युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

03 जनवरी 2011

दुर्घटना में घायल युवक ने दम तोड़ा

डबवाली (लहू की लौ) डेरा मनसा दास के पास सिरसा रोड़ पर दुर्घटना में घायल हुए युवक अजीत बिश्नोई ने सिरसा के सामान्य अस्पताल में दम तोड़ दिया। पुलिस ने अज्ञात जिप्सी चालक के खिलाफ मामला दर्ज करके उसकी तालाश शुरू कर दी है। वार्ड नं. 18 निवासी जगदीश बिश्नोई का बेटा अजीत शनिवार शाम को बाईक पर बाजार से घर वापिस जा रहा था। मनसा दास डेरा के पास पीछे से आई एक तेज रफ्तार जिप्सी ने उसमें टक्कर मार दी। दुर्घटना में अजीत बुरी तरह से घायल हो गया। घटना के बाद जिप्सी चालक मौका से फरार हो गया। घायल को उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में लेजाया गया। यहां से चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत में उसे सिरसा रैफर कर दिया। सिरसा में उपचार के दौरान अजीत ने दम तोड़ दिया। मामले की जांच कर रहे थाना शहर पुलिस डबवाली के एएसआई कैलाश चन्द्र ने बताया कि मृतक अजीत के पिता जगदीश बिश्नोई की शिकायत पर अज्ञात जिप्सी चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाकर दुर्घटना करने के आरोप में मामला दर्ज करके उसकी तालाश शुरू कर दी गई है। अजीत के शव का सिरसा के सामान्य अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे उसके वारिसों को सौंप दिया गया।

एनपीएस का वार्षिक समारोह आयोजित

दूल्हे ने लालटेन लेकर खोजी दुल्हन
डबवाली (लहू की लौ) नवप्रगति सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के वार्षिक समारोह महक में विद्यार्थियों ने सांस्कृति कार्यक्रम द्वारा नशे और कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ अपना संदेश दिया।
इस कार्यक्रम में बच्चों ने गीत के माध्यम से सेहत जरूरी है का संदेश दिया। जबकि कविता कश्मा के माध्यम से कन्या भ्रूण हत्या पर चोट करते हुए एक दूल्हे को लालटेन लेकर दुल्हन खोजते हुए दिखाया। मां बोली पंजाबी और देश हुआ परदेस कोरियाग्राफी द्वारा नशों के खिलाफ जागरूक किया। फैन्सी ड्रेस जुबी, डुबी.., बम-बम बोले, डांडियां के द्वारा श्रोताओं का मनोरंजन किया। राजस्थानी डांस आएओ रे म्हारो ढोलना... के माध्यम से देश की विभिन्न संस्कृतियों से दर्शकों को परिचित करवाया।
स्कूल प्रबंधक समिति के निदेशक वेद भारती ने मुख्यातिथि बीएस श्योकंद सीनियर को-ऑर्डिनेटर कृषि विज्ञान केन्द्र सिरसा, जिला शिक्षा अधिकारी (प्राईमरी) कुमकुम गोवर का स्वागत किया। इस मौके पर कुमकुम ग्रोवर ने कहा कि बच्चों में अच्छी आदतों का विकास करने के लिए सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ बच्चों को जागरूक करना आज की आवश्यकता है। इस मौके पर विद्यालय की पिं्रंसीपल चन्द्रकांता ने विद्यालय की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। मुख्यातिथि बीएस श्योकंद ने बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रेरित किया और मेधावी विद्यार्थियों को पुरस्कार वितरित किए। इस अवसर पर सांवतखेड़ा के सरपंच रणजीत सिंह, मल्लिकपुरा के सरपंच इकबाल सिंह, ठेकेदार मंगतराय बांसल भी उपस्थित थे।

बॉयोलोजी की प्रवक्ता का तबादला रोके जाने की मांग

डबवाली। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत बॉयोलोजी की प्रवक्ता को सिरसा स्थानांतरित किये जाने से विद्यार्थियों में रोष फैल गया है और उन्होंने मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री हरियाणा को फैक्स भेज कर तबादल तुरन्त प्रभाव से रद्द करने का अनुरोध किया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के +1, +2 की बॉयोलॉजी के विद्यार्थी जयप्रकाश, विजय कुमार, विनीत शर्मा, अजय अग्रवाल, नीतिश, हरप्रीत सिंह, पायल, सुमन बाला, डिम्पल सचदेवा, भागीरथ, अनिता रानी, लवदीप, प्रवीन कुमार बगैरा ने मुख्यमंत्री तथा शिक्षा मंत्री को भेजे फैक्स में कहा है कि इन दिनों उनकी पढ़ाई पीक पर है और दो माह ही वार्षिक परीक्षा में बचे हैं। ऐसे मौके पर उनकी बॉयोलॉजी की अध्यापिका जयदीप कौर को एपीसी बना कर डेपुटेशन पर सिरसा भेजना उचित नहीं है। इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी। उन्होंने मांग की कि उनकी बॉयोलॉजी की अध्यापिका का तबादला रोका जाये। अन्यथा वह जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा के कार्यालय पर धरना देने को मजबूर होंगे। इस सन्दर्भ में विद्यालय के प्रिंसीपल बलजिन्द्र सिंह से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि दो माह पूर्व नेट पर शिक्षा विभाग द्वारा जारी की गई सूची में जयदीप कौर को एपीसी बना कर सिरसा भेजा गया था। लेकिन इस दौरान अध्यापक संघ ने निदेशक स्कूल एजूकेशन हरियाणा से मिल कर डेपूटेशन रद्द करने का अनुरोध किया था जिस पर निदेशक ने एक बार डेपूटेशन को स्थगित करने का आश्वासन दिया था। उनके अनुसार उनके पास फिलहाल अधिकारिक रूप से कोई आदेश नहीं आये हैं। पिं्रसीपल ने कहा कि बच्चों के भविष्य के मद्देनजर जयदीप कौर को डेपूटेशन पर सिरसा नहीं भेजा जायेगा।

शराब तस्करी व सट्टा खाईवाली में काबू

सिरसा। सिरसा पुलिस द्वारा जिला भर में शराब तस्करों व सार्वजनिक स्थल पर सट्टा खाईवाली करने वालों के खिलाफ जोरदार अभियान चलाया जा रहा है। जिला भर में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कार्रवाई करते हुए बीते दिवस पुलिस ने 8 लोगों को शराब एवं सट्टाराशि के साथ काबू किया। पकड़े गए सभी आरोपियों के विरुद्ध संबंधित थानों में अभियोग दर्ज कर दिये गये हैं। जिला की डिंग पुलिस ने विश यादव पुत्र राधे यादव निवासी डिंग मोड़ को 10 बोतल देसी शराब के साथ डिंग मोड़ से काबू कर लिया है। वहीं शहर डबवाली पुलिस ने सट्टा खाईवाली करने के आरोप में अमृतपाल पुत्र कृष्णलाल निवासी वार्ड नंबर 17 मंडी डबवाली को 460 रुपये की सट्टा राशि सहित कस्बा डबवाली से काबू कर लिया है। शहर डबवाली पुलिस ने एक अन्य मामले में सट्टा खाईवाली करने के आरोप में सुरेन्द्र पुत्र प्रकाश चन्द्र निवासी वार्ड नंबर 4 मंडी डबवाली को 510 रुपये की सट्टा राशि के साथ मंडी डबवाली से काबू कर लिया है। जिला की कालांवाली पुलिस ने मोहन पुत्र जागर सिंह निवासी कालांवाली को सट््टाखाईवाली करने के आरोप में 210 रुपये की सट्टा राशि के साथ, जबकि शहर सरसा पुलिस ने रामू पुत्र बजरंगी निवासी फ्रैंडर्स कॉलोनी सिरसा को 505 रुपये की सट्टा राशि के साथ खैरपुर क्षेत्र से काबू कर लिया है। जिला की औढां पुलिस ने गुरनाम सिंह पुत्र हाकम सिंह निवासी टप्पी को 7 बोतल देसी शराब के साथ उसी के गांव से काबू कर लिया है। जिला की रानियां पुलिस ने सुरजाराम पुत्र इस्सर राम निवासी मत्तूवाला को 9 बोतल देसी शराब समेत उसी के गांव मत्तूवाला से  जबकि मक्खन सिंह पुत्र रामप्रसाद निवासी मम्मडख़ेड़ा को 8 बोतल देसी शराब समेत उसी के गांव मम्मडख़ेड़ा से काबू कर लिया है।

इनेलो की राज्य कार्यकारिणी पुनर्गठित

डबवाली। इनेलो प्रमुख चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने पार्टी राज्य कार्यकारिणी का पुनर्गठन करते हुए नए पदाधिकारियों की घोषणा कर दी है। अशोक अरोडा की अध्यक्षता में गठित की गई नई राज्य कार्यकारिणी में पूर्व कृषि मंत्री  जसविंद्र सिंह संधु (कुरूक्षेत्र), कांता देवी (झज्जर), बलवान सिंह मायना (रोहतक), सतवीर वर्मा (हिसार), रामभगत गुप्ता (हिसार), राव अजीत सिंह (रेवाड़ी), सुरजीत सिंह सौंढ़ा (अंबाला) को प्रदेश उपाध्यक्ष, डबवाली के विधायक डा. अजयसिंह चौटाला को प्रधान महासचिव नियुक्त किया है।  प्रदेश के छह नए महासचिवों में पूर्व विधायक रामकुमार सैनी (सोनीपत), सुंदरलाल सेठी (रोहतक), अशोक शेरवाल (पंचकूला), डा. रामचंद्र जांगड़ा (जींद), डा. हरिचंद मिढ़ा विधायक (जींद), सुरेंद्र दहिया (सोनीपत) बनाए गए हैं।
इनके अलावा नए नियुक्त किए गए नौ प्रदेश सचिवों में श्रीमती सुमित्रा देवी (जींद), धर्मवीर बागोडिया (गुडगांव), अशोक कश्यप  विधायक (करनाल), करतार सिंह सैनी (जींद), सरेश मित्तल (पानीपत), बलदेव सिंह घनघस (भिवानी), राव अमरसिंह (महेंद्रगढ़), लीलाराम गुज्र्जर (कैथल), रामकुमार ऐबला (करनाल) शामिल हैं। इसके अलावा कलायत के विधायक रामपाल माजरा को संगठन सचिव व डा. के सी बांगड़ को प्रदेश प्रवक्ता और राजकुमार रिढाउ को प्रचार सचिव, ईश्वर नारा को सहप्रचार सचिव व कृष्णगुप्ता (सोनीपत) को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
इनेलो के नए जिलाध्यक्षो में विधायक प्रदीप चौधरी को पंचकूला, बलविंद्र सिंह पूनियां को अंबाला, बुटासिंह लूखी को कुरूक्षेत्र, कैलाश भगत कैथल, पूर्व सांसद सुरेंद्र सिंह बरवाला को जींद, पदम जैन को सिरसा, पूर्व विधायक निशान सिंह को फतेहाबाद, लौहारू के विधायक धर्मपाल ओबरा को भिवानी, उम्मेद लोहान को हिसार, विधायक राव बहादुर सिंह को महेंद्रगढ़, पूर्व डिप्टी स्पीकर गोपीचंद गहलोत को गुडगांव, बलदेव अहलावलपुर को फरीदाबाद, धर्मपाल मकडौली को रोहतक, सतपाल पहलवान को झज्जर, पूर्व विधायक पदम सिंह दहिया को सोनीपत, शुगनचंद रोड़ को पानीपत, यशवीर राणा को करनाल, विधायक बिशनलाल सैनी को यमुनानगर, पूर्व चेयरमैन बदरूद्दीन को मेवात, महेंद्र चौहान को पलवल व सुनील चौधरी एडवोकेट को रेवाडी का जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पार्टी राज्य कार्यकारिणी के नए सदस्यों में यमुनानगर के पूर्व विधायक डा. मलिक चंद गंभीर, पूर्व विधायक कर्मसिंह डांगरा, पूर्व विधायक स्वतंत्र बाला चौधरी, पूर्व विधायक जिले सिंह जाखड, पूर्व विधायक पवन दिवान, पूर्व विधायक सूरजभान काजल, इंद्र सिंह ढुल, राव होशियार सिंह, अमीचंद सहरावत, बलवीर सिंह बहादुरगढ, कुलदीप सिंह शेखपुरा, जयप्रकाश कंबोज, धर्मवीर सिहाग, मायाराम, दरियावसिंह एडवोकेट, हरफुलखान भट्टी, जयभगवान कश्यप, रणबीर दहिया, बलवान सुहाग, भूपेंद्र सिंह जुलानी, पूर्व विधायक भागी राम, पूर्व विधायक राकेश कंबोज, पूर्व मंत्री लक्ष्मण सिंह कंबोज, पूर्व विधायक रणसिंह बैनिवाल, पूर्व विधायक ओमप्रकाश बेरी, पूर्व विधायक बलवीर बाली, पूर्व विधायक शाहिदा खान, कंवरजीत सिंह प्रिंस, राजेंद्र धानक, महेंद्रसिंह लाकडा, पूर्व मंत्री कंवलसिंह, राजेंद्र गोयल, पूर्व विधायक डा.सीताराम, जगमाल सिंह, बलिंद्र सिंह लंडा, श्रीमती अनीता गोस्वामी, पूर्व चेयरमैन महेंद्रसिंह सैनी, जसवीर सिंह जस्सा, कृष्णगोपाल त्यागी, अशोक शर्मा व खिल्लाराम नरवाल के अलावा पार्टी के सभी मौजूदा सांसद व विधायक कार्यकारिणी के सदस्य होंगे।
राज्य कार्यकारिणी में नियुक्त किए गए विशेष आमंत्रित सदस्यों में सुरेश कांसल, राजवीर संतौडी, ईश्वरसिंह पूजम, कर्नल गजराज सिंह, अशोक भारद्वाज, ओमप्रकाश काला, सुंदर सिंह मलिक, बाबूराम गोयल, सतपाल चौहान, रविंद्र बतौड, राजकुमार सैनी, मेजर उमराव सिंह शेरगिल, रामसिंह कोडवा, रामराज मेहता, सज्जन सिंह ढुल्ल, ओमप्रकाश गुप्ता, नरेश जैन, प्रहलाद शर्मा, मास्टर महेंद्र मोर, राजेंद्र गोयल, शिव कुमार गुप्ता, बनारसी दास बाल्मिकी, बलदेव बाल्मिकी, सतीश यादव, धर्मपाल गुप्ता, श्रीमती रेखा राणा, रामपाल राणा, अशोक गोयल (लिलू), रामभगत शर्मा, श्रीमती पूनम सांगवान, पन्नालाल जैन, सूरतसिंह खटक, सतीश भल्लौट, भानाराम सैनी, डा. के सी काजल, जसवंत सिंह चीमा व पूर्व आईएएस अधिकारी ओमप्रकाश इंदौरा व हवा सिंह धनखड़ भी शामिल हैं।

मासूमों के लिए आग में कूद गया था संजय ग्रोवर

डबवाली (डीडी गोयल) मेरे आंगन का चिराग बुझ गया, मुझे इसका गम नहीं है। बल्कि फक्र है इस बात का कि मेरे बेटे की शहादत से आज ओरों के आंगन के चिराग जगमगा रहे हैं।
ये शब्द हैं 23 दिसंबर 1995 को डबवाली अग्निकांड में करीब तीन दर्जन बच्चों को बचाने वाले डबवाली के शौर्य संजय ग्रोवर के पिता प्यारे लाल ग्रोवर के हैं। संजय ग्रोवर 23 दिसंबर 1995 को डबवाली अग्निकांड में बच्चों को बचाते समय बुरी तरह से झुलस गए थे। 1 जनवरी 1996 को उन्होंने संसार को अलविदा कह दिया था। एक ऐसा युवक जिसकी रग-रग में समाजसेवा बसी हुई थी। जरूरतमंदों की सहायता, जिसको वह अपना धर्म समझता था। ऐसा नौजवान जिसने मात्र 5वीं कक्षा में चिल्ड्रन क्लब बनाकर समाजसेवा करने का बीड़ा उठा लिया। 10वीं में उसने रोटरी इंट्रेक्ट नाम की संस्था खड़ी की। जिसने समाजसेवा में अग्रणि कार्य किए।
प्यारे लाल ग्रोवर के अनुसार संजय ग्रोवर को बचपन से ही समाजसेवा का बड़ा शौक था। अपने जेब खर्च को किसी जरूरतमंद पर लगा देना, उसने अपना कत्र्तव्य बना लिया था। संजय ग्रोवर की याद ताजा करते हुए उनके पिता ने बताया कि साल 1992 में उनके घर में धूमधाम से दीवाली मनाई जा रही थी। संजय के पास किसी का फोन आया कि एक गर्भवती महिला की हालत खराब है। फोन सुनते ही वह दौड़ चला। जब उसे रोका गया तो संजय का जवाब था कि यदि महिला का बच्चा या महिला मर गई, तो यह दीवाली उसके लिए काली दीवाली होगी। अगर उस घर में चिराग न जला तो दीवाली पर अपने घर में रोशनी का दीपक जलाने का क्या फायदा। ऐसी अनगिनत मिसाल हैं, जो केवल शब्दों में ब्यां नहीं की जा सकतीं।जरूरतमंद लड़कियों की शादी करने की बात हो या फिर मृत्यु शैय्या पर पड़े घायल को रक्त देने की बात हो। ऐसे कार्यों में संजय ग्रोवर हमेशा आगे रहता था।
संजय ग्रोवर ने जीवन और मौत के बीच संघर्ष करते हुए 1 जनवरी 1996 को सीएमसी लुधियाना में सुबह करीब 2.30 बजे प्राण त्याग दिये। इससे पूर्व उनके साथ उनके पिता प्यारे लाल ग्रोवर, माता मथरा देवी, भाई प्रवीण कुमार भी थे। बर्न यूनिट से इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट करते समय संजय ग्रोवर ने वहां मौजूद लोगों से कहा कि अब मेरे जाने का समय हो गया है। मुझे खुशी-खुशी विदा करो। मेरे मरने के बाद रोना मत। बस! मेरी जिन्दगी इतनी ही थी। यदि मेरा बस चलता तो मैं और भी बच्चों को बचाता। मुझे अफसोस रहेगा कि मैं और बच्चे नहीं बचा पाया। इसके कुछ देर बाद संजय ने दम तोड़ दिया।
 वे छात्र जीवन में मेधावी छात्र के रूप में जाने जाते थे। कालेज जीवन में यहां वे पढ़ाई में होशियार थे वहीं अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय थे। उन्होंने 1991 में हरियाणा के बहादुर गढ़ में हरियाणा राज्य विज्ञान प्रर्दशनी में भाग लेकर दूसरा स्थान पाया। जबकि 1985 में गुरू नानक कॉलेज किलियांवाली की तरफ  से डल्हौजी में लगे यूथ लीडरशिप ट्रेनिंग शिविर में वैस्ट कैम्पर का पुरस्कार जीता था। 1984-85 में उन्हें कॉलेज के बेस्ट एक्टर का खिताब भी मिला। बीए की शिक्षा के बाद उन्होंने अपने व्यवसाय के साथ—साथ 19 बार रक्तदान करके कई जिंदगियों को बचाने का प्रयास किया।
उन्होंने अपने जीवन काल में जिला कांगड़ा में एक पहाड़ी पर बने माता जयंती मन्दिर के लिए सीढिय़ों के लिए सहयोग दिया और डबवाली में स्थित वैष्णों माता मन्दिर के निर्माण में अहम भूमिका निभाई और उसके सदस्य तथा मंदिर लंगर कमेटी के महासचिव रहे। 1992 और 1995 में सिरसा में घग्गर की बाढ़ के समय वहां जाकर पशुओं के लिए चारे की व्यवस्था की । यहीं नहीं वह अरोड़वंश हाईस्कूल, डीएवी स्कूल की स्थानीय कमेटी और डबवाली सिटीजन फोरम व रामबाग प्रबंधक कमेटी के सदस्य भी रहे। ग्रोवर रोट्रेक्ट क्लब के अध्यक्ष और महासचिव, रोटरी जिला 309 द्वारा 1992 में आयोजित रोटेशिया-92 कान्फ्रैंंस के अन्तर्गत कलकत्ता व नेपाल का 27 दिन के टूर पर रहे और जिला सिरसा से जाने वाले सदस्यों में बैस्ट सदस्य का पुरस्कार जीता।
नहीं मिला शौर्य पुरस्कार
डबवाली अग्निकांड के बाद अग्निकांड पीडि़त परिवारों से संवेदना व्यक्त करने आए उस समय के एमपी चन्द्रशेखर ने संजय ग्रोवर को शौर्य पुरस्कार से सम्मानित करने के लिए भारत सरकार को अपनी सिफारिश की थी। बाद में चन्द्रशेखर देश के प्रधानमंत्री भी रहे। लेकिन अपनी सिफारिश और संजय की बहादुरी उन्हें याद नहीं रही। अब समय है कि सरकार इस पर गौर करे और संजय ग्रोवर को मरणोपरांत शौर्य पुरस्कार से सम्मानित करे। हालांकि ग्रोवर को मरणोपरांत उनके शौर्य के लिए 16 जनवरी 1996 को रेड एण्ड व्हाईट कम्पनी ने कोलकत्ता में आयोजित एक समारोह में छटे बहादुरी पुरस्कार तथा भारत सरकार ने राष्ट्रीय युवा पुरस्कार से सम्मानित किया।
पिता के नक्शेकदम पर बेटा
संजय ग्रोवर के दोनों बेटे पारूल ग्रोवर और नवनीत ग्रोवर अपने पिता के नक्शे कदम पर हैं। पारूल ग्रोवर अपने पिता की तरह रक्तदान के क्षेत्र में उतरा हुआ है। वहीं उसने अपने पिता संजय ग्रोवर के अधूरे रह गए सपने को  पूरा करने का संकल्प लिया है। वह अपने पिता शहीद संजय ग्रोवर के नाम पर एक संस्था का निर्माण करने जा रहा है। जोकि गरीब कन्याओं की शादी और रक्तदान के क्षेत्र में अपना योगदान देगी। पारूल ग्रोवर के अनुसार ब्लड के बदले ब्लड की परम्परा तो ठीक है। लेकिन ब्लड के बदले पैसे मांगना यह ठीक नहीं। रक्तदान महादान है और मृत्यु शैय्या पर पड़े व्यक्ति से ब्लड के बदले पैसे मांगना उचित नहीं। इसी के कारण वह अपने पिता शहीद संजय ग्रोवर के नाम पर संस्था गठित करने जा रहा है, जिसका प्रत्येक सदस्य रक्त की जरूरत पडऩे पर रक्तदान के लिए तैयार खड़ा होगा।