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27 फ़रवरी 2010

सफाई अव्यवस्था के खिलाफ वार्ड वासी उतरे सड़क पर

सफाई व्यवस्था को बिगाडऩे में रमेश बागड़ी दोषी-अध्यक्षा
डबवाली (लहू की लौ) नगर की बिगड़ी सफाई व्यवस्था को लेकर लोग सड़कों पर निकलने को मजबूर हो चुके हैं। जगह-जगह लगे कूड़े के ढेर और इन ढ़ेरों से आ रही बदबू लोगों को नगरपालिका के खिलाफ लामबन्द कर रही है। शुक्रवार को वार्ड नं. 12 के निवासी कांग्रेस समर्थित वार्ड पार्षद रमेश बागड़ी के नेतृत्व में अचानक कलोनी रोड़ पर धरने पर बैठ गये और राज्य सरकार, नगरपालिका और डबवाली प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
पार्षद रमेश बागड़ी, वार्ड वासी राजकुमार मैहता, अनिल कुमार, बंसी लाल, तारा चन्द, रवि, सुशील, राजन धमीजा, ओमप्रकाश, गोपाल शर्मा, बाला चक्की वाला, गगनदीप आदि ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से उनके वार्ड में सफाई कर्मचारियों के दर्शन नहीं हुए हैं और उनका वार्ड कूड़ा का डिपू बनकर रह गया है। अब तो हालात यह हैं कि इस कूड़े से बदबू भी आने लगी है। जिसके चलते वार्ड में रहना ही मुश्किल हो रहा है। पार्षद रमेश बागड़ी के अनुसार वार्ड की इस समस्या को वे कई बार नगरपालिका की बैठकों में उठा चुके हैं। लेकिन इसका समाधान नहीं निकल पाया है। उन्होंने मांग की कि नगरपालिका और प्रशासन के पदों पर बैठे लोगों को इस्तीफा दे देना चाहिए। चूंकि वे वार्ड की समस्याओं का समाधान करने में असमर्थ रहे हैं।
इस मौके पर वार्ड वासियों ने पार्षद के नेतृत्व में हरियाणा सरकार, नगरपालिका और प्रशासन के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की तथा यह भी धमकी दी कि अगर वार्ड की सफाई व्यवस्था न सुधरी तो वे लोग पालिका के समक्ष आमरण अनशन पर बैठ सकते हैं।
इस संदर्भ में नगरपालिका अध्यक्षा सिम्पा जैन से बातचीत की गई तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि नगर की सफाई व्यवस्था को बिगाडऩे में रमेश बागड़ी का सबसे बड़ा हाथ है। इसके और इसके समर्थक पार्षदों की मांग पर ही सफाई ठेका कैंसल करना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि जो पार्षद अपने वार्ड वासियों की समस्याओं का समाधान नहीं कर सकता, उसे इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि पालिका के पास फिलहाल 85 सफाई कर्मचारी है। सीनेटरी इंस्पेक्टर ने इन सफाई कर्मचारियों की डियूटी भी वार्ड वाईस लगाई लेकिन कर्मचारियों की नेतागिरी के चलते सफाई कर्मचारियों ने शहर की मुख्य सड़कों की सफाई नहीं की। बल्कि कहा कि इसे ठेके पर दिया जाये।

आम लोगों पर बजट ने बढ़ायामहंगाई का बोझ

डबवाली (लहू की लौ) वित्त मंत्री प्रणव मुखर्जी ने आज मौजूदा सरकार का दूसरा बजट पेश किया। जैसी की उम्मीद थी हुआ भी वैसा ही। आर्थिक सर्वेक्षण में वित्त मंत्री ने महंगाई की बात कही थी। उसे आम बजट में कर दिखाया। पहले से ही महंगाई से त्रस्त जनता पर महंगाई का और बोझ डाल दिया गया। वित्त मंत्री ने साल 2010-11 के बजट में पैट्रोल-डीजल में एक्साइज डयूटी बढ़ाने की घोषणा कर दी। आज प्रणव मुखर्जी ने कहा कि मंदी के असर से देश काफी हद तक उबर चुका है और विकास दर को बढ़ाना हमारी पहली कोशिश है। उन्होंने कहा कि खराब मौसम की वजह से फसलों पर काफी असर बढ़ा है। लेकिन फिर भी अर्थव्यवस्था में तेजी आई है।
पैट्रोल-डीजल के दाम बढ़े : बजट में पैट्रोलियम उत्पादों के दाम बढ़ाने की बात कही गई। पैट्रोल और डीजल के दामों में क्रमश: 2.67 रुपये, 2.58 रुपये का इजाफा किया गया। जो शुक्रवार को आधी रात से लागू हो जाएंगे। बड़ी गाडिय़ों पर टैक्स बढ़ाया गया है। खाने वाले तम्बाकू, सिगार और सिगरेट के दाम बढ़ाए गए हैं। सीमेंट के दाम बढ़ाने की भी बात कही गई है। सोने पर इम्पोर्ट डयूटी बढ़ाई गई है जिससे सोना और चांदी भी महंगे होंगे।
मोबाइल फोन सस्ते : सभी तक मोबाइल फोन की सेवा पहुंचाने के लिए मोबाइल फोन सस्ता किया गया है। माइक्रोवेव ओवन और वॉटर फिल्टर भी सस्ता होगा। किसानों को राहत देते हुए खेती के उपकरणों को सस्ता किया गया है। एलईडी लाईट और सोलर रिक्शा सस्ता किया गया है। बजट में मैडिकल उपकरणों पर कर छूट जारी रखने की बात कही गई है।
1.6 से 5 लाख तक 10 फीसदी टैक्स : आयकर छूट सीमा में इस बार कोई इजाफा नहीं किया गया है। 1.6 लाख सालाना आय वाले लोगों को किसी प्रकार का आयकर नहीं देना होगा। 1.6 लाख से 5 लाख तक आय पर 10 फीसदी आयकर देना होगा। वहीं 5 से 8 लाख आय पर 20 फीसदी तथा 8 लाख रुपये से अधिक सालाना आय पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा। मैट को 15 फीसदी से बढ़ाकर 18 फीसदी किया गया है। एसयूवी और एमयूवी पर भी टैक्स बढ़ेगा। सर्विस टैक्स 10 फीसदी ही रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है।
खाद पर किसानों को सब्सिडी : मुखर्जी ने कहा कि कृषि के लिए किसानों को खाद पर सीधे सब्सिडी मिलेगी और 5 फीसदी की दर से लोन दिया जाएगा। कृषि के लिए कर्ज लेने पर 2 फीसदी सब्सिडी मिलेगी। साथ ही समय पर लोन चुकाने पर 2 फीसदी की छूट मिलेगी। कृषि में सुधार के लिए हरित क्रांति को पूरे देश में लागू किया जाएगा। पूर्व में हरित क्रांति के लिए 300 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नए निजी बैंकों को मंजूरी मिलेगी और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक मजबूत किए जाएंगे। सरकारी बैंकों को 16500 करोड़ का पैकेज दिया जाएगा। देश के हर जिले में स्वास्थ्य सर्वे किया जाएगा।
होम लोन पर छूट जारी रहेगी : प्रणव दा ने कहा कि होम लोन पर सब्सिडी जारी रहेगी। 20 लाख रुपये तक का लोन लेने पर 1 फीसदी रियायत दी जाएगी। इंदिरा आवास के लिए 10 हजार करोड़ रुपये और राजीव आवास योजना के लिए 1270 करोड़ रुपये देने की घोषणा की गई है। भारत निर्माण के लिए 48 हजार करोड़ रुपये दिए जाएंगे। शहरी क्षेत्र विकास के लिए 5400 करोड़ रुपये तथा ग्रामीण विकास के लिए 66 हजार करोड़ रुपये देने का ऐलान किया। बुंदेलखंड के लिए 1200 करोड़ रुपये देने की बात कही।
हर रोज 20 किलोमीटर हाइवे बनाएंगे : वित्त मंत्री ने कहा देश में प्रतिदिन 20 किलोमीटर हाइवे का निर्माण किया जाएगा। दिल्ली, मुम्बई मतें औद्योगिक गलियारा बनाया जाएगा और गोवा के तटों पर हरियाली पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि कोयला रेगुलेटरी अथॉरटी का गठन किया जाएगा। बजट में बिजली सेक्टर के लिए 5130 करोड़ रुपये और सेलर एनर्जी को 1000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। गंगा की सफाई के लिए 500 करोड़ रुपये देने की भी घोषणा की गई।
एफडीआई को आसान बनाना होगा : प्रणब ने कहा कि सभी सेक्टरों में जल्द ही सुधार देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारा लक्ष्य 9 फीसदी विकास दर रखने का है। उन्होंने कहा कि हम 10 फीसदी विकास की दर हासिल कर सकते हैं। हमें महंगाई दर कम करने के सभी उपाय करने होंगे। उन्होंने कहा कि एफडीआई को और आसान बनाना होगा और आसान टैक्स सिस्टम लागू करवाएंगे। नरेगा के लिए 40 हजार करोड़ रुपये देने के साथ ही सभी नरेगा मजदूरों का सेहत बीमा किया जाएगा।

शिरोमणि अकाली दल की मान्यता पर सवाल

नई दिल्ली। माल्टा बोर्ड ट्रैजिडी मिशन के चेयरमैन बलवंत सिंह खेड़ा की याचिका पर दिल्ली हाईकोर्ट ने शुक्रवार को चुनाव आयोग और शिरोमणि अकाली दल [बादल] समेत सात को नोटिस जारी कर दिया है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया कि अकाली दल ने जनप्रतिनिधित्व कानून 1989 में हुए संशोधन के तहत चुनाव आयोग में दिए हलफनामे का खुलेआम उल्लंघन किया है। उसका कहना था कि चुनाव आयोग को अकाली दल का पंजीकरण रद करके राजनीतिक पार्टी के तौर पर उसकी मान्यता खत्म करने के निर्देश दिए जाएं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति मुक्ता गुप्ता की बेंच ने सुनवाई के लिए 14 अप्रैल की तारीख तय की है।
होशियारपुर के बीएस खेड़ा के अधिवक्ता प्रशांत भूषण और इंदिरा उन्नीनायर ने कहा है कि शिअद [बादल] की ओर से 14 अगस्त, 1989 को चुनाव आयोग में जो हलफनामा जमा किया गया है, वह भ्रामक है। शिअद के तत्कालीन सचिव मंजीत सिंह कलकत्ता ने हलफनामे में दस्तखत के साथ खुद हाथ से लिखा है कि, 'हमारा पुराना संविधान ही लागू है। हम अपनी पार्टी के संविधान को अभी जमा नहीं कर रहे हैं।'
याचिकाकर्ता का कहना है कि शिअद ने दो संविधान बनाए हैं। एक में अपनी पार्टी को धर्म निरपेक्ष बताते हुए हलफनामा दिया है, जबकि दूसरे में पार्टी में 18 वर्ष से ऊपर के सिर्फ 'सिंह' और 'सिंहनी' को ही बतौर सदस्य शामिल करने की बात कही है। यानी पार्टी में सिर्फ सिख ही होंगे।
जनप्रतिनिधित्व कानून 1989 में हुए संशोधन के मुताबिक राजनीतिक पार्टी धर्म निरपेक्ष होनी चाहिए। संशोधन के बाद हर राजनीतिक पार्टी को एक हलफनामा देना था कि वह संविधान के सभी सिद्धांतों को मानेंगे और उसका अनुपालन सुनिश्चित करेंगे। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट कांग्रेस से जुड़े एक फैसले में कह चुका है कि अगर किसी पार्टी ने हलफनामे में जालसाजी की है तो भी उसकी मान्यता चुनाव आयोग द्वारा रद की जा सकती है।
अधिवक्ताओं ने हाईकोर्ट से कहा है कि 14 अगस्त 1989 को दिए हलफनामे में शिअद की ओर से कहा गया है कि उनके बहुत से सदस्य दिल्ली स्थित सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से भी हैं। बताया गया कि शिअद [बादल] और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी [एसजीपीसी] में अंतर क्या है। पार्टी मंदिर में मीटिंग करती है।
इस संबंध में तीन साल पहले भी याचिकाकर्ता ने चुनाव आयोग से गुहार लगाते हुए कहा था कि यह पार्टी सांप्रदायिक है, लेकिन आयोग ने ध्यान नहीं दिया। हाईकोर्ट ने चुनाव आयोग, शिअद, पंजाब चुनाव आयोग, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, गुरुद्वारा चुनाव आयोग चंडीगढ़, दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, दिल्ली स्थित गुरुद्वारा चुनाव निदेशालय को नोटिस भेजा है।