युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

06 सितंबर 2009

मन काल का एजेन्ट-वकील साहब


डबवाली (लहू की लौ) मस्ताना शाह बलोचिस्तानी आश्रम के गद्दीनशीन संत वकील साहिब जी ने मासिक सत्संग के दौरान फरमाया कि कुल मालिक अर्थात परमपिता परमात्मा सदा सबके साथ रहता है लेकिन उसे वही पहचान सकता है जो उसकी र•ाा में रहते हुए उसके आगे अपनी दलीलें नहीं देता। दुख:-सुख कर्मों के हिसाब से आते हैं, मालिक की मर्जी के आगे किसी का कोई चारा नहीं है। मन काल का एजैन्ट है और इसके पास कर्मों का हथियार होता है। इसका काम है जीव को विषय-विकारों में भटकाना और भक्ति तथा राम-नाम का सिमरन न करने देना। जब तक हमारे पुराने पाप कर्म खत्म नहीं होते तब तक सिमरन या भक्ति हो ही नहीं सकती। सन्तों दारा बताया राम नाम का सिमरन करना मालिक सेे प्यार करना है। उदाहरण देते हुए आपने फरमाया कि बच्चे स्कूल जाते हैं और अपने मास्टर का कहना मानते हैं और मेहनत करते हैं तो धीरे-धीरे पढ़ाई करके उनमें से कोई बड़ा आफीसर, डाक्टर, इंजीनियर, साईंसदान व कोई वकील बन जाता है। ठीक इसी तरह जो संतों का हुक्म मानते हैं तथा उनके दारा बताए रामनाम का सिमरन करते हैं, उनकी आत्मा परमात्मा से मिल जाती है और जन्म मरण के बन्धनों से वे मुक्त हो जाते हैं।संत जी ने आगे फरमाया कि हम दुनियां की लज्जतों, परिवारिक झंझटों व इंद्रियों के भोगों में उलझे रहते हैं। हम सोचते हैं कि मरने वाला कोई और है, हमें तो मरना ही नहीं है। मौत ने इक दिन जरूर आना है और यमदूत जब सिर पर आ जाते हैं तब होश आता है, पर उस समय कुछ हो नहीं सकता। मालिक हमारे अन्दर बैठा हमारी हर करतूत देखता है। जब तक हम मालिक की बंदगी नहीं करते, हमारा एक दूसरे से प्यार हो ही नहीं सकता। इन्सान वह है जिसने जीते जी अर्थात जीवन काल में ही मालिक को प्रगट कर लिया है बाकी सब पशुओं के समान हैं। आपने फरमाया कि धार्मिक किताबों के पढऩे से मालिक की प्राप्ति नहीं होती। क्योंकि अगर इनके पढऩे से मालिक मिलता तो अनपढ़ कहां जाएंगे। मालिक की प्राप्ति केवल संतों दारा बताए नाम-सिमरन से ही हो सकती है। इसलिए संत कभी घर बार नहीं छुड़वाते बल्कि घर में रहते हुए भक्ति व सिमरन करने की हिदायत देते हैं। क्योंकि अगर घर बार छोड़ोगे तो कहीं जंगल, मंदिर, मस्जिद या गुरूदारा में जा कर रहोगे। अर्थात रहे तो दुनिया में और ख्याल भी दुनिया के। फिर घर बार छोडऩे का फायदा ही क्या। आपने फरमाया कि जग में रहो पर जग से अलग रहो। कितने लोग आपको जानते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, तुम अपने आपको जानते हो या नहीं स्वाल तो यह है अर्थात अपने आप को जानो व पूर्ण बनो।
इस अवसर पर देश विदेश से श्रदलुओं ने भाग लिया। अखुट लंगर बरताया गया और इच्छुक जीवों को संत वकील साहिब जी दारा नाम दान की दीक्षा भी दी गई। आश्रम की ओर से निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया।

मन काल का एजेन्ट-वकील साहब


डबवाली (लहू की लौ) मस्ताना शाह बलोचिस्तानी आश्रम के गद्दीनशीन संत वकील साहिब जी ने मासिक सत्संग के दौरान फरमाया कि कुल मालिक अर्थात परमपिता परमात्मा सदा सबके साथ रहता है लेकिन उसे वही पहचान सकता है जो उसकी र•ाा में रहते हुए उसके आगे अपनी दलीलें नहीं देता। दुख:-सुख कर्मों के हिसाब से आते हैं, मालिक की मर्जी के आगे किसी का कोई चारा नहीं है। मन काल का एजैन्ट है और इसके पास कर्मों का हथियार होता है। इसका काम है जीव को विषय-विकारों में भटकाना और भक्ति तथा राम-नाम का सिमरन न करने देना। जब तक हमारे पुराने पाप कर्म खत्म नहीं होते तब तक सिमरन या भक्ति हो ही नहीं सकती। सन्तों दारा बताया राम नाम का सिमरन करना मालिक सेे प्यार करना है। उदाहरण देते हुए आपने फरमाया कि बच्चे स्कूल जाते हैं और अपने मास्टर का कहना मानते हैं और मेहनत करते हैं तो धीरे-धीरे पढ़ाई करके उनमें से कोई बड़ा आफीसर, डाक्टर, इंजीनियर, साईंसदान व कोई वकील बन जाता है। ठीक इसी तरह जो संतों का हुक्म मानते हैं तथा उनके दारा बताए रामनाम का सिमरन करते हैं, उनकी आत्मा परमात्मा से मिल जाती है और जन्म मरण के बन्धनों से वे मुक्त हो जाते हैं।
संत जी ने आगे फरमाया कि हम दुनियां की लज्जतों, परिवारिक झंझटों व इंद्रियों के भोगों में उलझे रहते हैं। हम सोचते हैं कि मरने वाला कोई और है, हमें तो मरना ही नहीं है। मौत ने इक दिन जरूर आना है और यमदूत जब सिर पर आ जाते हैं तब होश आता है, पर उस समय कुछ हो नहीं सकता। मालिक हमारे अन्दर बैठा हमारी हर करतूत देखता है। जब तक हम मालिक की बंदगी नहीं करते, हमारा एक दूसरे से प्यार हो ही नहीं सकता। इन्सान वह है जिसने जीते जी अर्थात जीवन काल में ही मालिक को प्रगट कर लिया है बाकी सब पशुओं के समान हैं। आपने फरमाया कि धार्मिक किताबों के पढऩे से मालिक की प्राप्ति नहीं होती। क्योंकि अगर इनके पढऩे से मालिक मिलता तो अनपढ़ कहां जाएंगे। मालिक की प्राप्ति केवल संतों दारा बताए नाम-सिमरन से ही हो सकती है। इसलिए संत कभी घर बार नहीं छुड़वाते बल्कि घर में रहते हुए भक्ति व सिमरन करने की हिदायत देते हैं। क्योंकि अगर घर बार छोड़ोगे तो कहीं जंगल, मंदिर, मस्जिद या गुरूदारा में जा कर रहोगे। अर्थात रहे तो दुनिया में और ख्याल भी दुनिया के। फिर घर बार छोडऩे का फायदा ही क्या। आपने फरमाया कि जग में रहो पर जग से अलग रहो। कितने लोग आपको जानते हैं इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, तुम अपने आपको जानते हो या नहीं स्वाल तो यह है अर्थात अपने आप को जानो व पूर्ण बनो।
इस अवसर पर देश विदेश से श्रदलुओं ने भाग लिया। अखुट लंगर बरताया गया और इच्छुक जीवों को संत वकील साहिब जी दारा नाम दान की दीक्षा भी दी गई। आश्रम की ओर से निशुल्क चिकित्सा शिविर लगाया गया।

शिक्षक दिवस पर कार्यक्रम आयोजित

डबवाली (लहू की लौ) यहां के नेहरू सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन का जन्म दिवस बच्चों की श्यामपट्ट लेखन प्रतियोगिता और भाषण प्रतियोगिता आयोजित करके मनाया गया।

यह जानकारी देते हुए विद्यालय के प्रिंसीपल हरिप्रकाश शर्मा ने बताया कि भाषण प्रतियोगिता के प्रथम वर्ग में प्रणव और कीर्ति प्रथम, धनपति द्वितीय, आशीष तृतीय और अनमोल ने सांत्वना पुरस्कार पाया। जबकि द्वितीय वर्ग में मुस्कान प्रथम, विपुल द्वितीय, ज्योति तृतीय और दिलप्रीत ने सांत्वना पुरस्कार पाया। इसमें निर्णायक की भूमिका शीनम ग्रोवर और लवली सचदेवा ने निभाई।
सर्वश्रेष्ठ अध्यापक का पुरस्कार हिन्दी प्राध्यापिका शिखा, वाणिज्य प्राध्यापिका राज, विज्ञान प्राध्यापिका पवन बराड़ तथा कमलेश और चम्पा को दिया गया। जबकि कुशल अध्यापकों में सामाजिक विज्ञान की जसविन्द्र मक्कू, विज्ञान अध्यापिका किरण सिंगला, गणपित अध्यापिका लवली और हिन्दी प्राध्यापिका विपुल अग्रवाल को पुरस्कृत किया गया।
अच्छे सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में ड्राईंग अध्यापक कुलदीप ङ्क्षसह, लखविन्द्र, कम्प्यूटर अध्यापिका वीरपाल, कंचन, एनटीटी अध्यापिका शैली, सुनीता को पुरस्कृत किया गया। शत् प्रतिशत परिणाम देने के लिए गणित प्राध्यापक जीवन सिंगला, अंग्रेजी प्राध्यापक जसवीर बराड़, विज्ञान अध्यापिका वीना गर्ग, विज्ञान अध्यापक संजीव कुमार, फिजिक्स अध्यापिका नीमिता, विज्ञान प्राध्यापिका समता जुनेजा, अंग्रेजी प्राध्यापिका जसवीर कौर, सामाजिक विज्ञान प्राध्यापिका संदीपिका, गणित प्राध्यापिका शीनम ग्रोवर को पुरस्कृत किया गया।.
श्याम पट्ट लेखन प्रतियोगिता में एनटीटी अध्यापिका अंकिता प्रथम, प्राईमरी अध्यापिका जसविन्द्र पंवार द्वितीय, हिन्दी अध्यापिका विपुल और एनटीटी अध्यापिका रेणू सिंगला को तृतीय पुरस्कार दिया गया।
निबन्ध लेखन प्रतियोगिता में रसायन विज्ञान प्राध्यापिका पूजा बांसल प्रथम, एनटीटी अध्यापिका डोली द्वितीय, अंग्रेजी प्राध्यापिका अनिता जेक्न, हिन्दी प्राध्यापिका तनु को द्वितीय, अंग्रेजी प्राध्यापिका पूजा मेहरा, सामाजिक विज्ञान अध्यापिका निशा मोंगा, ड्राईंग अध्यापिका सीमा संधू को तृतीय, जबकि समय पाबन्द अध्यापकों में सामाजिक विज्ञान अध्यापिका मेघा और हिन्दी प्राध्यापिका रस्म को पुरस्कृत किया गया।
अन्त में स्कूल के प्रधानाचार्य हरिप्रकाश शर्मा ने विजेता बच्चों और अध्यापक, प्राध्यापकों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस मौके पर मंच का संचालन मेघा, मोनिका शर्मा, सभांती ने बखूबी निभाया। इस अवसर पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया।


नवप्रगति सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में शिक्षक दिवस पर अध्यापकों की कविता गायन प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें अध्यापिका बलजिन्द्र कौर प्रथम, नवजीत द्वितीय और शालू तृतीय रही।

यह जानकारी देते हुए विद्यालय की प्रिंसीपल चन्द्रकान्ता भारती ने बताया कि इस मौके पर लॉयन क्लब अक्स ने राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बणी के प्रिंसीपल सुरजीत सिंह मान, देसूजोधा की सेवानिवृत्त हैड टीचर दर्शना छाबड़ा को सम्मानित किया तथा विद्यालय स्टॉफ में करवाई गई निबन्ध प्रतियोगिता में अर्थशास्त्र प्रवक्ता प्रवीण प्रथम, बलजिन्द्र कौर और शालू द्वितीय तथा वन्दना को तृतीय पुरस्कार दिया गया। इस अवसर पर विद्यालय प्रबन्धक समिति की ओर से प्राईमरी विभाग की अध्यापिका अंजू, सैकेण्डरी विभाग की बलजिन्द्र कौर, वरिष्ठ माध्यमिक विभाग की नवनीत को सर्वश्रेष्ठ टीचर का खिताब दिया गया। इस मौके पर लॉयन क्लब के सतीश जग्गा, अध्यापक गुरपाल सिंह, क्लब उपाध्यक्ष हिमांशु शर्मा, प्रवक्ता दीपक जग्गा, सहसचिव पंकज धींगड़ा और क्लब अध्यक्ष डॉ. एस.एस. मान तथा रणजीत सिंह सांवतखेड़ा उपस्थित थे।



राजा राम कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में शिक्षक दिवस पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसको प्रतियोगियों के आधार पर चार वर्गो में बांटा गया। यह जानकारी देते हुए विद्यालय की कार्यकारी प्रिंसीपल निर्मला अग्रवाल ने बताया कि इस मौके पर शिक्षक का महत्व विषय पर भाषण प्रतियोगिता करवाई गई। जिसके एक वर्ग में विज्ञान ग्रुप से 12वीं की भावना, बी वर्ग से 9वीं की शुभानी, सी वर्ग से 8वीं की अलीशा, डी वर्ग से चतुर्थ कक्षा की मुस्कान प्रथम रही। इस मौके पर प्रधानाचार्या ने कहा कि वर्तमान समय में आवश्यकता यह है कि गुरू और शिष्य के बीच सम्मान पूर्वक सम्बन्ध हों। शिक्षकों को अपने अधिकारों के साथ-साथ अपने कत्र्तव्यों को भी निभाना चाहिए।



हरियाणा पब्लिक स्कूल डबवाली तथा एचपीएस डे-बोर्डिंग सीनियर सैकण्डरी स्कूल, शेरगढ़ में अध्यापक वर्ग की क्विज प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें स्वामी विवेकानंद टीम में मैडम शालू, रीतू एवं रशमा ने प्रथम, ए.पी.जे. अब्दुल कलाम की टीम में मैडम हीना, राज व प्रदीप ने द्वितीय तथा गौतम बुद्ध टीम में केसरा राम, मैडम परमजीत एवं विपल ने तृतीय स्थान हासिल किया। इसी प्रकार श्लोक उच्चारण में मैडम प्रतिभा प्रथम रही तथा प्रेरक प्रसंग में मैडम नोरीन ने प्रथम स्थान हासिल किया व कविता उच्चारण में मैडम रीना ने प्रथम स्थान हासिल किया। शिक्षाविद् मैडम सुजाता ने विजेता को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया।




एमएम पब्लिक स्कूल में शिक्षक दिवस पर विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित करवाई गई। जिसमें मुख्यातिथि के तौर पर डॉ. अश्विनी बत्तरा तथा डॉ. दीपक पाहूजा, पीएनबी लम्बी के शाखा प्रबन्धक परमजीत कोचर शामिल हुए।

यह जानकारी देते हुए विद्यालय की प्रिंसीपल डिम्पल मिढ़ा ने बताया कि ब्लैक बोर्ड प्रतियोगिता में नीतू चावला, मीनू शर्मा, निशा शर्मा, नृत्य में रजनी, भाषण में गीता खुराना, साक्षी, मेघा गर्ग, गायन में कृतिका और स्वीना बांसल क्रमश: प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय रहे। अध्यापकों की भूमिका में विद्यार्थी खुशबू कण्डा प्रथम, लवप्रीत द्वितीय और श्रुति तृतीय रहे। इस मौके पर स्कूल प्रबन्धक समिति के बिहारी लाल बांसल, सुरेन्द्र सिंगला, विजय गोयल, रमेश बांसल, सुरेश सिंगला, राजीव मिढ़ा आदि उपस्थित थे।




चिल्ड्रन मैमोरियल डीएवी पब्लिक स्कूल में अध्यापक दिवस पर बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करके मनाया।
यह जानकारी देते हुए विद्यालय की प्रिंसीपल सरिता गोयल ने बताया कि इस मौके पर यूकेजी के विद्यार्थी अभि को अध्यापक की भूमिका निभाने पर सर्वश्रेष्ठ छात्र अध्यापक घोषित किया गया। इस मौके पर आयोजित मनोरंजन खेल में संगीत अध्यापक बीएल सागर और टीम बी ने बाजी मारी।


बाल वाटिका मॉडल स्कूल में विद्यार्थियों ने रंगारंग कार्यक्रम आयोजित करके अध्यापक दिवस मनाया। इस मौके पर प्रधानाचार्या वन्दना मैहता ने कहा कि हम अध्यापक दिवस को मनाने के हकदार तब होंगे जब हम इस समाज को सुधार पाएंगे, जो हमसे बना है।



गांव मसीतां के सन्त किशन सिंह मैमोरियल सीनियर सैकेण्डरी स्कूल में अध्यापक दिवस पर रंगारंग कार्यक्रम प्रस्तुत करके अध्यापकों और बच्चों ने आनन्द मनाया। इस मौके पर विद्यालय प्रिंसीपल वीना कौड़ा ने अध्यापक दिवस के संदर्भ में बच्चों को जानकारी दी।

श्री मद् भागवत की शोभा यात्रा निकाली


डबवाली (लहू की लौ) शनिवार को स्वामी शंकरानन्द महाराज के शिष्यों ने श्री मद्भागवत के साथ नगर में शोभा यात्रा निकाली। जो श्री दुर्गा मन्दिर से चलकर कथा स्थल पर पहुंची। इस मौके पर भारी संख्या में महिलाएं शामिल हुई। जिन्होंने अपने सिर पर कलश उठाये हुए थे। शोभा यात्रा के दौरान पूरा नगर राम नाम से गूंज रहा था। इस मौके पर रमेश झालरिया, सुरेश सिंगला, बलवन्त तायल, सुभाष गोयल, गोवर्धन दास गोयल आदि शोभा यात्रा का नेतृत्व कर रहे थे। श्री मद्भागवत प्रचार परिषद डबवाली के प्रवक्ता सुरेश सिंगला ने बताया कि पुरानी अनाज मंडी नजदीक झालरिया ब्रादर्स में श्री मद् भागवत कथा प्रारम्भ हो गई है। जिसमें शंकरानन्द महाराज अपने प्रवचनों से श्रद्धालुओं को निहाल कर रहे हैं। यह कथा 11 सितम्बर तक चलेगी।