युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

13 नवंबर 2010

ग्रंथ जलाने का प्रयास,भड़के दलित

मंदिर में सेवा करेगा आरोपी का परिवार
डबवाली (लहू की लौ) गांव गंगा में दलित समाज के धार्मिक स्थल में एक व्यक्ति द्वारा शराब फेंकने और समाज के आद धार्मिक ग्रंथ को मिट्टी तेल से जलाने का प्रयास करने का मामला सामने आने के बाद दलित भड़क उठे। आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई न करने पर दलितों ने हरियाणा सरकार और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। गांव में तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
गांव गंगा के वाल्मीकि मोहल्ले में बने भगवान वाल्मीकि मंदिर में पिछले तीन सालों से दलित समाज ने आदिवासी कौम श्री ज्ञान प्रकाश ग्रंथ साहिब का प्रकाश किया हुआ है। मंदिर में प्रतिदिन वाल्मीकि समाज के लोग ग्रंथ साहिब के समक्ष शीश झुकाते हैं। गुरूवार सुबह करीब 6 बजे मंदिर के ग्रंथी कुलविंद्र सिंह को सूचना मिली कि मंदिर में किसी व्यक्ति ने शराब फेंक रखी है। सूचना पाकर अखिल वाल्मीकि समाज न्याय मंच के जिला अध्यक्ष दविन्द्र सिंह डिम्पल, मंदिर प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सेवक सिंह, सेवादार राजवीर, रवि आदि मौका पर पहुंचे। मंदिर प्रांगण में शराब बिखरी हुई थी। मंदिर के भीतर बने कमरे का ताला टूटा हुआ था। कमरे में प्रकाश किए गए आदिवासी कौम श्री ज्ञान प्रकाश ग्रंथ साहिब पर मिट्टी तेल डाला हुआ था। इसके अतिरिक्त कमरे में अंडे, शराब की बोतलें पड़ी थीं।
भगवान वाल्मीकि मंदिर गंगा की प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष सेवक सिंह तथा अखिल वाल्मीकि समाज न्याय मंच के जिला अध्यक्ष दविन्द्र सिंह डिम्पल ने बताया कि मंदिर के पड़ौसी राजवीर ने गुरूवार सुबह मंदिर के ग्रंथी कुलविन्द्र सिंह को सूचना दी कि मंदिर में शराब बिखरी हुई है। सूचना पाकर वे भी मौका पर पहुंचे। मौका पर पहुंचकर उन्होंने देखा कि मंदिर में बने कमरे में पड़ी गोलक टूटी हुई है। कमरे में अण्डे और शराब फेंक रखी है। समाज के धार्मिक ग्रंथ को भी मिट्टी का तेल डालकर जलाने का प्रयास किया।
उन्होनें यह भी बताया कि मंदिर के निकट ठेका शराब की ब्रांच खुली हुई है। जिससे श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत होती हैं। ब्रांच को हटाने के लिए वे कई मर्तबा प्रशासनिक अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। यहां तक की रोड़ भी जाम कर चुके हैं। लेकिन आश्वासन के सिवाए उन्हें कुछ हासिल नहीं हुआ। दो दिन पूर्व भी उन्होंने पुलिस से उपरोक्त ब्रांच को हटाए जाने की मांग की थी। इसी रंजिश के चलते ब्रांच मालिक  गुरदित्त सिंह तथा तथा उसके बेटे ने उपरोक्त कार्य किया। पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी गई है।
पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के चलते शुक्रवार को दलित उग्र हो उठे। मंदिर में एकत्रित दलितों ने हरियाणा सरकार और पुलिस के विरूद्ध नारेबाजी की।
गांव में बढ़ते तनाव की सूचना पाकर पुलिस ने दोनों पक्षों को गोरीवाला पुलिस चौकी में तलब किया। पुलिस चौकी में दोनों पक्षों में काफी नोक-झोंक भी हुई। बाद में ब्रांच मालिक गुरदित्त सिंह के बेटे राजू उर्फ लम्बू ने पंचायत के समक्ष लिखित रूप में कबूल किया कि शराब के नशे में धुत्त होकर उसने इस कार्य को अंजाम दिया। मंदिर में शुद्धिकरण व ग्रंथ का पुन: पाठ करवाएगा तथा लंगर लगवाएगा।  जिसका खर्च उसका परिवार वहन करेगा। जब तक वह ऐसा नहीं करत, तब तक उसका परिवार मंदिर में सेवा करेगा। इसके अतिरिक्त उसने पंचायत को मंदिर के निकट शराब न बेचने का भी आश्वासन दिलाया। इस अवसर पर अखिल वाल्मीकि समाज न्याय मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश गोगा, प्रदेश उपाध्यक्ष ओमप्रकाश धारीवाल, राष्ट्रीय सचिव गोपाल बिट्टू, राजकुमार चावरिया, गोरीवाला पुलिस चौकी प्रभारी एसआई रमेश कुमार, गांव गंगा के सरपंच गुरदित्ता सिंह उपस्थित थे।
गोरीवाला पुलिस चौकी के प्रभारी एसआई रमेश कुमार ने बताया कि राजू (25) पुत्र गुरदित्त सिंह निवासी गंगा ने शराब के नशे में धुत्त होकर उपरोक्त कार्य को अंजाम दिया था। पंचायत के समक्ष राजू ने अपना अपराध कबूल कर लिया। दोनों पक्षों की आपसी सहमति से मामला निबट गया।

गंगा में बह रही है दारू की गंगा

डबवाली (लहू की लौ) शराब के नशे में धुत्त होकर मंदिर में अण्डे, शराब फेंकने और मिट्टी का तेल डालकर धार्मिक ग्रंथ को जलाने का प्रयास करने वाले के परिवार को मंदिर में सेवा करने की सजा मिली है। यह सजा समझौता करवाने बैठी पंचायत ने सुनाई। सजा तब तक जारी रहेगी जब तक आरोपी मंदिर में शुद्धिकरण के लिए पूजा-पाठ, लंगर नहीं लगाता।
गांव गंगा में बने भगवान वाल्मीकि मंदिर में शराब, अण्डे फेंकने तथा मिट्टी का तेल डालकर धार्मिक ग्रंथ को जलाने का प्रयास करने से दलित समाज उठ खड़ा हुआ था। जिसके चलते गांव में तनाव की स्थिति पैदा हुई। इस घिनौने कार्य के पीछे एकमात्र कारण शराब था। शराब के नशे में चूर हाकर राजू उर्फ लम्बू (25) पुत्र गुरदित्त सिंह ने इस कार्य को अंजाम दिया था। वह अपने पिता के साथ मंदिर के सामने अपने घर में शराब का अड्डा जमाए हुए था। पंचायत के निर्णय के बाद उसने अपना अड्डा उठाने का आश्वासन दिया।
छोटे से गांव में शराब ठेका होने के साथ 13-14 ब्रांचे हैं। इसके अतिरिक्त प्रत्येक गली में शराब का कारोबार चलता है। कुछेक ने तो घर पर ही दारू का अड्डा जमा लिया है। गांव में चल रहे इस गोरखधंधे की परतें शुक्रवार को गोरीवाला पुलिस चौकी में खुलती गईं। यह सुनकर हाथ पर हाथ धरे बैठी पुलिस के भी कान खड़े हो गए।
गांव के सरपंच गुरदित्ता सिंह ने स्वीकार किया कि गांव में शराब ठेका होने के साथ तेरह-चौदह ब्रांचे कार्यरत हैं। ग्रामीणों के एतराज करने पर पुलिस को इस संबंधी लिखकर दे दिया है। नजायज शराब बेचने वाले के खिलाफ पंचायत कानूनी कार्रवाई कराएगी।
गांव गंगा में शराब ठेका के मालिक कालू राम ने बताया कि उन्होंने गांव में ठेका खोलने के अतिरिक्त ब्रांचे खोली हुई हैं। यदि ग्रामीणों को एतराज है, वे ब्रांच उठा लेंगे।
गोरीवाला पुलिस चौकी के प्रभारी एसआई रमेश कुमार ने बताया कि आज ही उन्हें गांव में शराब की अवैध बिक्री की जानकारी मिली है। पंचायत ने भी अवैध शराब बेचने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। नजायज तरीके से शराब बेचने वालों के खिलाफ जल्द कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

पिकअप ने मनरेगा मजदूर कुचले

डबवाली (लहू की लौ) शुक्रवार शाम को चौटाला-रतनपुरा रोड़ पर एक तेजगति पिकअप ने दो मनरेगा मजदूरों को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया।
ग्राम पंचायत चौटाला ने चौटाला-रतनपुरा रोड़ पर खाल की सफाई का कार्य चला रखा है। इसी खाल की सफाई का काम करके शाम को लगभग 4 बजे मनरेगा मजदूर मंगतू राम (50) पुत्र मोडू राम, सुक्खी देवी (48) पत्नी मंगतू राम  वापिस गांव चौटाला पैदल लौट रहे थे कि गांव चौटाला साईड से एक तेजगति से आई पिकअप ने उनमें टक्कर मारी और उन्हें कुचलती हुई फरार हो गई।
थाना सदर के कार्यकारी प्रभारी एसआई रतन सिंह ने बताया कि मनरेगा मजदूर मोहन लाल (20) पुत्र अर्जुन दास निवासी चौटाला की शिकायत पर अज्ञात पिकअप चालक के खिलाफ लापरवाही से पिकअप चला कर दो मजदूरों की मौत के लिए जिम्मेवारी के आरोप में केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार शिकायकर्ता मोहन लाल घटना के समय इन मजदूरों के पीछे आ रहा था। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए डबवाली अस्पताल के डैड हाऊस में पहुंचा दिया है।

महिला और उसका प्रेमी दोषी करार

सिरसा। शराब में जहरीली वस्तु मिलाकर व गला घोंट कर पुत्र की हत्या करने के आरोप में जिला एवं सत्र न्यायालय ने मां तथा उसके प्रेमी को दोषी करार दिया है। न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया है।
मामले के अनुसार 12 सितम्बर 2009 को गांव चोरमार निवासी दर्शन सिंह के पुत्र सुक्खा सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सुक्खा सिंह की दादी सुजान कौर पत्नी शेर सिंह ने अपने पौत्र की हत्या का आरोप उसकी मां व प्रेमी पर लगाया था। पुलिस को दी शिकायत में सुजान कौर ने बताया था कि उक्त तिथि को वह अपनी पुत्री के घर गई हुई थी। इसी दौरान उसे परिजनों ने सूचना दी कि सुक्खा सिंह की मौत हो गई। घर पहुंची और मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव सामान्य अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सीय जांच में सुक्खा सिंह की मौत जहरीली वस्तु व गला घोंटने से दर्शाई गई।
सुजान कौर का कहना था कि सुक्खा सिंह की मां मलकीत कौर पत्नी दर्शन सिंह का नौरंग निवासी चरणजीत पुत्र दयाल सिंह के साथ अवैध सम्बंध थे। सुक्खा सिंह को अपनी मां पर संदेह था। सुक्खा सिंह को रास्ते से हटाने के लिए सुक्खा के बड़े भाई जगमीत, मां मलकीत तथा चरणजीत ने उसे शराब में जहरीली वस्तु दे दी। तदोपरांत उसका गला घोंट दिया। पुलिस ने तीनों के विरुद्ध मामला दर्ज किया और चालान न्यायालय में पेश किया।
आज जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. शिवा शर्मा की अदालत ने  मलकीत कौर व चरणजीत सिंह को हत्या का दोषी करार दिया। साक्ष्यों के अभाव जगमीत सिंह को बरी कर दिया गया।

अदालत के समक्ष पेश हुए डेरा प्रमुख

सिरसा। साध्वियों से बलात्कार तथा दो-दो हत्याओं में आरोपी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां शुक्रवार को फिर सीबीआई की विशेष अदालत के समक्ष पेश हुए। करीब सात घंटे तक कार्रवाई जारी रही। अदालत के विशेष जज एएस नारंग ने आगामी कार्रवाई हेतु 6-7 तथा 11 दिसम्बर तारीख मुकर्रर की है। डेरा सच्चा सौदा मुखी संत गुरमीत राम रहीम सिंह इन्सां ने आज पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड तथा रणजीत मर्डर केस में पेशी भुगती।
पत्रकार छत्रपति हत्याकांड में दिल्ली स्थित अपोलो अस्पताल के चिकित्सक एसके जैन ने अपनी गवाही दी। पूर्व की भांति डा. जैन ने बताया कि छत्रपति का ईलाज उनकी देखरेख में हुआ था। डा. जैन द्वारा दी गई गवाही के उपरांत क्रॉस पूरा कर लिया गया। छत्रपति हत्याकांड में सीबीआई की विशेष अदालत ने 11 दिसम्बर तारीख मुकर्रर की है।
वहीं कुरुक्षेत्र के अंतर्गत खानपुर कोलियां निवासी रणजीत सिंह की हत्या के मामले में भी जिरह हुई। रणजीत मर्डर मामले में मृतक के पिता जोगेंद्र सिंह ने अपनी गवाही दर्ज करवाई। इस मामले में जिरह पूरी नहीं हो पाई। सीबीआई अदालत के विशेष जज एएस नारंग द्वारा आगामी कार्रवाई हेतु 6 व 7 दिसम्बर तारीख निर्धारित की है। उधर, सीबीआई अदालत द्वारा डेरामुखी की जमानत रद्द किए जाने सम्बंधी याचिका पर आज फिर सुनवाई नहीं हो पाई। अदालत द्वारा सुनवाई हेतु 6 व 7 दिसम्बर तारीख निर्धारित की।  साध्वियों से बलात्कार के मामले में डेरामुखी गुरमीत सिंह को 4 दिसम्बर को अदालत में पेशी भुगतनी होगी। 11 दिसम्बर तक डेरामुखी को 4 पेशियां भुगतनी पड़ेंगी।

ट्रेफिक डबवाली की सबसे बड़ी समस्या

डबवाली। रेल लाईन पर ट्रेफिक की अधिकता के चलते अक्सर रेलवे फाटक बंद रहता है। जिससे जाम की स्थिति पैदा हो जाती है। यातायात पर नियंत्रण के अभाव के चलते वाहन आपस में टकराते हैं, झगड़े होते हैं।
जानकारी अनुसार बठिंडा-डबवाली-हनुमानगढ़ रेल ट्रेक पर रोजाना 12 सवारी गाडिय़ां और 35 माल गाडिय़ां डबवाली रेलवे स्टेशन से होकर जाती हैं। जिसके कारण हर बीस मिनट बाद रेलवे फाटक बंद हो जाते हैं। इस बीच रेलवे फाटकों के दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतारें लग जाती हैं। गाड़ी निकलने के बावजूद अवरोध खत्म होने में घंटो लग जाते हैं। जिससे पब्लिक को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जीटी रोड़ रेलवे फाटक पर स्थिति तनावपूर्ण हो जाती है। ऐसे कई मौके आए हैं जब सिर फुटेल हुई और मामला अस्पताल से थाना में भी पहुंचा। पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को नियंत्रण में किया। इसके बावजूद प्रशासन ने ट्रेफिक कंट्रोल के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। जबकि जीटी रोड़ रेलवे फाटक तथा कलोनी रोड़ रेलवे फाटक ट्रेफिक के लहजे से रेलवे की ए श्रेणी में आते हैं।
इस संदर्भ में रेलवे के जूनियर इंजीनियर एसके पासवान से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि डबवाली के जीटी रोड़ तथा कलोनी रोड़ रेलवे फाटक ए श्रेणी में आते हैं। इन दोनों फाटकों पर सप्ताह भर का ट्रेफिक व्हीकल यूनिट 70 हजार से भी ऊपर का है। एक सप्ताह में जीटी रोड़ रेलवे फाटक से करीब अढ़ाई लाख वाहन क्रॉस करते हैं, जबकि कलोनी रोड़ रेलवे फाटक से दो लाख वाहन क्रॉस करते हैं। इन दोनों रेलवे फाटकों पर ट्रेफिक एक गंभीर समस्या है। लेकिन ट्रेफिक को कंट्रोल करने की जिम्मेवारी रेलवे की नहीं है। यह जिम्मेवारी सिविल पुलिस और प्रशासन की है।
इस मामले को लेकर जिला सिरसा यातायात प्रभारी कृष्णा यादव से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि डबवाली में ट्रेफिक बड़ी प्रॉब्लम बन गया है। इस संबंधी उन्हें काफी शिकायतें मिली हैं। डबवाली रेलवे फाटक पर ट्रेफिक को कंट्रोल करने के लिए एसपी सिरसा सतिन्द्र गुप्ता के आदेश पर डबवाली पुलिस को दो जवान उपलब्ध करवा दिए गए हैं। आने वाले दिनों में डबवाली में ट्रेफिक व्यवस्था सुधर जाएगी।
आम नागरिकों के अनुसार जीटी रोड़ रेलवे फाटक पर यातायात कंट्रोल का हल केवल रेलवे ओवरब्रिज से ही संभव है। इस ओवरब्रिज के निर्माण के लिए करीब पिछले 40 वर्षों से राजनीतिक डबवाली की जनता को लॉलीपाप थमाते आ रहे हैं। इस संबंध में तत्कालीन सांसद कुमारी सैलजा, डॉ. सुशील इंदौरा ने भी प्रयास किए। वर्तमान सांसद अशोक तंवर का कहना है कि वे पुल के लिए प्रयासरत हैं। इस संबंध में उन्होंने फाईल बनाकर उत्तर पश्चिम रेलवे बीकानेर डिविजन को भेज दी है। रेलवे मंत्रालय से इस संबंध में बातचीत चल रही है।