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09 मार्च 2011

बच्चे के पेट से निकला कीड़ों का ढ़ेर


डबवाली (लहू की लौ) चार वर्ष के बच्चे के पेट से एक-एक फुट लम्बे 50 कीड़े निकलने से बच्चे के अभिभावक हतप्रभ हैं।
किलियांवाली की भाटी कलोनी निवासी भरपूर राम ने बताया कि उसका 4 वर्षीय बेटा पवनदीप पहली कक्षा का छात्र है। पिछले तीन माह से वह मिट्टी खाने लगा था और उसके पेट में दर्द था, पेट फूल गया। उन्होंने अपने बेटे को एक प्राईवेट डॉक्टर को दिखाया। डॉक्टर की दवा से उसके पेट से ढेर सारे कीड़े निकले। अब पवनदीप राहत महसूस कर रहा है।
आरएमपी डॉ. नानक ने बताया कि उसके पास पवनदीप को पेट दर्द के चलते इलाज के लिए लाया गया था। उसे लगा कि जिस प्रकार से बच्चे के पेट में दर्द के लक्षण बताये गये हैं वह पेट में कीड़ों के कारण से हैं। इस पर उसने कीड़ों की दवा की दो शीशियां पीने को दीं। जिससे कीड़े पेट से बाहर निकल गये।

डीएसपी के खिलाफ नारेबाजी


डबवाली (लहू की लौ) गांव लोहगढ़ में विवाहिता कर्मजीत कौर की मौत के प्रकरण को लेकर थाना सदर में सोमवार को दोनों पक्षों के बीच चल रही बैठक के दौरान कहासुनी हो गई। लड़की के पक्षकारों ने बैठक का बहिष्कार करते हुए थाने का घेराव कर डाला। बैठक के अध्यक्ष डीएसपी पर आरोपी परिवार का पक्ष लेने का आरोप लगाते हुए नारेबाजी शुरू कर दी। इधर डीएसपी ने लड़की पक्ष पर जांच को प्रभावित करने का आरोप लगाया है।
बीते गुरूवार को गांव लोहगढ़ में विवाहिता कर्मजीत कौर की रहस्यमय परिस्थितियों में मौत हो गई थी। कर्मजीत के भाई जगसीर सिंह के ब्यान पर पुलिस ने कर्मजीत के पति जगपाल सिंह, सास हरबंस कौर तथा देवर बग्घा निवासीगण लोहगढ़ के खिलाफ मरने के लिए मजबूर करने के आरोप में मामला दर्ज करके जगपाल को गिरफ्तार कर लिया था। इधर हरबंस कौर ने पुलिस कप्तान सिरसा सतेंद्र गुप्ता को एक दरखवास्त देकर स्वयं तथा अपने बेटे बग्घा सिंह को निर्दोष बताते हुए जांच की मांग की थी।
एसपी ने इस दरखवास्त के आधार पर जांच का कार्य डीएसपी डबवाली बाबू लाल को सौंप दिया। डीएसपी बाबू लाल ने जांच आरंभ करते हुए दोनों पक्षों को रविवार को थाना सदर में बुलाया। लेकिन किसी कारण पंचायत नहीं हुई। सोमवार को पुन: दोनों पक्ष थाना सदर में उपस्थित हुए। बैठक के दौरान किसी बात लेकर दोनों पक्षों में तकरार हो गई। मामला तूल पकड़ गया। लड़की पक्ष ने जांच पर संदेह करते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। थाने का घेराव करके नारेबाजी शुरू कर दी।
लड़की पक्ष के मेजर सिंह, जगसीर सिंह, गुरसेवक सिंह, हरदीप सिंह, हरभजन सिंह, लखवीर सिंह, मनदीप सिंह, अमरीक सिंह, बलदेव सिंह, जितेन्द्र सिंह निवासी घुकांवाली ने आरोप लगाया कि डीएसपी बाबू लाल उन पर कर्मजीत की सास हरबंस कौर तथा देवर बग्घा सिंह को केस से निकलवाने के लिए दबाव डाल रहा है। बैठक के दौरान डीएसपी उन्हें बार-बार दबाने का प्रयास कर रहा था और साथ में दुव्र्यवहार भी कर रहा था।
लड़का पक्ष के जगदेव सिंह निवासी कर्मगढ़ छत्तरां (बठिंडा), गांव लोहगढ़ के सरपंच प्रतिनिधि नछत्तर सिंह, हरबंस सिंह नंबरदार, कुलवंत सिंह पूर्व पंच, जसविंद्र सिंह, सुखपाल सिंह, अंग्रेज सिंह, साहिब सिंह निवासीगण लोहगढ़ ने बताया कि बैठक शांति से चल रही थी। लेकिन लड़का पक्ष ने दबाव की रणनीति के तहत बवाल खड़ा कर दिया और बैठक से उठकर चले गए। इन लोगों ने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
डीएसपी बाबू लाल ने बताया कि उन पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं। एसपी सतेंद्र गुप्ता ने हरबंस कौर की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले की जांच उन्हें सौंपी थी। अभी जांच चल रही है। दोनों पक्षों को जांच के लिए थाना में बुलाया गया था। शांतिप्रिय माहौल में चल रही बैठक के दौरान लड़की पक्ष की ओर से आए एक रिटायर्ड पुलिस अधिकारी ने माहौल बिगाड़ दिया। लड़की पक्ष बैठक से उठकर चला गया। पुलिस पर दबाव बनाने तथा जांच प्रभावित करने के लिए इन लोगों ने नारेबाजी करनी शुरू कर दी। डीएसपी के मुताबिक जांच के दौरान पूरी ईमानदारी से कार्य किया जा रहा है। किसी भी निर्दोष को बलि का बकरा नहीं बनने दिया जाएगा।

प्रेमी जोड़े ने थाना में रचाई शादी


डेढ़ साल पहले ऋषिकेश में एसटीडी पीसीओ पर मिले थे दोनों
डबवाली (लहू की लौ) करीब डेढ़ साल पहले धार्मिक नगरी ऋषिकेश के एक एसटीडी पीसीओ पर फोन करने गए एक युवक की पीसीओ ऑपरेटर एक युवती से मित्रता हो गई। बाद में यह मित्रता प्रेम में तबदील हो गई। दोनों ने विवाह रचाकर घर बसाने का मन बनाया। लेकिन दोनों के प्यार में जाति आड़े आ रही थी। अपने प्यार को परवान चढ़ाने के लिए प्रेमी जोड़ा घर से भाग गया। जाति की सीमाओं को लांघते हुए दोनों परिवारों ने युवक-युवती की शादी कर दी।
डबवाली के वार्ड नं. 10 का निवासी पवन कुमार (21) पुत्र सुरेन्द्र कुमार डेढ़ वर्ष पूर्व ऋषिकेश में अपने नौनिहाल गया हुआ था। वहां रेलवे रोड़ पर स्थित एक एसटीडी पर फोन करने के लिए गया तो वहां की ऑपरेटर आरती शर्मा से उसकी आंखे चार हो गई। धीरे-धीरे दोनों एक-दूसरे के प्यार में बंध गए। पवन का वहां आना-जाना शुरू हो गया। उन दोनों ने शादी करवाने का फैसला लिया। 2 मार्च को शादी करवाने के लिए दोनो ऋषिकेश से बिना कुछ बताए भाग कर डबवाली आ गए।
आरती (19) पुत्री दिनेश कुमार शर्मा निवासी कृष्ण नगर कलोनी, नजदीक आईडीपीएल ऋषिकेश ने बताया कि डेढ़ वर्ष पूर्व उसका पवन से प्यार हुआ था। वह इन्टर पास है, एसटीडी पीसीओ पर बतौर ऑपरेटर काम करती थी। एक दिन पवन एसटीडी में टेलीफोन करने के लिए आया और वह उसकी हो गई। उसने बताया कि इस प्रेम प्रसंग के संबंध में उसने अपने माता-पिता से कभी बात नहीं की। लेकिन उसकी बहनों को इसकी जानकारी थी। 2 मार्च को वह ऋषिकेश से हरिद्वार आए और हरिद्वार से बठिंडा पहुंच गए। वहां से फिर वह 5 मार्च को बठिंडा से डबवाली आ गए। लेकिन शाम को जब वापिस हरिद्वार वाली गाड़ी से ऋषिकेश लौट रहे थे, तो जीआरपी ने रेलवे स्टेशन पर उन्हें दबोच लिया।
पवन (21) निवासी डबवाली ने बताया कि वह डीजे में काम करता है। वह पिछले पांच सालों से ऋषिकेश में अपने नौनिहाल में आता-जाता है। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व ऋषिकेश में एक पीसीओ पर वह फोन कर रहा था। वहीं आरती से उसके प्रेम संबंध हो गए। उसने आरती को अपनी पत्नी के रूप में स्वीकार किया है और उसे पाकर वह खुश है।
जीआरपी डबवाली के एएसआई इकबाल सिंह ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर एक युवक और युवती बैठे हुए थे। उन्हें संदेह हुआ कि यह जोड़ी भागकर आई है। पूछताछ करने पर दोनों ने सही बात बता दी। युवती ने अपना नाम आरती शर्मा और युवक ने अपना नाम पवन बताया। दोनों के परिजनों को टेलीफोन से जानकारी दी। 7 मार्च को जीआरपी में आरती का पिता ऋषिकेश से दिनेश कुमार शर्मा (65) पहुंचा। उधर पवन का दादा रेशम कुमार अरोड़ा (65)   निवासी डबवाली अपने वार्ड के पार्षद टेकचंद छाबड़ा के साथ चौकी पहुंचा। अपने परिजनों के समक्ष लड़का-लड़की ने शादी की इच्छा जताई। अलग-अलग जाति से संबंधित होने के बावजूद दोनों परिवारों ने लड़का और लड़की को रंजामंदी दे दी। लड़का और लड़की ने जीआरपी चौकी में ही एक-दूसरे के गले में मालाएं डालकर शादी रचा ली। दोनों पक्षों ने पुलिस को लिखकर दे दिया है कि दोनों परिवार इस शादी से सहमत हैं और वे इस संबंध में किसी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करवाना चाहते।
आरती के पिता ऋषिकेश निवासी दिनेश कुमार शर्मा सेवानिवृत हवलदार आर्मी ने बताया कि उसे आरती और पवन के बीच प्रेम संबंधों के बारे में 2 मार्च से पूर्व कोई जानकारी नहीं थी। जब ये लोग ऋषिकेश से भागे तो उसे पता चला। इस संबंध में जब उसने अपने घर में बातचीत की तो आरती की बहनों ने बताया कि उसके पास एक लड़का आता-जाता था। शर्मा के अनुसार उसने अपनी बेटी की इच्छा के मुताबिक उसकी शादी पवन से करवा दी।
इधर पवन के दादा रेशम अरोड़ा निवासी डबवाली ने बताया कि उसने अपने पोते की इच्छा को रखते हुए उसकी शादी आरती से करवा दी।