युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

17 जनवरी 2011

दो युवकों को उम्र कैद

सिरसा। हत्या कर शव खुर्द-बुर्द करने के मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने दो युवकों को दोषी करार देते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई है। दोषियों को 10-10 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड की अदायगी न करने पर उन्हें चार-चार माह अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मामले के अनुसार मिठड़ी निवासी सुखदेव सिंह का अलीकां निवासी बलजिंद्र उर्फ बिंद्र पुत्र सीता सिंह व तरसेम उर्फ सेमी पुत्र गुलजार सिंह निवासी मत्तड़ ने 10 सितम्बर 2008 को अपहरण कर लिया था। दोनों ने मिलकर सुखदेव की हत्या कर दी। हत्या कर आरोपियों ने शव खुर्द-बुर्द करने की नीयत से एक माईनर में फैंक दिया। करीब 5 माह तक सुखदेव सिंह का कुछ पता नहीं चला। आखिरकार सुखदेव सिंह की पत्नी सुखजीत कौर ने थाना डबवाली में शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस को दी शिकायत में सुखजीत कौर ने आरोप लगाया था कि उक्त दोनों ने रंजिशन उसके पति की हत्या की। पैसों के पीछे हत्या उक्त दोनों ने घटना को अंजाम दिया। शिकायत के अनुसार 7 सितम्बर 2008 को उक्त लोगों ने उसके पति से 5 हजार रुपये उधर मांगे थे। सुखदेव सिंह ने राशि देने से इंकार कर दिया। इसी बात को लेकर उक्त दोनों उसके पति से रंजिश रखने लगे। शिकायत में बताया गया था कि बलजिंद्र व तरसेम ने 10 सितम्बर को उसके पति का ट्रैक्टर भी छीन लिया था। तदोपरांत उक्त दोनों ने सुखदेव की हत्या कर तथ्य छुपाने के लिए ट्रैक्टर सिरसा की जेजे कॉलोनी स्थित पुलिस चौकी में छोड़ कर फरार हो गए थे। सुखजीत कौर की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए उक्त दोनों को 22 मार्च 2009 को धरदबोचा। पुलिस रिमांड के दौरान उक्त दोनों ने सुखदेव की हत्या किया जाना कबूल कर लिया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त रॉड व अन्य सामान्य बरामद कर लिया। पुलिस ने दोनों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिंता की धारा 364, 302, 201, 404 व 34 के तहत अभियोग दर्ज कर चालान न्यायालय में पेश किया। दो वर्ष तक चली कार्रवाई के उपरांत जिला एवं सत्र न्यायाधीश डा. शिव शर्मा की अदालत ने उक्त दोनों को हत्या का दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

कोई टिप्पणी नहीं: