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24 मार्च 2011

डेरा अनुयायी ने न्यायिक परिसर में की खुदकुशी


सिरसा। डेरा सच्चा सौदा से जुड़े एक नवयुवक ने आज बाद दोपहर सिरसा न्यायिक परिसर में कनपटी पर पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान सिरसा निवासी विनोद (24)पुत्र बालमुकंद के तौर पर हुई है। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इस सुसाइड नोट में उसने अपनी आत्महत्या करने की वजह डेरा प्रमुख की हर रोज न्यायालय में विभिन्न मामलों में पड़ रही पेशी से आहत होना बताया हैै।
   डेरा अनुयायी युवक विनोद ने करीब सवा चार बजे न्यायालय में जजों की पार्किंग के पास मारूती कार संख्या डी एल 4सी एल 2458 में बैठकर अपनी कनपटी पर पिस्टल से गोली चलाकर खुदकुशी कर ली एकाएक फायर निकलने की आवाज सुनकर न्यायालय परिसर में सनसनी फैल गई जजों के गार्ड आवाज सुनकर कार के पास पहुंचे तो पाया कि मारूति कार में एक युवक खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ा हैै। सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में आज भी डेरा प्रमुूख की पेशी थी। युवक ने यह कृत्य बाबा की पेशी के बाद किया।
  घटना की सूचना पाकर हुड्डा चौकी प्रभारी राजकुमार मौके पर पहुंचे उन्होंने इसकी इतिलाह उच्च पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को दी जिस पर जिला मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक पूर्ण चंद पंवार व शहर थाना प्रभारी कृष्णा यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे। युवक के गले में डाले लॉकेट से आभास हुआ कि युवक डेरा से सम्बधित है जिस पर डेरा प्रबंधक मंडल को सूचित किया गया। डेरा से जुड़े पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर मृत युवक की शिनाख्त विनोद पुत्र बालमुंकद निवासी सिरसा के तौर पर की। विनोद काफी समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा था। पुलिस ने मृतक की जेब से एक सुसाईड नोट बरामद किया जिसमें युवक ने आत्म हत्या की वजह डेरा प्रमुख की अदालत में नित्य की पेशी से आहत होना बताया। मौके पर मौजूद पुलिस उपाधीक्षक पूर्ण चंद पंवार ने बताया कि युवक जिस कार से न्यायालय परिसर आया तथा जिस पिस्टल से खुदकुशी की किसका है पुलिस जांच कर रही हैै? मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला के सामान्य अस्पताल ले जाया गया हैै।
    काबिलेजिक्र है कि इस समय सी.बी.आई. की विशेष अदालत में रणजीत हत्याकांड, छत्रपति हत्याकांड एवं साध्वी यौन शोषण प्रकरण के मामले चल रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सी.बी.आई. की विशेष अदालत में डेरा प्रमुख से संबंधित मामलों की सुनवाई हर रोज किए जाने के आदेश 15 दिसम्बर 2010 को दिए थे। डेरा प्रमुख की हर रोज पेशी सुनिश्चित किए जाने से डेरा अनुयायी खफा हैं। इसी बात से बिफरे डेरा अनुयायियों ने इसी बरस छह जनवरी को बाबा की पेशी के दौरान बरनाला रोड पर नारेबाजी की। शुरूआती दौर में तो भड़के डेरा प्रेमियों ने तो बरनाला रोड मार्ग को अवरुद्ध कर जाम भी लगा दिया था इसके बाद हर रोज हजारों की तादाद में डेरा अनुयायी बाबा की पेशी के दौरान न्यायालय परिसर के बाहर जुटते हैं।  वीडियो कान्फ्रैङ्क्षसग के जरिए डेरा प्रमुख अदालत में पेश हुए। अब तक वीडियो कान्फ्रैङ्क्षसग के जरिए छह दर्जन से अधिक बार वे अदालत में पेश हो चुके हैं।
  बता दें कि किे वर्ष 2007 में जसविद्र सिंह निवासी चक अतर सिंह वाला (पंजाब)नामक युवक ने न्यायालय परिसर में ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास स्वयं को आग के हवाले कर दिया था जिसकी बाद में मौत हो गई थी इसके बाद वर्ष अगस्त 2008 में पीलीबंगा(राजस्थान) के भगवान दास नामक व्यक्ति ने भी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर लगे आरोपों से आहत होकर पीलीबंगा तहसील परिसर में आत्मदाह कर लिया था।

डेरा को अनुमति दी तो होगा आंदोलन-खालसा


डबवाली (लहू की लौ) डबवाली के सिक्ख बाहुल्य क्षेत्र में डेरा प्रमुख अपनी सभा करके शांत माहौल में आग लगाना चाहता है, ताकि अदालत द्वारा संगीन मामलों में उसकी हर रोज डाली जा रही पेशी में व्यवधान पड़े और कानूनी कार्रवाई में विलंब हो।
ये शब्द श्री गुरूग्रंथ साहिब सत्कार सभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह खालसा ने बुधवार को गुरूद्वारा बाबा विश्वकर्मा मंदिर में आयोजित एक प्रैस वार्ता के दौरान कहे। उन्होंने कहा कि डेरा सच्चा सौदा सिरसा प्रमुख गुरमीत राम रहीम ने अपने अनुयाईयों की मार्फत डबवाली में बिना तिथि बताए सभा करने की अनुमति मांगी है। जबकि साल 2008 में प्रेमियों ने सत्कार सभा के एक सक्रिय सदस्य हरमंदर सिंह की कथित तौर पर हत्या कर दी थी। उसके बाद इस क्षेत्र में सांप्रदायिक आग भड़क गई थी। जोकि अब शांत है। इसी शांति में खलल डालने के लिए डेरा प्रमुख द्वारा सभा करने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर प्रशासन ने डेरा प्रमुख को डबवाली क्षेत्र में सभा करने की अनुमति दी तो सिक्ख समाज चैन से नहीं बैठेगा। इसके लिए केवल डबवाली क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि पूरे देश में आंदोलन छेड़ देगा। इस अवसर पर शिवराज सिंह, जसवीर सिंह, बिकर सिंह, संतोख सिंह, राम सिंह, थाना सिंह, जग्गा सिंह, महिन्द्र सिंह, साधु सिंह, बलवीर सिंह, हरजिन्द्र सिंह, कुलवंत सिंह, जगरूप सिंह, बलजीत सिंह सहित सभा के कई सदस्य उपस्थित थे।

आठ साल के बच्चे से दुष्कर्म


डबवाली (लहू की लौ) एक युवक ने अपनी हवस मिटाने के लिए अपने ही पड़ौसी के आठ साल के बेटे रेप कर दिया। घटना उपमण्डल डबवाली के गांव जण्डवाला बिश्नोईयां की है। पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज करके उसकी तालाश शुरू कर दी है।
अशोक कुमार (35) पुत्र राजा राम निवासी जण्डवाला बिश्नोईयां ने बताया कि वह 21 मार्च को रिश्तेदारी में हिसार गया हुआ था। इस दिन उसके घर पर उसका बेटा तथा पत्नी अकेले थे। घरवाली कपड़े धो रही थी। उसका बेटा अभिषेक (8) घर पर अकेला था। इस दौरान दोपहर करीब 12 बजे उनका पड़ौसी पारस (18) पुत्र राधेराम उनके घर आया और उसने अभिषेक से कुकर्म किया। अभिषेक के चीखने-चिल्लाने पर जब उसकी घर वाली वहां पहुंची तो आरोपी मौका से फरार हो गया। बुधवार को जब वह घर वापिस लौटा तो उसकी पत्नी ने उसे इस घटना की जानकारी दी। शिकायतकर्ता के अनुसार उसका बेटा अभिषेक गांव गोरीवाला में तीसरी कक्षा का छात्र है।
थाना सदर प्रभारी एसआई रतन सिंह ने बताया कि अशोक के ब्यान पर उसके पड़ौसी पारस के खिलाफ दफा 377 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके उसकी तालाश शुरू कर दी है।

कॉलेज छात्राओं ने बाईक से कूदकर बचाई अपनी इज्जत


डबवाली (लहू की लौ) सोमवार रात को कॉलेज की दो छात्राओं को एक मोटरसाईकिल चालक ने एटीएम तक पहुंचाने झांसा देकर बुरी नीयत से डबवाली गांव की ओर ले जाने का प्रयास किया लेकिन मोटरसाईकिल से छात्रों के कूद जाने से युवक का प्रयास विफल हो गया।
अबोहर निवासी सीमा रानी (19) पुत्री कुन्दन ङ्क्षसह, मनजीत (21) पुत्री जीवन सिंह सोमवार सुबह दिल्ली से अबोहर के लिए रवाना हुईं। लेकिन दिल्ली से उन्हें डबवाली तक की बस मिली। जिससे वह रात को करीब 9 बजे डबवाली के बठिंडा चौक में पहुंची। उनके पास राशि कम पड़ रही थी। एटीएम पर जाने के लिए उन्होंने एक मोटरसाईकिल चालक से एटीएम का पता पूछा। जिस पर उसने दो किलोमीटर पर एटीएम होने और उन्हें वहां तक छोड़ देने की बात कही। विश्वास करते हुए वह दोनों उसके साथ मोटरसाईकिल पर बैठ गयीं।
मोटरसाईकिल चालक दोनों को डबवाली गांव की ओर जीटी रोड़ से ले चला। थोड़ी दूरी पर जाने पर उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें गलत साईड पर ले जाया जा रहा है। मनजीत और सीमा ने मोटरसाईकिल चालक को मोटरसाईकिल रोकने के लिए कहा। लेकिन उसने मोटरसाईकिल की स्पीड तेज कर ली। इस पर स्टेडियम के पास मनजीत मोटरसाईकिल से कूद गई और थोड़ी दूरी पर 132केवी सबस्टेशन के पास सीमा भी मोटरसाईकिल से कूद गईं। दोनों बुरी तरह से घायल हो गयीं और उनके शोर मचाने पर मोटरसाईकिल चालक तो फरार हो गया। वहीं से गुजर रहे कांग्रेस नेता रविन्द्र बिन्दू तथा उसके दोस्त जितेन्द्र ने घायल लड़कियों को अस्पताल पहुंचाया।
बदनामी के भय यह दोनों छात्राएं मरहम पट्टी करवाने के बाद पुलिस को सूचना दिये बिना अस्पताल से चली गईं।

स्वाइन फ्लू से महिला की मौत


डबवाली (लहू की लौ) डबवाली से करीब आठ किलोमीटर दूर गांव चकरूलदू सिंह वाला (जिला बठिंडा) में स्वाइन फ्लू के कारण एक महिला की मौत हो जाने से गांव में दहशत का माहौल है। महिला की अस्थियां चुनने पर स्वास्थ्य विभाग पंजाब द्वारा प्रतिबंध लगा देने से इस दहशतजदा माहौल को और हवा मिल गई है। जिसके चलते लोग अब इस महिला के घर में भी प्रवेश करने से डरने लगे हैं।
गांव चकरूलदू सिंह की रहने वाली उर्मिला देवी (55) को 15 मार्च को बुखार हुआ था। उसे इलाज के लिए डबवाली के एक निजी अस्पताल में लाया गया। बुखार ठीक होने के बाद 16 मार्च को उसे अचानक सांस लेने में तकलीफ होने लगी। उर्मिला के परिजन उसे डबवाली के ही अन्य निजी अस्पताल में ईलाज के लाए। लेकिन डॉक्टर ने उसे बठिंडा के लिए रैफर कर दिया। उर्मिला देवी का सबसे छोटा बेटा शंकर उसे उपचार के लिए बठिंडा और फिर लुधियाना ले गया। शंकर (25) निवासी चकरूलदू सिंह वाला ने बताया कि उसकी माता उर्मिला देवी में स्वाइन फ्लू के लक्षण होने के कारण डीएमसी के डॉक्टरों ने उनका सैम्पल लेकर दिल्ली भेज दिया। 17 मार्च को जो रिपोर्ट आई, उसमें स्वाइन फ्लू पॉजीटिव पाया गया। 19 मार्च को उर्मिला देवी ने दम तोड़ दिया।
उर्मिला के शव को गांव चकरूलदू सिंह वाला लाया गया और गांव की शमशान भूमि में शव को अग्नि दे दी गई। इसकी जानकारी पाकर स्वास्थ्य विभाग पंजाब ने गांव में डेरा जमा लिया। शंकर के अनुसार उसकी मां की अस्थियों को चुनने पर प्रतिबंध लगा दिया।
अब स्थिति यह है कि कोई भी ग्रामीण अफसोस प्रकट करने के लिए उर्मिला के घर जाते हुए डरता है। इधर स्वास्थ्य विभाग बठिंडा ने संगत में तैनात कार्यकारी एसएमओ डॉ. सीमा गुप्ता के नेतृत्व में गांव चकरूलदू सिंह वाला में एतिहात के तौर पर टेमी फ्लू दवा वितरित करवाई है। स्वाइन फ्लू के रोगी के संपर्क में रहने वाले लोगों के ब्लड के सैम्पल लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया है।
गांव चकरूलदू सिंह वाला के सरपंच दीपइन्द्र सिंह ने गांव में स्वाइन फ्लू फैलने पर चिंता जाहिर की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग पंजाब से मांग की कि गांव को स्वाइन फ्लू से सुरक्षित किया जाए।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी आरएस रंधावा ने बताया कि मृतका उर्मिला के डीएमसी लुधियाना द्वारा जारी किए गए मृत्यु प्रमाण पत्र में मौत का कारण स्वाइन फ्लू बताया गया है। लेकिन फिलहाल डीएमसी ने इस संबंधी रिपोर्टे मुहैया नहीं करवाई हैं। उन्होंने बताया कि जांच में यह पाया गया है कि मृतका कभी घर से बाहर नहीं गई थी। लेकिन स्वाइन फ्लू के प्रभाव में कैसे आई?, यह जांच का विषय है। उन्होंने इस बात से इंकार किया कि स्वास्थ्य विभाग ने अस्थियां चुनने पर प्रतिबंध लगाया है। जिला स्वास्थ्य अधिकारी के अनुसार ग्रामीणों को टेमी फ्लू दवाई देकर उनमें आत्मविश्वास बहाल किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को स्वाइन फ्लू से भयभीत होने की जरूरत नहीं है। अगर उन्हें इस रोग के संबंध में कोई संदेह है तो इसकी सूचना स्वास्थ्य विभाग को दें।

सेखू में भी मिला स्वाइन फ्लू का रोगी
डबवाली (लहू की लौ) संगत ब्लाक के गांव सेखू में भी स्वाइन फ्लू का एक मरीज पाया गया है। सेखू निवासी जगजीत सिंह ने बताया कि उसके बड़े भाई मनदीप (25) को 6-7 मार्च को बुखार हुआ था। वे उसे बठिंडा ले गए। यहां से उन्हें स्वाइन फ्लू के लक्षणों के चलते डीएमसी लुधियाना के लिए रैफर कर दिया गया। जगजीत के अनुसार 17 मार्च को डीएमसी में उसके खून की रिपोर्ट की जांच के बाद उसे स्वाइन फ्लू का रोगी घोषित कर दिया गया। फिलहाल मनदीप डीएमसी में उपचाराधीन है।
जिला स्वास्थ्य अधिकारी आरएस रंधावा ने बताया कि सेखू में मिले स्वाइन फ्लू के रोगी की रिपोर्ट उन्हें मिली है। इस संबंध में गांव में कारगर कदम उठाए जा रहे हैं।

एटीएम बदलकर पुलिस कर्मी के खाता से हजारों उड़ाए


डबवाली (लहू की लौ) थाना रोड़ी के पुलिस कर्मचारी का एक नटवर लाल ने केवल एटीएम बदल कर उसकी राशि ही नहीं उड़ाई बल्कि उसके खाते में किसी ओर की राशि डालकर उसे धोखादेही के आरोप में भी ऐसा फंसाया कि वह अब न्याय के लिए दर दर की ठोकरे खा रहा है।
थाना रोड़ी के ईएचसी लीलू राम ने पुलिस अधीक्षक सिरसा को भेजे पत्र में कहा है कि  उसके खाता संख्या नं. 10587031763 स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, सिरसा में है। जिसमें विभाग द्वारा उसका वेतन जमा होता है। वह अपने बच्चों सहित थाना शहर डबवाली में बने सरकारी क्वार्टर में रहता है और थाना रोड़ी में नियुक्त है। 15/11/2010 को अपने एटीएम कार्ड से अपने खाते से 2000 रूपये निकलवाने के लिए भारतीय स्टेट बैंक में गया तो वहां का एटीएम खराब था। पैसे की जरूरत के चलते डबवाली के साथ लगते किलियांवाली के स्टेट बैंक ऑफ पटियाला के एटीएम में गया तो भीतर पहले से ही एक जवान लड़का उम्र 24-25 साल का खड़ा था। उसने एटीएम मशीन में राशि निकालने के लिए अपना एटीएम कार्ड नं. 622018 प्रयोग किया तो सहीं नहीं लगा। इस पर वहां खड़े युवक ने उसका एटीएम कार्ड लिया और मशीन में लगाने के बाद बटन दबाने के लिए कहने लगा। उसके कोड लगाते ही 2000 रूपये की राशि निकल गई और वह कार्ड लेकर घर आ गया। लेकिन उसने अपना खाता चैक नहीं किया।
इंसाफ मांग रहे इस पुलिस कर्मी ने बताया कि 25/11/2010 को वह थाना रोड़ी में डयूटी कर रहा था तो उसे आनन्द कुमार एएसआई थाना शहर सोनीपत का फोन आया और बताया कि उसके खाता में दो लाख रूपये उसने डाले हैं और उसने धोखाधड़ी की है। इस पर उसने अपने घर पर फोन करके पूछा तो वहां से पता चला कि उसका एटीएम कार्ड उस युवक ने बदल दिया है और जो कार्ड युवक ने उसे लौटाया है वे एटीएम कार्ड स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एवं जयपुर का किसी बनवारी लाल नामालूम का है। उसके अनुसार वह उसी समय रोड़ी भारतीय स्टेट बैंक की रोड़ी शाखा में गया और उसी समय कॉल करके अपना एटीएम बंद करने के लिए कहा और खाता चैक करवाया तो उसमें मिला कि उसके बाकी रूपये 69,635 को उस व्यक्ति ने एटीएम तबदील करके निकलवा लिये। यहीं नहीं युवक ने धोखाधड़ी करके किसी ओर के खाता से दो लाख रूपये उसके खाते में सोनीपत से डाल दिए थे। जिससे उसने बैंक के माध्यम से संबंधित खाता धारक शमशेर सिंह फौजी को वापिस किये।
उसके अनुसार इसके बाद उसके पास इकबाल सिंह थानेदार थाना कोतवाली फरीदकोट (पंजाब) का फोन आया कि उसके खाता नं. 10587031763 के संबंध में मुकद्दमा नं. 332 दिनांक 25/11/2010 को अण्डर सैक्शन 420/379 आईपीसी तहत दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता कुलदीप सिंह ने 40,000 रूपये की राशि अपने खाते से उसके (लीलू राम) खाता में जमा होने संबध्ंाी दर्ज करवाई है। इसकी जानकारी मिलने पर वह छुट्टी लेकर वह जांच अधिकारी इकबाल सिंह को मिला और वहां उपस्थित कुलदीप सिंह मुद्दई से भी बात की और दोनों को संतुष्ट करवाया।
वह 1 दिसम्बर 2010 को अपनी शिकायत लेकर पुलिस चौकी किलियांवाली के पास गया और 2 दिसम्बर को पुलिस चौकी में रपट नं. 10 के अंतर्गत उसकी शिकायत दर्ज हुई। लेकिन इसके बावजूद उसे बार-बार थाना कोतवाली  फरीदकोट बुलाया जा रहा है।

डेरा प्रमुख की सत्संग के लिए डेरा प्रेमियों ने मांगी अनुमति


डबवाली (लहू की लौ) डेरा प्रेमियों ने डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की सत्संग डबवाली में करवाए जाने की अनुमति मांगी है। जिसको लेकर प्रशासन हरकत में आ गया है। वहीं सिक्ख संगठनों के विरोध में उतरने का निर्णय ले लिया है।
ब्लाक डबवाली के डेरा प्रेमी पिछले काफी समय से डबवाली में डेरा प्रमुख का सत्संग करवाने के लिए प्रयासरत हैं। इसी के मद्देनजर डेरा से संबंधित डबवाली के प्रमुख लोग डीएसपी डबवाली बाबू लाल को शुक्रवार को मिले और उनसे लिखित आवेदन करके अनुमति देने का अनुरोध किया।
इस संदर्भ में डेरा सच्चा सौदा सिरसा के ब्लाक डबवाली के भंगीदास गोबिंद इन्सां ने बताया कि डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की सत्संग डबवाली के संगरिया रोड़ पर करवाने का मन बनाया है। इसके लिए प्रक्रिया शुरू करते हुए प्रशासन की अनुमति के लिए वे लोग डीएसपी डबवाली बाबू लाल से शुक्रवार को मिले थे। इस मौके पर पंद्रह मैम्बरी कमेटी के सदस्य दीपू, पवन तथा सात मैम्बरी कमेटी के सदस्य गिरधर इन्सां, शिवजी इन्सां, पवन इन्सां शामिल थे। ब्लाक भंगीदास के अनुसार इस संबंध में लिखित आवेदन किया है। अभी तक तिथि तय नहीं है, जैसे ही प्रशासन उन्हें अनुमति देगा, वे तिथि पर विचार करेंगे।
इधर श्री गुरूग्रंथ साहिब सत्कार सभा हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह खालसा ने कहा कि 18 जुलाई 2008 को डबवाली में डेरा प्रेमियों ने सभा के एक सक्रिय सदस्य हरमंदर सिंह की हत्या कर दी थी। जिसके जख्म अभी तक भरे नहीं है और न ही सिक्ख समुदाय इस हत्या को भूला है। अगर प्रशासन ने डेरा प्रमुख को सार्वजनिक रूप से इस प्रकार की सभा करने की अनुमति दी तो परिस्थितियां बिगड़ सकती हैं। जिसकी जिम्मेवारी पूरी तरह से प्रशासन पर होगी। प्रदेशाध्यक्ष के अनुसार डेरा प्रमुख को सभा करने की अनुमति न दी जाए, इसके लिए सिक्ख समुदाय पुलिस प्रशासन को मिलेगा।
इस संदर्भ में डीएसपी डबवाली बाबू लाल ने बताया कि डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां की सत्संग के लिए डेरा प्रेमियों ने अनुमति मांगी है।  लेकिन सत्संग के लिए कोई तिथि निर्धारित नहीं की गई है। डीएसपी के मुताबिक सत्संग की अनुमति के लिए उच्च अधिकारियों से बातचीत की जाएगी। लॉ एण्ड ऑर्डर को ध्यान में रखते हुए इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा।

बहुचर्चित चंद सिंह बराड़ हत्याकांड के केस की पैरवी के लिए सिरसा जा रहे कांग्रेस नेता पर फायरिंग


डबवाली (लहू की लौ) बहुचर्चित युवा कांग्रेस नेता चंद सिंह बराड़ हत्याकांड के संबंध में सिरसा की अदालत में चल रहे केस की पैरवी करने के लिए सफारी गाड़ी पर जा रहे बराड़ के भाई जग्गा सिंह बराड़ पर औढ़ां और गांव पन्नीवाला मोटा के बीच कुछ लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग की। जिसमें बराड़ का एक साथी घायल हो गया।
29 अप्रैल 2006 को गंगा-मुन्नांवाली रोड़ पर तत्कालीन ब्लाक युवा कांग्रेस प्रधान चंद सिंह बराड़ की गोली मारकर कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। हत्यारे बराड़ को घर से जमीन दिखाने का बहाना लगाकर कार में ले गए थे। उन लोगों ने बराड़ से ताप बिजली घर लगाने के लिए जमीन खरीदने की बात की थी। उस समय चंद सिंह बराड़ के भाई जग्गा सिंह बराड़ के ब्यान पर थाना सदर पुलिस डबवाली ने विनोद अरोड़ा, प्रदीप गोदारा, राकेश कुमार, बिमल गोयल, सुशील सैनी सिरसा, शाह आलम और नेपाली बगैरा के खिलाफ चंद सिंह बराड़ की हत्या के आरोप में केस दर्ज किया था।  शाह आलम और नेपाली यूपी पुलिस से मुठभेड़ में मारे जा चुके हैं। यह केस अब जिला सिरसा की सैशन अदालत में चल रहा है। गुरूवार को इसी केस की पैरवी करने के लिए जग्गा सिंह बराड़ अपनी सफारी गाड़ी पर अपने साथियों के साथ सिरसा जा रहा था। जग्गा सिंह बराड़ ने औढ़ां पुलिस को दिए ब्यान में बताया कि इस दौरान उनके साथ एक अन्य जेन कार में उसके साथी सवार थे। जब वे औढ़ां-पन्नीवाला मोटा बिजलीघर के समीप पहुंचे तो पीछे से आ रही एक बोलेरो गाड़ी ने ओवरटेक कर उसकी गाड़ी को रूकवा लिया। बोलेरो सवार हथियारबंद लोगों ने उस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जोकि उसकी सफारी गाड़ी में लगी। साथ में उसके साथ जा रही जेन कार में लगी।
जग्गा के अनुसार इस दौरान उसके बचाव के लिए आए उसके भानजे जसवीर सिंह के दोस्त लखवीर सिंह (27) पुत्र सुखदेव सिंह के पैर में गोलियां लगी। जिसे उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में लेजाया गया।
घायल लखवीर सिंह ने बताया कि वह जग्गा सिंह बराड़ की सफारी गाड़ी के पीछे जेन कार में था। उसने देखा कि बराड़ की सफारी गाड़ी पर एक बोलेरो गाड़ी से उतरे लोग अंधाधुंध फायरिंग कर रहे हैं। वह जैसे ही बराड़ को बचाने के लिए दौड़ा तो उसके पैर की दो अंगुलियों में गोलियां लगी। जिससे उसकी दो अंगुलियां क्रेश हो गई। लखवीर सिंह ने बताया कि आरोपी करीब आधा घंटा तक गोलियां चलाते रहे।
सूचना पाकर घटना स्थल पर जिला पुलिस अधीक्षक सतिन्द्र गुप्ता, डबवाली के उपपुलिस अधीक्षक बाबू लाल भी मौका पर पहुंचे और उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया।
थाना औढ़ां पुलिस के प्रभारी हीरा सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटना स्थल से एक बोलेरो गाड़ी व गोलियों के खाली खोल बरामद किए हैं। फायरिंग में घायल लखवीर पुत्र सुखदेव निवासी डबवाली को डबवाली अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती करवाया है। जग्गा सिंह बराड़ के ब्यान पर चौटाला निवासी छोटू राम पुत्र संत लाल, नवनीत पुत्र रामकुमार नुहियांवाली, कर्मजीत सिंह पुत्र जमीत सिंह, हरपाल पुत्र बलदेव निवासी मटदादू के खिलाफ जानलेवा हमला करने के आरोप में भादंसं की दफा 307/148/149 व आम्र्ज एक्ट की विभिन्न दफाओं के तहत मामला दर्ज करके उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों से 315 बोर की दो राईफल व दो रिवॉल्वर भी बरामद किए गए हैं।

2190 दिनों की दुश्मनी, मित्रता में बदली


डबवाली (लहू की लौ) छह साल पुराने एक लड़ाई-झगड़े के केस में वकीलों की सूझबूझ और गणमान्य लोगों के हस्तक्षेप के बाद करवाए गए राजीनामे को अदालत ने स्वीकृति प्रदान करके गांव जगमालवाली में दो गुटों के बीच चली आ रही द्वेष भावना को समाप्त करवा दिया।
गांव जगमालवाली के रणजीत सिंह पुत्र सुखदेव सिंह की शिकायत पर जुलाई 2005 को कालांवाली पुलिस ने इसी गांव के गुरमेल सिंह के खिलाफ दफा 323/324/325 आईपीसी के तहत मामला दर्ज किया था। जिसमें शिकायतकर्ता ने कहा था कि वह 9 जुलाई को शाम 7.30 बजे घर पर था। गुरमेल सिंह ने उस पर तेजधार हथियारों से हमला करके उसे चोटें मारी। रंजिश की वजह यह थी कि गुरमेल सिंह ने रणजीत सिंह की साली गुरमीत कौर पत्नी अमरपाल सिंह को गलत फोन किए थे। इस संबंध में रामां में पंचायत हुई थी।
इधर गुरमेल सिंह पुत्र गंगा सिंह निवासी जगमालवाली ने रणजीत सिंह निवासी जगमालवाली और राजा सिंह पुत्र मिट्ठू सिंह निवासी रामां मण्डी तहसील तलवंडी साबो के खिलाफ डबवाली अदालत में इस्तगासा दायर करके न्याय की गुहार लगाई थी। जिसमें अदालत ने दफा 323 और 506 आईपीसी के तहत दोनों को तलब किया था।
मंगलवार को अदालत ने स्टेट बनाम गुरमेल सिंह केस में गुरमेल सिंह को दोषी करार दिया था। जबकि गुरमेल सिंह बनाम रणजीत सिंह बगैरा में रणजीत सिंह बगैरा को दोषी करार दिया था। बुधवार को इन्हें सजा सुनाई जानी थी। लेकिन वकील कुलदीप सिंह सिधू और वाईके शर्मा के प्रयासों और गांव जगमालवाली के गणमान्य लोगों के हस्तक्षेप से दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया। दोनों पक्षों ने अपने राजीनामा में लिखा कि दोनों ही पक्ष खेत पड़ौसी व घर के पड़ौसी हैं और एक ही गांव के रहने वाले हैं। पंचायती व बिरादरी ने आपस में राजीनामा करवा दिया है। दोनों पक्षों में मनमुटाव व रंजिश दूर हो गई है। यह राजीनामा दोनों ही पक्षों के हित में है। अदालत ने दोनों पक्षों की याचिका पर विचार करने के बाद राजीनामा पर मुहर लगा दी और छह वर्षों से चले आ रही आपसी कटुता को मित्रता में बदल दिया।

गरीबी ने खेत में फेंकवा दिए थे कलेजे के टुकड़े


डबवाली (लहू की लौ) गरीबी इतनी नामुराद चीज है कि अपने जिगर के टुकड़ों को भी बाहर फेंककर मरने के लिए छोड़ सकती है। इसका रहस्योद्घटन गांव चौटाला में दो अबोध बालिकाओं को बेहोशी की हालत में खेत में फेंकने वाली दो महिलाओं की गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ के दौरान हुआ है।
अबोध बालिकाओं को बेहोशी की हालत में खेत में फेंकने की आरोपी मां और नानी को चौटाला पुलिस ने गिरफ्तार करके मंगलवार को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी महावीर सिंह की अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी महिलाओं को सात दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।
चौटाला पुलिस चौकी प्रभारी एसआई जीत सिंह कुंडू ने बताया कि ओमप्रकाश (35) पुत्र रामकुमार निवासी चौटाला ने लीलाधर पुत्र गंगाजल बिश्नोई से 5वें हिस्से पर जमीन खेती के लिए ली हुई है। उसके तीन बेटियां ज्योति (6), गीता (4), गुनगुन (2) हैं। 23 दिसम्बर 2010 को उसकी पत्नी सुमन (32) रजामंदी से बच्चों सहित मायके हनुमानगढ़ चली गई थी। 11 मार्च को ओमप्रकाश की पत्नी सुमन तथा सास प्रेमा देवी थ्री व्हीलर में आईं और उसकी दो बेटियां को खेत में फेंक गईं। ओमप्रकाश ने अपनी पुत्रियां गीता और गुनगुन को बेहोशी की हालत में खेत में पाया और इलाज के लिए चौटाला के सरकारी अस्पताल में दाखिल करवाया। पुलिस ने ओमप्रकाश की शिकायत पर दफा 317/34 आईपीसी के तहत अपने बच्चों को त्याग देने के आरोप में शिकायतकर्ता की पत्नी सुमन और सास प्रेमा देवी पत्नी ओमप्रकाश निवासी हनुमानगढ़ के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई शुरू कर दी थी। चौकी प्रभारी के अनुसार आरोपी सुमन तथा प्रेमा देवी को हनुमानगढ़ से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के समक्ष दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 11 मार्च को चौटाला रकबा के खेत में गीता और गुनगुन को भूखी-प्यासी हालत में फेंक दिया था। इसका कारण बताते हुए उन्होंने कहा कि ओमप्रकाश सुमन को तंग और परेशानी करता था। गरीबी के चलते वह अपनी इन दो बेटियों को पालने में अक्षम थी। जिसके चलते उन्होंने यह अपराध किया।

मानसिक परेशानी में गाड़ी के आगे कूदा


डबवाली (लहू की लौ) कबीर बस्ती (पंजाब) के नजदीक गाड़ी के आगे कूदकर एक युवक ने जान दे दी। जिसकी पहचान गांव पन्नीवाला मोटा निवासी सतबीर उर्फ जगजीत (40) के रूप में हुई है।
मंगलवार सुबह करीब 5 बजे रेलवे में की-मैन के पद पर तैनात कन्हैया लाल रोजमर्रा की तरह लाईनों की चैकिंग कर रहा था। कबीर बस्ती के निकट लाईनों में उसे एक शव पड़ा दिखाई दिया। उसने तुरंत इसकी जानकारी स्टेशन मास्टर को दी। स्टेशन मास्टर की सूचना डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के सदस्य मौका पर पहुंचे। इधर इसकी सूचना पाकर जीआरपी बठिंडा को दी गई।
जीआरपी बठिंडा के एएसआई गुरमेल सिंह ने मौका पर पहुंचकर युवक के शव को कब्जे में लिया और उसकी जेब तालाशी के दौरान पर्स से मिले मतदाता पहचान पत्र और लाईसेंस के आधार पर उसकी पहचान सतबीर उर्फ जगजीत पुत्र अमर सिंह निवासी पन्नीवाला मोटा के रूप में हुई। एएसआई की सूचना पाकर मृतक का भाई सुभाष मौका पर पहुंचा।
सुभाष (44) ने बताया कि बीती 22 तारीख को गांव के एक युवक लाधू राम की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जिसमें उसके भाई सतबीर का नाम घसीटा जा रहा था। पुलिस द्वारा मामले की जांच चल रही है। इसकी को लेकर उसका भाई मानसिक रूप से परेशान था। इसी परेशानी के चलते सोमवार शाम को अचानक घर से गायब हो गया और कबीर बस्ती (पंजाब) के पास गाड़ी के नीचे आकर जान दे दी।
मामले की जांच कर रहे जीआरपी बठिंडा के एएसआई गुरमेल सिंह ने बताया कि पुलिस को मृतक सतबीर के भाई सुभाष निवासी पन्नीवाला मोटा ने ब्यान दिया है कि मानसिक परेशानी के चलते उसके भाई ने गाड़ी के आगे आकर जान दी है। पुलिस ने इस आधार पर दफा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करते हुए शव का बठिंडा के सरकारी अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को उसके वारिसों को सौंप दिया।

कोलकाता से किया था हैंड राईटिंग का डिप्लोमा


गाड़ी चोरी के आरोप में पकड़े गए 72 साल के वकील ने
डबवाली (लहू की लौ) गाड़ी चोरी के आरोप में डबवाली से पकड़े गए 72 साल के वकील धनी राम मित्तल से दिल्ली पुलिस ने रिमांड के दौरान एक सेंट्रो कार बरामद हुई है। रिमांड के दौरान मास्टरमाईंड वकील ने दिल्ली पुलिस के समक्ष एक के बाद एक सनसनीखेज खुलासे किए हैं।
इस संवाददाता से बातचीत करते हुए उत्तर-पश्चिम जिला, दिल्ली की प्रभाीर आईपीएस मीनू चौधरी ने बताया कि दिल्ली में वाहन चोर गिरोह के काफी मामले सामने आ रहे थे। बढ़ते अपराध पर अंकुश लगाने के लिए एंटी ऑटो थेफ्ट स्कवेड की एक टीम को गठित किया गया। जिसमें एसआई वेदप्रकाश, एएसआई सुरेन्द्र कुमार, एएसआई रमेश कुमार, एचसी नरेन्द्र कुमार, एचसी शेषधर आदि को शामिल किया गया। इस टीम ने गाड़ी चोर गिरोह के दो सदस्यों संजय मित्तल तथा महिपाल को काबू करने में सफलता अर्जित की। पूछताछ के दौरान संजय मित्तल पुलिस के समक्ष परत-दर-परत राज खोलता गया। पूछताछ के दौरान संजय ने गिरोह का मुख्य सरगना धनी राम मित्तल को बताया और यह भी बताया कि वे चोरी की गई गाडिय़ों को राजस्थान के अनूपगढ़ में रहने वाले तेजा सिंह नामक व्यक्ति के जरिए आगे बेचते हैं।
चौधरी के अनुसार संजय से मिली जानकारी के आधार पर टीम धनी राम मित्तल की टोह में जुट गई। गत दिवस टीम को मुखबरी मिली कि धनी राम मित्तल और तेजा सिंह डबवाली में हैं। सूचना मिलते ही टीम ने डबवाली में रेड करके दोनों को काबू कर लिया। दोनों की निशानदेही पर अनूपगढ़ में तेजा सिंह ढाणी से पुलिस को चोरी की गई अस्टीम, बलेरो, टाटा सूमो, मारूति कारें बरामद हुई। पकड़े गए दोनों आरोपियों को दिल्ली की एक अदालत में पेश करके दो दिन का रिमांड हासिल किया गया। रिमांड के दौरान धनी राम मित्तल ने काफी सनसनीखेज खुलासे किए।
चौधरी ने आगे बताया कि चोरी की गई गाडियों के जाली कागजात तैयार करके उपरोक्त गिरोह के सदस्य इन्हें आगे बेचा करते थे। जाली कागजात को तैयार करने में बड़ी सफाई से काम किया जाता था। धनी राम मित्तल ने कोलकाता से हैंड राईटिंग का डिप्लोमा किया हुआ है। वह दूसरे की लिखावट तथा साईन करने में बड़ा माहिर है।
मीनू चौधरी ने बताया कि धनी राम मित्तल एक पेशेवर मुजरिम है। इस व्यक्ति पर रोहतक, दिल्ली, हिसार, जींद, बठिंडा, करनाल, बीकानेर, गंगानगर, भिवानी, बहादुरगढ़, सोनीपत, गोहाना, बरनाला, तपा तथा फरीदाबाद पर चोरी, धोखाधड़ी, हत्या आदि के कई संगीन मामले विचाराधीन है।

बनेगा पेट्रो केमिकल जोन


फुल्लोखारी में स्थापित रिफाईनरी के लिए
डबवाली (लहू की लौ) गांव फुल्लोखारी में स्थापित रिफाईनरी की यूनिट स्थापित करने के लिए लगभग 250 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में पेट्रो केमिकल जोन का मास्टर प्लान तैयार हो जाने से संबंधित गांवों में हड़कंप मच गया है। जोन को पेट्रोल, केमिकल एण्ड पेट्रो केमिकल इनवेस्टमेंट रीजन (पीसीपीआईआर) का नाम दिया गया है। इस जोन को लेकर किसान अपनी जमीन की सुरक्षा के लिए जुटने लगे हैं। वहीं इसे जिला टाऊन प्लानिंग अधिकारी ने किसानों के लिए हितकारी करार दिया है।
रिफाईनरी की यूनिटें स्थापित करने के लिए पंजाब सरकार ने एक मास्टर प्लान तैयार किया है। इस मास्टर प्लान में ब्लाक संगत के गांवों समेत जिला बठिंडा के कई गांव शामिल हैं। रिफाईनरी में अनयूज प्रोडक्ट को नई स्थापित होने वाली यूनिटों में लाकर तैयार किया जाएगा। मास्टर प्लान में 39 गांवों को चिह्नित किया गया है। जिसमें गांव पथराला, गांव चकरूलदू सिंह वाला, कुटी किशनपुरा, जस्सी बागवाली, गुरथड़ी, फल्लड़, तरखानवाला, चकहीरा सिंह वाला, गहरी बुट्टर, धुनेवाला, महिता, शेरगढ़, माना वाला, बाघा, बंगी रूलदू, मलवाला, बंगी रूकु, कनकवाल, फुल्लोखारी, ग्याना मुख्य तौर पर शामिल हैं। मास्टर प्लान के तहत इन गांवों के 40 प्रतिशत हिस्से में ही रिफाईनरी से संबंधित औद्योगिक ईकाईयां स्थापित की जा सकेंगी।
जिला टाऊन प्लानिंग अधिकारी गुलजार सिंह ने बताया कि पीसीपीआईआर स्थापित होने से किसानों को नुक्सान नहीं बल्कि फायदा होगा। उन्होंने बताया कि औद्योगिक ईकाईयों के लिए जो मास्टर प्लान तैयार किया गया है, उसके मुताबिक उक्त क्षेत्रों को काफी लाभ होगा। मुख्य मार्ग करीब 60 मी. चौड़ा होगा। साथ में लिंक मार्ग और अन्य मार्ग भी चौड़े किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिफाईनरी की ईकाईयां के लिए जमीन उपलब्ध करवाने के लिए किसी किसान को बाध्य नहीं किया जाएगा। बल्कि किसान की मर्जी होगी कि वह जमीन देगा या नहीं। उन्होंने बताया कि जोन स्थापित होने से इस क्षेत्र के युवाओं को भी रोजगार के साधन उपलब्ध होंगे।
इधर जोन की स्थापना को लेकर किसानों को अपनी जमीनों को जबर्दस्ती छीनने का डर सताने लगा है। क्षेत्र के किसानों के मुताबिक जोन की आड़ में उनकी जमीनें छीनी जा सकती हैं। दूसरा क्षेत्र में जोन स्थापित होने के बाद औद्योगिक ईकाईयों से निकलने वाली हानिकारक गैस और विषैले तत्व उनके स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकती है। किसानों ने मांग की है कि पंजाब सरकार मास्टर प्लान पर कार्य शुरू करने से पूर्व चयनित गांवों के किसानों की एक बैठक बुलाए तथा मास्टर प्लान से संबंधित जानकारी उन्हें उपलब्ध करवाए। संबंधित गांवों के किसानों ने एकजुट होना शुरू कर दिया है। उन्होंने सीधे तौर पर धमकी दी है कि अगर सरकार ने उनके क्षेत्र को औद्योगिक जोन बनाकर उनकी जमीनें छीनने का प्रयास किया तो वे पंजाब सरकार के खिलाफ आंदोलन छेडऩे को बाध्य होंगे।

बन बैठा था जज


धनी राम मित्तल कागजों में जालसाजी करके
डबवाली (लहू की लौ) गाड़ी चोरी के आरोप में पकड़ा गया रोहतक का 72 साल का वकील धनी राम मित्तल जालसाजी करके रोहतक में अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश रह चुका है। विभिन्न राज्यों में इस वकील पर करीब 250 मुकद्दमें चल रहे हैं। यह खुलासा दिल्ली पुलिस की जांच के दौरान हुआ है। धनी राम मित्तल को गत दिवस कार चोरी के आरोप में दिल्ली पुलिस के एंटी ऑटो थेफ्ट स्कवेड की टीम ने डबवाली से काबू किया था। आरोपी को दिल्ली की एक अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने दो दिन का रिमांड हासिल किया था।
जज को दिखाया बाहर का मार्ग
एंटी ऑटो थेफ्ट स्कवेड के एसआई वेदप्रकाश तथा एएसआई सुरेश शर्मा ने मोबाइल पर बताया कि रिमांड के दौरान दिल्ली पुलिस को धनी राम मित्तल के बारे में कई जानकारियां मिली हैं। पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली में इस एलएलबी पास आरोपी पर जालसाजी, चोरी व अन्य वारदातों के कई मुकद्दमें चल रहे हैं। मुकद्दमों की फेहरिस्त काफी लम्बी है। धनी राम मित्तल राजस्थान के गंगानगर से एलएलबी पास है। प्रेक्टिस के लिए यह व्यक्ति रोहतक अदालत में बैठा। 1987 में रोहतक अदालत में किसी बात को लेकर जज से आरोपी की बहस हुई। आरोपी ने जज को तीन दिन के भीतर सबक सिखाने की धमकी दी।
144 आरोपी कर दिए थे बरी
एसआई के अनुसार धनी राम मित्तल ने जाली कागजात तैयार करके जज को वहां से चलता किया। बाद में जाली ऑर्डर लेकर खुद अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश बन बैठा। करीब डेढ़ माह तक यह बेहरूपिया अपना खेल खेलता रहा और इस खेल के दौरान उसने विभिन्न मामलों में फंसे 144 आरोपियों को बरी कर दिया। आखिर बहरूपिया का मुखोटा सामने आया, तो पुलिस ने आरोपी के खिलाफ 144 एफआईआर दर्ज कर दी।
हैंडराईटिंग की नकल उतारने में है माहिर
एसआई के अनुसार धनी राम मित्तल शातिर दिमाग का है और जाली हुबहू हस्ताक्षर करने का माहिर भी है। 1964 में पहली बार 420 के एक मुकद्दमें में दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है। काले कोट में छुपा यह शातिर अपने काले कोट की आड़ में अपराध करता रहा। कोर्ट के इर्द-गिर्द खड़ी होने वाली गाडिय़ों को उड़ाता रहा। वकील होने के कारण किसी को इस पर संदेह नहीं हुआ। जब राज खुला तो दिल्ली पुलिस के हत्थे चढ़ गया।

दिल्ली पुलिस के अनुसार आरोपी के पास मास्टर की थी। जिसके आधार पर वह किसी भी कार का लॉक खोल लेता। आरोपी चोरी करने के बाद अपने रहने की जगह बदल लेता था।

मोबाइल चक्की के तले आकर मरा


डबवाली (लहू की लौ) गांव डबवाली के चश्मा साहिब गुरूद्वारा रोड़ पर शुक्रवार रात को एक मोबाइल चक्की (ट्रेक्टर के साथ लगी आटा चक्की) पलट गई। चक्की के नीचे आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। जबकि एक घायल हो गया।
गांव डबवाली निवासी सुजान सिंह (50), लाभ सिंह (35) गांव शेरगढ़ से शुक्रवार रात को अपनी मोबाइल चक्की पर गांव लौट रहे थे। ट्रेक्टर को सुजान सिंह चला रहा था। चश्मा साहिब गुरूद्वारा रोड़ पर अचानक मोबाइल चक्की पलट गई। गांव डबवाली में करियाणा की दुकान चलाने वाले सुजान सिंह के बेटे बलजिन्द्र ने बताया कि सूचना पाकर वह भिन्द्र सिंह निवासी गांव डबवाली को साथ लेकर मौका पर पहुंचा। मोबाइल चक्की के नीचे दबे सुजान सिंह तथा लाभ सिंह को निकाला। सूचना पाकर मौका पर पहुंची डबवाली जन सहारा सेवा संस्था की एम्बुलैंस से दोनों घायलों को उपचार के लिए डबवाली लाया जा रहा था, तो रास्ते में ही उसके पिता सुजान सिंह ने दम तोड़ दिया। जबकि लाभ सिंह को घायल अवस्था में डबवाली के एक प्राईवेट अस्पताल में लेजाया गया।
बलजिन्द्र सिंह ने बताया कि उसके पिता सुजान सिंह ने कुछ समय पूर्व ही मोबाइल चक्की का कार्य शुरू किया था। वे गांवों में जाकर चक्की की मदद से लोगों का अनाज पिसाई किया करते थे। मामले की जांच कर रहे थाना शहर पुलिस के एएसआई रामसरूप ने बताया कि मृतक के पौत्रे भूपिन्द्र सिंह (24) पुत्र जगतार सिंह के ब्यान पर इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई अमल में लाते हुए शव का शनिवार को डबवाली के सरकारी अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को वारिसों को सौंप दिया।

नकली चाबी से उड़ाई थी टीचर की जेन कार

डबवाली (लहू की लौ) 27 फरवरी की रात को डबवाली के वार्ड नं. 2 की दर्जियों वाली गली में से चुराई गई जेन कार को पुलिस ने बरामद कर लिया है।
डबवाली के वार्ड नं. 2 की दर्जियों वाली गली के निवासी अध्यापक राजीव रंजन की कार बीती 27 फरवरी की रात को चोरी हो गई थी। इस संबंध में गोल बाजार पुलिस ने अभियोग दर्ज कर जांच शुरू की कर दी थी। बीते दिनों पंजाब की मलोट पुलिस ने गाड़ी चोरी के आरोप में एक युवक को काबू किया। आरोपी ने अपनी पहचान दलजीत उर्फ सोनू पुत्र महेंद्र निवासी पटेल नगर मलोट के रूप में करवाई। आरोपी ने पूछताछ के दौरान पंजाब पुलिस के समक्ष डबवाली से भी कार चोरी करने की बात स्वीकारी। सहायक उपनिरीक्षक ने बताया कि शहर डबवाली पुलिस ने कार चोरी के मामले में वांछित आरोपी को मुक्तसर जेल से प्रोडेक्शन वारंट पर लिया। शुक्रवार को आरोपी को उपमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी महावीर सिंह की अदालत में पेश करके एक दिन का रिमांड हासिल किया। रिमांड अवधि के दौरान आरोपी ने घटना स्थल की निशानदेही करवाते हुए चोरी की गई जेन कार बरामद करवाई।
जांच अधिकारी सुभाष चन्द्र ने यह भी बताया कि आरोपी दलजीत ने नकली चाबी का प्रयोग करके कार चुराई थी। वह नशे की पूर्ति के लिए कार चोरी करता है। आरोपी को शनिवार को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी महावीर सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।

वकील निकला गाड़ी चोर


दिल्ली पुलिस ने डबवाली में की रेड, बाप-बेटा दोनों करते थे गाड़ी चोरी
डबवाली (लहू की लौ) दिल्ली पुलिस के एंटी थेफ्ट स्कवेड ने रोहतक के एक नामी-गिरामी वकील को कार चोर गिरोह के सरगना के रूप में डबवाली से काबू करके चोरी की गई 10 कारें बरामद की हैं।
दिल्ली से चोरी हुई कारों की गुत्थी को सुलझाते हुए दिल्ली पुलिस के एंटी थेफ्ट सैल ने रोहतक निवासी संजय मित्तल को काबू किया था। पुलिस पूछताछ में संजय ने कार चोरी मामले में अपने पिता धनी राम मित्तल का नाम पुलिस को बताया था और यह भी बताया था कि वे दोनों बाप-बेटा मिलकर गाडिय़ां चुराते हैं। चोरी की गाडिय़ों को राजस्थान के अनूपगढ़ के रहने वाले जमींदार तेजा सिंह की मार्फत पंजाब, हरियाणा और राजस्थान में बेचते हैं।
सैल के एसआई वेदप्रकाश ने बताया कि संजय से मिली जानकारी के आधार पर सैल ने अपना कार्य शुरू कर दिया। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए। इसी दौरान सैल को मुखबरी मिली कि आरोपी धनी राम मित्तल तथा तेजा सिंह को डबवाली में देखा गया है। सूचना पाकर वे अपनी टीम के साथ डबवाली पहुंचे और यहां से धनी राम मित्तल और तेजा सिंह को दबोच लिया। पुलिस को तेजा सिंह की ढाणी से दिल्ली से चोरी की गई 10 गाडिय़ां बरामद हुई हैं। जिनमें अस्टीम, बलेरो तथा मारूति शामिल हैं।
एसआई के अनुसार पकड़ा गया आरोपी धनी राम मित्तल पेशे से वकील है। जोकि रोहतक (हरियाणा) का रहने वाला है। धनी राम मित्तल और उसका बेटा संजय मित्तल दोनों दिल्ली से गाडिय़ां चोरी किया करते थे। बाद में चोरी की गाडिय़ों को राजस्थान के अनूपगढ़ के रहने वाले तेजा सिंह के यहां ढाणी में खड़ी कर देते। तेजा सिंह दलाल के रूप में इन गाडिय़ों को साथ लगते राज्यों में बेचता था। उन्होंने यह भी बताया कि पकड़े गए आरोपी धनी राम मित्तल पर कई केस रजिस्टर्ड हैं।
यूं मिले आरोपी
एसआई वेदप्रकाश के अनुसार संजय मित्तल और तेजा सिंह पंजाब की एक जेल में बंद थे। वहीं वे एक-दूसरे के संपर्क में आए और उन लोगों ने अपना नेटवर्क तैयार किया।