युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

22 सितंबर 2011

बेवफाई पर ट्रेन के आगे लेटी


दोनों ने खाई थी साथ मरने की सौगंध, फोन करने के बावजूद नहीं पहुंचा प्रेमी
डबवाली (लहू की लौ) आशिक के फोन न उठाने पर गुस्से में आई प्रेमिका गाड़ी के आगे आकर अपनी दोनों टांगें कटवा बैठी। दोनों में करीब बीस बरस से प्रेम चल रहा था। गंभीर हालत में उसे बठिंडा के एक अस्पताल में एडमिट करवाया गया है।
बुधवार को बठिंडा से कंटेनर लोड़ किए मालगाड़ी डबवाली के लिए आ रही थी। जिसे संत राम चला था। जबकि गाड़ी पर एएलपी के तौर पर पंकज कुमार तथा गार्ड के रूप में सीता राम नियुक्त थे। सुबह करीब 7.30 बजे जस्सी बागवाली के निकट खेतों की ओर से आई एक महिला अचानक पटरी पर लेट गई। यह देखकर संत राम ने अचानक ब्रेक लगा दी। लेकिन रूकते-रूकते गाड़ी उसकी टांगों को काट गई। गाड़ी करीब आधा घण्टा वहीं रूकी रही। तीनों ने बड़ी मुश्किल से महिला को बाहर निकाला। महिला की गंभीर हालत को देखते हुए उसे उपचार के लिए डबवाली के रेलवे स्टेशन पर ले आए। यहां से डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के सदस्यों ने उसे उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सक ने उसे सिरसा रैफर कर दिया। लेकिन उसके परिजन उसे बेहतर इलाज के लिए बठिंडा ले गए।
सरकारी अस्पताल में घायल महिला ने अपनी पहचान 35 वर्षीय अमरजीत कौर निवासी जस्सी बागवाली के रूप में करवाते हुए बताया कि वह पंजाब के गांव नगला की रहने वाली है। उसकी शादी 1989 में जस्सी बागवाली (जिला बठिंडा) निवासी धन्ना राम के साथ हुई थी। उसके दो बेटे जसविंद्र सिंह तथा हरविंद्र हैं। करीब बीस साल पहले उसका गांव जस्सी बागवाली के गुलाब सिंह नामक व्यक्ति से प्रेम हो गया। गुलाब भी शादीशुदा है। उनके प्रेम प्रसंगों के बारे में दोनों परिवारों को पता है। जिसके चलते दोनों के घरों में क्लेश रहने लगा।
महिला के अनुसार वे दोनों अलग-अलग नहीं रहना चाहते थे। इसी के चलते गुलाब ने उसे डबवाली में किराए पर कमरा लेकर दे दिया। यहां वह दो साल रही। डेढ़ माह पूर्व ही वह गांव जस्सी बागवाली लौटी थी। लेकिन गुलाब के घर में क्लेश फिर भी कम नहीं हुआ। चार दिन पूर्व गुलाब ने उसकी सौगंध खाते हुए साथ-साथ मरने का वचन किया था। साथ-साथ मरने के लिए दोनों ने बुधवार सुबह का समय रखा। वह सुबह 6.30 बजे गुलाब के खेत में पहुंच गई। लेकिन गुलाब नहीं आया। उसने कई दफा उसका फोन मिलाया। लेकिन उसने अपना मोबाइल नहीं उठाया। आखिर में मोबाइल स्विच ऑफ कर दिया। प्रेमी की इस बेवफाई के कारण वह मरने के लिए रेल पटरी पर लेट गई।
मालगाड़ी के एएलपी पंकज कुमार ने बताया कि गाड़ी को देखकर महिला तेजी से खेतों से निकलकर पटरी पर लेट गई। उन्होंने गाड़ी के ब्रेक लगा दिए। लेकिन फिर भी गाड़ी के कुछ डिब्बे उसकी टांगों से गुजर गए।
जीआरपी बठिंडा के प्रभारी एसआई कर्म सिंह ने बताया कि उपरोक्त मामले की जानकारी उन्हें मिली है। घायल अमरजीत कौर बठिंडा के एक अस्पताल में उपचाराधीन है। उसके ब्यानों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
मुझे अंधे प्रेम की सजा मिली
मेरी शादी पंद्रह साल की उम्र में कर दी गई थी। दो बेटों की मां होने के बावजूद उसने गुलाब से मुहब्बत की। उसने बीस साल तक उसकी हर बात मानी। उसकी बात का पलट कर जवाब तक नहीं दिया। रामां मण्डी में मनमीत ब्यूटी पार्लर चलाया। गुलाब की खातिर वह भी छोड़ दिया। उसके प्यार पर अपना परिवार तक कुर्बान कर दिया। उसके कहने पर मरने के लिए राजी हुई। लेकिन कसम देकर वह नहीं आया। मेरे अंधे प्यार की सजा मुझे मेरे परिवार से बिछुड़कर तथा दोनों टांगें कटवाकर मिली है। -अमरजीत कौर

गंदे पानी की आपूर्ति पर बिफरी महिलाएं, दो दिन की अल्टीमेटम


डबवाली (लहू की लौ) शहर के सीवरेज का गंदा पानी निकालने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग को जमीन नहीं मिल रही है। वहीं पाईपों में रूका गंदा पानी पेयजल आपूर्ति के समय घरों में सप्लाई हो रहा है। शहर में लोग बीमार पडऩे लगे हैं। वहीं लोगों में विरोध के स्वर भी गूंजने लगे हैं। बुधवार को दिन उगते ही महिलाएं विभाग के कार्यालय पहुंची। महिलाओं ने जमकर बवाल काटा। वहां उपस्थित कनिष्ठ अभियंता को दो दिन के भीतर समस्या का हल करने की चेतावनी दे डाली है। शहर के सीवरेज का गंदा पानी निकालने के लिए डिस्पोजल की भूमि छोटी पड़ गई है। जिसके चलते तीन दिनों से सीवरेज का पानी पाईपों में जमा है। पाईपें धीरे-धीरे भर रही हैं। वहीं नहरबंदी के कारण पानी की समस्या भी गहरा गई है। टयूब्बैल के पानी को स्टॉक किए गए पानी के साथ मिलाकर पेयजल आपूर्ति की जा रही है। लेकिन आपूर्ति में सीवरेज का गंदा पानी मिक्स होकर घरों तक पहुंच रहा है। जिससे लोग बीमार पड़ रहे हैं। बुधवार को शहर के पुराना हनुमान मंदिर क्षेत्र की महिलाएं जनस्वास्थ्य विभाग के कार्यालय में पहुंची। मौका पर उपस्थित कनिष्ठ अभियंता सतपाल रोज को खूब खरी-खोटी सुनाई। प्रवीण रानी, आशा रानी, अंजू, संतोष देवी, पूजा, किरण, रीना, सीमा ने बताया कि उनके क्षेत्र में पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही है। लेकिन जब भी पानी आता है तो सीवरेज युक्त पानी। यह पिछले चार साल से हो रहा है। वे कई बार विभाग को लिखित शिकायत दर्ज करवा चुकी है। लेकिन आज तक उनकी समस्या का हल नहीं हुआ। अब तो हालात और भी गंभीर हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों से बदबूदार काला पानी उनके घरों में आ रहा है। परिवार के सदस्य बीमार पड़ रहे हैं। क्षेत्र में ऐसा कोई घर नहीं, जिसका सदस्य उल्टी, दस्त रोग का शिकार न हो।
इन महिलाओं ने कनिष्ठ अभियंता को दो दिन के भीतर समस्या का हल करके स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति करवाने की चेतावनी दी। महिलाओं के अनुसार अगर दो दिन के भीतर उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तो वे कार्यालय का घेराव करने को बाध्य होंगी।
जनस्वास्थ्य विभाग के कनिष्ठ अभियंता सतपाल रोज ने बताया कि पंजाब में नहरबंदी चल रही है। नहरों में पानी आने में कुछ दिन लगेंगे। स्टॉक किए गए पानी तथा टयूब्बैल के पानी को मिलाकर शहर के लोगों को पेयजल आपूर्ति की जा रही है। उन्होंने स्वीकार किया कि सीवरेज का पानी निकालने के लिए विभाग के पास जमीन नहीं है। जिसके चलते पानी पाईपों में रूका पड़ा है। कुछ जगहों पर यह पानी मिक्स होकर घरों में आ रहा है। ऐसी जगहों को चिन्हित करके ठीक किया जा रहा है।

पत्नी सहित चार पर मामला दर्ज


मास्टर गुरमीत सिंह आत्महत्या प्रकरण, विसरा की रिपोर्ट के लिए रिमाईंडर भेजा
डबवाली (लहू की लौ) एसएस मास्टर गुरमीत सिंह को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में शहर पुलिस ने तीन माह बाद चार जनों पर दफा 306 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। वहीं विसरे की रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए पुलिस ने संबंधित लैब को दूसरी दफा रिमाईंडर भेजा है।
डीएसपी बाबू लाल ने बताया कि गांव कालझराणी के सरकारी स्कूल में पढ़ाने वाले एसएस मास्टर गुरमीत सिंह का शव संदिग्ध परिस्थितियों में 15 जून को अलीकां रोड़ पर खेतों में पड़ा मिला था। इसकी जांच का जिम्मा शहर थाना प्रभारी डबवाली महा सिंह रंगा को सौंपा। करीब दो माह तक चली जांच के बाद शहर प्रभारी ने अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी। रिपोर्ट में शहर प्रभारी महा सिंह रंगा ने कहा है कि गुरमीत सिंह की शादी अबूबशहर की राजेंद्र कौर के साथ हुई थी। इस दौरान राजेंद्र कौर का परिवार डबवाली के प्रेमनगर में आ बसा। शादी के कुछ देर बाद ही वह गुरमीत पर डबवाली में रहने का दबाव डालने लगी। लेकिन गुरमीत अपने माता-पिता तथा भाई-बहनों के साथ रहने का इच्छुक था। लेकिन राजेंद्र कौर ने गुरमीत तथा उसके परिजनों पर दहेज प्रताडऩा का आरोप लगाकर मामला दर्ज करवा दिया। अपने परिवार को बचाने के लिए गुरमीत डबवाली बसने पर राजी हो गया। जिसके तुरंत बाद राजेंद्र कौर ने केस वापिस ले लिया।
रिपोर्ट के अनुसार मास्टर अपने ससुराल घर के नजदीक प्रेमनगर में ही मकान बनाकर रहने लगा। इस मकान पर उसने पैसा लगाया। लेकिन राजेंद्र कौर ने मकान अपने नाम करवा लिया। गुरमीत गांव कालझराणी में रहकर अपने माता-पिता की सेवा करने के साथ-साथ भाई-बहनों को पढ़ाना-लिखाना चाहता था। लेकिन यह बात उसके ससुरालियों को अखरती थी। 15 जून 2011 से पूर्व मृतक ने एक प्लॉट का सौदा किया था। वह प्लॉट को अपने नाम करवाना चाहता था। लेकिन उसकी पत्नी राजेंद्र कौर तथा सास जसपाल कौर प्लाट को अपने नाम करवाना चाहती थी। इसके लिए ससुराली उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त करने लगे। ससुरालियों द्वारा मजबूर करने पर ही गुरमीत ने आत्महत्या की। डीएसपी के अनुसार जांच रिपोर्ट के आधार पर मृतक गुरमीत सिंह की पत्नी राजेंद्र कौर, सास जसपाल कौर, ससुर बलवीर सिंह तथा साले बेअंत सिंह के खिलाफ मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीएसपी के अनुसार विसरे की रिपोर्ट के लिए पहले भी रोहतक तथा करनाल स्थित लैबों को लिखा गया था। अब पुन: रिमाईंडर निकाला गया है।

डीएपी खाद को लेकर किसानों ने काटा बवाल


डबवाली (लहू की लौ) नई अनाज मण्डी स्थित हैफेड की सोसाईटी पर डीएपी खाद को लेकर हुई किसानों तथा सोसाईटी अधिकारी में हुई मारपीट के बाद सोसाईटी पर पुलिस तैनात कर दी गई है। किसानों में खाद के वितरण को लेकर हैफेड के खिलाफ गहरा रोष पाया जा रहा है। वहीं उपमण्डलाधीश ने नंबर सिस्टम लागू करते हुए खाद वितरण के आदेश जारी किए हैं।
खाद लेने के लिए गांव बिज्जूवाली, अहमदपुर दारेवाला, गंगा, जण्डवाला बिश्नोईयां, सुकेराखेड़ा, नुहियांवाली के किसान बुधवार सुबह 5 बजे से सोसाईटी के आगे जमा थे। करीब 10 बजे सोसाईटी के अधिकारियों ने पुलिस सुरक्षा के बीच खाद वितरित करने का फरमान सुना दिया। सुबह से खाद की इंतजार में बैठे किसान भड़क उठे। सैंकड़ों किसान उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय में पहुंचे। यहां जमकर बवाल काटा। उपमण्डलाधीश के समक्ष खाद वितरण में बरती जा रही लापरवाही का जिक्र किया।
किसान जयदयाल नंबरदार, रामप्रताप, प्रेम कुमार, बलविंद्र सिंह सरपंच, मक्खन लाल, चमकौर सिंह, सुखवंत सिंह, हरनेक सिंह, गुलाब सिंह, आसा राम, नेकी राम ने बताया कि प्रति राशन कार्ड पर पांच बैग डीएपी खाद देने का प्रावधान है। लेकिन लाईन में लगे होने के बावजूद खाद उपलब्ध नहीं करवाई जा रही। बल्कि खाद को ब्लैक के जरिए चोरी मोरी से बेचा जा रहा है। किसानों के अनुसार गांवों में सोसाईटियां बनी हुई है। वहां खाद न देकर किसान को 25-30 किलोमीटर दूर डबवाली में खाद देने का आश्वासन दिया जाता है। लेकिन इसके बावजूद भी खाद मुहैया नहीं करवाई जाती। वे पिछले दो दिनों से लाईन में लगकर खाद मिलने का इंतजार कर रहे हैं। उपमण्डलाधीश ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध करवाने का आश्वासन देकर शांत किया।
उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि डीएपी खाद लेने के लिए लाईन में लगने वाले प्रत्येक किसान को नंबर लिखी पर्ची दी जाएगी। इस नंबर के आधार पर ही किसान को खाद दी जाएगी। प्रति राशन कार्ड के आधार पर पांच बैग डीएपी देने के निर्देश दिए गए हैं। मंगलवार देर शाम को किसानों और सोसाईटी अधिकारी लीलाधर के बीच हुई मारपीट के बाद कानून व्यवस्था को देखते हुए सोसाईटी पर पुलिस तैनात कर दी गई है।

प्रशासन ने हटाया अतिक्रमण


डबवाली (लहू की लौ) बुधवार को नगरपालिका ने अतिक्रमण के खिलाफ अभियान छेड़ते हुए कलोनी रोड़ और मुख्य बाजार में पालिका की जमीन पर पड़ा दुकानदारों का सामान कब्जे में ले लिया। दोपहर को उपमंडलाधीश डॉ. मुनीष नागपाल ने  नगरपालिका अधिकारियों की अपने कार्यालय में बैठक ली। उन्हें उपायुक्त सिरसा से आये आपात आदेशों से अवगत करवाया। जिसमेें कहा गया कि पालिका अतिक्रमण के खिलाफ अभियान छेड़ कर 26 सितम्बर को होने वाली बैठक में इस संबंधी रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
बैठक के बाद नगरपालिका सचिव राजा राम भुक्कल के नेतृत्व में पालिका अभियन्ता फूल सिंह, भवन अभियन्ता सुमित ढांडा, सैनेटरी इंस्पेक्टर अविनाश सिंगला ने एसआई घड़सा राम के साथ कलोनी रोड़ से अतिक्रमण के खिलाफ अभियान शुरू किया। यह अभियान मुख्य बाजार तक चला। अभियान शाम को 3.30 पर शुरू हुआ और 5 बजे तक जारी रहा। कलोनी रोड़ तथा मेन बाजार से अतिक्रमण स्थल पर रखे गये सामान को दो ट्रालियों में भर कर पालिका में ले जाया गया।

लसाड़ा ने बढ़ाई दिलों की धड़कनें


डबवाली (लहू की लौ) पंजाब-हरियाणा को बाढ़ से बचाने के लिए बना लसाड़ा नाला एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। बेमौसमी बरसात, फैक्ट्रियों तथा सीवरेज के गंदे पानी से लबालब हुआ नाला टूट की कगार पर पहुंच गया है। पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर आ गया है। नैशनल हाईवे नं. 64 के साथ-साथ नाले से दो किलोमीटर दूर स्थित बठिंडा-बीकानेर रेलमार्ग कभी भी बंद हो सकते हैं। पंजाब ड्रेनज विभाग ने नाले पर चौकसी कड़ी कर दी है। वहीं नाला के उफनते ही हरियाणा-पंजाब की राजनीति भी उफनने की संभावना बन गई है।
साल 1963 में भारत सरकार ने लसाड़ा नाले का निर्माण संयुक्त पंजाब में करवाया था। जिसका मुख्य उद्देश्य बरसात के समय आने वाली बाढ़ से मुक्ति दिलाना था। ताकि फालतू पानी को नाले की मदद से राजस्थान के सूखाग्रस्त इलाके में छोड़ा जा सके। यह नाला पंजाब के जिला लुधियाना के गांव तमोट से चलकर लुधियाना, बरनाला, संगरूर, बठिंडा तथा हरियाणा के जिला सिरसा से होता हुआ राज्य के अंतिम छोर पर राजस्थान सीमा के निकट खत्म होता है। नाला करीब 255 किलोमीटर लम्बा है। जिसका 200 किलोमीटर क्षेत्र पंजाब में तथा 55 किलोमीटर क्षेत्र हरियाणा में आता है।
साल 1992 की हरियाणा सरकार ने अपने क्षेत्र में इस नाले को बंद करके जमीन किसानों को वापिस दे दी। लेकिन अधिक बरसात, फैक्ट्रियों तथा सीवरेज के गंदे पानी से यह नाला हर साल उफनता है। नाले के उफनते ही डबवाली-बठिंडा मार्ग पर आने वाले गांवों में रहने वाले लोगों के दिलों की धड़कन तेज हो जाती है। इस बार बेमौसमी बरसात के कारण पानी खतरे के निशान से भी ऊंचा चला गया है। डबवाली से महज सात किलोमीटर दूर स्थित गांव पथराला के निकट पानी डबवाली-बठिंडा मार्ग के नजदीक जा लगा है। वहीं यहां से रेलमार्ग की दूरी भी महज दो किलोमीटर है।
सूचना पाकर पंजाब डे्रनज विभाग मानसा के एक्सीयन विजय गर्ग ने स्थिति का जायजा लिया। इस मौके पर गांव पथराला, डूमवाली, कुटी, चकरूलदू सिंह वाला, जस्सी बागवाली, गुरथरी, मशाना, धुनेवाला, शेरगढ़, कोटफत्ता के ग्रामीणों ने ड्रेनेज को हरियाणा क्षेत्र में खोलने की मांग की। ग्रामीणों के अनुसार अगर हरियाणा अपने क्षेत्र में ड्रेन को नहीं खोलता तो इसके लिए पंजाब सरकार को इसका हल ढूंढऩा ही होगा। गांव पथराला के सरपंच लुधर सिंह, बाबा जीवन सिंह स्पोट्र्स क्लब के उपप्रधान अवतार सिंह, राम सिंह, सुक्खा ने बताया कि डे्रन से पानी बाहर बह रहा है। एक आध-बारिश से पानी गांव में घुस सकता है। पंचायत ने अपने तौर पर गांव की ओर मिट्टी से भरे बैग लगाकर बांध को ऊंचा और मजबूत कर दिया है। ऐसे में पानी डबवाली-बठिंडा मार्ग पर जाएगा। सरपंच के अनुसार वे कई दफा ड्रेनेज विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर ड्रेनेज का स्थाई हल निकालने की गुहार लगा चुके हैं। लेकिन कोई परिणाम नहीं निकल रहे।
पंजाब डे्रनज विभाग मण्डल मानसा के अभियंता विजय गर्ग ने बताया कि विभाग लसाड़ा नाला पर लगातार नजर बनाए हुए है। पीछे से पानी कम करवा दिया गया है। हरियाणा में पड़ते नाले को खुलवाने के लिए वे कई दफा अपने उच्च अधिकारियों के साथ-साथ मुख्य सचिव, पंजाब को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन पत्र घूम कर पुन: उनके पास आ जाता है। यह मामला सीएम टू सीएम है। उन्होंने स्वीकार किया कि अगर इस समस्या का जल्द कोई हल न सुझाया गया तो आने वाले समय में काफी नुक्सान उठाना पड़ सकता है। इस मसले पर वे दोबारा अपने उच्च अधिकारियों को लेटर लिखकर गंभीर होती स्थिति के बारे में अवगत करवाएंगे।

साहब! ससुर के साथ भाग आई मेरी बहू


डबवाली (लहू की लौ) शहर पुलिस में दर्ज हुए दहेज प्रताडऩा के एक मामले पर बवाल खड़ा हो गया है। आरोप है कि शिकायतकात्री अपने ससुर के साथ भागकर डबवाली में बस गई। अपने ससुरालियों की जमीन हथियाने के मकसद से उपरोक्त केस दर्ज करवा दिया। डीएसपी डबवाली मामले की जांच कर रहे हैं।
डबवाली की अग्रवाल धर्मशाला के नजदीक रहने वाली सोनू रानी ने बठिंडा जिला की संगत मण्डी के निवासी अपने पति जनकराज, जेठ राजेन्द्र कुमार, सास कौशल्या देवी, ननद उषा पर दहेज में दो लाख रूपए मांगने का आरोप लगाते हुए अदालत में इस्तगासा दायर किया। इस्तगासा पर सुनवाई करते हुए अदालत ने दफा 156 (3) सीआरपीसी के तहत पुलिस को मामला दर्ज करके जांच करने के आदेश दिए। अदालत के आदेश पर पुलिस ने उपरोक्त चारों के खिलाफ दफा 498/406/323 के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी।
मामले की जांच डीएसपी बाबू लाल ने अपने हाथों में लेते हुए दोनों पक्षों को मंगलवार को अपने कार्यालय में तलब किया। संगत मण्डी निवासी कौशल्या देवी तथा उसकी बेटी उषा जांच में शामिल होने के लिए आई। 65 वर्षीय कौशल्या देवी पत्नी वेदप्रकाश ने बताया कि उसकी छोटे बेटे जनकराज की शादी साल 2005 में डबवाली निवासी सोनू रानी के साथ हुई थी। उनके दो बच्चे पांच वर्षीय गरिमा तथा तीन वर्षीय धु्रव हैं। कौशल्या देवी ने मामले को झूठा बताते हुए आरोप लगाया कि पांच माह पूर्व उसकी बहू अपने ससुर वेदप्रकाश के साथ घर से हजारों रूपए तथा सामान लेकर फरार हो गई। जिसकी शिकायत उन्होंने थाना संगत में दर्ज करवा रखी है। उसने  यह भी आरोप लगाया कि गांव फुल्लो मिट्ठी में पड़ी उनकी पांच बीघा जमीन को सोनू ने अपने नाम करवा लिया। अब वह अपने ससुर के साथ मिलकर संगत मण्डी में स्थित उनके घर को अपने नाम करवाना चाहती है।
डीएसपी बाबू लाल ने बताया कि बीती 15 सितंबर को सोनू की शिकायत पर शहर पुलिस ने संगत मण्डी के जनकराज, कौशल्या देवी, राजेन्द्र तथा उषा रानी के खिलाफ मामला दर्ज किया था। कौशल्या देवी ने अपना पक्ष रखते हुए उपरोक्त बात का जिक्र किया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच में दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

हैफेड सोसाईटी में किसानों और अधिकारियों में मारपीट


डबवाली (लहू की लौ) अभी बिजाई का सीजन भी नहीं है, लेकिन इसके बावजूद डीएपी खाद लेने के लिए किसानों की लम्बी लाईने सहकारी समितियों के समक्ष लगी हुई हैं। खाद को लेकर सहकारी समितियों के अधिकारियों तथा किसानों के बीच झगड़े भी हो रहे हैं।
मंगलवार को गांव बिज्जूवाली के बुधराम, दारेवाला के नुपा राम, गोदीकां के कुलदीप सिंह, उग्रसैन, गोरीशंकर, सुरिंद्र, अबूबशहर के काला लहोरिया, राजा सिधू, गुरजीत सिंह लहोरिया भी खाद लेने के लिए डबवाली की अनाज मण्डी में स्थित सहकारी समिति हैफेड में आए हुए थे। इन किसानों के अनुसार वे लोग लाईन में लगे हुए थे। लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें खाद नहीं दी गई। बल्कि झगड़ा करके उन्हें हैफेड की सोसाईटी से बाहर निकाल दिया गया। इन किसानों ने आरोप लगाया कि सोसाईटी के मैनेजर लीलाधर ने उनके कपड़े भी फाड़ डाले।
हैफेड के मैनेजर लीलाधर ने आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि जो भी किसान लाईन में लगा, उसे खाद मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों ने उससे गाली-गलौज। उनके अनुसार किसानों को संबंधित पैक्स में ही खाद उपलब्ध करवाई जा रही है। लेकिन पैक्स से एडवाईस बनाने के लिए कहा गया है। जिस पैक्स की एडवाईस उनके पास आती है, उन्हें खाद भिजवाई जा रही है। उनके अनुसार डबवाली पैक्स से संबंधित डबवाली, सांवतखेड़ा और नीलियांवाली में आज खाद उपलब्ध करवा दी गई है। जबकि बुधवार को शेरगढ़, खुईयां और अबूबशहर में भी खाद उपलब्ध करवा दी जाएगी।
लीलाधर के अनुसार बिजाई का मौसम नहीं है। 15 अक्टूबर से बिजाई शुरू होनी है। लेकिन इसके बावजूद किसान डीएपी लेने के लिए सोसाईटियों पर आने शुरू हो गए हैं। उनके अनुसार इसका कारण डीएपी के रेट भविष्य में बढऩे की संभावना है। इसलिए किसान चाहते हैं कि अभी से ही खाद खरीद ली जाए। उनके अनुसार इस समय डबवाली हल्का में एक लाख छब्बीस हजार बैग खाद के पड़े हैं। खाद की कमी नहीं है। उनके अनुसार इनमें से 47 हजार बैग पुराने रेट 600 रूपए प्रति बैग के हिसाब से उपलब्ध करवाए जाने हैं। इसके अतिरिक्त बैग बढ़े हुए रेटों पर दिए जाएंगे।

छित्तर-परेड़ से बचने के लिए चोर ने रख ली पिस्तौल


 डबवाली (लहू की लौ) नशा करके चोरी करते पकड़े जाने पर लोगों की खातिरदारी सह चुके एक युवक ने नजायज तरीके से देसी पिस्तौल खरीद ली। ताकि पकड़े जाने की सूरत में लोगों को डरा कर फरार हो सके।
शहर पुलिस ने रविवार को 32 बोर पिस्तौल तथा एक जिन्दा कारतूस के साथ गांव पक्काकलां के 21 वर्षीय छिन्दा को काबू किया था। सोमवार को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी डॉ. अतुल मडिय़ा की अदालत में पेश करके एक दिन के रिमांड पर ले लिया। रिमांड के दौरान पुलिस ने पिस्तौल सप्लायर का पता जानने का प्रयास किया। शहर पुलिस के प्रभारी महा सिंह रंगा ने बताया कि छिन्दा की निशानदेही पर पुलिस ने हनुमानगढ़ की सुरेशिया बस्ती तथा संगरिया के रेलवे स्टेशन के ईर्द-गिर्द कई जगह रेड़ की। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली।
थाना प्रभारी के अनुसार छिन्दा शहर में चोरी के एक मामले में आरोपी है। वहीं नशा करके सामान चुरा लेजाना उसका पेशा है। अपनी गतिविधियों के चलते शहर में कई बार मार खा चुका है। लेकिन चोरी करते उसे कोई दिक्कत न आए और पकड़े जाने की सूरत में हथियार के बल पर फरार हो सके, इसके लिए उसने 32 बोर देसी पिस्तौल खरीद ली।
रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद मंगलवार को छिन्दा को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी डॉ. अतुल मडिया की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।