युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

18 सितंबर 2009

युवक द्वारा आत्महत्या का प्रयास

सिरसा (लहू की लौ) कर्ज से परेशान एक युवक ने आज जहरीली वस्तु का सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया। युवक को सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। चिकित्सकों के अनुसार युवक की हालत स्थिर बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार बेगूरोड निवासी गौरव पुत्र प्रेम कुमार ने शहर के ही कुछ लोगों से कर्ज ले रखा है। कर्ज न चुका पाने की परेशानी के चलते गौरव ने आज भादरा तालाब के निकट जहरीली वस्तु का सेवन कर लिया। राहगीरों ने उसे सामान्य अस्पताल दाखिल करवाया गया।

केबल चोरी का आरोपी गिरफ्तार

सिरसा (लहू की लौ) रघुआना क्षेत्र में टयूब्वैल से तार चोरी करने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी को कब्जे से चोरी की गई केबल बरामद कर ली गई है। पुलिस प्रवक्ता सुरजीत सहारण ने बताया कि पन्नीवाला मोटा निवासी कुलवंत सिंह पुत्र धर्मसिंह के खेत से केबल चोरी हो गई थी। कुलवंत के अनुसार केबल की अनुमानित कीमत 20 हजार रुपये थी। बड़ागुढ़ा थाना पुलिस ने कुलवंत की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए गांव के ही कालूराम पुत्र अमरचंद को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कालूराम से टयूब्वैल से चुराई गई केबल बरामद कर ली है।

युवती के अपहरण का प्रयास

सिरसा (लहू की लौ) नई हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में मोटरसाइकिल सवार युवकों ने एक युवती के अपहरण का प्रयास किया। युवती के शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गए। तत्पश्चात युवक युवती के घर जा धमके और मारपीट की। युवती को सामान्य अस्तपाल में दाखिल करवाया गया है। मिली जानकारी के अनुसार प्रेम नगर निवासी पिंकी पुत्री अशोक कुमार आज प्रात: किसी कार्यवश न्यू हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी गई हुई थी। बीच रास्ते मोटरसाइकिल पर सवार भीम व सोनू ने पिंकी के अपहरण का प्रयास किया। अस्पताल में उपचाराधीन पिंकी ने आरोप लगाया कि उक्त लोग प्रतिदिन उससे छेड़छाड़ करते हैं। आज दोनों ने उसे जबरन मोटरसाइकिल पर ले जाना चाहा। शोर मचाने पर अन्य लोग एकत्रित हो गए। तत्पश्चात आरोपी मौके से फरार हो गए। पिंकी का आरोप है कि अपहरण करने में असफल रहे भीम व सोनू उसके घर आ धमके। आरोपियों ने उसके साथ जबरदस्ती करने का प्रयास किया। आरोप है कि उक्त दोनों ने उससे मारपीट की। परिजनों ने पिंकी को सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया। परिजनों का आरोप है कि आरोपियों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। क्षेत्र में हुई इस वारदात से दहशत का माहौल है।

प्रशासन ने विवाद को जड़ से किया खत्म

सिरसा (लहू की लौ) अग्रवाल समुदाय व शहीद राधेश्याम भाकर समिति द्वारा मूर्ति स्थापना को लेकर उपजे विवाद को प्रशासन ने जड़ से ही खत्म कर दिया। जहां मूर्ति स्थापित की जानी थी वहां बने चौक को प्रशासन ने रातो-रात साफ कर दिया। ज्ञातव्य हो कि विगत दो माह से दोनों समुदायों में पंचमुखी चौक पर मूर्ति स्थापना को लेकर विवाद चल रहा था। गत दिवस शहीद राधेश्याम भाकर समिति द्वारा जबरन चौक पर मूर्ति स्थापित कर दी। अग्रवाल समुदाय के विरोध के चलते प्रशासन हरकत में आया। भाकर समिति के सदस्यों ने प्रशासन की खिलाफत की। आखिरकार प्रशासन ने समिति के सदस्यों पर हल्का बल प्रयोग किया। पुलिस ने इस संदर्भ में 14 लोगों को दंगा फैलाने के आरोप में नामजद किया। उपायुक्त युद्धवीर सिंह ख्यालिया ने विवाद को निपटाते हुए चौक साफ करवा दिया।

चौक विवाद को लेकर शहरभर में तनाव, बाजार बंद

ऐलनाबाद : प्रदेश के शांतिप्रिय क्षेत्रों में से एक ऐलनाबाद में पिछले कई वर्षों से जारी पंचमुखी चौक विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। चौक का निर्माण कब २ समुदायों के साख का प्रश्र बन गया पता ही लगा? एक ओर जहां शहीद राधेश्याम भाकर यादगार समिति के समर्थक शहीद भाकर की प्रतिमा इस चौक के स्थान पर लगाने के पक्ष में हैं, वहीं दूसरी ओर अग्रवाल समुदाय महाराजा अग्रसैन की मूॢत स्थापना यहां करवाए जाने हेतु अपना संघर्ष जारी किए हुआ है। यह विवाद पिछले कई वर्षों से जारी है, परंतु प्रशासन की लाख कोशिशों के बावजूद भी इस मामले का हल नहीं हो पाया है। वहीं दोनो में से कोई भी पक्ष झुकने को तैयार नहीं। दोनों ही पक्ष अपने-अपने चौक के निर्माण को लेकर डटे हुए हैं। आज फिर से उगले इस विवाद में दोनों पक्ष एक-दूसरे के आमने-सामने नहीं थे, बल्कि सीधा मुकाबला पुलिस प्रशासन व शहीद राधेश्याम चौक समर्थकों के बीच था। उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान से कारगिल मोर्चे पर लोहा लेते हुए १७ दिस6बर १९९९ को ज6मू-कश्मीर के कुपवाड़ा क्षेत्र में शहीद हुए राधेश्याम भाकर उपमंडल ऐलनाबाद के एकमात्र शहीद हंै। देश की शहादत के लिए तत्कालीन हरियाणा सरकार ने पंचमुखी चौक के स्थान पर शहीद राधेश्याम भाकर चौक बनाने की घोषणा की थी, तभी से लेकर आज तक शहीद राधेश्याम भाकर यादगार समिति यहां शहीद भाकर चौक निर्माण के लिए संघर्ष कर रही थी, वहीं दूसरी ओर इस चौक के स्थान पर महाराजा अग्रसैन चौक स्थापना हेतु अग्रवाल समुदाय के पास भी मंजूरी थी, ऐसे में यह चौक २ समुदायों के विवाद का पर्याय बनकर रह गया। नगरपालिका की मामूली लापरवाही के कारण इस मामले ने इतना तूल पकड़ लिया कि यह मामला वर्षों से खींचा चला आ रहा है और समय-समय पर इसकी आग यहां उठती रहती है, जिससे एक ओर शहर की शांति प्रभावित होती है, वहीं दूसरी ओर यहां तनाव की स्थिति भी पैदा होती है। समिति ने की खारीसुरेरां में बैठक शहीद राधेश्याम चौक निर्माण संघर्ष समिति द्वारा पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार यहां ५ हजार समर्थकों की मौजूदगी में चौक पर शहीद की मूॢत स्थापित की जानी थी, जिसे लेकर आज प्रात: ७ बजे ही शहर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस तैनात कर दी गई, ताकि किसी भी तनावपूर्ण स्थिति से काबू पाया जा सके। इससे पूर्व आज शहीद समर्थकों ने गांव खारी सुरेरां में एक जनसभा भी आयोजित की। जनसभा के आयोजन की सूचना मिलते ही मामले को शहर से बाहर ही शांत करने के उद्देश्य से एस.डी.एम. मनजीत ङ्क्षसह व तहसीलदार परमजीत ङ्क्षसह चहल मौके पर पहुंचे तथा शहीद समर्थकों द्वारा गठित ५ सदस्यीय कमेटी से बातचीत कर मामला सुलझाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने शहीद समर्थकों को आचार संहिता लगी होने का हवाला देते हुए कहा कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार का बवाल पैदा करना खतरनाक हो सकता है, लेकिन शहीद समर्थक अपनी मांग पर अड़े रहे, जिससे वार्ता विफल हो गई तथा ग्रामीण प्रशासनिक आह्वान को दरकिनार करते हुए चौक में शहीद की प्रतिमा स्थापित करने के लिए शहर की ओर कूच कर गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने किशनपुरा पुल के पास नाकेबंदी करते हुए ग्रामीणों को रोकने का प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। नाकेबंदी का नेतृत्व कर रहे पुलिस उपाधीक्षक बलवीर ङ्क्षसह, पुलिस उपाधीक्षक मु2यालय एस.एस. श्योराण, पुलिस थाना प्रभारी रमेश चंद्र, सिरसा के यातायात पुलिस प्रभारी जोगेंद्र ङ्क्षसह के समझाने पर जब शहीद समर्थक नहीं माने तो मौके पर जिला उपायुक्त युद्धवीर ङ्क्षसह 2यालिया तथा पुलिस अधीक्षक सुभाष यादव पहुंच गए तथा शहीद समर्थकों को समझाने का प्रयास किया। इसी बीच शहीद के कुछ समर्थक किसी ओर रास्ते से होते हुए शहीद की प्रतिमा को लाकर पंचमुखी चौक में स्थापित कर दिया, जिसे चौक में तैनात पुलिस ने तुरंत ही हटा दिया तथा प्रतिमा को थाने में भिजवा दिया गया। इस पर शहीद समर्थक भड़क उठे तथा स्थिति तनावपूर्ण हो गई।