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23 जुलाई 2011

बहादुर महिला ने पकड़वाया ठग


डबवाली (लहू की लौ) गैस कनेक्शन देने का बहाना करके लोगों से हजारों रूपए ऐंठने वाले गिरोह के एक सदस्य को वार्ड नं. 7 के प्रेमनगर की साहसी महिला ने अपनी चतुराई से दबोच लिया। ठग को मौका पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया गया।
डबवाली शहर के साथ-साथ उपमण्डल के कई गांवों तथा ढाणियों में कुछ समय से एक ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो अपने आपको इण्डेन गैस एजेंसी का एजेंट बताता है। लोगों के घरों में घुसकर उन्हें कनेक्शन निकलने की बात कहकर उनसे हजारों रूपए ऐंठ जाता है या फिर महिलाओं को घर में अकेली पाकर उनका सिलेण्डर ले उड़ता है। गुरूवार देर शाम को एक ठग प्रेमनगर की गली नं. 1 में रह रही सिमरजीत कौर के घर आ धमका। वहां उसने अपनी पहचान इण्डेन गैस कंपनी के एजेंट के तौर पर करवाई। इस ठग ने घर के सदस्य सुखदेव सिंह तथा किराए पर रह रहे मजदूर फुल्ला राम के नाम गैस कनेक्शन निकलने की बात करने लगा। सिमरजीत कौर ने सुखदेव सिंह के नाम पर जारी हुआ कनेक्शन लेने से इंकार कर दिया। लेकिन फुल्ला राम की पत्नी भतेरी देवी ठग की बातों में आ गई।
ठग ने अपना जाल बिछाते हुए फुल्ला राम से 4000 रूपए की मांग की। इसके बदले उसे दो सिलेण्डर, कॉपी, रेगुलेटर, पाईप आदि देने का विश्वास दिलाया। चार हजार रूपए इक्ट्ठे करने के लिए भतेरी देवी ने अपने जेवरात मार्किट में बेच दिए। लेकिन वहीं पास में खड़ी सिमरजीत कौर को युवक की बातों पर संदेह हुआ। इतने में एजेंट बनकर आया यह युवक फुल्ला राम तथा एक अन्य युवक मनप्रीत बराड़ को साथ लेकर अपने साहब से मिलाने का हवाला देते हुए शहर के पुराना पोस्ट ऑफिस के पास स्थित एक आलीशान कोठी में ले गया। यहां महिलाओं ने डांट-फटकार कर युवक को बाहर कर दिया। उधर सिमरजीत कौर तुरंत इण्डेन गैस की एजेंसी डबवाली गैस सर्विस पर पहुंची और उपरोक्त एजेंट के बारे में पूछताछ की। यहां उसे मालूम हुआ कि एजेंसी ने ऐसा कोई एजेंट नहीं छोड़ा हुआ है।
उपरोक्त तीनों लोग वापिस प्रेमनगर में पहुंचे। ठग की एक चाल फेल होने के बाद इस नौजवान ठग ने दोबारा गेम तैयार की। अपने साहब के गोल चौक पर खड़े होने का बहाना किया। लेकिन मौके की तालाश में सिमरजीत कौर ने अपनी योजना के अनुसार युवक को बाईक पर बैठाकर चलने की बात की। बाईक चालक मनप्रीत बराड़ ने बाईक को एजेंसी की ओर बढ़ा लिया।
ठग को अपनी पोल खुलने का आभास हुआ तो उसने गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया। खालसा हाई स्कूल के पास वह बाईक से नीचे लटक गया और महिला के पैरों में पड़ गया। ड्रामेबाज ठग ने जब भागने की कोशिश की तो सिमरजीत कौर, फुल्ला राम, मनप्रीत बराड़ ने उसे पकड़ लिया और घसीटते हुए एजेंसी ले गए। यहां उसके हाथ-पांव बांधकर बैठा दिया गया। इसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई। पकड़े गए ठग को मौका पर पहुंचे सिटी थाना के एएसआई चेत राम के हवाले कर दिया गया। पुलिस के समक्ष युवक ने अपनी पहचान कृष्ण सोनी निवासी हनुमानगढ़ के रूप में करवाई। इण्डेन गैस कंपनी की एजेंसी डबवाली गैस सर्विस के मालिक श्याम सुंदर सभ्रवाल ने बताया कि काफी समय से शहर तथा गांवों में इस प्रकार का गिरोह सक्रिय है। अकेले गुरूवार को उनके पास इस तरह की तीन शिकायत आई। महिला के प्रयासों से गिरोह का एक सदस्य पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि एजेंसी की ओर से कोई एजेंट नहीं छोड़ा गया है।

रेल लाईन में मिले दो शव


एक शव की पहचान हुई, दूसरे को पहचान के लिए रखा
डबवाली (लहू की लौ) डबवाली-बठिंडा रेलवे ट्रेक पर शुक्रवार को दो व्यक्तियों के शव मिले। जिसमें से एक की पहचान हुई। जबकि एक शव को पहचान के लिए 72 घंटो के लिए बठिंडा के सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।
सुबह करीब सवा पांच बजे डबवाली रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ रही कालका मेल रेल लाईन में एक व्यक्ति का शव पड़ा देख डूमवाली बाईपास के निकट गेट नं. 31 पर आकर अचानक रूक गई। गाड़ी के चालक ने रेल लाईन में शव पड़ा होने की सूचना रेलवे स्टेशन अधीक्षक महेश सरीन को दी। सूचना पाकर बठिंडा जीआरपी के एएसआई जगदीश चन्द्र मौका पर पहुंचे। शव की शिनाख्त करने का प्रयास किया गया। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने बताया कि गुरूवार शाम को मृतक को सड़क किनारे बैठा शराब पीता देखा गया था। शुक्रवार सुबह रेल लाईन के बीचों-बीच मृत मिला। ऐसा प्रतीत होता था कि मृतक रेल लाईन में कंबल बिछाकर उसके ऊपर पटरी को सिरहाना समझकर लेटा होगा। इसी दौरान गाड़ी आई और उसे अपनी चपेट में ले लिया।
जांच अधिकारी एएसआई जगदीश चन्द्र ने बताया कि मृतक व्यक्ति की आयु करीब 40 साल, कद साढ़े पांच फुट, रंग गेहूंआ, चेहरे पर छोटी काले-सफेद रंग की दाढ़ी है। उसके हल्की खाकी रंग का कुर्ता-पजामा, दाए पांव में चप्पल तथा बाएं पांव में जूती पहनी हुई है। मृतक दिहाड़ीदार मजदूर प्रतीत होता है। उसकी जेब से नशे की गोलियां तथा कुछ मात्रा में पोस्त बरामद हुई है। जांच अधिकारी ने बताया कि मृतक के फिंगर प्रिंट लिए गए हैं। आस-पास के खेतों, ढाणियों में रह रहे लोगों के पास सूचना पहुंचा गई है। आस-पास के थानों तथा चौंकियों को भी सूचित किया गया है। फिलहाल पहचान के लिए शव को 72 घंटों के लिए बठिंडा के सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।
संदिग्ध मौत
हर रोज की भांति आज भी रेलवे का की-मैन बाबू लाल रेल लाईन चैक कर रहा था। सुबह 7 बजे उसने गांव डूमवाली-पथराला के बीच गेट नं. 29 के पास रेल लाईन में पड़ा एक शव देखा। इसकी सूचना तत्काल स्टेशन अधीक्षक महेश सरीन को दी। जानकारी पाकर मौका पर डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के सदस्य तथा जीआरपी बठिंडा से एचसी हरबंस सिंह मौका पर पहुंचे। मृतक के पहने कुर्ते की जेब से मिले एक विस्टिंग कार्ड के पीछे लिखे नंबरों के आधार पर मृतक की पहचान गांव सिंघेवाला निवासी 32 वर्षीय सुखराज के रूप में की गई। शव से कुछ दूरी पर शराब की बोतल भी पड़ी हुई मिली। जिसमें कुछ शराब बाकी थी।
सुखराज की पत्नी सुनीता (30) ने बताया कि उसका पति जामुन और किन्नू के बागों का ठेकेदार था। इन दिनों उसने गांव कुत्तियांवाली में जामुन के बाग ठेके पर लिए हुए थे। 9 जुलाई को उसकी बहन की शादी थी। शादी में भाग लेने के लिए वह अपने मायके गांव तरमाला गई हुई थी। मंगलवार को उसने फोन पर सुखराज से बात की। सुखराज ने उसे बताया कि इस बार उसे जामुन में घाटा पड़ा है। वह नहीं आ सकता। वे घर लौट आएं। उसके बाद उसकी कोई बात नहीं हुई। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे गांव का जसविंद्र नामक युवक उसे सुखराज का मोबाइल दे गया। मृतक के दो बेटे मनप्रीत सिंह (8), नवीन (6) हैं।
इधर सुखराज के पार्टनर बलदेव सिंह तथा बलवंत सिंह ने बताया कि वह गुरूवार सुबह करीब 8 बजे फीटर रेहड़ा पर अपने गांव तरमाला के लिए रवाना हुआ था। लेकिन उसका फीटर रेहड़ा मलोट रोड़ पर खड़ा है। जबकि करीब पांच किलोमीटर दूर रेल लाईन में उसका शव पड़ा है। इन लोगों ने बताया कि जामुन में उन्हें घाटा नहीं पड़ा है। करीब तीन माह पूर्व ही सुखराज उनसे जुड़ा था। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच की मांग की।
उधर सुखराज के भाई बनवारी, ओमप्रकाश ने बताया कि वे लोग करीब बीस सालों से ठेकेदारी करते आ रहे हैं। व्यापार में उतार-चढ़ाव भी आते रहते हैं। उसके भाई ने अपनी पत्नी को लेने गांव तरमाला जाना था। लेकिन वह डबवाली कैसे आ गया, उन्हें भी मालूम नहीं। उन्हें संदेह है कि उसके भाई के साथ कोई अप्रिय घटना घटित हुई है। यह इत्तेफाकिया मौत नहीं है।
मामले की जांच कर रहे जीआरपी बठिंडा के हवलदार हरबंस सिंह ने बताया मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। मृतक के ससुर प्यारा लाल निवासी तरमाला तथा भाई ओमप्रकाश के ब्यान पर फिलहाल दफा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
सवाल जिनके जवाब नहीं?
1. सुखराज के शरीर का ऊपरी भाग मौजूद है, जबकि पेट से निचला भाग नहीं है?
2. शव फूला हुआ है। चौबीस घंटे के भीतर लाईन में पड़ा शव कैसे फूल सकता है?
3. मृतक का फीटर रेहड़ा घटनास्थल से पांच किलोमीटर दूर डबवाली में क्या कर रहा है?
4. मृतका की पत्नी, भाईयों तथा उसके पार्टनरों के ब्यान अलग-अलग क्यों पड़ रहे हैं?