युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

20 जुलाई 2011

डर से गांव छोड़ पड़ौसी राज्यों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं ग्रामीण

डबवाली (लहू की लौ) गांव रामपुरा बिश्नोईयां के दो ग्रामीण दबंगों के डर से पड़ौसियों राज्यों पंजाब तथा राजस्थान में शरण लेकर अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इस बात का रहस्योद्घटन मंगलवार को डीएसपी कार्यालय में हुआ। दोनों ग्रामीणों ने डीएसपी बाबू लाल के समक्ष पेश होकर अपनी दास्तां सुनाई।
डीएसपी को दी अपनी शिकायत में गांव रामपुरा बिश्नोईयां के भैरू राम तथा मोहन लाल ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन का सौदा गांव माधोसिंघाना निवासी कमलकांत से किया था। जमीन की रजिस्टरी करवाने के लिए 17 जून 2011 की दोपहर को वे लोग डबवाली तहसील में पहुंचे थे। वहां पर रजिस्टरी क्लर्क के कमरे में घुसकर उनके गांव के कुछ लोगों ने उनसे मारपीट की। मोहन लाल को घसीटते हुए नई सफेद रंग की जियालो गाड़ी में डालकर गांव चौटाला के निकट स्थित एक ढाणी में ले गए। रास्ते में राजस्थान कैनाल में डालने की धमकी दी। ढाणी में लेजाकर उससे टिकट लगे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए और छोड़ दिया।
इन दोनों ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि 21 जून को वे अपनी भूमि की रजिस्टरी कमलकांत के नाम करवाने के लिए तहसील में आए। पुन: उनके अपहरण का प्रयास किया गया। लेकिन वे रजिस्टरी करवाने में सफल रहे।
मोहन लाल तथा भेरू राम ने डीएसपी बाबू लाल को यह भी बताया कि रजिस्टरी होने के बाद आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं और गांव न आने की चेतावनी भी। जिसके चलते वे लोग अब पंजाब और राजस्थान में शरण लेकर रह रहे हैं।
डीएसपी बाबू लाल ने बताया कि उनके पास गांव रामपुरा बिश्नोईयां के मोहन लाल तथा भेरू राम की शिकायत आई है। जांच के लिए शिकायत उन्होंने सिटी थाना प्रभारी के पास भेज दिया है।

कांग्रेस नेता की गाड़ी का अपहरण!

डबवाली (लहू की लौ) टैक्सी स्टैण्ड पर खड़ी एक रेनो गाड़ी को चालक सहित अज्ञात युवकों द्वारा भगा लेजाने का मामला पुलिस में आते ही पुलिस हरकत में आ गई। गाड़ी को कुछ समय बाद ही बरामद कर लिया गया। लेकिन जब मामला खुला तो पैसे का लेनदेन का था।
ठेकेदार तथा कांग्रेसी नेता गोपाल मित्तल ने सिटी पुलिस को एक शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसकी रेनो गाड़ी को कुछ अज्ञात युवक उसके चालक रमेश सहित अपहरण करके ले गए हैं। मित्तल के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने रमेश को फोन करके गोल चौक पर बुलाया और कहा कि उन्होंने सिरसा जाना है। जैसे ही गाड़ी गोल चौक में पहुंची तो तीन-चार युवक उसमें बैठ गए और सिरसा की ओर लेजाकर चालक को सेमनाला के पास उतार दिया और गाड़ी ले गए।
इस शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई। एएसआई गोपाल राम ने गाड़ी को तुरंत संदीप चौधरी के पेट्रोल पंप के पास से बरामद कर लिया।
नरसिंह कलोनी निवासी सुरेंद्र कुमार अपने साथी हरी सिंह, बूटा सिंह, काला सिंह, देवानंद, राजू, राजेंद्र, कैलाश, कालू, दिनेश कुमार के साथ थाना में उपस्थित हो गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने गाड़ी का अपहरण नहीं किया। उन्होंने बताया कि ठेकेदार गोपाल मित्तल के साथ उनका पैसे के लेनदेन को लेकर झगड़ा है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी पार्क में 55 हजार रूपए में सेलेक्शन नं. 1 घास लगाने का ठेका गोपाल मित्तल से लिया था। 10 हजार रूपए की अग्रिम राशि मित्तल ने उन्हें दे दी थी। 80 प्रतिशत काम होने के बाद जब उन्होंने और राशि मांगी तो गोपाल मित्तल ने राशि देने से इंकार कर दिया और उन्हें धक्के देकर घर से निकाल दिया। अपने पैसे वसूलने के लिए ही उन्होंने गाड़ी को सिरसा जाने के लिए मंगवाया था। लेकिन उसका चालक रमेश गाड़ी को यह कहकर पंप के पास छोड़ गया कि उसने भी गाड़ी मालिक से 50 हजार रूपए लेने है।
कांग्रेस नेता पवन गर्ग तथा रविंद्र बिन्दू ने बताया कि उन्होंने बीस हजार रूपए में पैसे के लेनदेन के मामले को निबटा दिया है। गोपाल मित्तल ने 10 अगस्त तक सुरेंद्र बगैरा की राशि देना तय किया है।
सिटी थाना प्रभारी महा सिंह ने बताया कि शिकायत उनके पास आई थी। गोपाल मित्तल ने शिकायत को यह कर वापिस ले लिया कि उनका आपस में समझौता हो गया है।

पेंशन के लिए अधिकारी को घेरा

बैठक में भाग लेने एसडीएम ऑफिस पहुंचे थे, पेंशन धारकों ने खूब खरी-खोटी सुनाई
डबवाली (लहू की लौ) पिछले चार माह से पेंशन न मिलने से खफा पेंशन धारकों ने मंगलवार को बैठक करने आए एक्सीस बैंक के अधिकारी को उपमण्डलाधीश कार्यालय के बाहर घेर लिया। अधिकारी को खूब-खरी खोटी सुनाई। एसडीएम के बीच-बचाव करने के बाद ही मामला ठंडा हुआ। पेंशन धारकों ने सरकार को पेंशन वितरण के लिए 25 जुलाई का समय देते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
उपमण्डल डबवाली में पेंशन धारकों को पेंशन देने में किए जा रहे विलंब को लेकर उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने अपने कार्यालय में एक्सीस बैंक के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई हुई थी। इस बैठक में एक्सीस बैंक सिरसा के सहायक मैनेजर सुमित गोयल ने भाग लिया। बैठक की जानकारी जैसे-तैसे पेंशन धारकों तक पहुंच गई। पेंशन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे पेंशन धारक उपमण्डलाधीश कार्यालय के समक्ष आ डटे। उन्हें पता चला कि एक्सीस बैंक के सहायक मैनेजर बैठक में भाग ले रहे हैं। आक्रोशित पेंशन पात्र उपमण्डलाधीश कार्यालय में घुस गए। उपमण्डलाधीश ने कार्यालय से बाहर आकर पेंशन धारकों की समस्या को सुना। इसी दौरान वहीं पर एक्सीस बैंक के अस्सिटेंट मैनेजर भी कार्यालय से बाहर गए। उन्होंने पेंशन धारकों को समझाना-बुझाना शुरू किया, तो पेंशन धारक गुस्से में आ गए। महिलाओं ने सहायक मैनेजर को खूब खरी-खोटी सुनाई। महिलाओं ने मैनेजर से कहा कि उनका बैंक पहले सरकार से पेंशन वितरण के नाम पर कमीश्न खा गया, फिर मुर्दों की पेंशन निगल गया, अब जो बचे हैं उनकी पेंशन भी अपने पेट में छुपाए बैठा है।
पेंशन धारक गणपत राम, सुनीता देवी, शारदा, बचनो, हरिराम, सरोज रानी, मोहन लाल, मूर्ति देवी ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि अगर 25 जुलाई तक पेंशन का वितरण न किया गया तो पेंशन धारक सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
इस मौके पर उपस्थित वार्ड नं. 14 के पार्षद विनोद बांसल ने एक्सीस बैंक के अधिकारियों से कहा कि जिस प्रकार की वे नीति अपनाए हुए हैं, उससे लगता है कि सरकार को बदनाम करने की साजिश रची गई है। इसलिए बैंक में पेंशन धारकों की राशि सरकार द्वारा जमा करवाए जाने के बावजूद भी उन्हें वितरित नहीं की जा रही है।
एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल ने एक्सीस बैंक के अधिकारी को दो टूक शब्दों में कहा कि अगर बैंक से डबवाली क्षेत्र में पेंशन वितरण का कार्य नहीं हो सकता, सही सूची तैयार नहीं हो सकती तो वे उन्हें लिखकर दें दे, ताकि वे इस मामले को सरकार के समक्ष रखा जाए और विकल्प के रूप में सरकार इसका उपाय कर सकें।
एक्सीस बैंक के सहायक मैनेजर ने बैंक की ओर से अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनकी सूची के अनुसार जिला सिरसा में एक लाख 32 हजार 677 पेंशन धारक हैं। जिसमें से एक लाख 8 हजार 939 के स्मार्ट कार्ड बन चुके हैं। औढ़ां और डबवाली क्षेत्र में पेंशन वितरण के लिए पानीपत तथा करनाल से 120 कर्मचारियों को लगाया गया था। लेकिन ये कर्मचारी बीच में ही अपना काम छोड़कर चले गए। जिसके चलते वर्तमान परिस्थितियां बैंक के समक्ष प्रस्तुत हुई।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि पेंशन वितरण के लिए आवश्यक पग उठाते हुए पेंशन वितरण कर्मचारियों को निर्धारित स्थलों के बाहर पेंशन धारकों की सूची चस्पा करने और इसकी नकल प्रशासनिक अधिकारियों को मुहैया करवाने के आदेश दिए गए हैं। एक्सीस बैंक को पेंशन वितरण का शैड्यूल निर्धारित करने के लिए कहा गया है।

लाईट बंद होने पर रविदास नगर के लोग बिफरे

डबवाली (लहू की लौ) तीन घंटे बिजली बंद रहने से मंगलवार को रविदास नगर के लोगों ने बखेड़ा खड़ा कर दिया। पूर्व पार्षद के नेतृत्व में इक्ट्ठे हुए लोगों का आरोप था कि मोहल्ले के एक व्यक्ति की शिकायत पर बिजली निगम ने उपरोक्त कार्रवाई की है। लोगों में भड़के गुस्से को देखते हुए बिजली निगम ने तुरंत स्विच लगाकर बिजली शुरू कर दी।
वार्ड नं. 17 के पूर्व पार्षद कृष्ण खेमाखेड़ा, निरंजन सिंह, महेश कुमार, बंसीलाल, राजेश, भगवान दास, सुरेंद्र कुमार, सोनू, लीलू राम ने बताया कि बिजली निगम के कर्मचारियों ने बिना कोई पूर्व सूचना दिए आज सुबह मोहल्ले की बिजली बंद कर दी। जबकि आस-पास के क्षेत्र में बिजली चल रही थी। इस बारे में बिजली निगम कार्यालय से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि रविदास नगर में कट लगा है।
जब लोग नगर में लगे ट्रांसफार्मर के पास पहुंचे तो वहां से स्विच गिरा देख भड़क गए। लोगों में भड़के रोष की सूचना पाकर मौका पर पहुंचे बिजली कर्मियों ने स्विच जोड़ दी। करीब तीन घंटे बाद लोगों को बिजली नसीब हो सकी। लोगों ने आरोप लगाया कि मोहल्ले के एक व्यक्ति के कहने पर यह कट लगाया गया था।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के एसडीई गुलशन वधवा ने बताया कि लोगों की बिजली शिकायत पर कर्मचारी उपरोक्त क्षेत्र में कार्यरत थे। दूसरा क्षेत्र के एक निवासी ने घर पर कोई कार्य करने के लिए बिजली निगम से सुरक्षा मांगी थी। दोनों कारणों से लाईट बंद की गई थी। शिकायतों का निवारण होने पर बिजली शुरू कर दी गई।

डीएसपी साहब! इन लोगों पर कार्रवाई करो

डबवाली (लहू की लौ) कबीर बस्ती के लोगों ने एक महिला और पुरूष के खिलाफ आरोप लगाया है कि दोनों उनके मोहल्ले में लड़ाई-झगड़ा करके मोहल्ले की शांति को भंग करते हैं।
कबीर बस्ती निवासी अपने वार्ड पार्षद ओमप्रकाश बागड़ी, विक्रम चोरा, किशोरी डाबला, विजय खनगवाल, गीता देवी, राज रानी, राजा पेंटर, पुष्पा दैड़ान, शकुंतला, विद्या देवी, सुखदेव कौर के नेतृत्व में डीएसपी डबवाली बाबू लाल से मिले और उन्हें शिकायत सौंपी। शिकायत में इन लोगों ने कहा है कि सिरसा के रहने वाले एक व्यक्ति ने मोहल्ले में रहने वाली एक महिला से विवाह रचाया हुआ है। उपरोक्त व्यक्ति कभी-कभार ही डबवाली आता है। लेकिन जब भी आता है, तो शराब पीकर गाली-गलौज करता है। बस्ती की महिलाएं काफी दफा उपरोक्त महिला को भी समझा चुकी हैं। लेकिन महिला उनके गल पड़ जाती है।अपनी शिकायत में बस्ती के लोगों ने उपेराक्त महिला-पुरूष को आपराधिक किस्म का बताया है। पुलिस से बस्ती में अमन-शांति का माहौल कायम रखने के लिए दोनों पर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है। डीएसपी बाबू लाल ने बताया कि सिटी थाना प्रभारी को जांच करके उपरोक्त शिकायत पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

चप्पे-चप्पे पर तैनात होगी पुलिस

डबवाली (लहू की लौ) सावन का महीना शुरू होते ही कावडिय़ों के कदम हरिद्वार की ओर बढऩे लगे हैं। गंगा से पवित्र जल लाकर कावडिय़े अपने-अपने शहरों के शिवालयों में स्थापित शिवलिंग को स्नान करवाएंगे। आस्था से जुड़ी इस यात्रा पर हरियाणा पुलिस विशेष दृष्टि बनाएगी। पंजाब तथा राजस्थान की सीमा से प्रदेश से होकर हरिद्वार जाने वाले मार्ग पर चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात रहेगी।
हिसार मण्डल पर नजर
शिव भोले के लाखों उपासक सावन महीने में हरिद्वार से पैदल या फिर वाहनों के जरिए कावड़ लेकर आते हैं। इनमें भारी संख्या में युवा वर्ग शामिल होता है। युवा छोटी-छोटी बातों से उत्तेजित हो जाते हैं। जिसके चलते लॉ एण्ड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ जाती है। लेकिन इस बार हरियाणा पुलिस ने एक योजना तैयार की है। योजना के अनुसार पुलिस ने यात्रा के मामले में हिसार मण्डल को संवेदनशील माना है। इस मण्डल में लॉ एण्ड ऑर्डर की स्थिति बिगडऩे न पाए और कावडि़ए अपने मार्ग में सुनिश्चित रूप से पवित्र गंगा जल लाने में सफल रहें इसके लिए पुख्ता सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। हिसार मण्डल से संबंधित सभी थाना के प्रमुखों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
क्या हैं दिशा-निर्देश
थाना प्रभारी कावडिय़ों के आने-जाने वाले मार्ग को चिन्हित करके उनका रूट मेप तैयार करेंगे। लोक निर्माण विभाग की सहायता से उस मार्ग पर अस्थाई तौर पर गति अवरोधक बनाए जाएंगे। वहां पर आवश्यकता अनुसार पुलिस बल तैनात होगा। इन मार्गों पर यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने तथा कावडिय़ों को उनके  गंतव्य स्थान की ओर रवाना करने के लिए पुलिस की पीसीआर, बाईक राईडर तथा पैदल गश्त लगातार जारी रहेगी। चिन्हित मार्गों पर पुलिस कावडिय़ों का मार्गदर्शन करेगी, ताकि किसी भी परिस्थिति में उनके मार्गों पर जाम की स्थिति पैदा न हो। सुरक्षा के दृष्टिगत कावडिय़ों के मार्ग पर सामाजिक तथा धार्मिक संगठनों द्वारा लगाए जाने वाले लंगरों पर भी पुलिस का विशेष ध्यान रहेगा और पुलिस कर्मी वहां तैनात रहेंगे।
निर्देश जारी किए-एसपी
एसपी सतिंद्र गुप्ता ने बताया कि गंगा जल लेने के लिए हरिद्वार जाने वाले कावडिय़ों की सुरक्षा के मद्देनजर थाना प्रभारियों को उपरोक्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। यात्रा के दौरान कावडिय़ों को सुरक्षा प्रदान करने के लिए पुलिस गश्त तथा पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी।

क्या ये अधिकारी अंधे हैं!

बस अड्डा या तालाब : सात साल पहले अधिकारियों की नाक तले भर दिए गए थे चैम्बर
डबवाली (लहू की लौ) रविवार को शहर में घंटा भर हुई मूसलाधार बारिश से बस अड्डा तालाब में तबदील हो गया। जिससे सवारियों को बस पकडऩे में मुश्किल का सामना करना पड़ा। लेकिन अड्डे की ऐसी दुर्दशा के पीछे सीवरेज कोई समस्या नहीं। समस्या है तो अधिकारियों की लापरवाही। सात साल पूर्व बरती गई लापरवाही से अड्डा के चैम्बर बंद हो गए। जिसका दंश आज तक बस रोड़वेज कर्मचारी तथा बस यात्री भुगत रहे हैं।
मामूली बरसात से शहर के चौटाला रोड़ पर स्थित हरियाणा रोड़वेज का बस अड्डा पानी से भर जाता है। यह आज से नहीं, एक सप्ताह से नहीं, दो माह से नहीं, छह माह या फिर साल भर से नहीं, ऐसा तो सात साल से चला आ रहा है। हर बार रोड़वेज के अधिकारी सीवरेज चॉक होने का बहाना बनाकर बच निकलते हैं। लेकिन दिन-प्रतिदिन गंभीर होती समस्या को निपटाने के लिए कोई ध्यान नहीं देता। चूंकि इससे पूर्व में बरती गई रोड़वेज अधिकारियों की लापरवाही उजागर होती है। बस अड्डा से पानी निकालने के लिए दो चैम्बर हैं। सात वर्ष पहले बस अड्डा के फर्श को सीसी किया गया था। अधिकारियों की नाक तले ठेकेदार ने इन चैम्बरों को सीमेंट और क्रंकीट से भर दिया। उसी समय से हर वर्ष बरसात के मौसम में बस अड्डा तालाब में तबदील हो जाता है।
बस की इंतजार में अड्डा में बैठे दलीप सिंह, गुरजीत सिंह तथा सुखजिंद्र कौर ने बताया कि उन्होंने ऐलनाबाद की बस पकडऩी थी। उनके सामने ही बस ऐलनाबाद की ओर रवाना हो गई। वे बस के बिल्कुल करीब थे। लेकिन पानी जमा होने के कारण उनकी बस छूट गई। पौने घंटे से वे लोग बस की इंतजार में बैठे हैं।
रोड़वेज के टीएम महावीर सिंह ने उपरोक्त तथ्यों की पुष्टि करते हुए बताया कि यह एक गंभीर मुद्दा है। बस अड्डा में पानी जमा होने से सवारियों के साथ-साथ बस अड्डा के कर्मचारियों को भारी दिक्कत आ रही है। अड्डा को पानी से मुक्त करने के लिए उच्च अधिकारियों को लिखा गया है। लेकिन स्थिति यह है कि पंप की सहायता से भी अड्डा से पानी नहीं निकाला जा सकता।

सड़क धंसने से पेयजल पाईप टूटी

डबवाली (लहू की लौ) रविवार को तेज बरसात के बीच रेलवे डिग्गियों के पीछे सड़क धंसने से पेयजल आपूर्ति की पाईप तथा बीएसएनएल की केबल टूट गई। जिसके चलते लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। नगरपालिका ने इस सड़क को आवागमन के लिए डेंजर रोड़ घोषित कर दिया है।
रविवार दोपहर बाद आंधी के साथ घंटा भर आई मूसलाधार बरसात के चलते रेलवे डिग्गी की दीवार के साथ खड़ा एक भारी भरकम पेड़ गिर गया। जिससे डिग्गी की दीवार के साथ-साथ जा रही सड़क बुरी तरह से धंस गई। इसकी जानकारी पाकर नगरपालिका के सुपरीडेण्ट रामनिवास शर्मा, जेई सतपाल, पार्षद विनोद बांसल, पवन गर्ग मौके पर पहुंचे। ढलान की वजह से जीटी रोड़ पर खड़ा बरसाती पानी डिग्गी की ओर आ गया। जिससे हालत और भी खस्ता हो गए। पानी के बहाव के कारण सड़क का बैड खिसक गया। दूसरा पेयजल आपूर्ति की 8 ईंच की पाईप तथा बीएसएनएल की केबल भी टूट गई।
जनस्वास्थ्य विभाग तथा नगरपालिका के जेई सतपाल ने बताया कि सड़क धंसने के कारण 8 ईंच की पेयजल पाईप को नुक्सान पहुंचा। जिससे क्षेत्र की पेयजल आपूर्ति में बाधा आई। मंगलवार तक इसे ठीक कर दिया जाएगा। यहीं नहीं अब यह मार्ग आवागमन के लिए खतरनाक है। चूंकि इस सड़क का बैड बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुका है, कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है। इसके लिए मार्ग को बंद कर दिया गया है।
बीएसएनएल डबवाली उपमण्डल के एसडीई मनमोहन शर्मा ने बताया कि उन्हें केबल क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। जल्द ही इसे ठीक करने के प्रयास शुरू किए जाएंगे।

प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर रिक्शा चालक

डबवाली (लहू की लौ) सवारी उठाने को लेकर रिक्शा चालकों तथा थ्री व्हीलर चालकों में पनपा विवाद गंभीर होता जा रहा है। शहर में चल रही अवैध जीपों तथा थ्री व्हीलरों पर प्रशासन को आगाह करने के बावजूद कोई कार्रवाई न करने से आक्रोश में आए रिक्शा चालकों ने सोमवार को प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जलूस निकाला। अपनी मांगों के समर्थन में एसडीएम को ज्ञापन सौंपा। अवैध वाहनों के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ही रिक्शा चालक शांत हुए।
रिक्शा चालक सिटी थाना के सामने यूनियन के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह तथा कामरेड गणपत राम के नेतृत्व में रिक्शा स्टैण्ड पर एकत्रित हुए। जलूस की शक्ल में प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जीटी रोड़, रेलवे फाटक, पिंक मार्किट, मेन बाजार, गांधी चौक, कलोनी रोड़ रेलवे फाटक, नई अनाज मण्डी रोड़, कबीर चौक, बिश्नोई मार्किट, चौटाला रोड़ से होते हुए एसडीएम कार्यालय पहुंचे। वहां प्रदर्शनकारी एसडीएम कार्यालय के आगे धरने पर बैठकर नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शनकारियों को समझाने-बुझाने पहुंचे एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल को रिक्शा चालक यूनियन के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह तथा रिक्शा चालक राजकुमार, बलवीर सिंह, इसराइल खान, कुलवंत सिंह, निर्मल सिंह, नायब सिंह, राजू, बिहारी, धर्मपाल, राजवीर ने बताया कि शहर में बड़ी संख्या में अवैध वाहन सवारियां ढोह रहे हैं। इससे सरकार को चूना लग रहा है, वहीं इसका प्रभाव उनकी मजदूरी पर पड़ रहा है। यहीं नहीं सवारी लेकर जा रहे रिक्शा चालकों से अवैध वाहन चालक मारपीट तक करते हैं। इस बारे में कुछ दिन पूर्व भी प्रशासन को आगाह किया था। लेकिन प्रशासन ने उनकी बात को अनसुना कर दिया। उल्टा प्रशासनिक अधिकारी उन पर ही दबाव की रणनीति अख्तियार किए हुए हैं। जो बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रिक्शा चालकों की चेतावनी सुनकर एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल ने तुरंत सिटी थाना प्रभारी, जीएम रोड़वेज सिरसा, आरटीओ सिरसा को अवैध वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने के आदेश दिए। एसडीएम से कार्रवाई किए जाने का आश्वासन मिलने के बाद आक्रोशित रिक्शा चालक शांत हुए। बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमण्डलाधीश ने बताया कि रिक्शा चालकों के ज्ञापन को आगामी आवश्यक कार्रवाई के लिए हरियाणा रोड़वेज सिरसा के जीएम, आरटीए सिरसा तथा एसएचओ सिटी थाना डबवाली के पास भेजा गया है। नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

नशे के खिलाफ सत्कार सभा का हल्ला बोल

डबवाली (लहू की लौ) श्री गुरूग्रंथ साहिब सत्कार सभा के अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह खालसा ने कहा कि सभा अगले सप्ताह से हरियाणा राज्य में नशे के खिलाफ हल्ला बोल अभियान छेडऩे जा रही है। जिसके तहत मेडिकल नशे से लेकर पोस्त, अफीम तस्करों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
वे सोमवार को गुरूद्वारा बाबा विश्वकर्मा मंदिर में डेरा-सिक्ख विवाद में मारे गए हरमंदर सिंह की तीसरी बरसी पर आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि नशे ने भावी पीढ़ी को बर्बाद कर दिया है। अब मौका है कि नशे के खिलाफ हल्ला बोल अभियान चलाकर नशे व नशे की जड़ों को पोषण देने वाले लोगों के खिलाफ अभियान चलाने का। इस अभियान के तहत नशा बेचने वाले लोगों के घरों और दुकानों के आगे सत्कार सभा द्वारा धरना दिया जाएगा। इस मौके पर डेरावाद को आड़े हाथों लिया। साथ में डेरे की मदद करने वाले अकाली नेताओं को खूब कोसा।
इससे पूर्व कथा वाचक धर्मवीर सिंह ने संगतों को सिक्ख इतिहास सुनाकर निहाल किया। इस अवसर पर पहुंचे बाबा अमृतपाल सिंह गोलूवाला वाले, बाबू सिंह, विचित्र सिंह हाकूवाला, प्रदीप सिंह अकलियां, परमजीत सिंह अहरवां ने भी विचार प्रकट किए। इस मौके पर अमरीक सिंह अजनाला, प्रीतम सिंह मलड़ी, बलकरण खालसा, सुखविंद्र सिंह प्रधान, धन्ना सिंह, ठाना सिंह, कंवलजीत सिंह आदि उपस्थित थे। इस मौके पर रक्तदान शिविर भी आयोजित किया गया। जिसमें सिक्ख संगतों ने बढ़चढ़कर भाग लिया।
श्रद्धांजलि समारोह के मद्देनजर प्रशासन भी चौकस रहा। किसी भी परिस्थिति से निबटने के लिए आयोजन स्थल पर एएसआई तुलसी राम के नेतृत्व में पुलिस बल तैनात था। इस मौके पर खुफिया तंत्र भी अलर्ट रहा।

कैसे हुई मेरे बेटे की मौत, मुझे बताओ

15 जून 2011 को खेत के खाल में मिला था अध्यापक गुरमीत सिंह का शव, पिता की गुहार पर केस रीओपन

डबवाली (लहू की लौ) जिला बठिंडा के गांव कालझराणी के सरकारी स्कूल के अध्यापक गुरमीत सिंह की रहस्यमय मौत की फाईल रीओपन हो गई है। अध्यापक का शव संदिग्ध हालतों में गत माह की 15 तारीख को अलीकां रोड़ पर स्थित एक खेत में मिला था। सिटी थाना के नवनियुक्त प्रभारी इंस्पेक्टर महा सिंह ने एक माह बाद शनिवार को घटनास्थल का जायजा लिया। वहीं पुलिस ने रविवार को मृतक के पिता मोहर सिंह के ब्यान कलमबद्ध किए।
अध्यापक गुरमीत सिंह आठ सालों से अपनी पत्नी राजेंद्र कौर के साथ वार्ड नं. 7 के प्रेमनगर में स्थित अपनी ससुराल में रह रहा था। 15 जून 2011 को घर से करीब दो किलोमीटर दूर संदिग्ध परिस्थितियों में उसका शव पुलिस ने बरामद किया था। 16 जून को पुलिस ने मृतक के भाई हरदीप सिंह के ब्यान पर दफा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करते हुए शव का सरकारी अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाया था। बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किए जाने के बावजूद भी मौत का कारण उजागर नहीं हो पाया। चिकित्सकों के बोर्ड ने मृतक के विसरे को प्रयोगशाला में भेज दिया। जिसकी अभी तक रिपोर्ट नहीं आई है।
मृतक के पिता मोहर सिंह निवासी गांव कालझराणी ने बताया कि उसके बेटे गुरमीत की शादी करीब बारह साल पूर्व डबवाली निवासी राजेंद्र कौर के साथ हुई थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही राजेंद्र कौर उस पर डबवाली में रहने के लिए दबाव डालने लगी थी। झगड़ा करके डबवाली अपने मायके आ गई। उन पर दहेज प्रताडऩा का आरोप लगाते हुए झूठा केस दर्ज करवा दिया। उसका बेटा अपने ससुरालियों के दबाव में आ गया और उनकी शर्तों के अनुसार राजेंद्र कौर के साथ डबवाली में आकर रहने लगा। इसी दौरान शर्तों में ससुरालियों ने उनसे यह भी लिखवा लिया कि अगर यहां उसकी मौत हो जाती है, तो उसके जिम्मेवार वे लोग नहीं होंगे।
हाल ही के दिनों में उसके बेटे ने डबवाली में एक प्लाट खरीदा था। जिसकी कीमत करीब 5 लाख रूपए थी। उसके बेटे के ससुराल के लोग इस प्लाट को उनके नाम कर देने के लिए दबाव डाल रहे थे। इसके लिए वे उसे प्रताडि़त करते। 15 जून को उसके बेटे गुरमीत सिंह ने उसे फोन करके बताया कि उसे परेशान किया जा रहा है। फिर उनके एक रिश्तेदार को भी फोन करके गुरमीत ने अपनी दास्तां सुनाई। कुछ देर बाद ही उनके पास गुरमीत के लापता होने का फोन भी आ गया। शाम को उसके बेटे का शव अलीकां रोड़ पर एक खेत के खाल में मिला। मौका पर जाकर देखा कि उसके शरीर पर चोटों के निशान के नील पड़े हुए थे। गुरमीत के कान से लेकर गले तक खून निकला हुआ था। आंखों से भी खून निकल रहा था।
पुलिस को दिए ब्यान में शिकायतकर्ता ने अपने बेटे की हत्या या फिर टॉर्चर करके आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है।
मोहर सिंह के एडवोकेट ओपी गांधी ने बताया कि गुरमीत की मौत नेचुअरल नहीं है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गुरमीत के शरीर पर कई भागों पर चोट के निशान दर्शाए गए हैं। साथ में कान से गले तक खून बहता हुआ दिखाया गया है।
सिटी थाना प्रभारी महा सिंह ने बताया कि शनिवार को उन्होंने घटना स्थल का निरीक्षण किया था। गांव कालझराणी निवासी मोहर सिंह के ब्यान कलमबद्ध किए गए हैं। शिकायतकर्ता को पूरा इंसाफ दिलाने का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल पुलिस एफएसएल रिपोर्ट का इंतजार कर रही है|

गंगा में ग्राम सभा की बैठक में हंगामा

डबवाली (लहू की लौ) गांव गंगा के पंचायत घर में आयोजित ग्राम सभा की बैठक में खूब हो-हल्ला हुआ। कुछ लोगों ने बैठक में जाति सूचक शब्द कहने का आरोप लगाया। मामला पुलिस तक जा पहुंचा है।
अखिल वाल्मीकि समाज न्याय मंच के जिला अध्यक्ष दविंद्र सिंह डिम्पल, सुखपाल सिंह उर्फ लीला सिंह, कुलवंत सिंह, सेवक सिंह ने बताया कि शनिवार को गांव के पंचायत घर में ग्राम सभा की बैठक बुलाई गई थी। बैठक के लिए मुनादी करके ग्रामीणों को बुलाया गया था। वे भी बैठक में पहुंचे थे। उन्होंने पंचायत द्वारा मनरेगा के सहायक के पद पर की नियुक्ति को गैर कानूनी बताया था। साथ में मनरेगा मजदूरों को समय पर मजदूरी न मिलने की बात कही थी। इसी बात को लेकर सरपंच खुन्नस खा गया और उन्हें जाति सूचक शब्द कहने लगा। इन लोगों ने इसकी सूचना गोरीवाला पुलिस को देकर न्याय की गुहार लगाई है।
गांव गंगा के सरपंच गुरादित्तां सिंह सूच ने आरोपों को निराधार बताया और साथ में कहा कि डिम्पल बगैरा गांव में अवैध शराब की बिक्री करते हैं। इस संबंध में उन्होंने पंचायत की ओर से पुलिस को शिकायत भी दी हुई है। ग्राम सभा की बैठक के दौरान ये लोग महिला अधिकारी की तस्वीर खींचने लगे। उसने फोटो खींचने से मना कर दिया। सरपंच ने बताया कि आम सभा की वीडियोग्राफी करवाई गई है। पंचायत आरोपियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई कराएगी।
गोरीवाला पुलिस चौकी प्रभारी एसआई प्रीतम सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से पुलिस में शिकायत दी गई है। फिलहाल जांच की जा रही है।

जलघर की डिग्गी में डूब गया युवक

डबवाली (लहू की लौ) गांव गंगा के वाटर वक्र्स की डिग्गी से पानी लेने गए एक युवक का पैर फिसल जाने से युवक डिग्गी में जा गिरा। पानी में डूबने से उसकी मौत हो गई।
गांव गंगा निवासी मनफूल (55) ने बताया कि उसका 22 वर्षीय बेटा खेता राम रविवार सुबह अपने तीन वर्षीय भानजे आसमानी के साथ पानी भरने के लिए गांव के जलघर में गया था। उसने पानी की टंकी भर ली थी। लेकिन अंतिम बाल्टी डिग्गी से भर रहा था कि उसका पैर फिसल गया। वह डिग्गी में जा गिरा। तीन वर्षीय आसमानी ने शोर मचाया, तो जलघर में कार्यरत बेलदार बाबू सिंह वहां पहुंचा। उसने इसकी सूचना तत्काल गांव के सरपंच गुरादित्तां सिंह को दी।
सरपंच गुरादित्तां सिंह के अनुसार इसकी सूचना पाकर वह गांव वासियों के साथ मौका पर पहुंचा। पूछताछ के बाद पता चला कि डिग्गी में गिरा युवक गांव के ही मनफूल सिंह का बेटा है। इसकी सूचना मनफूल सिंह को दी गई। डिग्गी से युवक के शव को निकाला गया। मौका पर पहुंची गोरीवाला पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लिया और उसे पोस्टमार्टम के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
गोरीवाला पुलिस चौकी प्रभारी एसआई प्रीतम सिंह ने बताया कि मनफूल सिंह के ब्यान पर दफा 174 सीआरपीसी के तहत इत्तफाकिया मौत की कार्रवाई अमल में लाई गई है। ग्रामीणों के अनुसार खेता राम की एक साल पूर्व ही गांव चोरमार की 20 वर्षीय भूरी देवी के साथ शादी हुई थी। भूरी अपना प्रसव करवाने के लिए मायके गई हुई है। जबकि खेता राम की माता सावित्री देवी को हाल ही में गंभीर बीमारी के चलते इलाज के लिए बीकानेर लेजाया गया है।

अपंग युवक और टेलर मास्टर निकले सट्टेबाज

डबवाली (लहू की लौ) शनिवार की रात दो सट्टेबाजों पर पुलिस बिजली बनकर गिरी। पुलिस ने अलग-अलग जगहों पर छापामारी करके सट्टेबाजी में संलिप्त एक अपंग युवक तथा एक टेलर मास्टर को गिरफ्तार किया है।
सिटी पुलिस के एएसआई गोपाल राम ने मुखबरी के आधार पर रात पौने ग्यारह बजे वार्ड नं. 13 में मीना बाजार की वैद्य आसानंद वाली गली में एक मकान पर छापा मारा। इस मकान में रह रहा व्यक्ति नंबर पर सट्टा लगवा रहा था। पोल खुलते ही सट्टेबाज बैड के नीचे जा छुपा। जिसे पुलिस ने काबू कर लिया। एएसआई गोपाल राम ने बताया कि पकड़े गए व्यक्ति ने अपनी पहचान टेलर मास्टर अजैब के रूप में करवाई है। आरोपी से 11 हजार 350 रूपए की सट्टा राशि बरामद की गई है। पुलिस सूत्रों के अनुसार पकड़े गए व्यक्ति के संपर्क पंजाब में कई स्थानों पर हैं। यह व्यक्ति नंबरों पर सट्टा लगवाता था। काफी समय से वह इस कारोबार से जुड़ा हुआ था। सट्टे का नंबर आने पर 1 रूपए के बदले 90 रूपए देता था।
इधर थाना सदर पुलिस के एएसआई छबील दास ने मुखबरी के आधार पर गांव तिगड़ी में एक घर पर छापामारी करके 260 रूपए की सट्टा राशि के समेत 32 वर्षीय अपंग युवक को गिरफ्तार किया है। एएसआई के अनुसार पकड़े गए युवक ने अपनी पहचान साहब सिंह के रूप में करवाई है। यह युवक अपने रिसक पर काम करता था। नंबर आने पर 1 रूपए के बदले 80 रूपए देता था। युवक थ्री व्हीलर चलाता है।