही नहीं बल्कि सास को अपना लीवर देकर उसकी जान भी बचा डाली।
डबवाली के देसाई बीड़ी विक्रेता भगवान दास मोंगा की बेटी प्रवीण (35) सिरसा में हर्ष खुराना के साथ विवाहिता है। उसकी सास इन्दिरा खुराना (61) सावन पब्लिक स्कूल में पिं्रसीपल है। सन् 2006 में इन्दिरा खुराना बीमार हुई और उसे इलाज के लिए कई बड़े अस्पतालों में ले जाया गया। लेकिन उसकी हालत बिगड़ती गई। अक्तूबर 2010 में उसे अपोलो हॉस्पीटल दिल्ली में इलाज के लिए ले जाया गया।
अपोलो अस्पताल दिल्ली के सर्जन डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि इन्दिरा खुराना का लीवर खराब हो चुका है और उसे बदलने की जरूरत है। इसके लिए किसी का लीवर चाहिए। इस की जानकारी जैसे ही प्रवीण को मिली तो उसने अपनी सास के लिए लीवर देना स्वीकार किया। इस संबंध में डाक्टर ने भी प्रवीण को कई बार पूछा कि उसने यह निर्णय किसी दबाब में तो नहीं लिया। लेकिन प्रवीण के यह कहने पर कि वह अपनी इच्छा से यह काम कर रही है। इस पर डाक्टर ने 10 जनवरी 2011 को प्रवीण से 60 प्रतिशत लीवर लेकर इन्दिरा खुराना में डाल दिया। इस ऑप्रेशन में डाक्टर को करीब सोलह घंटे लगे। 20 जनवरी 2011 को प्रवीण खुराना को छुट्टी दे दी गई। जबकि ऑपरेशन से करीब 18 दिनों बाद 28 जनवरी को इन्दिरा खुराना को अस्पताल से छुट्टी दी गई।
इस संदर्भ में जब प्रवीण खुराना से पूछा गया तो उसने बताया कि उसे खुशी है उसने अपनी सास को लीवर दान करके समाज के इस मिथक को तोड़ा है कि सास और बहू का रिश्ता अक्सर खटास भरा होता है। उसके अनुसार वह तो यहीं मानती है कि सास मां के समान है और उसने अपनी मां को लीवर दान करके उसके कर्ज को चुकाया है।
प्रवीण के पिता भगवान दास के अनुसार उसकी बेटी अपनी सास के लिए कुर्बानी करके समाज की सभी बहूओं और सास को प्रेरणा देने का काम किया है कि सास और बहू में मां तथा बेटी का रिश्ता होता है और इसे निभा कर ही वर्तमान समय में टूटते समाज को बचाया जा सकता है। उनके अनुसार वे डॉक्टर सुभाष गुप्ता और उनकी टीम के डाक्टर विवेक, मानव तथा प्रगति के भी आभारी हैं जिन्हों सफल ऑप्रेशन करके और बहू द्वारा सास को दिये गये लीवर का सम्मान करते हुए  समाज को नई दिशा देने का काम किया है। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी ने अंगदान की प्रेरणा राधा स्वामी डेरा ब्यास से ली है।
इस ऑपरेशन को अंजाम देने वाले डॉ. सुभाष गुप्ता ने बताया कि यह ऑपरेशन काफी पेचीदा था। इसे पूरा करने में उन्हें सोलह घंटे लगे। ऑपरेशन सफल रहा। इस समय लीवर दान करने वाली तथा लीवर दान पाने वाली दोनों ही स्वस्थ हैं। सही मायने में तो सास के प्रति बहू का प्रेम इस ऑपरेशन की सफलता का कारण बना।

30 जनवरी 2011

नशे ने की प्रिंस की हत्या!


बेटे की चिता जल रही थी मां गलियों में घूम रही थी
डबवाली। नशे के लिए जमीन, बर्तन, जुल्ली-बिस्तर तक बेच दिया। अंत में स्वयं नशे का कफन ओढ़कर सो गया। 24 घंटे बाद ही उसकी मौत का खुलासा हो सका। यह किसी हिन्दी फीचर फिल्म की कहानी नहीं है। बल्कि शहर के प्रेमनगर में रह रहे एक परिवार के प्रिंस की दास्तां है।
अतीत के झरोखे से
भारत-पाकिस्तान बंटवारे के दौरान पाकिस्तान से विस्थापित हुए छह भाई लालचंद, गोपाल दास, रामचन्द, लक्ष्मण दास, सोमनाथ, हंसराज अपने परिवारों के साथ उपमण्डल डबवाली के गांव मसीतां में आकर दिहाड़ी मजदूरी करने लगे। इन विस्थापितों पर रहमदिली दिखाते हुए सरकार ने उन्हें पानीपत के गांव रेड़कलां में बीस एकड़ जमीन मुहैया करवाई। लेकिन जमीन पर गांव रेड़कलां के एक व्यक्ति ने अपना हक जता दिया। करीब दो साल तक जमींदार के चक्कर काटने के बाद उन्हें जगह नसीब हुई। जमीन मिलने के बाद लालचंद, गोपाल दास तथा हंसराज वहीं रहने लगे। बाकी तीन भाईयों ने गांव मसीतां में मेहनत करते हुए करियाणा की दुकानें शुरू कर ली। बुरा वक्त बीतने के बाद एक नए दौर की शुरूआत हुई।
मानसिक संतुलन बिगड़ा
भाईयों में तीसरे नंबर पर आने वाले रामचन्द के घर एक बेटा सुरेश और बेटी किरण हुई। शादी के बाद सुरेश गांव मसीतां में  अपनी करियाणा की दुकान चलाने लगा। लम्बी बीमारी के चलते सुरेश की मौत हो गई। साल 2003-04 में सुरेश की पत्नी सविता रानी अपनी दो बेटियों रजनी, नीरू तथा बेटे प्रिंस के साथ डबवाली के प्रेमनगर में आकर रहने लगी। प्रिंस घर पर ही करियाणा की शॉप चलाने लगा। रजनी की शादी के कुछ समय बाद मौत हो गई। पति, फिर बेटी की मौत का सदमा नीरू और सविता सहन नहीं कर पाईं और उनका मानसिक संतुलन गड़बड़ा गया।
सारा सामान बेच डाला
इधर प्रिंस गलत संगत का शिकार हो गया और नशे की दुनियां में खो गया। पानीपत में पड़ी अपनी करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन 15 लाख में बेच दी। सारे पैसे नशे में खर्च कर दिए। पैसे खत्म होने के बाद घर में लगी चौगांठे, दरवाजे तक बेच डाले। नशे की आग यहीं खत्म नहीं हुई घर के बर्तन बेच डाले। मानसिक रूप से पीडि़त सविता के इस प्रिंस को समझाता कौन। सुबह से मां पागलों की तरह शहर की गलियों में घूमने लगती और बेटा नशे के लिए सारा घर बेच रहा था। नशे की तपिश मिटाने के लिए घर के कपड़े तक बेच डाले।
24 घंटे बाद लगा पता
गुरूवार को नशे की हालत में प्रिंस घर आया और आते ही सो गया। शुक्रवार शाम को अचानक प्रिंस की मां सविता गली में आ गई और चिल्लाने लगी कि प्रिंस उठ नहीं रहा है। गली के निवासी रवि कुक्कड़ ने बताया कि इसकी सूचना एक निजी चिकित्सक को दी गई। चिकित्सक ने प्रिंस को मृत घोषित कर दिया। उन्होंने ही इसकी सूचना गांव मसीतां में सविता के रिश्तेदारों को दी। इधर घर में बेटे प्रिंस के शव को छोड़कर मां सविता घर से भाग गई। रिश्तेदारों ने आकर प्रिंस के शव का अंतिम संस्कार डबवाली के रामबाग में किया। रामबाग में बेटे की चिता जल रही थी, इससे अनजान मां शहर की गलियों में घूम रही थी।
ऐसा न था प्रिंस
Ab Kewal Diwaro per najat aate hain naam
प्रिंस की मौत की जानकारी पाकर मलोट से डबवाली पहुंची प्रिंस की बुआ किरण बाला ने उपरोक्त बातों की पुष्टि करते हुए बताया कि उसके भाई सुरेश का परिवार खुशहाल था। लेकिन सुरेश और उसके पिता रामचन्द की मौत के बाद परिवार बिखर गया। प्रिंस भी नशे का आदि नहीं था। लेकिन डबवाली में आकर गलत संगत में पड़कर नशे करने लगा। नशे ने उनका सबकुछ छीन लिया।
नशे का खात्मा होना चाहिए
Prince ka ghar. jiska sara saman nashe
k leya usne bech dala.
अपने भाई रामचन्द के पोते की मौत का समाचार पाकर डबवाली आए लक्ष्मण दास तथा सोमनाथ निवासी मसीतां ने बताया कि उसके भाई रामचन्द का परिवार यूं तिनकों में बिखर जाएगा, इसकी कल्पना तक नहीं की थी। उनके अनुसार नशे ने केवल उनके ही घर के प्रिंस की जान नहीं ली, बल्कि हर रोज कितने घरों के प्रिंस नशे में पड़कर अपनी जान गंवा रहे हैं। उन्होंने सरकार से नशे के विरूद्ध कड़े कदम उठाने की मांग की।

मल्लेकां की टीम ने जीती क्रिकेट ट्रॉफी


औढ़ां (जितेन्द्र गर्ग) खंड के गांव आनंदगढ़ में जनचेतना युवा क्लब द्वारा ग्राम पंचायत व समस्त गांववासियों के सहयोग से आयोजित नौवीं शहीद मदन लाल माकड़ मैमोरियल क्रिकेट प्रतियोगिता का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हो गया। गांव के सरपंच बलवंत गोदारा की अध्यक्षता में आयोजित समापन समारोह में मुख्यातिथि के रुप में उपस्थित शहरी ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष भूपेश मेहता ने प्रतियोगिता की विजेता टीम मल्लेकां को ट्राफी के साथ 15 हजार रुपए का नकद पुरस्कार एवं उपविजेता टीम बणी को ट्राफी के साथ 11 हजार रुपए का नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा खेल को खेल की भावना से खेलना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार खेलों को बढ़ावा देने हेतु खिलाडिय़ों को अनेक सुविधाएं प्रदान कर रही है। सरकार के प्रयास रंग्र ला रहे हैं और प्रदेश में खेलों का स्तर ऊंचा हुआ है तथा प्रदेश के खिलाडिय़ों प्रदेश का मान बढ़ाया है। कार्यक्रम के शुभारंभ पर मुख्यातिथि ने शहीद मदन लाल माकड़ की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए तथा जनचेतना युवा क्लब के प्रधान ओमप्रकाश गोदारा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।
इससे पूर्व प्रतियोगिता के सेमीफाइनल में पहुंची मल्लेकां की टीम ने कुसुंबी की टीम को और बणी की टीम ने बनसुधार की टीम को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। प्रतियोगिता के फाइनल मैच में मल्लेकां की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का निर्णय लिया। मल्लेकां की टीम ने निर्धारित 12 ओवरों में 7 विकेट के नुकसान पर 95 रन बनाए जिसमें बल्लेबाज पम्मी ने 2 छक्कों व 2 चौकों सहित 32 गेंदों में 35 रनों और जगमीत ने 2 चौकों सहित 26 गेंदों में 25 रनों का योगदान दिया। बणी के गेंदबाज अजय ने 3 ओवरों में 19 रन देकर 2 और भीम ने 3 ओवरों में 10 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके जवाब में बल्लेबाजी करने मैदान में उतरी बणी की टीम 12 ओवरों में 6 विकेट खोकर 73 रन ही बना सकी जिसमें बल्लेबाज भीम ने 5 चौकों सहित 11 गेंदों में 25 रनों और बंसी ने एक छक्के व एक चौके सहित 14 गेंदों में 17 रनों का योगदान दिया। मल्लेकां के गेंदबाज जगमीत ने 3 ओवरों में 12 रन देकर 3 विकेट लिए। इस प्रकार मल्लेका की टीम ने यह मैच 22 रनों से जीत लिया जिसका मैन आफ दी मैच का पुरस्कार मल्लेकां के बल्लेबाज पम्मी को दिया गया जिसने 35 रन बनाए।
प्रतियोगिता में मैन आफ दी सीरीज का पुरस्कार मल्लेकां के आलराऊंडर जगमीत को दिया गया जिसने प्रतियोगिता के दौरान कुल 18 विकेट लिए और 60 रन भी बनाए। इस अवसर पर ओमप्रकाश एंथोनी, डॉ. राजकुमार धींगड़ा, रमेश गोयल, प्रेम सैनी, धन्नाराम माकड़, जगतपाल गोदारा, रिसाल गोदारा, अमर सिंह गोदारा, दलबीर बैनिवाल, अनिलवीर बैनिवाल, हवा सिंह गोदारा, शीशपाल गोदारा, आयोजक समिति के सदस्य रोहताश गोदारा, पायलट गोदारा, बजरंग गोदारा और कृष्ण फांडर सहित काफी संख्या में गांववासी एवं खेलप्रेमी उपस्थित थे।

हस्सू में मासिक ग्रामीण लोक अदालत आयोजित


डबवाली (लहू की लौ) गांव हस्सू के राजकीय विद्यालय में उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी एवं उपमण्डलीय विधिक सेवा समिति डबवाली के अध्यक्ष महावीर सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को न्यायिक लोक अदालत का आयोजन किया गया।
इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एसके गर्ग ने बताया कि मुकद्दमा में बिना अदालत के किए गए राजीनामा को तुरंत अदालत में प्रस्तुत करके उस पर अदालत की मोहर लगवाकर उसे पक्का कर लेना चाहिए। उन्होंने बंधुआ मजूदर प्रणाली उन्मूलन नियम 1976 की जानकारी भी दी। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया कि वे अपने बच्चों को मेडिकल नशे से रोकें और 18 साल से कम आयु के बच्चों को वाहन चलाने की अनुमति न दें। दुर्घटना से बचने के लिए ट्रेक्टर के दोनों हैडलाईट और पीछे की रेड लाईट को जरूर लगवाएं। जब भी रात को चलें तो रिफलेक्टर लगाकर ही चलें।
एडवोकेट सुखबीर सिंह बराड़ ने ग्रामीणों को लोक अदालत की जानकारी दी। इस मौके पर वाईके शर्मा ने मंच संचालन किया। इस मौके पर एडवोकेट ओपी गर्ग, इन्द्रपाल बिश्नोई, राजेश यादव, अमरीक सिंह बैनीवाल, रमेश बिश्नोई, अशोक बिश्नोई, अमरजीत सिंह विर्क, गुरदित्त सिंह दुरेजा, महिपाल सिंह और दिनेश बांसल के अतिरिक्त गांव हस्सू के सरपंच नरेन्द्र सिंह, पूर्व सरपंच शिवराज सिंह, पूर्व सरपंच दर्शन सिंह, पूर्व सरपंच दर्शन सिंह, छिन्द्र नम्बरदार, ईश्वर सिंह पंच, विद्यालय के अध्यापक संजीव बिश्नोई, महिपाल यादव तथा प्रशासनिक अधिकारियों में से कानूनगो जोगा सिंह, पटवारी बलविंद्र सिंह भी उपस्थित थे।
मासिक न्यायिक लोक अदालत में कुल 67 केस प्रस्तुत हुए। जिनमें से 32 का मौका पर निपटारा कर दिया गया। 30 इंतकाल पेश हुए सभी का मौका पर निपटारा कर दिया गया।

29 जनवरी 2011

कार में मिली मेडिकल नशे की खेप


डबवाली (लहू की लौ) ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को नशे में डूबोने के लिए नशे के सौदागर आमदा हैं। शहर के मेडिकल स्टोरों पर धड़ाधड़ हो रही छापामारी से भी सौदागरों के हौंसले नहीं डिगे हैं। बल्कि क्षेत्र में नशे की सप्लाई और बढ़ा दी है। बेखौफ होकर इलाके के गांवों में नशा भेजा जा रहा है।
दिन छुपते निकलते हैं बिलों से
दिन छुपते ही नशे के कारोबारी नशा सप्लाई करने के लिए अपने बिलों में से निकल लेते हैं और अपने काम को बड़ी चतुराई से अंजाम देकर वापिस अपने बिल में छुप जाते हैं। किसी को कानों कान खबर तक नहीं होती। सुबह होते ही मेडिकल स्टोरों पर धड़ल्ले से नशा बिकना शुरू हो जाता है। फिर वहीं कहानी सामने आ जाती है, देश का युवा कूड़ा घरों या शौचालयों के इर्द-गिर्द नशे में पड़ा दिखाई देता है।
पुलिस को देखकर भागे गाड़ी चालक
गुरूवार रात करीब सवा नौ बजे घने अंधेरे का फायदा उठाकर नशे की खेप पहुंचाने के लिए ग्रामीण आंचल में जा रहे दो कार सवार पुलिस को अपने पीछे पाकर गाड़ी छोड़ भागे। पुलिस द्वारा जब कार की तालाश ली गई तो उसमें से भारी मात्रा में नशे में प्रयुक्त की जाने वाली दवाईयां बरामद हुई।
नाका लगा रखा था
मामले की विस्तृत जानकारी अनुसार गुरूवार रात करीब नौ बजे औढ़ां के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर लूट की घटना हुई थी। लूट के बाद जिला की पुलिस को सतर्क कर दिया गया। आदेश पाकर थाना सदर पुलिस डबवाली ने भी जगह-जगह नाके लगाकर संदिग्ध गाडिय़ों की निगरानी करनी शुरू कर दी। थाना सदर पुलिस के एएसआई जय सिंह गांव मांगेआना के पास नाका लगाए हुए थे। इसी दौरान उन्हें डबवाली साईड से एक गाड़ी आती हुई दिखाई दी। गाड़ी को रूकने का इशारा किया गया, लेकिन पुलिस को देखकर गाड़ी चालक ने गाड़ी की गति बढ़ा दी। शक के आधार पर पुलिस ने गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। पुलिस को अपने पीछे देखकर कार सवार दो व्यक्ति गाड़ी को वहीं छोड़कर खेतों में जा भागे। बाद में तालाशी लेने पर पुलिस को गाड़ी से नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाईयां मिली। संभव है कि नशे की यह खेप ग्रामीण क्षेत्र में भेजी जा रही थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि नशे की यह खेप डबवाली से ही भरी गई।
600 शीशी रेकोडैक्स बरामद
थाना सदर पुलिस के प्रभारी एसआई रतन सिंह ने बताया कि गुरूवार रात को औढ़ां में पेट्रोल पंप पर लूट के बाद पुलिस को चौकन्नी कर दिया गया था। गांव मांगेआना के पास पुलिस नाका लगाए हुई थी। डबवाली साईड से कालांवाली की ओर जा रही एक गाड़ी को इशारा करने के बावजूद गाड़ी नहीं रूकी। पीछा करने पर गाड़ी सवार भाग गए। गाड़ी की चैकिंग करने पर गाड़ी की डिग्गी से पुलिस को 600 शीशी रेकोडेक्स बरामद हुई। पुलिस ने रपट दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने की जांच
ड्रग इंस्पेक्टर रजनीश धानीवाल ने बताया कि पुलिस द्वारा पकड़ी गई दवाईयों की चैकिंग करने के बाद इसकी रिपोर्ट दे दी है। यह दवाईयां नशे में प्रयुक्त हो सकती हैं। जोकि एनडीपीएस के तहत अपराध है।
छापों के बावजूद नशे की स्मगलिंग
डबवाली शहर में पिछले कुछ सप्ताह से मेडिकल स्टोरों पर दे दनादन छापे पड़ रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद नशे के कारोबारी बेखौफ हैं। फिर वही सवाल उठ रहा है कि नशा कहां से आ रहा है? इसे कौन लेकर आ रहा है? नशे के कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?

सीवरेज युक्त पानी की आपूर्ति, लोग भड़के


डबवाली (लहू की लौ) घरों में सीवरेज युक्त पानी की आपूर्ति को लेकर चार वार्डों के निवासियों ने शुक्रवार को जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय के समक्ष धरना दिया। विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
वार्ड नं. 13,14,15,16 में पिछले कुछ दिनों से सीवरेज युक्त पानी की आपूर्ति हो रही थी। शिकायत करने के बावजूद पेयजल आपूर्ति ज्यों की त्यों थी। शुक्रवार को गुस्साए लोग सीवरेज युक्त पानी की बोतल भरकर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में पहुंचे और कार्यालय के आगे धरना दे दिया। नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोग मौका पर आए जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई कंवर लाल से उलझ गए और उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई।
प्रदर्शन कर रहे फकीर चन्द, प्रेम कुमार कनवाडिय़ा, राजकुमार, प्रभु दयाल, नरेश, कालू, मोहन लाल, मुन्ना, शांति, कमलेश, कमला, गुड्डी, कलां देवी, सुमित्रा देवी ने बताया कि उनके वार्डों में पिछले दस दिनों से सीवरेज युक्त पानी की आपूर्ति हो रही है। वे कई बार जनस्वास्थ्य विभाग में शिकायत लेकर आ चुके हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। गंदे पेयजल की आपूर्ति से उनके वार्डों में रोग फैलने का भय भी सताने लगा है। कईयों को पेट दर्द की शिकायत हो चुकी है।
करीब एक घंटा तक गुस्साए लोग विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई कंवर लाल से समस्या का जल्द हल करवाए जाने का आश्वासन पाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
बाद में एसडीई कंवर लाल ने बताया कि उन्हें आज ही इस समस्या के बारे में मालूम हुआ है। वे जल्द इसका समाधान करवाएंगे। शनिवार शाम तक उक्त इलाकों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करवा दी जाएगी। एसडीई के अनुसार डयूटी में कोताही बरतने वाले कर्मचारी पर भी कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम कार्यालय में घुसे प्रदर्शनकारी मनरेगा मजदूर


डबवाली (लहू की लौ) गांव खुईयांमलकाना के मनरेगा मजदूरों ने गांव के सरपंच पर कार्य देने में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यालय के समक्ष नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। गुस्साए मजदूर नारेबाजी करते हुए एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय में घुस गए।
मनरेगा मजदूर सरजंट सिंह, राजकुमार, रवि कुमार, धर्मवीर, जगपाल, रमेश लाल, पवन कुमार, बंटी, सुरेन्द्र कुमार, बलविंद्र सिंह, जग्गा राम, सुभाष, रवि, हरी सिंह, विक्रमजीत, सोनू कुमार, ओमप्रकाश, काका, गुरप्रीत सिंह, सतनाम सिंह आदि ने आरोप लगाया कि उनके गांव में मनरेगा के तहत जो भी कार्य होता है, उसमें भेदभाव बरता जाता है। उनके अनुसार गांव की सरपंच महिला है, जिसके चलते सरपंच का कार्य उसके पति सुखदेव सिंह देखते हैं। कुछ दिन पूर्व गांव में बने स्टेडियम में मनरेगा के तहत कार्य चलाया गया था, लेकिन उन्हें वहां कार्य नहीं दिया गया। गुरूवार को फिर से खालों की सफाई का कार्य शुरू हुआ है, इसमें भी उन्हें कार्य नहीं दिया गया। मनरेगा मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत उनके रोजगार गारंटी कार्ड बनाए गए हैं। लेकिन उन्हें आज तक वे मुहैया नहीं करवाए गए। कार्डों में क्या भरा जा रहा है, वे नहीं जानते।
इससे पूर्व मनरेगा मजदूरों ने उपमण्डलाधीश कार्यालय के आगे जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। देखते ही देखते ये मजदूर एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय में जा घुसे और खुईयांमलकाना में मनरेगा योजना के तहत करवाए गए कार्यां की जांच की मांग की। बाद में अपनी मांगों के समर्थन में एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। जांच का आश्वासन पाने के बाद गुस्साए मजदूर शांत हुए।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि मनरेगा मजदूरों की शिकायत पर बीडीपीओ राम सिंह को जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस संदर्भ में जब गांव खुईयांमलकाना की सरपंच के पति सुखदेव सिंह से पूछा गया तो उन्होंने उपरोक्त आरोपों को निराधार करार दिया। उन्होंने बताया कि गुरूवार को ही मनरेगा के तहत कार्य शुरू हुआ है। काम के मुताबिक मनरेगा मजदूरों को लगाया गया है। कार्य देने में किसी मजदूर से भेदभाव नहीं किया जा रहा। उन्होंने स्वीकारा की कुछ मजदूरों के जॉब कार्ड कार्य भरने के लिए उनके पास पड़े थे। जिन्हें जल्द ही मजदूरों को वितरित कर दिया जाएगा।

औढ़ां में खुलेगी आईटीआई


सिरसा। सरकार द्वारा शुरु किए गए बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के अंतर्गत सिरसा जिला में शुरु की गई अल्पसंख्यक जिला विकास योजना के माध्यम से औढ़ां गांव में साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोला जाएगा जिसकी स्वीकृति केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों मंत्रालय द्वारा प्राप्त हो गई है।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त सीजी रजिनीकांथन ने बताया कि अल्पसंख्यक जिला विकास योजना के तहत जिला में अब तक विभिन्न क्षेत्रों में 9 करोड़ 90 हजार रुपए की राशि  खर्च की जा चुकी है जबकि इस योजना के तहत 10 करोड़ 75 लाख 90 हजार रुपए की राशि जिला प्रशासन को प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि ओढ़ां में आईटीआई बनने से सिरसा जिला में पांच राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित हो जाएंगे। पहले से सिरसा जिला में एक महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहित चार आईटीआई कार्य कर रही है जिनमें 1892 विद्यार्थियों को दो दर्जन से भी अधिक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ओढ़ां के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के लिए सात ट्रेड स्वीकृत की गई है जिनमें 175 से भी अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उक्त योजना तकनीकी शिक्षा, गरीबों को छत मुहैया करवाने और बच्चों के विकास के साथ-साथ युवाओं को विभिन्न कार्यों में निपुण करने के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है। सिरसा जिला में अल्पसंख्यक जिला विकास योजना के तहत स्कूल कमरे बनवाने के लिए 3 करोड़ 96 लाख 90 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है जिसमें से 1 करोड़ 62 लाख 90 हजार रुपए की राशि खर्च करके 95 स्कूल कमरों का निर्माण करवाया जा चुका है। इसी प्रकार से उक्त योजना के तहत 2 करोड़ 13 लाख रुपए की राशि खर्च करके 71 आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण करवाया गया है। आंगनवाड़ी के प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर 3 लाख रुपए की राशि खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि जिला में अब कुल 914 आंगनवाड़ी केंद्र काम कर रहे है जिनमें से 335 आंगनवाड़ी केंद्र अल्संख्यक बाहुल्य गांव में स्थापित है। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक जिला विकास योजना के तहत सबसे अधिक 20 आंगनवाड़ी केंद्र बड़ागुढ़ा में बनाए गए है। इसी प्रकार से औढ़ा में 18, ऐलनाबाद और डबवाली में एक-एक दर्जन, सिरसा में 2 और नाथूसरी चौपटा में एक आंगनवाड़ी केंद्र बनाया गया है।

सबस्टेशन में गूंजे सरकार विरोधी नारे


डबवाली (लहू की लौ) 'हमारी मांगे पूरी करोÓ, 'हरियाणा सरकार मुर्दाबादÓ, 'हुड्डा सरकार हो बर्बादÓ, 'कर्मचारी एकता जिन्दाबादÓ के नारे गांव डबवाली स्थित बिजली निगम के 132केवी सबस्टेशन में खूब गूंजे। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सरकारी महकमों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार को कोस रहे थे। प्रदर्शन में जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्यलूडी, बीएण्डआर, बिजली विभाग, हरियाणा रोड़वेज के कर्मचारियों ने भाग लिया।
गुरूवार सुबह हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़े कर्मचारी महासंघ की डबवाली ईकाई के अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में बिजली निगम कार्यालय में जमा हो गए। अपने नेता की अगुवाई में कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के विरूद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि सितंबर 2010 में सरकार ने कर्मचारियों की मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बावजूद आज तक एक भी मांग पूरी नहीं हुई।
शर्मा के अनुसार प्रदेश के कर्मचारी 11 सूत्री मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। उनकी मांगों में मुख्य तौर पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेकेदारी प्रथा बंद करना, कर्मचारियों की नियमित भर्ती करना आदि शामिल हैं। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा तथा महासचिव वीर सिंह जींद में कर्मचारियों की मांगों के लिए आमरण अनशन पर बैठे थे। सीएम के इशारे पर पुलिस ने दोनों कर्मचारी नेताओं को जबर्दस्ती अस्पताल उठाकर अस्पताल में डाल दिया। आगामी 1 फरवरी को जींद में चल रहे धरने में जिला सिरसा से हजारों की संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे।
इस मौके पर केवल कृष्ण, पवन शर्मा, रामअवतार, निहाल सिंह, देवीलाल, पाल सिंह, सुभाष कुमार, मनोज शर्मा, विजय पाण्डे, चन्द्रभान नेहरा, जगदीश मैहता, रामकिशन, जोगिन्द्र सैनी, चिरंजी लाल, जसविंद्र सिंह, जेई गुरबख्श सिंह सहित कई कर्मचारी नेता उपस्थित थे।

मुख्य सिपाही ने दी गवाही


सिरसा। पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में गुरूवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालती कार्रवाई में मुख्य सिपाही धर्मचंद ने सीबीआई के विशेष जज एएस नारंग के समक्ष गवाही दी। अदालत द्वारा गवाही पर जिरह के लिए शुक्रवार की तारीख निर्धारित की गई है।
ज्ञातव्य हो कि पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में गुरूवार अदालत में सुनवाई होनी थी। सीबीआई के विशेष जज एएस नारंग के समक्ष मुख्य सिपाही धर्मचंद ने गवाही दर्ज करवाई। धर्मचंद छत्रपति हत्याकांड के समय खैरपुर पुलिस चौकी में बतौर सिपाही नियुक्त था। धर्मचंद ने अपनी गवाही में बताया कि 24 अक्तूबर 2002 को वह अपने साथी अमरपाल व जगमिन्दर के साथ चौकी के समीप ही गश्त पर था। रात्रि करीब पौने आठ बजे छत्रपति आवास की ओर से गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुन वे घटना स्थल की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि स्कूटर पर सवार दो युवक भागने की फिराक में थे।
धर्मचंद ने बताया  कि उन्होंने घटना स्थल से कुलदीप नामक युवक को धरदबोचा। उसका अन्य साथी निर्मल भागने में सफल रहा। 26 अक्तूबर को नाकाबंदी के दौरान निर्मल को भी काबू कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से उन्होंने हत्या में प्रयुक्त 32 बोर का रिवॉल्वर, जिंदा कारतूस, तलवार व खुखरी आदि बरामद किए। वहीं विगत 21 तारीख से व्यक्तिगत पेशी से छूट पाए मुख्य आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां ने गुरूवार को अदालत के समक्ष हाजिरी लगाई। गुरमीत सिंह अदालत द्वारा निर्धारित दोपहर दो बजे के समय पर अदालत पहुंचे। अदालती कार्रवाई 5 बजे तक चली।

25 जनवरी 2011

मारूति कार में आग लगी, दो झुलसे


डबवाली (लहू की लौ) सोमवार शाम को पटाखों की आवाज से मेन बाजार से जा रही एक मारूति कार को लगी आग से दुकानदारों में अफरा-तफरी मच गई। दुकानदार दुकानें छोड़ कर भाग खड़े हुए है। कार में सवार चार लोगों में से दो लोग इस आग का शिकार होकर झुलस गये।
प्रत्यक्षदर्शी दुकानदार मुकन्दलाल सिंगला, प्रशोत्तम ग्रोवर, महिन्द्र कुमार, सुनील कुमार ने बताया कि शाम को लगभग 4.30 बजे मेन बाजार से गुजर रही मारूति कार से पटाखे की आवाज आई। थोड़े ही समय बाद कार में एक और पटाखा चला और देखते ही देखते कार की डिग्गी में आग धधकने लगी। आग को देख कर बाजार में हड़कम्प मच गया। आसपास के दुकानदार दुकानें छोड़ कर भाग खड़े हुए। कार में सवार लोग आनन फानन में कार से उतरने लगे तो दो लोग कार में फंस गये। कार में फंसे लोगों को देख कर उन्होंने हौसला करके अन्य लोगों की मदद से मिट्टी डाल कर आग पर नियंत्रण पाया। इस दौरान दो लोग आग से झुलस गये। जिन्हें तुरन्त निकटवर्ती प्राईवेट अस्पताल ले जाया गया।
झुलसने वालों में बाबा शंकर मुनि (40), निर्मल सिंह (35) निवासीगण देसूजोधा के नाम शामिल हैं। बाबा शंकर मुनि ने बताया कि  डबवाली उपमंडल के गांव देसूजोधा में उनका बाबा पाल दास के नाम पर डेरा है और डेरे में 25 जनवरी को श्री मद्भागवत गीता का आरम्भ करना था और इसी को लेकर वह गांव के निर्मल सिंह, सीता मैम्बर के साथ नरेन्द्र सिंह की मारूति कार पर सोमवार बाजार से सामान खरीदने के लिए आये थे। धूप, कपड़ा, नारियल बगैरा लेकर जब वह वापिस गांव लौट रहे थे तो अचानक सब्जी मंडी के बाहर मेन बाजार में उनकी कार में आग लग लग गई। सीता मैम्बर तथा नरेन्द्र सिंह तो कार से बाहर निकल गये लेकिन वह तथा निर्मल सिंह कार में फंस गये। निर्मल सिंह की टांगें तथा बाबा शंकर मुनि का मुंह आग से झुलस गया। बाबा शंकर मुनि ने बताया कि कार में सिलेंडर लगा हुआ था और अचानक सिलेंडर में आग लगने से यह घटना घटित हुई। सूचना पाकर मौका पर डबवाली नगरपालिका फायर ब्रिगेड भी पहुंची लेकिन तब तक आग पर काबू पाया जा चुका था।
गोल बाजार पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई कृष्ण कुमार, थाना शहर पीसीआर पर एसआई भगत राम, एएसआई महावीर सिंह सूचना पाकर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया।

तीस लाख की अफीम के साथ धरा


औढ़ां (जितेन्द्र गर्ग) जिला पुलिस अधीक्षक सत्येंद्र गुप्ता के निर्देशानुसार औढ़ां पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी पर शिकंजा कसते हुए एक बड़ी सफलता प्राप्त की है। जिसके तहत एक व्यक्ति को 33 किलो 200 ग्राम अफीम व जीप सहित गिरफ्तार किया है। पकड़ी गई अफीम का बाजार मूल्य करीब 30 लाख रूपए है।
जिला पुलिस कप्तान सत्येंद्र गुप्ता ने बताया कि रविवार रात को गुप्त सूचना मिली कि एक व्यक्ति जीप नंबर आरजे-23यूए-0628 पर अफीम लेकर सिरसा की तरफ जा रहा है। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी हीरा सिंह के नेतृत्व में ओढां थाना के सहायक उपनिरीक्षक जगदीश, ओमप्रकाश, सुभाष, ओमप्रकाश, मुख्य सिपाही दाताराम, सिपाही जगदीश व दयानंद पर आधारित दो पुलिस पार्टियां गठित करके टी प्वाइंट सालमखेड़ा व घुकांवाली पर तैनात कर दी गई। इसी दौरान डबवाली की ओर से एक जीप आती दिखाई दी और सालमखेड़ा टी प्वाइंट पर पुलिस ने उसे रूकने का इशारा किया। लेकिन चालक ने जीप नहीं रोकी, पुलिस ने जीप का पीछा करते हुए आगे वाले टी प्वाइंट पर इसकी सूचना दी। जीटी रोड पर स्थित घुकांवाली टी प्वाइंट पर पुलिस ने जीप को रोक लिया और शक के आधार पर उसकी तलाशी लेनी चाही तो जीप चालक ने तलाशी देने से इंकार कर दिया।
औढ़ां थाना प्रभारी ने इसकी सूचना तुरंत डीएसपी डबवाली बाबू लाल को दी। डीएसपी ने मौके पर आकर जीप की तलाशी ली तो जीप की अगली सीट के नीचे एक बॉक्स में अफीम के तीन-तीन किलो के 11 पैकेट बरामद हुए। पूछताछ करने पर व्यक्ति ने अपनी पहचान अमनदीप पुत्र गुरनाम सिंह निवासी खड़क सिंह वाला जिला मानसा पंजाब के रूप में करवाई।
पुलिस अधीक्षक के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अफीम राजस्थान से लेकर आया है और गांव रघुआना निवासी कुलदीप सिंह उर्फ कमलजीत पुत्र मुखत्यार सिंह को देने जा रहा था। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि कुलदीप के खिलाफ भी अभियोग दर्ज किया गया है। शीघ्र ही उसे काबू कर लिया जाएगा। पकड़े गए आरोपी को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी डबवाली महावीर सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए।

प्रदर्शनों के नाम रहा सोमवार


डबवाली (लहू की लौ) सोमवार का दिन प्रदर्शनों के नाम रहा। हरियाणा खेत मजदूर यूनियन ने बीपीएल परिवारों की समस्याओं को लेकर यहां एसडीएम कार्यालय घेरा। वहीं नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों तथा लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर अलग-अलग जगह नारेबाजी कर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
हरियाणा खेत मजदूर यूनियन जिला सिरसा के अध्यक्ष कामरेड गणपत राम की अगुवाई में बीपीएल कार्ड धारकों हेतराम, हुक्मचंद, कौशल्या देवी, मूर्ति देवी, चम्पा देवी, महेन्द्र कौर, कृष्णा देवी, कुलदीप कौर, हंसराज, मंगल सैन, भगवान दास, चुन्नी लाल बगैरा ने एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय के समक्ष धरना दिया। हरियाणा सरकार के विरूद्ध नारेबाजी की जोरदार प्रदर्शन किया। करीब पांच घंटे के धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम नायब तहसीलदार हरिओम बिश्नोई को अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा। कामरेड गणपत राम के अनुसार सरकार की ओर से बीपीएल चुने गए परिवारों के राशन कार्डों पर मुहर लगे करीब डेढ़ साल हो चुका है। लेकिन इसके बावजूद बीपीएल परिवार सरकार की ओर से उन्हें मुहैया करवाई जाने वाली सुविधाओं का लाभ नहीं उठा पा रहे हैं। उन्होंने मांग की कि मुहर लगे बीपीएल कार्ड धारकों को सुविधाएं प्रदान की जाएं।
इधर नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों ने हरियाणा नगरपालिका सफाई कर्मचारी संघ के आह्वान पर अपनी मांगों के समर्थन में काले बिल्ले लगाकर और झाडू उल्टे करके नपा की सफाई शाखा के समक्ष प्रदेश सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। डबवाली सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष संजय डुल्गच ने बताया कि 6वां वेतन आयोग लागू हुए को काफी समय बीत चुका है। लेकिन नगरपालिका के सफाई कर्मियों को उनका बकाया एरियर अभी तक नहीं मिला। इतना ही नहीं कर्मचारियों को हर माह मिलने वाली तनख्वाह में से पीएफ काट लिया जाता है। जबकि काटा गया पीएफ आज तक उनके खातों में नहीं आया। इसके अतिरिक्त संघ की प्रदेश ईकाई ने कर्मचारियों की 17 सूत्री मांगों के संबंध में एक ज्ञापन भी प्रदेश सरकार का दिया है। जिस पर सरकार कोई कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने कर्मचारियों की मांगे जल्द पूरी न की तो संघ के आह्वान पर आंदोलन को ओर तेज कर दिया जाएगा। इस अवसर पर शाम लाल चौहान, सुनील कुमार, राजकुमार, भीम सिंह, ओमप्रकाश बागड़ी, संतोष पुहाल, दर्शना देवी, बाला रानी, लक्ष्मी देवी, कमला देवी, मंजू देवी सहित काफर संख्या में नगरपालिका के सफाई कर्मचारी उपस्थित थे।
उधर लोक निर्माण विभाग के कर्मचारियों ने उपमण्डल अभियंता कार्यालय के समक्ष एक गेट मीटिंग के दौरान हुड्डा सरकार के विरूद्ध नारेबाजी करके अपना रोष जताया। मीटिंग की अध्यक्षता पवन कुमार शर्मा ने की। बैठक को जयवीर शर्मा महासचिव महासंघ, राजकुमार प्रांतीय उपप्रधान ने संबोधित किया। वक्ताओं ने कहा कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, निजीकरण बंद करने तथा नियमित भर्ती करने आदि मांगों को लेकर हरियाणा कर्मचारी महासंघ के अध्यक्ष रमेश शर्मा तथा महासचिव वीर सिंह कर्मचारियों की मांगों के लिए पिछले कुछ दिनों से जींद में अनिश्चितकालीन आमरण अनशन पर डटे हुए थे। लेकिन 23 जनवरी रात को प्रदेश सरकार ने पुलिस बल के प्रयोग से कर्मचारी नेताओं को उठवा लिया। जिनका अभी तक कोई अता-पता नहीं है। उन्होंने कहा कि जब तक सरकार कर्मचारियों की मांगे मान नहीं लेती, तब तक महासंघ का संघर्ष जारी रहेगा। इस मौके पर कर्मचारी नेता रूप राम, सुभाष कुमार, हेमराज, पाल सिंह, तेजा सिंह, निहाल सिंह, जीत सिंह, रामअवतार, ओमप्रकाश शर्मा आदि उपस्थित थे।

सड़क हादसों में तीन की मौत


डबवाली (लहू की लौ) रविवार रात को डबवाली-बठिंडा मार्ग पर हुए दो सड़क हादसों में तीन जनों की मौत हो गई।
गांव जस्सी के निकट फीटर रेहड़ा और ट्रेक्टर-ट्राली टक्कर में फीटर रेहड़ा पर सवार गांव गोबिंदपुरा निवासी गुरजंट सिंह (60) की मौत हो गई। गुरजंट मण्डी किलियांवाली की पशु मण्डी में भैंस खरीदकर वापिस गांव लौट रहा था।
गांव चकरूलदू सिंहवाला के पास एक कार और ट्रेक्टर-ट्राली की आमने-सामने हुई भिड़ंत में कार सवार दो युवकों की मौत हो गई। नीना के अनुसार सांवतखेड़ा निवासी राजपाल उर्फ हैप्पी (32), बलजिन्द्र सिंह उर्फ काका (35), छिन्द्रपाल सिंह (40), प्रितपाल सिंह (37) बठिंडा में एक शादी समारोह में भाग लेकर वापिस गांव लौट रहे थे। कार को छिन्द्रपाल चला रहा था। गांव चकरूलदू सिंहवाला के पास करीब 7.30 बजे डबवाली साईड से आई नरमा की एक भरी ट्रेक्टर-ट्राली ने कार में टक्कर मार दी। हैप्पी और बलजिन्द्र की मौका पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर मौका पर पहुंचे डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के अध्यक्ष आरके नीना तथा एम्बूलैंस चालक कुलवंत सिंह ने घायल छिन्द्रपाल सिंह तथा प्रितपाल सिंह को उपचार के लिए बठिंडा के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया।
मामले की जांच कर रहे थाना संगत के एएसआई सुखमंदर सिंह ने बताया कि घायल छिन्द्रपाल के ब्यानों के आधार पर अज्ञात ट्रेक्टर चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना को अंजाम देने के आरोप में मामला दर्ज कर उसकी तालाश शुरू कर दी गई है।

23 जनवरी 2011

रिलायंस के खिलाफ ट्रक ड्राईवरों की नारेबाजी, प्रदर्शन


डबवाली (लहू की लौ) बड़ौदा से रिलायंस कंपनी का माल भरकर लुधियाना जा रहे ट्रक पिछले पांच दिनों से डूमवाली बैरियर पर अटके हुए हैं। आरोप है कि रिलायंस ने एंट्री टैक्स का भुगतान नहीं किया है। शनिवार को ट्रक ड्राईवरों का धैर्य जवाब दे गया। ड्राईवरों ने रिलायंस कंपनी के खिलाफ नारेबाजी कर डाली।
ड्राईवर बहादर सिंह, सुखचैन सिंह, बेअंत सिंह, काला सिंह निवासीगण जगरांव (पंजाब), बूटा सिंह निवासी बरनाला (पंजाब) ने बताया कि उन लोगों ने 17 जनवरी को बड़ौदा से लुधियाना के लिए रिलायंस कंपनी का प्लास्टिक का सामान भरा था। प्रत्येक ट्रक में करीब सोलह टन माल की भराई हुई। इस माल को लेकर वे 18 जनवरी को डूमवाली बैरियर पर आ गए। लेकिन बैरियर पर तैनात कर्मचारियों ने उनसे एंट्री टैक्स की मांग की। एक ट्रक का एंट्री टैक्स करीब एक लाख रूपए से अधिक है। पिछले पांच दिनों से वे इस टैक्स बैरियर पर अटके हुए हैं। इस बारे में जब उन्होंने रिलायंस कंपनी के लुधियाना ऑफिस से संपर्क किया तो उन्हें कोई संतोषजनक उत्तर नहीं मिला।
ट्रक ड्राईवारों ने आरोप लगाया कि बड़ौदा से लुधियाना करीब 1500 किलोमीटर दूर है। पांच दिनों से एक ही जगह पर रूके होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जेब खर्च अलग से भुगतना पड़ रहा है। ऐसे हालातों में माल पहुंचाने के लिए उन्हें जो भाड़ा दिया गया है, वह बहुत कम है।
इस संदर्भ में जब डूमवाली टैक्स बैरियर के ईटीओ आरएन शर्मा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि ट्रकों में जो माल है उस पर 8 प्रतिशत एंट्री टैक्स है। बिना एंट्री टैक्स भरे ट्रकों को बैरियर से नहीं गुजरने दिया जाएगा।
इस संदर्भ में जब रिलायंस कंपनी के रीजनल सैंटर लुधियाना के क्लर्क प्रदीप कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने इस बात को स्वीकारा कि एंट्री टैक्स का भुगतान न होने के कारण ट्रक डूमवाली बैरियर पर खड़े हैं। उसे एंट्री टैक्स का भुगतान करने के लिए बिलों को मुंबई से पास करवाना पड़ता है। बिल पास होने के बाद ही एंट्री टैक्स का भुगतान हो सकेगा। जोकि जल्द होने की संभावना है।

मायावती न होकर माया की देवी है बसपा सुप्रीमों-कांता आलडिय़ा

डबवाली (लहू की लौ) इंडियन बहुजन संदेश पार्टी (कांशीराम) की राष्ट्रीय अध्यक्षा कांता आलडिय़ा ने कहा कि घोटाले करके देश की जनता को लूटने वालों पर देशद्रोह का मामला दर्ज होना चाहिए। लेकिन इसके बावजूद घोटालेखोर राजनीतिक संरक्षण में पल-बढ़ रहे हैं।
वे शनिवार को श्री अन्नपूर्णा रिसोर्ट में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। उन्होंने कहा कि देश की जनता से लूटा हुआ धन विदेशी बैंकों में पड़ा है। यह धन किसका है, उनके नामों के खुलासे सार्वजनिक होने चाहिए। लेकिन इसके बावजूद केन्द्र की कांग्रेस सरकार नामों के खुलासे करने में आनाकानी कर रही है। चूंकि कांग्रेस के कुछ हाईप्रोफाइल नेताओं के नाम भी सामने आ रहे हैं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि बहुजन समाज पार्टी में कार्यकर्ता की कोई कद्दर नहीं है, केवल पैसा देखा जाता है। साल 1985 से 1992 तक उन्होंने भी बसपा के लिए कार्य किया। उसी समय बसपा की असली तस्वीर उनके सामने आई। बसपा की सुप्रीमों मायावती नहीं, मायादेवी हैं। माया के लिए वह कोई भी समझौता करने से नहीं चूकतीं।
आलडिया ने कहा कि प्रदेश सरकार ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के नाम पर रोहतक में दिल्ली रोड़ पर पांच एकड़ में पार्क बनाकर बाबा साहिब की प्रतिमा लगाने का वायदा किया था। लेकिन प्रदेश सरकार अपने वायदे से मुकर रही है। इसी के चलते इंडियन बहुजन संदेश पार्टी के कार्यकर्ता 26 जनवरी को सीएम सिटी रोहतक में तिरंगा नहीं फहराने देंगे। एक सवाल का जवाब देते हुए कान्ता आलडिय़ा ने कहा कि कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। लाल चौक में तिरंगा फहराने का विरोध गलत है। विरोध जताने वाले लोगों का साथ देने का मतलब अलगाववादियों का साथ देना है।
उन्होंने कहा कि हुड्डा सरकार ने प्रदेश के गरीबों से कुछ वायदे किए थे। जो आज तक पूरे नहीं हुए हैं। वायदों की याद दिलाने के लिए पार्टी ने प्रदेश सरकार के खिलाफ डेरा डालो अभियान शुरू किया है। इसी के अन्तर्गत आगामी 15 मार्च को कुरूक्षेत्र तथा 14 अप्रैल को अम्बाला में पार्टी वर्कर डेरा डालकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद करेंगे।
उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम भूपेन्द्र सिंह हुड्डा प्रदेश में जातिवाद का जहर घोल रहे हैं। मिर्चपुर कांड, हिसार कांड सीएम के बुने हुए हैं। वे प्रदेश के जाटों के हितैषी होने की बजाए, उन्हें खोखला कर रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्षा ने आरोप लगाया कि राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए राजमार्ग जाम, रेलवे मार्ग जाम आंदोलनकारी नहीं, बल्कि कांग्रेस के गुण्डे करते हैं। इस अवसर पर पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करनैल सिंह औढ़ां, राजेश लठवाल, शिवचरण सैनी, पटेल सिंह, सुनील दहिया, कर्मपाल चौधरी, राजू कोल, रामेश्वर दाबड़ी, जिया लाल, रामभज सनेहडी, रतन सिंह आदि उपस्थित थे।
विवाद खत्म
गांव पन्नीवाला मोरिकां में दलितों से कथित मारपीट करके उनका मुंह काला कर घूमाने की घटना को सुलझाने का स्पष्टीकरण देते हुए इंडियन बहुजन संदेश पार्टी (कांशीराम) की राष्ट्रीय अध्यक्षा कान्ता आलडिय़ा ने कहा कि पार्टी प्रदेश में सौहार्द का माहौल कायम रखने पर विश्वास रखती है। बेवजह राजनीतिक रोटियां सेंकने में विश्वास नहीं रखती। इसी मकसद से हल्का डबवाली के गांव पन्नीवाला मोरिकां में चल रहा विवाद शांत हो गया। उन्होंने बताया कि दलित समाज से संबंध रखने वाले जगसीर सिंह तथा मक्खन सिंह ने टिण्डे चोरी के अपराध को स्वीकार कर लिया। जबकि दूसरे पक्ष के जगदीप, बंसी सिंह, अमरीक सिंह, सर्वजीत सिंह, मलकीत सिंह, काका सिंह ने भी अपनी गलती को मान लिया। साथ में जगदीप बगैरा से 51-51 हजार रूपए जगसीर सिंह तथा मक्खन सिंह को दिलाए गए हैं। जबकि 21,000 रूपए गौशाला को दिलाए गए हैं।

मेजबान को धूल चटा घुकांवाली ने कब्जाई ट्रॉफी


बनवाला (जसवन्त जाखड़) बनवाला क्रि केट कमेटी की ओर से श्रीकृष्णा पब्लिक स्कूल बनवाला में करवाये जा रहे क्रिकेट मैच के अन्तिम दिन शनिवार को बनवाला और घुकांवाली के बीच हुए फाईनल मुकाबले में घुकांवाली टीम बनवाला टीम को हराकर ट्रॉफी कब्जा जमाया।
टॉस जीत कर पहले बल्लेवाजी करते हुए युवा क्लब बनवाला की टीम कैप्टन विकास गोदारा के नेतृत्व में मैदान में उतरी। टीम ने 4 विकेट खो कर 10 ओवर में 101 रन बनाये। टीम कप्तान विकास गोदारा ने 3 चौके लगा कर 23 रन का, कालू राम डूडी ने 3 छक्के, 4 चौके लगा कर 34 रन का योगदान पाया। मैन जबकि प्रदीप कुमार ने 2 विकेट लिये। मैन ऑफ दी मैच कालू राम डूडी बनवाला को घोषित किया गया।
पहले बल्लेबाजी करते हुए बनवाला टीम के 101 रनों को भेदने के लिए घुकांवाली टीम ने  खेलना शुरू किया। घुकांवाली टीम ने 10 ओवर में 5 विकेट खो कर 102 रन बना कर विजय पताका फहराया। वहीं बनवाला टीम के धुआंधार खिलाड़ी कालू राम डूडी तथा विकास गोदारा के छक्कों तथा चौकों को धूल चटाते हुए घुकांवाली टीम के अमनदीप ने 2 छक्के, 4 चौके मार कर 32 रन बनाये। वहीं जोशीले खिलाड़ी रेशम ने 2 छक्कों, 2 चौके मार कर टीम को 27 रनों का योगदान दिया। खिलाड़ी हनुमान ने 2 विकेट लेकर घुकांवाली टीम को जिताने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मैन ऑफ मैच अमनदीप, मैन ऑफ दी सीरिज हनुमान डूडी को घोषित किया गया।
विजेता घुकांवाली टीम को गोगामेडी के भक्त नानक चन्द ने 5100 रूपये तथा ट्राफी देकर सम्मानित किया। जबकि बनवाला की उपविजेता टीम को 3100 रूपये तथा ट्राफी मिली। मैच में अम्पायर की भूमिका भूप सिंह टाडा, स्कोयरर की भूमिका धर्मवीर जाखड़ा ने निभाई। इस मौके पर महेन्द्र जाखड़, सुरेश सोनी, कालू राम डूडी, सुरेन्द्र गोदारा, अनिल जाखड़, पवन कासनिया उपस्थित थे।

सगे भाईयों को दस साल कैद


सिरसा। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने चूरापोस्त तस्करी व लापरवाही से वाहन चलाने के आरोप में दो सगे भाइयों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है।
मामले के अनुसार 15 मार्च 2004 को गांव डबवाली निवासी इकबाल सिंह पुत्र अवतार सिंह अपने साथी हरजिंद्र पुत्र बाबू लाल के साथ ट्रैक्टर-ट्राली पर सवार होकर गांव जंडवाला से वापिस अपने गांव लौट रहा था। गांव से करीब 10 किलोमीटर दूर पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उन्हें टक्कर मार दी। जबरदस्त हुई भिड़ंत में ट्राली में लदी लकडिय़ां बिखर गईं और कार में सवार युवक घायल हो गए। उक्त दोनों को भी मामूली चोटें आईं।  राजमार्ग पर हुए हादसे के दौरान भीड़ एकत्रित हो गई थी।
तत्काल मामले की जानकारी सदर थाना डबवाली पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची। कार में सवार दोनों युवकों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने कार की तलाशी ली तो उसमें से करीब 60 किलोग्राम चूरापोस्त बरामद हुआ। पुलिस ने इस संदर्भ में इकबाल सिंह की शिकायत पर किशनगढ़ पंजाब निवासी मनसुख व जसविंद्र सिंह पुत्र सौदागर सिंह के विरुद्ध भारतीय दंड संहिंता की धारा 279, 337, 15, 16, 61 व 85 के तहत अभियोग दर्ज किया था। पुलिस ने चालान न्यायालय के समक्ष पेश किया। करीब 7 वर्ष तक चली कार्रवाई के उपरांत अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेएस कुंडू की अदालत ने उक्त दोनों भाइयों को दोषी करार देते हुए 10-10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। दोषियों को एक-एक लाख रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर उन्हें दो-दो वर्ष अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

22 जनवरी 2011

बस में जेब काटी बीस हजार उड़ाए


डबवाली (लहू की लौ) मां का ऑपरेशन करवाने के लिए हनुमानगढ़ से बठिंडा जा रहे एक व्यापारी की चलती बस में बदमाश ने जेब काटकर हजारों रूपए की राशि उड़ा ली।
हनुमानगढ़ की आढ़ती फर्म मै. अरिहन्त ट्रेडिंग कंपनी के मालिक अशोक जिन्दल (46) ने बताया कि उसकी माता लाजवंती देवी (80) बठिंडा के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन है। शुक्रवार को उसकी माता के सिर की ब्लॉकेज का ऑपरेशन होना था। ऑपरेशन के लिए आवश्यक धन राशि जुटाकर वह शुक्रवार सुबह करीब 9 बजकर 45 मिनट पर हनुमानगढ़ से बठिंडा के लिए हरियाणा रोड़वेज की बस से रवाना हुआ था।
डबवाली आकर मालूम पड़ा
बस करीब 11 बजकर 15 मिनट पर डबवाली बस अड्डा के बाहर पहुंची। बस से उतरकर उसने बठिंडा के लिए बस पकडऩे से पूर्व अपनी जेब को टटोला तो देखा कि कोट की अंदरूनी जेब में रखी 20 हजार रूपए की राशि गायब है। जब उसने अपने कोट की जेब को चैक किया तो कोट की बाईं जेब कटी हुई है। इसी दौरान उसकी निगाह भागते हुए एक युवक पर पड़ी, जिसने उसके साथ बस में सफर किया था।
पीछा भी किया
भागते युवक को देखकर अशोक जिन्दल ने शोर मचाया। वहां खड़े ऑटो चालकों की मदद से बदमाश का पीछा भी किया। लेकिन न्यू बस स्टैण्ड रोड़ पर आकर बदमाश आंखों से ओझल हो गया। पीडि़त के अनुसार यह युवक हनुमानगढ़ से ही उसके साथ बैठा था। आयु करीब 23-24 साल थी। युवक का रंग सांवला, कद करीब साढ़े पांच फुट था। पेंट-शर्ट पहनी हुई थी। साथ में पीले रंग का कोट पहना हुआ था। उसने सात-आठ साल की एक बच्ची को गोद में उठा रखा था। युवक हिन्दी बोलता था।
आढ़ती के अनुसार हनुमानगढ़ जंक्शन से डबवाली के लिए बस पकड़ते समय उसने टिकट कटवाने के चक्कर में बीस हजार रूपए की नकदी बाहर निकाल ली। उस समय युवक उसके पीछे खड़ा सब देख रहा था। बस में बैठते समय युवक उसके साथ आकर बैठ गया। हालांकि उसने खतरे को भांपते हुए उसे सीट से उठाने का प्रयास भी किया। लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण, ऊपर से युवक की गोद में लड़की उठाई होने के चलते युवक उसकी जेब काटने में सफल रहा। जेब में बीस हजार रूपए की राशि थी। जिसमें 500-500 रूपए के 40 नोट थे।
पुलिस को नहीं किया सूचित
हालांकि बस अड्डा थाना शहर के बिल्कुल सामने हैं। लेकिन इसके बावजूद पीडि़त अशोक जिन्दल ने पुलिस को सूचित नहीं किया। चूंकि बठिंडा के निजी अस्पताल में उपचाराधीन उसकी माता लाजवंती का ऑपरेशन होना था। मां की फिक्र उसे खाये जा रही थी। पैसों की परवाह किए बगैर उसने तत्काल बठिंडा की बस पकड़कर बठिंडा जाना मुनासिब समझा।

झाडू दिखाकर इंसाफ मांगेगे प्रदेश के सफाई कर्मचारी


डबवाली (लहू की लौ) प्रदेश की नगरपालिकाओं में तैनात सफाई कर्मचारी अपनी मांगों के लिए 2 फरवरी से 4 फरवरी तक प्रदेश सरकार के विरूद्ध झाडू लेकर प्रदर्शन करेंगे। आंदोलन को कामयाब करने के लिए हरियाणा नगरपालिका सफाई कर्मचारी संघ के प्रदेशाध्यक्ष नरेश शास्त्री स्वयं प्रदेश की नगरपालिकाओं में जाकर कर्मचारियों को एकजुट कर रहे हैं।
अपने प्रदेश स्तरीय अभियान के तहत शुक्रवार को शास्त्री डबवाली नगरपालिका पहुंचे। यहां इस संवाददाता से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि हरियाणा नगरपालिका सफाई कर्मचारी संघ ने साल 2010 में प्रदेश सरकार को एक मांग पत्र देकर अपनी 17 मांगे मुख्यमंत्री के सम्मुख रखी थीं। संघ की मुख्य मांगों में नगरपालिकाओं में ठेकेदारी प्रथा की समाप्ति, पिछले दो दशकों से नगरपालिका में बंद पड़ी सफाई कर्मचारियों की भर्ती पुन: शुरू करने, प्रदेश की नगरपालिकाओं में 10,000 सफाई कर्मचारियों की नियुक्ति, सफाई कर्मचारियों को स्पैशल भत्ता, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, एस ग्रेशिया, कर्मचारियों को 100-100 गज के प्लाट उपलब्ध करवाए जाना शामिल हैं।
शास्त्री के अनुसार प्रदेश सरकार कर्मचारियों की मांगों के प्रति संजीदा नहीं है। बल्कि मौन साधे हुए हैं। सरकार को जगाने के लिए प्रदेश की नगरपालिकाओं में तैनात सफाई कर्मचारी 2 से 4 फरवरी को झाडू लेकर प्रदर्शन करेंगे और स्थानीय विधायक को ज्ञापन सौंपेंगे। अगर फिर भी सरकार ने उनकी मांगों की तरफ ध्यान नहीं दिया तो कर्मचारी 11 फरवरी को जिला स्तरीय प्रदर्शन कर उपायुक्त  को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। संघ के प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा कर्मचारियों की मांगों के लिए 24 जनवरी 2011 को काले झण्ड़ों के साथ सरकार के खिलाफ विश्वासघात दिवस मनाने जा रहा है। इस आंदोलन में भी हरियाणा के सफाई कर्मचारी अपना विशेष योगदान निभाएंगे। इस अवसर पर संघ की प्रदेश उपाध्यक्ष कलावती, ब्रह्मपाल, अखिल वाल्मीकि समाज न्याय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश गोगा, सफाई कर्मचारी संघ डबवाली के अध्यक्ष संजय डुल्गच, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश सचिव राकेश वाल्मीकि, विजय कुमार पुहाल, सुनील पुहाल आदि उपस्थित थे।

21 जनवरी 2011

लिफाफे में कपड़े, कपड़ों में नशा


बच्चों से नशे की तस्करी करवाने लगे नशे के सौदागर
डीडी गोयल
मो. 093567-22045
डबवाली। नशे के सौदागरों ने नशा आस-पास के पंजाब क्षेत्र में पहुंचाने के लिए छोटे-छोटे बच्चों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह सनसनीखेज खुलासा बुधवार को मण्डी किलियांवाली के बस अड्डा में एक प्राईवेट बस की छत पर नशा मिलने से हुआ।
दो बच्चे लेकर आए नशा
बुधवार को दस-दस साल के दो बच्चे पंजाब बस अड्डा में आए और चुपके से जलालाबाद जा रही एक निजी कंपनी की बस की छत पर जा चढ़े। बस के परिचालक जसकरण को बच्चों पर शक हुआ। बच्चों को पकड़कर उनसे पूछताछ शुरू की। शातिर बच्चे बस परिचालक की चंगुल से निकल भागे और जाते हुए लिफाफा वहीं फेंक गए। बाद में जब लिफाफे को खोला गया तो उसमें से कपड़ों में छुपाकर रखी गई 14 रेकोडैक्स की शीशियां बरामद हुई।
डबवाली से नशा करके जाते हैं युवा
डबवाली-फाजिल्कां ट्रांस्पोर्ट कंपनी लि. अबोहर के अड्डा इंचार्ज जसवीर सिंह ने बताया कि अक्सर डबवाली से पंजाब के विभिन्न गांवों में जाने वाले युवक नशे की हालत में बसों में सवार होते हैं। ऐसी हालत में टिकट ये युवक बस परिचालकों से बदसलूकी से पेश आते हैं। इसके चलते निजी कंपनियों के बस चालक व परिचालक अपनी-अपनी गाडिय़ों में सवार होने वाले युवाओं तथा बच्चों पर नजर रखने लगे हैं। बुधवार को गिल एवं मान बस सर्विस की जलालाबाद जा रही एक बस के परिचालक जसकरण ने दस साल के दो बच्चों को बस में नशा रखते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जबकि बच्चे नशा फेंककर फरार हो गए।
नया तरीका है यह
शहर डबवाली से पंजाब में नशे की आपूर्ति कोई नई बात नहीं है। हालांकि समय-समय पर नशे के सौदागरों के तरीके में परिवर्तन आता रहता है। लेकिन इस कार्य में मात्र दस साल के बच्चों का इस्तेमाल करने का खुलासा अब हुआ है। बच्चों से नशे की समगलिंग करवाना बेहद ही चिंताजनक है। लेकिन बच्चों की मार्फत यह कार्य कब से हो रहा है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
बिना डॉक्टर की पर्ची के बिकती है कफ सिरप
रेकोडैक्स कफ सिरप है। जोकि शैड्यूल एच के तहत आती है। नशेडिय़ों द्वारा इसे नशे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि बिना डॉक्टर की पर्ची से इसे मेडिकल शॉप संचालक बेच नहीं सकता है। इसके बावजूद नियमों की परवाह किए बगैर इसे सरेआम धड़ल्ले से बेचा जाता है।
बेखौफ हैं नशे के कारोबारी
डबवाली और मण्डी किलियांवाली में मेडिकल शॉप पर नशे की बिक्री रूकने का नाम नहीं ले रही है। जबकि डबवाली में पिछले कुछ दिनों से मेडिकल शॉप पर धड़ाधड़ छापामारी की जा रही है। औषधि नियंत्रण विभाग को मेडिकल शॉप से नशे की दवाईयां भी मिली है। लेकिन इन प्रयासों के बावजूद नशे के कारोबारी बेखौफ हैं।
कहां से आ रहा है नशा
नशा कहां से और कैसे आ रहा है और इसे डबवाली तथा मण्डी किलियांवाली में कौन सप्लाई कर रहा है। इसका आज तक पता नहीं लग पाया है। इतना जरूर है कि नशे की बड़ी खेप डबवाली और मण्डी किलियांवाली में सप्लाई की जाती है। चूंकि जिला बठिंडा, मुक्तसर के साथ-साथ क्षेत्र के काफी युवा तीन राज्यों की सीमा पर बसे डबवाली नगर में नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाईयां का सेवन करके कूड़ा घरों तथा शौचालयों के पास गिरे पड़े दिखाई देते हैं।
कौन दे रहा है संरक्षण
आखिर नशे के कारोबारियों को संरक्षण कौन दे रहा? यह प्रश्न जनता की जुबान पर है। बार-बार नशा पकड़े जाने के बावजूद नशे के कारोबारियों में कोई सुधार नहीं है। आखिर नशे के कारोबारी किसके बलबूते पर नशा बेचने की हिम्मत करते हैं, यह भी रहस्य बना हुआ है।
डबवाली में गाडूंगा तम्बू
शहर डबवाली नशे में जकड़ा हुआ है, इस बात से औषधि नियंत्रण विभाग, हरियाणा भी बेखबर नहीं है। शहर में बिक रहे नशे के संबंध में जब जिला औषधि नियंत्रक रजनीश धानीवाल से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि छापों के बावजूद शहर में अभी भी मेडिकल शॉप पर धड़ल्ले से नशा बेचा जा रहा है। लगता है नशे के खिलाफ अपने अभियान को असरदार करने के लिए उन्हें डबवाली में तम्बू लगाना पड़ेगा। शहर के मेडिकल स्टोरों पर नशा कौन पहुंचा रहा है। यह जानने के लिए वह भी प्रयासरत हैं।

'लिव इन रिलेशनशिपÓ के बाद रिश्तों में खटास जसप्रीत और मुस्कान में जूतम-पैजार


डबवाली (लहू की लौ) 'लिव इन रिलेशनशिपÓ के तहत करीब चार साल तक चला प्यार गुरूवार को अचानक खटास में बदल गया। मामला जूतम-पैजार तक जा पहुंचा। युवती को उपचार के लिए अस्पताल दाखिल होना पड़ा।
पैसे मांगने गई थी
घायल रेणुका उर्फ मुस्कान (26) निवासी नरसिंह कलोनी (बठिंडा) ने बताया कि वह पिछले कुछ दिनों से बीमार चल रही है। डॉक्टर ने उसके पेट में पत्थरी होने की बात कही है। अपने इलाज के लिए पैसे मांगने के लिए वह गुरूवार को डबवाली के उत्तम नगर में रहने वाले गुरमीत उर्फ जसप्रीत (24) के घर गई थी। लेकिन वहां गुरमीत, गुरमीत की माता छिन्द्र कौर तथा भाई चरणजीत ने उसकी पिटाई कर दी।
रेणुका से बनी मुस्कान
रेणुका ने बताया कि उसकी शादी मानसा के जगसीर सिंह के साथ हुई थी। जिससे उसके दो बच्चे साक्षी (7), गौरव (9) हुए। लेकिन जगसीर की मौत के बाद अपने बच्चों के पालन-पोषण के लिए वह ऑर्केस्ट्रा के धंधे में आ गई। यहां उसे मुस्कान का नाम मिला। इसी दौरान उसकी जिन्दगी में डबवाली के उत्तम नगर का गुरमीत उर्फ जसप्रीत आ गया। गुरमीत ने उससे ऑर्केस्ट्रा का धंधा छुड़वा दिया और उसके साथ रहने लगा। रेणूका उर्फ मुस्कान के मुताबिक करीब दो माह पूर्व गुरमीत ने उसे धोखा देते हुए अन्य युवती से शादी करवा ली। वह गुरमीत के घर में अपने जेवरात लेने के लिए गुरूवार को गई, तो गुरमीत बगैरा ने उसकी धुनाई कर दी और गहने भी नहीं दिए।
विवाह से पहले थे संबंध
इधर गुरमीत (24) निवासी उत्तम नगर (डबवाली) ने इस बात को स्वीकार किया कि विवाह से पूर्व रेणुका के उसके संबंध थे। लेकिन जब से उसकी शादी हुई है। उसने रेणूका के पास आना-जाना छोड़ दिया। रेणूका उस पर मिलने के लिए दबाव डालती रही। लेकिन वह नहीं गया। उसके वैवाहिक जीवन को तबाह करनी की मंशा लिए रेणूका आज उसके घर आ गई। उसे उसके साथ रहने के लिए कहने लगी। लेकिन जब उसने इंकार किया तो वह हाथापाई पर उतर आई। इसी बीच उसने तथा उसके परिजनों ने थप्पड़-मुक्कों से उसकी धुनाई की।
मामले की जांच कर रहे गोल बाजार पुलिस चौकी के एएसआई सुभाष चन्द्र ने बताया कि शिकायत मिली है। रपट दर्ज करके जांच शुरू कर दी गई है।

कुएं में गिरा सांड, निकाला


डबवाली (लहू की लौ) पब्लिक क्लब के पीछे पंजाब क्षेत्र में एक सांड करीब 35 फुट कुएं में जा गिरा। मोहल्ले के लोगों के सहयोग से गौशाला डबवाली के सदस्यों ने करीब छह घंटे बाद सांड को जीवित बाहर निकाल लिया।
बुधवार रात गिरा था कुएं में
महाशा मोहल्ले के निवासी बीरबल शर्मा, जग सिंह, जीत सिंह भाटी, नैब सिंह, मंगत राम महाशा मैम्बर आदि ने बताया कि बुधवार रात करीब 12 बजे दो सांड आपस में झगड़ रहे थे। भय के चलते उन्होंने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। कुछ मिनटों बाद विस्फोट जैसी आवाज सुनाई दी। घर की छत से उन्हें कुछ दिखाई नहीं पड़ा। गुरूवार सुबह मोहल्ले के खाली पड़े एक प्लाट में उन्हें फंसा हुआ एक सांड दिखाई दिया।
छह घंटे बाद निकाला
गुरूवार सुबह करीब छह बजे  मोहल्ला वासियों ने बचाव कार्य आरंभ किया। सूचना पाकर गौशाला डबवाली के सदस्य रामलाल बागड़ी, शाम लाल भक्त, गोवर्धन दास गोयल, कपिल कुमार आदि मौका पर पहुंचे। मोहल्ला वासी जसवीर सिंह, महेन्द्र कुमार, इन्द्रजीत, नैब सिंह, अशोक, कृष्ण, चरणा, शीरा, बचन कुमार, पवन सुंधा, मदन लाल की मदद से करीब 35 फुट गहरे कुएं में फंसे सांड को छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद क्रेन की मदद से बाहर निकाला गया। बाद में घायल सांड को गौशाला के सदस्य उपचार के लिए गौशाला में ले गए।
कुआं बंद करवाने की मांग
महाशा मोहल्ले के लोगों ने बताया कि कुआं करीब 9 साल पुराना है। इसमें हर समय मोहल्ले के किसी बच्चे के गिरने का खतरा बना रहता है। मोहल्ला वासियों ने प्रशासन से इसे बंद करवाने की मांग की है।

20 जनवरी 2011

बिट्टू ने टप्पी लूट मामले का राज भी उगला

डबवाली। जिला पुलिस ने 5 जनवरी को ओढां थाना क्षेत्र के गांव टप्पी में हुई डकैती की घटना की गुत्थी को सुलझा लिया है। पुलिस ने आरोपियों के शरणदाता नवदीप उर्फ बिट्टू पुत्र जसवंत ङ्क्षसह निवासी बवानिया थाना गिदडबाहा पंजाब को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी को डबवाली अदालत में पेश कर पुछताछ हेतु दो दिन के रिमांड पर लिया है।
यह जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक सिरसा सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि सीआईए डबवाली पुलिस ने 16 जनवरी को आरोपी नवदीप को पंजाब के कोटकपूरा क्षेत्र में हुई डकैती के मामले में छीनी गई कार के साथ बठिंडा चौक से काबू किया था तथा उसे अदालत में पेश करके एक दिन के रिमांड पर लिया था। उन्होने बताया कि आरोपी से पुलिस पुछताछ के दौरान एक सफारी गाड़ी भी बरामद हुई है, जिसकी तसदीक की जा रही है। उन्होने बताया कि आरोपी ने पूछताछ के दौरान बताया कि 5 जनवरी को टप्पी क्षेत्र में हुई डकैती के मामले में उसकी स्विफ्ट गाडी का वारदात में प्रयोग किया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि आरोपी ने पुछताछ के दौरान यह बताया कि डकैती से पहले और बाद में आरोपी उसके पास ठहरे थे। उन्होने बताया कि इस घटना में बठिंडा निवासी जतिन की आईटेन कार की लूट हुई थी। आरोपी बरना और स्विफ्ट गाडिय़ों में सवार थे तथा पिस्तौल की नोक पर गाड़ी छिनकर ले गए थे। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है तथा रिमांड अवधि के दौरान आरोपियों के पते, ठिकानो के बारे में जानकारी हासिल की जाएगी।

सरकारी सीमेंट खुर्दबुर्द करता गिरफ्तार

डबवाली। ऐलनाबाद क्षेत्र के गांव कर्मशाना में निर्माणाधीन माईनर में प्रयुक्त होने वाली सरकारी सीमेंट खुर्दबुर्द करने मामले में डिडेक्टिव स्टाफ  पुलिस ने जांच करते हुए 180 कट्टे सीमेंट, ट्रेक्टर ट्राली को कब्जे में लेकर एक आरोपी नंदकिशोर पुत्र सोहनलाल निवासी पुरानी हाउङ्क्षसग बोर्ड कालोनी सिरसा को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दूसरे आरोपी ठेकेदार कृष्ण कुमार सहू निवासी कर्मशाना को शीघ्र ही गिरफ्तार किया जाएगा।
जानकारी देते हुए डिडेक्टिव स्टाफ के उपनिरीक्षक जगदीश चंद्र ने बताया कि उन्हे मुखबरी मिली कि ऐलनाबाद के कर्मशाना क्षेत्र में बन रहे माईनर के लिए प्रयुक्त होने वाली सीमेंट को डीलर जगदंबे ट्रेडर्स, नई अनाजमंडी स्थित दुकान न. 13 के संचालक नंदकिशोर व ठेकेदार कृष्ण सहू की मिलीभगत से खुर्दबुर्द किया जा रहा है। उक्त सीमेंट को शमशाबाद पट्टी में ले जाया जा रहा है।
इस सूचना के आधार पर पुलिस ने शमशाबाद पट्टी में दबिश देकर टै्रक्टर ट्राली में लदे सीमेंट के 150 कट्टे बरामद कर लिए तथा आरोपी डीलर नंदकिशोर को भी काबू कर लिया। उपनिरीक्षक ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर गोदाम में रखे 30 और समेंट कट्टे भी पुलिस ने बरामद कर लिए है।
उन्होने बताया कि पुलिस पूछताछ में यह भी जानकारी मिली है कि ठेकेदार 180 रूपए प्रति गट्टे के हिसाब से उसे बेचता था जबकि डीलर उसे आगे आम जनता को 220 रूपए में बेचता था। उन्होने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ 420, 406, 34 के तहत अधिनियम दर्ज किया गया है।

बिना ढके मिट्टी से भरी ट्राली चलाई, तो खैर नहीं

डबवाली (लहू की लौ) शहर में मिट्टी ढोने का कार्य करने वाले बिना ढके टै्रक्टर-ट्रालियां चलाने वालों की अब खैर नहीं है, क्योंकि कोई भी मिट्टी से भरी टै्रक्टर-ट्राली यदि शहर में चलती पाई गई तो उन ट्रैक्टर-ट्रालियों को जब्त कर चालकों व मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
इस संबंध में उपायुक्त सीजी रजिनीकांथन ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए है कि वे सुनिश्चित करें कि पूरे जिले में कोई भी मिट्टी आदि से भरी टै्रक्टर-ट्राली बिना ढके न चल पाए। प्राय: देखने में आया है कि इस प्रकार के टै्रक्टर-ट्रालियोंंं चालक ज्यादा स्पीड से अपना वाहन चलाते है जिससे सड़कों पर मिट्टी गिरने के साथ-साथ उड़ती भी रहती है, जो सड़क पर चलने वाले आम व्यक्तियों के लिए कठिनाई का कारण बनती है। उन्होंने बताया कि इन टै्रक्टर-ट्रालियों से उडऩे वाली मिट्टी हवा में फैलती है जो विभिन्न बीमारियों का कारण भी बनती है। एक तो इससे पर्यावरण में वायु प्रदूषण होता है, दूसरी ओर विभिन्न प्रकार की बीमारियां फैलने का भी खतरा बना रहता है। उन्होंने सभी टै्रक्टर-ट्राली के चालकों और मालिकों से अपील की है कि वे अपने मिट्टी से भरे वाहनों को तिरपाल आदि से ढक कर ही एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाए। इसके साथ-साथ जिला के विभिन्न स्थानों पर अवैध रुप से चल रहे पिटर रेहड़ों पर भी रोक लगाने के लिए यातायात विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए है। यदि कोई भी पीटर रेहड़ा जिला की किसी भी सड़क पर चलता पाया गया तो उसे भी जब्त कर पिटर रेहड़ा मालिक के खिलाफ कार्यवाही  की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि टै्रक्टर-ट्राली चालक जो मिट्टी या भूसा ढोने आदि का कार्य करते है वे अपने टै्रक्टर-ट्रालियों पर रिफलैक्टर आदि अवश्य लगवाए जिससे पीछे व आगे से क्रॉस करने वाले वाहनों को सुविधा होती है। यदि कोई वाहन चालक ऐसा नहीं करता है तो उसके खिलाफ भी कार्यवाही की जाएगी और वाहन का चालान किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि जिला में पडऩे वाले शहरों, कस्बों और नैशनल हाईवे, स्टेट हाईवे तथा अन्य मार्गो पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। राष्ट्रीय राजमार्ग पर पडऩे वाले गांवों में सड़क सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इन सभी गांव में जेबरा क्रॉसिंग, कैट आई तथा विभिन्न प्रकार के चेतावनी संबंधी बोर्ड लगाए जाएंगे। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों किनारों पर पडऩे वाले बर्म आदि को ठीक करवाया जाएगा तथा विभिन्न मार्गों पर सड़क सुरक्षा से संबंधित विभिन्न इशारों को दर्शाते हुए बोर्ड भी लगाए जाएंगे।

कार लुटेरों ने लूटा था पेट्रोल पंप

ऐलनाबाद। ऐलनाबाद पुलिस ने कार लूट मामले में एक और आरोपी को काबू कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने पकड़े गए दोनो आरोपियों से पूछताछ कर जिला में एक अन्य पेंट्रोल पंप पर हुई लूट की गुत्थी को भी सुलझाने में सफलता हासिल कर ली है। पुलिस ने पकड़े गए दूसरे आरोपी से एक पिस्तौल व 1 जिंदा कारतूस भी बरामद किया है।
जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि बीती 16 जनवरी को ऐलनाबाद कस्बे में हुई कार लूट मामले में बीते दिवस पुलिस ने एक और आरोपी दवेंद्र सिंह उर्फ बिंदू पुत्र लखबिंद्र सिंह निवासी वार्ड न. 5 ऐलनाबाद को काबू कर लिया है। आरोपी से एक पिस्तौल व एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस मामले में पुलिस एक आरोपी अमरबहादुर सिंह निवासी भावदीन को पहले ही काबू किया हुआ है। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर डिंग थाना क्षेत्र के गांव मोरीवाला स्थित बाबा रामदेव पेट्रो केयर सेंटर से बीती 6 दिसम्बर की रात्रि को लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकारा। इस घटना में आरोपियों ने पेंट्रोल पंप के सेल्जमैन वेदप्रकाश निवासी सुल्तानपुरिया से पिस्तौल की नोक पर करीब 80 हजार रूपए की राशि लूट ली थी। आरोपियों ने अपने दो अन्य साथियों के नाम सोमदीप उर्फ सोनू व कुलदीप निवासी ढाणी द्योतड़ बतलाए है। पुलिस दोनो आरोपियों के छिपने के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

बेवफाई ने ली मनप्रीत की जान

डबवाली (लहू की लौ) गांव लखुआना के पास अद्र्धनग्न अवस्था में माईनर से करीब एक माह पूर्व मिले युवती के शव की पहचान पटियाला की खालसा कलोनी निवासी मनप्रीत कौर पुत्री निर्मल सिंह महंत के रूप में हुई है।
23 दिसंबर 2010 को थाना सदर पुलिस को गांव लखुआना के पास गांव गोबिंदगढ़ के नजदीक डबवाली माईनर से एक युवती का शव मिला था। युवती ने कीमती बूट और कपड़े पहने हुए थे। लेकिन उसका छाती का भाग नंगा था। ब्रा गले में लटकी हुई थी। इस मामले की जांच थाना सदर के एसआई सीता राम के पास थी। पुलिस ने लड़की की पहचान ढूंढने के लिए हिसार और बठिंडा तक खाक छानी थी। लेकिन पुलिस को इसकी कोई जानकारी नहीं मिली। पुलिस ने हरियाणा और पंजाब के सभी कंट्रोल रूमों में इस शव की सूचना दी थी और साथ में फोटो भी भेजे थे।
फोटो के आधार पर सूचना पाकर पटियाला की खालसा कलोनी के निवासी शमेशर कौर, रूपिंद्र कौर, अच्छर सिंह आदि मंगलवार को थाना सदर डबवाली पहुंचे। उन्होंने लड़की के पहने कपड़ो, बूट और फोटो के आधार पर उसकी पहचान मनप्रीत कौर के रूप में की। पुलिस को शमशेर कौर ने बताया कि यह उसकी बेटी है। जो पटियाला के जगदेव सिंह संधू बीएड कॉलेज में बतौर बीएड छात्रा पढ़ती थी। उसने यह भी बताया कि उसकी बेटी का एक लड़के के साथ लव चलता था।
इस संबंध में मनप्रीत कौर के भाई अच्छर सिंह की शिकायत पर थाना सिविल लाईन पटियाला में उसकी बेटी को मरने के लिए मजबूर करने के आरोप में दफा 306 आईपीसी के तहत एक केस भी दर्ज करवाया गया था। जोकि मनप्रीत कौर के मोबाइल पर अंतिम कॉल के संदेह पर दर्ज करवाया गया था। अच्छर सिंह ने अपनी शिकायत में पटियाला पुलिस को बताया था कि उसकी बहन मनप्रीत कौर का अमलोह (फतेहगढ़ साहिब) निवासी पलविंद्र सिंह के बेटे गुरविंद्र सिंह के साथ लव चल रहा था। लेकिन मनप्रीत को जब पता चला कि गुरविंद्र शादीशुदा है और गुरविंद्र ने उसका यौन शोषण करने के बाद उससे शादी करवाने से इंकार कर दिया, तो उसने आत्महत्या कर ली।
पटियाला पुलिस के अनुसार गुरविंद्र सिंह एलआईसी एजेंट है और उसे अच्छर सिंह की शिकायत पर मनप्रीत कौर को मरने के लिए मजबूर करने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। इस समय वह जेल में है।
एसआई सीता राम ने उपरोक्त पुष्टि करते हुए बताया कि फोटो और बूट के आधार पर उक्त शव की पहचान पटियाला की शमशेर कौर ने अपनी पुत्री मनप्रीत कौर के रूप में की।

19 जनवरी 2011

काऊंटर के नीचे से मिला नशा

डबवाली (लहू की लौ) जिला औषधि नियंत्रक ने मंगलवार को शहर में चौटाला रोड़ पर स्थित एक मेडिकल शॉप पर छापा मारकर भारी मात्रा में नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाईयां बरामद की। शॉप बिना फार्मासिस्ट और बिना दुकान मालिक के चल रही थीं।
जिला औषधि नियंत्रक रजनीश धानीवाल ने बताया कि अर्जुन मेडिकल हाल पर छापामारी के दौरान नशे में प्रयुक्त होने वाली छह प्रकार की दवाईयां बरामद हुई हैं। जिनमें एविल 10 एमएल के 24 इंजेक्शन, 253 पाऊच कैरिसोल कैप्सूल (प्रयोग किए हुए), यूनीपोलम .5 की 200 गोली, लोमोटिल 200 गोली, रेकोडेक्स 100 की सात बोतल तथा क्रोमेथाजिन के 43 इंजेक्शन बरामद हुए। ये सभी नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाईयां हैं। बिना डॉक्टर की पर्ची से इन्हें बेचा नहीं जा सकता। लेकिन जब इस शॉप पर छापामारी की गई, तो शॉप पर बैठा सुखदेव नामक युवक बिना पर्ची के दवाईयों को बेच रहा था। जबकि शॉप का फार्मासिस्ट सोहन लाल जिन्दल तथा मालिक मक्खन शर्मा दोनों नदारद थे। औषधि नियंत्रक के अनुसार नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाईयां दुकान मालिक द्वारा काऊंटर के नीचे छुपाकर रखी गई थी। नशे के कारोबार को बड़ी चालाकी से गति दी जा रही थी। मौका पर उपस्थित सुखदेव नामक युवक बरामद हुई दवाईयों का कोई सेल-परचेज का रिकॉर्ड नहीं दिखा सका। उन्होंने यह भी बताया कि मेडिकल शॉप पर फ्रीज होना भी जरूरी है। कुछ दवाईयां 2 डिग्र्री से 8 डिग्री तापमान तक रखी जाती हैं। लेकिन उक्त शॉप पर फ्री भी नहीं मिला। रजनीश धानीवाल के अनुसार वे उपरोक्त मामले की जानकारी ड्रग कंट्रोलर हिसार एनके आहूजा को देंगे। ताकि मेडिकल शॉप की आड़ में चल रही इस नशे की दुकान पर पाबंदी लगाई जा सकें।
इधर इस संबंध में जब अर्जुन मेडिकल हाल पर मौजूद युवक सुखदेव से पूछा गया तो उसने बताया कि शॉप का मालिक मक्खन उसका भाई है। आज वह बाहर था। जिसके कारण मंगलवार को पहली दफा उसे दुकान पर बैठना पड़ा। दुकान में नशा होने की उसे जानकारी नहीं थी।

महिलाओं से आठ टीन नकली देसी घी बरामद

डबवाली (लहू की लौ) थाना शहर पुलिस ने नकली देसी घी के संदेह में दो महिलाओं को काबू करके उनसे तथाकथित नकली देसी घी के 8 टीन बरामद किये हैं।
पुलिस को मुखबरी मिली थी कि सब्जी मंडी के पास दो महिलाएं नकली देसी घी के टीन लिये हुए बैठी हैं और वह इस घी को बेचने के लिए ग्राहक की तालाश में हैं। मुखबरी पाकर मौका पर थाना शहर प्रभारी इंस्पेक्टर बलवन्त जस्सू अपने दल बल के साथ पहुंचे और मौका पर उन्होंने दो महिलाओं को 8 घी के टीन के साथ पाया। इसकी सूचना सरकारी अस्पताल के एसएमओ विनोद महिपाल को दी। उन्होंने जांच के लिए डॉ. एमके भादू को मौका पर भेजा।
थाना शहर प्रभारी इंस्पेक्टर बलवन्त जस्सू ने बताया कि मौका पर पहुंचे डॉ. एमके भादू ने घी की प्राथमिक जांच के बाद बताया कि घी में मिलावट है जो कि स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। चिकित्सक ने मौका पर घी के नमूने लिये और जांच के लिए प्रयोगशाला चण्डीगढ़ में भेज दिये। इसकी सूचना प्योर फूड इंस्पेक्टर को देते हुए घी के 8 टीनों को कब्जे में लेकर सील कर दिया गया।
8 टीन घी कुल वजन एक क्विंटल 20 किलोग्राम के साथ हिरासत में ली गई महिलाओं ने अपनी पहचान जसवीर कौर (50) पत्नी गुरदास सिंह, चरणजीत कौर (45) पुत्र कल्लू उर्फ काका निवासीगण फल्लड़ (बठिंडा) के रूप में करवाई है। पुलिस ने आरोपी महिलाओं के खिलाफ धारा 272/273 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है। महिलाओं ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह राजस्थान बीकानेर से 1500 रूपये प्रति टीन के हिसाब से इस घी को खरीद कर लाई हैं और उन्होंने इस घी को पंजाब में ले जाकर बेचना था।

18 जनवरी 2011

रणजीत से होंगे बड़े खुलासे

डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा पुलिस ने पंजाब से पिस्तौल की नोक पर लूटी गई वरना कार की गुत्थी को सुलझाते हुए एक युवक को कार सहित गिरफ्तार करके सोमवार को डबवाली की अदालत में पेश करके एक दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त कर लिया है।  पुलिस को उम्मीद है कि जिला सिरसा में घटित दो लूट की वारदातें भी गिरफ्तार किये गये आरोपी से सुलझ सकती हैं।
सीआईए डबवाली को मुखबरी मिली थी कि लूट की एक कार को पंजाब से एक व्यक्ति बेचने के लिए बाया डबवाली सिरसा ले जा रहा है। इसी मुखबरी के आधार पर की गई नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने एक सफेद रंग की वरना कार को राऊंडअप कर लिया और कार चालक से गाड़ी के कागजात दिखाने को कहा तो वह कागजात दिखाने में असमर्थ रहा। गहन पूछताछ के बाद युवक ने अपनी पहचान नवदीप सिंह उर्फ बिट्टू (28) पुत्र जसवन्त सिंह निवासी बबानिया थाना गिदड़बाहा के रूप में करवाते हुए बताया कि यह गाड़ी उसके दोस्त रणजीत सिंह ने बेचने के लिए दी है।
डबवाली सीआईए प्रभारी उपनिरीक्षक हवा सिंह ने बताया कि उनके नेतृत्व में डबवाली के बठिंडा चौक पर नाकाबंदी की हुई थी। इस दौरान पंजाब की तरफ से आई इस वरना कार को काबू किया गया तो गहन पूछताछ के दौरान आरोपी ने यह गाड़ी पंजाब के कोटकपूरा क्षेत्र में की गई लूटपाट के दौरान छीनी बताई और यह भी बताया कि उसके साथी रणजीत सिंह निवासी सलैचां थाना शाहकोट ने बेचने के लिए दी थी। रविवार को वह अपने बबानिया गांव से सिरसा के लिए चला था। आरोपी को सोमवार को एसडीजेएम महावीर सिंह की अदालत में पेश करके एक दिन का पुलिस रिमांड ले लिया।
उन्होंने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान औढां थाना क्षेत्र में 5 जनवरी की रात को बठिंडा के एलोपैथिक दवा एजेंट जतिन कीनरा की आई20 गाड़ी की लूट तथा डबवाली थाना के अन्तर्गत 17 दिसम्बर की सुबह एसआर पम्प मित्तल पेट्रो सर्विस शेरगढ़ के करिंदे से 70 हजार रूपये की नकदी लूटने की वारदातें भी सुलझ सकती हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी से बरामद की गई वरना कार की सूचना कोटकपूरा पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने आरोपी के अन्य साथियों को गिरफ्तार करने के लिए प्रयास शुरू कर दिये हैं।
औढां और डबवाली थानों के अन्तर्गत लूटपाट की वारदाताओं को सुलझाने के लिए जिला पुलिस कप्तान सतेन्द्र गुप्ता ने छह टीमों का गठन किया हुआ है। जिसमें सीआईए सिरसा के इंस्पेक्टर किशोरी लाल, सीआईए डबवाली के उपनिरीक्षक हवासिंह, थाना शहर डबवाली के इंस्पेक्टर बलवन्त जस्सू, थाना सदर प्रभारी उपनिरीक्षक रतन सिंह, थाना औढां के इंस्पेक्टर हीरा सिंह, थाना कालांवाली के उपनिरीक्षक विक्रम नेहरा पर आधारित टीमें शामिल हैं।
पिस्तौल की नोक पर लूटी थी नकदी व वरना
9 जनवरी शाम 7 बजे थाना सदर कोटकपूरा के अन्तर्गत आने वाले गांव बरझराका के पास मुक्तसर के शराब ठेकेदार गौरव कुमार की कार को अज्ञात युवकों ने हथियारों के बल पर उस समय लूट लिया था जब कार चालक जगजीत सिंह निवासी मुक्तसर ठेके के करिंदों जगदीश, सोनू, बलविन्द्र के साथ कोटईसेखां के ठेका से साढ़े चार लाख रूपये की नकदी लेकर आ रहे थे।  थाना सदर पुलिस कोटकपूरा ने कार चालक के ब्यान पर साढ़े चार लाख रूपये की नकदी और कार लूटने व हवाई फायर करने के आरोप में अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच का काम एसआई रूप चन्द को सौंप दिया था।

खाद के भरे ट्रकों का मामला उलझा : पुलिस ने नहीं किया सूचित

डबवाली (लहू की लौ) गांव जोगेवाला में गत रात किसानों द्वारा कालाबाजारी के आरोप में घेरे गए यूरिया खाद के भरे ट्रक को पुलिस के सुपुर्द करने के बावजूद भी कोई कार्रवाई न किए जाने से क्षुब्ध पैक्स सदस्य ने मामले की जांच करवाए जाने की मांग करते हुए इस मामले को उपमण्डलाधीश डबवाली के समक्ष उठाया है।
11 जनवरी 2011 को करीब 10 बजे दो ट्रक गांव जोगेवाला स्थित को-ऑपरेटिव सोसाईटी में आकर रूके थे। दोनों ट्रकों में यूरिया खाद के 600 बैग भरे हुए थे। खाद के ट्रकों की सूचना पाकर सोसाईटी के सेल्जमैन बिकर सिंह भी मौके पर पहुंचे थे। इसकी भनक पाकर सोसाईटी के सदस्य जग्गा सिंह किसानों के साथ मौका पर पहुंच गए थे। इस दौरान एक ट्रक मौका से फरार हो गया था। जबकि एक ट्रक को किसानों ने काबू करके थाना शहर पुलिस के इंस्पेक्टर बलवंत जस्सू को सौंप दिया था। लेकिन 12 जनवरी की सुबह पुलिस ने इस ट्रक को यह कहते हुए छोड़ दिया था कि ट्रक गलती से गांव जोगेवाला में पहुंच गया था। जबकि ये डबवाली की फर्म हंसराज हमेश कुमार का था।
उपमण्डलाधीश डबवाली को सोमवार को जगजीत सिंह उर्फ जग्गा सिंह पुत्र विचित्र सिंह निवासी गांव जोगेवाला ने एक शिकायत पत्र देकर कहा है कि यूरिया खाद की कालाबाजारी की जांच की जाए। पत्र में शिकायतकर्ता ने लिखा है कि गांव में 11-1-2011 की रात्रि को करीब 7 बजे दो ट्राले यूरिया खाद के 600 थैले उनकी समिति के गोदाम में आए। सभी लोग इक्ट्ठे हो गए। समिति कर्मचारी को खाद उतरवाने के लिए फोन पर बुलाया गया। जब समिति कर्मचारी ने ट्रक ड्राईवरों से आकर खाद की बिल्टी देखने-दिखाने के लिए कहा, तो खाद की बिल्टी प्राईवेट फर्म सुरेन्द्र कुमार अमरनाथ व भोला राम अमरनाथ बिल्टी नं. 2620, 2621 था।
शिकायतकर्ता ने शिकायत में यह भी लिखा है कि उसी समय बिल्टी नं. व नाम उसने नोट कर लिया और ट्रक रोकने के लिए कहा। एक ड्राईवर ट्रक लेकर भाग गया। एक को किसानों ने रोककर थाना शहर डबवाली के इंचार्ज के हवाले कर दिया। शिकायतकर्ता के अनुसार जिस फर्म के नाम यह बिल्टी थी, उसके पास खाद बेचने का लाईसेंस/ऑथोरिटी नहीं है। पैक्स सदस्य ने आरोप लगाया कि ये यूरिया खाद के छह सौ थैले पंजाब में ब्लैक में बेचने के लिए ले जाए जा रहे थे। शिकायतकर्ता के अनुसार थाना शहर के इंचार्ज ने दूसरे दिन सुबह बिना किसी जांच के दोनों ट्रक छोड़ दिए। जब उन्हें इसकी जानकारी मिली तो वे शहर डबवाली थाना में गए, खाद ट्रक के बारे में पूछताछ की, तो पता चला कि उक्त दोनों ट्रकों का रातों-रात गलत बिल्टी बनाकर मामला रफा-दफा कर दिया गया है। उपरोक्त घटना के संबंध में कृषि विभाग ने भी कोई कार्रवाई नहीं की।
उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि उन्हें जगजीत सिंह उर्फ जग्गा सिंह की उपरोक्त शिकायत मिली है। उन्होंने जांच के लिए इस शिकायत को उपमण्डल कृषि अधिकारी डबवाली के पास भेज दिया है।
उपमण्डल कृषि अधिकारी डॉ. बिजेन्द्र पाल ने बताया कि उपमण्डलाधीश से उन्हें जांच के लिए आदेश मिल गए हैं। लेकिन उन्होंने कृषि विभाग का इसमें किसी प्रकार का दोष होने से इंकार करते हुए कहा कि उनके पास इससे पूर्व इस संबंध में कोई शिकायत ही नहीं आई, जबकि पुलिस 12 जनवरी को 11 बजे उनके कार्यालय में बिल्टी लेकर आई थी और पुलिस ने बिल्टी पर लिखी फर्म हंसराज हमेश कुमार के लाईसंसी और रजिस्टर्ड होने संबंधी पूछा था। जिस पर उन्होंने इस फर्म के लाईसंसी होने की बात कही थी और पुलिस तुरंत वहां से चली गई थी। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि जब पुलिस ने माल को पकड़ा था, तो इसकी सूचना उसी समय उन्हें दी जानी चाहिए थी। लेकिन पुलिस ने इस संबंध में उन्हें सूचित नहीं किया। वे उपमण्डलाधीश के आदेश पर मामले की जांच करेंगे। अगर इसमें कोई दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

संत की पुण्यातिथि पर समागम आयोजित

कालांवाली (नरेश सिंगला) गांव तिलोकेवाला में सोमवार को गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब में आज सचखंड वासी संत बाबा मोहन ङ्क्षसह मतवाला की 19वीं पुण्यतिथि पर 151 अखंड पाठ व विशाल संत गुरमत समागम का आयोजन किया गया। इस समागम में अनेक श्रद्धालुओं ने दरबार साहिब व संत जी के पवित्र तप स्थान पर माथा टेका और संत समागम में आए हुए संतों-महात्माओं के प्रवचन सुने। इस कार्यक्रम के आयोजक व गद्दीनशीन संत बाबा गुरमीत ङ्क्षसह ने आए हुए श्रद्धालुओं को धन्यवाद किया। इस स्थान पर उन्होंने अपनी पवित्र वाणी से सांसारिक प्राणियों को सतगुरु का संदेश दिया तथा सच्चे संत के रुप में वे हमेशा पूजा योग्य हैं। श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अवतार ङ्क्षसह मक्कड़ प्रधान एसजीपीसी ने कहा कि हमें संत बाबा मतवाला के जीवन से प्रेरणा लेकर नशा मुक्त व सादा जीवन व्यतीत करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिरोमणी गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी हरियाणा के अंदर भी एकत्रित हुए पैंसों को गुरुद्वारों के विकास और उनके प्रचार तथा मुख्य रूप से शिक्षण संस्थाओं पर खर्च कर रही है। गलत प्रचार करने वाले व्यक्ति गुरुघर के सेवक नहीं हो सकते।
श्री अकाल तख्त से पहुंचे ज्ञानी गुरबचन ङ्क्षसह ने कहा कि सिख धर्म के प्रचार व प्रसार के लिए हम सभी सिखों को और आगे आना चाहिए। इस संबंध में प्रवक्ता मनोज ङ्क्षसह ने बताया कि इस मौके पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें रक्तदानियों द्वारा 84 यूनिट रक्त दिया गया। इस समागम में शुभ दीवान सजाए गए, जिसमें इलाके के संत महापुरुष और ज्ञानी रागी व ढाडी जत्थों ने गुरुओं की वाणी का गुणगान किया। इस मौके पर बलङ्क्षवद्र ङ्क्षसह भूंदड़ राज्य सभा सदस्य कालांवाली विधायक चरणजीत ङ्क्षसह रोड़ी, ज्ञानी गुरबचन ङ्क्षसह जत्थेदार श्रीअकाल तख्त साहिब, ज्ञानी बलवंत ङ्क्षसह नंदगढ़ साहिब, संत बाबा अवतार ङ्क्षसह धूड़कोट वाले, संत बाबा मीठा ङ्क्षसह मतुआना साहिब, संत बाबा मान सिंह पेहवा, संत बाबा बूटा ङ्क्षसह गुरथड़ी, संत बाबा सुखचैन ङ्क्षसह धर्मपुरा वाले, संत बाबा प्रीतम ङ्क्षसह मलड़ी, कुलदीप ङ्क्षसह गदराना, हरदम ङ्क्षसह लक्कड़ांवाली, जगतार ङ्क्षसह तारी, जंटा ङ्क्षसह पटवारी, बलकरण ङ्क्षसह तारुआना, गुरर्दशन ङ्क्षसह औलख सहित अनेक लोग व श्रद्धालु उपस्थित थे।

स्मार्ट कार्ड के बदले पेंशन धारकों से पैसे ऐंठने का मामला : ठेकेदार ने मांगी माफी

डबवाली (लहू की लौ) स्मार्ट कार्ड के बदले पेंशन धारक बुजुर्गों से पैसे लेने का पर्दाफाश होने के बाद ठेकेदार कंपनी के लोग बचाव की मुद्रा में आ गए हैं। बुजुर्गों से ऐंठे गए पैसे वापिस लौटाने का भरोसा दिलाकर तथा पार्षदों से माफी मांगकर अपना पिंड छुड़वाने का प्रयास में जुट गए हैं।
फिनो कंपनी के जिला सिरसा में तैनात पाला राम नेहरा सोमवार को डबवाली पहुंचे। उन्होंने वार्ड नं. 2 की पार्षद सरला गुप्ता, वार्ड नं. 3 के पार्षद सुभाष चन्द्र मित्तल को अपना स्पष्टीकरण देते हुए बताया कि स्मार्ट कार्ड के बदले पैसे लेने का आदेश कंपनी ने किसी को जारी नहीं किया है। बल्कि ऑपरेटर मनप्रीत और गुड्डू ने गलती से पैसे इक्ट्ठे किए हैं। सरकार की ओर से पेंशन धारकों को स्मार्ट कार्ड नि:शुल्क वितरित किए जाने हैं।
जिन पेंशन धारकों से स्मार्ट कार्ड के बदले पैसे लिए गए हैं, उन्हें जल्द वापिस लौटा दिए जाएंगे। साथ ही ऑपरेटरों को भी आईंदा से गलती न करने की चेतावनी दी गई है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार की ओर से एक्सीज बैंक और फिनो कंपनी के जरिए पेंशन धारकों के स्मार्ट कार्ड बनाए जा रहे हैं। रविवार को शहर के कम्युनिटी हाल में ठेकेदार कंपनी के करिंदों द्वारा स्मार्ट कार्ड के बदले पैसे वसूलने का मामला सामने आया था।

पन्नीवाला मोरिकां में तनाव

डबवाली (लहू की लौ) गांव पन्नीवाला मोरिका में चोरी और मुंह काला करने के मामले को लेकर तनाव की स्थिति पैदा हो गई है और सोमवार को दोनों पक्षों को नायब तहसीलदार ने अपने कार्यालय में सुना।
गांव के खेत मजदूर मक्खन सिंह (30) पुत्र जग्गा सिंह, जगसीर ङ्क्षसह (40) पुत्र मजनूं सिंह ने बताया कि गांव के कुछ लोगों ने उन पर खेत से कपास के टिंडे चोरी का इल्जाम लगाते हुए मुंह काला किया जबकि उनका कोई कसूर नहीं था।
इधर गांव के सरपंच जगदीप सिंह ने कहा कि 8 जनवरी को किसान बीरबल के खेत से जगसीर सिंह और मक्खन सिंह ने कपास के टिंडे चोरी कर लिये थे और उसने मौका पर दोनों को पकड़ लिया था। यह मामला पंचायत के पास पहुंचा तो उसने दोनों पक्षों को समझा-बुझा कर गांव में ही मामला निपटा दिया। इस मामले को लेकर संबंधित और आरोपी पक्ष में मामूली कहासुनी तो हुई है लेकिन मुंह काला करने की बात सरासर झूठी है। चोरी की शिकायत थाना में भी की गई थी। गांव की पंचायत को नायब तहसीलदार हरि ओम बिश्नोई ने मामले को जानने के लिए आज बुलाया था।
नायब तहसीलदार हरि ओम बिश्नोई ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाने-बुझाने के लिए दोनों तरफ से कमेटियां गठित की गई हैं। अभी मामले की जांच चल रही है।
थाना सदर प्रभारी एसआई रतन सिंह ने बताया कि उनके पास नरमा चोरी की शिकायत आई थी। लेकिन मुंह काला किये जाने संबंधी कोई शिकायत नहीं आई है। इस मौके पर मामले को सुलझाने के लिए गोरा सिंह मैम्बर, रामा सिंह, थाना सिंह, मीता सिंह, सुक्खी, पालो मैम्बर, महिन्द्र सिंह नम्बरदार, हरभजन सिंह नम्बरदार, लखबीर सिंह पूर्व सरपंच, मलकीत ङ्क्षसह जत्थेदार, शिवराज सिंह मसीतां, सुरजीत सिंह सरपंच देसूजोधा, जग सिंह सरपंच फूल्लो, रामजी सरपंच लखुआना, दलबीर सिंह सरपंच हैबुआना, नरेन्द्र ङ्क्षसंह बराड़, सुखदेव ङ्क्षसह नम्बरदार सांवतखेड़ा, हरजिन्द्र कौर सरपंच गिदडख़ेड़ा, गुरदीप कौर सरपंच रामपुरा बिश्नोइयां, शिवराज सिंह मसीतां प्रधान सरपंच यूनियन, मेजर सिंह नम्बरदार देसूजोधा, हरदेव सिंह पंच, जगजीत सिंह पंच, जगसीर सिंह पूर्व पंच, नगेन्द्र ङ्क्षसह पूर्व पंच, दर्शन सिंह पूर्व पंच, जोगिन्द्र सिंह पंच उपस्थित हुए।

समाज को बर्बाद कर रही है कांग्रेस-चौटाला

चंडीगढ़। इनेलो ने कांग्रेस सरकार पर जानबूझकर महंगाई बढ़ाने व कालाबाजारी को बढ़ावा देने का आरोप लगाते हुए पेट्रोल की बढ़ाई हुई कीमतों को तुरन्त वापिस लिए जाने की मांग की है। इनेलो प्रमुख व हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा निरंतर लिए जा रहे जनविरोधी फैसलों से यह बात पूरी तरह से साफ हो गई है कि कांगे्रस पूंजीपतियों के हितों की रक्षा करने वाली और गरीब व किसान वर्ग को तबाह करने वाली पार्टी है और लगातार ऐसे फैसले लिए जा रहे हैं जिसका फायदा पूंजीपति वर्ग को हो और किसान व गरीब आदमी पूरी तरह से तबाह हो जाए। उन्होंने कहा कि पेट्रोल के दामों में की गई यह बढ़ौतरी न सिर्फ गरीब व आम आदमी को पूरी तरह से तबाह कर देगी बल्कि इससे महंगाई को बढ़ावा मिलेगा और देश पूरी तरह बर्बाद होने के कगार पर पहुंच जाएगा।
चौटाला ने कहा कि यूपीए सरकार ने पिछले साल 25 जून को पेट्रोल की कीमतें तय करने का अधिकार तेल कंपनियों को दिया था और उसके बाद 26 जून से लेकर 15 जनवरी तक अब तक करीब 14 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल की कीमत बढ़ाई जा चुकी है। उन्होंने कहा कि महंगाई की मार झेल रहे आम आदमी को पेट्रोल व डीजल के दाम बढ़ते ही भारी खमियाजा भुगतना पड़ता है और सभी प्रकार की चीजों के दामों में एकाएक बढ़ौतरी हो जाती है। उन्होंने कहा कि पिछले सात महीनों के दौरान पेट्रोल के दामों में सात बार बढ़ौतरी की जा चुकी है और अब तो हर महीने पेट्रोल के दाम में ढाई से तीन रुपए प्रति लीटर बढ़ौतरी करने का सिलसिला ही शुरू हो गया है। इनेलो प्रमुख ने कहा कि जहां अन्य देशों में किसानों को डीजल पर भारी सब्सिडी दी जाती है वहीं दूसरी तरफ भारत में न सिर्फ पेट्रोल और डीजल पर सौ फीसदी से ज्यादा विभिन्न मदों के तहत टैक्स व शुल्क वसूले जाते हैं बल्कि आए दिन कीमतों में बढ़ौतरी करके किसान सहित समाज के हर वर्ग को बर्बाद किया जा रहा है। इनेलो प्रमुख ने कहा कि पेट्रोल के दामों से सरकारी नियंत्रण हटाकर दाम तय करने का अधिकार निजी कम्पनियों को सौंप दिए जाने का कांग्रेस सरकार का फैसला पूरी तरह से जनविरोधी व पूंजीपति व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों की ही देन है। उन्होंने कहा कि पहले पेट्रोल के दाम बढ़ाए जाते हैं और फिर पेट्रोल की आड़ में डीजल व रसोई गैस के दामों में भी बढ़ौतरी कर दी जाती है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीनों में डीजल के दाम भी पांच बार बढ़ाए जा चुके हैं और अब छठी बार बढ़ाए जाने की तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब कच्चे तेल की कीमत 140 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी उस समय भी देश में पेट्रोल के दाम 45 रुपए लीटर के आसपास थे। उसके बाद जब कच्चे दामों की कीमतें घटकर 45 डॉलर प्रति बैरल के आसपास आ गई तो उस समय आम उपभोक्ता को इन घटी हुई दरों का पूरा लाभ देने के लिए कीमतों में इसी अनुपात से कटौती नहीं की गई। दूसरी तरफ अब अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें जब 85 से 90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास हैं तो पेट्रोल की कीमतें बढ़ाकर 60 से 65 रुपए प्रति लीटर तक कर दी गई हैं। उन्होंने कहा कि आज 28 रुपए प्रति लीटर वाले उत्पाद को विभिन्न प्रकार के टैक्स व शुल्क लगाकर 60 से 65 रुपए प्रति लीटर तक बेचा जा रहा है।
चौटाला ने कहा कि कांग्रेस को आम आदमी दुख-दर्द व तकलीफ से कोई लेना-देना नहीं है और बड़े-बड़े औद्योगिक घरानों व भू-माफिया को फायदा पहुंचाने के लिए ही कांग्रेस सरकारों द्वारा नीतियां तय की जाती हैं। उन्होंने कहा कि आज पूरा देश महंगाई की मार झेल रहा है और प्याज व टमाटर 60 रुपए किलो और लहसुन 300 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गया है। आए दिन चीनी, दाल व सब्जियों के दामों में बढ़ौतरी हो रही है और केंद्र की यूपीए सरकार व प्रदेश की हुड्डा सरकार लोगों को बहकाने के लिए कोरी बयानबाजी करने में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि जो सरकार लोगों को महंगाई से राहत नहीं प्रदान कर सकती उसे सत्ता में बने रहने का कोई नैतिक व लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार लोगों के धैर्य की परीक्षा लेने का काम न करे अन्यथा जब लोगों का धैर्य जवाब दे जाएगा तो देश व प्रदेश में कांग्रेस की सरकारों को जनता उखाड़ फैंकने का काम करेगी। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि आज हुड्डा सरकार दोनों हाथों से प्रदेश को लूटने में लगी हुई है और प्रदेश में पूरी तरह से जंगलराज है। उन्होंने कहा कि हत्या, बलात्कार, अपहरण, फिरौती व डकैती की घटनाओं में आए दिन इजाफा हो रहा है और प्रदेश में हर कोई अपने आपको पूरी तरह से असुरक्षित मान रहा है। उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में जल्दी ही कानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार न किया गया तो यह पूरी तरह से बेकाबू हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आज हुड्डा सरकार में मुख्यमंत्री से लेकर सभी मंत्री, कांग्रेसी सांसद व विधायक प्रॉपर्टी डीलिंग के धंधे में लगे हुए हैं और प्रदेश की कीमती जमीनें कौडिय़ों के भाव भू-माफिया व बड़े औद्योगिक घरानों को सौंपकर प्रदेश के किसान को पूरी तरह से बर्बाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कभी सेज के नाम पर किसानों को लूटा जा रहा है तो कभी भूमि अधिग्रहण व रिलीज के नाम पर अरबों रुपए के घोटाले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज अफसरशाही पूरी तरह से बेलगाम हो गई है और किसी भी सरकारी दफ्तर में कोई भी सामान्य काम बिना पैसे के नहीं हो रहा। उन्होंने सरकार पर नौकरियां नीलाम करने व भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि दलबदल व खरीदोफरोख्त के बलबूते सत्ता में आई हुड्डा सरकार चंद दिनों की मेहमान है और जल्द ही इसका पतन तय है।

नाबालिगा से बलात्कार

सिरसा। हनुमानगढ़ जिला के अंतर्गत गांव जंडवाला निवासी एक नाबालिगा से गांव फतहपुरिया में सामूहिक बलात्कार किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।  फिलहाल बड़ागढ़ा पुलिस ने पीडि़ता की शिकायत पर मामला दर्ज कर हनुमानगढ़ पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
मिली जानकारी के अनुसार भागसर (पंजाब) निवासी कालूराम अपनी रिश्तेदार हनुमानगढ़ के अंतर्गत गांव जंडवाला के अंतर्गत पटवारी राम की 16 वर्षीय पुत्री सोनू को विगत 13 तारीख को बहला-फुसलाकर भगा ले गया। आरोपी पहले किशोरी को पंजाब ले गया। विगत दो दिन पूर्व वह किशोरी को अपने रिश्तेदार फौजीराम व हाकमराम निवासी फतहपुरिया के पास ले आया।
बताया जाता है कि दो दिन तक उक्त तीनों ने किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। सूत्रों के मुताबिक गत दिवस किशोरी के परिजनों को पता चला कि कालूराम उसे फतहपुरिया ले गया है। गत सायं परिजन फतहपुरिया पहुंचे और पीडि़ता को बड़ागुढ़ा पुलिस थाना ले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किशोरी को सामान्य अस्पताल पहुंचाया। सूत्रों के अनुसार सामान्य अस्पताल के चिकित्सकों ने किशोरी राजस्थान से सम्बंधित होने के कारण चिकित्सीय जांच करने से मना कर दिया। चिकित्सकों द्वारा मना किए जाने से क्षुब्ध परिजनों ने सामान्य अस्पताल में हंगामा खड़ा कर दिया। तदोपरांत बड़ागुढ़ा थाना प्रभारी देवेंद्र नैन ने किशोरी को बाल विवाह निषेध एवं सरंक्षण अधिकारी साधना मित्तल के समक्ष पेश किया और बयान दर्ज करवाए।
थाना प्रभारी नैन ने बताया कि पीडि़ता के बयानों के आधार पर उक्त तीनों के विरुद्ध शिकायत दर्ज कर ली गई है। मामला राजस्थान से सम्बंधित होने के कारण हनुमानगढ़ पुलिस को सूचित कर दिया गया है। तीनों ही आरोपी भाट समुदाय से सम्बंधित हैं।

हाथ में आया लुटेरा

सिरसा। जिला की ऐलनाबाद पुलिस ने बीती रात कस्बे में हुई कार लूट की घटना की गुत्थी को त्वरित कार्रवाई करते हुए गुत्थी को सुलझाने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने वारदात को अंजाम देने वाले एक आरोपी को काबू कर लिया है जबकि दो की पहचान कर उनके छुपने के संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस ने लूटी गई कार व वारदात में प्रयुक्त कार भी बरामद कर ली है।
यह जानकारी देते हुए ऐलनाबाद थाना के प्रभारी उपनिरीक्षक महावीर ङ्क्षसह ने बताया  कि रविवार रात्रि को ऐलनाबाद-डबवाली रोड़ पर स्थित लढा पेंट्रोल पंप के संचालक हरीप्रसाद लढा अपनी सफेद रंग की कार एचआर 44 डी-0711 पर सवार होकर वार्ड न. 10 में स्थित अपने आवास पर पहुंचे ही थे। दो नकाबपोश युवक पिस्तौल की नोक पर उनकी कार को छीनकर मौके से भाग निकले।
थाना प्रभारी ने बताया कि कार लूट वारदात की जानकारी मिलते ही पुलिस को अलर्ट कर दिया गया तथा क्षेत्र की नाकेबंदी कर दी गई। थाना प्रभारी ने बताया कि क्षेत्र के गांव कुत्ताबढ व रत्ताखेड़ा के बीच पुलिस पार्टी ने लूटी गई कार व वारदात में प्रयुक्त कार सहित एक आरोपी को धर दबोचा। पकड़े गए आरोपी की पहचान अमरबहादूर सिंह पुत्र बलकार ङ्क्षसह निवासी भावनदीन जिला सिरसा के रूप में हुई है।
थाना प्रभारी ने बताया कि दो युवक अंधेरे का लाभ उठाकर मौके से भाग निकले, जिनकी पहचान देवेंद्र सिंह पुत्र लखविंद्र सिंह निवासी वार्ड न. 5 ऐलनाबाद व सोमदीप उर्फ सोनी पुत्र परमजीत ङ्क्षसह निवासी ढाणी द्योतड के रूप में हुई है। उन्होने बताया कि इस संबंध में हरीप्रसाद पुत्र महावीर प्रसाद निवासी वार्ड न. 10 की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ भादंसं की धारा 392, 34 तथा शस्त्र अधिनियम के तहत ऐलनाबाद थाना में अभियोग दर्ज किया गया है।
सम्मानित होंगे पुलिसकर्मी
जिला पुलिस अधीक्षक सतेंद्र कुमार गुप्ता ने लूट की इस गुत्थी को त्वरित कार्रवाई कर सुलझाने वाले पुलिस कर्मियों की पीठ थपथपाते हुए उनकी मुक्तकंठ से प्रशंसा की है। उन्होने बताया कि लूट की इस गुत्थी को अतिशीघ्र सुलझाने वाले पुलिसकर्मियों को नकद राशि व प्रशंसापत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।

17 जनवरी 2011

स्मार्ट कार्ड के बदले पेंशन धारकों से ऐंठे जा रहे पैसे

संवाददाता डीडी गोयल

(93567-22045)

डबवाली। प्रदेश सरकार की ओर से पेंशन धारकों को फ्री में दिए जाने वाले स्मार्ट कार्ड के बदले पैसे वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
हरियाणा सरकार ने पेंशन घोटालों को रोकने के लिए पेंशन धारकों के नि:शुल्क स्मार्ट कार्ड बनाने की योजना शुरू की थी। राज्य में स्मार्ट कार्ड बनाने का ठेका सरकार ने एक्सीज बैंक को दिया। योजना के अंतर्गत पिछले दिनों जिला सिरसा में भी पेंशन धारकों के स्मार्ट कार्ड बनने शुरू हुए। तैयार हुए कार्डों को पेंशन धारकों को बांटने के लिए एक्सीज बैंक ने जिला में अपना कार्य शुरू कर रखा है। इसी के तहत रविवार को शहर के कम्युनिटी हाल में वार्ड नं. ३ के पेंशन धारकों को स्मार्ट कार्ड बांटे जाने का कार्यक्रम था। स्मार्ट कार्ड बांटने के लिए उक्त बैंक की ओर से आए दो युवकों ने पेंशन धारकों से कार्ड के बदले बीस-बीस रूपए लेने शुरू कर दिए। सूचना पाकर यह संवाददाता भी मौका पर पहुंचा और जांच शुरू कर दी।
वार्ड नं. ३ का बशिंदा बनकर गए इस संवाददाता ने स्मार्ट कार्ड वितरित कर रहे ऑपरेटर मनप्रीत और गुड्डू से स्मार्ट कार्ड योजना के बारे में जानकारी जुटानी शुरू की। ऑपरेटरों ने बताया कि जिला के अन्य स्थानों की भांति डबवाली शहर में भी एक्सीज बैंक की ओर से पेंशन धारकों को स्मार्ट कार्ड वितरित किए जा रहे हैं। डबवाली के पेंशन धारकों को स्मार्ट कार्ड बांटने के लिए उनकी डयूटी लगी है। करीब आधा दर्जन वार्डों के पेंशन धारकों को उन्होंने कार्ड वितरित भी कर दिए हैं। प्रत्येक कार्ड के बदले पेंशन धारक से २०-२० रूपए लिए जा रहे हैं। शनिवार को वार्ड नं. २ में भी पेंशन धारकों से २०-२० रूपए लिए गए हैं। स्मार्ट कार्डों के वितरण से प्राप्त हुई राशि को वे सिरसा में एक्सीज बैंक की ओर से इस योजना के प्रभारी के पास जमा करवा देते हैं। पूरा रंग जमने के बाद संवाददाता ने जब सरकार की इस योजना से ऑपरेटर को परिचित करवाया और नजायज तरीके से वसूले जा रहे २०-२० रूपए का मुद्दा उठाया, तो ऑपरेटर हक्के-बक्के रह गए। ऑपरेटर मनप्रीत और गुड्डू ने बताया कि वे योजना के जिला प्रभारी के आदेश पर ही ऐसा कर रहे हैं।
मौका पर उपस्थित वार्ड नं. ३ के पार्षद सुभाष मित्तल ने बताया कि एक्सीज बैंक की ओर से आए दो ऑपरेटरों द्वारा स्मार्ट कार्ड के बदले पेंशन धारकों से पैसे वसूले जा रहे थे। उन्होंने योजना की जानकारी सिरसा स्थित एडीसी ऑफिस से जुटाई। उन्हें बताया गया है कि योजना के तहत स्मार्ट कार्ड के बदले कोई पैसा नहीं लिया जाता। इस मामले से उन्होंने उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल को अवगत करवाया है।
इस संदर्भ में जब उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि उपरोक्त मामले के संबंध में उन्हें मौखिक तौर पर शिकायत मिली है। स्मार्ट कार्ड के बदले पेंशन धारकों से पैसे एकत्रित कर रहे एक्सीज बैंक के ऑपरेटरों को पैसे लेने संबंधी सरकार द्वारा जारी किए गए नियमों को पेश करने के लिए कहा है। मामले की जांच की जाएगी। सरकारी नियमों के विपरीत कार्य करने वाले व्यक्ति पर कार्रवाई की जाएगी।
इधर एक्सीज बैंक की ओर से जिला सिरसा में योजना का कार्य देख रहे पाला राम ने कहा कि सरकारी नियमों के अनुसार स्मार्ट कार्ड के बदले पेंशन धारकों से पैसे लिए जाने का प्रावधान नहीं है। ऑपरेटरों ने गलती से स्मार्ट कार्ड के बदले पैसे इक्ट्ठे किए हैं। पेंशन धारकों से इक्ट्ठे किए गए पैसे सोमवार को वापिस कर दिए जाएंगे।

दो युवकों को उम्र कैद

सिरसा। हत्या कर शव खुर्द-बुर्द करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो युवकों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। दोषियों को 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर उन्हें चार-चार माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार मिठड़ी निवासी सुखदेव सिंह का अलीकां निवासी बलजिंद्र उर्फ बिंद्र पुत्र सीता सिंह व तरसेम उर्फ सेमी पुत्र गुलजार सिंह निवासी मत्तड़ ने 10 सितम्बर 2008 को अपहरण कर लिया था। दोनों ने मिलकर सुखदेव की हत्या कर दी। हत्या कर आरोपियों ने शव खुर्द-बुर्द करने की नीयत से एक माईनर में फैंक दिया। करीब 5 माह तक सुखदेव सिंह का कुछ पता नहीं चला। आखिरकार सुखदेव सिंह की पत्नी सुखजीत कौर ने थाना डबवाली में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस को दी शिकायत में सुखजीत कौर ने आरोप लगाया था कि उक्त दोनों ने रंजिशन उसके पति की हत्या की। पैसों के पीछे हत्या उक्त दोनों ने घटना को अंजाम दिया। शिकायत के अनुसार 7 सितम्बर 2008 को उक्त लोगों ने उसके पति से 5 हजार रुपये उधर मांगे थे। सुखदेव सिंह ने राशि देने से इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर उक्त दोनों उसके पति से रंजिश रखने लगे। शिकायत में बताया गया था कि बलजिंद्र व तरसेम ने 10 सितम्बर को उसके पति का ट्रैक्टर भी छीन लिया था। तदोपरांत उक्त दोनों ने सुखदेव की हत्या कर तथ्य छुपाने के लिए ट्रैक्टर सिरसा की जेजे कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी में छोड़ कर फरार हो गए थे। सुखजीत कौर की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उक्त दोनों को 22 मार्च 2009 को धरदबोचा। पुलिस रिमांड के दौरान उक्त दोनों ने सुखदेव की हत्या किया जाना कबूल कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रॉड व अन्य सामान्य बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिंता की धारा 364, 302, 201, 404 व 34 के तहत अभियोग दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया। दो वर्ष तक चली कार्रवाई के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. शिव शर्मा की अदालत ने उक्त दोनों को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

सैंकड़ों पेड़ों का कत्ल!

डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा के सबसे स्वच्छ गांव कालूआना में इन दिनों पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलाई जा रही है। स्टेडियम और स्कूल की बिल्डिंग खड़ी करने के लिए करीब पंद्रह एकड़ में लगे करीब तेरस सौ पेड़ काटे जा चुके हैं। गांव के कुछ लोगों ने पेड़ों की कटाई रूकवाने के लिए सरकार से गुहार लगाई है।
ग्रामीण प्रितपाल नम्बरदार, लेखराय नम्बरदार, पंच सुरेश कुमार, विनोद कुमार, प्रहलाद सिंह, जगतपाल, वेदप्रकाश, सतपाल, विकास भादू, संदीप भादू, चेतराम वर्मा, जगदीश, भगड़ावत, सतनारायण, रणवीर गोदारा, सहदेव भादू, इन्द्रपाल, सहदेव जाखड़ व छोटू भादू का कहना है कि गांव के सरपंच जगदेव सहारण द्वारा देवीलाल पार्क व अनाज मंडी में हरियाली खण्ड के तहत रोपित हरे-भरे पेड़ कटवाए जा रहे हैं। इन पेड़ों के लिए हरियाणा सरकार ने हरियाली खण्ड के तहत करोड़ों रूपए की अनुदान राशि खर्च की थी। उन्होंने बताया कि सरपंच पेड़ों को कटवाकर वहां पर स्कूल बनवाना चाहता है। ग्रामीणों ने यह भी कहा कि उनको स्कूल बनाने से कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन वहां पर हरियाणा सरकार के करोड़ों रूपए खर्च हुए है, अगर स्कूल बनवाना ही है तो पंचायत के पास और भी बहुत जगह खाली पड़ी है, वहां पर स्कूल बनवाया जा सकता है। उन्होंने पेड़ों की अवैध रूप से कटाई के मामले को ग्राम सभा की बैठक में भी उठाया था। लेकिन इसमें भी उनकी सुनवाई नहीं हुई।
इस बारे में गांव के सरपंच जगदेव सहारण का कहना है कि गांव में चौ. देवीलाल के नाम का कोई भी पार्क नहीं है और ना ही वहां पर उद्घाटन का पत्थर अंकित है। न ही इस पार्क का नाम कागजों में चौ. देवीलाल के नाम पर है। वे चौ. देवीलाल का दिल से आदर करते हैं। देवीलाल किसानों के हितैषी थे। उनके दिल में चौ. देवीलाल के प्रति सम्मान है। उन्होंने बताया कि दस एकड़ भूमि पर मॉडल स्कूल बनाया जाना है। मार्च 2010 में मॉडल स्कूल बनाने के लिए ग्राम सभा की आम बैठक में फैसला लिया गया था और इसी फैसले में इस जमीन का चयन किया गया था। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि पंद्रह-सोलह एकड़ भूमि पर 1248 वृक्ष लगे थे। जोकि पुराने थे। उन्हें जिला पंचायत एवं विकास अधिकारी सिरसा के आदेशानुसार व नियमानुसार नीलामी करवाकर काटा गया है। उनके अनुसार वे साल 2005 में सरपंच बने थे। तभी से वृक्षारोपण में सहयोग कर रहे हैं। 25 एकड़ जमीन में वृक्षारोपण किया गया है और वहां पर जितने वृक्ष लगाए गए हैं, वो सारे के सारे अच्छी अवस्था में खड़े हैं। गांव में ही वृक्षों की नर्सरी तैयार करके एक लाख वृक्ष लगवाएं गए हैं। कोई गली और स्कूल व खाली स्थान वृक्षारोपण से वंचित नहीं रखा गया है। जिसे पार्क की बात की जा रही है, उस पार्क में कभी भी घास नहीं लगाई गई थी। बल्कि कंटीली झाडिय़ां थी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर सभी ग्रामवासी इस बात पर सहमत हों कि यहां स्कूल बनाया जा रहा है, वहां स्कूल नहीं बनना चाहिए, वे अब भी निर्णय को गांव की सहमति से बदलने के लिए तैयार हैं। उनके अनुसार वास्तव में एक प्रतिशत लोग पार्टीबाजी के चलते इसमें अड़चन डाल रहे हैं। लेकिन उनका प्रयास गांव वासियों के सहयोग से अड़चन डालने वालों को मनाने का रहेगा और उनकी जो गलत फहमी है, उसे निकाल दिया जाएगा। उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि पार्क स्थल को इसलिए चुना गया, ताकि विद्यालय का गेट कालूआना की ओर निकल सके तथा बच्चों को स्कूल में आने-जाने में कोई बाधा न आए। अगर इस जमीन को स्कूल के लिए न लिया होता, तो इसका गेट बस स्टैण्ड से होकर गुजरता और ऐसे में लड़कियों को विशेष तौर पर स्कूल आने-जाने में असुविधा रहती।
सरपंच ने यह भी कहा कि उपायुक्त सिरसा ने गांव में दो एकड़ भूमि पर पार्क बनाने की अनुमति दे दी है और इस पार्क पर दस लाख रूपए तक खर्च करने का भी अनुमति प्रदान की है। जिसका निर्माण शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा।

15 जनवरी 2011

गणतंत्र दिवस पर आतंकवादी घटना के मद्देनजर रेलवे स्टेशनों पर चौकसी

डबवाली (लहू की लौ) राष्ट्रीय त्यौहारों के निकट मिलने वाली आतंकवादी संगठनों की धमकियों के मद्देनजर गणतंत्र दिवस के चलते प्रदेश के सभी रेलवे पुलिस थानों तथा चौकियों को अलर्ट कर दिया गया है। रेलवे स्टेशनों पर गश्त बढ़ाने के आदेश भी दे दिए गए हैं।
ये शब्द एआईजी ट्रेफिक तथा एसपी रेलवे अम्बाला केंट डॉ. राजश्री ने जीआरपी पुलिस चौकी डबवाली का वार्षिक निरीक्षण करने के बाद इस संवाददाता से बातचीत करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि आतंकवाद तथा असामाजिक तत्वों से निबटने के लिए स्वेट टीम भी तैयार की गई है। जिन्हें जरूरत पडऩे पर संबंधित रेलवे स्टेशनों पर भेजा जाता है। उनके अनुसार अम्बाला, दिल्ली तथा चण्डीगढ़ रेलवे ट्रेक पर होने के कारण अति संवेदनशील माना जाता है।
एसपी राज श्री के अनुसार मिर्चपुर कांड के मद्देनजर जींद तथा हिसार में सुरक्षा प्रबंध अधिक कड़े किए जा रहे हैं। हरियाणा सरकार से इसके लिए दो कंपनियों की मांग की गई है। लेकिन इनमें से एक कंपनी उन्हें दी जा चुकी है। जिसे जींद में नियुक्त किया गया है। जबकि हिसार के लिए दूसरी कंपनी जल्द मिलने की उम्मीद है। कंपनियों के लिए दो डीएसपी भी मांगे गए हैं।
एक सवाल के जवाब में एसपी ने कहा कि हरियाणा में किसी भी रेलवे ट्रेक पर किसी भी व्यक्ति को कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं दी जाएगी और न ही तोडफ़ोड़ करने वालों और गाडिय़ों को रोकने वालों को बख्शा जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों को अपनी मांगों के लिए प्रजातांत्रिक ढंग से शांतिपूर्वक आंदोलन करना चाहिए। इसके लिए उन्हें डीसी या अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग को रखना चाहिए। लेकिन गाडिय़ों को रोकना और रेलवे ट्रेक को उखाडऩा उचित नहीं है। इससे जो लोग दूर जाने वाले होते हैं या फिर बीमार होते हैं या फिर किसी साक्षात्कार आदि के लिए गाडिय़ों पर उन्हें जाना होता है, उन्हें अनावश्यक रूप से देरी व दु:ख होता है। उनके अनुसार किसी प्रकार का अमानवीय कृत्य प्रजातंत्र में उचित नहीं है।
एसपी राज श्री ने इस बात को स्वीकार किया कि हरियाणा के रेलवे स्टेशनों के नजदीक जर्जर हालत में बनी जीआरपी पुलिस चौकियों का आधुनिकरण किया जाएगा और जीआरपी को भी आधुनिक हथियारों से लैस करने की योजना है। उनके अनुसार रेलवे स्टेशनों पर अत्याधिक सतर्कता बरतने के लिए रेलवे वार्डन को अधिक प्रभावी बनाया जाएगा। उनके अनुसार इस समय प्रदेश के विभिन्न जीआरपी थानों व चौकियों में 600 कर्मचारियों की कमी है। कमी को पूरा करने के लिए सरकार से अनुरोध किया गया है और इस समस्या को डीआईजी की बैठक में उठाया भी गया है। उनके अनुसार जीआरपी को 229 महिला कर्मचारी मिलने की संभावना है, जिनकी भर्ती हाल ही में फरीदाबाद में की गई है।
इस अवसर पर जीआरपी थाना सिरसा के प्रभारी एसआई बलदेव राज शर्मा, डबवाली जीआरपी चौकी के प्रभारी एएसआई सुरेश कुमार, इकबाल सिंह, ऐलनाबाद के प्रभारी राजेन्द्र प्रसाद उपस्थित थे।

मारपीट कर बाईक छीना

डबवाली (लहू की लौ) लोहड़ी पर्व मनाकर घर वापिस लौट रहे एक बैल्डिंग मिस्त्री का बाईक गुरूवार रात को अज्ञात लोगों ने छीन लिया और उसकी जेब में रखी पांच हजार रूपए की नकदी छीन ली।
गांव लखुआना निवासी राकेश (27) पुत्र जीवन राम ने बताया कि वह दो माह पूर्व ही डबवाली के सिरसा रोड़ पर स्थित बब्बू मिस्त्री के पास काम करने लगा है। वह दुकान से गुरूवार रात को लोहड़ी पर्व मनाकर बाईक से अपने गांव वापिस लौट रहा था। वह चौटाला रोड़ पर स्थित संकटमोचन हनुमान मंदिर के पास पहुंचा तो वहां पर पहले से खड़े तीन युवकों में से एक ने लिफ्ट लेने के लिए इशारा किया। इशारा पाकर उसने बाईक धीमा कर लिया। युवकों के पास पहुंचते ही एक युवक ने उसके माथे पर डंडा मारा और वह वहीं गिर गया। उससे जमकर मारपीट की। जेब में रखी पांच हजार रूपए की नकदी निकाल ली और बाईक लेकर फरार हो गए। शिकायतकर्ता के अनुसार एक राहगीर साईकिल चालक ने उसे उठाया और वह जैसे-तैसे गांव शेरगढ़ के शराब ठेका पर पहुंचा। ठेका के करिंदों ने उसे घर पहुंचाया। शुक्रवार को उसने इसकी सूचना थाना शहर पुलिस डबवाली को दी।
थाना शहर पुलिस के प्रभारी इंस्पेक्टर बलवंत जस्सू ने बताया कि शिकायत मिली है। जांच जारी है।

ट्रक ने स्कूटर सवार कुचले, दो की मौत

डबवाली (लहू की लौ) राष्ट्रीय राजमार्ग नं. 10 पर स्थित गांव मिठड़ी के पास एक अज्ञात ट्रक स्कूटर सवार तीन युवकों को कुचलकर फरार हो गया। दुर्घटना में दो युवकों की मौत हो गई। जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गया।
मकर संक्रांति के अवसर पर गांव चोरमार में स्थित गुरूद्वारा में मात्था टेकने और स्नान के लिए डबवाली से तीन युवक एक वेसपा स्कूटर पर शुक्रवार सुबह रवाना हुए थे। यह स्कूटर जैसे ही गांव मिठड़ी के नजदीक पहुंचा तो डबवाली से सिरसा की ओर जा रहे तेजगति ट्रक ने स्कूटर को कुचल दिया। जिससे इस पर सवार तीन युवक घायल हो गए। इसी दौरान चोरमार से मात्था टेककर अपने परिवार के साथ कार पर वापिस लौट रहे गांव मांगेआना के पूर्व सरपंच जलौर सिंह ने मानवता का परिचय देते हुए अपनी गाड़ी को घटना स्थल पर रोका तथा डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के सहयोग से दो युवकों को डबवाली के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
पूर्व सरपंच जलौर सिंह ने बताया कि ये तीन युवक थे। जो सड़क पर पड़े तड़प रहे थे। इनमें से एक युवक की मौका पर ही मौत हो चुकी थी। जबकि दो युवकों को उन्होंने डबवाली के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। जिसमें से एक युवक ने अस्पताल आकर दम तोड़ दिया।
बठिंडा रोड़ की गली नं. 1 के निवासी बलजिन्द्र सिंह पुत्र निर्मल सिंह ने बताया कि उसका भाई परमिंद्र सिंह (23) अपने मित्र दारा सिंह (18) पुत्र चंद सिंह, डिप्टी (19) पुत्र शेर सिंह निवासी डबवाली के साथ आज सुबह ही गांव चोरमार के गुरूद्वारा में मात्था टेकने के लिए गया था। उसका भाई परमिंद्र दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुआ। उसे उपचार के लिए बठिंडा लेजाया गया है। मृतकों की पहचान दारा सिंह, डिप्टी के रूप में हुई है।

13 जनवरी 2011

मोहल्ले से परिवार तक सिमटा लोहड़ी पर्व

डबवाली (लहू की लौ) लोहड़ी के पवित्र त्यौहार की समय के साथ परम्परा लुप्त होती जा रही है। कभी यह त्यौहार वार्ड का सांझा त्यौहार होता था लेकिन समय के साथ यह त्यौहार पारिवारिक त्यौहार में सिमटता जा रहा है। लोगों के सुख—दु:ख को सांझा करने वाला यह त्यौहार केवल अहम् का त्यौहार बनता जा रहा है।
करीब 8 वर्ष पूर्व लोहड़ी के त्यौहार पर मुहल्ले के सभी लोग इक्_े हो जाते और सांझे तौर पर एक स्थान पर लकड़ी तथा उपलों को जला कर लोहड़ी मनाते। इस अवसर पर सभी लोग मूंगफली, तिल, रेवड़ी, गुड़ अग्नि में डालते। यह लोहड़ी 15-15 फुट तक होती और दूर-दूर तक बैठे लोगों को सर्दी से राहत दिलाती। यहीं बल्कि लोहड़ी को एक दवा के रूप में भी पूजा जाता था। मूली लेकर उस पर तिल लगा कर सात बार लोहड़ी के ऊपर से मूली को घुमा दिया जाता और अगले दिन सुबह खाली पेट इस मूली को खाया जाता। इस संबंध में किदवंति प्रचलित थी कि इस मूली को खाने वाले का सिरदर्द नहीं होता और एक साल बार तक सांप भी नहीं डंसता।
यह शब्द किसी और के नहीं बल्कि अपने जीवन के 8 दशक पूरे कर चुकी वृद्धा दर्शना देवी पत्नी अमर पाल सचदेवा के हैं। उनके अनुसार वह पिछले 80 वर्षों से लोहड़ी का पर्व देखती आ रही है। लेकिन समय के साथ लोहड़ी के प्रति लोगों के रूझान में आ रही कमी उसे खलती है। वह भी जमाना था जब लोहड़ी के पास बैठ कर महिला और पुरूष केवल गीत ही नहीं गाते थे बल्कि एक-दूसरे के सुख—दु:ख की बातें करके उनका समाधान भी ढूंढ़ते थे। लेकिन युग के साथ त्यौहार भी बदल गया है। मुहल्ले का त्यौहार पहले गली में सिमटा और अब परिवार में सिमट गया है। अहम् और स्वार्थ के चलते लोग सांझा त्यौहार मनाने की अपेक्षा अपने ही घरों के आगे लोहड़ी लगाने तक सीमित हो गये हैं।
रमेश सचदेवा ज्योतिषी ने बताया कि लोहड़ी पर बैठ कर खूब मस्ती करते, गुब्बारे उड़ाते, पटाखे छोड़ते। उनके अनुसार जिस घर में नई शादी हुई होती और पुत्र का जन्म हुआ होता तो वह परिवार सभी के लिए लोहड़ी बांटता। शाम को 7 बजे लोहड़ी डालते और रात के 2 बजे तक लोहड़ी जलती रहती और वह भी बैठे रहते। अब तो लोहड़ी, लोहड़ी न रह कर कई बार नशेडिय़ों के झगड़े का कारण बन जाती है। लोग शराब पीकर लोहड़ी मनाते हैं, फिर लोहड़ी मना रहे लोगों से उलझते हैं। सुख का यह त्यौहार झगड़े के कारण समस्याओं का त्यौहार बन जाता है।
हलवाई यूनियन के प्रधान मदन लाल सेठी के अनुसार लोहड़ी का पर्व ऋतुओं के बदलाव के साथ बंधा हुआ त्यौहार है जो इस बात का संदेश देता है कि अब सर्दी जा रही है और आग सेंकने का मौसम भी जा रहा है। उनके अनुसार लोहड़ी का पर्व खुशहाली से जुड़ा हुआ है इसलिए लोहड़ी में काले तिल डालते समय ईसर आ, दरिद्र जा, दरिद्र की जड़ चूल्हे पा कहा जाता है।