युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

12 मार्च 2010

बिजली को लेकर ग्रामीणों का हल्ला बोल

डबवाली (लहू की लौ) शैड्यूल अनुसार बिजली न मिलने से गुस्साये गांव मसीतां के ग्रामीणों ने वीरवार को दक्षिण हरियाणा विद्युत वितरण निगम डबवाली मण्डल अभियन्ता के कार्यालय के समक्ष धरना देकर जोरदार प्रदर्शन किया।
गांव मसीतां के सर्वजीत सिंह, मनजीत सिंह दलेह, बलविन्द्र सिंह, दर्शन सिंह, बलतेज सिंह, मेजर सिंह, सुरेन्द्र सिंह, गुरबचन सिंह, करनैल सिंह, अवतार सिंह, वीरेन्द्र सिंह, कुलविन्द्र सिंह आदि ने बताया कि उनके गांव को बिजली देने के लिए निगम द्वारा शैड्यूल निर्धारित किया गया है। लेकिन शैड्यूल अनुसार भी उनको बिजली आपूर्ति नहीं की जा रही। पिछले 8 दिनों से बिजली व्यवस्था बुरी तरह से ठप्प होकर रह गई है। उनके अनुसार करीब दो माह से नहर में पानी नहीं आया और ऊपर से बिजली न आने से फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि गांव की पंचायत की ओर से दो एकड़ भूमि बिजली विभाग को ग्रिड स्थापित करने के लिए दी गई है। इसके बावजूद भी विभाग उक्त जगह पर ग्रिड लगाने में दिलचस्पी नहीं ले रहा है। इसके विपरीत डबवाली में एक ओर ग्रिड स्थापित करने के लिए सर्वे कर रहा है। ग्रामीणों ने मांग की कि मुख्य लाईन की स्विच को कई भागों में बांटकर लगाया जाना चाहिए ताकि एक स्थान से स्विच ऑफ होने से अन्य स्थानों की बिजली प्रभावित न हो। इस मौके पर ग्रामीणों ने हरियाणा सरकार, बिजली विभाग तथा मण्डल अभियन्ता के खिलाफ जोरदार नारेबाजी भी की। मण्डल अभियन्ता आर.के. वर्मा ने ग्रामीणों की बात सुनने के बाद कहा कि शैड्यूल मुताबिक मिलने वाली बिजली में लगने वाले जीरो कट सम्बन्धी वे अपने उच्च अधिकारियों से बात करेंगे, ताकि ये कट न लगें। लाईन को कई भागों में बांटकर स्विच लगवा दिये जाएंगे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि गांव मसीतां में 33केवी सबस्टेशन बनाने का प्रस्ताव सरकार के पास भेजा हुआ है।

मोटरसाईकिल चालक ने वृद्ध को लूटा

डबवाली (लहू की लौ) गांव घुमियारा में बुधवार सुबह एक वृद्ध को एक मोटरसाईकिल सवार युवक ने गांव खुम्बन पहुंचाने के बहाने लूट लिया और फरार हो गया। पीडि़त वृद्ध महंगा सिंह ने किलियांवाली पुलिस चौकी को एक शिकायत पत्र देकर आरोप लगाया है कि वह अपने गांव घुमियारा बस स्टेंड पर खुम्बन जाने के लिए खड़ा था और उसके पास अचानक मोटरसाईकिल आकर रूका। मोटरसाईकिल चालक ने कहा कि उसने खुम्बन जाना है और वह उसे साथ ले चलता है। जिस पर वह मोटरसाईकिल पर बैठ गया और युवक ने मोटरसाईकिल को खुम्बन लेजाने की अपेक्षा लौहारा गांव के साथ बहती कस्सी की तरफ ले गया और वहां उसने उसके हाथ में पहनी छाप, कड़ा व जेब में रखी नकदी छीन ली और फरार हो गया।

सेतिया कॉलोनी में बरामद हुई लापता छात्रा

श्रीगंगानगर। एक महीने से मारी-मारी फिर रही पुलिस को आज अपराह्न राहत की सांस मिली, जब कथित रूप से अपहृत एक स्कूली छात्रा को स्थानीय सेतिया कॉलोनी में पुलिस चौकी के समीप एक घर से बरामद कर लिया गया। पूजा नाम की बारहवीं कक्षा की यह छात्रा हनुमानगढ़ जंक्शन के समीप चक 20 एलएलडब्लयू से विगत 7-8 फरवरी की रात को लापता हो गई थी। उसके पिता बनवारीलाल सहारण ने दस फरवरी को महिला थाने में अज्ञात व्यक्तियों पर पूजा का अपहरण कर लेने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया था। हनुमानगढ़ के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यादराम फासल ने पूजा को बरामद कर लिये जाने की जानकारी देते बताया कि कल उसे जोधपुर हाईकोर्ट में पेश किया जाएगा। पूजा की बरामदगी के लिए उसके पिता ने पिछले सप्ताह जोधुपर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका लगाई थी। हाईकोर्ट में पूजा द्वारा बयान दिये जाने पर उसी के अनुरूप आगे की कार्यवाही की जाएगी।
पूजा के लापता और उसके बरामद होने के पीछे एक सनसनीखेज, दिलचस्प और रोंगटे खड़े कर देने वाली दास्तां सामने आई है। यह दास्तां श्रीगंगानगर शहर के एक ऐसे घिनौने सच को बेनकाब करती है, जिसमें घर से निकली और राह भटकी हुई लड़कियों को किस तरह बरगलाकर उन्हें अपने घरवालों के विरूद्ध ही कर दिया जाता है। इस मामले में सेतिया कॉलोनी की एक संदिग्ध चरित्र की महिला की भूमिका की पुलिस ने गहन छानबीन करने की ठानी है, जबकि एक टैम्पू चालक भी संदेह के घेरे में है।
हनुमानगढ़ पुलिस के अनुसार पूजा के बरामद होने पर उससे फिलहाल शुरूआती पूछताछ हो पाई है, लेकिन उसने जो कुछ बताया है, उस पर सहज रूप से शायद ही कोई विश्वास कर पायेगा। जांच में पता चला है कि पूजा के पास एक मोबाइल फोन था, जिस पर अकसर फोन कॉल तथा एसएमएस आते रहते थे। इस मोबाइल के लिए नरसी नामक युवक ने अपने नाम से सिमकार्ड लेकर दे रखा था। जिनके फोन इस नंबर आते थे, उनमें जितेंद्र सिहाग नामक एक युवक भी था, जो श्रीगंगानगर में शेयरों के एक कारोबारी के दफ्तर में काम करता था। पूजा के अपहरण का मुकदमा दर्ज होने के बाद सबसे पहले उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकाली गई। यह फोन पूजा घर में ही छोड़ गई थी। कॉल डिटेल से पता चला कि डेढ़ दर्जन ऐसे नंबर हैं, जिनसे सबसे अधिक कॉलें आई थीं। इन सब नंबरों की पड़ताल करने पर नरसी तथा जितेंद्र सिहाग को गिरफ्तार किया गया। यह दोनों आठ फरवरी के बाद पूजा से मिलने से इंकार करते रहे। अलबत्ता नरसी ने बताया कि आठ फरवरी को पूजा ने किसी नये नंबर से उसे फोन किया तथा गांव से गंगानगर मिलने के लिये बुलाया। उसने इंकार कर दिया। इसके बाद पूजा का फोन नहीं आया।
पुलिस के मुताबिक अब खुलासा हुआ है कि सात-आठ फरवरी की रात को घर से निकलकर पूजा पक्का सहारण के समीप गुरूनानकनगर के अड्डे पर आई, जहां तड़के उसे एक अखबार सप्लाई करने की जीप मिली। इस जीप से बस अड्डे पर पहुंची। उसे कुछ समझ में नहीं आ रहा था कि वह कहां जाये। अड्डे से बाहर आकर वह इधर-उधर गलियों में घूम रही थी, तभी एक टैम्पू चालक की उस पर नजर पड़ गई। टैम्पू चालक ने उसे बातों में लगाया तो पूजा ने अंध विद्यालय चलने के लिए कहा। रास्ते में पूजा ने टैम्पू चालक के मोबाइल फोन से नरसी को कॉल की थी। इतने में टैम्पू चालक समझ गया कि पूजा घर से भागी हुई है। उसने रास्ते में टैम्पू अपना मोबाइल रिचार्ज करने के बहाने से रूकवाया और साईड में जाकर किसी को पूजा के बारे में बताया। बाद में अंध विद्यालय जाते समय टैम्पू चालक से पूछने पर बता दिया कि वहां उसका कोई नहीं रहता। वह तो अंध विद्यालय में रहने के लिए किसी ठिकाने का पता करने जा रही है। चालक ने उसे बताया कि अंध विद्यालय में इस तरह लड़कियों को नहीं रखा जाता। तब असमंजस की स्थिति में देखते हुए टैम्पू चालक ने पूजा को अपने जाल में फांसा और सीधे सेतिया कॉलोनी में अपनी एक परिचित महिला निर्मला (नाम तब्दील) के घर ले गया। इसी निर्मला के घर में पूजा एक महीने से टिकी हुई थी।
पुलिस के अनुसार निर्मला के यहां से बरामद होने के बाद से पूजा उसी के गुण गा रही है। वह अपने मां-बाप के पास जाने से इंकार कर रही है। यही नहीं उसका कथित रूप से यह भी कहना है कि मां-बाप उसे प्रताडि़त करते थे, इसलिए वह घर छोडऩे को मजबूर हुई है। दूसरी तरफ पुलिस अधिकारी निर्मला के चरित्र को संदिग्ध बता रहे हैं। उनका कहना है कि फिलहाल प्राथमिकता पूजा को कल हाईकोर्ट में पेश करने की है। इसके बा निर्मला और टैम्पू चालक की भूमिका की छानबीन की जाएगी। पुलिस ने मुताबिक निर्मला के सेतिया कॉलोनी इलाके में दो मकान है। उसकी एक पुत्री इन दिनों सिरसा के यहां आई हुई थी। निर्मला दिन में पूजा को अपनी पुत्री के साथ दूसरे मकान में रखती थी और रात को सोने के लिए अपने घर बुला लेती थी। पूजा का कहना है कि निर्मला के यहां रहते हुए उसे कोई तकलीफ नहीं हुई। वह उसे बड़े अच्छे-सलीके से अपने पास रख रही थी। यहां तक कि पूजा अब निर्मला को मम्मी कहती है।
पूजा के गायब होने के बाद से हनुमानगढ़ महिला थाना पुलिस का सारा ध्यान श्रीगंगानगर पर केंद्रित था। यहां आने के बाद आठ फरवरी को उसने एक एसटीडीपीसीओ से अपने घर फोन कर खुद के श्रीगंगानगर में होने की जानकारी दी थी। पिछले एक सप्ताह थानाप्रभारी जगदीश हुड्डा और एएसआई लेखराम श्रीगंगानगर में दल-बल सहित डेरा डाले हुए थे। स्थानीय पुलिस का भी सहयोग लिया जा रहा था। पूजा के इश्तिहार पूरे शहर में जारी किये गए। बावजूद इसके किसी को भनक नहीं लग रही थी कि पूजा सेतिया कॉलोनी पुलिस चौकी के समीप के एक मकान में ही रह रही थी।

बम धमाकों-गोलियों से गूंज उठी पुलिस लाईन

श्रीगंगानगर। स्थानीय पुलिस लाईन आज सुबह आतंकी हमले से गूंज उठी। आतंकवादियों ने हमला करते हुए बम छोड़े और अंधाधुंध गोलियां चलाईं। पुलिस की इमरजेंसी रेसक्यू टीम (ईआरटी) ने अदम्य साहस दिखाते हुए आतंकवादियों में से तीन को मार गिराया। इस कार्यवाही में ईआरटी का एक जवान घायल हो गया, जिसे तुरंत एंबुलैंस से अस्पताल पहुंचाया गया।
प्रात: 8 बजे बम धमाकों और गोलियां की आवाजों ने पुलिस लाईन के आसपास रहने वाले लोगों को चांैकाया। लाईन के दोनों मुख्य द्वारों पर काफी भीड़ लग गई। लोग बाउंडरी वाल पर लाईन के मैदान पर हो रही इस मुठभेड़ को देखने के लिए चढ़ गये। दरअसल यह कोई आतंकी हमला नहीं था, बल्कि सिर्फ इसका प्रदर्शन (डैमो) किया गया था। आतंकी हमले से निपटने का यह प्रदर्शन जिला पुलिस के आज से शुरू हुए वार्षिक निरीक्षण का एक हिस्सा था। इसमें स्मोक कैंडल शैल, वैरी लाईट गन से बमों और बंदूकों से खाली कारतूसों का इस्तेमाल किया गया। धुएं से उठते गुब्बार, ईआरटी के पॉजीशन लेते हुए जवान और बमों-गोलियों की आवाजें बिल्कुल आतंकवादियों से मुठभेड़ के दृश्य को जीवंत कर रही थी। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (यातायात) आरएस ढिल्लो ने इस प्रदर्शन को बारीकी से देखा और इसकी खामियों को नोट किया।
आतंकी हमले के बाद बलवईयों (प्रदर्शनकारियों) को खदेडऩे की कार्यवाही का प्रदर्शन किया गया। महंगाई, बेरोजगारी, सिंचाई-पानी आदि के मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रही भीड़ को पुलिस बल ने उनको चेतावनी दी। भीड़ द्वारा पुतला फूंके जाने के बाद पथराव कर दिये जाने पर मौजूद ड्यूटी मजिस्ट्रेट के निर्देश पर पुलिस की गैस पार्टी ने आंसू गैस के गोले छोड़े और सशस्त्र टुकड़ी ने हवाई फायरिंग किये। भीड़ को तीतर-बीतर करने के लिए लाठी पार्टी ने उनका पीछा किया। इस प्रदर्शन को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इसकी खामियां भी एडीजीपी ढिल्लो की नजर से बच नहीं पाईं। इन खामियों से उन्होंने पुलिस अधीक्षक तथा अन्य अधिकारियों को अवगत करवाते हुए इसे सुधारने के निर्देश दिये।
प्रदर्शन का अगला हिस्सा क्राईम सीन को प्रस्तुत करने का था, जिसमें पुलिस लाईन स्थित पेट्रोल पंप को लूटने की वारदात को अंजाम दिया गया। मोटरसाइकिल पर सवार दो नकाबपोश पंप कर्मचारी को गोली मारकर लूट ले गए। अपराधियों को पकडऩे के लिए पुलिस पार्टी को उसके पीछे लगाया, जबकि दूसरी पुलिस पार्टी ने मौके पर जांच-पड़ताल की कार्यवाही को पूर्ण किया। घटनास्थल को सुरक्षा घेरे में लेने के बाद घायल पंप कर्मी को एंबुलैंस से अस्पताल भिजवाया गया। अपराधियों के फिंगर एवं फुट प्रिंट उठाने की कार्यवाही एमओबी पार्टी द्वारा की गई। लुटेरों का पता लगाने के लिए डॉग स्कवायड की भी मदद ली गई। मौके की जांच का काम सब इंस्पेक्टर गुरूभूपेंद्रसिंह ने किया। उधर पीछा कर रही पुलिस पार्टी ने लाईन के मैदान में नाकाबंदी के सहयोग से नकाबपोश लुटेरों को धर दबोचा। लुटेरों को पकडऩे की कार्यवाही का नेतृत्व सब इंस्पेक्टर धीरेंद्र शेखावत ने किया। अपराधियों के पकड़े जाने के बाद मौके पर मिले उनके पिस्तौल व मोटरसाइकिल को बिना फोटोग्राफी किये जब्त करने की गलती को एडीजीपी ढिल्लो ने पकड़ा और हिदायत दी कि ऐसी कार्यवाही में मौके की फोटोग्राफी किये बिना किसी वस्तु से छेड़छाड़ नहीं की जानी चाहिए।
इस वार्षिक निरीक्षण की शुरूआत प्रात: 7 बजे से सलामी परेड़ से हुई। परेड़ का नेतृत्व पुलिस अधीक्षक उमेशचंद्र दत्ता ने किया। उनके साथ अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजन दुष्यंत और अनूपगढ़ के डीएसपी दशरथसिंह भी थे। यह परेड़ काफी शानदार रही। प्रदर्शनों के बाद एडीजीपी ढिल्लो ने पुलिस लाईन की तमाम शाखाओं- मोटर वाहन, क्वार्टर गार्ड, ट्रेजरी, मालखाना, मैस, वायरलैस सैंटर, पोलनेट रूम, आवासीय भवनों तथा जल सप्लाई व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने लाईन में रहने वाले पुलिस कर्मियों की सुविधाओं के लिए इन व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार करने के निर्देश दिये।

रिश्ते में भाई-बहन लगते प्रेमी युगल ने आत्महत्या की

चूरू। दूर के रिश्ते में बहन-भाई लगते युवक-युवती ने प्रेम संबंध परवान न होते देखकर मौत को गले लगा लिया। युवक ने कीटनाशक दवा पी ली और युवती ने पानी के कुंड में छलांग लगा दी। दोनों के शव मिलने से सनसनी फैल गई और गांव शोक में डूब गया। पुलिस ने गांव में आकर जांच-पड़ताल की और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिये। आज शाम इनका गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया।
यह घटना चूरू जिले के भालेरी थानांतर्गत बूचास गांव में हुई। भालेरी के थानाप्रभारी महेंद्र कुमार ने बताया कि बुधवार रात को सूचना आई कि बूचास गांव के समीप जंगल-बीहड़ में एक युवक मृत पड़ा है। वहां जाकर जांच करने पर इस युवक की शिनाख्त फूलाराम (25) पुत्र गुरदयाल मेघवाल के रूप में हुई। इसी दौरान पता चला कि गांव की एक लड़की भी गायब है। रातभर तलाश की गई, लेकिन उसका पता नहीं चला। आज सुबह होने पर तलाश पुन: शुरू की गई। लड़की के घर से उसके पांव के निशान नजदीक के एक खेत में बने पानी के कुंड की तरफ जाते हुए दिखाई दिये। कुंड में लड़की की लाश बरामद हुई। यह मृतका 18 वर्षीय लिछमा पुत्री मेघाराम मेघवाल थी।
थानाप्रभारी के अनुसार जांच-पड़ताल में पता चला कि फूलाराम और लिछमा में प्रणय संबंध थे, लेकिन ये दोनों दूर के रिश्ते में चचेरे भाई-बहन भी थे। इनके प्रणय संबंध की भनक करीब 6 महीने पहले परिवारवालों को हो गई, तब इन्हें मिलने-जुलने से रोका जाने लगा था। इससे निराश होकर दोनों ने आत्महत्या कर ली। आज अलग-अलग मरग रिपोर्टें दर्ज की गईं। दोनों के परिवारवालों ने शवों का देर शाम को गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार कर दिया।

डॉ. बाहरी के बैंक लॉकर ने लाखों का माल उगला

हनुमानगढ़। महज 500 रूपये की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए हनुमानगढ़ टाउन के सिविल अस्पताल के मैडिकल ज्यूरिस्ट डॉ. सुरेंद्र बाहरी की पत्नी के बैंक लॉकर ने लाखों रूपये का माल उगला है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा आज हनुमानगढ़ में सैंट्रल बैंक की शाखा में इस लॉकर को खुलवाये जाने के समय डॉ. बाहरी तथा उनकी पत्नी मौजूद थे। कार्यवाही मुकम्मल होने के बाद ब्यूरो के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दलीप जाखड़ ने बताया कि लॉकर में से लगभग 10 लाख रूपये मूल्य के आभूषण, 2 लाख 19 हजार रूपये नगद तथा करीब 15 लाख के राष्ट्रीय बचत पत्र, पर्सनल प्रोविडेंड फंड, किसान विकास पत्र और एफडीआर के कागजात बरामद हुए। आभूषण मूल्यांकन के बाद डॉ. बाहरी की पत्नी के सुपुर्द कर दिये गए। बाकी सब कागजात और नगदी जांच के लिए कब्जे में कर ली गई है। आज बरामद हुए इस माल से डॉ. बाहरी की कुल चल-अचल संपत्तियां लगभग एक करोड़ रूपये की आंकी जा रही हैं। हनुमानगढ़ टाउन के सिविल अस्पताल में झगड़े में घायल होकर भर्ती हुई नेठराना गांव की एक महिला की इंजरी रिपोर्ट बढिय़ा तरीके से बनाकर देने की एवज में उसके पुत्र तथा भाई से विगत शनिवार को 500 रूपये की रिश्वत लेते पकड़े जाने पर ब्यूरो ने डॉ. बाहरी के घर की सर्चिंग की तो करीब 34 लाख रूपये के पूंजी निवेश के कागजात, सात बैंक पासबुकें, चार भूखंडों की खरीद के कागजात और 16 हजार रूपये नगद बरामद किये थे। इनमें एक भूखंड बेनामी खरीदा हुआ था। ब्यूरो के सूत्रों ने बताया कि हनुमानगढ़ जंक्शन की हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी में स्थित डॉ. बाहरी के आवास के मूल्यांकन को भी शामिल किया जाये तो उनकी कुल मिलाकर चल-अचल संपत्तियां लगभग एक करोड़ रूपये की आंकी जा रही हैं। अब ब्यूरो जांच में जुटेगा कि डॉ. बाहरी के विरूद्ध आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला बनता है या नहीं? उल्लेखनीय है कि डॉ. बाहरी को विगत सोमवार जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

अंतर्राज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश

श्रीगंगानगर। राजस्थान और पंजाब के विभिन्न शहरों में वाहन चोरी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश कर दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इस गिरोह के लिए चोरी के वाहन फर्जी नंबरों से आगे बेचने वाले एक शख्स की पुलिस को तलाश है, जो छापे की कार्यवाही के कुछ देर पहले निकल गया था। पकड़े गए वाहन चोरों का अदालत ने पूछताछ के लिए 15 मार्च तक का पुलिस रिमांड मंजूर किया है।
सादुलशहर पुलिस के मुताबिक बुधवार देर रात को मुखबिर से सूचना मिली कि कस्बे में एक चोरी का टाटा फोर व्हीलर टैम्पू को दो जने बेचने के प्रयास में घूम रहे हैं। इन व्यक्तियों ने एक जने की 80 हजार रूपये में टैम्पू बेचने का सौदा लगभग कर लिया है। सूचना मिलने पर थानाप्रभारी राजेंद्र बेनीवाल ने दल-बल सहित इन व्यक्तियों की तलाश की तो कस्बे में गैस एजेंसी के पास टैम्पू सहित यह व्यक्ति पकड़े गए। पूछताछ में पता चला कि हरजिंद्रसिंह नामक जिस व्यक्ति को टैम्पू बेचा जा रहा था, वह रूपयों को इंतजाम करने का कहकर कुछ देर पहले ही वहां से निकला था। यह हरजिंद्रसिंह सादुलशहर के समीप पतली गांव का निवासी है।
पुलिस के अनुसार पकड़े गए व्यक्तियों में पंजाब के बठिंडा जिले के तलवंडी थानांतर्गत कुब्बे गांव का निवासी सरजीतसिंह पुत्र जंगसिंह मजबी तथा राजस्थान के अलवर जिले के रामगढ़ थानांतर्गत बीजवां गांव निवासी दर्शन पुत्र आशुसिंह रायसिख हैं। प्रारंभिक पूछताछ में इन दोनों ने फोर व्हीलर टैम्पू तीन-चार दिन पहले जयपुर से ट्रांसपोर्टनगर थाना क्षेत्र से चोरी करना बताया। इस टैम्पू पर आरजे 11 जीसी 4761 की नंबर प्लेट लगी थी। टैम्पू के कैबिन में से एक आरसी बरामद हुई, जिसके अनुसार इस टैम्पू के वास्तविक नंबर आरजे 14 जीसी 4864 हैं।
पुलिस ने बताया कि सरजीतसिंह और दर्शनसिंह ने लगभग दो महीने पहले अमृतसर में स्वर्ण मंदिर गुरूद्वारा के पास से एक मारूति वैगनार कार और जयपुर के समीप बगरू से विगत 20 फरवरी को एक इंडिका कार चोरी करना कबूल किया है। चुराये हुए वाहन यह दोनों सादुलशहर लेकर आते थे और हरजिंद्रसिंह को आगे बेच देने के लिए सौंप देते थे। वैगनार तथा इंडिका भी इन्होंने हरजिंद्रसिंह को देना बताया है। हरजिंद्रसिंह के घर पर छापा मारा गया, लेकिन वह नहीं मिला। वैगनार तथा इंडिका को पुलिस ने शीघ्र ही बरामद कर लेने के संकेत दिये हैं।
पुलिस के अनुसार सरजीतसिंह पंजाब से इस क्षेत्र में खेतों में दिहाड़ी-मजदूरी करने के लिए आया करता था, जबकि दर्शनसिंह पहले ट्रक चलाता था। ट्रक का एक्सीडेंट हो जाने के बाद उसके पास कोई काम नहीं रहा तो वह वाहन चोरी करने लग गया। सादुलशहर में उसकी मुलाकात सरजीतसिंह से हुई तो बाद में सरजीतसिंह भी उसके साथ मिलकर वाहनों की चोरियां करने लगा। हरजिंद्रसिंह को पकडऩे के लिए छापे मारे जा रहे हैं। सरजीतसिंह व दर्शनसिंह को आज अपराह्न मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने पर पुलिस को इन दोनों का 15 मार्च तक पूछताछ एवं बरामदगियां करने के लिए रिमांड मिला है।

फरार प्रेमी जोड़ा गिरफ्त में

सिरसा। गांव रोड़ी से फरार हुए प्रेमी जोड़े को पुलिस ने काबू कर लिया। चिकित्सीय जांच में युवती के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आज दोनों को न्यायालय में पेश किया। न्यायालय ने युवक को जिला कारागार व युवती को हिसार स्थित नारी निकेतन भेजे जाने के आदेश दिए। ज्ञातव्य हो कि गांव रोड़ी निवासी बेअंत सिंह ने रोड़ी थाना में 12 फरवरी को शिकायत दर्ज करवाई थी कि गांव का ही श्रेयांंश जैन उर्फ हेमू पुत्र दयाल चंद जैन उसकी पुत्री को बहला-फुसला कर ले गया है। आरोप था कि हेमू के साथ उसके पिता दयाल, मां राजरानी, भाई सौरव तथा चाचा फूलचंद भी इस मामले में शामिल हैं। पुलिस ने भारतीय दंड संहिंता की धारा 363, 366 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। गत दिवस पुलिस को मुखबिर ने पुलिस को सूचना दी उपरोक्त युवक-युवती सरदूलगढ़ में हैं। पुलिस ने दबिश देते हुए दोनों को काबू कर लिया। चिकित्सीय जांच के लिए दोनों को सामान्य अस्पताल लाया। जांच में युवती के साथ दुष्कर्म की पुष्टि हुई। पुलिस ने दोनों को प्रथम न्यायिक दंडाधिकारी सुखप्रीत सिंह की अदालत में पेश किया। अदालत ने युवक को जिला कारागार तथा युवती को नारी निकेतन भेजने का आदेश दिया।

रेलगाड़ी के आगे कूदकर जान दी

कालांवाली। स्थानीय रेलवे स्टेशन से लगभग एक किलो मीटर की दूरी पर एक व्यक्ति ने रेल गाड़ी के आगे कूदकर अपनी जीवन लीला सामप्त कर ली। इस घटना की सूचना मिलते ही राजकीय रेलवे पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिरसा के सामान्य अस्पताल पहुंचाया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार पंजाब के जिला बठिंडा थाना तलवंडी के गांव गोलावाला निवासी 45 वर्षीय बोगा सिंह पुत्र गुरदयाल सिंह आज प्रात: साईकिल पर सवार होकर कालांवाली की तरफ आया और रेलवे स्टेशन से एक किलोमीटर पहले ही पंजाब की ओर जाने वाली सवारी गाड़ी के आगे कूद कर आत्महत्या कर ली। आत्महत्या का कारण पिछले लंबे समय से बीमारी से परेशान बताया गया है।

दो जनों को 8 माह की कैद

डबवाली (लहू की लौ) उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी महावीर सिंह की अदालत ने लड़ाई-झगड़े के एक मामले में दोषी करार दिये गये गांव तख्तमल के दो व्यक्तियों को 8 माह की कैद और कुल 500 रूपये अर्थदंड प्रत्येक को सुनाया है। प्राप्त जानकारी अनुसार गांव तख्तमल निवासी रणजीत सिंह पुत्र गुरदेव सिंह ने अप्रैल 2004 में पुलिस को दिये ब्यान में कहा था कि पानी को लेकर उन्हीं के गांव के अवतार सिंह तथा बलवन्त सिंह पुत्रान करतार सिंह से उसका झगड़ा हो गया था। आरोपियों ने उस पर तेजधार हथियारों से हमला करके उसे चोटें मारीं। पुलिस ने धारा 323/324/34 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके मामले को अदालत में प्रस्तुत कर दिया था।
अदालत ने बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने और गवाहों के ब्यानों के मद्देनजर अवतार सिंह तथा बलवन्त सिंह को मुद्दई के चोटें मारने का दोषी करार देते हुए प्रत्येक को धारा 323 के तहत तीन माह की कैद और 200 रूपये अर्थदंड, धारा 324 के तहत 8 माह की कैद और 300 रूपये अर्थदंड सुनाया।

छेड़छाड़ के दोषी को एक वर्ष का कारावास

डबवाली (लहू की लौ) न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी अमरजीत सिंह की अदालत ने एक अबोध बालिका के साथ छेड़छाड़ के दोषी को एक वर्ष का कारावास और 500 रूपये अर्थदंड सुनाया है।
प्राप्त जानकारी अनुसार गांव अबूबशहर निवासी नसीब कौर पत्नी नानक चन्द ने थाना सदर पुलिस डबवाली में 2004 में दर्ज करवाई शिकायत में कहा था कि उसकी 7 वर्षीय पौत्री शुगना पुत्री बलवन्त सिंह 2 नवम्बर को गली में खेल रही थी और वह घर पर चाय बनाने के बाद जैसे ही गली में अपनी पौत्री को आवाज लगाने के लिए आई तो पीछे से उनकी बड़ी पौत्रियां भी आ गयीं और उन्होंने जब जगराज सिंह के मकान का दरवाजा खटखटाया तो जगराज सिंह कुंडा खोल कर वहां से भाग निकला और वहीं पर उसकी पौत्री शुगना भी थी। उसने उसे बताया कि जगराज सिंह ने उसके साथ बुरी हरकत की है और मुंंह पर दंदी काटी है। वह इस मामले को लेकर पंचायत में गई और पंचायत में बुलाने पर भी आरोपी पंचायत में नहीं पहुंचा और उसने इस मामले को पुलिस के पास रखा। पुलिस ने नसीब कौर के ब्यान पर जगराज सिंह के खिलाफ धारा 354 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके मामले को अदालत के सुपुर्द कर दिया।
अदालत ने बुधवार को दोनों पक्षों को सुनने और गवाहों के ब्यानों के मद्देनजर आरोपी जगराज सिंह को अबोध बालिका से छेड़छाड़ का दोषी करार देते हुए उसे एक वर्ष के कारावास और 500 रूपये अर्थदंड सुनाया।