युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

29 सितंबर 2011

दहेज प्रताडऩा के 90 फीसदी मामले झूठे


डबवाली (लहू की लौ) कोर्ट में निर्णय के लिए आने वाले 90 प्रतिशत दहेज प्रताडऩा के मामले झूठे होते हैं। असल में इन केसों के पीछे विवाद कुछ ओर होता है। ये शब्द उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी तथा लीगल सैल के अध्यक्ष डॉ. अतुल मडिया ने प्रथम नवरात्र को मातृशक्ति दिवस के रूप में मनाते हुए बुधवार को कोर्ट परिसर में कन्या भ्रूण हत्या पर आयोजित सेमिनार को संबोधित करते हुए कहे।
उन्होंने कहा कि दहेज प्रताडऩा के अधिकतर मामलों में कहानी मामूली लड़ाई-झगड़े या फिर सास-बहू के बीच झगड़े की होती है। जिसे दहेज प्रताडऩा का रंग देकर पेश किया जाता है। जबकि असल मामले सामने नहीं आते। न तो वे पंचायत में पहुंचते हैं और न ही थाना, कचहरी में। ऐसे मामलों में पीडि़ता स्वयं जल जाती है या फिर जला दी जाती है। मडिया के अनुसार कन्या भ्रूण हत्या कोई समस्या नहीं है, अपितु समस्याओं की जननी है। कन्या भ्रूण हत्या और घरेलू हिंसा के पीछे महिला खुद जिम्मेवार है। जब तक महिला अपनी भूमिका तय नहीं करती, तब तक यह कलंक समाज पर लगा रहेगा। इस प्रकार के किसी मामले में निर्णय सुना देने या इसके खिलाफ कानून बना देने से काम नहीं चलने वाला। लोगों की सोच में परिवर्तन करके ही इस समस्या से छुटकारा पाया जा सकता है।
सरकारी अस्पताल के कार्यकारी एसएमओ डॉ. एमके भादू ने सेमिनार को अपनी कविता प्यार की संजीव कहानी होती है बेटी, चंद दिनों में बेगानी होती है बेटी...के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए सरकार की ओर से किए जा रहे प्रयासों को बताया। स्वास्थ्य कर्मी मंजू बाला ने मां-बेटी पर आधारित कविता मैं गर्भ से बोल रही हूं, अच्छी मम्मी-प्यारी मम्मी..., राज वर्मा ने हो गई है हैवानियत की तन्हां और कोई बोले न बोले मेरी आवाज बाकी है...से अपने विचार प्रकट किए। अधिवक्ता कुलवंत सिधू ने अपने गीत टोटे करके कतल कातों करदी मां... तथा अधिवक्ता एसके गर्ग ने घरेलू हिंसा से स्त्रियों की सुरक्षा अधिनियम 2005 का विस्तार पूर्वक उल्लेख लिया। बाल कलाकार लक्की वधवा ने स्वयं रचित गीत धीयां जन्मियां ते गुड़ भी ना बंडेआ, बेआही तो क्यों रोया बाबुला....के जरिए सेमिनार में उपस्थित लोगों की आंखें नम कर दी। राजकीय महाविद्यालय की प्राध्यापिका शन्नो आर्य ने मैं नदी हूं, मुझे मेरा हुनर मालूम है, जिस तरफ भी जाऊंगी रास्ता हो जाएगा... जैसी पंक्तियों के माध्यम से भारतीय समाज में नारी की दशा और संघर्ष की कहानी ब्यां की। इस मौके पर अधिवक्ता एससी शर्मा तथा प्राध्यापिका पूनम वधवा ने भी अपने विचार रखे। मंच का संचालन अधिवक्ता गंगा बिशन गोयल ने बखूबी निभाया।
इससे पूर्व सेमिनार का शुभारंभ अंकिता मडिया ने कन्या भ्रूण हत्या पर स्लोगन लिखित बोर्डों से पर्दा हटाकर किया। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र दंदीवाल, कुलदीप सिंह सिधू, बलजीत सिंह, वाईके शर्मा, कुलवीर पासी, राजेश यादव, धर्मवीर कुलडिया आदि उपस्थित थे।

कहां गए 455 पेंशनर?



जून में बंटी पेंशन में हुई गड़बड़ी, फिनो कंपनी के उच्च अधिकारियों को है सब पता
डीडी गोयल (80597-33000)
डबवाली। हरियाणा सरकार की वृद्धावस्था सम्मान भत्ता योजना जैसी वेल्फेयर स्कीम को निजी बैंकों ने अपनी बिजनेस स्कीम बना डाला है। वृद्धों को मनमर्जी की पेंशन देकर लिस्टों पर उनके अंगूठे लगवाए जा रहे हैं। यही नहीं सरकार की ओर से जारी हुई पांच माह की पेंशन के बावजूद एक-दो माह की पेंशन राशि देकर कत्र्तव्य से इतिश्री की जा रही है। योजना का लाभ उठा रहे शहर के करीब 455 लोगों को लिस्ट से गायब दिखाया गया है। पूरे मामले की जांच करने के लिए सरकार ने अगस्त माह की पेंशन पुरानी पद्धति के अनुसार करवाने का निर्णय लिया है। प्रदेश में हुए पेंशन घोटालों के बाद सरकार ने पेंशनरों को बैंक खाता के जरिए पेंशन देने की योजना चलाई थी। इसका ठेका सरकार ने प्रदेश में एक्सीस तथा यूनियन बैंक को दिया। लेकिन बैंकों ने इसमें फिनो कंपनी को भी अपने साथ ले लिया। जिला सिरसा एक्सीस बैंक के तहत आया और सरकार की योजना पर कार्य शुरू हो गया। शहर डबवाली में 3739 पेंशनर हैं। फिनो कंपनी के कर्मचारियों की ओर से पेंशनरों की फोटोग्राफी की गई तथा स्मार्ट कार्ड बनाए गए। मात्र 3084 पेंशन धारकों के खाते खोलकर जून माह के दौरान पेंशन वितरण का कार्य शुरू कर दिया गया। लेकिन 655 पेंशन धारकों का कोई पता नहीं चल पाया। शहर के पार्षदों की मांग पर उपायुक्त ने पुन: फोटोग्राफी तथा स्मार्ट बनाने के आदेश दिए। यह कार्य दोबारा शुरू हुआ। जिसमें से करीब 200 पेंशनरों की जांच करके उनकी फोटोग्राफी की गई। लेकिन अब भी 455 के करीब पेंशन धारक स्मार्ट कार्ड के लिए मारे-मारे फिर रहे हैं।
जून माह में बंटी पेंशन पर सवालिया निशान लगाते हुए वार्ड नं. 14 के पार्षद विनोद बांसल ने बताया कि जानकारी मिली है कि इस दौरान पेंशनरों को कम पेंशन दी गई और अधिक पेंशन पर अंगूठे लगवा लिए गए। जिसके चलते अब लोगों को दो या तीन माह की पेंशन दी जा रही है। वो भी बिना ब्याज के। वहीं फिनो कंपनी के कर्मचारी स्मार्ट कार्ड के लिए फोटोग्राफी करते समय लापरवाह रहे। जिसका नतीजा है कि शहर के करीब 455 लोग अब भी फोटोग्राफी के लिए भटक रहे हैं। वहीं बाद में चिन्हित हुए करीब 200 लोगों को अभी तक एक माह की पेंशन भी नसीब नहीं हुई है। बांसल के अनुसार घोटाले रोकने के लिए बनाई गई योजना में निजी बैंक घोटाला करते हुए प्रतीत हो रहे हैं और दोष सरकार पर लग रहा है।
फिनो कंपनी के जिला कोर्डिनेटर सुरेन्द्र कुमार ने बताया कि जून माह में कंपनी के पानीपत, सोनीपत तथा भिवानी से आए कर्मचारियों ने पेंशन वितरण किया था। उस समय हुए वितरण में गड़बड़ी सामने आई है। कंपनी इस मामले की जांच कर रही है। दोष सिद्ध होने पर संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि स्मार्ट कार्ड के लिए फोटोग्राफी संबंधी अधिकतर कार्य पूरा किया जा चुका है। शेष रह गए कार्य को जल्द पूरा किया जाएगा।
एक्सीस बैंक सिरसा के पेंशन मैनेजर सुमित कुमार ने बताया कि शहर डबवाली के 3084 पेंशनरों की पहचान करके पेंशन बांटी जा रही है। लेकिन ब्याज राशि काटकर दी जा रही है। उनके अनुसार इस राशि को पेंशनर के एकाऊंट में ही रखा जाएगा। पेंशन से वंचित रह रहे लोगों को जल्द पेंशन बांटी जाएगी। उनके अनुसार इस बार सरकार ने अगस्त माह की पेंशन पुरानी प्रक्रिया के अनुसार बांटने का निर्णय लिया है। इस दौरान पता चल जाएगा कि कौन सा पेंशनर कब से पेंशन से वंचित चला आ रहा है।

अदालत ने डेरा पर दिया ऐतिहासिक फैसला



डबवाली (लहू की लौ) अतिरिक्त सिविल जर्ज (वरिष्ठ मण्डल) डॉ. अतुल मडिया की अदालत ने मंगलवार को गांव बनवाला के गीता भवन के संचालन के संबंध में एक एतिहासिक फैसला सुनाते हुए इसके संचालन का अधिकार वादी चिमन लाल उर्फ चिमन प्रकाश को सौंपने के आदेश वर्तमान संचालकों को दिए।
27-9-2006 को चिमन लाल पुत्र रामरक्ख पुत्र अर्जुन चेला, रामप्रताप उर्फ रमप्रकाश पुत्र रामरक्ख पुत्र अर्जुन (चेला बसंत दास) निवासी बनवाला ने अदालत में एक वाद दायर करते हुए कहा कि वह रामप्रताप उर्फ रामप्रकाश पुत्र रामरक्खा निवासी रामपुरा बिश्नोईयां का असल भाई था। रामप्रताप उर्फ रामप्रकाश अविवाहित था। साल 1970 में साधु बन गया और गांव पन्नीवाला रूलदू जिला सिरसा के संत बसंत दास की सेवा करने लगा। संत बसंत दास का बड़ा डेरा वही संभाला करता था। डेरा में रहते हुए उसका भाई रामप्रताप देसी दवाई दिया करता था। जिसके चलते वह संत और वैद्य के नाम से क्षेत्र में प्रसिद्ध हो गया। संत बसंत दास ने रामप्रताप उर्फ रामप्रकाश को उसकी सेवा देखते हुए उसे अपना चेला बना लिया। लेकिन गांव बनवाला के लोग रामप्रकाश को गांव बनवाला में ले गए। रामप्रताप ने गांव वासियों के अनुरोध पर 1980 में लोगों की भलाई के लिए वहां रहना शुरू कर दिया। गांव बनवाला की पंचायत ने 43 कैनाल 16 मरले भूमि रामप्रकाश को गीता भवन बनाने के लिए दी। लेकिन रामप्रकाश ने इस भूमि में से 10 कैनाल भूमि पर गीता भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया। गीता भवन पर रामप्रकाश ने देसी दवाईयों से प्राप्त आय को खर्च किया।
चिमन प्रकाश के अनुसार वह भी अविवाहित था। रामप्रकाश ने उससे कहा कि वह संत बन जाए और बिना स्वार्थ और बिना भेदभाव के लोगों की सहायता करे। जिस पर 1981 में संत रामप्रकाश ने उसे अपना चेला बना लिया और वह उसके साथ गांव बनवाला के डेरा में रहकर सेवा व संभाल करने लगा। 29 अप्रैल 2006 को संत रामप्रकाश की मौत हो गई। इसके बाद कुछ लोगों ने 29 मई 2006 को मुन्ना पुत्र ओमप्रकाश निवासी हम्मुसर (तहसील रतनगढ़) जिला चुरू हाल आबाद गीता भवन निवासी पन्नीवाला, अमरो पुत्री करतार सिंह निवासी लोको तहसील व जिला मोगा हाल आबाद गीता भवन, गांव बनवाला तहसील डबवाली, आनंद सिंह पुत्र सज्जन सिंह निवासी ओटू (रानियां) सिरसा को गीता भवन का संचालन संभाल दिया। जबकि ये लोग कभी भी संत रामप्रकाश के चेले नहीं थे और न ही उसकी सेवा व संभाल करते थे।
अदालत से वादी ने गुहार लगाई कि रामप्रकाश की अस्टीम कार, ट्रेक्टर और बीस बोर बंदूक का वारिस है और साथ में गीता भवन के संचालन तथा डेरा के संचालन का हकदार है। उसे उसका हक दिलाया जाए। अदालत के समक्ष वादी ने अपने सभी सबूत भी प्रस्तुत किए।
अदालत में मुन्ना ने स्वीकार किया कि संत रामप्रकाश को मुखाग्नि चिमन प्रकाश ने दी थी और वही उसकी सेवा करता था। 29-5-2006 को गांव की पंचायत ने उसे गीता भवन और डेरा का संचालन का कार्य सौंप दिया।
अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और दोनों पक्षों के वकीलों के तर्क-वितर्क सुनने के बाद निर्णय सुनाया कि रामप्रकाश का वारिस चिमन प्रकाश है और अस्टीम कार, बीस बोर की बंदूक का मालिक भी वह है तथा गीता भवन और डेरा के संचालन का हकदार भी है। अदालत ने प्रतिवादियों को आदेश दिए कि तीन माह के भीतर गीता भवन और डेरा का संचालन वादी चिमन प्रकाश को सौंप दे।
इस मामले में 37 पृष्ठों का एतिहासिक फैसला सुनाते हुए डॉ. अतुल मडिया, अतिरिक्त सिविज जज (वरिष्ठ मण्डल) की अदालत ने हिन्दू धर्म की पवित्र पुस्तक श्री मद्भागवत गीता के अध्याय 18 के श्लोक नं. 2 का उल्लेख करते हुए सन्यास के बारे में कहा कि ईष्ट की प्राप्ति और निष्ट की निवृत्ति के लिए जो कर्म किए जाते हैं, उनके त्याग करने का नाम सन्यास है। फल न चाहकर कत्र्तव्य-कर्मो को करते रहने का नाम त्याग है। इस सन्यास धर्म की पालना के कारण चिमन प्रकाश अपने गुरू संत रामप्रकाश का वारिस है।

आढ़तियों को पंजाब से ऑफर


डबवाली (लहू की लौ) मार्किट फीस में कटौती की मांग को लेकर प्रदेश का व्यापारी संघर्षरत है। सरकार उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रही। लेकिन पड़ौसी राज्य इस गोल्डन चांस को किसी भी कीमत पर हाथ से नहीं निकलने दे रहे। तीन राज्यों की त्रिवेणी डबवाली में बैठे व्यापारियों को पंजाब में बिजनेस सेट करने की ऑफर मिली है। वहीं व्यापारियों के साथ लेबर ने भी पंजाब के जिला श्री मुक्तसर साहिब की मण्डी किलियांवाली में जाने की इच्छा जता दी है। इधर इससे पूर्व ही किसान अपनी उपज लेकर पंजाब में दाखिल हो रहे हैं।
डबवाली में 150 आढ़ती, पांच जीनिंग मिल, पंद्रह ब्रोकर तथा पांच हजार मजदूर हैं। डबवाली क्षेत्र को कपास-नरमा के उत्पादन के मामले में जिला सिरसा का हार्ट कहा जाता है। सीजन शुरू होने से पूर्व ही व्यापारी मार्किट फीस में कमी की मांग को लेकर आंदोलन की राह पर चल रहे हैं। आढ़तियों की मांग है कि पड़ौसी राज्य पंजाब तथा राजस्थान में मार्किट फीस हरियाणा की तुलना में कम है। जिससे किसान को उसकी उपज का उचित भाव मिलने के साथ-साथ व्यापारी वर्ग पर भी अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता। लेकिन व्यापारियों की मांग सरकार के कानों तक नहीं पहुंच रही हैं। पड़ौसी राज्य पंजाब के मार्किटिंग बोर्ड के अधिकारियों ने इसे उचित अवसर समझते हुए डबवाली के व्यापारियों को पंजाब में व्यापार करने की ऑफर दी है। इस संबंधी साथ लगते जिला श्री मुक्तसर साहिब की मण्डी किलियांवाली के सुपरवाईजर की कॉल कच्चा आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरबिलास निरंकारी के पास आई है। मण्डी सुपरवाईजर ने हरियाणा के आढ़तियों को लाईसेंस लेने के साथ-साथ व्यापार करने की खुली अनुमति दी है।
कच्चा आढ़तिया एसोसिएशन के अध्यक्ष हरबिलास निरंकारी ने उपरोक्त पुष्टि करते हुए बताया कि मार्किटिंग बोर्ड, पंजाब के ऑफर पर व्यापारियों ने मंथन शुरू कर दिया है। उनके अनुसार काफी समय से हरियाणा का व्यापारी अपने उचित हकों के लिए लड़ाई लड़ रहा है। लेकिन प्रदेश की हुड्डा सरकार व्यापारी को दबाने पर तुली हुई है। पंजाब के ऑफर को व्यापारी गंभीरता से ले रहे हैं। इस मुद्दे पर सभी व्यापारी एकजुट हैं। अगर सरकार उनकी आवाज को इसी तरह कुचलती गई तो वे निश्चित तौर पर ही पंजाब में पलायन कर जाएंगे।
किसान बलदेव सिंह, सुखपाल सिंह, जगसीर सिंह ने बताया कि वे नरमा लेकर अनाज मण्डी में आए थे। लेकिन कोई व्यापारी उनका नरमा खरीदने को तैयार नहीं हुआ। इसके लिए उन्हें मजबूरन पंजाब का रूख करना पड़ा।
हरियाणा मण्डी मजदूर यूनियन की शाखा डबवाली के अध्यक्ष विक्की चोरा तथा सदस्य किशोरी लाल के अनुसार डबवाली का व्यापारी नरमा-कपास की खरीद नहीं कर रहा। जिसके चलते अनाज मण्डी में लेबर को कार्य नहीं मिल रहा। ऐसे हालातों में उनके पास पेट भरने के लिए  किलियांवाली की अनाज मण्डी में पलायन ही एक रास्ता है। वे जल्द ही यूनियन की बैठक बुलाकर इस बारे में निर्णय लेंगे।
मार्किट कमेटी डबवाली के सचिव चरण सिंह गिल ने कहा कि आढ़तियों को समझाने के प्रयास चल रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही मण्डी में कपास-नरमा की खरीद आरंभ होगी।

गंदे पेयजल पर हंगामा


डबवाली (लहू की लौ) गंदे पेयजल की आपूर्ति से गुस्साए शहर के छह वार्डों के लोगों ने सोमवार को पब्लिक हेल्थ कार्यालय पहुंचकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। गंदे पानी की भरी बोतलों को कार्यालय में बनी पेयजल टंकी में उडेल दिया। कर्मचारियों को बाहर निकालकर कार्यालय पर ताला जड़ दिया। एसडीई से दो दिन में व्यवस्था बदलने का आश्वासन पाने के बाद लोग शांत होकर घरों को वापिस लौटे।
पिछले काफी दिनों से शहर में गंदे पेयजल की आपूर्ति हो रही है। प्रशासन को बार-बार शिकायत करने के बावजूद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही। शहर के लोग 500 रूपए प्रति कैंटर के हिसाब से पानी लेकर पी रहे हैं। सोमवार को शहर के छह वार्डों के लोग अपने हाथों में गंदे पानी की बोतलें उठाए हुए पब्लिक हेल्थ कार्यालय के सामने आ खड़े हुए। ये लोग नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन करने लगे। महिलाओं ने जमकर पिट सियापा किया। आक्रोशित लोगों ने कर्मचारियों को बाहर निकालकर कार्यालय पर ताला डाल दिया और धरना देकर बैठ गए।
वार्ड नं. 9 के निवासी हनुमान दास, अर्जुन कुमार, डॉ. रामकुमार, राकेश, जसवंत राय, गिरीश मिढ़ा, बनारसी दास, बाबू राम, बाल मुकंद ने बताया कि पानी का एक कैंटर मुश्किल से पांच दिन निकालता है। यही नहीं गंदे पेयजल की वजह से लोग बीमार पड़ रहे हैं। क्षेत्र में बीमारी फैलने की आशंका बढ़ गई है। गंदे पानी की समस्या को लेकर वे कई बार कार्यालय के चक्कर काट चुके हैं। रजिस्टर में अक्सर अपनी शिकायत दर्ज करवाते हैं, लेकिन कोई कर्मचारी उनके क्षेत्र में नहीं जाता। ऊपर से रजिस्टर में कंप्लेंट अटैंड लिखकर कर्मचारी अपने कत्र्तव्य की इतिश्री कर रहे हैं।
वार्ड नं. 5 निवासी तारा चन्द, भोली महंत, मूर्ति देवी, कृष्णा, शिमला देवी, भतेरी देवी, वार्ड ं. 11 के निवासी हरदयाल मैहता, कुंदन लाल, वार्ड नं. 14 निवासी कांता रानी, गुड्डी, सुक्खनी, कमला देवी, रामप्यारी, वार्ड नं. 15 निवासी वेदप्रकाश, पप्पू, बिट्टू, सुरेश कुमार, वार्ड नं. 19 के पार्षद सुरेंद्र छिन्दा, जिले सिंह, साधु सिंह गिल, सुमित भारती, लाभ सिंह, भगत सिंह ने बताया कि वे कई दफा गंदे पेयजल की आपूर्ति तथा सीवरेज चॉक की शिकायत जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ-साथ प्रशासन तक पहुंचा चुके हैं। लेकिन आज तक किसी अधिकारी ने इस ओर जिम्मेवारी से कार्य नहीं किया।
मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने आक्रोशित लोगों को समझाने का बहुत प्रयास किया। लेकिन गुस्साए लोगों ने गंदे पानी से भरी बोतलें कार्यालय में लगे वाटर फिल्टर की टंकी में उड़ेल दीं। बाद में क्लर्क राय चन्द ने प्रदर्शन कर रहे लोगों की बात मोबाइल से एसडीई जेएस मोर से करवाई। मोर ने दो दिन के भीतर समस्या के हल का आश्वासन देकर आक्रोशित लोगों को शांत किया।
पब्लिक हेल्थ के कार्यकारी एसडीई जेएस मोर के अनुसार डबवाली में चल रही पेयजल दिक्कत के संदर्भ में उन्होंने एक्सीयन आरके शर्मा को अवगत करवा दिया है। मोर के अनुसार यह समस्या नहर बंदी के कारण सामने आई है। एक्सीयन ने नहरी विभाग पंजाब के अधिकारियों से बात की है। नहर में पानी पंजाब के रोपड़ से छोड़ दिया गया है। दो-तीन दिन में पानी आ जाएगा। उनके अनुसार पेयजल आपूर्ति में गंदा पानी कहां से मिक्स हो रहा है, ऐसे स्थानों को ट्रेस करके उसका हल किया जाएगा।

ऐसा सम्मान नहीं भूलेंगे मन्नु


डबवाली (लहू की लौ) पंजाब यूनिवर्सिटी की स्टूडेंट कौंसिल के नवनियुक्त अध्यक्ष पुष्पिंद्र शर्मा मन्नु का डबवाली पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। नगर की विभिन्न संस्थाओं ने रविवार रात को कम्युनिटी हाल में समारोह आयोजित करके उन्हें सम्मानित किया गया।
समारोह में सांसद डॉ. अशोक तंवर मुख्यातिथि के तौर पर शरीक हुए। जबकि अध्यक्षता सीएम के पूर्व ओएसडी डॉ. केवी सिंह ने की। इस मौके पर दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन के अध्यक्ष अजय चिकारा विशेष तौर पर उपस्थित हुए। समारोह का शुभारंभ गोपाल मंगल ने इतनी शक्ति हमें दे न दाता... के माध्यम से किया। नवप्रगति सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के विद्यार्थियों ने मंच पर जपुजी साहिब के बाद पंजाबी भाषा की वर्तमान दशा पर आधारित कोरियोग्राफी सोहने देश पंजाब तो मैं सदके जावां...प्रस्तुत की। गुरूनानक कॉलेज के छात्रों ने कोरियोग्राफी देस होया परदेस... के जरिए मौजूदा समय की सबसे गंभीर सामाजिक समस्या नशे पर चोट की। राजकीय महाविद्यालय की बीए तृतीय वर्ष के छात्र लवनीश मित्तल ने अपनी जादुई ट्रिक के जरिए लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया। सांसद अशोक तंवर द्वारा निकाले गए ताश के एक पत्ते को फोटोग्राफी कर रहे मनप्रीत सिंह की जेब से निकालकर सबको हैरत में डाल दिया। एनपीएस की छात्रा जपिंद्र गिन्नी तथा अंजना ने अपनी कविताओं के जरिए श्रोताओं का दिल जीत लिया।
सांसद डॉ. अशोक तंवर ने कहा कि देश की राजनीति में उत्तर भारत के युवा खासी भूमिका निभा रहे हैं। उत्तर भारत को मिनी इंडिया की संज्ञा देते हुए कहा कि हरियाणा के दो युवा देश की प्रमुख पंजाब यूनिवर्सिटी चण्डीगढ़ तथा दिल्ली यूनिवर्सिटी, दिल्ली की छात्र कौंसिल के अध्यक्ष हैं। जो दर्शाता है कि भविष्य में देश की राजनीति हरियाणा के युवाओं पर आधारित होगी। उन्होंने युवाओं को सक्रिय रूप से राजनीति में भाग लेने का आह्वान किया।
इस अवसर पर पंजाब यूनिवर्सिटी चण्डीगढ़ की स्टूडेंट कौंसिल के अध्यक्ष पुष्पिंद्र शर्मा मन्नु ने कहा कि जब भी वे इस क्षेत्र में आते हैं तो कॉलेज छात्रों को नशे की जद्द में पाते हैं। नशे के कारण इस क्षेत्र का एजूकेशन स्तर निरंतर गिर रहा है। नशे की बुराई सदा के लिए खत्म करने का वे प्रयास करेंगे।
दिल्ली यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष अजय चिकारा ने कहा कि भारत आज विश्व शक्ति बनने की ओर अग्रसर है। लेकिन इसकी नींव बना युवा वर्ग नशे की वजह से खोखला हो रहा है। माता-पिता अपने थोड़े से प्रयास से अपने बच्चे के साथ-साथ देश को बचाने में अग्रणी साबित हो सकते हैं।
संस्थाओं ने किया सम्मानित
मन्नु को सीनियर सिटीजन वेल्फेयर एसोसिएशन, आर्य समाज, जगदम्बा वेल्फेयर क्लब, स्वर्णकार संघ, ऑल इंडिया वेश्य फेडरेशन, क्लॉथ मर्चेंट एसोसिएशन, सतगुरू राम सिंह जल सेवा समिति, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन, कच्चा आढ़तिया एसोसिएशन, बार एसोसिएशन, लॉयंस क्लब सुप्रीम, लायन क्लब अक्स, हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल, युवा हरियाणा प्रदेश व्यापार मण्डल, ब्राह्मण सभा, अग्रवाल सभा, शू एण्ड जनरल मर्चेंट एसोसिएशन, केमिस्ट एसोसिएशन, वरच्युस क्लब इंडिया, स्टूडेंट ऑफ डिग्री कॉलेज ने सम्मानित किया। मंच का संचालन वेद भारती ने बखूबी किया। इस मौके पर डॉ. आरएस अग्निहोत्री, संदीप चौधरी एडवोकेट रणजीत सिंह, इन्द्रजीत सिंह, केशव शर्मा, पार्षद विनोद बांसल, जगदीप सूर्या, प्रवीण सिंगला नीटा, सुदर्शन मित्तल, तेलू राम बांसल, प्रविंद्र अरोड़ा, गुरूनानक कॉलेज किलियांवाली की प्राचार्या डॉ. इंदिरा अरोड़ा, राजेश हाकू, जितेंद्र खैरा, पवन गर्ग, इन्द्र जैन, जगसीर मिठड़ी, मनवीर मान, विजय सहारण, विक्की बांसल, पवन  उदानियां उपस्थित थे।

फर्जी रिकॉर्ड के जरिए बना नंबरदार


डबवाली कोर्ट के आदेश पर मामला दर्ज, चौटाला पुलिस करेगी जांच
डबवाली (लहू की लौ) थाना सदर पुलिस ने उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी डबवाली की अदालत के आदेश पर पटवारी से मिल कर धोखादेही से नम्बरदार बनने के आरोप में गांव सुखेराखेड़ा के एक व्यक्ति तथा संबंधित पटवारी के खिलाफ धारा 420/467/468/471 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके जांच का काम एएसआई सतपाल सिंह को सौंप दिया है।
गांव सुखेराखेड़ा के कृष्ण लाल पुत्र गोमाराम ने रमेश कुमार पुत्र शंकर दास पुत्र तीर्थ दास निवासी मकान नम्बर 277, वार्ड नं. 12 कलोनी रोड़, मंडी डबवाली तथा दलीप सिंह माल पटवारी हल्का सुखेराखेड़ा के खिलाफ अदालत में याचिका दायर करके अदालत से कहा कि गांव सुखेराखेड़ा तहसील डबवाली जिला सिरसा में सामान्य वर्ग का नम्बरदार नियुक्त करने के लिए तहसीलदार डबवाली ने सुखेराखेड़ा का स्थाई निवासी होने के आवदेन पत्र मांगे थे। उसने सुखेराखेड़ा का स्थाई निवासी होने के कारण गांव सुखेराखेड़ा का सामान्य वर्ग का नम्बरदार बनने के लिए  आवेदन पत्र दिया था। आरोपी रमेश कुमार  ने भी गांव सुखेराखेड़ा का सामान्य  वर्ग का नम्बरदार बनने के लिए आवेदन पत्र दिया। आरोपी ने माल पटवारी हल्का सुखेराखेड़ा से मिलकर खुद को लाभ पहुंचाने के लिए जानबूझकर डबवाली के स्थाई निवासी होने का राशन कार्ड और गलत तौर पर झूठा व फर्जी रिकार्ड तैयार कर, 15 साल से गांव सुखेराखेड़ा का स्थाई निवासी होने का हलफिया ब्यान देकर प्रमाण पत्र जारी करवा लिया।
याचिका में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रमेश कुमार की रिहायश कभी भी गांव सुखेराखेड़ा में नहीं रही है और न ही उसका गांव सुखेराखेड़ा में राशन कार्ड बना है। याची ने अपनी याचिका में यह भी आरोप लगाया है कि रमेश कुमार ने माल पटवारी से मिलकर अपनी जन्म तिथि 17-5-1951 होते हुए भी उसके स्थान पर अपनी जन्म तिथि 17-5-1953 दर्ज करवा कर रिपोर्ट तहसीलदार डबवाली  के पेश करवा दी। याची के अनुसार आरोपी ने 18-6-2009 को दो रिपोर्ट जारी करवा कर तहसीलदार डबवाली के पेश करवा दी, एक रिपोर्ट में रमेश की जायदाद 4 एकड़ व दूसरी रिपोर्ट में रमेश कुमार की जायदाद 6 एकड़ एक कनाल एक मरला दिखा रखी है।
शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी रमेश कुमार ने माल पटवारी दलीप सिंह से मिलकर खुद को आदेश दिनांक 12-8-2011 को आयुक्त हिसार मण्डल से गांव सुकेराखेड़ा का नम्बरदार नियुक्त करवा लिया है। जबकि दिनांक 12-10-2010 को तहसीलदार डबवाली ने उसको नम्बरदार नियुक्त करने की सिफारिश उपमण्डलाधिकारी नागरिक डबवाली को भेजी थी। लेकिन उपमण्डल अधिकारी नागरिक ने मिशल को रिमाण्ड करते हुए दोबारा समायत करके रिपोर्ट जारी करने का आदेश        दिया। जिस पर तहसीलदार डबवाली ने दोबारा मुद्दई के पक्ष में सामान्य वर्ग का नम्बरदार नियुक्त करने की सिफारिश की।
याची के अनुसार                        उपमण्डल  अधिकारी नागरिक डबवाली ने आरोपी रमेश कुमार  को नम्बरदार नियुक्त करने की सिफारिश करते हुए मिशल जिला  कलैक्टर सिरसा के पास भेज दी। जिला कलैक्टर ने मिशल को   तहसीलदार के रिमांड दिनांक  18-5-2011 को कर दिया। लेकिन रमेश कुमार ने जिला कलैक्टर के फैसला के खिलाफ  अपील आयुक्त हिसार मण्डल हिसार के कर दी। न्यायालय  एमपी बंसल आयुक्त हिसार मण्डल हिसार ने अपने फैसले में दिनांक 12.8.2011 के अनुसार रमेश कुमार आरोपी को गांव सुखेराखेड़ा का नम्बरदार नियुक्त कर दिया।
याची ने आरोप लगाया कि आरोपी रमेश कुमार, आरोपी दलीप कुमार के साथ साजबाज होकर व गलत तौर पर फर्जी व जाली रिकॉर्ड तैयार करके नंबरदार नियुक्त हुआ है। अदालत ने याची की याचिका पर सुनवाई करते हुए दफा 156 (3) आईपीसी के तहत केस को पुलिस को भेजकर आरोपियों के खिलाफ धोखादेही का केस दर्ज करके जांच करने के आदेश दिए हैं।
थाना सदर प्रभारी एसआई रतन सिंह ने बताया कि अदालत के आदेश पर मामला दर्ज करके जांच का कार्य चौटाला पुलिस चौकी के एएसआई सतपाल सिंह को सौंप दिया है।