युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

16 सितंबर 2012

सीएम हल्के में फिनो कंपनी के कर्मचारी ने किया पेंशन घोटाला!


मण्डी किलियांवाली (लहू की लौ) मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हल्का लम्बी के गांव मण्डी किलियांवाली में पेंशन वितरण में घोटाला सामने आया है। पेंशनरों को 250 से 500 रूपए तक की पेंशन कम दी गई। मामला सामने आने के बाद फिनो कंपनी की एक टीम मण्डी किलियांवाली में पहुंची। जांच के बाद टीम ने पेंशन वितरण कर रहे कंपनी के कर्मचारी को हटा दिया। वहीं ब्लाक कॉर्डिनेटर पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के हल्का लम्बी के 10 हजार 664 बुढ़ापा, विधवा एवं विकलांग पेंशन धारकों के लिए 61 लाख 90 हजार रूपए की राशि पेंशन के रूप में जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी की गई है। इनमें से मण्डी किलियांवाली के 515 पात्रों को दो लाख 98 हजार रूपए की राशि का वितरण शुक्रवार से शुरू हुआ था। करीब 129 पात्रों को पेंशन वितरित की गई थी। शनिवार सुबह पेंशन बांटने के लिए कंपनी का कर्मचारी अमर सिंह निवासी किलियांवाली महाशा मोहल्ला में पंच मंगत राय ग्रोवर के निवास पर पहुंचा। मौका पर पेंशन धारकों के साथ पहुंचे मण्डी किलियांवाली के सरपंच प्रतिनिधि अजय खरोड़, भाजपा नेता सतीश काला ने पेंशन कम दिए जाने का आरोप लगाते हुए उसे घेर लिया। इसकी शिकायत फिनो कंपनी के उच्च अधिकारियों को की।
मामले की जांच के लिए श्री मुक्तसर साहिब से फिनो कंपनी के अधिकारी रजनीश श्रीवास्तव, हरनेक सिंह तथा कंपनी के हल्का लम्बी के ब्लॉक कोर्डिनेटर प्रितपाल सिंह मौका पर पहुंचे। टीम की जांच के बाद घोटाला सामने आ गया। कंपनी के कर्मचारी अमर सिंह ने टीम लीडर रजनीश श्रीवास्तव के समक्ष स्वीकार किया कि उसने 250 से 500 रूपए की चपत पेंशनरों को लगाने का प्रयास किया है। लेकिन यह कार्य उसने कंपनी के ब्लॉक कोर्डिनेटर बलजीत सिंह के कहने पर किया।
कर्मचारी को हटाया
रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि पेंशनरों को 250 रूपए से लेकर 500 रूपए तक कम पेंशन दी गई है। उन्होंने अपने उच्च अधिकारियों को मामले से अवगत करवाते हुए पेंशन वितरण करने पहुंचे अमर सिंह को हटा दिया गया है। वहीं ब्लॉक कोर्डिनेटर बलजीत पर लगे आरोपों की कंपनी जांच करेगी। उन्होंने बताया कि पेंशनरों को उनकी पूरी पेंशन दी जाएगी।
कैसे करता था घोटाला
श्रीवास्तव के अनुसार पेंशन बांटने वाले कर्मचारी को कंपनी की ओर से एक मशीन मुहैया करवाई हुई है। जिसमें पेंशनर का स्मार्ट कार्ड डालकर उसका फिंगर प्रिंट लेने के बाद उसे पेंशन दी जाती है। इस मशीन से एक स्लिप निकलती है। जिस पर पेंशनर को दी जाने वाली पेंशन राशि का जिक्र होता है। लेकिन अमर चालाकी से स्लिप को अपने पास जमा करता गया और मनमाने ढंग से पेंशन वितरण करता रहा।
स्मार्ट कार्ड के पैसे लिए थे
कंपनी अधिकारी के अनुसार पंजाब सरकार ने आईसीआईसीआई बैंक तथा मुंबई की फिनो कंपनी को पेंशन वितरण की जिम्मेवारी सौंपी है। अप्रैल-मई के दौरान कंपनी ने अपनी प्रक्रिया शुरू करते हुए पेंशनरों के स्मार्ट कार्ड बनाने शुरू कर दिए थे। कार्ड नि:शुल्क बनाए गए थे। उस दौरान भी कंपनी के उपरोक्त कर्मचारी ने 20-20 रूपए लेकर लोगों को स्मार्ट कार्ड जारी किए थे। उस समय कर्मचारी को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया था।
मैं निर्दोष हूं
कर्मचारी अमर सिंह ने बताया कि ब्लॉक कोर्डिनेटर बलजीत सिंह के कहने पर ही उसने पेंशनरों को उनकी बनती पेंशन के 250 से 500 रूपए कम दिए हैं। बलजीत ने ही उसे बवाल खड़ा होने पर संभाल लेने की सलाह दी थी। वह निर्दोष है।
क्या बोला बलजीत
ब्लॉक कोर्डिनेटर बलजीत सिंह ने बताया कि उस पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। उसने केवल इच्छुक पेंशनरों का बीमा करते हुए 100 रूपए लेने की सलाह अमर को दी थी।
मामला दर्ज करवाने की मांग
मण्डी किलियांवाली के सरपंच प्रतिनिधि अजय खरोड़, भाजपा नेता सतीश काला, पंच मंगत राय ग्रोवर ने मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पेंशन वितरण में घोटाला करने वाले फिनो कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

रामनगर कलोनी में बाईक सवारों ने युवती का पर्स छीना


डबवाली (लहू की लौ) रामनगर कलोनी स्थित बूस्टिंग स्टेशन के नजदीक बाईक सवार दो युवक एक युवती से पर्स छीन ले गए। शहर थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
गांव बिज्जूवाली की रहने वाली सुनीता रामनगर कलोनी में स्थित बूस्टिंग स्टेशन के नजदीक रहने वाली अपनी मौसी राजकुमारी पत्नी रामकृष्ण से मिलने के लिए आई हुई थी। शनिवार शाम करीब सवा 5 बजे दोनों बूस्टिंग स्टेशन के निकट स्थित एक वरायटी स्टोर पर पहुंची। वहां से टमाटर सॉस की बोतल लेकर कलोनी रोड़ की ओर चल दी। अचानक सामने से प्लसर बाईक आया। जिस पर दो युवक सवार थे। बाईक उनके पास आकर धीमा हो गया। पीछे बैठे युवक ने झपटा मारकर सुनीता के हाथ में पकड़ा पर्स छीन लिया। पर्स छीनते ही चालक ने बाईक को अनाज मण्डी की ओर जाती गली में भगा लिया।
सुनीता ने बताया कि वह अपनी मौसी राजकुमारी के साथ बस अड्डा पर जा रही थी। उसे वापिस गांव बिज्जूवाली जाना था। कलोनी रोड़ पर उन्होंने रिक्शा लेकर अड्डा में पहुंचना था। छीने गए पर्स में तीन हजार रूपए की नकदी, साढ़े तीन ग्राम सोने के जेवरात तथा एक मोबाइल था। झपटमार 22-23 वर्ष के थे। दोनों के टी-शर्ट तथा जींस की पेंट पहनी हुई थी। प्लसर बाईक बिना नम्बर प्लेट की थीं।
इधर क्षेत्रवासियों ने बताया कि उपरोक्त बाईक पिछले कई दिनों से बूस्टिंग स्टेशन के इर्द-गिर्द चक्कर काट रहा है। शनिवार को बाईक काफी देर तक बूस्टिंग स्टेशन के निकट खड़ा रहा।
सूचना पाकर शहर थाना पुलिस के एसआई हवा सिंह मौका पर पहुंचे। हवा सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।

वाल्मीकि धर्मशाला में बच्चे से कुकर्म, दो युवकों पर मामला दर्ज


डबवाली (लहू की लौ) गांव चौटाला की वाल्मीकि धर्मशाला में एक छह वर्षीय बच्चे से दो युवकों द्वारा कुकर्म करने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दफा 377 के तहत मामला दर्ज करके आरोपियों की तालाश शुरू कर दी है।
चौटाला पुलिस चौकी प्रभारी एसआई जीत सिंह कुंडू ने बताया कि गांव चौटाला निवासी रामप्रताप ने पुलिस को दिए ब्यान में कहा है कि गुरूवार शाम करीब 5.30 बजे उसका छह वर्षीय बेटा बबलू (बदला हुआ नाम) घर के आगे खेल रहा था। वहीं पास में खाली पड़ी जमीन में अपनी भेड़-बकरियां चरा रहे दो युवक उसे बहला-फुसलाकर वाल्मीकि धर्मशाला में ले गए। वहां उससे कुकर्म किया।
चौकी प्रभारी के अनुसार शुक्रवार को रामप्रताप शिकायत लेकर चौकी में पहुंचा। चौटाला के सरकारी अस्पताल से बच्चे का मेडिकल करवाया गया। मेडिकल में बच्चे से कुकर्म किए जाने की पुष्टि होने के बाद गांव चौटाला निवासी मांडी तथा एक अन्य युवक के खिलाफ मामला दर्ज करके उनकी तालाश शुरू कर दी गई है।

छात्रों-डायरेक्टर में हाथापाई की नौबत


डबवाली (लहू की लौ) पन्नीवाला मोटा स्थित चौ. देवीलाल राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज के डायरेक्टर डीएस मोर का तबादला किए जाने का विवाद सुलझने की बजाय गहराता जा रहा है। इसे लेकर कॉलेज के छात्र पूरी तरह से उनके खिलाफ लामबंद हो गए हैं। कल तक जहां छात्र व स्टाफ सदस्य उनके तबादले को लेकर एकजुट दिखाई दे रहे थे, वहीं ग्राम पंचायत व ग्रामीण भी उनके खिलाफ आवाज बुलंद करने लगे हैं। छात्रों ने डीपी के खिलाफ अपना रोष प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रखा। छात्र शनिवार को कॉलेज अवकाश के दौरान भी एकत्र हो गए और मुख्य द्वार के समक्ष धरना प्रदर्शन करते हुए डायरेक्टर डीएस मोर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी भड़ास जारी रखी। छात्र अपनी उसी मांग को लेकर अडिग थे कि जब तक डीपी का तबादला नहीं हो जाता वे कक्षाओं में नहीं बैठेंगे और न ही किसी अधिकारी से मिलने जाएंगे। वहीं किसी हिंसक घटना के मद्देनजर ओढ़ां, कालांवाली, सिरसा से पुलिस बल मौके पर तैनात रहा जबकि शुक्रवार रात्रि को भी कॉलेज के पास पुलिस का पहरा रहा।
शनिवार को छात्रों ने छात्र एकता जिंदाबाद, डीपी मोर नो मोर आदि स्लोगन लिखी तख्तियां लेकर अपनी नारेबाजी जारी रखी। इसी दौरान डीपी अपनी गाड़ी द्वारा सिरसा के लिए रवाना हो गए तथा अधिकांश छात्र काफी समय तक धरना प्रदर्शन करने के उपरांत कैंपस में चले गए। इसी दौरान 2 बजे अचानक डायरेक्टर छात्रों के बीच आ गए और उनसे बातचीत करनी चाही लेकिन छात्र उनकी कोई बात सुनने को तैयार नहीं हुए तथा पुलिस के कहने पर कुछ छात्र उनकी बात सुनने को सहमत हुए। उन्होंने छात्रों से कहा कि अगर उनकी कोई समस्याएं हैं तो उन्हें बताएं और राजनीति छोड़कर कक्षाओं में लौट जाएं। जिस पर छात्रों ने एक स्वर में कहा कि जब तक वे नहीं बदले जाते वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। वहीं इसी दौरान छात्रों व डायरेक्टर के बीच नौबत हाथापाई तक जा पहुंची परंतु पुलिस ने बीच बचाव कर दिया। भड़के डीपी मोर ने छात्रों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस प्रदर्शन के पीछे कुछ लोग राजनीति कर रहे हैं जो कि वे नहीं चलने देंगे। इस दौरान माहौल गर्म देखकर पुलिस ने डीपी को उनकी कोठी की तरफ भेज दिया। ओढ़ां थाना प्रभारी भारतेंद्र ढिल्लों ने बताया कि स्थिति उनके नियंत्रण में है जिसके लिए कॉलेज में पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं।
पिछले तीन दिन से चल रहे इस मामले में स्टाफ के करीब 5 दर्जन सदस्य शुक्रवार देर शाम जिला उपायुक्त से मिले जहां उन्होंने पूरे मामले को जानते हुए कॉलेज स्टाफ को हिदायत दी कि वे सोमवार को कक्षाएं शुरू करवाएं तथा छात्रों व डीपी के बीच बातचीत का जरिया बनें। उन्होंने माना कि कॉलेज में कुछ अनुचित तो है जिसके चलते छात्र, स्टाफ व पन्नीवाला मोटा के ग्रामीण डीपी के खिलाफ इस कदर भड़के हैं। डीसी ने स्टाफ को आश्वस्त किया कि इस पूरे मामले की जांच के लिए वे उच्चाधिकारियों से बातचीत करके एक कमेटी का गठन सोमवार तक कर देंगे। वहीं कॉलेज के स्टाफ सदस्यों ने पत्रकारों को बताया कि डीपी के खिलाफ दो प्राध्यापिकाओं ने कुछ समय पूर्व उत्पीडऩ की शिकायत जिला उपायुक्त व एडवोकेट साधना मित्तल को लिखित शिकायत सौंपी थी परंतु उन्होंने इस विषय में कोई कार्यवाही नहीं की। स्टाफ सदस्यों ने डायरेक्टर पर अनेक गंभीर आरोप जड़ते हुए बताया कि आदेश के मुताबिक डायरेक्टर प्रिंसिपल को एक सप्ताह में चार घंटे टीचिंग क्लास लगाने के आदेश हैं, परंतु डीपी ने आज तक कभी कोई क्लास नहीं लगाई तथा कॉलेज में सुरक्षा के नाम पर जगह-जगह क्लोज सर्किट कैमरे लगाकर सरकारी राशी का दुरुपयोग कर रखा है।
डायरेक्टर को बदला जाए -ग्रामीण
चार दिन से चल रहे इस विवाद ने जहां छात्रों की शिक्षा बाधित होकर रह गई है वहीं हर रोज पुलिस को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस विवाद में पन्नीवाला मोटा के ग्रामीणों ने भी छात्रों का समर्थन किया व ग्राम सरपंच प्रतिनिधि दाताराम, पूर्व सरपंच श्रवण डुडी आदि प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों को साथ देने की बात कही। वहीं ग्रामीणों का एक शिष्टमंडल जिसमें प्रदीप बैनिवाल, राजा कस्वां, गौशाला कमेटी के प्रधान आदराम, राजा नेहरा, सुरजीत कस्वां और देवीलाल गोदारा आदि जिला उपायुक्त से मिले जहां उपायुक्त ने उन्हें शीघ्र ही कमेटी बनाकर जांच का आश्वासन दिया परंतु शिष्टमंडल सदस्यों की मांग थी कि डायरेक्टर का तबादला किया जाए। उक्त सदस्यों ने पत्रकारों को बताया कि वे हर तरह से छात्रों के साथ हैं तथा उन्होंने छात्रों से अपील की है कि वे अपना प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से कर सकते हैं तथा किसी भी प्रकार से कानून की उल्लंघना न करें। उन्होंने बताया कि अगर एक व्यक्ति के कारण संस्थान का माहौल बिगड़ता है तो सरकार को इस विषय में उचित कदम उठाकर डीपी को बदल देना चाहिए।

13 सितंबर 2012

विश्व भर में धूम मचाने को तैयार डबवाली की जूती


सरकार ने वल्र्ड क्लास सैन्टर स्थापित करने की योजना बनाई
डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा सरकार ने डबवाली के जूती उद्योग को नया आयाम देने और इसे विश्व स्तर पर चमकाने के लिए डबवाली में वल्र्ड क्लास सैन्टर स्थापित करने का निर्णय लिया है। अपने पहले चरण में सरकार ने बुधवार को शहर के जूती कारीगरों की बैठक एमएसएमई विकास संस्थान करनाल के माध्यम से रैगर धर्मशाला में ली। बैठक में संस्थान के निदेशक विजय कुमार मुख्यातिथि के रूप में शामिल हुए।
डबवाली नगर वर्षों से जूती कारीगरी में पूरे भारत में प्रसिद्ध है। दूर-दूर से जूती के शौकिन लोग जूती खरीदने के लिए डबवाली आते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से मशीनी युग के चलते जूती कारीगर आर्थिक मंदवाड़े में से गुजर रहे थे। भारत की मार्किट में चीन की जूती ने अपना स्थान बना लिया। जिससे भारत का जूती उद्योग लडख़ड़ाने लगा। हरियाणा सरकार ने डबवाली के जूती उद्योग को प्रोत्साहित करने और चीन के जूती उद्योग को प्रतिस्पर्धा में मात देने के लिए डबवाली के जूती कारीगरों का चयन किया है। चीन के जूती कारीगरों के पास चमड़े से जूती बनाने की कला नहीं है। जबकि भारत के हरियाणा राज्य के डबवाली नगर के कारीगरों के पास चमड़े से जूती बनाने की ऐसी कला है, जो केवल भारतीयों को नहीं बल्कि विदेशियों को आकर्षित करके सरकार के लिए अच्छी आय का स्त्रोत बन सकती है। इसी उद्देश्य को सामने रखते हुए भारत सरकार के सूक्ष्म लघु एवं उद्यम मंत्रालय ने जूती उद्योग के लिए डबवाली के कारीगरों का ही चयन नहीं किया है, बल्कि इसके लिए डबवाली नगर का भी चयन किया है।
रैगर धर्मशाला में डबवाली के जूती कारीगरों की बैठक के बाद इस संवाददाता से बातचीत करते हुए एमएसएमई-विकास संस्थान करनाल के निदेशक विजय कुमार ने बताया कि भारत सरकार के उद्योग विभाग ने कलस्टर विकास कार्यक्रम (सूक्ष्म एवं लघु उद्योग उद्यमों के लिए) के तहत डबवाली का चयन करते हुए डबवाली के जूती कारीगरों को विश्व स्तरीय बाजार प्रदान करने का निर्णय लिया है। चूंकि डबवाली की बनी जूती गुणवत्ता के आधार पर बनती है। अगर यहां के कारीगरों को प्रशिक्षण और आवश्यक वित्तीय सहायता दी जाए तो डबवाली की बनी जूती विश्व में नाम कमा सकती है। इसके लिए वल्र्ड क्लास सैन्टर बनाने की कवायद बुधवार से शुरू हो चुकी है। इस योजना के तहत जूती उद्योग उद्यमियों को जमीन और भवन का निर्माण अपने स्तर पर करना होगा। जबकि कारीगरों को ट्रेनिंग, उच्च स्तरीय टेस्टिंग लैब, मशीनरी, कच्चा माल और बाजार भारत सरकार उपलब्ध करवाएगी। डबवाली के जूती कारीगरों पर एक सर्वे करवाया गया था। जिसमें यह बात सामने आई थी कि डबवाली की जूती में गुणवत्ता है और डबवाली की जूती चाईनिज जूती को विश्व मार्किट में प्रतिस्पर्धा में मात दे सकती है। उनके अनुसार प्रयोग स्तर पर यह एक वर्ष का प्रोजेक्ट है। सरकार उद्यमियों को 90 प्रतिशत आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाएगी। इस मौके पर संस्थान के अतिरिक्त निदेशक संजय कुमार भी उपस्थित थे।

नशे की रोकथाम के लिए तीन राज्यों की पुलिस ने मिलाए हाथ


डबवाली (लहू की लौ) अपराधियों, नशीले पदार्थों की तस्करी की मुखबरी मिलने पर हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान पुलिस एक साथ कार्य करेगी। सूचना मिलते ही तीनों राज्यों की सीमाएं सील करके नाकाबंदी कर दी जाएगी। इस योजना को अमलीजामा पहनाने के लिए तीनों राज्यों के सीमावर्ती जिलों में एसपी रैंक का एक-एक नोडल अफसर नियुक्त किया जाएगा।
यह योजना मंगलवार को गांव बादल (पंजाब) के रैस्ट हाऊस में हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान के पुलिस अधिकारियों की इंटर स्टेट बैठक में बनी। बैठक बठिंडा जोन के आईजी निर्मल सिंह ढिल्लों की अध्यक्षता में हुई। जिसमें बठिंडा जोन के डीआईजी प्रमोद भान, फिरोजपुर जोन के डीआईजी परमराज सिंह उमरा नंगल, जिला श्री मुक्तसर साहिब के एसएसपी इन्द्रमोहन सिंह, एसएसपी बठिंडा सुखचैन सिंह गिल, एसएसपी मानसा नरेन्द्र भार्गव, एसएसपी फिरोजपुर वीरेन्द्र सिंह, एसएसपी फाजिल्कां अमर चहल, एसपी सिरसा दविन्द्र यादव, एसपी फतेहाबाद सतीन्द्र गुप्ता, एसपी गंगानगर संतोष चालकी, एसपी हनुमानगढ़ रवि सभ्रवाल उपस्थित हुए। बैठक से पूर्व उपरोक्त पुलिस अधिकारियों ने तीनों राज्यों की सीमाओं पर कंदूखेड़ा-हरीपुरा, भुल्लरवाला-जोतांवाली, फत्ताकेरा-लोहगढ़, वंडिंगखेड़ा-शेरगढ़ मार्गों का निरीक्षण किया। नशे के तस्कर अधिकतर इन्हीं मार्गों का प्रयोग करते हैं।
कंदूखेड़ा सबसे महत्वपूर्ण
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए आईजी निर्मल सिंह ढिल्लों ने कहा कि कंदूखेड़ा मार्ग सबसे महत्वपूर्ण है। चूंकि इस जगह पर आकर हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान मिलते हैं। आसानी से अपराधिक तत्व तथा तस्कर भाग निकलते हैं। इसके अतिरिक्त बच निकलने वाले अन्य पॉईंटों की भी पहचान की गई है। तीनों प्रदेशों के पुलिस अधिकारियों ने एक सांझी योजना तैयार की है। योजना के तहत सूचना मिलने पर एक ही समय तीनों प्रदेशों की पुलिस सीमाएं सील करेगी। सीमावर्ती जिलों में नोडल अफसर भी लगाए जाएंगे।
गैंग उठाते हैं लाभ
आईजी ढिल्लों के अनुसार अपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले गैंग सीमावर्ती क्षेत्रों का फायदा उठाकर आसानी से दूसरे राज्यों में भाग निकलते हैं। ऐसी वारदातें करने वाला शेरा गैंग ट्रेस आऊट हुआ है। जिसने हरियाणा के फतेहाबाद के साथ-साथ पंजाब तथा राजस्थान में अपनी अपराधिक गतिविधियां चलाई हुई हैं। ऐसे गैंग पंजाब में भी हैं।
तीन माह बाद होगी बैठक
ढिल्लों के अनुसार बैठक में पुलिस अधिकारियों ने मूवमेंट करने वाले अपराधियों तथा भगौड़ों की सूची का आदान-प्रदान किया। उनके अनुसार हर तीन माह के बाद अधिकारियों की इंटर स्टेट बैठक हुआ करेगी। इसके साथ ही अलग से सीमावर्ती क्षेत्रों के थाना प्रभारियों की बैठक करके उनसे भी उनकी समस्याएं पूछकर उनका समाधान किया जाएगा।
उनके अनुसार बठिंडा जोन की पुलिस ने अब तक 45 किलो हेरोईन, 225 किलो अफीम, 40 हजार किलो चूरा पोस्त, 7 किलो स्मैक तथा मेडिकल नशे की भारी खेप पकड़ी है। तीनों राज्यों की पुलिस के सहयोग से ही नशे पर रोक संभव है।