युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

29 जनवरी 2011

कार में मिली मेडिकल नशे की खेप


डबवाली (लहू की लौ) ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को नशे में डूबोने के लिए नशे के सौदागर आमदा हैं। शहर के मेडिकल स्टोरों पर धड़ाधड़ हो रही छापामारी से भी सौदागरों के हौंसले नहीं डिगे हैं। बल्कि क्षेत्र में नशे की सप्लाई और बढ़ा दी है। बेखौफ होकर इलाके के गांवों में नशा भेजा जा रहा है।
दिन छुपते निकलते हैं बिलों से
दिन छुपते ही नशे के कारोबारी नशा सप्लाई करने के लिए अपने बिलों में से निकल लेते हैं और अपने काम को बड़ी चतुराई से अंजाम देकर वापिस अपने बिल में छुप जाते हैं। किसी को कानों कान खबर तक नहीं होती। सुबह होते ही मेडिकल स्टोरों पर धड़ल्ले से नशा बिकना शुरू हो जाता है। फिर वहीं कहानी सामने आ जाती है, देश का युवा कूड़ा घरों या शौचालयों के इर्द-गिर्द नशे में पड़ा दिखाई देता है।
पुलिस को देखकर भागे गाड़ी चालक
गुरूवार रात करीब सवा नौ बजे घने अंधेरे का फायदा उठाकर नशे की खेप पहुंचाने के लिए ग्रामीण आंचल में जा रहे दो कार सवार पुलिस को अपने पीछे पाकर गाड़ी छोड़ भागे। पुलिस द्वारा जब कार की तालाश ली गई तो उसमें से भारी मात्रा में नशे में प्रयुक्त की जाने वाली दवाईयां बरामद हुई।
नाका लगा रखा था
मामले की विस्तृत जानकारी अनुसार गुरूवार रात करीब नौ बजे औढ़ां के पास स्थित एक पेट्रोल पंप पर लूट की घटना हुई थी। लूट के बाद जिला की पुलिस को सतर्क कर दिया गया। आदेश पाकर थाना सदर पुलिस डबवाली ने भी जगह-जगह नाके लगाकर संदिग्ध गाडिय़ों की निगरानी करनी शुरू कर दी। थाना सदर पुलिस के एएसआई जय सिंह गांव मांगेआना के पास नाका लगाए हुए थे। इसी दौरान उन्हें डबवाली साईड से एक गाड़ी आती हुई दिखाई दी। गाड़ी को रूकने का इशारा किया गया, लेकिन पुलिस को देखकर गाड़ी चालक ने गाड़ी की गति बढ़ा दी। शक के आधार पर पुलिस ने गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। पुलिस को अपने पीछे देखकर कार सवार दो व्यक्ति गाड़ी को वहीं छोड़कर खेतों में जा भागे। बाद में तालाशी लेने पर पुलिस को गाड़ी से नशे में प्रयुक्त होने वाली दवाईयां मिली। संभव है कि नशे की यह खेप ग्रामीण क्षेत्र में भेजी जा रही थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि नशे की यह खेप डबवाली से ही भरी गई।
600 शीशी रेकोडैक्स बरामद
थाना सदर पुलिस के प्रभारी एसआई रतन सिंह ने बताया कि गुरूवार रात को औढ़ां में पेट्रोल पंप पर लूट के बाद पुलिस को चौकन्नी कर दिया गया था। गांव मांगेआना के पास पुलिस नाका लगाए हुई थी। डबवाली साईड से कालांवाली की ओर जा रही एक गाड़ी को इशारा करने के बावजूद गाड़ी नहीं रूकी। पीछा करने पर गाड़ी सवार भाग गए। गाड़ी की चैकिंग करने पर गाड़ी की डिग्गी से पुलिस को 600 शीशी रेकोडेक्स बरामद हुई। पुलिस ने रपट दर्ज करके आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
ड्रग इंस्पेक्टर ने की जांच
ड्रग इंस्पेक्टर रजनीश धानीवाल ने बताया कि पुलिस द्वारा पकड़ी गई दवाईयों की चैकिंग करने के बाद इसकी रिपोर्ट दे दी है। यह दवाईयां नशे में प्रयुक्त हो सकती हैं। जोकि एनडीपीएस के तहत अपराध है।
छापों के बावजूद नशे की स्मगलिंग
डबवाली शहर में पिछले कुछ सप्ताह से मेडिकल स्टोरों पर दे दनादन छापे पड़ रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद नशे के कारोबारी बेखौफ हैं। फिर वही सवाल उठ रहा है कि नशा कहां से आ रहा है? इसे कौन लेकर आ रहा है? नशे के कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं?

सीवरेज युक्त पानी की आपूर्ति, लोग भड़के


डबवाली (लहू की लौ) घरों में सीवरेज युक्त पानी की आपूर्ति को लेकर चार वार्डों के निवासियों ने शुक्रवार को जनस्वास्थ्य विभाग कार्यालय के समक्ष धरना दिया। विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया।
वार्ड नं. 13,14,15,16 में पिछले कुछ दिनों से सीवरेज युक्त पानी की आपूर्ति हो रही थी। शिकायत करने के बावजूद पेयजल आपूर्ति ज्यों की त्यों थी। शुक्रवार को गुस्साए लोग सीवरेज युक्त पानी की बोतल भरकर जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में पहुंचे और कार्यालय के आगे धरना दे दिया। नारेबाजी करते हुए जोरदार प्रदर्शन किया। आक्रोशित लोग मौका पर आए जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई कंवर लाल से उलझ गए और उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई।
प्रदर्शन कर रहे फकीर चन्द, प्रेम कुमार कनवाडिय़ा, राजकुमार, प्रभु दयाल, नरेश, कालू, मोहन लाल, मुन्ना, शांति, कमलेश, कमला, गुड्डी, कलां देवी, सुमित्रा देवी ने बताया कि उनके वार्डों में पिछले दस दिनों से सीवरेज युक्त पानी की आपूर्ति हो रही है। वे कई बार जनस्वास्थ्य विभाग में शिकायत लेकर आ चुके हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। गंदे पेयजल की आपूर्ति से उनके वार्डों में रोग फैलने का भय भी सताने लगा है। कईयों को पेट दर्द की शिकायत हो चुकी है।
करीब एक घंटा तक गुस्साए लोग विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई कंवर लाल से समस्या का जल्द हल करवाए जाने का आश्वासन पाने के बाद प्रदर्शनकारी शांत हुए।
बाद में एसडीई कंवर लाल ने बताया कि उन्हें आज ही इस समस्या के बारे में मालूम हुआ है। वे जल्द इसका समाधान करवाएंगे। शनिवार शाम तक उक्त इलाकों में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करवा दी जाएगी। एसडीई के अनुसार डयूटी में कोताही बरतने वाले कर्मचारी पर भी कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम कार्यालय में घुसे प्रदर्शनकारी मनरेगा मजदूर


डबवाली (लहू की लौ) गांव खुईयांमलकाना के मनरेगा मजदूरों ने गांव के सरपंच पर कार्य देने में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यालय के समक्ष नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। गुस्साए मजदूर नारेबाजी करते हुए एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय में घुस गए।
मनरेगा मजदूर सरजंट सिंह, राजकुमार, रवि कुमार, धर्मवीर, जगपाल, रमेश लाल, पवन कुमार, बंटी, सुरेन्द्र कुमार, बलविंद्र सिंह, जग्गा राम, सुभाष, रवि, हरी सिंह, विक्रमजीत, सोनू कुमार, ओमप्रकाश, काका, गुरप्रीत सिंह, सतनाम सिंह आदि ने आरोप लगाया कि उनके गांव में मनरेगा के तहत जो भी कार्य होता है, उसमें भेदभाव बरता जाता है। उनके अनुसार गांव की सरपंच महिला है, जिसके चलते सरपंच का कार्य उसके पति सुखदेव सिंह देखते हैं। कुछ दिन पूर्व गांव में बने स्टेडियम में मनरेगा के तहत कार्य चलाया गया था, लेकिन उन्हें वहां कार्य नहीं दिया गया। गुरूवार को फिर से खालों की सफाई का कार्य शुरू हुआ है, इसमें भी उन्हें कार्य नहीं दिया गया। मनरेगा मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत उनके रोजगार गारंटी कार्ड बनाए गए हैं। लेकिन उन्हें आज तक वे मुहैया नहीं करवाए गए। कार्डों में क्या भरा जा रहा है, वे नहीं जानते।
इससे पूर्व मनरेगा मजदूरों ने उपमण्डलाधीश कार्यालय के आगे जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। देखते ही देखते ये मजदूर एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय में जा घुसे और खुईयांमलकाना में मनरेगा योजना के तहत करवाए गए कार्यां की जांच की मांग की। बाद में अपनी मांगों के समर्थन में एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। जांच का आश्वासन पाने के बाद गुस्साए मजदूर शांत हुए।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि मनरेगा मजदूरों की शिकायत पर बीडीपीओ राम सिंह को जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस संदर्भ में जब गांव खुईयांमलकाना की सरपंच के पति सुखदेव सिंह से पूछा गया तो उन्होंने उपरोक्त आरोपों को निराधार करार दिया। उन्होंने बताया कि गुरूवार को ही मनरेगा के तहत कार्य शुरू हुआ है। काम के मुताबिक मनरेगा मजदूरों को लगाया गया है। कार्य देने में किसी मजदूर से भेदभाव नहीं किया जा रहा। उन्होंने स्वीकारा की कुछ मजदूरों के जॉब कार्ड कार्य भरने के लिए उनके पास पड़े थे। जिन्हें जल्द ही मजदूरों को वितरित कर दिया जाएगा।

औढ़ां में खुलेगी आईटीआई


सिरसा। सरकार द्वारा शुरु किए गए बहुक्षेत्रीय विकास कार्यक्रम के अंतर्गत सिरसा जिला में शुरु की गई अल्पसंख्यक जिला विकास योजना के माध्यम से औढ़ां गांव में साढ़े 4 करोड़ रुपए की लागत से औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान खोला जाएगा जिसकी स्वीकृति केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलों मंत्रालय द्वारा प्राप्त हो गई है।
यह जानकारी देते हुए उपायुक्त सीजी रजिनीकांथन ने बताया कि अल्पसंख्यक जिला विकास योजना के तहत जिला में अब तक विभिन्न क्षेत्रों में 9 करोड़ 90 हजार रुपए की राशि  खर्च की जा चुकी है जबकि इस योजना के तहत 10 करोड़ 75 लाख 90 हजार रुपए की राशि जिला प्रशासन को प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि ओढ़ां में आईटीआई बनने से सिरसा जिला में पांच राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान स्थापित हो जाएंगे। पहले से सिरसा जिला में एक महिला औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान सहित चार आईटीआई कार्य कर रही है जिनमें 1892 विद्यार्थियों को दो दर्जन से भी अधिक ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ओढ़ां के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान के लिए सात ट्रेड स्वीकृत की गई है जिनमें 175 से भी अधिक विद्यार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा सकेगा।
उन्होंने बताया कि उक्त योजना तकनीकी शिक्षा, गरीबों को छत मुहैया करवाने और बच्चों के विकास के साथ-साथ युवाओं को विभिन्न कार्यों में निपुण करने के लिए महत्वपूर्ण सिद्ध हुई है। सिरसा जिला में अल्पसंख्यक जिला विकास योजना के तहत स्कूल कमरे बनवाने के लिए 3 करोड़ 96 लाख 90 हजार रुपए की राशि स्वीकृत की गई है जिसमें से 1 करोड़ 62 लाख 90 हजार रुपए की राशि खर्च करके 95 स्कूल कमरों का निर्माण करवाया जा चुका है। इसी प्रकार से उक्त योजना के तहत 2 करोड़ 13 लाख रुपए की राशि खर्च करके 71 आंगनवाड़ी केंद्रों का निर्माण करवाया गया है। आंगनवाड़ी के प्रत्येक केंद्र के निर्माण पर 3 लाख रुपए की राशि खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि जिला में अब कुल 914 आंगनवाड़ी केंद्र काम कर रहे है जिनमें से 335 आंगनवाड़ी केंद्र अल्संख्यक बाहुल्य गांव में स्थापित है। उन्होंने बताया कि अल्पसंख्यक जिला विकास योजना के तहत सबसे अधिक 20 आंगनवाड़ी केंद्र बड़ागुढ़ा में बनाए गए है। इसी प्रकार से औढ़ा में 18, ऐलनाबाद और डबवाली में एक-एक दर्जन, सिरसा में 2 और नाथूसरी चौपटा में एक आंगनवाड़ी केंद्र बनाया गया है।

सबस्टेशन में गूंजे सरकार विरोधी नारे


डबवाली (लहू की लौ) 'हमारी मांगे पूरी करोÓ, 'हरियाणा सरकार मुर्दाबादÓ, 'हुड्डा सरकार हो बर्बादÓ, 'कर्मचारी एकता जिन्दाबादÓ के नारे गांव डबवाली स्थित बिजली निगम के 132केवी सबस्टेशन में खूब गूंजे। हरियाणा कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर सरकारी महकमों के कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर प्रदेश सरकार को कोस रहे थे। प्रदर्शन में जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्यलूडी, बीएण्डआर, बिजली विभाग, हरियाणा रोड़वेज के कर्मचारियों ने भाग लिया।
गुरूवार सुबह हरियाणा कर्मचारी महासंघ से जुड़े कर्मचारी महासंघ की डबवाली ईकाई के अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा के नेतृत्व में बिजली निगम कार्यालय में जमा हो गए। अपने नेता की अगुवाई में कर्मचारियों ने प्रदेश सरकार के विरूद्ध नारेबाजी कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। ओमप्रकाश शर्मा ने बताया कि सितंबर 2010 में सरकार ने कर्मचारियों की मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया था। लेकिन इसके बावजूद आज तक एक भी मांग पूरी नहीं हुई।
शर्मा के अनुसार प्रदेश के कर्मचारी 11 सूत्री मांगों को लेकर संघर्षरत हैं। उनकी मांगों में मुख्य तौर पर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करना, ठेकेदारी प्रथा बंद करना, कर्मचारियों की नियमित भर्ती करना आदि शामिल हैं। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश शर्मा तथा महासचिव वीर सिंह जींद में कर्मचारियों की मांगों के लिए आमरण अनशन पर बैठे थे। सीएम के इशारे पर पुलिस ने दोनों कर्मचारी नेताओं को जबर्दस्ती अस्पताल उठाकर अस्पताल में डाल दिया। आगामी 1 फरवरी को जींद में चल रहे धरने में जिला सिरसा से हजारों की संख्या में कर्मचारी भाग लेंगे।
इस मौके पर केवल कृष्ण, पवन शर्मा, रामअवतार, निहाल सिंह, देवीलाल, पाल सिंह, सुभाष कुमार, मनोज शर्मा, विजय पाण्डे, चन्द्रभान नेहरा, जगदीश मैहता, रामकिशन, जोगिन्द्र सैनी, चिरंजी लाल, जसविंद्र सिंह, जेई गुरबख्श सिंह सहित कई कर्मचारी नेता उपस्थित थे।

मुख्य सिपाही ने दी गवाही


सिरसा। पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में गुरूवार को सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। अदालती कार्रवाई में मुख्य सिपाही धर्मचंद ने सीबीआई के विशेष जज एएस नारंग के समक्ष गवाही दी। अदालत द्वारा गवाही पर जिरह के लिए शुक्रवार की तारीख निर्धारित की गई है।
ज्ञातव्य हो कि पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में गुरूवार अदालत में सुनवाई होनी थी। सीबीआई के विशेष जज एएस नारंग के समक्ष मुख्य सिपाही धर्मचंद ने गवाही दर्ज करवाई। धर्मचंद छत्रपति हत्याकांड के समय खैरपुर पुलिस चौकी में बतौर सिपाही नियुक्त था। धर्मचंद ने अपनी गवाही में बताया कि 24 अक्तूबर 2002 को वह अपने साथी अमरपाल व जगमिन्दर के साथ चौकी के समीप ही गश्त पर था। रात्रि करीब पौने आठ बजे छत्रपति आवास की ओर से गोली चलने की आवाज आई। आवाज सुन वे घटना स्थल की ओर दौड़े। उन्होंने देखा कि स्कूटर पर सवार दो युवक भागने की फिराक में थे।
धर्मचंद ने बताया  कि उन्होंने घटना स्थल से कुलदीप नामक युवक को धरदबोचा। उसका अन्य साथी निर्मल भागने में सफल रहा। 26 अक्तूबर को नाकाबंदी के दौरान निर्मल को भी काबू कर लिया गया। आरोपियों के कब्जे से उन्होंने हत्या में प्रयुक्त 32 बोर का रिवॉल्वर, जिंदा कारतूस, तलवार व खुखरी आदि बरामद किए। वहीं विगत 21 तारीख से व्यक्तिगत पेशी से छूट पाए मुख्य आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां ने गुरूवार को अदालत के समक्ष हाजिरी लगाई। गुरमीत सिंह अदालत द्वारा निर्धारित दोपहर दो बजे के समय पर अदालत पहुंचे। अदालती कार्रवाई 5 बजे तक चली।