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26 जनवरी 2017

सिरसा जेल में रहकर छोटू भाट ने रची थी हत्याकांड की साजिश

डबवाली (लहू की लौ) चौटाला डबल हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए पुलिस ने कांड के 14वें दिन बड़ा खुलासा करते हुए साफ कर दिया है कि हत्याकांड की साजिश सिरसा जेल में रची गई, कई संगीन मामलों में अपराधी छोटू भाट साजिश का मुख्य रचेता है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक सतेंद्र गुप्ता ने पत्रकार वार्ता करके कहा कि हत्याकांड को अंजाम देने वाले शूटरों के लिए रेकी करने वाले गांव चौटाला के तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
11 जनवरी को रात करीब 9 बजे गांव चौटाला स्थित इनेलो नेता प्रदीप गोदारा के किन्नू प्लांट में बने ऑफिस में घुसकर अज्ञात बदमाशों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की। जिसमें गांव चौटाला निवासी जमींदार सतबीर पूनियां और अमित सहारण की मौत हो गई थी। पुलिस ने इस हत्याकांड की गुत्थी सुलझाने के लिए एएसपी हिमांशु गर्ग के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया। जिसमें सीआईए, स्पेशल स्टाफ, साइबर सैल, सदर डबवाली, चौटाला चौकी पुलिस, सीआईए डबवाली की टीमें शामिल थीं। एसपी के अनुसार छोटू भाट पर डबवाली कोर्ट में जिन शूटरों ने गोलियां चलार्इं उन शूटरों को चौटाला डबल हत्याकांड में मरने वाले अमित सहारण ने कई दिनों तक शरण दी थी। इसी कारण छोटू भाट अमित सहारण से बदला लेना चाहता था। जेल में कैद रहे छोटू भाट ने अपने शराब कारोबारी साथी गांव चौटाला निवासी गंगाजल उर्फ महेंद्र, कालू उर्फ मुखराम और मिंडा उर्फ सुखविंद्र के जरिए संदेश भिजवाकर साजिश को अमलीजामा पहनाने की जिम्मेदारी सौंपी।
ये तीनों अमित साहरण की रेकी करने में जुट गए। अमित सहारण की प्रदीप गोदारा के साथ अच्छी दोस्ती थी इसलिए वो किन्नू प्लांट के ऑफिस में हर रोज आता था। रेकी का काम पूरा करने के बाद पांच शूटरों को सुपारी दी गई। जिन्होंने 11 जनवरी की रात को प्रदीप गोदारा के ऑफिस में फायरिंग की जिसमें अमित सहारण व उसके साथ बैठे सतबीर पूनियां की मौत हो गई।
एसपी के अनुसार हत्याकांड की पूरी प्लानिंग जेल के साथ-साथ गांव चौटाला में रची गई थी। इसमें 7-8 अन्य लोग भी शामिल हैं। जिनकी पहचान कर ली गई है। उनको गिरफ्तार करने के लिए टीमें लगातार छापामारी कर रही हैं। छोटू भाट की तालाश में दबिश दी जा रही है।

26 Jan.2017