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06 जुलाई 2011

सुधारगृह बने अपराधियों की पाठशाला



सोनू का सनसनीखेज खुलासा : पंजाब-हरियाणा में कई सरपंच भी संलिप्त हैं नशे के कारोबार में
डबवाली। जेलों को सुधारगृह के नाम से पुकारा जाता है। अपराधियों को इसी लिए जेलों में भेजा जाता है कि वे सुधर जाएं और फिर से अपराध न करें। लेकिन ये सुधार गृह बिगाड़ गृह साबित हो रहे हैं। साधारण तस्करी में जेल गया एक युवक जब वहां से लौटा तो एक बड़ा समगलर बन गया।
बाईक चोरी के आरोप में थाना शहर पुलिस ने जिला बठिंडा के गांव जोधपुर रोमाना के 23 साल के कुलविंद्र उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया। पुलिस रिमांड पर रहे इस युवक ने अपने जीवन का कच्चा चिट्ठा पुलिस के आगे ही नहीं रखा, बल्कि रिमांड के बाद मंगलवार को जब उसे अदालत में पेश किया गया तो इस संवाददाता के समक्ष अपने जीवन की कहानी ब्यां की। सोनू ने बताया कि कुछ साल पहले डबवाली पुलिस ने उसे 4 किलोग्राम चूरा पोस्त के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय उसकी उम्र महज 15 साल थी। उसे सिरसा जेल भेजा गया। वहां जेल काट रहे लोगों से उसकी जान-पहचान हुई। जेल काट रहे अपराधियों ने उसे बताया कि बाहर निकलने के बाद वह उनसे मिले और चूरा पोस्त जैसा छोटा धंधा छोड़कर स्मैक के धंधे में उतरे। इस धंधे में मुनाफा अधिक है।
तीन माह जेल में रहने के बाद उसने स्मैक समगलरों से संबंध स्थापित किया और इस धंधे से जुड़ गया। इसके बाद वह स्मैक समगलिंग करता हुआ बठिंडा पुलिस के हत्थे चढ़ गया। बठिंडा जेल में रहते समय उसके संबंध अन्य स्मैक समगलरों से हो गए। उसने खुलासा किया कि स्मैक समगलिंग का धंधा पंजाब, हरियाणा में छोटे स्तर पर नहीं है। बल्कि इस धंधे में कुछ गांवों के सरपंच और उनके बेटे भी संलिप्त है।
वह भी हरियाणा के खण्ड कालांवाली तथा जिला बठिंडा के एक गांव के सरपंच के संपर्क में था। वह इन लोगों से स्मैक लेकर पीने लगा। हर रोज की करीब 5000 रूपए की स्मैक पी जाता। इतना बड़ा खर्च चलाना उसके लिए मुश्किल हो गया, तो इन लोगों तथा उसके दोस्तों ने उसे सलाह दी कि वह स्मैक पीए और साथ में समगलिंग भी करे। जिस पर वह समगलर की राह पर चल निकला। वह 250 रूपए प्रति ग्राम के हिसाब से स्मैक खरीदता और आगे जिला बठिंडा में 500 रूपए प्रति ग्राम के हिसाब से सप्लाई करता। उसके अनुसार इस कार्य में केवल युवक ही नहीं बल्कि युवतियां भी शामिल हैं। वह कॉलेजों की युवतियों को स्मैक सप्लाई करता। वह एक दिन में करीब 20 हजार रूपए की स्मैक बेच डालता। जिससे उसे अच्छा लाभ होने लगा।
सोनू ने समगलिंग करने के ढंग का राज खोलते हुए बताया कि स्मैक का सबसे बड़ा अड्डा राजस्थान का कोटा नगर है। वहीं से उन्हें स्मैक मिलती और इसके इंतजार में उन्हें कई-कई दिन कोटा के होटलों में भी गुजारने पड़ते। उसके अनुसार यह सारा सौदा कैश पेमेंट पर होता है। उसने बताया कि जो व्यक्ति कोटा में उसे स्मैक देने आता था, वह अपने पैरों में डाले हुए सैंडलों में करीब 500 ग्राम तक स्मैक डालकर लाता था।उसके अनुसार इन लोगों के सैंडल भी इस ढंग से बने हुए हैं कि एक सैंडल में आराम से 250 ग्राम स्मैक आ जाती है।
सोनू के अनुसार बीमारी के चलते पहले उसके पिता बलजिंद्र सिंह ने दम तोड़ा। फिर बीमारी के कारण ही उसकी माता सुनीता की भी मृत्यु हो गई। वह अब अपनी दादी महेंद्र कौर के साथ जोधपुर रोमाना में रह रहा है। लेकिन आय का कोई साधन न होने पर स्मैक ही उसका सहारा है। पंजाब में एनडीपीएस एक्ट में ढाई साल की कैद काटने के बाद 20 दिन पूर्व ही बाहर आया था। लेकिन स्मैक की तलब पूरी करने के लिए अपने साथी के साथ वह डबवाली आया और यहां से बाईक चुरा लिया और पकड़ा गया।
लाईसेंस मिल जाता तो तस्कर ना बनता!
बंदा इक बारी जेल च चला जावे सारा कुछ ही पता चल जांदा ए। बांत-बांत दी दुनियां मिलदी ए ओत्थे। मैं बठिंडा दे इक वकील दी गड्डी चलाऊंदा सी। मेरा लाईट लाईसेंस बनया होया सी। ऐस पीछों गंदे कम्मा विच पे गया। 2003 च मैं सिरसा जेल विच गया सी। तीन महीने मगरो बाहर आ के जदों मैं पुलिस तो अपना लाईट लाईसेंस मंगवा दे, मैंनूं नहीं मिलिया। जे उस वेले मैनूं मेरा लाईसेंस मिलिया हुंदा तां शायद अज मैं स्मैक समगलर ना हुंदा।

असामाजिक तत्वों से पुलिस का खौफ गायब


डबवाली (लहू की लौ) सिटी में असामाजिक तत्वों पर पुलिस का खौफ गायब हो गया है। जिसके चलते लगातार चोरियों की वारदातों में इजाफा हो रहा है। रात को दुकानों के ताले चटकाकर चोरी की जा रही है। दिन में बाईक उड़ाए जा रहे हैं।
सोमवार रात को अज्ञात चोरों ने जीटी रोड़ रेलवे फाटक के नजदीक स्थित पिंक मार्किट में इलेक्ट्रोनिक्स की दुकान के ताले चटकाए। जबकि साथ लगती तीन अन्य दुकानों के ताले तोडऩे का प्रयास किया। रामू इलेक्ट्रेनिक्स के मालिक शिशुपाल (49) निवासी मण्डी किलियांवाली ने बताया कि मंगलवार सुबह उसके पड़ौसी दुकानदार जगमोहन ने उसे सूचना दी कि उसकी दुकान के शट्टर पर लगे ताले गायब हैं, शट्टर ऊपर उठा हुआ है। वह तत्काल दुकान पर आया। शिशुपाल के अनुसार अज्ञात चोर काऊंटर में रखी 30 किलोग्राम तांबे की तार चोरी करके ले गए हैं। जिसकी कीमत करीब पंद्रह हजार रूपए है। इसी दुकान के साथ स्थित जेएस इलेट्रिकल, शिव साईकिल स्टोर, सतनाम सिंह टीवी मैकेनिक की दुकान के भी ताले तोडऩे का प्रयास किया गया।
इसी रात को चौ. देवीलाल शॉपिंग कम्पलैक्स में स्थित बांसल डेयरी के ताले तोडऩे का प्रयास किया गया। डेयरी के मालिक राजकुमार बांसल के अनुसार रात को दूध की गाड़ी करीब दो बजे आ गई थी। संभव है कि गाड़ी को देखकर चोर वारदात को अंजाम न दे सके।
इधर मंगलवार दोपहर को गांधी चौक में छोले-भटूरे की रेहड़ी लगाने वाले जय नाथ उर्फ सागर निवासी वार्ड नं. 4 का बाईक (एचआर25बी/3153) उनके घर के आगे से अज्ञात व्यक्ति उठा ले गया। जय नाथ के अनुसार वह आर्य विद्या मंदिर के पास अपने घर में गया था। लेकिन पंद्रह मिनट बाद जब वह घर से बाहर निकला तो उसका सीडी डिलक्स बाईक घर के बाहर से गायब मिला।
15 मिनट में दो बाईक चोरी!
मंगलवार दोपहर करीब 12.45 पर पुलिस को सूचना मिली कि गोल बाजार क्षेत्र से एक बाईक चोरी हो गया है। दस मिनट बाद फिर थाना की घंटी बज उठी। कॉल थी कि अनाज मण्डी में दुकान नं. 3 के आगे खड़ा एक बाईक चोरी हो गया है। सूचना मिलते ही पुलिस के हाथ-पांव फूल गए। तुरंत पुलिस की गश्त बढ़ा दी गई। क्षेत्र के तहत आने वाली सभी पुलिस चौकियों को अलर्ट जारी करके चौकसी बढ़ाने के आदेश दिए गए। इसी बीच पुलिस को सूचना मिली कि अनाज मण्डी से गायब हुआ बाईक वापिस लौट आया है। गलती से कोई व्यक्ति उसे अपना बाईक समझकर उठा ले गया था। एक बाईक मिलने से पुलिस ने कुछ राहत की सांस ली।

डबवाली शहर में सांड़ों को जिन्दा जलाने का प्रयास!


डबवाली (लहू की लौ) दूध, दही की नदी कहे जाने वाले हरियाणा के छोटे से कस्बे डबवाली में गौधन पर तेजाब फेंककर जिन्दा जलाए जाने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। शहर के भीतर एक सप्ताह में तीन सांड़ों का शरीर तेजाब से फूंकने की तीन घटनाएं लगातार घटित हो गई हैं। जिससे गौ भक्तों में रोष फैल गया है। इस मामले को पुलिस के समक्ष भी उठाया गया है।
शहर में अवारा घूम रहे गौधन की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इसकी संभाल न तो प्रशासन कर रहा है और न ही गौशाला। लोग अपने बचाव के लिए गौधन को भगाने के लिए डंडों का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन सात दिनों में सांड़ों पर कोई ज्वलनशील पदार्थ फेंककर उन्हें जलाने की घटनाएं होने लगी हैं।
गौशाला प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष जवाहर कामरा, सचिव अनिल धारणियां ने बताया कि सात दिनों में लवकुश पार्क, मार्किट कमेटी तथा जीटी रोड़ क्षेत्र में सांडों पर ज्वलनशील पदार्थ फेंककर उन्हें जिंदा जलाने के प्रयास किए गए हैं। सूचना मिलने पर घायल सांडों को गौशाला में लाया गया। यहां उनका उपचार किया जा रहा है। गौशाला पदाधिकारियों ने बताया कि संभव है कि यह कार्य उन लोगों का हो सकता है जो सांड़ों से परेशान हैं। लेकिन वारदात का क्षेत्र अलग-अलग होने से यह भी संभावना व्यक्त की जा रही है कि यह काम शरारतियों का भी हो सकता है।
गौशाला प्रबंधक कमेटी की कार्यकारिणी के सदस्य गोवर्धन दास गोयल ने गौधन पर ज्वलनशील पदार्थ फेंककर जलाने की घटना पर चिंता व्यक्त करते हुए इस मंदभागी बताया है। साथ में थाना शहर पुलिस को एक शिकायत पत्र सौंपकर गौधन की रक्षा करने तथा ज्वलनशील पदार्थ फेंककर गौधन को जलाने का प्रयास करने वाले अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने का अनुरोध किया है।
गौशाला में गौधन का इलाज करने वाले डॉक्टर सूबे सिंह के अनुसार गौधन पर फेंका गया ज्वलनशील पदार्थ तेजाब हो सकता है। उनके अनुसार सांड की चमड़ी दो प्रकार की होती है। ऊपरी भाग को एपी डरमिस कहते हैं, जोकि शरीर पर दो से ढाई एमएम के बीच होती है। दूसरी चमड़ी डरमिस कही जाती है। चमड़ी की यह लेयर चार से साढ़े चार एमएम मोटी होती है। जोकि एपी डरमिस के नीचे होती है। डॉक्टर ने बताया कि ज्वलनशील पदार्थ ने सांड़ों की एपी डरमिस चमड़ी को खत्म कर दिया। यह पदार्थ इतना तेज था कि इससे डरमिस को भी कुछ नुक्सान पहुंचा। उनके अनुसार अगर इससे डरमिस लेयर समाप्त हो गई होती तो यह ज्वलनशील पदार्थ सांड़ों की मौत का कारण बन सकता था।
थाना शहर पुलिस प्रभारी एसआई महावीर सिंह ने बताया कि पुलिस के पास मामला आया है। शिकायत के आधार पर इसकी जांच की जाएगी।