युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

12 अक्तूबर 2009

डेरा समर्थक पर लगी है कंागे्रस उम्मीदवारों की आंख

डबवाली (लहू की लौ) सिरसा जिला को इनेलो का गढ़ माना जाता है ऐसेे में पांचों सीटों पर इनेलो की प्रतिष्ठा दांव पर लगी हुई है। ऐलनाबाद में स्वयं इनेलो सुप्रीमों चुनाव मैदान में हैं तो डबवाली से उनके पुत्र अजय सिंह चौटाला भाग्य आजमा रहे है जहां उनका सामना कांगे्रस उम्मीदवार व अपने चाचा केवी सिंह से है। सिरसा और रानियां में घमासान की स्थिति बनी हुई है जहां पर आजाद उम्मीदवारों ने राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की नींद उड़ा कर रख दी है। लोगों की निगाहें इन्हीं दोनों सीटों के नतीजे पर लगी हुई है और इन्हीं सीटों पर करोड़ो का सट्टा भी लगा हुआ है। कांगे्रस उम्मीदवारों की निगाहें डेरा समर्थकों की ओर भी लगी हुर्ई है। ऐलनाबाद में इनेलो की ओर से पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला स्वयं मैदान में है जबकि कांगे्रस ने निवर्तमान विधायक भरत सिंह बैनीवाल, भाजपा ने अमीरचन्द मैहता, हजकां ने देवीलाल बैनीवाल को मैदान में उतारा है। इस सीट पर चौटाला को ही प्रबल दावेदार माना जा रहा है। डबवाली में इनेलो की ओर से राज्यसभा सदस्य अजय सिंह चौटाला, कांग्रस की ओर से डा. केवी सिंह, हजकंा की ओर से कुृलदीप भांभू, भाजपा की ओर से रेणु शर्मा और बसपा की ओर से प्रीत महेंद्र सिंह मैदान में है। केवी सिंह के सामने उनके ही भतीजे अजय सिंह चौटाला और रवि चौटाला चुनाव मैदान में है। कांगे्रस के लिए रवि चौटाला ही परेशानी का सबब बने हुए है। जिसकूे चलते लग रहा है यह सीट इनेलो की झोली में जा सकती है। कालांवाली में कांगे्रस की ओर से डा. सुशील इंंदौरा, भाजपा की ओर रतन लाल बामनिया, शिरोमणि अकाली दल-इनेलो गठबंधन की ओर से चरणजीत सिंह, हजकंा की ओर से राजेश वैद, बसपा की ओर से मेजर सिंह खतरावां मैदान में है। इस सीट पर कांगे्रस और अकाली दल उम्मीदवार के बीच कड़ा मुकाबला बना हुआ है। रानियां विधानसभा सीट से कांगे्रस की ओर से चौ. रणजीत सिंह, इनेलो की ओर से कृष्ण कंबोज, भाजपा की ओर से शीशपाल कंबोज, भाकपा के स्वर्ण ङ्क्षसह विर्क और आजाद उम्मीदवार के रूप में सत्यदेव मैदान में है। इस सीट पर नामधारी समुदाय और कंबेाज बिरादरी के वोटों के विभाजन से कांगे्रस क ो परेशानी हो सकती है। कांगे्रस के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द आजाद उम्मीदवार सत्यदेव बना हुआ है जिसे डेरा समर्थकों का उम्मीदवार माना जा रहा है। सत्यदेव कुम्हार बिरादरी से है और उनकी अपनी ही जाति का वोट बैेंक काफी अधिक है। इस सीट पर आजाद उम्मीदवार बड़ी उलट-फेर कर सकता है। सिरसा विधानसभा सीट पर कांगे्रस की ओर से निवर्तमान उद्योगमंत्री लछमन दास अरोड़ा, इनेलो की ओर से पदम जैन, भाजपा की ओर से रोहताश जांगडा, हजकां की ओर से वीरभान मेहता, बसपा की ओर से शांति स्वरूप, माकपा की ओर से बलबीर कौर गांधी और आजाद उम्मीदवार के रूप में गोपाल कांडा चुनाव मैदान में है। कांगे्रस उम्मीदवार की अस्वस्थता का लाभ विरोधी दल उठाना चाहते है जबकि उनकी निगाहें डेरा समर्थकों पर टिकी लगी हुई है। इस सीट पर आजाद उम्मीदवार गोपाल कांडा बड़ा उलट-फेर कर सकते है। कांगे्र्रस और इनेलो ने पूरा जोर लगाया हुआ है।

किसान-कमजोर वर्ग का चक्र हुड्डा ही घुमाते रहेंगे: सोनिया गांधी

हुड्डा ने डंडा राज खत्म किया

डबवाली : ''अन्नदाता और जीवनदाता हैं किसान, कांग्रेस उसकी उपेक्षा नहीं कर सकती।ÓÓ हरियाणा में भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में किसानों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए बिना किसी भेदभाव के विकास हुआ है, जो पूर्व की इनैलो-भाजपा सरकार ने नहीं किया था। उस सरकार ने किसानों के साथ अल्पसंख्यकों की भी उपेक्षा की। कांग्रेस का संकल्प है कि वह आगे भी हुड्डा और अन्य नेताओं के नेतृत्व में प्रदेश का और ज्यादा विकास करेगी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ये विचार अपने हरियाणा के दूसरे चुनाव दौरे के दौरान नूह और झज्जर की विशाल रैलियों में व्यक्त किए। कांग्रेसाध्यक्ष के हर वाक्य पर उत्साह प्रदर्शन करते श्रोताओं ने कई बार अपने स्थान से उठकर,कभी हाथ ऊँचे कर कभी तालियां बजाकर अपने दिल की बात प्रकट की। जनसभाओं में किसानोंं, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, युवा वर्ग के साथ भारी संख्याओं में महिलाओं की उपस्थिति और उनकी सकारात्मक अभिव्यक्ति उल्लेखनीय कही जा सकती है। बीते दिन कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव राहुल गांधी ने समालखा और अटेली की चुनावी रैलियों में जिस प्रकार विपक्ष को आड़े हाथ लिया था। आज सोनिया गांधी भी विपक्ष खासतौर पर हरियाणा की पूर्व इनैलो-भाजपा सरकार की किसान विरोधी, जन विरोधी नीतियों को लेकर जमकर बरसी। झज्जर में उन्होंने रैली में उपस्थित किसानों, युवाओं और महिलाओं से राज्य की पूर्व भाजपा-इनैलो सरकार की कारगुजारी को लेकर सवाल किए। उन्होंने सीधे-सीधे सवाल किया कि पीछे मुड़ कर देखो और सोच कर जवाब दो कि हुड्डा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार से पूर्व की सरकार के समय कमजोर वर्ग को कभी 100-100 वर्ग गज के आवासीय प्लाट नि:शुल्क मिले थे। क्या उस सरकार में छोटे किसानों, गैर कृषकों, दस्तकारों और शिल्पकारों के कर्जे कभी माफ हुए, महिलाओं का मान-सम्मान हुआ। उन्हें 50 फीसदी आरक्षण मिला। जवाब में नहीं-नहीं कहते किसान और महिलाएं कई बार उठ खड़ी हुई। सोनियां गांधी ने श्रोताओं के उत्साह से गदगद् होकर कहा कि कांग्रेस ने हुड्डा जी के नेतृत्व में हरियाणा का चहुमुखी विकास किया है और 13 अक्तूबर को कांग्रेस की शानदार जीत के बाद हुड्डा के नेतृत्व में और ज्यादा विकास कार्य करेगी। कांग्रेसाध्यक्ष ने कहा कि पहले यहां डंडा राज चलता था जिसे भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने खत्म किया। मेरा मानना है कि जब तक किसान सुखी न हो, उसे अपनी मेहनत का फल न मिल रहा हो तो कांग्रेस हाथ पर हाथ धरे बैठे नहीं रह सकती। उन्होंने कमजोर से कमजोर वर्ग के उत्थान और विकास के हुड्डा सरकार के फैसलों का जिक्र करके कहा कि उसके ब्यौरे में जाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि वे हरियाणा की जनता के सामने है। उन्होंने फसलों के सबसे ऊँचे दाम, 25 हजार करोड़ रुपये के कृषि विकास कोष की स्थापना का तथा नरेगा का उल्लेख किया। कांग्रेसध्यक्ष सोनिया गांधी ने रह-रह कर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। यहां भी उन्होंने हरियाणा की पूर्व इनैलो-भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि जब पड़ोसी राजस्थान और देश के दूसरे हिस्सों में सूखा पड़ा था तो उस समय की हरियाणा सरकार ने कोई मदद नहीं की। श्रीमती सोनिया गांधी ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा की सरकार ने जो काम किया है, उससे निराश और हताश होकर विपक्ष जनता को बहकाने में लगा है। उन्होंने बहकावे में न आने का परामर्श दिया। उन्होंने कहा कि वे (विपक्ष) बड़ी-बड़ी बात कह रहे हैं किंतु हरियाणा की जनता उनका अतीत जानती है। कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने प्रदेश में डंंडे का राज खत्म करके कानून का राज कायम किया है। तब विकास कुछ खास लोगों का ही होता था, अब सब लोगों का समान रूप से विकास होता है। श्रीमती गांधी ने मेवात और रोहतक-झज्जर की भूमि को यह कहते हुए प्रणाम किया कि यह वीरों, बलिदानियों, स्वाधीनता सेनानियों की धरती है। कांग्रेस केवल एक राजनीतिक पार्टी ही नहीं है बल्कि एक आंदोलन है, इसीलिए वह शाहदत का सम्मान करती है। किसानों का आभार मानती है। क्योंकि देश की दुरुस्त अर्थ व्यवस्था कृषि से दुरुस्त रह सकती है। नूंह की रैली में भी अल्पसंख्यकों के विकास और उत्थान का भरोसा श्रीमती सोनिया गांधी ने दिया। उन्होंने कहा कि समाज में अगर अल्पसंख्यकों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की हिस्सेदारी नहीं है तो विकास के कोई मायने नहीं रहते। उन्होंने याद दिलाया कि हुड्डा सरकार ने ही मेवात को पृथक जिला बनाकर विकास का मार्ग प्रशस्त किया। मेवात की पेयजल की समस्या का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने इस पर अभी तक 200 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने श्रीमती सोनिया गांधी का अपनी जन्मभूमि, कर्मभूमि रोहतक-झज्जर में हार्दिक स्वागत किया। उन्होंने कांग्रेसध्यक्ष का आभार व्यक्त किया कि उन्हें हरियाणा की सेवा का अवसर दिया। उन्होंने श्रीमती गांधी को संबोधित करते हुए कहा कि आपके नेतृत्व और आशीर्वाद, प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की नीतियों और राहुल गांधी के सशक्त युवा नेतृत्व से ही प्रेरणा लेकर उन्होंने प्रदेश को विकास की दृष्टि से नंबर वन बनाने का विनम्र प्रयास किया। अपने भाषण के दौरान भावुक हो गए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने इस क्षेत्र से लोकसभा के 9 चुनाव लड़े जिसमें से इस क्षेत्र की बहादुर और जागरूक जनता ने आठ बार जिताया। उन्होंने कहा कि मैंने और मेरे स्व.दादा-पिता ने तन-मन-धन, ईमानदारी से इस क्षेत्र की सेवा की है, फिर भी अगर कोई भूल हो गई तो क्षमा कर देना। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी जी यहां बैठी है, यदि मेरे से प्रदेश की सेवा में कोई कमी रह गई है तो मैं उनसे आग्रह करूंगा कि वे मेरी छुट्टी कर दें। इस क्षेत्र के सांसद दीपेंद्र हुड्डा भी कांग्रेसध्यक्ष का स्वागत करते हुए अपने पिता भूपेंद्र सिंह हुड्डा की तरह भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि मैं सोनिया जी के आशीर्वाद, डॉ. मनमोहन सिंह की पारदर्शी नीतियों और युवा शक्ति के प्रतीक राहुल जी के कारण ही इस जनता की सेवा करने योग्य बन सका हूं। उन्होंने कहा कि ये सोनिया जी ही हैं जिन्होंने इस क्षेत्र में थर्मल-पावर प्लांट और रेलवे लाइन की आधारशिला अपने कर कमलों से रखकर इस क्षेत्र के विकास चक्र को तेज किया। उन्होंने विश्वास दिलाया कि रोहतक-झज्जर क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ रहे सभी प्रत्याशी भारी मतों से विजयी होंगे और श्रीमती गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह और राहुल गांधी के हाथ मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि मैं भी उस किसान का बेटा हूं जो दिन भर अपने कंधे पर हल रखकर खेतों में अपना पसीना बहाते हैं। उन्हें मेहनती किसानों की पीड़ा केवल सोनिया गांधी, डॉ. मनमोहन सिंह और राहुल गांधी ने समझी है। आज वही किसान कांग्रेस को वोट देकर आपके ऋण को उतारना चाहता है। कांग्रेसध्यक्ष के संबोधन के बाद विधानसभा चुनाव लड़ रहे सभी कांग्रेस प्रत्याशियों का परिचय श्रीमती सोनिया गांधी ने मतदाताओं से कराया। कांग्रेस महासचिव और हरियाणा के प्रभारी पृथ्वीराज चव्हाण ने एक-एक करके सभी प्रत्याशियों को मंच पर बुलाया। अब गढ़ी-सांपला-किलाई के कांग्रेस प्रत्याशी का परिचय देने की बारी आई तो चव्हाण ने जनसभा से ही पूछ लिया कि बताओ कौन है यहां से प्रत्याशी। पंडाल से एक स्वर में आवाज आई- भूपेंद्र सिंह हुड्डा... भूपेंद्र सिंह हुड्डा।