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09 मार्च 2010

महिला दिवस पर तीन पुरस्कारों की घोषणा

चण्डीगढ़ (लहू की लौ) हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री भूपेन्द्र सिंह हुड्डïा ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को अपनी पसंद के क्षेत्रों में प्रोत्साहित एवं सम्मानित करने के लिए तीन राज्य पुरस्कार शुरू करने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा की उत्कृष्टï महिलाओं को सम्मानित करने के लिए यहां आयोजित एक राज्य स्तरीय समारोह में बोलते हुए कहा कि 'इंदिरा गांधी महिला शक्ति पुरस्कारÓ नामक प्रथम राज्य स्तरीय पुरस्कार के तहत एक लाख रुपये की नकद राशि दी जाएगी। 51,000 रुपये का दूसरा पुरस्कार 'कल्पना चावला शौर्य पुरस्कारÓ कहा जाएगा तथा यह पुरस्कार हरियाणा में जन्मी अंतरिक्ष यात्री कल्पना चावला की स्मृति में दिया जाएगा। इसी प्रकार, तीसरे पुरस्कार का नाम हरियाणा विधान सभा की पहली महिला अध्यक्ष श्रीमती शन्नो देवी के नाम पर रखा जाएगा और इसके तहत भी 51,000 रुपये की नकद राशि दी जाएगी।
मुख्यमंत्री ने अन्तर्राष्टï्रीय महिला दिवस के अवसर पर महिलाओं को बधाई दी तथा उनकेे उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के लिए यह दिवस विश्वभर में मनाया जाता है। उन्होंने हिन्दू पौराणिक कथाओं में से कुछ उदाहरण देते हुए कहा कि प्राचीन काल में भी महिलाओं को पुरूषों के बराबर अधिकार प्राप्त थे। उन्होंने कहा कि आज भी, विशेषकर हमारे देश में महिलाएं उच्च पदों पर आसीन हैं जैसेकि श्रीमती सोनिया गांधी, यूपीए सरकार की अध्यक्षा हैं, भारत की राष्टï्रपति भी एक महिला है और लोक सभा की अध्यक्ष भी महिला ही है। इससे स्पष्टï होता है कि हमारे देश में महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा में भी अनेक महिलाएं उच्च पदों पर आसीन हैं, जैसेकि मुख्य सचिव श्रीमती उर्वशी गुलाटी जिनकी बहन ने भी इसी पद पर कार्य करते हुए प्रदेश की सेवा की। उन्होंने प्रदेश में उच्च पदों पर आसीन कुछ अन्य वरिष्ठï महिला अधिकारियों का भी जिक्र किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला आरक्षण बिल उस समय से अधर में लटका है, जब वे सांसद थे। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही आश्चर्यजनक है कि कई बार कुछ महिलाओं ने ही स्वयं इस बिल का विरोध किया है। वे चाहते हैं कि अब यह बिल पास हो जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं के शैक्षणिक एवं सामाजिक-आर्थिक स्तर को ऊंचा उठाने के लिए राज्य सरकार ने अनेक अनूठी योजनाएं शुरू की हैं। इन योजनाओं ने लिंगानुपात को संतुलित करने तथा कन्या भ्रूण हत्या को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री, जिन्होंने हरियाणा की उत्कृ ष्टï महिलाओं को भी सम्मानित किया, ने कहा कि यह बहुत ही उत्साहजनक है कि हरियाणा की एक महिला डॉ0 सुनीता देवी, हॉस्टल वार्डन, महर्षि विश्वविद्यालय, रोहतक को आज नई दिल्ली में भारत की राष्टï्रपति श्रीमती प्रतिभा देवी सिंह पाटिल 'रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कारÓ प्रदान करके सम्मानित कर रही हैं। मुख्यमंत्री ने डा० सुनीता देवी, जो इस अवसर पर उपस्थित नहीं थी, को सम्मान स्वरूप 51,000 रुपये देने की घोषणा की।
डा० सुनीता देवी आज राष्टï्रपति से पुरस्कार प्राप्त करने के लिए दिल्ली में हैं। रानी लक्ष्मी बाई पुरस्कार के तहत तीन लाख रुपये की नकद राशि तथा प्रशस्ति प्रमाण प्रत्र प्रदान किया जाता है। इस अवसर पर बताया गया कि डा० सुनीता देवी एक दुर्घटना में अपने दोनों हाथ खो चुकी हैं, लेकिन उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी और आज वे पीएचडी हैं। स्वयं शारीरिक रूप से विकलांग होने के बाबजूद महिलाओं एवं बच्चों के उत्थान के लिए उन द्वारा किए जा रहे उत्कृष्टï कार्यों के लिए उन्हें इस पुरस्कार से नवाजा गया है।
हरियाणा की महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती गीता भुक्कल ने महिलाओं के कल्याणार्थ अनेक योजनाएं क्रियान्वित करने के लिए मुख्यमंत्री की सराहना की तथा उनसे महिलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए केन्द्र सरकार की तर्ज पर राज्य पुरस्कार शुरू करने का आग्रह किया।
महिला एवं बाल विकास विभाग की मुख्य संसदीय सचिव श्रीमती अनिता यादव ने लोगों से आग्रह किया कि वे दहेज प्रथा एवं कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए एक जन आंदोलन चलाएं। उन्होंने हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्ष श्रीमती आशा हुड्डïा की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने सदा उन्हें महिलाओं एवं बच्चों के लिए कल्याणकारी कार्यक्रम क्रियान्वित करने के लिए प्रेरित किया है।
हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती उर्वशी गुलाटी ने कहा कि मुख्यमंत्री ने महिलाओं, विशेषकर सरकारी कर्मचारियों के लिए अनेक कल्याणकारी कार्यक्रम क्रियान्वित किए हैं। अब महिला कर्मचारी अपने अर्जित अवकाश के अलावा 730 दिनों का बाल अनुरक्षण अवकाश प्राप्त कर सकती हैं। सरकारी नौकरी में आने के लिए अविवाहित महिलाओं की आयु सीमा को बढ़ाकर 45 वर्ष कर दिया गया है।
महिला एवं बाल विकास विभाग की वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव श्रीमती शकुन्तला जाखू ने कहा कि महिला सशक्तिकरण पर विशेष बल देने तथा महिलाओं के लिए नये अवसर सृजित करने के लिए हमें विकास के एजेंडे को एक नये दृष्टिïकोण के साथ आगे बढ़ाना होगा। सरकार के अधिकारियों को ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की ऐसी महिलाओं से बातचीत करनी चाहिए, जिन्हें अवसर नहीं मिल रहे हैं ताकि वे उनकी आवश्यकताओं को समझ सकें।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर 'आशा- आहार है औषध, औषध है आहारÓ नामक पुस्तक भी जारी की, जो हरियाणा के आयुष विभाग द्वारा तैयार की गई है।
मुख्यमंत्री ने हरियाणा की उत्कृष्टï महिलाओं को पुरस्कार भी दिए। डा० सुनीता देवी के अलावा जिन अन्य तीन महिलाओं को स्त्री शक्ति पुरस्कार से सम्मानित किया गया, उनमें श्रीमती सोमवती, गांव बालसमन्द, जिला हिसार; श्रीमती नेहा शर्मा, गांव सागरपुर, जिला फरीदाबाद तथा सुश्री एस आर थरेशा विगास, मंडी डबवाली शामिल हैं। उन्हें 11-11 हजार रुपये की नकद राशि दी गई। अर्जुन अवार्ड प्राप्तकर्ता सर्वसुश्री गीता ज्युत्शी, सुनीता शर्मा, प्रितम सीवाच, ममता खरब, गीतिका झाखड़, शिल्पा सिंह, नीलम जय सिंह एवं अंजु दुआ को 5100-5100 रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया। साहसिक खेलों की श्रेणी में जिला कैथल की सुश्री ममता सौदा को सम्मानित किया गया।
वर्ष 2008-09 में लिंगानुपात में सुधार लाने में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने के लिए झज्जर, गुडगांव एवं फरीदाबाद की तीन उपायुक्तों को क्रमश: पांच लाख रुपये, तीन लाख रुपये एवं दो लाख रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया। सिरसा की श्रीमती साधना मित्तल को दस बाल विवाह रोकने के लिए 11,000 रुपये का नकद पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। उद्यमियों की श्रेणी में श्रीमती चन्द्रीका थाटिया, श्रीमती सुनीता हांडा एवं श्रीमती रेनू कालड़ा को 11,000-11,000 रुपये प्रदान कर सम्मानित किया गया। समाज में अपना उल्लेखनीय योगदान देने के लिए जिन तीन साक्षर महिला समूहों को सम्मानित किया गया, उनमें श्रीमती सीमा रानी, गांव गिद्दावाली, जिला सिरसा; श्रीमती बालकिशा, गांव सुबरी, जिला करनाल तथा श्रीमती पिंकी, गांव कामी, जिला सोनीपत शामिल हैं। प्रत्येक समूह को 11,000-11,000 रुपये दिए गये। श्रेष्ठ आंगवाड़ी वर्कर पुरस्कार के तहत श्रीमती नारायण देवी, गांव पन्नीवाला मोटा, जिला सिरसा; श्रीमती विजय रानी, गांव इंदिरा नगर, जिला फतेहाबाद तथा श्रीमती मधुबाला, गांव खेड़ी बरकी, जिला हिसार को 5100-5100 रुपये दिए गये।
सम्मानित की गई एएनएम तथा आशा वर्करस में सर्वश्रीमती कृष्णा देवी, एएनएम उप केन्द्र, मोतलाकलां, जिला रेवाड़ी ; अनीता रानी, एएनएम, वजीराबाद, जिला गुडग़ांव; लाजवंती, एएनएम उप केन्द्र, नंगल चौधरी, जिला महेन्द्रगढ़; वंदना, आशा वर्कर, समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, कालका, जिला पंचकूला; सुनीता जैन, आशा वर्कर, समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, उगराखेड़ी, जिला पानीपत तथा राजरानी, आशा वर्कर, समुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, इन्द्री, जिला करनाल शामिल हैं। प्रत्येक को 5100-5100 रुपये दिए गये।
सरकार ने पहली बार 6 मार्च, 2010 को पंचकूला में राज्य स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया। इसलिए, विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाली 18 महिलाओं को सम्मानित किया गया। 400 मीटर की दौड़ में सोनीपत की ज्योति ने प्रथम, हिसार की ऋतु ने द्वितीय तथा करनाल की रिंकू ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। 400 मीटर रिले दौड़ में भिवानी की मंजू, सोनिया, मंजू एवं रेनू ने प्रथम, पानीपत की मुनेश, माफी एव कविता ने द्वितीय तथा कैथल की कविता, रानी, बीरा एवं रेनू तृतीय स्थान प्राप्त किया। साईकिल दौड़ में फतेहाबाद की प्रोमिला, अंबाला की निधि एवं गुडग़ांव की नीरज मित्तल ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान हासिल किया। इसी प्रकार, मटका दौड़ में भिवानी की बीरमती, रोहतक की रानी तथा भिवानी एवं रोहतक की नीरजा एवं अनिल ने क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया। 100 मीटर दौड़ में भिवानी की बिमला, रेवाड़ी की सुमन एवं जीन्द की कविता क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रही। सभी को 2100-2100 रुपये के नकद पुरस्कार दिए गये।

कृषि-व्यवसाय-योजना एवं विकास नामक परियोजना का शुभारंभ आज

हिसार (लहू की लौ) हरियाणा के राज्यपाल श्री जगन्नाथ पहाडिय़ा, जो इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति भी हैं, 10 मार्च को चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार में ''कृषि-व्यवसाय-योजना एवं विकासÓÓ नामक परियोजना का शुभारंभ करेंगे।
यह जानकारी देते हुए आज विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. के.एस. खोखर ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा कृषि टैक्नोलॉजी विकास की दिशा में किए जा रहे सराहनीय कार्यों से प्रभावित होकर गत दिनों भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् ने विश्वविद्यालय के मानव संसाधन निदेशालय को करीब ढ़ाई करोड़ रूपए की उक्त परियोजना प्रदान की थी।
उन्होंने कहा कि परियोजना शुभारंभ से जुड़ा समारोह गृहविज्ञान महाविद्यालय सभागार में 10 मार्च को 11.30 बजे आरंभ होगा। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के लागू होने से देश व प्रदेश के कृषि एवं ग्रामीण विकास कार्यक्रमों में तीव्रता आएगी।
उन्होंने कहा कि मानव संसाधन निदेशालय की बौद्धिक संपदा अधिकार इकाई ने उक्त परियोजना के लोकार्पण के बाद उसे व्यावहारिक तौर पर लागू करने के लिए रूपरेखा तैयार कर ली है।
परियोजना लोकार्पण से पूर्व महामहिम राज्यपाल गृहविज्ञान महाविद्यालय प्रांगण में प्रदर्शनी का भी अवलोकन करेंगे। इस प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों द्वारा विकसित समय, श्रम व पैसा बचत की नई तकनीकों को प्रदर्शित किया जाएगा। समारोह के बाद राज्यपाल विश्वविद्यालय का दौरा कर विभिन्न कार्यक्रमों का मुआयना भी करेंगे।

अनुसूचित जाति के बच्चों को दी जाएगी नि:शुल्क कोचिंग

डबवाली (लहू की लौ) तकनीकी शिक्षा विभाग हरियाणा द्वारा सत्र 2010 के लिए डिप्लोमा प्रवेश परीक्षा (डीईटी-2010)/अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (ए.आई.र्ई.ई.ई.) के माध्यम से डिप्लोमा और बी टैक कार्यक्रमों में दाखिला लेने के इच्छुक हरियाणा के अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों के लिए नि:शुल्क कोचिंग के लिए पंजीकरण 8 मार्च से आरम्भ किया जाएगा।
तकनीकी शिक्षा विभाग के एक प्रवक्ता ने यह जानकारी देते हुए बताया कि अनुसूचित जाति के उम्मीदवारों को प्रदेश के विभिन्न केन्द्रों पर डी ई टी और ए.आई.र्ई.ई.ई. के लिए नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी, जिनमें भिवानी, चरखी दादरी, तोशाम, झज्जर, बहादुरगढ़, रोहतक हिसार, बरवाला, हांसी, रेवाड़ी, सिरसा, जीन्द, नरवाना, टोहाना, कैथल, गुहला चीक्का, करनाल, नीलोखेड़ी, कुरुक्षेत्र, सोनीपत, गोहाना, पानीपत, महेन्द्रगढ़, नारनौल, फरीदाबाद, पलवल, गुडग़ांव, अंबाला कैंट, अंबला शहर, पंचकूला और जगाधरी शामिल हैं।
इसके अतिरिक्त, जिन केन्द्रों पर डी ई टी की नि:शुल्क कोचिंग दी जाएगी, उनमें बवानीखेड़ा, लोहारू, भादरा, कलानौर, रतिया, उकलाना, उचानाकलां, डबवाली, ऐलनाबाद, भुना, निगदु, असंध, पेहवा, लाडवा, खरखौदा, नारायणगढ़, रायपुररानी और पिंजौर शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि डिप्लोमा प्रवेश परीक्षा (डी ई टी-2010)/अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा (ए.आई.र्ई.ई.ई.) के लिए पंजीकरण 8 मार्च, 2010 से आरम्भ होगा तथा पंजीकरण की अंतिम तिथि 18 मार्च, 2010 है तथा इन प्रवेश परीक्षाओं के लिए नि:शुल्क कोचिंग 21 मार्च से आरम्भ हो जाएगी।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा डिप्लोमा प्रवेश परीक्षा डीईटी-2010 और ए.आई.र्ई.ई.ई-2010 के लिए हरियाणा के अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को के्रश कोर्स कोचिंग नि:शुल्क दी जा रही है। विद्यार्थियों को अध्ययन सामग्री भी नि:शुल्क प्रदान की जाएगी।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों, जो विद्यार्थी दसवीं की परीक्षा में बैठे हैं और डीईटी-2010 में बैठने के इच्छुक हैं, वे डीईटी कोचिंग के पात्र हैं। इसके अतिरिक्त, जो विद्यार्थी विज्ञान संकाय से 12वीं की बोर्ड परीक्षा दे रहे हैं और ए.आई.र्ई.ई.ई-2010 में बैठने के इच्छुक हैं, वे ए.आई.र्ई.ई.ई कोचिंग के लिए पात्र हैं।
उन्होंने कहा कि अनुसूचित जाति के सभी इच्छुक उम्मीदवार अपने नजदीकी केन्द्र में डीईटी या ए.आई.र्ई.ई.ई की कोचिंग ले सकते हैं, उन्हें पंजीकरण के लिए अनुसूचित जाति स्कूल सर्टिफिकेट लाना होगा।

शादी के बहाने देह शोषण का आरोप

श्रीगंगानगर। स्थानीय पुरानी आबादी की एक युवती ने एक युवक पर शादी करने के बहाने से देह शोषण करने का आरोप लगाया है। युवती द्वारा आज महिला थाने में दर्ज करवाये गए मुकदमे में युवक के परिजनों को भी नामजद किया गया है। पुलिस ने धारा 420, 323, 376 और 34 में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रकरण की जानकारी देते पुलिस ने बताया कि पुरानी आबादी की 22 वर्षीय युवती मनीषा (नाम तब्दील) की मां लगभग दो वर्ष पहले बीमार हो जाने के कारण ब्लॉक एरिया के एक प्राइवेट हस्पताल में उपचार के लिए भर्ती हुई थी। उस समय मनीषा को मां की देखभाल के लिए कुछ दिन इस अस्पताल में रहना पड़ा। इस दौरान उसकी मामूली जान-पहचान बसंतसिंह जटसिख नामक युवक से हो गई। मनीषा का कहना है कि बसंतसिंह उन दिनों में कई बार अस्पताल में उसकी मां का हाल-चाल जानने के बहाने से आया। बाद में वह उसके घर भी आने-जाने लगा। यह जान-पहचान दोस्ती और फिर प्यार में बदल गई।
पुलिस के मुताबिक बसंतसिंह निकटवर्ती गांव ढाबां झालार का निवासी है और वह आईलेट कर रहा है। मनीषा ने मुकदमे में बताया कि घर में आना-जाना हो जाने पर बसंतसिंह ने उसके साथ शारीरिक संबंध बना लिये। बाद में वह उसके साथ विवाह करने को तैयार हो गया। विगत 17 जून को सुरजीतसिंह कॉलोनी के एक गुरूद्वारा में उसके साथ विवाह कर लिया, लेकिन बसंतसिंह उसे अपने घर ढाबां झालार लेकर नहीं गया। बसंत ने मिनी मायापुरी ऑटो मोबाइल मार्केट के एक होटल में कमरा बुक करवाया हुआ था। होटल में उसे चार दिन तक रखा। इस दौरान वह उसके साथ शारीरिक संसर्ग करता रहा। बसंतसिंह ने अपने घर का माहौल ठीक न होने की मजबूरी जताकर उसे अपने घर ले जाने को तैयार नहीं हुआ। मनीषा के मुताबिक बसंतसिंह ने उसे कुछ दिन तक अपने घर रहने के लिए कहा। वह अपने मां-बाप के पास रहने लगी। इस दौरान बसंतसिंह अकसर उसके पास आता रहा।
पुलिस के अनुसार बसंतसिंह पर मनीषा के घरवाले दबाव डालने लगे कि वह मनीषा को अपने गांव-अपने घर लेकर जाये तो वह टाल-मटोल करने लगा। तब बसंतसिंह ने मनीषा से कहा कि वह आईलेट करके विदेश जाना चाहता है। उसने अभी तक घरवालों को विवाह कर लेने के बारे में कुछ नहीं बताया है। मनीषा को जब बसंतसिंह अपने गांव लेकर नहीं गया तो मनीषा की मां दो-तीन रिश्तेदारों को लेकर ढाबां झालार चली गई। जहां बसंतसिंह के परिजनों ने बताया कि उन्हें पता है कि बसंत ने विवाह कर लिया है, लेकिन वे मनीषा को अपने साथ नहीं रखेंगे। बसंत ने तो मनीषा के साथ मौज-मस्ती करने के लिए संबंध बनाये थे।
पुलिस के मुताबिक मनीषा ने मुकदमे में बसंतसिंह के पिता प्रेमसिंह, भाई रूपसिंह, मां परमजीतकौर, भाभी राजनकौर (पत्नी रूपसिंह) और प्रेमसिंह की एक कथित रखेल अमरजीतकौर को भी नामजद किया है। यह मामला मनीषा द्वारा अदालत में दायर किये गए इस्तगासा के आधार पर दर्ज किया गया है।

महिला दिवस पर फिर महिला बनी झपटमारों का निशाना

श्रीगंगानगर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के दिन आज एक महिला अज्ञात झपटमारों का निशाना बन गई। जिला अस्पताल में नर्स रत्ना (40) दोपहर 2 बजे ड्यूटी समाप्त होने पर शंकर कॉलोनी अपने घर जा रही थी कि रास्ते में बैंक कॉलोनी की सुनसान गली में मोटरसाइकिल पर आये दो युवकों में से एक ने उसके गले से सोने की चैन झपट ली। दोनों युवक तेजी से मोटरसाइकिल भगा ले गए। दिनदिहाड़े हुई इस घटना से एक बार फिर शहर में दहशत फैल गई। जानकारी मिलते ही डीएसपी (शहर) हरीराम गहलोत खुद बाईपास मार्गों पर नाकाबंदी करने निकल पड़े, जबकि सदर थानाप्रभारी नंदराम सैनी ने मौके पर जाकर अज्ञात युवकों के बारे में जानकारियां जुटाईं। पुरानी आबादी थानाप्रभारी धीरेंद्र शेखावत ने भी मोटरसाइकिल सवारों को पकडऩे के लिए भागदौड़ की, लेकिन सफलता नहीं मिली। डीएसपी गहलोत ने बताया कि युवकों के पास बिना नंबरी काले रंग का बजाज पल्सर मोटरसाइकिल था। इनमें एक युवक मोटा तथा दूसरा पतला था। इनमें से एक युवक के ब्राउन कलर के बाल थे। श्री गहलोत के अनुसार बजाज के डीलरों से पिछले एक महीने में पल्सर मोटरसाइकिल के खरीददारों के नाम-पतों की सूची मांगी गई है। इससे शायद कोई सुराग मिल जाये। शंकर कॉलोनी के थर्ड ब्लॉक के मकान नं. 4 निवासी रत्ना पत्नी बेबी सिप्पी शर्मा की रिपोर्ट के आधार पर सदर थाना में धारा 382 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।
किशोर ने दिखाई हिम्मत: दोपहर लगभग सवा 2 बजे झपटमारी की यह घटना 64 बैंक कॉलोनी के सामने हुई। उस समय नर्स रत्ना पैदल अपने घर जा रही थी। चैन झपटे जाने पर जैसे ही रत्ना ने शोर मचाया, नजदीक के एक मकान से एक किशोर तुरंत ही बाहर आया। उसने भाग रहे युवकों को मारने के लिए ईंट उठाई, लेकिन एक झपटमार युवक ने पलटकर उसे आंखें दिखाई और धमकाया तो यह किशोर डर गया। उसने ईंट वहीं छोड़ दी। युवकों के भाग जाने के बाद वहां काफी भीड़ लग गई। एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि झपटमार युवक बड़ी तेजी से मोटरसाइकिल हनुमानगढ़ रोड की तरफ भगा ले गए।
अनसुलझी वारदातें: श्रीगंगानगर शहर में एक के बाद एक झपटमारी की घटनायें हो रही हैं। यह सभी वारदातें पुलिस के लिए चुनौती बन गई हैं। पुलिस इनमें से एक भी वारदात को नहीं खोल पाई। पिछले महीने तो एक ही दिन में तीन घंटे की अवधि में झपटमारी की तीन घटनायें हो गई थीं। इसके चार दिन बाद डी ब्लॉक में एक ग्रहणी सुमन से चैन झपटकर भाग रहे दो युवक अपना मोटरसाइकिल व मोबाइल फोन मौके पर छोड़ गए। पुलिस ने इस वारदात में शामिल साधूवाली गांव के हरिओम बावरी नामक युवक को पकड़ा, लेकिन उसके दो अन्य साथियों की पहचान हो जाने के बाद भी उन्हें पकड़ा नहीं जा सका। हरिओम से भी पुलिस पहले हुई वारदातों के बारे में कुछ भी जानकारी हासिल नहीं कर पाई।