युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

05 फ़रवरी 2010

अपनी मर्जी से शादी करने के लिये सरकार बनायेगी कानून

नई दिल्ली। प्यार करने वालों के लिये एक अच्छी व नयी खबर है। अब उनके प्यार में कोई भी आड़े नहीं आयेगा क्योंकि केन्द्र भारतीय दंड सहिता में कई तरह के सुधार करने की सोची जा रही है व भारतीय साक्ष्य कानून और रजिस्ट्रेशन को भी आसान बनाने की तैयारी कर रहा है। इससे उन जोडों को आसानी होगी जो अपने परिवार और समुदाय के खिलाफ जाकर जब अंतरजातीय विवाह करते है। तभी उनके खिलाफ कई सारे कानूनी कदम भी उठने लगते है।
पंचायतें उनको मौत की सजा तक दे देती हैं। अटर्नी जनरल की राय के आधार पर ही केंद्रीय कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने बताया कि सरकार जाहिर तौर पर ऑनर किलिंग के मामले में कुछ करना चाह रही है। सरकार का मानना है कि इस संदर्भ में एक अलग कानून बनना चाहिए। मंत्रालय इस दिशा में काम कर रहा है।
मंत्रालय चाहता है कि किसी विवाह के लिए जरूरी वर्तमान ३० दिनों का समय कम कर दिया जाए या फिर कम से कम कर दिया जाए। हालिया प्रावधान उन दंपतियों के लिए कई समस्याएं पैदा करता है, जो अपने घर या समुदाय के खिलाफ जाते हैं। मंत्रालय का प्रस्ताव है कि ऐसे मामलों में पंचायत के सभी सदस्यों को दोषी ठाहराया जाए, अगर वे दोषी हों।

लोकतन्त्र में जीत गया लाठी तंत्र

मुम्बई । वालीवुड दुनिया में धमाका मचाने वाले किंग खान शाहरुख शिवसेना प्रमुख बालठाकरे के आगे नतमस्तक हो गये। जबकि खुद शाहरुख कहते है कि उन्हें नहीं मालूम कि उन्होंने अपने को हिन्दुस्तानी कह कर क्या गुनाह कर दिया। शाहरुख ने कहा कि जब दो लोगो के बीच विचारों को लेकर मतभेद हो तो कुछ गुंजाईश जरुर छोउऩी चाहिये ताकि अपनी बात साबित करने का मौका मिल सके।
शाहरुख के बयान से साफ है कि बॉलीवुड का बादशाह हार गया और कागज के शेर जीत गए। महाराष्ट्र के सियासी गुंडों के सामने अभिव्यक्ति की आजादी हार गई। शाहरुख ने अपने बच्चों से माफी मांगी है और फिल्म से जुड़े तमाम लोगों से माफी मांगी है। साफ है कि बाल ठाकरे, उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की गुंडागर्दी यूं ही चलती रहेगी और महाराष्ट्र सरकार हालात का जायजा ही लेती रहेगी।
महाराष्ट्र में अभिव्यक्ति की आजादी का गला घोंटने की कोशिश की जा रही है। शाहरुख इस बात की हकीकत जान चुके हैं, इसीलिए एक फ्रीडम फाइटर के बेटे को अपने संस्कारों की दुहाई देनी पड़ रही है।
शाहरुख ने कहा कि मैंने कहा क्योंकि मैं इस पर भरोसा करता हूं। मैं कोई विवाद पैदा नहीं करना चाहता। मैं नेता नहीं हूं, बस एक एक्टर हूं। क्या एक एक्टर को अपनी बात रखने का हक नहीं ?
शाहरुख ने पूछा कि क्या हमारे संस्कार गलत हैं? क्या जिंदगी भर जो कुछ हमने सीखा वो सब बेकार है ? आजादी की लड़ाई में शामिल होने वाले मेरे पिताजी ने जो संस्कार मुझे दिए हैं, क्या वो गलत हैं ? क्या जो सीख मैं अपने बच्चों को देता हूं, वो गलत है ?
शाहरुख ने पूछा कि क्यों एक आजाद देश में डर लगता है? इस पूरे वाकये ने डर का माहौल पैदा कर दिया है? फिल्म का विरोध क्यों? क्यों थियेटर मालिकों को पोस्टर उतारने की धमकी दी जा रही है? मेरे सहयोगी इसकी वजह से परेशान हो रहे हैं। मैं दुखी हूं क्योंकि करन-काजोल सभी परेशान हैं। मैं समझ नहीं पाता कि इन सबके बीच फिल्म कहां से आ गई।
शाहरुख ने कहा कि इसके साथ काफी लोग जुड़े हुए हैं। इसलिए मैं हर किसी को साथ देने के लिए नहीं कहता। कई लोगों के इससे जिंदगी और बिजनेस जुड़े हैं।

शहर से कम नहीं है गांव कालूआना

डबवाली (लहू की लौ) राजस्थान की सीमा से सटे सिरसा जिले के कालूआना गांव ने राज्य स्तर पर एक अलग पहचान बनाई है। निर्मल ग्राम पुरस्कार योजना के तहत गांव को राज्य में प्रथम स्थान मिला है और 20 लाख रुपए का ईनाम इस योजना के तहत मिला है। कालुआना गांव ने सम्पूर्ण स्वच्छता के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में भी नए आयाम स्थापित किए है और गांव आज किसी शहर से कम नजर नहीं आ रहा है। इन सारी उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए गांव के सरपंच ने बताया कि गांव में जब स्वच्छता अभियान तत्कालीन अतिरिक्त उपायुक्त के मार्गदर्शन में चलाया गया था तब से ही गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने पूरा सहयोग दिया और अभियान को शत् प्रतिशत सफल बनाया जिसके फलस्वरुप स्वच्छता के मामले में गांव आज प्रदेश के पटल पर आया है। राज्य स्तर पर अव्वल स्थान पाने पर गांव के सरपंच जगदेव सिंह को गत 26 जनवरी को जिला स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह में हरियाणा के मुख्य संसदीय सचिव सुलतान सिंह जडौला ने सम्मानित किया।
गांव के सरपंच जगदेव सिंह ने बताया कि वर्तमान में गांव के सभी 1048 घरों में शौचालय बन चुके है और सभी लोग घरों में बने शौचालयों का प्रयोग कर रहे है। इस प्रकार से पूरा गांव खुले में शौच मुक्त हो गया है। यहां तक की बाहर से आने वाले घुमंतु परिवार भी खुले में शौच नही जाते क्योंकि गांव में दो बड़े-बड़े सार्वजनिक शौचालय बनाए गए है जहां पर पानी और सफाई की समुचित व्यवस्था की गई है। बाकायदा सफाई के लिए कर्मचारी रखे हुए है। ग्रामीणों के सहयोग से गांव में सभी नाजायज कब्जों को हटवा दिया गया है।
सरपंच ने बताया कि गांव की विभिन्न गलियों और रास्तों में पड़े रुडिय़ों और गंदगी के ढेर साफ करवाए जा चुके है, यहां तक की गांव की मुख्य-मुख्य गलियो के दोनों और छायादार पौधे लगवाए गए है। इन पौधों की देखभाल करने के लिए वन विभाग के सहयोग से कर्मचारी तैनात किए गए है। उन्होंने बताया कि गांव की खाली पड़ी जमीन पर और विभिन्न सार्वजनिक जगहों पर पौधारोपण किया गया है। गांव में पौधारोपण का कार्य महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत किया गया है।
उन्होंने बताया कि गांव के विकास में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से पूरा लाभ उठाया जा रहा है। इस योजना से अब तक गांव में 3 करोड़ रुपए से भी अधिक की राशि विभिन्न विकास कार्यों पर खर्च हो चुकी है। गांव में स्वच्छता और विकास कार्यों के साथ-साथ शिक्षा और उन्नत कृषि को बढ़ावा देने के लिए भी कार्य हुआ है। उन्होंने बताया कि लगभग 6 हजार की आबादी वाले कालुआना गांव में बच्चों की शिक्षा के लिए राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय(सहशिक्षा) और राजकीय माध्यमिक विद्यालय लड़कियों के लिए है। ग्राम पंचायत के प्रयास से राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में साईंस, नॉन मैडीकल की कक्षाएं शुरु की गई है।
सरपंच जगदेव सिंह के अनुसार गांव में खेलों को बढ़ावा देने के लिए भी पंचायत स्तर पर खेल पुरस्कार दिए जा रहे है जो खिलाड़ी खण्ड स्तर पर खेलेगा उसे 1100 रुपए, जो जिला स्तर पर खेलेगा उसे 11 हजार रुपए और जो राज्य स्तर पर खेलेगा उसे 21 हजार रुपए की राशि ईनाम की रुप में दी जा रही है। अभी तक 7 खिलाडिय़ों को ईनाम की राशि दी जा चुकी है। इससे गांव के युवाओं में खेलों के प्रति अधिक रुझान पैदा हुआ है। गांव में कृषि व बागवानी को बढ़ावा देने के लिए विशेष कार्य हुए है। गांव में कई प्रगतिशील किसानों ने केंचुआ पद्धति को अपनाकर आर्गेनिक खेती शुरु की है। इसी प्रकार से बागवानी के क्षेत्र में कई किसानों ने 10-10 और 7-7 एकड़ में किन्नू के बाग लगाए है। राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत भी बागवानी के क्षेत्र में विशेष सुविधाएं प्राप्त हुई है।
सरपंच जगदेव के अनुसार गांव में उप स्वास्थ्य केंद्र, ओपरेटिव बैंक, पशु अस्पताल, पटवार खाना, मैरिज पैलेस, टेलीफोन एक्सचेंज, हरिजन चौपाल, जिम, छह आंगनवाड़ी केंद्र, स्टेडियम वृद्धाश्रम के साथ-साथ गौशाला जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध है। उनकी प्रशासन व सरकार से यह मांग है कि गांव राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय को मॉडल संस्कृति स्कूल का दर्जा दिया जाए ताकि स्कूल में पढऩे वाले बच्चों को और अधिक सुविधाएं मिल सके।

डबवाली अग्निकांड पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए किसी भी हद तक जा सकता हूं-अजय

डबवाली (लहू की लौ) हल्का डबवाली से इनेलो के विधायक तथा इनेलो के प्रधान महासचिव अजय सिंह चौटाला ने कहा कि डबवाली के अग्निकांड पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं और जब तक पीडि़तों को न्याय नहीं मिल जाता तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे।
वे वीरवार को डबवाली अग्निकांड के पीडि़तों के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट द्वारा दी गई राहत राशि के खिलाफ हरियाणा सरकार सुप्रीम कोर्ट में न जाये और कोर्ट द्वारा घोषित राशि को अविलम्ब पीडि़तों को दे, इस मांग को लेकर डबवाली के गांधी चौक में धरना देते हुए पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि डबवाली अग्निकांड के पीडि़तों के जख्मों पर लम्बे समय के बाद अदालत के फैसले से मरहम लगा था लेकिन अब हरियाणा सरकार उस निर्णय के विरूद्ध सुप्रीम कोर्ट में जाने का निर्णय लेकर जख्मों पर नमक छिड़कने जा रही है।
उन्होंने यह भी कहा कि हाल ही में उन्होंने सरकार सुप्रीम कोर्ट में न जाये इसके लिए महामहिम राज्यपाल हरियाणा को एक पत्र भी लिखा है। लेकिन राज्य सरकार कुंभकर्णी नींद सोई हुई है और सरकार की संवेदनाएं समाप्त हो चुकी हैं। इसके चलते विवश होकर गूंगी-बहरी सरकार के कानों तक आवाज पहुंचाने के लिए प्रजातंत्र में उसके पास एकमात्र तरीका धरना बचा था। जिसका प्रयोग वे कर रहे हैं।
हाल ही में 23 दिसम्बर 2009 को अग्निकांड की बरसी पर पहुंचे सरकार के प्रतिनिधियों ने पीडि़तों को आश्वासन दिलाया था कि जल्द ही सरकार द्वारा अग्निकांड पीडि़तों से किये गये वायदे पूरे किये जाएंगे। लेकिन अभी तक वायदे पूरे नहीं किये गये हैं।
उन्होंने मीडिया से भी अनुरोध किया कि डबवाली अग्निकांड को फिर से हाई लाईट करके इसे राष्ट्रीय मुद्दे के रूप में उठाया जाये। वे भी अग्निकांड पीडि़तों को न्याय दिलाने के लिए अपना प्रयास करते हुए जिस सीमा तक भी वे जा सकते हैं, जाएंगे।
इस मौके पर पूर्व विधायक डॉ. सीता राम, जिला परिषद के पूर्व चेयरमैन राधेराम गोदारा, रणवीर सिंह राणा, ब्लाक समिति डबवाली के चेयरमैन कुलदीप सिंह जम्मू, गुरजीत सिंह पार्षद, डॉ. गिरधारी लाल गर्ग, नरेन्द्र बराड़, केशो राम गुप्ता, संदीप सिंह सन्नी गंगा चेयरमैन पैक्स गोरीवाला, सर्वजीत सिंह मसीतां हल्का अध्यक्ष यूथ इनेलो, दर्शन मोंगा शहरी अध्यक्ष यूथ इनेलो, आशा वाल्मीकि, परमजीत सिंह बराड़, जगरूप सिंह, ईश्वर देवी कटारिया, राकेश शर्मा, राकेश गर्ग भीटीवाला, नीलकान्त मैहता लवली पार्षद, सुखविन्द्र सिंह सरां पार्षद, सुभाष मित्तल पार्षद, भोला ठेकेदार, प्रहलाद सिंह, नसीब गार्गी, ओम बाबा, रवि कुक्कड़, रोशन लाल मोंगा, सुखजिन्द्र सिंह काला जापानी, मल्ली ग्रोवर, बलराज सिंह, तेजिन्द्र मिन्टू, शिवचरण सिंह चेयरमैन पैक्स, निरंजन सिंह, भिन्द्र सिंह, महिन्द्र सचदेवा, हरबन्स सिंह पटवारी, मिट्ठू सिंह, अजीत पाल, डॉ. ओपी सचदेवा, सुरेन्द्र सेठी, शिवजी राम बागड़ी, अमरनाथ बागड़ी, दीपक बागड़ी आदि सहित अग्निकांड पीडि़त उमेश भी उपस्थित था।