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05 सितंबर 2010

किशोर न्याय बोर्ड और बाल कल्याण समितियों के सदस्य नियुक्त करने का निर्णय

चण्डीगढ़ | हरियाणा सरकार ने किशोर न्याय बोर्ड (बच्चों की देखभाल और सुरक्षा) अधिनियम, 2000 के तहत किशोर न्याय  बोर्ड और बाल कल्याण समितियों के सदस्य नियुक्त करने का निर्णय लिया है।
    महिला एवं बाल विकास विभाग की निदेशक श्रीमती सरोज सिवाच ने आज यहां यह जानकारी देते हुए बताया कि किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य के लिए आवेदन करने हेतु हरियाणा अधिवासी सामाजिक कार्यकता पुरूष या महिला की आयु 35 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए।  सामाजिक कार्यकर्ता के पास सामाजिक कार्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, मनोविज्ञान, बाल विकास या किसी अन्य सामाजिक विज्ञान संकाय मेंं स्नातकोत्तर  की उपाधि हो और वह कम से कम सात वर्षों से बाल कल्याण से सम्बन्धित योजना बनाने, क्रियान्वयन और प्रशासनिक कायों में सक्रिय रूप से संलिप्त होना चाहिए।
    उन्होंने कहा कि बाल कल्याण समितियों के सदस्यों के लिए आवेदन करने वाले हरियाणा अधिवासी कार्यकर्ता पुरूष या महिला की आयु 35 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। बाल कल्याण समितियों के लिए आवेदन करने वाले व्यक्ति एक अध्यापक, डाक्टर या सामाजिक कार्यकर्ता, जिसने कम से कम 10+2 या इसके समकक्ष परीक्षा उत्र्तीण की हो, होना चाहिए और वह बच्चों से सम्बन्धित कार्यों में संलिप्त होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, उन्हें सम्बन्धित क्षेत्र में कम से कम सात वर्षों का अनुभव होना चाहिए।
    आवेदकों को 20 सितम्बर, 2010 तक सम्बन्धित जिले के समेकित बाल विकास सेवा के प्रोग्राम अधिकारी को शैक्षणिक योग्यता के प्रमाणपत्र और अनुभव के साथ-साथ अपने आवेदन पत्र व बॉयोडाटा भेजने चाहिए।

34 अध्यापक राज्य स्तरीय पुरस्कार से नवाजे गए

चंडीगढ़ | हरियाणा के राज्यपाल जगन्नाथ पहाडिय़ा ने अध्यापकों का आह्वान किया कि वे सच्चाई, ईमानदारी और नैतिकता के उच्च आदर्शों को बच्चों के सामने प्रस्तुत करें  और वे सदाचार, आत्मीयता, विनम्रता और नैतिकता की प्रतिमूर्ति बनें, क्योंकि अध्यापकों का बच्चे के कोमल मन पर गहरा असर पड़ता है। ऐसे गुण आत्मसात करके बच्चे राष्ट्र निर्माण में अहम भूमिका निभा सकेंगे।
यह उदगार राज्यपाल ने आज यहां राज्य स्तरीय शिक्षक दिवस के अवसर पर अध्यापकों को मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुडïडा के साथ 34 अध्यापकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान करने के बाद उपस्थित अध्यापकों को सम्बोधित हुए व्यक्त किए।
भारत के पूर्व राष्टï्रपति सर्वपल्ली डॉ0 राधाकृष्ण को भाव भीने श्रद्घासुमन अर्पित करते हुए कहा कि वे उच्च दर्जे के चिन्तक, महान् दर्शनिक, उच्च विचारक थे। जिनका जन्म पूरे देश में 'शिक्षक दिवसÓ के रूप में मनाया जा रहा है।
    श्री पहाडिय़ा ने हरियाणा सरकार द्वारा प्रदान की जा रही गुणात्मक शिक्षा की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री हुडïडा के नेतïृत्व में हïïरियाणा सरकार बदलते हुए परिवेश के अनुसार बच्चों को गुणात्मक शिक्षा देने पर विशेष बल दे रही है ताकि हमारे बच्चे बेहतर शिक्षा ग्रहण करके वैश्वीकरण के इस युग में आ रही चुनौतियों का मुकाबला करते हुए आगे बढ़ सकें।
    राज्यपाल ने कहा कि शिक्षा का अर्थ केवल कोरा किताबी ज्ञान नहीं है बल्कि वास्तविक शिक्षा मैं उसको मानता हूं जो हमें चुनौतियों का सामना करना सिखाए और जिससे बौद्धिक और मानसिक विकास सम्भव हो सके। वैश्वीकरण के इस युग में अध्यापकों के सामने भी नई-नई चुनौतियां आ रही हैं, जिनका मुकाबला करने के लिए अध्यापकों को विशेष रुप से आगे आना होगा। आज शिक्षा के क्षेत्र में जो बदलाव आया है जिसका असर न केवल तकनीकी, विज्ञान और अर्थव्यवस्था पर पड़ा है अपितु शिक्षा प्रणाली पर भी इसका व्यापक असर पड़ा है।
    उन्होंने कहा, 'आज कल शिक्षकों के आचरण का पतन और अनुपस्थिति की घटनाएं बढ़ रही हैं, जो हमारे लिए चिन्ता का विषय हैÓ। सफल अध्यापक वही है जो अपने विवेक से कार्य करते हुए विद्यार्थियों की शंकाओं का तत्परता से निवारण करें।
पुरस्कार प्राप्त करने वाले अध्यापकों को बधाई देते हुए उन्होंने आशा व्यक्त की कि दूसरे अध्यापक भी उनका आचरण करते हुए इस का पालन करेंगे कि ''गुरू एक ऐसा दीपक है, जिसके प्रकाश में तीन पीढिय़ां आलौकित हो जाती हैं।ÓÓ
इस अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने अध्यापक राज्य पुरस्कार की राशि 11 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने की घोषणा की और शिक्षा मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने मुख्यमंत्री के निर्देशों की अनुपालना करते हुए कहा कि राज्य पुरस्कार के तहत दी जाने वाली 21 हजार रुपये की राशि आज सम्मानित हुए 34 अध्यापकों को भी दी जायेगी और पुरस्कार की बकाया राशि विभाग द्वारा शीघ्र ही दे दी जायेगी।
शिक्षक दिवस पर आयोजित राज्य शिक्षक सम्मान समारोह में पुरस्कृत शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डा ने कहा कि शिक्षक मार्गदर्शक होते है और वे ही एक मज़बूत समाज का निर्माण करते है।
भारत के दूसरे राष्टï्रपति डॉ. एस. राधाकृष्णन को महान दार्शनिक तथा शिक्षाविद् बताते हुए श्री हुड्डा ने उनके साथ हुई एक व्यक्तिगत भेंटवार्ता का जिक्र भी किया और कहा कि यह उनका सौभाग्य है कि उन्हें ऐसी महान विभूति से मिलने का अवसर मिला।
शिक्षा के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किये जा रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए श्री हुड्डा ने कहा कि हरियाणा अगले 5 से 7 सालों में राष्टï्रीय ही नहीं, अपितु अंतर्राष्टï्रीय स्तर पर शिक्षा का एक हब बनेगा और राज्य में हर किस्म एवं स्तर पर बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध होगी। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार देश का पहला रक्षा विश्वविद्यालय स्थापित करने जा रही है। इसके अलावा, राज्य सरकार ने वाईएमसीए को विश्वविद्यालय का दर्जा देने, केन्द्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना, भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय के रूप में उत्तरी भारत के पहले महिला विश्वविद्यालय स्थापना तथा पशु विज्ञान विश्वविद्यालय शुरू करने जैसे अहम कदम उठाये है। उन्होंने कहा कि आज वैश्विक दौर में काफी हमारे सामने कई चुनौतियां है और उन चुनौतियों का सामना करने के लिए बदलाव जरूरी है इसलिए हमने राजीव गांधी एजुकेशन सिटी बनाने की एक परियोजना शुरू की है, जिसका पहला चरण पूरा हो चुका है। इस एजुकेशन सिटी में विश्व स्तरीय शैक्षणिक प्रतिष्ठïानों द्वारा अपने संस्थान खोलने के लिए आवेदन प्राप्त हुए है। उन्होंने कहा कि सभी को गुणात्मक शिक्षा उपलब्ध करवाना ही उनकी सरकार की प्राथमिकता है और पिछले पांच वर्षों के दौरान शिक्षा के बजट में उल्लेखनीय वृद्धि भी की गई है।
शिक्षामंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने कहा कि अध्यापकों को पुरस्कार देने में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। अध्यापकों को राज्य स्तरीय पुरस्कार प्रदान करते समय केन्द्र सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे पुरस्कारों की तर्ज को आधार बनाया गया और पुरस्कारों के चयन के  लिए पूरी पारदर्शिता बरतते  हुए उनके लिए तीन कमेटियां बनाई गई। उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की कि अध्यापकोंं को राज्य स्तरीय पुरस्कारों के रूप में दी जाने वाली राशि 11 हजार रुपये से बढाकर 21 हजार रुपये कर दी जाए और मुख्यमंत्री ने उदारता का परिचय देते हुए इसी वर्ष से पुरस्कार के रूप में अध्यापकों को 21 हजार रुपये देने की घोषणा की।
    जिन अध्यापकों को पुरस्कार दिया गया उनमें हरिपाल सिंह, पिं्रसीपल राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, महम; जलधीर सिंह, पिं्रसीपल राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, सहलांगा (झज्जर); सुनीता नैन, पिं्रसीपल राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, पंचकूला; सपना जैन, पिं्रसीपल राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, करनाल; राम कुमार, मुख्याध्यापक, राजकीय उच्च विद्यालय, सीसर खरबला; विनोद कुमार शर्मा, मुख्याध्यापक, राजकीय उच्च विद्यालय, बलरी (करनाल); राजवन्ती राठी, मास्टर, डी.पी.ई., राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, फरीदाबाद; श्री भगवान, सी एण्ड वी ड्राइंग, राजकीय उच्च विद्यालय, थाना कलां (सोनीपत); कमला देवी, सी एण्ड वी ड्राइंग, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, गोहाना मण्डी; देशराज, लैक्चरर कॉमर्स, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, नन्द रामपुर बास; रोहताश सिंह, मास्टर साईंस, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, झोझूकलां; सतिन्दर जीत सिंह, लैक्चरर कैमिस्ट्री, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, करनाल; ओम प्रकाश, मास्टर गणित, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, जटवाड़ा; लहणा सिंह, लैक्चरर गणित, जीएमएसएसएसएस, पानीपत; सुशील बंसल, लैक्चरर गणित, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, गोहाना मण्डी; ऊषा वर्मा, लैक्चरर गणित, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, भिवानी; सतपाल सिंह, लैक्चरर राजनीति शास्त्र, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, निसिंग; अरविन्द कुमार, लैक्चरर राजनीति शास्त्र, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, बाछौद; केशो राम, लैक्चरर सोश्योलॉजी, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, बगथला; रूद्र दत्त, लैक्चरर राजनीति शास्त्र, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, भानकपुर; अजैब सिंह सन्धू, लैक्चरर इतिहास, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, गोरीवाला; राजेश कुमारी, लैक्चरर राजनीति शास्त्र, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, करनाल; रोशनी देवी, लैक्चरर सोश्योलॉजी, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, दुजाना; कृष्णा देवी, लैक्चरर सोश्योलॉजी, लैक्चरर राजनीति शास्त्र, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, भिवानी; निर्मल मोर, मास्टर सामाजिक अध्ययन, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, गोहाना; प्रताप सिंह, लैक्चरर हिन्दी, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, चरखी दादरी; गणेश दत्त शर्मा, लैक्चरर हिन्दी, जीएमएसएसएस, पंचकूला; सुशीला फौगाट, लैक्चरर हिन्दी, राजकीय कन्या वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, चरखी; भीमसैन शर्मा, लैक्चरर अंग्रेजी, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, पाई; रविन्द्र कुमार, लैक्चरर अंग्रेजी, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, फरीदाबाद ओल्ड; सिलक राम, लैक्चरर अंग्रेजी, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, बवानीखेड़ा; दीपक शर्मा, लैक्चरर अंग्रेजी, राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय, अटेली; यतिन्द्र कुमार शर्मा, सी एण्ड वी संस्कृत, राजकीय हाई स्कूल, सेहतपुर और सुजीता, लैक्चरर गणित, डीआईईटी, बिरहीकलां शामिल हैं।
इस अवसर पर बादली के विधायक श्री नरेश शर्मा, रोहतक के विधायक श्री बी बी बत्रा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री छत्तर सिंह, अतिरिक्त प्रधान सचिव श्रीमती अनुराधा गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान विशेष कार्य अधिकारी श्री एम एस चौपड़ा, राज्यपाल के सचिव श्री मोहिन्द्र कुमार,राज्यपाल की सुपुत्री सुश्री हिमानी पहाडिय़ा, शिक्षा विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव श्रीमती सुरीना राजन, सकैण्डरी एजुकेशन विभाग के निदेशक श्री बिजेन्द्र कुमार, राज्यपाल के संयूक्त सचिव श्री इंद्रजीत सुखीजा, राज्यपाल के परिसहाय श्री जग प्रवेश दहिया भी उपस्थित थे।