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25 जून 2011

नशा मुक्ति केंद्र का संचालक टोंटी चोर!


डबवाली (लहू की लौ) मलोट रोड़ पर चौ. देवीलाल पार्क क्षेत्र में सार्वजनिक जगह पर लगी टोंटी चोरी करते हुए लोगों ने एक नशा मुक्ति केंद्र के संचालक को रंगे हाथों काबू कर लिया। नशा छुड़ाने वाला नशा मुक्ति केंद्र का यह संचालक नशे में था।
चौ. देवीलाल पार्क क्षेत्र में करीब एक माह से सार्वजनिक स्थलों पर लगी टोंटियां चोरी होने का सिलसिला बददस्तूर जारी था। पार्क के पास खड़े जीप चालक रोजाना अपनी जेब से पैसे खर्च करके टोंटी लगाते। अगली सुबह टोंटी गायब मिलती। रोज-रोज की चोरी से तंग आए जीप चालकों ने टोंटी चोर का पता लगाने की ठानी। इसके लिए गुरूनानक जीप यूनियन के अध्यक्ष अंग्रेज सिंह फौजी तथा शेर ए पंजाब जीप यूनियन के अध्यक्ष सोहनी लाल ने अन्य जीप चालकों के साथ मिलकर एक चार सदस्यीय टीम का गठन किया। इस टीम में जीप चालक मंदर सिंह घुमियारा, शिवराज सिंह, दलजीत सिंह तथा पुलिस कर्मी शिवराज सिंह शामिल थे। इस टीम ने गुरूवार की पूरी रात जागकर बिताई।
टीम के सदस्य मंदर सिंह, शिवराज सिंह ने बताया कि शुक्रवार अल सुबह करीब पौने चार बजे एक व्यक्ति पार्क के पास लगे प्याऊ पर आया और उस पर लगी टोंटी उतार ली। जब उन लोगों ने उसे फटकार लगाई तो उसने टोंटी वहीं एक स्थान पर रख दी और आराम से पार्क के पास पड़े एक मेज पर बैठ गया। पूछताछ करने पर उसने अपने आपको पशु मण्डी के नजदीक स्थित एक नशा मुक्ति केंद्र का संचालक बताया। जीप चालकों ने बताया कि उन लोगों ने उपरोक्त चोर के परिजनों से संपर्क साधा। परिजनों ने बताया कि वह मानसिक तौर पर परेशान है। मानसिक परेशानी में इस प्रकार की ऊल-जलूल हरकतें करता रहता है। इससे पहले की जीप चालक मामले को पुलिस में लेजाते, परिजनों के खेद जताने पर मामला ठंडा पड़ गया।

ससुराल में दामाद की हुई थी हत्या



पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा : बलदेव नाथ के सिर पर तेजधार हथियार मारकर की गई थी हत्या

डबवाली (लहू की लौ) गांव डबवाली में अपने ससुराल आए दामाद ने आत्महत्या नहीं की थी, बल्कि उसकी हत्या की गई थी। इस बात का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुआ है। थाना शहर पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर चार जनों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया है।
परिजनों को था हत्या का संदेह
21 जून को सिरसा निवासी बलदेव नाथ अपनी पत्नी सुरती देवी को लेने के लिए अपने ससुराल गांव डबवाली आया हुआ था। यहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। ससुराल पक्ष का कहना था कि बलदेव ने फांसी खाई है। जबकि सूचना पाकर डबवाली आए बलदेव के भाई बन्ना नाथ, चचेरे भाई सुखदेव नाथ ने उसके शरीर पर चोटों के निशान देखकर हत्या की आशंका जताई थी। उस समय पुलिस ने मृतक की बहन शिमला बाई निवासी सिरसा के ब्यान पर दफा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की।
पीजीआई रोहतक में हुआ पोस्टमार्टम
मृतक के परिजनों द्वारा हत्या की आशंका व्यक्त किए जाने पर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करने के लिए यहां के सरकारी अस्पताल के एसएमओ से बोर्ड गठित करने का अनुरोध किया। पुलिस के अनुरोध पर सरकारी अस्पताल के कार्यकारी एसएमओ डॉ. एमके भादू ने डॉ. बलेश तथा डॉ. पंकज गुप्ता पर आधारित दो सदस्यीय बोर्ड गठित कर दिया। लेकिन मामला हत्या और आत्महत्या के बीच उलझा होने के कारण बोर्ड ने शव को सिरसा रैफर कर दिया। पोस्टमार्टम के लिए सिरसा में भी डॉ. मुनीष, डॉ. अमित नारंग तथा डॉ. नीलू पर आधारित तीन सदस्यीय बोर्ड गठित किया गया। लेकिन केस पेचीदा होने की वजह से शव को यहां से भी पीजीआई रोहतक रैफर कर दिया गया।
गुरूवार को पीजीआई रोहतक के चिकित्सकों ने शव का पोस्टमार्टम किया। अपनी रिपोर्ट में चिकित्सकों ने बलदेव की मौत का कारण सिर पर तेजधार हथियार की चोट बताया। रिपोर्ट से बलदेव की मौत पर सस्पेंस खत्म हो गया।
थाना शहर प्रभारी एसआई महावीर सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि बलदेव ने आत्महत्या नहीं की। बल्कि उसकी हत्या की गई है। हत्या सिर पर भारी तेजधार हथियार मारकर की गई है। पुलिस ने मृतक की बहन शिमला बाई (40) निवासी बरनाला रोड़, सिरसा के ब्यान पर बलदेव नाथ की पत्नी सुरती बाई, साले बाजार नाथ, अंग्रेज नाथ, सास ठरिया बाई निवासी पन्नीवाला मोटा हाल गांव डबवाली के खिलाफ दफा 302/34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करके आरोपियों की तालाश शुरू कर दी है। पुलिस को दिए ब्यान में शिमला बाई ने कहा है कि उसका भाई बलदेव नाथ शराब पीने का आदि था। इसी वजह से उसकी भाभी सुरती देवी तथा बलदेव नाथ में अक्सर कहासुनी होती रहती थी। कुछ समय पूर्व उसकी भाभी गांव डबवाली आकर रहने लगे। अपनी पत्नी को मनाने के लिए उसका भाई अपने ससुराल आया हुआ था
चिकित्सकों की रिपोर्ट 
हमारी राय में इस मामले में मौत का कारण भारी तेजधार वाली वस्तु से सिर पर चोट है। सामान्य स्थिति में ऐसे मामले मौत के लिए पर्याप्त है। लेकिन रासायन का पता लगाने के लिए विसरा लिया गया है, जिसकी जांच रासायनिक विश्लेषक करेगा।

शुक्रवार को अघोषित कटों में बिजली निगम ने बनाया रिकॉर्ड


डबवाली (लहू की लौ) झुलसाती गर्मी के बीच बिजली के अघोषित कटों में लगातार इजाफा हो रहा है। शुक्रवार को निगम ने अपने पिछले रिकॉर्ड को तोड़ते हुए कटों का पहाड़ खड़ा कर दिया। जिससे लोगों को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ा। यहां एक ओर आसमान से आग बरस रही है। वहीं दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम कट पे कट लगाकर जले पर नमक छिड़क रहा है। गर्मी की छुट्टिया बिताने आए बच्चे अपने घरों को वापिस जाने को मजबूर हो रहे हैं। वहीं आम व्यक्ति से लेकर बड़ा व्यापारी तक परेशान हैं। प्रत्येक वर्ग सरकार तथा उसके बिजली विभाग को कोस रहा है।
गांव चौटाला में अपने नाना सुभाष के घर गर्मियों की छुट्टियां बिताने आए राजस्थान के नगर हनमानगढ़ निवासी मोहित ने बताया कि वह 8वीं का छात्र है। वह अपने नाना के यहां छुट्टिया बिताने आया था। लेकिन यहां लाईट आती ही नहीं, ये उसे मालूम ना था। जबकि उनके यहां एक दफा भी लाईट गुल नहीं होती। मोहित के अनुसार बिजली से तंग आकर वह 25 जून को वापिस अपने घर हनुमानगढ़ लौट रहा है। गांव मौजगढ़ निवासी जसवंत सिंह ने बताया कि अलीकां, मसीतां, मौजगढ़ लाईन पर निगम की ओर से मात्र दो घंटे ही बिजली दी जा रही है। उन दो घंटों में बिजली कई बार गुल होती है। बिजली न मिलने के कारण ग्रामीणों का जीवन नरक से कम नहीं है। इधर शहर की बिजली व्यवस्था गड़बड़ा गई है। शुक्रवार को अघोषित बिजली कटों के साथ-साथ ट्रिपिंग भी हुई। जिसकी वजह से कई रेफ्रीजरेटर के कंप्रेशरों को नुक्सान पहुंचा।

अलविदा अंग्रेजी सिस्टम


डबवाली रेलवे प्लेटफार्म पर अब नहीं जलाया जाएगा अंग्रेजों का दीया, कलर लाईट सिस्टम होगा शुरू
डबवाली। भारत से अंग्रेजों को गए करीब 64 साल बीत गए हैं। इतना लम्बा समय बीतने के बाद आज भी देश उनकी दी हुई व्यवस्था पर निर्भर होकर आगे बढ़ता रहा है। लेकिन अब भारतीय रेल ने रेलवे में 'ब्रिटिश साम्राज्यÓ के प्रतीकों को खत्म करने की 'क्रांतिÓ छेड़ी हुई है। भारतीय रेल में अंग्रेजी सिस्टम को खत्म कर भारतीय और आधुनिक सिस्टम स्थापित किया जा रहा है।
देश में रेल व्यवस्था अंग्रेजों ने स्थापित की। अभी तक यही व्यवस्था चल रही है। प्लेटफार्म पर आ रही गाड़ी को रेड या ग्रीन सिग्नल देने के लिए केरोसीन का दीया जलाया जाता था। गाड़ी क्रॉस कराने के लिए लाईन क्लीरेंस जानना जरूरी था। इसके लिए टोकन सिस्टम भी लागू किया गया। जिससे कर्मचारियों को गाड़ी को प्लेटफार्म से निकालते-निकालते करीब 15 मिनट बेकार हो जाते थे। इतनी देर तक फाटक डाऊन रहता। यहीं नहीं गाड़ी मात्र 50 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती। लेकिन अब भारतीय रेल महकमे ने दीये के सिग्नल से छुटकारा पाने के लिए कलर लाईट सिस्टम शुरू किया है। यह सिस्टम बठिंडा केबिन ए, बी से लेकर डबवाली, गांव बडिंगखेड़ा प्लेटफार्म तक स्थापित किया जा रहा है।
क्या होगा फायदा
स्टेशन मास्टर महेश सरीन ने बताया कि कलर लाईट सिस्टम से पूर्व लैम्प (दीया) सिस्टम लागू था और यह कार्य भी मैनूअल था। लेकिन अब यह सिस्टम हो जाने से स्टेशन मास्टर को उनके कार्यक्षेत्र में गाड़ी के प्रवेश करते ही जानकारी मिल जाएगी। स्टेशन मास्टर तुरंत गाड़ी को सुरक्षित लाईन पर डाल देगा। इस व्यवस्था से गाड़ी 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी। लाईन क्लीरिंग में यहां करीब पंद्रह मिनट का समय लगता, वहीं अब मात्र तीन मिनट में प्लेटफार्म पर आई गाडिय़ों को उनके गंतव्य की ओर रवाना किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि कलर लाईट सिस्टम में रेलवे फाटक बंद होते एक तेज ध्वनि करेगा, ताकि लोगों को मालूम पड़ सके कि फाटक बंद हो रहा है।
सिस्टम को स्थापित कर रही एचबीएल पॉवर सिस्टमस लि. कंपनी के साईट मैनेजर जगजीत सिंह ने बताया कि रेलवे ने तीन करोड़ रूपए में कंपनी को बठिंडा-बीकानेर लाईन पर पड़ते रेलवे स्टेशन पर कलर लाईट सिस्टम स्थापित करने का ठेका दिया है। उनके अनुसार बठिंडा कैबिन ए, बी, गुरूसर सेहनेवाला, संगत, बगवाली, डबवाली तथा बडिंगखेड़ा में यह सिस्टम स्थापित होने में करीब छह माह लग जाएंगे।

मृत रवि जीवित हो उठा!


डबवाली (लहू की लौ) मृत घोषित कोई इंसान कभी घर लौट आए, ऐसा न कभी देखा है और न कभी सुना है। लेकिन गुरूवार को किलियांवाली का मृत घोषित रवि अचानक घर लौट आया। जबकि उसका शव मलोट के सरकारी अस्पताल में पड़ा था।
किलियांवाली पुलिस को गुरूवार सुबह मालवा बाईपास रोड़ पर एक 22 वर्षीय युवक का शव मिला। शव की पहचान के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर संपर्क साधा। लेकिन अचानक किलियांवाली की कबीर बस्ती में रहने वाला वाला 75 साल का बृजलाल मौका पर पहुंचा और शव को अपने सीने से लगाकर फूट-फूटकर रो पड़ा और रोते-रोते उसने कहा कि यह उसका छोटा बेटा रवि है। बृजलाल ने रवि की मौत की सूचना अपने घर पर दी। जिस पर रवि का ताऊ टेकचंद, भाई राजू, विक्की, सोनू, चचेरा भाई शाम लाल उर्फ शामा के साथ गली के अन्य लोग भी मालवा बाईपास पर पहुंच गये और शव को देख कर रोने-चिल्लाने लगे।
रवि की मौत पर उसके घर पर सन्नाटा छा गया, दरियां बिछ गईं, गली के लोग संवेदनाएं प्रकट करने के लिए आने शुरू हो गए। गली के लोग रोते-बिलखते परिवार के लोगों को सांत्वना देने लगे। इधर रवि के पिता बृजलाल, ताऊ टेकचंद तथा भाई सोनू ने पुलिस को ब्यान दिया कि करीब दस साल पूर्व रवि के सिर में चोट आने के कारण वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा था। अब वह हलवाईयों के साथ समारोहों में जाकर तंदूर पर रोटी बनाने का काम कर रहा था। साथ में उसका इलाज भी चल रहा था। बुधवार शाम को करीब 6 बजे खाना खाने के बाद रवि घर से निकला था। लेकिन उसके बाद घर नहीं लौटा। किलियांवाली पुलिस ने उपरोक्त तीनों के ब्यान पर कागजी कार्रवाई पूरी करके संदेह प्रकट किया कि लू लगने के कारण रवि की मौत हुई होगी और शव को पोस्टमार्टम के लिए मलोट के सरकारी अस्पताल में लेजाया गया।
शव को अस्पताल के डैड हाऊस में पहुंचे तीन घंटे ही बीते होंगे कि रवि के भाई सोनू के मोबाइल की घंटी बज उठी। रवि की आवाज सुनकर सोनू सकपका गया। रवि ने बताया कि वह जीवित है, इस पर वहां उपस्थित परिजन कभी शव को देखते और कभी मोबाइल पर आई आवाज का आभास करते। बाद में शव के साथ गए रवि के परिजन पुलिस को यह कहकर लौट आए कि उनका बेटा तो जीवित है। वह घर लौट आया है।
किलियांवाली पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई जीत सिंह ने बताया कि मृतक युवक की पहचान रवि के रूप में उसके परिजनों ने की थी। परिजनों की पहचान पर ही उन्होंने दफा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करते हुए इस शव को पोस्टमार्टम के लिए मलोट के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया था। लेकिन अब परिजन मृत युवक को अपना बताने से इंकार कर रहे हैं और अपने बेटे के घर आने का दावा जता रहे हैं।
मुझे मरा समझ लिया
मैं तो गुरूवार को अग्रवाल धर्मशाला में भोग समारोह में तंदूर पर रोटियां बना रहा था। मंगू हलवाई ने बताया कि वह जीवित यहां है और उसके परिजन घर पर उसकी मौत का मातम मना रहे हैं। वह तुरंत घर पहुंचा और उसने बताया कि वह जीवित है।
-रवि कुमार
फिर यह शव किसका
किलियांवाली चौकी प्रभारी जीत सिंह के अनुसार डॉक्टर की व्यस्तता के चलते उक्त शव के पोस्टमार्टम में देरी हुई। इससे पहले ही उसकी पहचान से पर्दा उठ गया। फिलहाल शव को मलोट के सरकारी अस्पताल के डैड हाऊस में पहचान के लिए रखा गया है। मृतक युवक का कद करीब 5 फुट 6 ईंच है, उम्र करीब 21-22 साल है। युवक ने डार्क ग्रे कलर की जींस पेंट, फरोजी कलर की शर्ट पहनी हुई है। उसके मुंह पर हल्की दाढ़ी है। दाईं बाजू पर अनिता लिखा हुआ है। पुलिस शव की पहचान के लिए प्रयासरत है।

सर्विस स्टेशनों पर लगाम कसने की तैयारी


डबवाली (लहू की लौ) शहर में पेयजल को लेकर बवाल मच रहा है। वहीं दूसरी ओर सर्विस स्टेशनों पर पानी व्यर्थ में बहाया जा रहा है। इसकी शिकायत मिलने पर उपमण्डलाधीश ने जनस्वास्थ्य विभाग को दिशा-निर्देश देते हुए व्यर्थ बहा रहे पानी को रोकने के उपाय करने के लिए कहा है।
उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई को एक आदेश देकर कहा है कि शहर में इस समय गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। लोग पानी के लिए मारामारी कर रहे हैं। इसके विपरीत सर्विस स्टेशनों पर पानी फिजूल में बह रहा है। आदेश में कहा गया है कि विभाग अपनी ओर से शहर में चल रहे सर्विस स्टेशनों को नोटिस जारी करे। नोटिस के जरिए सर्विस स्टेशन संचालक को सचेत किया जाए कि वह पंद्रह दिन के भीतर अपने स्टेशन पर वाटर रिचार्जर लगवाए। साथ में पांच फुट चौड़ा, तीन फुट लम्बा तथा 5 फुट गहरा मेन होल बनाकर विभाग की अनुमति से सीवरेज कनेक्शन प्राप्त करने का भी आदेश दिया गया है। अगर तय समयावधि के भीतर उपरोक्त निर्देशों की पालना नहीं की जाती तो विभाग को सर्विस स्टेशन का पेयजल और सीवरेज कनेक्शन काटने के आदेश जारी किए गए हैं।
उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि नगर में बढ़ रही पेयजल किल्लत को ध्यान में रखते हुए प्रशासन द्वारा उपरोक्त आदेश दिए गए हैं। अगर पंद्रह दिनों के भीतर सर्विस स्टेशन का संचालक प्रशासन के निर्देशों की पालना नहीं करता तो उसका पेयजल तथा सीवरेज का कनेक्शन जनस्वास्थ्य विभाग द्वारा काट दिया जाएगा। ऐसा पानी की बचत करने के उद्देश्य से किया गया है।

मारपीट, अपहरण, पुलिस सुरक्षा के बीच रजिस्टरी के बाद किसान लापता


डबवाली (लहू की लौ) गांव रामपुरा बिश्नोईयां के दो किसान मोहन लाल व बिहारी उर्फ भैरा राम के अपनी जमीन की रजिस्टरी करवाने के बाद अचानक गांव से गायब हो जाने का मामला गहरा गया है। हालांकि रजिस्टरी पुलिस सुरक्षा में करवाई गई थी।
गांव रामपुरा बिश्नोईयां के नंबरदार मोहन लाल ने 13 कैनाल 7 मरले और बिहारी उर्फ भैरा ने अपनी 3 एकड़ जमीन कमल सैनी निवासी माधोसिंघाना को 37 लाख रूपए में बेच दी थी। लेकिन 17 जून को तहसील परिसर में इन जमीनों की रजिस्टरी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कुछ लोग एक गाड़ी में मोहन लाल को जबरन उठा ले गए थे। इसके बाद 21 जून को पुलिस सुरक्षा के बीच दोनों ने कमल सैनी के नाम तहसील में रजिस्टरी करवा दी। उसी दिन से मोहन लाल तथा बिहारी लाल उर्फ भैरा राम रहस्यमय ढंग से गायब से गायब हैं। बताया जाता है कि भैरा राम भी इसी दिन से अपने पत्नी गोमती, दो बच्चों मांगी तथा नेत्रहीन अमर के साथ गांव चला गया है।
17 जून को मोहन लाल तथा भैरा राम के साथ रजिस्टरी करवाने के लिए आए गांव रामपुरा बिश्नोईयां के साधु राम ने बताया कि पूर्व सरपंच सोहन लाल तथा उसके साथी उन्हें रजिस्टरी होने के बाद से धमकियां दे रहे हैं। इन धमकियों के चलते ही मोहन लाल तथा भैरा राम गांव छोड़कर चले गए हैं।
मोहन लाल के भाई मक्खन लाल निवासी रामपुरा बिश्नोईयां ने बताया कि उसका भाई उसके साथ रहता था। लेकिन अब वह गांव से गायब है। उसके भाई मोहन लाल ने उसके सामने गांव के पूर्व सरपंच सोहन लाल के भतीजे पिरथी सिंह से अपनी जमीन का इकरारनामा 10 लाख रूपए में किया था। मौके पर ही उन्होंने 9 लाख रूपए मोहन को दे दिए थे। लेकिन अब उनके गांव के साधु राम ने उसके भाई पर दबाव डालकर रजिस्टरी किसी ओर के नाम करवा दी। तभी से उसका भाई गायब है। मक्खन सिंह ने बताया कि वे अपने भाई से मोबाइल पर संपर्क करने का प्रयास कर रहा है। लेकिन संपर्क नहीं हो पा रहा।
पूर्व सरपंच सोहन लाल ने बताया कि उस पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। पूर्व सरपंच के अनुसार मोहन लाल नंबरदार ने अपनी जमीन उसके भतीजे पिरथी सिंह को बेच दी थी। जिसकी एवज में उसने 9 लाख रूपए लिए थे। एक लाख रूपए की राशि रजिस्टरी के समय देनी तय थी। लेकिन गांव के साधु राम बगैरा के बहकावे में आकर मोहन लाल ने इकरारनामा के विपरीत किसी ओर के नाम रजिस्टरी करवा दी। उसके अनुसार इकरारनामा उसके पास है।
डीएसपी बाबू लाल ने बताया कि रामपुरा बिश्नोईयां से उपरोक्त दोनों के गायब होने संबंधी पुलिस के पास कोई सूचना नहीं है। न ही किसी ने इस संदर्भ में पुलिस से शिकायत की है। उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि एएसपी के माध्यम से एक शिकायत उनके पास आई है। जिसमें मोहन लाल बगैरा ने जिक्र किया है कि रजिस्टरी के समय तहसील परिसर में कुछ लोगों ने उनसे मारपीट की और बाद में उसका अपहरण करके ले गए। उनके अनुसार इसकी जांच चल रही है।