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08 जून 2010

15 गांवों पर महिलाओं की सरकार

डबवाली (लहू की लौ) ब्लाक डबवाली के 48 गांवों में हुए सरपंच पद के चुनाव में वोटिंग का सिलसिला देर रात तक चलता रहा। जिसके चलते सरपंच पद के परिणाम भी देरी से घोषित हुए। 15 महिलाएं इस बार सरपंच पद पर कार्य करेंगी।
बीडीपीओ रामसिंह ने बताया कि सरपंच पद पर गांव अलीकां से महिला आरक्षित पर सुपिन्द्र कौर, आसाखेड़ा में अनुसूचित जाति आरक्षित पर रामकुमार, अहमदपुर दारेवाला में बलविन्द्र सिंह, अबूबशहर में महिला आरक्षित पर अमानती, बनवाला में भरत सिंह, बिज्जूवाली अनुसूचित आरक्षित में राजा राम, भारूखेड़ा में मनोज कुमार, चकजालू में देवीलाल, चौटाला में आत्मा राम और दीवानखेड़ा अनुसूचित जाति महिला में परमजीत कौर चुने गये।
इसी प्रकार गांव देसूजोधा में सुरजीत सिंह, गोदीकां महिला आरक्षित सीट पर विद्या, गिदडख़ेड़ा महिला आरक्षित पर राजेन्द्र कौर, गोरीवाला में धेला राम, गंगा में गुरदित्ता सिंह, हैबुआना में दलबीर सिंह, फतेहपुर जोतांवाली में सतिन्द्र, जोगेवाला में हरबन्स सिंह, झुट्टीखेड़ा में भूपिन्द्र कुमार, जण्डवाला बिश्नोइयां में मि_ू राम, खुइयांमलकाना अनुसूचित जाति महिला आरक्षित पर परमजीत कौर, कालूआना में जगदेव, लम्बी में अनुसूचित जाति (सुरक्षित) ओमप्रकाश सरपंच चुने गये।
गांव लखुआना में रामजी लाल, लोहगढ़ महिला आरक्षित पर बलदेव कौर, मुन्नांवाली आरक्षित पर इन्द्रो देवी, मोड़ी अनुसूचित जाति आरक्षित पर कश्मीरा सिंह, मांगेआना में जगसीर सिंह, मटदादू में बलकरण सिंह, मसीतां अनुसूचित जाति आरक्षित पर शिवराज सिंह, मौजगढ़ अनुसूचित जाति आरक्षित पर ओमप्रकाश, नीलियांवाली में हरनाम ङ्क्षसह, पाना में सुरजीत सिंह, पन्नीवाला रूलदू में हरमन्दर सिंह, पन्नीवाला मोरिका में जगदीप ङ्क्षसह, फुल्लो महिला आरक्षित पर बलविन्द्र कौर, रामपुरा बिश्नोइयां महिला आरक्षित पर गुरदीप कौर, राजपुरा में बलजिन्द्र कौर, रत्ताखेड़ा महिला आरक्षित पर मनभरी, रामगढ़ महिला आरक्षित पर रामेश्वरी, रिसालियाखेड़ा महिला आरक्षित पर सुशीला, राजपुरा माजरा में लाल चन्द, सांवतखेड़ा में रणजीत सिंह, सुकेराखेड़ा अनुसूचित जाति आरक्षित पर रामसरूप, सकताखेड़ा महिला आरक्षित पर कुलविन्द्र कौर, तेजाखेड़ा महिला आरक्षित पर बबिता, डबवाली गांव में अनुसूचित जाति महिला आरक्षित पर नसीब कौर, शेरगढ़ में राजकुमार सरपंच चुने गये।
इधर देर रात तक हुई पोलिंग तथा देर से आए रिजल्टों के कारण चुनाव कार्य में लगा सरकारी अमला सोमवार को छुट्टी पर रहा। जिसके कारण सरकारी कार्यालयों पर ताले जड़े मिले।

अगर समाज ने मुझे न्याय न दिलाया तो मैं आत्महत्या करने से भी गुरेज नहीं करूंगी।

डबवाली (लहू की लौ) 'अगर समाज ने मुझे न्याय न दिलाया तो मैं आत्महत्या करने से भी गुरेज नहीं करूंगी।Ó यह कोई फिल्म का डॉयलाग नहीं। बल्कि 26 वर्षीय युवती की आत्मा से निकले हुए शब्द हैं। जो इंसाफ पाने के लिए पिछले पांच दिनों से गांव भारूखेड़ा में बस अड्डा पर और सुनसान जगह पर बैठी हुई है।
गांव भारूखेड़ा के बस अड्डा पर लगे वट वृक्ष के नीचे टूटी कुर्सी पर बैठी 26 वर्षीय युवती हर आते जाते व्यक्ति से न्याय की गुहार लगा रही है। जो अपना नाम वनिता पुत्री जगदीश निवासी फतेहाबाद हाल भारूखेड़ा बताती है। युवती ने कहा कि 2007 में वह फतेहाबाद से डबवाली के एक महाविद्यालय में बीएड करने के लिए दाखिल हुई थी। उसके पिता जगदीश की हरियाणा रोड़वेज के चालक विनोद जाखड़ निवासी भारूखेड़ा के साथ इसलिए जान पहचान थी कि उसका पिता भी हरियाणा रोड़वेज में परिचालक के पद पर था। फतेहाबाद से डबवाली हर रोज कॉलेज में आना-जाना उसके लिए मुश्किल था। इसलिए उसके परिजनों ने विनोद जाखड़ के पास उसका ठहराव कर दिया। वनिता के अनुसार विनोद जाखड़ उसे अपनी बहन मानता था। इसलिए उसने भारूखेड़ा में उनके घर रूकना स्वीकार कर लिया।
वनिता के अनुसार विनोद जाखड़ ने धर्म बहन-भाई के रिश्ते को तार-तार करते हुए उससे कुकर्म किया। उसके अनुसार यह घटना 10.11.2007 और रात के करीब 10 बजे की है। शिकायतकात्री के अनुसार इसके बाद विनोद उससे बलात्कार करता रहा और उसने इस सम्बन्ध में विरोध किया तो विनोद ने उसे धमकाया। इसकी शिकायत थाना सदर डबवाली में की और 164 सीआरपीसी के तहत डबवाली के तत्कालीन न्यायिक दण्डाधिकारी राजेश शर्मा की अदालत में उसके ब्यान भी दर्ज किए गए। 2008 को एफआईआर नं. 132 के तहत दफा 376 और 506 आईपीसी के तहत केस भी दर्ज हुआ। लेकिन आरोपी द्वारा उसे घर बसा लेने का आश्वासन देने पर उसने विनोद के पक्ष में ब्यान दे दिया। जिस पर 4.01.2010 को जिला सैशन जज सिरसा डॉ. शिवा शर्मा ने आरोपी को बरी कर दिया। लेकिन बरी होते ही आरोपी ने फिर से उसे धोखा दिया और उससे किनारा कर लिया।
शिकायतकात्री ने यह भी बताया कि वह इस दौरान विनोद के साथ संगरिया में रहने लगी थी। लेकिन संगरिया में भी उससे धोखा किए जाने पर उसने संगरिया पुलिस में 14.05.2010 को धारा 376/382/323/34आईपीसी के तहत केस दर्ज करवाया है। लेकिन संगरिया पुलिस ने भी अभी तक आरोपी के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की है।
इस संदर्भ में आरोपी विनोद कुमार जाखड़ से उसके मोबाइल नं. पर सम्पर्क करने का प्रयास किया गया तो उसका फोन स्विच ऑफ आया। यहां विशेषकर उल्लेखनीय है कि वनिता गांव भारूखेड़ा में विनोद के मकान के नजदीक ही बस अड्डा पर धरना देकर पिछले पांच दिनों से बैठी हुई है और अक्सर ग्रामीण भी उसके आस-पास खड़े हुए मिलते हैं। जब ग्रामीणों से इस संदर्भ में बातचीत की जाती है तो वह कहते हैं कि इस मामले का समाधान पंचायत चुनावों के बाद ही हो पाएगा, वे प्रयासरत हैं कि उनके गांव में चल रहा यह विवाद किसी प्रकार निपट जाए।
वनिता ने जैसे ही न्याय के लिए जान देने की धमकी दी तो खुफिया विभाग भी सतर्क हो गया। पता चला है कि खुफिया विभाग ने इसकी जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को दे दी है।

सकताखेड़ा में युवक ने फांसी खाई

डबवाली (लहू की लौ) गांव सकताखेड़ा में एक युवक ने फांसी खाकर अपनी इह लीला समाप्त कर ली।
गांव सकताखेड़ा निवासी स्नेहदीप (45) ने पुलिस को दिये ब्यान में कहा है कि उसका भतीजा राकेश कुमार (22) पुत्र विष्णु दत्त मानसिक रूप से परेशान चला आ रहा था। आज सोमवार सुबह उसने अपनी घर के कमरे की छत के सरिये से कपड़ा बांध कर फांसी ले ली। इसकी जानकारी उन लोगों को दोपहर 12 बजे लगी। सूचना पाकर चौटाला पुलिस चौकी के एसआई जीत सिंह मौका पर पहुंचे।
एसआई जीत सिंह के अनुसार स्नेहदीप के ब्यान पर 174 सीआरपीसी के तहत कार्यवाही करते हुए डबवाली के सिविल अस्पताल से शव का पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव को उसके वारिसों को सौंप दिया।

डिग्गी में गिरा मासूम, मौत

डबवाली (लहू की लौ) 5 दिन पूर्व अपने बच्चे के जन्म दिन की तैयारियों में मशगूल परिवार को उस समय भारी आघात लगा जब लाडला बेटा घर के आंगन में खेलते समय घर में बनी चार फुट गहरी डिग्गी में गिर गया और उसकी मौत हो गई।
गांव डबवाली के विशाल (28) पुत्र अशोक कुमार ने बताया कि दो वर्ष पूर्व ही उनके घर बेटा हुआ था। जिसका नाम उन्होंने विनय रखा था। वह रामां मण्डी की रिफाईनरी में काम करता है। वह प्रात: 7 बजे डयूटी पर चल गया। महिलाएं घर के भीतर काम कर रही थी और विनय घर के आंगन में खेल रहा था। खेलते-खेलते अचानक डिग्गी में गिर गया। जिसकी जानकारी घर के किसी सदस्य को नहीं थी। लेकिन कुछ समय बाद ही उसकी पत्नी अमनदीप कौर को याद आई कि विनय वहां नहीं है। उसकी तालाश शुरू की गई, तो वह खोजते-खोजते डिग्गी के पास पहुंची तो डिग्गी में उसका शव तैरता हुआ मिला। विनय को डबवाली के एक प्राईवेट अस्पताल में लेजाया गया। लेकिन जांच के बाद डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। विनय का आगामी 11 जून को दूसरा जन्म दिन था।