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21 जनवरी 2011

लिफाफे में कपड़े, कपड़ों में नशा


बच्चों से नशे की तस्करी करवाने लगे नशे के सौदागर
डीडी गोयल
मो. 093567-22045
डबवाली। नशे के सौदागरों ने नशा आस-पास के पंजाब क्षेत्र में पहुंचाने के लिए छोटे-छोटे बच्चों का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह सनसनीखेज खुलासा बुधवार को मण्डी किलियांवाली के बस अड्डा में एक प्राईवेट बस की छत पर नशा मिलने से हुआ।
दो बच्चे लेकर आए नशा
बुधवार को दस-दस साल के दो बच्चे पंजाब बस अड्डा में आए और चुपके से जलालाबाद जा रही एक निजी कंपनी की बस की छत पर जा चढ़े। बस के परिचालक जसकरण को बच्चों पर शक हुआ। बच्चों को पकड़कर उनसे पूछताछ शुरू की। शातिर बच्चे बस परिचालक की चंगुल से निकल भागे और जाते हुए लिफाफा वहीं फेंक गए। बाद में जब लिफाफे को खोला गया तो उसमें से कपड़ों में छुपाकर रखी गई 14 रेकोडैक्स की शीशियां बरामद हुई।
डबवाली से नशा करके जाते हैं युवा
डबवाली-फाजिल्कां ट्रांस्पोर्ट कंपनी लि. अबोहर के अड्डा इंचार्ज जसवीर सिंह ने बताया कि अक्सर डबवाली से पंजाब के विभिन्न गांवों में जाने वाले युवक नशे की हालत में बसों में सवार होते हैं। ऐसी हालत में टिकट ये युवक बस परिचालकों से बदसलूकी से पेश आते हैं। इसके चलते निजी कंपनियों के बस चालक व परिचालक अपनी-अपनी गाडिय़ों में सवार होने वाले युवाओं तथा बच्चों पर नजर रखने लगे हैं। बुधवार को गिल एवं मान बस सर्विस की जलालाबाद जा रही एक बस के परिचालक जसकरण ने दस साल के दो बच्चों को बस में नशा रखते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। जबकि बच्चे नशा फेंककर फरार हो गए।
नया तरीका है यह
शहर डबवाली से पंजाब में नशे की आपूर्ति कोई नई बात नहीं है। हालांकि समय-समय पर नशे के सौदागरों के तरीके में परिवर्तन आता रहता है। लेकिन इस कार्य में मात्र दस साल के बच्चों का इस्तेमाल करने का खुलासा अब हुआ है। बच्चों से नशे की समगलिंग करवाना बेहद ही चिंताजनक है। लेकिन बच्चों की मार्फत यह कार्य कब से हो रहा है, इसकी जानकारी किसी को नहीं है।
बिना डॉक्टर की पर्ची के बिकती है कफ सिरप
रेकोडैक्स कफ सिरप है। जोकि शैड्यूल एच के तहत आती है। नशेडिय़ों द्वारा इसे नशे के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि बिना डॉक्टर की पर्ची से इसे मेडिकल शॉप संचालक बेच नहीं सकता है। इसके बावजूद नियमों की परवाह किए बगैर इसे सरेआम धड़ल्ले से बेचा जाता है।
बेखौफ हैं नशे के कारोबारी
डबवाली और मण्डी किलियांवाली में मेडिकल शॉप पर नशे की बिक्री रूकने का नाम नहीं ले रही है। जबकि डबवाली में पिछले कुछ दिनों से मेडिकल शॉप पर धड़ाधड़ छापामारी की जा रही है। औषधि नियंत्रण विभाग को मेडिकल शॉप से नशे की दवाईयां भी मिली है। लेकिन इन प्रयासों के बावजूद नशे के कारोबारी बेखौफ हैं।
कहां से आ रहा है नशा
नशा कहां से और कैसे आ रहा है और इसे डबवाली तथा मण्डी किलियांवाली में कौन सप्लाई कर रहा है। इसका आज तक पता नहीं लग पाया है। इतना जरूर है कि नशे की बड़ी खेप डबवाली और मण्डी किलियांवाली में सप्लाई की जाती है। चूंकि जिला बठिंडा, मुक्तसर के साथ-साथ क्षेत्र के काफी युवा तीन राज्यों की सीमा पर बसे डबवाली नगर में नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाईयां का सेवन करके कूड़ा घरों तथा शौचालयों के पास गिरे पड़े दिखाई देते हैं।
कौन दे रहा है संरक्षण
आखिर नशे के कारोबारियों को संरक्षण कौन दे रहा? यह प्रश्न जनता की जुबान पर है। बार-बार नशा पकड़े जाने के बावजूद नशे के कारोबारियों में कोई सुधार नहीं है। आखिर नशे के कारोबारी किसके बलबूते पर नशा बेचने की हिम्मत करते हैं, यह भी रहस्य बना हुआ है।
डबवाली में गाडूंगा तम्बू
शहर डबवाली नशे में जकड़ा हुआ है, इस बात से औषधि नियंत्रण विभाग, हरियाणा भी बेखबर नहीं है। शहर में बिक रहे नशे के संबंध में जब जिला औषधि नियंत्रक रजनीश धानीवाल से बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि छापों के बावजूद शहर में अभी भी मेडिकल शॉप पर धड़ल्ले से नशा बेचा जा रहा है। लगता है नशे के खिलाफ अपने अभियान को असरदार करने के लिए उन्हें डबवाली में तम्बू लगाना पड़ेगा। शहर के मेडिकल स्टोरों पर नशा कौन पहुंचा रहा है। यह जानने के लिए वह भी प्रयासरत हैं।

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