युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

15 जून 2011

नशा करने के लिए डबवाली आ रहे पंजाब के युवा

डबवाली (लहू की लौ) डबवाली नगर मैडीकल नशे की खुश्क बंदरगाह बन कर रह गया है। पंजाब के बठिंडा और फरीदकोट जिले के बड़ी संख्या में युवक नशा करने के लिए हर रोज डबवाली आ रहे हैं। नशा करके वापिस चले जाते हैं और कुछ नशेड़ी अपनी तलब को मिटाने के लिए लोगों के घरों में घुसने से बाज नहीं आते।
मंगलवार दोपहर बाद करीब 3 बजे खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के रेलवे स्टेशन के पास बने  माल गोदाम में स्थित चौकीदार बुध राम के घर में एक युवक घुस गया। उस समय चौकीदार की पत्नी सो रही थी। अचानक पैरों की आहट सुन कर उसकी आंख खुल गई और उसने देखा कि उसकी चारपाई के नजदीक एक युवक खड़ा है जो नशे की हालत में है। उसने हौसला दिखाते हुए घर में पड़े डंडे को उठाया और युवक की धुनाई कर दी और शोर मचा कर आसपास के लोगों को इक्_ा कर लिया। मौका पर जमा हुए लोगों ने भी नशेड़ी पर अपने हाथ साफ किये।
युवक ने अपनी पहचान  संदीप (22) पुत्र गुरमीत सिंह निवासी भुच्चो मंडी के रूप में करवाते हुए बताया कि वह पिछले पांच माह से मैडीकल नशा करने के लिए डबवाली आ रहा है। वह 45 रूपये की नशे में प्रयुक्त होने वाली शीशी और 30 रूपये में कैरीसोमा की गोलियां खरीदता है। उसने यह भी बताया कि वह नशे की हालत में गोदाम को फैक्टरी समझ कर घुस गया था। उसने पैन्ट बदलनी थी। आइंदा डबवाली में ना घुसने की शपथ ली, तब जाकर लोगों ने उसे छोड़ा। संदीप ने बताया कि वह 10वीं पास, शादीशुदा है। उसके एक बेटा है। लेकिन नशे की लत ने उसे बर्बाद कर दिया है। वह कोई काम नहीं करता बल्कि उसके माता-पिता उसे खर्चे के लिए 200 रूपये और नशा मुक्ति केन्द्र वाले उसे नशेडिय़ों को लाने की एवज में 5000 रूपये प्रतिमाह के हिसाब से कमीशन भी देते हैं। लेकिन वह सारी राशि नशे में ही गंवा देता है।

सरेआम शराब की बिक्री करते वाहनों पर पथराव

डबवाली (लहू की लौ) राष्ट्रीय राजमार्ग नं. 10 पर स्थित गांव सांवतखेड़ा में मंगलवार दोपहर बाद सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करके कुछ लोगों द्वारा शराब बेचने की सूचना पाकर गांव की महिलाओं ने हल्ला बोल दिया। हाथों में ईंटें लिए सैंकड़ों महिलाएं गाड़ी की ओर कूच कर गई। गाड़ी में रखी शराब को सड़क पर पटक दिया। गांव में खुले शराब ठेके के विरोध में एनएच जाम कर दिया। मौका पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया।
सोमवार शाम करीब 6.30 बजे कुछ लोगों ने गांव के निकट सड़क पर गाड़ी लगाकर शराब की बिक्री की और निकल लिए। मंगलवार को पुन: कुछ लोग गांव के निकट आए और सरेआम शराब बेचने लगे। यह खबर गांव में आग की तरह फैल गई। गांव की महिलाएं एकजुट होने लगी। चूल्हा-बर्तन छोड़ हाथों में ईंटें थाम ली और गाड़ी की ओर कूच कर गई। शराब बेच रहे लोगों तथा महिलाओं के बीच बहस चल ही रही थी कि कुछ देर बाद दो गाडिय़ों में सवार होकर कुछ युवक मौका पर आ धमके और महिलाओं से गाली-गलौज करने लगे। महिलाओं का धैर्य भी जवाब दे गया। ग्रामीण महिलाओं ने आव देखा ना ताव गाड़ी में रखी शराब की पेटियां उठाकर सड़क पर पटक दी। महिलाओं ने शराब से लदी गाड़ी पर ईंटें फेंकनी शुरू कर दी। इस बीच दो युवक शराब से लदी गाड़ी लेकर भाग खड़े हुए। बाद में शराब की अवैध बिक्री को लेकर महिलाओं ने एनएच जाम कर दिया। जिससे दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतारें लग गई। एनएच जाम होने की सूचना पाकर मौका पर थाना शहर प्रभारी एसआई महावीर सिंह, एएसआई रामनिवास दलबल सहित मौके पर पहुंचे।
गांव सांवतखेड़ा निवासी निर्मला देवी, लाजवंती देवी, राज रानी, पार्वती देवी, रवीना रानी, अमरजीत कौर, वीरपाल कौर आदि ने पुलिस को बताया कि उनके मर्द काम के लिए गांव से बाहर जाते हैं। घर पर वे तथा उनकी बेटियां अकेली होती हैं। सोमवार से कुछ लोग उनके घरों के नजदीक सड़क पर गाड़ी लगाकर सरेआम शराब बेच रहे हैं। ये लोग गांव में खुल रहे शराब ठेका के करिंदे हैं। उन्होंने मांग की कि उनके गांव से शराब ठेके को उठाया जाए और शराब की अवैध बिक्री पर रोक लगाई जाए। गांव के सरपंच रणजीत सिंह सांवतखेड़ा ने बताया कि गांव में खुल रहे शराब ठेका को बंद कराने के लिए वे रेजूलेशन डालकर उपायुक्त सिरसा युद्धवीर सिंह ख्यालिया से मिल चुके हैं। लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायत गांव में शराब का ठेका हरगिज बर्दाश्त नहीं करेगी। थाना शहर प्रभारी एसआई महावीर सिंह ने बताया कि गांव की पंचायत ने गांव में शराब ठेका खोलने पर नराजगी जताई है। ठेका उठाने के लिए ग्रामीणों ने लिखित रूप से भी शिकायत की है। वे मामले को उच्च अधिकारियों के समक्ष रखेंगे। कानून के दायरे में रहकर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।