युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

31 जुलाई 2011

किलोमीटर लम्बी टेलीफोन केबल काटी


बीएसएनएल तथा पंजाब जनस्वास्थ्य विभाग में तनाव, मामला उच्च अधिकारियों के पाले में
डबवाली (लहू की लौ) केंद्र सरकार का बीएसएनएल तथा पंजाब सरकार का जनस्वास्थ्य विभाग सीवरेज पाईप डालते समय बीएसएनएल की तारें कटने पर आमने-सामने आ गए हैं। दोनों टकराव के मूड में हैं। बीएसएनएल के अधिकारियों ने पंजाब पुलिस पर सुनवाई न करने का आरोप लगाते हुए उच्च अधिकारियों को अवगत कराया है। इधर पंजाब पुलिस ने जांच करने का दावा करते हुए मामले में पंजाब जनस्वास्थ्य विभाग तथा संबंधित ठेकेदार को क्लीन चिट दे दी है।
जनस्वास्थ्य विभाग पंजाब गांव किलियांवाली से भाटी कलोनी तक एक किलोमीटर एरिया में सीवरेज डाल रहा है। इस कार्य का ठेका विभाग ने सर्वजीत सिंह सैनी नामक व्यक्ति को दिया हुआ है। बीएसएनएल डबवाली के कनिष्ठ अभियंता पवन अग्रवाल ने किलियांवाली पुलिस को दी शिकायत में कहा है कि गांव किलियांवाली के करीब 30 लैंडलाईन फोन एक्सचैंज से जुड़े हुए हैं। इसके लिए विभाग ने 50 पेयर की केबल लगभग एक किलोमीटर क्षेत्र में डाली हुई थी। लेकिन जनस्वास्थ्य विभाग के ठेकेदार के करिंदों ने लापरवाही बरतते हुए जेसीबी मशीन के जरिए केबल को काट दिया। जिससे गांव के सभी फोन डैड हैं।
बीएसएनएल उपमण्डल डबवाली के एसडीई मनमोहन शर्मा ने बताया कि 21 जून को दी शिकायत पर किलियांवाली पुलिस ने कोई गौर नहीं किया। जिसके चलते उन्होंने इसी हफ्ते एसएसपी श्री मुक्तसर साहिब को एक शिकायत भेजकर उपरोक्त मामले से अवगत करवाया। लेकिन पत्र के बदले किलियांवाली पुलिस ने उन्हें साफ तौर पर कह दिया है कि टेलीफोन की तारें जमीन में डली होने संबंधी ठेकेदार के कर्मचारियों को कोई जानकारी नहीं थी, जिसके कारण मशीन से तारें कट गई। इसमें ठेकेदार ने जानबूझकर ऐसा नहीं किया। एसडीई के अनुसार एक किलोमीटर तक जेसीबी तारें काटती रही, लेकिन किसी को मालूम नहीं हुआ कि तारें कट रही हैं, ऐसा कैसे हो सकता है? इससे बीएसएनएल को करीब डेढ़ लाख रूपए का नुक्सान हुआ है। उन्होंने उपरोक्त कार्रवाई की जानकारी अपने उच्च अधिकारियों को दी है।
इस संबंध में ठेकेदार सर्वजीत सिंह सैनी ने बताया कि कार्य आरंभ करते समय बीएसएनएल के अधिकारियों को अवगत करवाया गया था। लेकिन कोई कर्मचारी या अधिकारी मौका पर नहीं पहुंचा। दूसरा टेलीफोन की तार को सही तरीके से नहीं डाला गया। तार आड़ी-तिरछी डली हुई है। जिसके कारण जमीन में तार डली होने का पता नहीं चलता। इसमें उसके कर्मचारियों का कोई दोष नहीं है।
जनस्वास्थ्य विभाग पंजाब के एसडीई सुखदर्शन सिंह ने बताया कि गांव किलियांवाली से भाटी कलोनी तक करीब एक किलोमीटर लम्बी सीवरेज लाईन डाली जा रही है। टेलीफोन की केबल जिग-जेग (आड़ी-तिरछी) डली हुई थी। जिसके कारण निर्माण के दौरान जेसीबी से कुछ कट गई। लेकिन यह कार्य जानबूझकर नहीं किया गया।
किलियांवाली पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई जीत सिंह ने बताया कि बीएसएनएल डबवाली के जेई पवन अग्रवाल की शिकायत उनके पास आई थी। पुलिस ने मौका का निरीक्षण करने के बाद पाया कि ठेकेदार फर्म तथा पंजाब जनस्वास्थ्य विभाग ने जानबूझकर तार नहीं काटी है।
उधर बीएसएनएल डबवाली के अधिकारी इस मामले को काफी गंभीर मान रहे हैं। ठेकेदार पर पंजाब पुलिस द्वारा कोई कार्रवाई न किए जाने के कारण उन्होंने पुलिस, ठेकेदार तथा पंजाब जनस्वास्थ्य विभाग की शिकायत अपने उच्च अधिकारियों से की है।

डबवाली कोर्ट में महिला बेहोश


डबवाली (लहू की लौ) अदालत में पेशी भुगतने के लिए आई महिला बहस के दौरान बेहोश होकर गिर गई। जिसे सूचना पाकर पहुंचे चिकित्सकों ने अदालत में उसे प्राथमिक उपचार देकर अस्पताल पहुंचाया। महिला को करीब दो घंटे बाद होश आया।
कालांवाली निवासी बलवीर सिंह ने बताया कि उसकी दो बेटियां वीरपाल कौर तथा राज रानी हैं। दोनों ही विवाहिता हैं। उसकी 32 वर्षीय बेटी राज रानी की शादी 25 फरवरी 2008 को पंजाब के तलबंडी साबो के गुरबख्श सिंह के बेटे राजिंद्र सिंह के साथ हुई थी। बेटा न होने की वजह से उसकी जायदाद उनकी बेटियों के हिस्से में आती है। शादी के कुछ समय बाद ही राजिंद्र उसका घर जवाईं बनकर जायदाद हड़पने के सपने पालने लगा। अपने घिनौने सपने को पूरा करने के लिए वह अपने अनय पारिवारिक सदस्यों के साथ उसकी बेटी को मानसिक तथा शारीरिक रूप से प्रताडि़त करने लगा।
इस मामले को लेकर वे पुलिस में भी गए। लेकिन वहां उनकी कोई सुनवाई नहीं हुई। आखिर उन्होंने अगस्त 2009 को डबवाली अदालत का दरवाजा खटखटाकर राजिंद्र सिंह से 10 हजार रूपए प्रति माह के हिसाब से गुजारा-भत्ता दिलाए जाने की मांग की। शनिवार को मामले की तारीख थी। राजिंद्र भी अदालत में आया हुआ था। बलवीर सिंह के अनुसार उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी डॉ. अतुल मडिया की अदालत में बहस चल रही थी। बहस के दौरान तनाव में आकर उसकी बेटी सुबह करीब 10 बजे बेहोश हो गई।
अदालत में महिला के बेहोश हो जाने की सूचना पाकर राजकीय अस्पताल के कार्यकारी एसएमओ डॉ. एमके भादू तथा डॉ. सुखवंत सिंह मौका पर पहुंचे। उन्होंने महिला को प्राथमिक उपचार दिया। बेहोशी की हालत में महिला को तत्काल अस्पताल में लाया गया। वहां दो घंटे बाद महिला को होश आया।
होश में आने के बाद गांव दादू के राजकीय स्कूल में जेबीटी टीचर राज रानी ने बताया कि न्यायिक दण्डाधिकारी के सामने राजिंद्र बार-बार उसे अपने साथ लेजाने की बात कह रहा था। जिससे वह तनाव में आ गई और गिरकर बेहोश हो गई। वह राजिंद्र के साथ नहीं जाना चाहती। टीचर के अनुसार राजिंद्र कई बार गांव दादू में उसका रास्ता रोककर उसे धमकी दे चुका है। उसने अपने साथ हुए जुल्मों के बारे में जज साहेब को बता दिया है। जज साहेब ने उसे पुलिस सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया है।
चिकित्सक एमके भादू ने बताया कि महिला अत्याधिक तनाव तथा गर्मी की वजह से बेहोश हुई। महिला को कुछ दिन इलाज लेने की सलाह दी गई है।

शिवरात्रि के अवसर पर जागरण

बनवाला (जसवंत जाखड़) रामगढ़ में स्थित श्रीशिव मंदिर में शिवरात्रि के अवसर पर मंदिर के संचालक बाबा कृष्णनाथ की देखरेख में जागरण आयोजित किया गया। जागरण में ऐलनाबाद मनीराम एण्ड पार्टी ने श्रीगणेश वंदना आओ जी गजानंद मेह थाहने पुकारां, डमडम डमरू बाजे, भोला शंकर कांवडिय़ों के साथ मस्ती में नाचें और भोले भंडारी तेरी लीला न्यारी आदि भजन गाए। इस अवसर पर 24 घंटे का श्रीरामायण का अखंडपाठ भी रखा गया था जिसका भोग डाला गया। इसके उपरांत शनिवार की सुबह हवन यज्ञ आयोजित किया गया और फिर भंडारे में हलवे का प्रसाद वितरित किया गया जिसमें ग्यारह सौ से ज्यादा लोगों ने भंडारे में भाग लिया। इस अवसर पर महाराजा रणजीत सिंह युवा क्लब एवं युवा क्लब रामपुरा विश्रोईया के सदस्यों ने सेवा कार्य में भाग लिया। सेवादारों में सुशील कुमार, भीमसैन, कृष्ण कुमार, रमेश, विनोद, भाल सिंह, मालाराम, मास्टर फूल सिंह, रामप्रताप, पवन कुमार, बसीलाल और गोपीराम उपस्थित थे।

कार्यशाला में बालक के विकास पर हुई चर्चा


डबवाली (लहू की लौ) शहीद अशोक वढेरा सरस्वती विद्या मंदिर में आयोजित आचार्य प्रशिक्षण वर्ग के प्रशिक्षण शिविर का उद्घाटन हिन्दू शिक्षा समिति हरियाणा कार्यकारिणी सदस्य मदन लाल और प्राचार्य रणवीर सिंह ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्जवलित करके किया।
इस कार्यशाला में बालकों के सर्वांगीण विकास व शिक्षा में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने का संकल्प लिया। प्रशिक्षण शिविर में मुख्य विषय बालक के विकास में आचार्य व अभिभावक का दायित्व, हमारा बालक संस्कारित कैसे बने, बच्चे के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए योग ही सबसे अच्छा उपाय है। इस मौके पर प्राचार्य रणवीर सिंह ने कहा कि आज बालक, पालक व संचालक सबके एक साथ होने पर ही बालक का विकास किया जा सकता है। इस कार्यशाला में बिशनामल जैन सरस्वती विद्या मंदिर कालांवाली, लूना राम सरस्वती विद्या मंदिर गंगा के सभी आचार्यों ने भी भाग लिया। विद्यालय प्रबंधक समिति के प्रबंधक अमृतपाल ने कहा कि बच्चों के साथ प्रेमपूर्वक व्यवहार किया जाना चाहिए।

बलात्कार का आरोपी रिमांड पर


डबवाली (लहू की लौ) गांव चकरूलदू सिंह वाला में एक विवाहिता से बलात्कार करने के आरोपी व्यक्ति को संगत पुलिस ने शुक्रवार को गिरफ्तार कर शनिवार को बठिंडा अदालत में पेश करके एक दिन का पुलिस रिमांड ले लिया।
थाना संगत प्रभारी एसआई अमृतपाल सिंह ने बताया कि गांव चक्करूलदू सिंह वाला की राजेन्द्र कौर पत्नी गुरप्रीत सिंह ने शिकायत करके कहा था कि वह 27 जुलाई को घर पर अकेली थी, उसका पति माता के दर्शनों के लिए गया हुआ था जबकि उसका ससुर दिहाड़ी पर गया हुआ था। इसी दौरान उनके ही गांव का मलकीत सिंह उसके घर में घुसा और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 376/452 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके महिला का स्वैब लेकर जांच के प्रयोगशाला में भेज दिया है।

आश्वासन के बाद उखाड़े तंबू


कालांवाली (संजीव सिंगला) गांव कुरंगावाली में पिछले दो दिनों से चौबीस घंटे बिजली आपूर्ति को लेकर बिजली घर पर ग्रामीणों द्वारा लगाया गया ताला आज खोल दिया गया। ग्रामीणों से बातचीत करने के लिए दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम मण्डल डबवाली के अभियंता वीके रंजन, एचवीपीएनएल के एक्सीयन रूपेश खैरा, आरके जैन प्रोजेक्ट मैनेजर, वीके चौधरी एसडीओ कंस्ट्रक्शन, एमआर सचदेवा एक्सीयन कंस्ट्रक्शन, आरके कंबोज एक्सीयन सिविल, डीआर वर्मा एसडीओ कंस्ट्रक्शन मौका पर पहुंचे।
अधिकारियों ने गांव के सरपंच जसपाल सिंह से बातचीत की। ग्रामीणों की समस्या के समाधान के लिए दो एकड़ जमीन की मांग की, ताकि वहां पर 33केवी सबस्टेशन बनाकर चौबीस घंटे गांव को बिजली दी जा सके। पंचायत ने मौका पर ही प्रस्ताव पारित करके दो एकड़ जमीन निगम को देने की घोषणा की। अधिकारियों ने तुरंत एसई (ऑप्रेशन) आरके जैन सिरसा से बातचीत करके ग्रामीणों को आश्वासन दिलाया कि उनके गांव में सबस्टेशन बनते ही चौबीस घंटे बिजली की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी।

30 जुलाई 2011

इंतजार खत्म, मिलेगा टयूब्बैल कनेक्शन


डबवाली (लहू की लौ) लम्बे इंतजार के बाद हरियाणा सरकार के दरबार में राज्य के धरती पुत्रों की सुनी गई है। टयूब्बैल कनेक्शन के लिए लम्बित चली आ रही उनकी मांग पूरी हो गई है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के 40 हजार किसानों को टयूब्बैल देने की घोषणा के बाद जिला सिरसा के किसानों की बांछे भी खिल गई हैं। इन कनेक्शनों में जिला सिरसा के 4200 आवेदकों का नंबर लगना तय है। इसके लिए निगम ने जिला भर में डिमांड नोटिस जारी कर दिए हैं।
टयूब्बैल कनेक्शनों के लिए बिजली निगम द्वारा आखिरी बार  साल 2009 में डिमांड नोटिस जारी किए गए थे। दो सालों के लम्बे अंतराल के बाद हरियाणा सरकार ने पुन: प्रदेश के किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए टयूब्बैल कनेक्शन जारी करने का मन बनाया है। सरकार की घोषणा को अमलीजामा पहनाते हुए बिजली निगम ने इसके लिए डिमांड नोटिस जारी किए हैं। अकेले सिरसा जिला में 31 दिसंबर 2010 तक टयूब्बैल कनेक्शनों के लिए आए 4200 आवेदनों को ये नोटिस भेजे गए हैं। इनमें निगम के डबवाली मण्डल से संबंधित सब डिविजन डबवाली के 682, कालांवाली के 656 तथा चौटाला के 430 आवेदनकर्ता किसानों को फायदा होगा। निगम ने डिमांड नोटिस के बदले तीन माह के भीतर जवाबदेही मांगी है।
नोटिस के बदले किसान का जवाब मिलते ही निगम का अधिकारी साईट का निरीक्षण करेगा। इस प्रकार तीन माह तक डिमांड नोटिस का जवाब तथा निरीक्षण की रिपोर्ट जिला स्तर के अधिकारी तक भेजी जाएगी। योजना में खास बात यह है कि जिला स्तर पर ही टैण्डर जारी किए जाएंगे। ताकि तत्काल स्कीम के तहत किसानों को तत्काल ही कनेक्शन मुहैया करवाए जा सकें।
अपनी योजना के अनुसार बिजली निगम एक स्थान पर 100 केवी का ट्रांस्फार्मर रखेगा। इस ट्रांस्फार्मर से अगर तीन कनेक्शन जारी होते होंगे तो प्रति किसान को 30 हजार रूपए के साथ-साथ सात हजार रूपए प्रति स्पेम देना होगा। अगर उसी ट्रांस्फार्मर से तीन से अधिक कनेक्शन जारी होंगे तो प्रति किसान 20 हजार रूपए के साथ-साथ सात हजार रूपए प्रति स्पेम के हिसाब से निगम को देना होगा।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम मण्डल डबवाली के अभियंता वीके रंजन ने बताया कि टयूब्बैल कनेक्शन के लिए 31 दिसंबर 2010 तक जिन किसानों ने अप्लाई किया है, उन्हें ही डिमांड नोटिस जारी किए गए हैं। डबवाली मण्डल के 1768 किसानों को ये नोटिस भेजे गए हैं। नोटिसों पर तीन माह के भीतर कार्रवाई अमल में लाई जानी है।

गेट के सामने तम्बू गाड़कर मांगी बिजली


कालांवाली (संजीव सिंगला) गांव कुरंगावाली में नवनिर्मित 132केवी बिजली घर से गांव को विद्युत आपूर्ति न देने से गुस्साए ग्रामीणों ने गुरूवार को बिजलीघर के गेट पर ताला जड दिया। गेट के सामने तंबू गाड़कर धरने पर बैठ गए। निगम के खिलाफ नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। लम्बी जद्दोजहद के बाद शाम करीब 7 बजे निगम अधिकारियों से आश्वासन पाने के बाद उत्तेजित ग्रामीण शांत हुए और धरना समाप्त किया।
गांव के सरपंच प्रतिनिधि जसपाल सिंह, पूर्व सरपंच इकबाल सिंह, गुरमेल सिंह, गंडा सिंह, बुध सिंह, जंगीर सिंह, जगवंत सिंह, सुखपाल सिंह, राज सिंह, आसा राम, बाबू सिंह, जसपाल कौर, हरदेव कौर, जसविंद्र कौर के नेतृत्व में सैंकड़ों ग्रामीण बिजलीघर में जमा हो गए। ग्रामीणों ने बिजलीघर में चल रहे निर्माण कार्य को बंद करवाकर कर्मचारियों को बाहर निकाल दिया। गेट के आगे तम्बू गाड़कर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। धरने की सूचना पाकर कालांवाली के नायब तहसीलदार संजय चौधरी, थाना रोड़ी पुलिस प्रभारी कृष्णा यादव, बड़ागुढ़ा के थाना प्रभारी देवेंद्र नैन, राम चंद्र, राजेंद्र सिंह, सुरेंद्र भादू सहित मुख्यालय से भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। इसके अलावा दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के मण्डल अभियंता वीके रंजन, कालांवाली के एसडीओ पंकज गंडा, विनोद जेई तथा सिरसा से सहायक कार्यकारी अभियंता वीके चौधरी भी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया लेकिन ग्रामीण अपनी मांगों पर अडिग रहे और धरने पर बैठे रहे।
ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम पंचायत ने बिजली घर के निर्माण के लिए लाखों रूपए कीमत की 10 एकड़ भूमि निगम को उपलब्ध करवाई थी। उस समय निगम ने गांव को उपरोक्त बिजलीघर से 24 घंटे बिजली देने का वायदा पंचायत से किया था। साथ में गांव के 10 युवकों को नौकरी देने का भी आश्वासन दिया था। इस बिजलीघर का निर्माण अंतिम पड़ाव पर है। लेकिन निगम के अधिकारी पंचायत के साथ किए गए वायदों से पीछे हट रहे हैं। निगम के अधिकारी अब उनके गांव को विद्युत आपूर्ति गांव सुखचैन में निर्माणाधीन 33 केवी बिजली घर से करने की बात कह रहे हैं।
 इस संबंध में कार्यकारी अभियंता वीके रंजन ने बताया कि बिजलीघर से केवल सबस्टेशन को ही सप्लाई दी जा सकती है, इसके अलावा इस सबस्टेशन के माध्यम से सीधे तौर पर किसी भी गांव को बिजली मुहैया करवाने का प्रवधान नही है। गांव वासियों की मांग को देखते हुए जल्दी ही किसी नजदीकी सब स्टेशन से सप्लाई देने के लिए विभाग को लिखा जाएगा।

सड़क रोककर मांगी बस


पांच किलोमीटर पैदल जाते हैं पढ़ाई करने, जाम के दौरान बस को जलाने का प्रयास
बनवाला (जसवंत जाखड़) हरियाणा सरकार भले ही ग्रामीण आंचल में शिक्षा देने के कसीदे गढ़ रही हो, लेकिन हकीकत है कि शिक्षा के लिए आज भी ग्रामीण आंचल के बच्चे कई किलोमीटर पैदल यात्रा कर रहे हैं। बनवाला से पांच किलोमीटर पैदल चलकर रिसालियाखेड़ा जाने वाले स्कूली विद्यार्थियों ने बस की मांग को लेकर शुक्रवार को हाथों में मिट्टी तेल की बोतलें और पत्थर लेकर सिरसा-संगरिया मार्ग जाम कर दिया। संगरिया से सिरसा जा रही हरियाणा रोड़वेज की बस को जलाने का भी प्रयास किया। चार घंटे बाद मौका पर पहुंचे रोड़वेज के टीएम से बस शुरू होने का आश्वासन पाने के बाद विद्यार्थी सड़क से हटे।
गांव बनवाला की 30 लड़कियां तथा 25 लड़के गांव से करीब पांच किलोमीटर दूर स्थित गांव रिसालियाखेड़ा के सरकारी स्कूल में 11वीं तथा 12वीं में पढ़ते हैं। इन 55 विद्यार्थियों को पैदल रिसालियाखेड़ा जाना पड़ता है। स्कूल में पहुंचने से कुछ मिनट लेट होने पर इन्हें बाहर निकाल दिया जाता है। क्लास अटेंड न होने से उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसी वजह से आज इन छात्र-छात्राओं ने सुबह करीब सात बजे गांव बनवाला के प्रथम बस अड्डा के समीप तथा गीता भवन के निकट दो अलग-अलग जगहों पर जाम लगाकर सिरसा-संगरिया मार्ग अवरूद्ध कर दिया। जिससे वाहनों की लम्बी कतारें लग गई।
इसी दौरान करीब 7.30 बजे संगरिया से आई हरियाणा रोड़वेज की एक बस को विद्यार्थियों ने घेर लिया।  विद्यार्थियों के हाथों में मिट्टी तेल की बोतलें तथा पत्थर पकड़े हुए देखकर बस के चालक तथा परिचालक ने खचाखच भरी बस को खाली करवा दिया। बस पर मिट्टी तेल छिड़कर कर आग लगाई जाती इससे पूर्व ही मौका पर गांव के सरपंच भरत सिंह डुडी तथा गांव के लूना राम, सरवन कुमार, टेकचंद, काशी राम, भूप सिंह, महावीर सिंह, प्रभु राम, ललित कुमार, मोहन लाल आ गए। उन्होंने विद्यार्थियों को ऐसा करने से रोक लिया। सरपंच ने तनावपूर्ण स्थिति की जानकारी तुरंत एसडीएम डबवाली डॉ. मुनीश नागपाल को दी। एसडीएम के आदेश पर रोड़वेज के टीएम महावीर प्रसाद तथा थाना औढ़ां के प्रभारी हवा सिंह मौका पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों को आश्वासन दिया कि सोमवार से इस रूट पर बस शुरू कर दी जाएगी। आश्वासन मिलने के बाद 11 बजे स्टूडेंट सड़क से हटे।
स्टूडेंट अनिता, सुमन, रेखा, माया, कोमल, कमलेश, कांता, किरण, पूनम देवी, सुरेंद्र, विक्रम, विकास, राजेंद्र, संदीप, पृथ्वी राज, हरपाल ने बताया कि वे शिक्षा प्राप्ति के लिए हर रोज पांच किलोमीटर पैदल चलकर गांव रिसालियाखेड़ा जाते हैं। जिसके लिए उन्हें सुबह करीब 5.30 बजे घर से निकलना पड़ता है। समय पर न पहुंचने के कारण उनकी गैरहाजिरी लगती है, साथ में उन्हें कक्षा में भी बैठने नहीं दिया जाता। इन परेशानियों से गुजरने के बाद अपने भविष्य को ध्यान में रखते हुए मजबूरी में उन्हें यह कदम उठाना पड़ा। विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि अगर सोमवार से इस रूट पर बस शुरू नहीं की जाती, तो वे लोग पुन: मार्ग अवरूद्ध कर देंगे।
एसडीएम डबवाली डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि उन्हें उपरोक्त स्थिति की जानकारी मिली थी। रोड़वेज के टीएम महावीर प्रसाद को मौका पर भेजा था। उनसे आश्वासन मिलने के बाद विद्यार्थियों ने जाम खोल दिया। उनके अनुसार बनवाला-रिसालियाखेड़ा के बीच सोमवार से रोड़वेज की बस सेवा बहाल कर दी जाएगी।

29 जुलाई 2011

जेल में बना ट्रांस्फार्मर चोर गैंग


डबवाली (लहू की लौ) छोटे-छोटे अपराधों में जेल जाने वाले बहुत कम लोग सुधरते हैं। जेलों में ही इन ये लोग बंद शातिर अपराधियों से अपराध का क ख ग सीखते हैं। बाहर आने के बाद एशो आराम की जिन्दगी जीने के लिए अपने उस्तादों के साथ मिलकर बड़ी वारदातों को अंजाम देते हैं।
यह खुलासा पुलिस के समक्ष ट्रांस्फार्मर चोरी में पकड़े गए सिरसा के थेहड़ मोहल्ला निवासी पम्मा उर्फ पम्मी ने पूछताछ के दौरान किया है। थाना सदर पुलिस ने पम्मा को हाल ही में डबवाली क्षेत्र में ट्रांस्फार्मर चोरी की घटनाओं में काबू किया था। दो दिन का पुलिस रिमांड लेकर पम्मा से जब पूछताछ की तो उसने अपने अपराधी बनने का नुस्खा पुलिस के समक्ष खोल दिया। जिसे सुनकर पुलिस भी हैरत में पड़ गई। पम्मा ने पुलिस को बताया कि वह एक निजी स्कूल की बस चलाया करता था। करीब पांच साल पूर्व उससे एक सड़क दुर्घटना हो गई। जिसमें एक व्यक्ति की मौत हुई। इसी मामले में उसे सिरसा जेल में जाना पड़ा। वहां उसकी मुलाकात ट्रांस्फार्मर चोरी में पहले से बंद बेअंत सिंह निवासी भाटी कालोनी, किलियांवाली, नोनिहाल सिंह सकताखेड़ा, जसकरण उर्फ जानी खुड्डियां गुलाब सिंहवाला से हुई। इन लोगों ने उसे बताया कि किस प्रकार वे दिनों में ही अमीर बनकर अपनी किस्मत का दरवाजा खोल सकता है। संयोग से जेल में ही जसकरण उर्फ जानी की मां उसकी घरवाली की मौसी निकल गई। जिससे जेल से बाहर आने के बाद उनका एक-दूसरे के घर में आना-जाना शुरू हो गया। इन लोगों ने जेल से बाहर आने के बाद जल्द अमीर बनने के लिए अपना गिरोह तैयार किया।
पम्मा के अनुसार उन्होंने चारों ने मिलकर जिला बठिंडा, श्री मुक्तसर साहिब तथा हरियाणा के जिला सिरसा में ट्रांस्फार्मर चोरी की घटनाओं को अंजाम देना शुरू कर दिया। पांच माह तक ये लोग इक्ट्ठे रहे। आपस में बांटकर खूब चोरी की मलाई खाई। मलाई के बंटवारे को लेकर ही उनकी गैंग में दरार पड़ गई। इससे पूर्व वह गैंग में शामिल बिजली मैकेनिक जानी से ट्रांस्फार्मर चोरी का काम सीख चुका था। आपस में बिगडऩे के बाद उसने गैंग से किनारा कर लिया और अपनी पत्नी कर्मजीत कौर को साथ लेकर ट्रांस्फार्मर चोरी करना शुरू कर दिया। पम्मा ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ एक वर्ष से ट्रांस्फार्मर चोरी को अंजाम देता आ रहा है। अब तक वे दोनों पति-पत्नी जिला सिरसा में कई वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। जिसमें केवल थाना सदर डबवाली के अंतर्गत आने वाले 13 ट्रांस्फार्मरों को चुरा चुके हैं। पुलिस के समक्ष पम्मा ने स्वीकार किया कि वह 10 तथा 16 केवी के ट्रांस्फार्मर के चार नट खोल देता और उसे गिरा देता। बाकी का काम उसकी पत्नी करती। यदि मार्ग में उन्हें कोई मिल जाता तो वे स्वयं को पोस्ती बताकर निकल जाते।
थाना सदर प्रभारी एसआई रतन सिंह ने बताया कि दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी पम्मा से 13 ट्रांस्फार्मरों से चुराए गई 22 किलो कॉपर वायर बरामद हुई है। उसकी पत्नी कर्मजीत कौर की तालाश जारी है। गुरूवार को पम्मा को डबवाली की अदालत में पेश किया गया। चौटाला पुलिस की याचिका पर अदालत ने आरोपी को एक दिन के पुलिस रिमांड पर चौटाला पुलिस को सौंप दिया।

मुश्किल में फंसे डबवाली के बीडीपीओ


डबवाली (लहू की लौ) गांव मसीतां के स्टेडियम निर्माण में हुए घपले के मामले में फंसे बीडीपीओ डबवाली की मुश्किलें कम नहीं हुई है। बल्कि बढ़ती जा रही हैं। ग्राम पंचायत ने जांच रिपोर्टों के बाद अब इस मामले को पुलिस के सुपुर्द उठाते हुए बीडीपीओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
एसपी सिरसा को दी शिकायत में ग्राम पंचायत मसीतां के सरपंच शिवराज सिंह ने कहा है कि गांव में स्टेडियम के निर्माण के लिए सरकार ने 20 लाख से अधिक की अनुदान राशि स्वीकार की थी। जिससे स्टेडियम में हाल कमरा बनाया जाना था। सरकार ने पहली किश्त के रूप में इस अनुदान राशि मे ंसे 10 लाख 32 हजार रूपए की राशि बीडीपीओ डबवाली रामसिंह को भेजी थी। जिसमें से बीडीपीओ ने 3 लाख 74 हजार 333 रूपए निकालकर इस राशि से घटिया स्तर की जोडिय़ां खरीदी। इसकी जांच की मांग को लेकर उन्होंने उपायुक्त सिरसा को एक शिकायत दी थी।
उपायुक्त ने शिकायत की जांच करवाने का अधिकार उपमण्डलाधीश डबवाली डॉ. मुनीश नागपाल को देते हुए उसकी शिकायत को उपमण्डलाधीश के पास भेज दिया था। उपमण्डलाधीश के अनुरोध पर एसडीओ पंचायती राज ने जांच की। जिसमें 99703 रूपए निर्माण सामग्री पर बाजार मूल्य से अधिक खर्च पाए गए। इसी जांच रिपोर्ट को उपमण्डलाधीश डबवाली ने अपने पत्र क्रमांक 481, दिनांक 26.4.2011 को उपायुक्त सिरसा को भेज दिया।
सरपंच के अनुसार इसके बाद दूसरी बार उपायुक्त सिरसा ने एक्सीयन पीडब्ल्यूडी डिविजन नं. 1, सिरसा से इसकी जांच करवाई। एक्सीयन पीडब्ल्यूडी बीएण्डआर ने अपनी जांच रिपोर्ट में एक लाख एक हजार 247 रूपए की राशि का गबन पाया। एक्सीयन ने अपनी जांच रिपोर्ट को पत्र क्रमांक 2178, दिनांक 27 जून 2011 को उपायुक्त सिरसा को सौंप दिया।
सरपंच ने एसपी से पंचायत की ओर से अनुरोध किया है कि उपायुक्त सिरसा को दो अधिकारियों द्वारा भेजी गई जांच रिपोर्ट के बावजूद भी रामसिंह बीडीपीओ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हालांकि बीडीपीओ ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए पंचायत की राशि को निकाला तथा उसमें भी अनियमितता की। पंचायत ने एसपी से अनुरोध किया है कि बीडीपीओ के खिलाफ केस दर्ज करके गांव को न्याय दिलाया जाए तथा सरकार की राशि का दुरूपयोग करने वाले को अवश्यक सजा दिलाई जाए।
एसपी सतिंद्र गुप्ता ने उपरोक्त शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच के लिए ग्राम पंचायत मसीतां की शिकायत को थाना शहर डबवाली को भेजा गया है।

बिजली मांगने आए ग्रामीणों पर सरकारी संपत्ति के नुक्सान व सरकारी कार्य में बाधा डालने का मामला दर्ज


डबवाली (लहू की लौ) दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के गांव आसाखेड़ा में स्थित बिजलीघर में घुसकर बिजली कर्मचारियों से मारपीट करने, सरकार काम में बाधा डालने, तोडफ़ोड़ करने तथा जान से मारने की धमकी देने के आरोप में पुलिस ने पांच जनों को नामजद करते हुए करीब 20 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
बुधवार को उपमण्डल के गांव लोहगढ़, राजपुरा, जोतांवाली, अबूबशहर, सुकेराखेड़ा तथा चौटाला की सिक्खावाली ढाणी के ग्रामीण शैड्यूल अनुसार बिजली की आपूर्ति किए जाने की मांग को लेकर गांव आसाखेड़ा स्थित दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के 132केवी सबस्टेशन पर सैंकड़ों की संख्या में पहुंचे। ग्रामीणों का शैड्यूल अनुसार बिजली की आपूर्ति को लेकर सबस्टेशन पर तैनात कर्मचारियों और एसडीओ के साथ विवाद हो गया था। जिसके चलते गुस्से में आए ग्रामीणों ने कुछ कर्मचारियों की पिटाई कर दी और उन्हें एसडीओ सहित कार्यालय से बाहर निकालकर बिजलीघर को ताला जड़ दिया था।
पुलिस को दी शिकायत में आसाखेड़ा बिजली सबस्टेशन पर तैनात जीसीओ शशि मोहन ने कहा कि वह 27 जुलाई 2011 को सुबह 10.45 पर डयूटी दे रहा था। इसी समय गांव राजपुरा के आत्मा राम, मिल्खी राम, मनोहर लाल, बिट्टू, राजीव व अन्य दस-पंद्रह लोग सबस्टेशन के अंदर घुसे। उन लोगों ने अंदर घुसते ही चिल्लाना शुरू कर दिया कि लाईट बंद करो, सबस्टेशन से बाहर निकल जाओ। शिकायतकर्ता के अनुसार जैसे ही वह अपनी सीट से उठा तो इन लोगों ने उसके साथ मारपीट की और गाली-गलौच किया। सबस्टेशन की चाबी व ताला उससे छीन लिया, लाईट बंद कर दी और ताला जड़ दिया। इसके बाद उससे धक्का मुक्की करके सबस्टेशन से बाहर निकाल दिया। इन लोगों ने बिजली दफ्तर को भी ताला जड़ दिया और कर्मचारियों को बाहर निकालकर उनसे गाली-गलौज किया।
पुलिस को एएफएम राधेश्याम ने भी अपने ब्यान दर्ज करवाते हुए कहा कि जैसे ही उसने शोर सुना, उसी समय वह वहां आ गया। वहां पर एक लड़के ने उसका कालर पकड़ा और उससे गाली-गलौज किया। कर्मचारी सत्यवान और सुरेश कुमार ने बीच-बचाव करके उसे उन लोगों से मुक्त करवाया। इसके बाद वे लोग सभी कर्मचारियों और उपमण्डल अधिकारी को बाहर रोड़ पर ले गए और धूप में उन्हें यह कहते हुए बैठा दिया कि जब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं होता तब तक वे यहीं बैठे रहें। एएसए कमलदीप ने भी पुलिस में अपने ब्यान दर्ज करवाकर न्याय की गुहार लगाई है।
चौटाला पुलिस चौकी प्रभारी जीत सिंह कुंडू ने बताया कि शशि मोहन व अन्य कर्मचारियों के उपरोक्त ब्यानों के आधार पर गांव राजपुरा के आत्मा राम, मिल्खी राम, मनोहर लाल, बिट्टू, राजीव व अन्य दस-पंद्रह लोगों के खिलाफ दफा 332/353/186/427/147/149/506 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करके आरोपियों की तालाश शुरू कर दी गई है।

स्वतंत्रता दिवस की तैयारियां शुरू


डबवाली (लहू की लौ) तहसील सत्र पर भी डबवाली के खेल स्टेडियम में हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी स्वतंत्रता दिवस बड़ी धूमधाम व हर्षाेल्लास के साथ मनाया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह में प्रस्तुत किए जाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम की बड़े उमंग व उत्साह के साथ तैयारियां शुरू की जा रही है। इसी उपलक्ष्य में गुरूवार को उपमंडलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें उप पुलिस अधीक्षक, तहसीलदार, स्कूलों के प्राध्यापक व सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े अध्यापक व विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में उपमंडलाधीश डा. मुनीश नागपाल ने स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों के लिए सभी संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि समारोह में पुलिस दलों, एनसीसी तथा स्काऊटस की टुकडिय़ों द्वारा शानदार मार्च पास्ट की सलामी दी जाएगी। स्कूली बच्चों द्वारा पीटी शो का प्रर्दशन किया जाएगा। इन सभी कार्यक्रमों को बेहतर ढंग से करने के लिए 5, 10 व 12 अगस्त को खेल परिसर में रिहर्सल का आयोजन किया जाएगा।
उन्होंने यह भी बताया कि विभिन्न स्कूली बच्चों द्वारा सास्ंकृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। इन सांस्कृतिक कार्यक्रम में समूह गान, हरियाणावी, समूह नृत्य तथा विभिन्न प्रदेशों की संस्कृति दर्शाने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम शामिल किए जाएंगे। सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने वाली टीमों का चयन समिति द्वारा किया जाएगा। सांस्कृतिक टीमों का चयन करने से पूर्व विभिन्न स्कूलों की टीमों का प्रदर्शन देखा जाएगा। बेहतरीन व शानदार प्रस्तुति देने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम की टीमों का चयन किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता दिवस समारोह के उपलक्ष्य में शहर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाया जाएगा तथा विभिन्न चौकों और मार्गों को सजाया जाएगा।  स्वतंत्रता दिवस समारोह से पूर्व शहर की सफाई व्यवस्था को दुरूस्त किया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभिन्न सरकारी विभागों में कार्यरत उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों को सम्मानित भी किया जाएगा।

28 जुलाई 2011

मिठड़ी के पास कारें भिड़ी, तीन की मौत


डबवाली (लहू की लौ) एनएच 10 पर स्थित गांव मिठड़ी के पास दो कारों की आमने-सामने टक्कर में दम्पत्ति समेत तीन लोगों की मौत हो गई। जबकि एक महिला घायल हो गई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कारों के परखच्चे उड़ गए।
पंजाब के जिला श्री मुक्तसर साहिब के गांव भुटटीवाला निवासी मेवा सिंह अपनी पत्नी कर्मजीत कौर, गांव दोदा निवासी अपनी सास हरदीप कौर तथा साले गुरप्रीत सिंह के साथ अल्टो कार में कर्मजीत कौर की टांग के दर्द की दवा लेने के लिए सिरसा जा रहे थे। कार को गुरप्रीत सिंह चला रहा था। गांव मिठड़ी के पास अचानक सामने से आई एक इंडिका कार ने उनकी कार में टक्कर मार दी। जिससे गुरप्रीत की मौका पर ही मौत हो गई। सूचना पाकर मौका पर पहुंची पुलिस एम्बूलैंस के चालक सतीश ने घायल मेवा सिंह उसकी पत्नी कर्मजीत कौर तथा सास हरदीप कौर को डबवाली के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया।
घायल मेवा सिंह ने अस्पताल में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। जबकि कर्मजीत कौर की सिरसा लेजाते समय मौत हो गई। मृतक दम्पत्ति का एक 8 वर्षीय बेटा सरबजोत सिंह है। गुरप्रीत सिंह की शादी करीब सात माह पूर्व ही हुई थी।
थाना औढ़ां प्रभारी हीरा सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद इंडिका चालक फरार हो गया। जिसकी तालाश की जा रही है। फिलहाल दफा 174सीआरपीसी के तहत कार्रवाई करते हुए सिरसा के सामान्य अस्पताल से शवों का पोस्टमार्टम करने के बाद शवों को उनके वारिसों को सौंप दिया गया। घायल महिला हरदीप कौर के ब्यान पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।

बिजली के लिए कर्मियों से मारपीट


छह गांवों के लोगों ने बिजलीघर को ताला जड़ा, डबवाली-संगरिया मार्ग रखा जा                          डबवाली (लहू की लौ) बिजली न मिलने से गुस्साए छह गांवों के लोगों ने आसाखेड़ा बिजलीघर के कर्मचारियों को मारपीट करके बिजलीघर से बाहर निकाल दिया। सबस्टेशन से होने वाली बिजली आपूर्ति बंद कर दी। बिजलीघर पर ताला जड़कर कर्मचारियों को साथ लेकर डबवाली-संगरिया मार्ग जाम कर दिया। करीब दो घंटे तक मार्ग जाम रहने से दोनों ओर वाहनों की लम्बी कतारें लग गई। बिजली निगम के मण्डल अभियंता से बिजली मिलने का आश्वासन पाकर जाम खोला।
गांव लोहगढ़, राजपुरा, जोतांवाली, अबूबशहर तथा सुकेराखेड़ा, चौटाला की सिक्खवाली ढाणी के सैंकड़ों ग्रामीण बुधवार दोपहर करीब 12 बजे आसाखेड़ा स्थित बिजलीघर में आ धमके। कार्यालय में बैठे एसडीओ धीरज कुमार तथा अन्य कर्मचारियों को बाहर निकालकर कार्यालय पर ताला जड़ दिया। गुस्साई भीड़ सबस्टेशन में चली गई। सबस्टेशन के फोन को धरती पर पटक दिया। वहां बैठै जीएसओ शशि मोहन, एएलएम शीशपाल तथा एएलएम भीम सिंह से मारपीट करते हुए उन्हें सबस्टेशन से निकाल दिया। बिजली आपूर्ति ठप्प कर देने के बाद सबस्टेशन को ताला जड़ दिया। यह भीड़ कर्मचारियों को अपने साथ डबवाली-संगरिया मार्ग पर ले गई और मार्ग जाम कर दिया। सड़क पर सैंकड़ों की संख्या जमा ग्रामीणों ने बिजली निगम के खिलाफ नारेबाजी करके प्रदर्शन शुरू कर दिया। जाम की सूचना पाकर चौटाला पुलिस चौकी इंचार्ज जीत सिंह अपने दलबल के साथ मौका पर पहुंचे। उन्होंने जाम लगाए बैठे लोगों से सड़क से हटने का अनुरोध किया। लेकिन ग्रामीण टस से मस नहीं हुए। दोपहर बाद डेढ़ बजे दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम के मण्डल अभियंता वीके रंजन, एचपीपीएनएल के एक्सीयन रूपेश खैरा, एसडीई धीरज कुमार मौका पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें खूब खरी-खोटी सुनाई। बाद में उनके आश्वासन देने पर ग्रामीण सड़क मार्ग से हट गए और उनसे बातचीत करने के लिए बिजलीघर में जमा हो गए।
करीब सवा दो बजे तक चली बातचीत के दौरान मण्डल अभियंता ने ग्रामीणों को आश्वासन दिलाया कि उन्हें शैड्यूल अनुसार बिजली आपूर्ति होगी। जिसमें कोई बिजली कट नहीं होगा। शैड्यूल आज से ही बदला जाएगा। आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
ग्रामीण राजा राम, निरजा राम, विनोद, राजकुमार, कृष्ण, संजय, भुवनेश, रमेश, अश्विनी मैहता, भूपिंद्र सिंह, इकबाल सिंह, मालविंद्र सिंह, सुनील, आत्मप्रकाश, लालचंद, हीरा लाल, अर्जुन सिंह, गुरमीत सिंह ने बताया कि उनके गांवों को बिजली आपूर्ति करने के लिए निगम ने शैड्यूल बनाया हुआ है। लेकिन शैड्यूल के मुताबिक भी उन्हें बिजली नहीं दी जा रही। 24 घंटे के दौरान मुश्किल से दो घंटे बिजली मिलती है। इसमें भी एक घंटे के दौरान बीस बार कट लगता है।  ग्रामीणों के अनुसार आगामी दिनों में उन्हें शैड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिलती है, तो वे दोबारा बिजलीघर का घेराव करेंगे।
दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम मण्डल डबवाली के अभियंता वीके रंजन ने बताया कि उपरोक्त गांवों को होने वाली बिजली आपूर्ति का शैड्यूल बदला जा रहा है। ट्रिपिंग की समस्या को दूर करने के लिए पुरानी तारों को बदला जाएगा।  ग्रामीणों को बिना किसी रूकावट के शैड्यूल अनुसार बिजली दी जाएगी। बिजली कर्मचारियों से हुई मारपीट के बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करवा दिया गया है। अधिकारियों के निर्देश पर उचित कार्रवाई की जाएगी

जण्डवाला-गंगा मार्ग पांच घंटे जाम


डबवाली (लहू की लौ) डबवाली क्षेत्र में खेत और लोग दोनों ही प्यासे हैं। करीब चार माह से 700 रूपए प्रति टैंकर के हिसाब से प्रति दिन पानी मोल लेकर थक चुके तीन गांवों के ग्रामीणों ने बुधवार को पांच घंटे तक यातायात को जाम करके अपना रोष प्रकट किया। नायब तहसीलदार के आश्वासन के बाद ग्रामीण रोड़ से हटे।
गांव गंगा, जण्डवाला बिश्नोईयां तथा कालूआना के ग्रामीण पिछले चार माह से नहरी और पीने के पानी की दिक्कत झेल रहे हैं। नहरी पानी की कमी के चलते खेतों में बोई फसल प्यास से दम तोड़ रही है। वहीं पेयजल की आपूर्ति न होने से ग्रामीणों का तन भी पानी के लिए तड़प रहा है। गुस्साए ग्रामीणों ने सुबह करीब 11 बजे अपने वाहनों को आडा-तिरछा करके सड़क पर खड़ा कर दिया। जण्डवाला बिश्नोईयां-गंगा रोड़ पर स्थित हनुमान मंदिर के सामने धरना देकर सिंचाई विभाग के खिलाफ जबर्दस्त नारेबाजी करने लगे। सूचना पाकर मौका पर थाना सदर प्रभारी एसआई रतन सिंह अपने दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। लेकिन ग्रामीणों ने उनकी एक न सुनी। बाद में मौके पर आए नायब तहसीलदार हरिओम बिश्नोई ने मौजगढ़ हैड से माईनर में पानी छुड़वाकर ग्रामीणों को शांत कराया। ग्रामीणों ने करीब पांच घटे बाद जाम खोल दिया।
अखिल भारतीय किसान सभा के जिलाध्यक्ष प्रहलाद सिंह भारूखेड़ा, गांव जण्डवाला बिश्नोईयां के सरपंच मिट्ठू राम, भूप सिंह, पाला राम, विष्णु, महावीर सिंह, गंगा के किसान धर्मपाल, भूप सिंह, कालूआना के विजय कुमार, विनय कुमार, राजेंद्र भादू, कृष्ण कुमार ने बताया कि वे लोग भाखड़ा नहर के मौजगढ़ हैड से निकलने वाली जण्डवाला माईनर की टेल पर बसे हुए हैं। हैड से माईनर में करीब 2.20 गेज पानी छोड़ा जाता है, लेकिन इन दिनों मात्र 1.10 गेज से नीचे पानी छोड़ा जा रहा है। जोकि टेल पर नहीं पहुंचता। वे लोग इस बारे में सिंचाई विभाग को मौखिक तथा लिखित तौर पर शिकायत कर चुके हैं। लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। पीने का पानी कुछ लोग 8 किलोमीटर दूर बहती राजस्थान कैनाल से भरकर लाते हैं। जिनसे वे लोग 700 रूपए प्रति टैंकर के हिसाब से खरीदकर अपनी प्यास बुझाते हैं। अगर उनकी समस्या का सुचारू रूप से हल नहीं हुआ तो वे पुन: रोड़ जाम कर देंगे।
नायब तहसीलदार हरिओम बिश्नोई ने बताया कि माईनर में क्षमता से कम पानी छोड़ा जा रहा था, जिसे अब पूरा कर दिया गया है। ग्रामीणों को पीने के पानी की दिक्कत आ रही है। जो जल्द हल कर दी जाएगी।

एनएच पर चला पीला पंजा


डबवाली (लहू की लौ) गांव डबवाली में बुधवार को नगर योजनाकार का पीला पंजा चला। योजनाकार विभाग सिरसा ने नेशनल हाईवे नं. 10 पर स्थित दो दुकानों तथा एक निर्माणाधीन इमारत के निर्माण को अवैध करार देते हुए पीले पंजे से गिरवा दिया।
जिला नगर योजनाकार अरविंद्र ढुल आज अपने तीन कनिष्ठ अभियंताओं अरविंद कुमार, राज सिंह और हरिराम तथा पटवारी धनपत राय के साथ डबवाली के सिटी थाना में पहुंचे। यहां थाना प्रभारी महा सिंह से पुलिस सुरक्षा की मांग की। सुरक्षा मिलने पर गांव डबवाली में नेशनल हाईवे पर बनी दो दुकानों और एक निर्माणाधीन इमारत को गिराने की कार्यवाही आरंभ कर दी। पंद्रह मिनट में ही दो दुकानों और भवन की नींव को ध्वस्त कर मलबे में बदल दिया गया। जिला नगर योजनाकार अरविंद्र ढुल के अनुसार पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार अनरेगुलेटिड डिवेल्पमेंट एण्ड कंट्रोल एरिया 1963 के तहत सड़क से 30 मीटर क्षेत्र में निर्माण कार्य करने पर यह कार्यवाही की गई है।
डबवाली गांव में सिरसा रोड़ पर बनी दो दुकानों और निर्माणाधीन इमारत पर पीला पंजा चला। पीले पंजे की चपेट में आई इमारतों में एक दुकान और एक प्लाट अनीता रानी पत्नी नरेंद्र कुमार के नाम पर है, जबकि दूसरी दुकान भगवान दास पुत्र बाबू राम की है। जिला नगर योजनाकार ने बताया कि उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुसार 4 जनवरी 2009 के बाद ग्रीन बेल्ट में निर्माण कार्यों पर रोक लगाई हुई है।
सुरक्षा के थे व्यापक प्रबंध- जिला नगर योजनाकार द्वारा की गई कार्यवाही के दौरान सुरक्षा के व्यापक बंदोबस्त किये गये थे। अवैध निर्माण गिराने के लिए जिला नगर योजनाकार द्वारा मांगी गई सुरक्षा के बाद थाना शहर के प्रभारी निरीक्षक महा सिंह के नेतृत्व में भारी संख्या में पुलिस बल कार्यवाही स्थल पर तैनात था।

नशे के खिलाफ हल्ला बोल


डबवाली (लहू की लौ) श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा ने प्रदेश में नशों के हो रहे अवैध कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को डबवाली से हल्ला बोल मुहिम के पहले चरण का आगाज करते हुए सभा ने एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल को एक ज्ञापन सौंप कर मेडिकल स्टोरों पर बिक रही नशे की दवाईयों पर रोक लगाने की मांग की।
ज्ञापन सौंपने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा के प्रदेशाध्यक्ष सुखविंद्र सिंह खालसा ने बताया कि डबवाली में मेडिकल नशों को जिस प्रकार धड़ल्ले से दवाईयों की दुकानों पर बिक्री हो रही है, उससे कायदे कानूनों की धज्जियां तो उड़ ही रही है साथ में युवा भी अपने जीवन को नशे में बर्बाद कर रहे है। उन्होंने कहा कि नशों की लत को पूरा करने के लिए नौजवान को अपराधीकरण होता जा रहा है। बाईक चोरी, चैन स्नेचिंग तथा अन्य अपराधों का बढ़ता ग्राफ इसका प्रमाण है।
उन्होंने सरकार से इस पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर राजकीय चिकित्सकों को मेडिकल स्टोरों के खिलाफ कार्यवाही करने के अधिकार देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि काले शीशे और वीआईपी नंबरों वाली गाडिय़ां नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त हैं। प्रशासन और पुलिस इनकी जांच करने और इन पर कार्यवाही करने से गुरेज कर रहे है।
इस मौके पर जीटी रोड़ एसोसिएशन के गुलाब सिंह, डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के अध्यक्ष आरके नीना, श्री गुरुग्रंथ साहिब सत्कार सभा की डबवाली इकाई के प्रधान ठाना सिंह, प्रेम सिंह, कंवलजीत सिंह, साधु सिंह, वचित्र सिंह हाकूवाला सहित अन्य व्यक्ति मौजूद थे।

27 जुलाई 2011

मां के दूध पर भारी नशा


नशे के कारण दौला निवासी युवक की सगाई टूटी, बाद में नौकरी भी गई
डीडी गोयल (093567-22045)
डबवाली। पड़ौसी सूबे पंजाब में मां के दूध पर डबवाली शहर के मेडिकल स्टोरों पर मिल रही नशे की शीशी भारी पड़ रही है। विवाह के लिए सगाई होने के बावजूद नशे की शीशी रिश्ते तुड़वा रही है। यही नहीं नशे की यह शीशी नौकरी भी छुड़वा रही है। नौकरी जाने के बाद नशे में डूबे युवा नशे की तलब मिटाने के लिए चोर बनते जा रहे हैं।
मेडिकल नशा करने के लिए दो युवाओं ने जिला श्री मुक्तसर साहिब के नगर गिदड़बाहा के एक पार्क के पास खड़ा बाईक उड़ा लिया। बाईक को बेचने की मंशा से दोनों डबवाली आ गए। यहां आते-जाते बाईक को चैक कर रही सिटी पुलिस के हत्थे चढ़ गए। पुलिस ने युवाओं से बाईक संबंधी कागजात की मांग की। लेकिन वे लोग कागज नहीं दिखा पाए। युवाओं ने बताया कि ये बाईक चोरी का है। इसे बेचकर मिलने वाले पैसे से उन्होंने नशा खरीदना था। पुलिस ने दोनों को काबू कर लिया। दोनों ने अपनी पहचान अमरीक सिंह निवासी दौला (थाना गिदड़बाहा), गुरप्रीत सिंह निवासी कोटभाई (थाना कोटभाई) के रूप में करवाई। दोनों ही युवक ट्रक चालक हैं।
बाईक चोरी में पकड़ा गया 30 वर्षीय अमरीक सिंह चार बहनों का इकलौता भाई है। उसके पिता गुरचरण का निधन करीब पंद्रह साल पूर्व हो चुका है। 65 साल की विधवा माता सुरजीत कौर ने बड़े लाड़ प्यार से उसे पाला। लेकिन उसने अपनी मां के दूध का कर्ज नशे की शीशी में उतार दिया। सुरजीत कौर ने लोगों के घरों में काम करके अपनी चार बेटियों पाल कौर, कुलविंद्र कौर, कालों तथा जसविंद्र का विवाह किया।
चार बहनों का मंझला भाई अमरीक ट्रक चालक है। वह पिछले चार सालों से मेडिकल नशा कर रहा है। डेढ़ साल पूर्व उसकी सगाई पंजाब के फरीदकोट के एक गांव की युवती से हुई थी। विवाह की तारीख नजदीक थी। लेकिन नशे की वजह से लड़की वालों ने विवाह के ऐन मौके पर जवाब दे दिया। यहीं नहीं अन्य चार बहनों के विवाह में भी अमरीक के नशे ने रूकावट डाली।
अमरीक ने बताया कि चार साल पूर्व एक मित्र ने उसे नशे की शीशी पिला दी। उसके बाद वह मेडिकल नशे का आदि हो गया। नशा मुक्ति केंद्रों में भी वह गया। लेकिन नशा छूटने का नाम नहीं लेता। चार दिन शीशी न पीने से उसे दस्त लग जाते हैं। उनके क्षेत्र के करीब 300 युवा हर रोज नशा लेने के लिए डबवाली आ रहे हैं। वह ट्रक ड्राईवर है। नशे की वजह से ट्रक मालिक ने उसे नौकरी से निकाल दिया। उसके साथी गुरप्रीत सिंह को भी इसी वजह से नौकरी से निकाल दिया गया। सोमवार को उनके पास मात्र 110 रूपए थे। नशे की तलब पूरी करने के लिए उन्होंने गिदड़बाहा शहर में पार्क के बाहर खड़ा एक बाईक चोरी कर लिया।
गुरप्रीत भी अपने दोस्त अमरीक सिंह की राह पर चलते हुए मेडिकल नशे करने का आदि है।  वह विवाहित है और उसके एक बेटी है। दोनों बताते हैं कि यूं तो उन्हें बीडी का भी वैल नहीं, लेकिन शीशी के बगैर वे नहीं रह सकते।

बेलपुरी वाले को चाकू दिखाकर मोबाइल छीना


डबवाली (लहू की लौ) एकता नगरी में आर्य विद्या मंदिर स्कूल ब्रांच वाली गली में मंगलवार को दिनदिहाड़े बाईक सवार दो युवक बेलपुरी बेच रहे एक बच्चे को चाकू दिखाकर उसका मोबाइल उड़ा ले गए।
मण्डी किलियांवाली में बाल मंदिर स्कूल के पास रह रहा उत्तर प्रदेश का निवासी 11 वर्षीय गोलू आज दोपहर करीब 12.30 बजे एकता नगरी में बेलपुरी बेच रहा था। आर्य विद्या मंदिर स्कूल ब्रांच वाली गली में उसके पास एक बाईक पर सवार होकर दो युवक आए। युवकों ने उससे पांच रूपए की बेलपुरी ली और चले गए। युवक पुन: उसके पास आए और पांच रूपए की बेलपुरी लेकर चलते बने। तीसरी बाद दोबारा फिर युवक उसके पास आए और 500 रूपए छुट्टे मांगे। इंकार करने युवकों ने उसकी जेब में हाथ डाल लिया। जब 11 वर्षीय गोलू ने इसका विरोध किया तो युवकों ने उसके दो थप्पड़ रसीद कर दिए। गोलू ने बताया कि एक युवक ने उसकी बाजू मोड़ ली। दूसरे ने बेलपुरी के पास पड़ा चाकू उठा लिया। चाकू उसे दिखाते हुए मोबाइल मांगा। ऐसा न करने पर उसे मारने की धमकी दी। डर के कारण उसने अपना मोबाइल उन्हें दे दिया। बाद में युवक उसे धक्का देते वहीं गिराकर अपने बाईक पर फरार हो गए। घटना के तुरंत बाद गोलू ने शोर मचाया। उसका शोर सुनकर गली के लोग बाहर आ गए। लेकिन तब तक बाईक सवार फरार हो चुके थे। हालांकि गली वासियों ने बाईकर्स को भागते हुए देखा। गोलू के अनुसार युवक काले रंग की बाईक पर थे। बाईक चालक ने काले रंग की शर्ट तथा पीछे बैठे युवक ने ब्राऊन कलर की टी शर्ट पहनी हुई थी। पीछे बैठे युवक के चेहरे पर कट का निशान था।

।'सरकारी भाड़ाÓ दे रहा चोट


जोनल गेम्स हो जाते हैं 2500 रूपए में
डबवाली (लहू की लौ) जिला सिरसा में इन दिनों जोनल गेम्स करवाई जा रही हैं। जिसमें शिक्षा विभाग मेजबान स्कूल को 2500 रूपए की राशि चूना छिड़कने से लेकर टैण्ट और पानी की व्यवस्था के लिए देता है। इतनी कम राशि के चलते खेल मैदान स्तरीय रूप से तैयार नहीं होता, ऐसे में खेलें खिलाडिय़ों के लिए मजाक बन कर रह गई हैं। खिलाडिय़ों में उत्साह की अपेक्षा हीन भावना भर रही है।
शिक्षा विभाग की ओर से जिला में खेल मुकाबले करवाए जा रहे हैं। लेकिन जिन मैदानों पर ये मुकाबले हो रहे हैं, वे स्तर हीन है। कबड्डी हो या फिर खो-खो का खेल खिलाड़ी चोटिल हो रहे हैं। लेकिन इसके पीछे बड़ा कारण विभाग की ओर से स्कूल प्रबंधक को खेलों के लिए मिलने वाला भाड़ा है। खेल दो दिन चलें या फिर तीन दिन विभाग मात्र 2500 संबंधित स्कूल को खेलों के प्रबंधन के लिए उपलब्ध करवाता है। इन रूपयों से मैदान को खेलों के योग्य बनाना होता है। साथ में चूना से लेकर कुर्सी, स्टेशनरी, पानी, टैण्ट आदि की व्यवस्था करनी होती है। पिछले दिनों हुई लड़कों की जोनल गेम्स पर नजर दौड़ाई जाए तो अकेले खालसा स्कूल में करीब 500 बच्चों ने अपनी प्रतिभा प्रदर्शित की। आसमान से बरसती आग के बीच पानी ही उनका एकमात्र सहारा बना। लेकिन पानी का एक टैंक 400 से लेकर 500 के बीच है। एक दिन में पानी के तीन टैंक खप जाते हैं। दो दिनों में सरकारी भाड़े से ऊपर खर्च हो जाता है। ऐसे में युवा खिलाडिय़ों को खेल स्तरीय मैदान, टीम इंचार्ज को स्टेशनरी, प्रतियोगिताओं के लिए चूना  तथा गर्मी से बचने के लिए सिर पर टैण्ट मिलना मुश्किल है।
खिलाडिय़ों ने बताया कि खेल मैदान के चारों और टैण्ट की व्यवस्था होनी चाहिए। चूंकि प्रतियोगिता में भाग लेने आए खिलाडिय़ों को अपनी गेम के लिए लम्बा इंतजार करना पड़ता है। इतने समय में वह चिलचिलाती धूप से हार जाता है। दूसरा गेम का स्थान भी खेलने लायक नहीं होता।
खालसा स्कूल में चल रही जोनल गेम्स में खेल प्रभारी राजन कुमार ने बताया कि उनके मैदान में खिलाडिय़ों को कोई समस्या नहीं आ रही। शिक्षा विभाग की ओर से उपलब्ध करवाए जा रहे पैसे को ठीक ढंग से लगाया जा रहा है। खिलाडिय़ों को कोई दिक्कत न आए इसके लिए विद्यालय अपने स्तर पर भी कार्य करता है।
जोनल गेम्स डबवाली के ईओ भीम सिंह ने बताया कि सरकार की ओर से एक जोनल टूर्नामेंट करवाने पर 2500 रूपए दिए जाते हैं। इतनी राशि में दो दिन की गेम आसानी से हो जाती है। अगर कुछ ज्यादा हो जाए तो विद्यालय अपनी जेब से खर्च कर लेता है

सरहद के जवानों की रक्षा की दुआ


कारगिल के शहीदों को समर्पित शुरू हुई यात्रा, पंद्रह सदस्य शामिल
डबवाली (लहू की लौ) बारह बरस बाद भी देश की आवाम के जेहन में कारगिल युद्ध की याद ताजा है। अपने से अधिक ऊंचाई में खड़े दहशतगर्दों को वापिस सीमा रेखा के बाहर निकालकर खोई हुई चौकियों पर फिर से तिरंगा लहराकर भारतीय सेना के जवानों ने नामुमकिन को मुमकिन बना दिया था। मंगलवार को पूरे मुल्क में कारगिल विजय दिवस मनाया गया। पूरे ऑपरेशन में शहीद हुए करीब 550 सेना अधिकारियों तथा कर्मचारियों को याद किया गया। डबवाली की जनता भी इसमें पीछे नहीं रही।
दहशतगर्द मुल्क की सीमा की ओर आंख उठाने की हिम्मत न कर सके। देश की सरहद पर अपनी जान दांव पर लगाए खड़े भारतीय सेना के जवानों की सुरक्षा की दुआ मांगने के लिए शहर के पंद्रह नौजवानों का एक दल बाईस दिनों की धार्मिक यात्रा पर निकला है। जिसका नेतृत्व शहर के राकेश, संजय, सुनील तथा चांदिया कर रहे हैं। यात्रा के दौरान दल कहीं भी अन्न ग्रहण नहीं करेगा। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मंगलवार को भारतीय सेना जिंदाबाद का उद्घोष करते हुए साईकिलों पर यह दल यात्रा पर रवाना हुआ।
यात्रा पर रवाना होने से पूर्व दल के सदस्य राकेश ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों से देश आतंकवादियों के निशाने पर चल रहा है। देश की जनता महफूज रहे सरहदों पर भारतीय सेना के जवान तैनात हैं। लेकिन उनकी सुरक्षा भी जरूरी है। केवल भगवान ही उनकी सुरक्षा तथा सहायता कर सकता है। इसके लिए उन्होंने यात्रा पर जाने का मन बनाया। यात्रा के लिए कारगिल विजय दिवस को सबसे अच्छा दिन माना। इस दौरान वे माता नैना देवी, चिन्तापूर्णी, कांगड़ा, ज्वाला जी, चामुंडा देवी और श्री वैष्णों माता के दर्शन करके भारतीय सेना के जवानों की सलामति के लिए दुआ करेंगे। यात्रा करीब बाईस दिनों की होगी। मार्ग में वे कहीं भी अन्न ग्रहण नहीं करेंगे। केवल पानी पर ही आश्रित रहेंगे। उनकी यह यात्रा कारगिल के शहीदों को समर्पित है।

कुडिय़ां ने पाई कबड्डी


लड़कियों के जोनल मुकाबले शुरू
डबवाली (लहू की लौ) खालसा सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के प्रांगण में पुलिस सुरक्षा के बीच लड़कियों के जोनल खेल मुकाबले आरंभ हुए। जिसमें डबवाली जोन के 40 विद्यालयों की 400 छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह जानकारी देते हुए खेल प्रभारी राजन कुमार तथा सचिव गुरतेज सिंह प्रिंसीपल खालसा स्कूल ने बताया कि कबड्डी के अण्डर-14 में लम्बी ने बाहिया को 27-20 के अंतर से पराजित करके विजय पाई। जबकि अण्डर-17 में बाहिया और गिंदड़ा को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। अण्डर-19 में मसीतां और चक्कां संयुक्त विजेता घोषित किए गए। फुटबाल अण्डर-14 में खालसा स्कूल ने राजकीय कन्या विद्यालय डबवाली को 2-0 के अन्तर से हराकर धूल चटाई। जबकि अण्डर-17 में भी खालसा स्कूल विजेता रहा। अण्डर-19 में खालसा स्कूल ने एसकेएस मसीतां को 1-0 के अंतर से हराया। क्रिकेट अण्डर-14 में खालसा स्कूल विजेता रहा। जबकि अण्डर-17 में खालसा स्कूल ने बनी को तीन विकेट से हराया। अण्डर-19 में बनी ने खालसा स्कूल से बदला लेते हुए रोमांचक मैच में दो रनों से विजय हासिल की।
एथलीट मुकाबलों के अण्डर-19 के ट्रिपल जंप में पूजा अबूबशहर प्रथम, आशू मम्मडख़ेड़ा द्वितीय, अण्डर-17 में जसपाल कौर मम्मडख़ेड़ा प्रथम, सुमन अबूबशहर द्वितीय, डिस्कस थ्रो अण्डर-19 में पूनम तलवाड़ा खुर्द, आशू मम्मडख़ेड़ा द्वितीय, अण्डर-17 में वरिंद्र जीवननगर प्रथम, रूबी चक्कां द्वितीय, अण्डर-14 में मनदीप तलवाड़ाखुर्द प्रथम, प्रियंका बनी द्वितीय रहे। जेवलिंग थ्रो में अण्डर-19 में सुधा चौटाला प्रथम, सनमीत ऐलनाबाद द्वितीय, शॉटपुट अण्डर-19 में पूजा अबूबशहर प्रथम, कमलजीत कालूआना द्वितीय, अण्डर-17 में सिमरन ऐलनाबाद प्रथम, मंजू चक्कां द्वितीय, अण्डर-14 में मनदीप कौर तलवाड़ा खुर्द प्रथम, पूनम चौटाला द्वितीय रहे।
600 मी. दौड़ अण्डर-14 में विक्की बनी प्रथम, सुमन घोड़ांवाली द्वितीय, 800 मी. दौड़ अण्डर-19 में गोमती कालूआना प्रथम, सुखबीर कौर खालसा स्कूल द्वितीय, अण्डर-17 में मैना चक्कां प्रथम, नवदीप गंगा द्वितीय, 3000 मी. अण्डर-17 में सुमन बनी प्रथम, अनु बाला चक्कां द्वितीय, 5000 अण्डर-19 में एकता कालूआना प्रथम, रेणू बाला ऐलनाबाद द्वितीय रहे।
इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय रैफरी प्रवीण मम्मडख़ेड़ा, राधा डीपीई, पीटीआई गुरप्रीत, मनोज, सुदेश कुमार मसीतां विष्णुदत्त लम्बी, कालू राम गिंदड़ा, निर्मल सिंह तख्तमल, गुरतेज सिंह, वीरपाल कौर तारूआना, राधेराम कालूआना, जोगिंद्र असीर, सुरजीत सिंह प्रिंसीपल बनी, गुरमीत सिंह, कुलदीप सिंह डीपीई, उषा, मोनिका, हरप्रीत पीटीआई उपस्थित थे।
इससे पूर्व जोनल स्पर्धा के सचिव गुरतेज सिंह ने रविवार को लड़कों के जोनल मुकाबले के दौरान हुए बवाल के दृष्टिगत सिटी थाना प्रभारी से पुलिस सुरक्षा की मांग की। जिसके चलते खेल मैदान के इर्द-गिर्द पुलिस लगाई गई।

कुडिय़ां ने पाई कबड्डी


लड़कियों के जोनल मुकाबले शुरू
डबवाली (लहू की लौ) खालसा सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के प्रांगण में पुलिस सुरक्षा के बीच लड़कियों के जोनल खेल मुकाबले आरंभ हुए। जिसमें डबवाली जोन के 40 विद्यालयों की 400 छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह जानकारी देते हुए खेल प्रभारी राजन कुमार तथा सचिव गुरतेज सिंह प्रिंसीपल खालसा स्कूल ने बताया कि कबड्डी के अण्डर-14 में लम्बी ने बाहिया को 27-20 के अंतर से पराजित करके विजय पाई। जबकि अण्डर-17 में बाहिया और गिंदड़ा को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। अण्डर-19 में मसीतां और चक्कां संयुक्त विजेता घोषित किए गए। फुटबाल अण्डर-14 में खालसा स्कूल ने राजकीय कन्या विद्यालय डबवाली को 2-0 के अन्तर से हराकर धूल चटाई। जबकि अण्डर-17 में भी खालसा स्कूल विजेता रहा। अण्डर-19 में खालसा स्कूल ने एसकेएस मसीतां को 1-0 के अंतर से हराया। क्रिकेट अण्डर-14 में खालसा स्कूल विजेता रहा। जबकि अण्डर-17 में खालसा स्कूल ने बनी को तीन विकेट से हराया। अण्डर-19 में बनी ने खालसा स्कूल से बदला लेते हुए रोमांचक मैच में दो रनों से विजय हासिल की।
एथलीट मुकाबलों के अण्डर-19 के ट्रिपल जंप में पूजा अबूबशहर प्रथम, आशू मम्मडख़ेड़ा द्वितीय, अण्डर-17 में जसपाल कौर मम्मडख़ेड़ा प्रथम, सुमन अबूबशहर द्वितीय, डिस्कस थ्रो अण्डर-19 में पूनम तलवाड़ा खुर्द, आशू मम्मडख़ेड़ा द्वितीय, अण्डर-17 में वरिंद्र जीवननगर प्रथम, रूबी चक्कां द्वितीय, अण्डर-14 में मनदीप तलवाड़ाखुर्द प्रथम, प्रियंका बनी द्वितीय रहे। जेवलिंग थ्रो में अण्डर-19 में सुधा चौटाला प्रथम, सनमीत ऐलनाबाद द्वितीय, शॉटपुट अण्डर-19 में पूजा अबूबशहर प्रथम, कमलजीत कालूआना द्वितीय, अण्डर-17 में सिमरन ऐलनाबाद प्रथम, मंजू चक्कां द्वितीय, अण्डर-14 में मनदीप कौर तलवाड़ा खुर्द प्रथम, पूनम चौटाला द्वितीय रहे।
600 मी. दौड़ अण्डर-14 में विक्की बनी प्रथम, सुमन घोड़ांवाली द्वितीय, 800 मी. दौड़ अण्डर-19 में गोमती कालूआना प्रथम, सुखबीर कौर खालसा स्कूल द्वितीय, अण्डर-17 में मैना चक्कां प्रथम, नवदीप गंगा द्वितीय, 3000 मी. अण्डर-17 में सुमन बनी प्रथम, अनु बाला चक्कां द्वितीय, 5000 अण्डर-19 में एकता कालूआना प्रथम, रेणू बाला ऐलनाबाद द्वितीय रहे।
इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय रैफरी प्रवीण मम्मडख़ेड़ा, राधा डीपीई, पीटीआई गुरप्रीत, मनोज, सुदेश कुमार मसीतां विष्णुदत्त लम्बी, कालू राम गिंदड़ा, निर्मल सिंह तख्तमल, गुरतेज सिंह, वीरपाल कौर तारूआना, राधेराम कालूआना, जोगिंद्र असीर, सुरजीत सिंह प्रिंसीपल बनी, गुरमीत सिंह, कुलदीप सिंह डीपीई, उषा, मोनिका, हरप्रीत पीटीआई उपस्थित थे।
इससे पूर्व जोनल स्पर्धा के सचिव गुरतेज सिंह ने रविवार को लड़कों के जोनल मुकाबले के दौरान हुए बवाल के दृष्टिगत सिटी थाना प्रभारी से पुलिस सुरक्षा की मांग की। जिसके चलते खेल मैदान के इर्द-गिर्द पुलिस लगाई गई।

कुडिय़ां ने पाई कबड्डी


लड़कियों के जोनल मुकाबले शुरू
डबवाली (लहू की लौ) खालसा सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के प्रांगण में पुलिस सुरक्षा के बीच लड़कियों के जोनल खेल मुकाबले आरंभ हुए। जिसमें डबवाली जोन के 40 विद्यालयों की 400 छात्राओं ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह जानकारी देते हुए खेल प्रभारी राजन कुमार तथा सचिव गुरतेज सिंह प्रिंसीपल खालसा स्कूल ने बताया कि कबड्डी के अण्डर-14 में लम्बी ने बाहिया को 27-20 के अंतर से पराजित करके विजय पाई। जबकि अण्डर-17 में बाहिया और गिंदड़ा को संयुक्त विजेता घोषित किया गया। अण्डर-19 में मसीतां और चक्कां संयुक्त विजेता घोषित किए गए। फुटबाल अण्डर-14 में खालसा स्कूल ने राजकीय कन्या विद्यालय डबवाली को 2-0 के अन्तर से हराकर धूल चटाई। जबकि अण्डर-17 में भी खालसा स्कूल विजेता रहा। अण्डर-19 में खालसा स्कूल ने एसकेएस मसीतां को 1-0 के अंतर से हराया। क्रिकेट अण्डर-14 में खालसा स्कूल विजेता रहा। जबकि अण्डर-17 में खालसा स्कूल ने बनी को तीन विकेट से हराया। अण्डर-19 में बनी ने खालसा स्कूल से बदला लेते हुए रोमांचक मैच में दो रनों से विजय हासिल की।
एथलीट मुकाबलों के अण्डर-19 के ट्रिपल जंप में पूजा अबूबशहर प्रथम, आशू मम्मडख़ेड़ा द्वितीय, अण्डर-17 में जसपाल कौर मम्मडख़ेड़ा प्रथम, सुमन अबूबशहर द्वितीय, डिस्कस थ्रो अण्डर-19 में पूनम तलवाड़ा खुर्द, आशू मम्मडख़ेड़ा द्वितीय, अण्डर-17 में वरिंद्र जीवननगर प्रथम, रूबी चक्कां द्वितीय, अण्डर-14 में मनदीप तलवाड़ाखुर्द प्रथम, प्रियंका बनी द्वितीय रहे। जेवलिंग थ्रो में अण्डर-19 में सुधा चौटाला प्रथम, सनमीत ऐलनाबाद द्वितीय, शॉटपुट अण्डर-19 में पूजा अबूबशहर प्रथम, कमलजीत कालूआना द्वितीय, अण्डर-17 में सिमरन ऐलनाबाद प्रथम, मंजू चक्कां द्वितीय, अण्डर-14 में मनदीप कौर तलवाड़ा खुर्द प्रथम, पूनम चौटाला द्वितीय रहे।
600 मी. दौड़ अण्डर-14 में विक्की बनी प्रथम, सुमन घोड़ांवाली द्वितीय, 800 मी. दौड़ अण्डर-19 में गोमती कालूआना प्रथम, सुखबीर कौर खालसा स्कूल द्वितीय, अण्डर-17 में मैना चक्कां प्रथम, नवदीप गंगा द्वितीय, 3000 मी. अण्डर-17 में सुमन बनी प्रथम, अनु बाला चक्कां द्वितीय, 5000 अण्डर-19 में एकता कालूआना प्रथम, रेणू बाला ऐलनाबाद द्वितीय रहे।
इस मौके पर अंतर्राष्ट्रीय रैफरी प्रवीण मम्मडख़ेड़ा, राधा डीपीई, पीटीआई गुरप्रीत, मनोज, सुदेश कुमार मसीतां विष्णुदत्त लम्बी, कालू राम गिंदड़ा, निर्मल सिंह तख्तमल, गुरतेज सिंह, वीरपाल कौर तारूआना, राधेराम कालूआना, जोगिंद्र असीर, सुरजीत सिंह प्रिंसीपल बनी, गुरमीत सिंह, कुलदीप सिंह डीपीई, उषा, मोनिका, हरप्रीत पीटीआई उपस्थित थे।
इससे पूर्व जोनल स्पर्धा के सचिव गुरतेज सिंह ने रविवार को लड़कों के जोनल मुकाबले के दौरान हुए बवाल के दृष्टिगत सिटी थाना प्रभारी से पुलिस सुरक्षा की मांग की। जिसके चलते खेल मैदान के इर्द-गिर्द पुलिस लगाई गई।

राजस्थान में बिकते थे डबवाली से चोरी हुए बाईक


डबवाली (लहू की लौ) सिटी में चोरी होने वाले बाईक सीधे राजस्थान के नगर हनुमानगढ़ की सुरेशिया बस्ती में जाते थे। वहां बाईकों की बिकवाली होती। जोकि मात्र 2000 रूपए से शुरू होकर 10,000 रूपए तक होती। बाईक चोर गिरोह का मास्टरमाईंड डबवाली शहर के पुराना हनुमान मंदिर क्षेत्र में रहने वाला एक युवक है। उपरोक्त खुलासा पकड़े गए बाईक चोर गिरोह के सदस्य 23 वर्षीय राहुल पुत्र हुक्म चंद निवासी खनौरी मण्डी (संगरूर) हाल सुरेशिया बस्ती (हनुमानगढ़) ने पुलिस के समक्ष किया है। राहुल पेशे से चिनाई मिस्त्री है। वह पंजाब की खनौरी मण्डी का बाशिंदा है। लेकिन पिछले करीब साढ़े तीन बरसों से अपने चचेरे भाई मुकेश के पास हनुमानगढ़ में सुरेशिया बस्ती में रह रहा था।  मुकेश भी पेशे से चिनाई मिस्त्री है। यहीं उसकी मुलाकात उसके चचेरे भाई को चोरी के बाईक सप्लाई करने वाले डबवाली निवासी मुकेश से हुई। वह भी इस गिरोह का सदस्य बन गया। यह गिरोह बाईक चोरी करता और उसे आगे बेचता।
राहुल के अनुसार उसका चचेरा भाई मुकेश काफी लम्बे समय से डबवाली के मुकेश से चोरी के बाईक खरीद रहा है। डबवाली का मुकेश शहर से बाईक चोरी करके महज 1500 रूपए में उन्हें देता था। जिसे वे आगे मनमर्जी के दामों में बिना कागजात के सरका देते। उसके अनुसार चोरी के बाईक की वे 3000 से 10 हजार रूपए तक की कीमत वसूलते। उसका चचेरा भाई नोहरा भादरा में इन बाईकों को बेच देता।
उसने यह भी बताया कि मुकेश उनके घर में लगभग हर रोज आता-जाता था। चूंकि वह गांजा का नशा करने का शौकीन है। उनकी बस्ती में गांजा आसानी से मिल जाता। उसका चचेरा भाई जब भी मुकेश को फोन करता तो वह बाईक चोरी करके उसी दिन हनुमानगढ़ में उनकी बस्ती में आ जाता। राहुल ने यह भी बताया कि मुकेश हर समय अपने पास एक बैग रखता। जिसमें अलग-अलग बाईक की मास्टर की होती। मुकेश के पास मास्टर की का खजाना है। सिटी पुलिस ने राहुल को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी डॉ. अतुल मडिया की अदालत में पेश किया। अदालत ने आरोपी को पुलिस की याचिका पर दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजने के आदेश दिए। सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महा सिंह ने बताया कि रिमांड के दौरान इस गिरोह से डबवाली शहर में चोरी हुए बाईकों का एक बहुत बड़ा सुराग लग सकता है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपी से बाकी साथियों के ठिकानों का पता लगाने का प्रयास करेगी।

सरकार पर भड़के लोग स्कूल पहुंचे


डबवाली (लहू की लौ) जरूरतमंद विद्यार्थियों को सरकार द्वारा दिए जानी वाली छात्रवृत्ति, वर्दियां और साईकिल आज तक नहीं मिले। वे पिछले छह माह से इसके लिए अपने अध्यापकों के चक्कर काट रहे हैं। सोमवार को बच्चों के अभिभावकों का धैर्य जवाब दे गया। आक्रोशित अभिभावक कलोनी रोड़ पर स्थित राजकीय मिडिल स्कूल में जमा हो गए। मुख्याध्यापक को खूब खरी-खोटी सुनाकर अपना गुस्सा निकाला।
एससी, बीसी (ए) तथा बीपीएल कार्ड धारक परिवारों के बच्चों को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए सरकार ने मंथली एलाऊंस तथा वन टाईम एलाऊंस के नाम से दो योजनाएं क्रियान्वित की हुई हैं। जिस मकसद से इनको लागू किया गया था, वह मात्र कागजों में धूल फांक रहा है। सितंबर 2010 से स्कूलों में शिक्षा ग्रहण कर रहे उपरोक्त वर्गों के विद्यार्थियों के बैंक एकाऊंट में एक फूटी कोड़ी भी जमा नहीं हुई है। दूसरा दूर स्थित मोहल्लों से आने वाले बच्चों के साईकिल के लिए फार्म भरे होने के बावजूद भी उन्हें साईकिल मुहैया नहीं करवाई गई है। जिससे बच्चों के अभिभावकों में सरकार के प्रति रोष भड़क रहा है।
गुस्साए अभिभावक सोमवार को राजकीय मिडिल स्कूल में जमा हो गए। वहां मुख्याध्यापक सरदूल सिंह को खूब-खरी खोटी सुनाई। बच्चों के अभिभावक शीतल कुमार, गणेश कुमार, तुला राम, सर्वजीत सिंह, कृष्णा, बग्घा सिंह, मनदीप कौर, चरणजीत कौर, सुखप्रीत कौर ने बताया कि वे मेहनत-मजदूरी करके अपना तथा अपने परिवार का पेट पालते हैं। साल 2008 से चली आ रही उपरोक्त सरकारी योजनाओं का उनके बच्चे फायदा उठा रहे हैं। लेकिन साल 2010 के सितंबर माह से इन योजनाओं को ब्रेक लगे हुए हैं। जिससे उनके बच्चे वर्दी तथा स्टेशनरी को तरस रहे हैं। वे जब भी स्कूल में आते हैं तो मुख्याध्यापक उन्हें आश्वासन की टॉफी देकर वापिस लौटा देते हैं।
मुख्याध्यापक सरदूल सिंह ने बताया कि सितंबर 2010 से उपरोक्त योजनाओं के अंतर्गत उनके पास पैसे नहीं आए हैं। जब पैसे आ जाएंगे तो फोरी तौर पर बच्चों के बैंक एकाऊंटस में डलवा दिए जाएंगे। बच्चों को साईकिल देने के लिए उन्होंने डिमांड शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों के पास भेजी थी। लेकिन सर्वे होने के बावजूद भी साईकिल नहीं मिले। वे अपने उच्च अधिकारियों से इस बारे में अनुरोध करेंगे।

पति-पत्नी मिलकर करते थे चोरी


डबवाली क्षेत्र में हुई ट्रांस्फार्मर चोरी की वारदातों से उठा परदा
डबवाली (लहू की लौ) थाना सदर पुलिस ने बिजली के ट्रांस्फार्मर चोरी करके उसमें से तांबा निकालने वाले गिरोह के चौथे सदस्य को भी गिरफ्तार कर लिया है। जबकि इस गिरोह में शामिल एक महिला अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर है।
सदर पुलिस ने पिछले वर्ष ट्रांस्फार्मर चोरी में बेअंत सिंह निवासी भाटी कालोनी, किलियांवाली, नोनिहाल सिंह सकताखेड़ा, जसकरण उर्फ जानी खुड्डियां गुलाब सिंहवाला को गिरफ्तार किया था। लेकिन इनका चौथा साथी पम्मा उर्फ पम्मी निवासी डूमवाली हाल थेहड़ मोहल्ला, सिरसा पुलिस गिरफ्त से बाहर था। लेकिन बठिंडा रोड़ पर पुलिस नाका के पास बने हनुमान मंदिर के नजदीक से पम्मा को गिरफ्तार कर लिया। जिससे एक किलो तांबा की तार बरामद हुई। जिसे वह बेचने के लिए डबवाली आ रहा था।
थाना सदर प्रभारी एसआई रतन सिंह ने बताया कि आरोपी ने पुलिस के समक्ष कई ट्रांस्फार्मर चोरी किया जाना स्वीकार किया है। जिसमें दो डिंग थाना और एक थाना सदर सिरसा से संबंधित है। इसके अतिरिक्त हाल ही में थाना सदर क्षेत्र डबवाली में हुई ट्रांस्फार्मर चोरियों में भी पम्मा ने अपना हाथ होना स्वीकार किया है। जिसमें दो पाना गांव से, एक हैबूआना, दो गोरीवाला, दो लोहगढ़ क्षेत्र से, जबकि एक चोरी थाना शहर क्षेत्र के मसीतां गांव से स्वीकार की है।
पुलिस के समक्ष पम्मा ने माना कि वह अपनी पत्नी कर्मजीत कौर के साथ मिलकर इन वारदातों को अंजाम देता। वह सिरसा में सतपाल ठेकेदार के ट्रेक्टर पर ड्राईवर है। दिन में लुक आदि बिछाने का काम करता है और रात को ये ट्रेक्टर-ट्राली अपनी पत्नी के साथ लेजाकर वारदातों को अंजाम देता है। उसने पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि वह ट्रांस्फार्मर के नट-बोल्ट खोलकर ट्रांस्फार्मर को नीचे गिरा देता है और उसकी पत्नी ट्रांस्फार्मर से कॉपर वायर निकाल लेती है। आरोपी ने बताया कि उसने कॉपर वायर चोरी करने का गुर बिजली मैकेनिक जसकरण उर्फ जानी से सीखा था। उसके अनुसार वे लोग किसी दुकानदार को चोरी का माल नहीं बेचते थे कि कहीं उनका भेद न खुल जाए। इसलिए बड़ी चालाकी से साईकिल पर फेरी लगाने वाले को एक-एक किलो करके सामान बेच देते थे।
थाना सदर प्रभारी के अनुसार फिलहाल पुलिस को कर्मजीत कौर की तालाश है। उसके काबू आ जाने से कई और राज भी खुल सकते हैं।

26 जुलाई 2011

जोनल गेम्स में बवाल


डबवाली (लहू की लौ) खालसा स्कूल में जोनल गेम्स के आखिरी दिन रविवार को अण्डर-19 के एक क्रिकेट मुकाबले को लेकर बवाल खड़ा हो गया। मैच का स्थल अखाड़े में तबदील हो गया। खेल प्रभारी ने एक टीम को हारा घोषित करके मैदान से बाहर कर दिया। जिस पर हारी घोषित टीम के सदस्यों ने विरोध करते हुए जांच की मांग की।
जोनल गेम्स के अण्डर-19 का क्रिकेट मुकाबला क्राईस्ट मिशन स्कूल तथा नेहरू सीनियर सैकेण्डरी स्कूल की टीम के बीच था। इस मुकाबले में नेहरू स्कूल पहले बल्लेबाजी करने उतरा। निर्धारित आठ ओवरों में 44 रन बनाए। पहली पारी समाप्त हुई थी कि नेहरू स्कूल की क्रिकेट टीम के इंचार्ज रविंद्र मांडी ने विरोधी टीम के एक खिलाड़ी को ओवरऐज करार देते हुए इसकी शिकायत गेम्स के सचिव प्रिंसीपल गुरतेज सिंह को कर दी। जबकि यह खिलाड़ी प्लेईंग इलेवन से बाहर था। शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए विद्यार्थियों द्वारा सौंपे गए दस्तावेज चैक किए गए। जिसमें क्राईस्ट मिशन स्कूल की टीम का खिलाड़ी जगताव सिंह ओवरऐज मिला। सचिव गुरतेज सिंह तथा खेल प्रभारी राजन कुमार ने रविंद्र मांडी की शिकायत पर करीब एक घंटा बाद निर्णय सुनाते हुए क्राईस्ट मिशन स्कूल की टीम को हारा करार दे दिया। जिससे हारी घोषित की गई टीम के खिलाफी बिफर गए। उन्होंने गेम्स आयोजकों पर पैसे लेकर हारा घोषित करने का आरोप जड़ दिया। जिससे मामला तूल पकड़ गया। क्राईस्ट मिशन स्कूल की क्रिकेट टीम के कैप्टन पंकज कुमार, खिलाड़ी अमन सिंह, रजत, चरणजीत, गुरदीप, पिं्रस सोनी, सोनू, मानविंद्र, ओमप्रकाश, पंकज गोयल ने बताया कि मैच के आरंभ से ही नेहरू स्कूल की टीम के खिलाड़ी फाइनल में जाने की बात कह रहे थे। जोकि सच हुई। उनके अनुसार जिस खिलाड़ी जगताव सिंह की आयु पर विवाद छिड़ा और उन्हें हराया गया, वह रविवार को हुए उपरोक्त मैच में खेल ही नहीं रहा था। जबकि शनिवार को पिपली के साथ हुए मैच में वह खेला था। उस समय किसी ने कोई ऑब्जेक्शन नहीं लगाई। इन खिलाडिय़ों ने का कहना है कि मैच शुरू होने से पूर्व खेल रहे खिलाडिय़ों के दस्तावेज चैक किए जाते हैं। इस मैच में भी ठीक वैसा ही हुआ। लेकिन सेमीफाइनल मैच की एक पारी खत्म होने के बावजूद स्टेडियम से बाहर बैठे खिलाड़ी पर ऑब्जेक्शन लगाकर उन्हें हरा दिया जाना कहां तक उचित है। खिलाडिय़ों ने अपनी हार के पीछे घूसखोरी का आरोप लगाया।
इस संबंध में नेहरू क्रिकेट टीम के इंचार्ज रविंद्र मांडी ने बताया कि जब उन्होंने दस्तावेज की जांच की तो जगताव सिंह उन्हें ओवरऐज मिला। जिसका उन्होंने गेम्स सचिव तथा प्रभारी के समक्ष एतराज किया। अधिकारियों ने नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उनकी टीम को विजेता घोषित कर दिया। अपनी टीम की पारी समाप्त होने के बाद एतराज करने की बात को वे टाल गए।
गेम्स प्रभारी राजन कुमार ने क्राईस्ट मिशन स्कूल के खिलाडिय़ों द्वारा लगाए गए आरोप को निराधार बताया। उन्होंने बताया कि उनके पास नेहरू क्रिकेट टीम के इंचार्ज रविंद्र मांडी की शिकायत आई थी। दस्तावेज की जांच करने पर क्राईस्ट मिशन स्कूल की टीम का एक खिलाड़ी निर्धारित आयु से बड़ा पाया गया। अनियमितता मिलने पर खेल सचिव ने कार्रवाई करते हुए नेहरू स्कूल की टीम को विजयी घोषित कर दिया।

गिदडख़ेड़ा में झगड़ा, दो घायल


डबवाली। गांव गिदडख़ेड़ा में शनिवार रात को हुए एक झगड़े में दोनों धड़ों के दो लोग घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में लाया गया। चौटाला पुलिस चौकी मामले की जांच कर रही है। अस्पताल में उपचाराधीन 40 वर्षीय चानन सिंह निवासी गांव गिदडख़ेड़ा ने बताया कि शनिवार रात को वह गांव में स्थित काला सिंह की करियाणा की दुकान के आगे से निकल रहा था। दुकान पर काफी शोर-शराबा देखकर वह वहीं रूक गया। महिलाओं से इसका कारण पूछने लगा। दुकान मालिक काला ने उपरोक्त शोर-शराबे का आरोप उसकी पत्नी कुलदीप कौर पर लगा दिया। जब उसने एतराज किया तो काला सिंह ने अपने भाई मंदर सिंह तथा पिता पप्पी सिंह को मौका पर बुला लिया और गाली-गलौज करने लगा। उसके एतरज करने पर पप्पी सिंह ने उसके सिर पर दो किलो का वाट मार दिया।
इधर घायल 18 वर्षीय काला उर्फ बलजिंद्र निवासी गांव गिदडख़ेड़ा ने बताया कि चानन सिंह उसके पास उधारी में सामान लेने आया था। लेकिन उसने उधारी देने से इंकार कर दिया। काला के अनुसार चानन सिंह की पत्नी कुलदीप कौर उसके भाई मंदर सिंह पर गांव की अन्य महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध होने का आरोप लगाती है। इस बात का उलाहना भी उसने उसे दिया। जिससे शराब के नशे में धुत्त चानन सिंह गुस्सा गया और गाली-गलौज पर उतर आया। जब उसने एतराज किया तो उसके सिर पर आधा किलो का वाट दे मारा। चौटाला पुलिस चौकी के प्रभारी एसआई जीत सिंह ने बताया कि एमएलआर उनके पास आई है। चौकी के एएसआई महेंद्र सिंह मामले की जांच कर रहे हैं। घायलों के ब्यानों के बाद आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

भाविप के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचे डबवाली, सदस्यों की बैठक ली


डबवाली (लहू की लौ) भारत विकास परिषद डबवाली की शानदार गतिविधियों को देखते हुए  परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आरपी शर्मा मुम्बई रविवार को एसके दुुआ के निवास स्थान पर पहुंचे और वहां पर उन्होंने परिषद के सदस्यों की बैठक ली।
यह जानकारी देते हुए शाखा सचिव कृष्ण कुमार वधवा ने बताया कि इस मौके पर परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ हरियाणा क्षेत्रीय चेयरमैन सीपी आहूजा फतेहाबाद भी थे। परिषद की स्थानीय शाखा ने उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया और परिषद की स्थानीय गतिविधियों से अवगत करवाया।
इससे पूर्व शनिवार रात को अग्रवाल धर्मशाला में परिषद की ओर से परिवार मिलन समारोह तथा सदस्य शपथ ग्रहण का आयोजन किया गया। जिसकी शुरूआत शाखा अध्यक्ष सतपाल जग्गा ने दीप प्रज्जवलित करके  और सभी सदस्यों ने वंदे मातरम् गाकर की। आये हुए मेहमानों का शाखा सचिव कृष्ण वधवा ने स्वागत किया और परिषद की वार्षिक रिपोर्ट पढ़ी। सुनील जिन्दल ने सभी शाखा सदस्यों व्यक्तिगत परिचय करवाया। शाखा अध्यक्ष सतपाल जग्गा ने संस्कार सूत्र पर विशेष ध्यान देने के लिए बाध्य किया। सदन में रामायाण, महाभारत, मद्भागवत गीता पर प्रश्नोत्तरी का आयोजन वेद भारती के नेतृत्व में किया गया। विजेता सदस्यों को ज्ञान वर्धक साहित्य पुरस्कार में दिया गया। इस मौके पर प्रियंका वधवा ने कन्या भ्रूण हत्या पर कटाक्ष करती हुए कविता बेटी की पुकार प्रस्तुत की। इस अवसर पर अतिथि के रूप में डॉ. हरचन्द तथा महेश बांसल उपस्थित हुए। समारोह का समापन राष्ट्रीय गान के साथ किया गया।

लोक अदालत में निपटाए 28 मामले

डबवाली। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर उपमण्डलीय विधिक सेवा समिति के चेयरमैन तथा उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी  डॉ. अतुल मडिय़ा की अध्यक्षता में रविवार को गांव लम्बी में ग्रामीण लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिसमें 29 केस प्रस्तुत किये गये। जिनमें से 28 केसों का मौका पर निपटारा हो गया। इस मौके पर 15 इंतकाल प्रस्तुत हुए जिनका निपटारा कर दिया गया। इस मौके पर डॉ. अतुल मडिय़ा ने उपस्थित ग्रामीणों को सम्बोधित करते हुए लोक अदालत के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि भ्रूण हत्या सामाजिक अपराध के साथ-साथ कानूनी अपराध भी है। जिसमें अपराधी को सजा का प्रावधान है। उन्होंने नशे की रोकथाम पर बल देते हुए कहा कि गांव में यदि कोई नशा बेचता है तो इसकी जानकारी पुलिस को दें। उन्होंने पानी के बचाव की भी अपील की। इस मौके पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष जतिन्द्र दंदीवाल, जेसी गुप्ता एडवोकेट ने भी अपने विचार रखे। मंच का संचालन वाईके शर्मा एडवोकेट ने किया। इस अवसर पर एडवोकेटस कुलदीप सिंह सिधू, बलजीत सिंह उपाध्यक्ष, धर्मवीर कुलडिय़ा सचिव, राधेश्याम, अशोक बिश्नोई, विनोद बिश्नोई उपस्थित थे।

कालांवाली का रहा दबदबा


डबवाली (लहू की लौ) खालसा सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के मैदान में आयोजित तीन दिवसीय जोनल टूर्नामेंट रविवार को संपन्न हो गए।
यह जानकारी देते हुए विद्यालय के पीटीआई तथा खेल प्रभारी राजन कुमार ने बताया कि एथलीट अण्डर-14 की 100 मी. में साहिल कुमार हस्सू प्रथम, अण्डर-17 में पंकज कुमार कालांवाली, अण्डर-19 में गुरप्रीत सिंह चोरमार प्रथम रहे। जबकि 800 मी. अण्डर-17 में लखविंद्र सिंह कालांवाली, अण्डर-19 में सिकंदर सिंह कालांवाली, 600 मी. के अण्डर-14 में जसवंत सिंह चोरमार, 4 गुणा 400 मी. अण्डर-19 में कालांवाली प्रथम रहे। जबकि शॉटपुट अण्डर-19 में चरणजीत चोरमार, अण्डर-17 में दपिंद्र सिंह सेंट जोसफ डबवाली, अण्डर-14 में हरदीप सिंह पिपली, बाधा दौड़ 110 मी. अण्डर-19 में प्रदीप कुमार डबवाली, अण्डर-17 में लवप्रीत सिंह खालसा स्कूल, अण्डर-14 में अजय गिल खालसा स्कूल, 5000 मी. दौड़ के अण्डर-19 में पलविंद्र चोरमार, 3000 मी. अण्डर-17 में सुखमंदर लोहगढ़, 400 मी. अण्डर-19 में बलदेव सिंह, अण्डर-17 में लखविंद्र कुमार, अण्डर-14 में लखवीर सिंह मिठड़ी प्रथम रहे। जबकि ऊंची कूद अण्डर-19 में प्रदीप मण्डी डबवाली, अण्डर-17 में सुशील कुमार रिसालियाखेड़ा, लम्बी कूद अण्डर-14 में साहिल असीर, ट्रिपल जम्प अण्डर-19 में हरमिंद्र कालांवाली, अण्डर-17 में राकेश एनपीएस डबवाली, लोंग जम्प अण्डर-19 में जगमीत कालांवाली, अण्डर-17 में रमेश सांवतखेड़ा, 200 मी. अण्डर-14 में लखवीर मिठड़ी, अण्डर-17 में पंकज कुमार कालांवाली, अण्डर-19 में सन्नी गर्ग कालांवाली, 1500 मी. अण्डर-17 सिद्धार्थ कालांवाली, अण्डर-19 में कुलदीप सिंह कालांवाली, रिले 100 गुणा 4 में कालांवाली, अण्डर-17,19 में कालांवाली, डिस्कस थ्रो अण्डर-14 में कमलवीर कालांवाली, अण्डर-17 में रामप्रताप, अण्डर-14 हरदीप सिंह मिठड़ी, जेवलिन थ्रो अण्डर-19 जगमीत सिंह कालांवाली प्रथम रहे। हैंडबाल अण्डर-14 में खालसा स्कूल डबवाली, अण्डर-17 में खालसा स्कूल, अण्डर-19 में मण्डी डबवाली, बॉस्केटबाल अण्डर-14 में खालसा स्कूल कालांवाली, अण्डर-17 में कालांवाली, अण्डर-19 में मण्डी डबवाली, फुटबाल अण्डर-14 में सेंट जोसफ स्कूल, अण्डर-19 में चौटाला, कबड्डी अण्डर-14 में चोरमार, अण्डर-17 में देसूमलकाना, अण्डर-19 में कालांवाली, खो-खो के अण्डर-14 में कालूआना, अण्डर-17 में कालांवाली, अण्डर-19 में कालांवाली ने प्रथम स्थान पाया।

24 जुलाई 2011

भगवान ने सुहाग छीना, अपनों ने औलाद


डबवाली (लहू की लौ) भगवान ने उससे उसका सुहाग छीन लिया। पति के बाद बेटे के साथ जिन्दगी कटने की आस बंधी। लेकिन पति के परिवार ने उससे उसे भी छीन लिया। मां-बेटा को सदा के लिए जुदा कर दिया। बाद में ससुरालियों के डर से घर से बेघर हो गई। अब अपने कलेजे के टुकड़े को पाने के लिए पुलिस की शरण में आई है।
डबवाली की रहने वाली अंजू की शादी गांव शेरगढ़ के सतविंद्र सिंह के साथ हुई थी। सतविंद्र पेशे से आरएमपी डॉक्टर था। दोनों के एक लड़का हरमनप्रीत हुआ। अक्तूबर 2009 में सतविंद्र की अचानक मौत हो गई। पति की मौत के गम से वह उभरी भी नहीं थी कि ससुराल वालों ने उससे उसका हरमन छीन लिया।
अंजू शनिवार को अपने भाई भोला तथा मौसी शीला देवी के साथ सिटी थाना पहुंची। अंजू ने सिटी थाना में एक शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसके पति सतविंद्र की मौत हुए को करीब डेढ़ साल हो गया है। वह अपने ससुराल में रह रही थी। लेकिन पति की मौत के बाद ससुराली उससे मारपीट करने लगे। ससुरालियों से डरकर वह अपने भाई भोला के पास डबवाली आ बसी। एक प्लान के तहत आरोपियों ने मार्च 2011 में उसका छह वर्षीय बेटा हरमनप्रीत उससे छीन लिया। उस समय ससुरालियों का कहना था कि वे हरमन की अच्छी परवरिश करेंगे। सप्ताह में एक बार वह उससे मिलने भी आया करेगा। लेकिन पांच माह बीतने के बावजूद आज तक उससे हरमन से मिलने नहीं दिया गया। ससुरालियों ने उसे गांव बनी में अपने किसी रिश्तेदार के यहां भेज दिया है। अंजू ने पुलिस से उसका बेटा दिलाए जाने की मांग की है। एएसआई रामसरूप को अपनी शिकायत सौंपते समय अंजू ने यह भी कहा कि वह अपने बेटे हरमन के बगैर नहीं रह सकती।
सिटी थाना के एएसआई रामसरूप ने बताया कि अंजू की शिकायत आई है। जिसमें उसने अपने ससुरालियों पर उसका बेटा उसे न देने तथा उनसे अपनी जान को खतरा बताया है। अंजू के ससुरालियों को थाना में बुलाया गया है। शिकायत के आधार पर जांच की जा रही है।

सरे राह युवक को काटा, हालत गंभीर


डबवाली (लहू की लौ) शनिवार सुबह 6.30 बजे मण्डी किलियांवाली में स्थित बाल मंदिर सीनियर सैकेण्डरी स्कूल के पास सरे राह मुंह ढांपे युवकों ने एक रेहड़ा चालक को तेजधार हथियारों से काट डाला। युवक को उपचार के लिए लम्बी स्थित सरकारी अस्पताल में लेजाया गया। यहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे फरीदकोट रैफर कर दिया गया। यहां घायल की हालत चिंताजनक बताई जाती है। उधर घायल की पत्नी का कहना है कि शुक्रवार रात को उसके पति ने पड़ौस में रहने वाले कुछ युवकों से अपनी जान को खतरा बताया था। फिलहाल हमले का कारण स्पष्ट नहीं हो सका है। किलियांवाली पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
मण्डी किलियांवाली की चर्च वाली गली में रहने वाला 35 वर्षीय महिंद्र किलियांवाली स्थित एक ईंट भट्ठा पर रेहड़ा चालक है। शनिवार सुबह वह अपने रेहड़ा के साथ भट्ठा के लिए रवाना हुआ था। बाल मंदिर स्कूल के पास पहुंचते ही एक साईकिल और बाईक पर आए मुंह ढांपें पांच युवकों ने उसे घेर लिया और उस पर तेजधार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। महिंद्र सहायता के लिए चिल्लाया। उसकी चीख पुकार सुनकर वहीं रहने वाली एक महिला जसवीर कौर तथा पास स्थित दूध डेयरी में सोया अश्विनी शर्मा उर्फ आशू गली में आ गए।
जसवीर कौर तथा अश्विनी शर्मा ने बताया कि उन्होंने देखा कि मुंह ढांपें पांच युवक एक रेहड़ा चालक को कापों, बेसबॉल बैट से बुरी तरह से पीट रहे हैं। युवक के शरीर से खून से बह रहा है। उन लोगों ने शोर मचा दिया। उन्हें देखकर एक युवक बाईक स्टार्ट करके भाग गया।  चार युवक दूसरी साईड में फरार हो गए। अपना साईकिल वहीं छोड़ गए। जाते हुए युवकों ने अपने हथियारों को बाल मंदिर स्कूल में फेंक दिया। उन लोगों ने घायल को खड़ा किया और पता पूछा।
जसवीर कौर के भाई बिन्नी ने चर्च वाली गली में जाकर इसकी सूचना घायल के परिजनों को दी। मौका पर पहुंचे उसके जीजा राजू तथा गली के निवासी मनजीत सिंह अपनी बाईक से महिंद्र को उपचार के लिए निकटवर्ती एक प्राईवेट अस्पताल में ले गए। लेकिन स्टॉफ ने उसे एडमिट करने से इंकार कर दिया। बाईक पर ही वे लोग उसे लम्बी के सरकारी अस्पताल में ले गए। यहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे फरीदकोट रैफर कर दिया।
महिंद्र की पत्नी 33 वर्षीय कमला देवी ने बताया कि शुक्रवार रात को करीब 8 बजे उसके पति ने उसे बताया था कि तीन-चार दिनों से पड़ौस में रहने वाले अनिल, सुनील तथा महेश उसके पीछे लगे हुए हैं। उसे उनसे जान का खतरा है। लेकिन उस समय उन्होंने कोई कारण नहीं बताया।
उधर युवक पर हमले की सूचना पाकर किलियांवाली पुलिस चौकी प्रभारी एएसआई जीत सिंह तथा एचसी हरबंस सिंह अपने दलबल के साथ 8 बजकर 45 मिनट पर घटना स्थल पर पहुंची। एएसआई जीत सिंह ने बताया कि पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त किए गए कापों, डंडों तथा बैसबॉल बैट तथा हमलावर की साईकिल को बरामद किया है। हमले का कारण सामने नहीं आ रहा है। घायल महिंद्र के ब्यानों के बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

रात 11 बजे पब्लिक एरिया में घमासान, थाना में जुटे लोग


डबवाली (लहू की लौ) शुक्रवार रात को वार्ड नं. 5 के पब्लिक क्लब एरिया में खूब घमासान हुआ। दो पक्षों में हुई भिड़ंत में 12वीं के छात्र सहित तीन युवक घायल हो गए। घायलों को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में लाया गया। बाद में आरोपी युवकों पर कार्रवाई की मांग को लेकर रात करीब 11.30 बजे एक पक्ष के लोग भारी संख्या में थाना शहर में जमा हो गए। कार्रवाई का आश्वासन पाने के बाद ही ये लोग वापिस हुए। इधर शनिवार से पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
एक पक्ष के घायल 19 वर्षीय हैप्पी पुत्र दाना राम पूर्व एमसी निवासी वार्ड नं. 5 ने बताया कि अक्सर कुछ युवक उनकी गली से तेज रफ्तार में बाईक निकालते हैं। तीन दिन पूर्व उसने तेज रफ्तार से जा रही एक बाईक को रूकवाया। जिसे सोनू नामक युवक चला रहा था। उसे गली से बाईक को धीमा करके गुजारने की सलाह दी। लेकिन वह उसे धमकी देता हुआ वहां से चला गया। शुक्रवार रात करीब 10 बजे वह कबीर चौक से सॉफ्टी लेकर गली में आ रहा था, उसे अकेला पाकर सोनू, शरीफ, काका बगैरा ने उसे पीट डाला। परिजनों ने बीच में पड़कर उसे आरोपियों से छुड़वाया और घर ले आए। इसकी शिकायत करने के लिए उसके परिजन गोल बाजार पुलिस चौकी में गए हुए थे कि पीछे से उपरोक्त युवकों ने अपने साथियों के साथ उसके घर पर हमला कर दिया। जिससे उसके तथा उसके चचेरे भाई सुरेंद्र (20) के चोटें आई।
इधर दूसरे पक्ष के घायल सोनू (20) निवासी डबवाली ने बताया कि उसकी गाड़ी किराए पर सालासर गई थी। किराया लेने के लिए वह इस वार्ड में रह रहे काका नामक युवक के पास गया था। किराया लेकर वह वापिस लौट रहा था। रास्ते में उसके एक मित्र सागर को दाना राम, हैप्पी, प्रवीण बगैरा घेरे हुए थे। जब उसने एतराज किया तो ये लोग उस पर टूट पड़े। सागर ने भागकर अपनी जान बचाई। उसके परिजनों को मोबाइल से सूचित किया। उसके परिजनों ने उसे घायल अवस्था में अस्पताल पहुंचाया।
पब्लिक क्लब एरिया में हुए घमासान के बाद वार्ड नं. 5 के पूर्व एमसी दाना राम के नेतृत्व में उनकी गली वासी भारी संख्या में रात्रि 11.30 बजे थाना शहर में पहुंचे। उन्होंने पुलिस से घर पर हमला करके दो युवाओं को चोटें मारने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। थाना में एएसआई राजकुमार से पुलिस कार्रवाई में विलंब की भी शिकायत की। साथ में एरिया में गश्त बढ़ाए जाने की भी मांग रखी। एएसआई राजकुमार से आरोपियों के विरूद्ध कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद गुस्साए लोग शांत हुए।
गोल बाजार पुलिस चौकी के प्रभारी एसआई कृष्ण कुमार ठाकुर ने बताया कि एमएलआर उनके पास आई है। घायलों के ब्यानों के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी।

23 जुलाई 2011

बहादुर महिला ने पकड़वाया ठग


डबवाली (लहू की लौ) गैस कनेक्शन देने का बहाना करके लोगों से हजारों रूपए ऐंठने वाले गिरोह के एक सदस्य को वार्ड नं. 7 के प्रेमनगर की साहसी महिला ने अपनी चतुराई से दबोच लिया। ठग को मौका पर पहुंची पुलिस के हवाले कर दिया गया।
डबवाली शहर के साथ-साथ उपमण्डल के कई गांवों तथा ढाणियों में कुछ समय से एक ऐसा गिरोह सक्रिय है, जो अपने आपको इण्डेन गैस एजेंसी का एजेंट बताता है। लोगों के घरों में घुसकर उन्हें कनेक्शन निकलने की बात कहकर उनसे हजारों रूपए ऐंठ जाता है या फिर महिलाओं को घर में अकेली पाकर उनका सिलेण्डर ले उड़ता है। गुरूवार देर शाम को एक ठग प्रेमनगर की गली नं. 1 में रह रही सिमरजीत कौर के घर आ धमका। वहां उसने अपनी पहचान इण्डेन गैस कंपनी के एजेंट के तौर पर करवाई। इस ठग ने घर के सदस्य सुखदेव सिंह तथा किराए पर रह रहे मजदूर फुल्ला राम के नाम गैस कनेक्शन निकलने की बात करने लगा। सिमरजीत कौर ने सुखदेव सिंह के नाम पर जारी हुआ कनेक्शन लेने से इंकार कर दिया। लेकिन फुल्ला राम की पत्नी भतेरी देवी ठग की बातों में आ गई।
ठग ने अपना जाल बिछाते हुए फुल्ला राम से 4000 रूपए की मांग की। इसके बदले उसे दो सिलेण्डर, कॉपी, रेगुलेटर, पाईप आदि देने का विश्वास दिलाया। चार हजार रूपए इक्ट्ठे करने के लिए भतेरी देवी ने अपने जेवरात मार्किट में बेच दिए। लेकिन वहीं पास में खड़ी सिमरजीत कौर को युवक की बातों पर संदेह हुआ। इतने में एजेंट बनकर आया यह युवक फुल्ला राम तथा एक अन्य युवक मनप्रीत बराड़ को साथ लेकर अपने साहब से मिलाने का हवाला देते हुए शहर के पुराना पोस्ट ऑफिस के पास स्थित एक आलीशान कोठी में ले गया। यहां महिलाओं ने डांट-फटकार कर युवक को बाहर कर दिया। उधर सिमरजीत कौर तुरंत इण्डेन गैस की एजेंसी डबवाली गैस सर्विस पर पहुंची और उपरोक्त एजेंट के बारे में पूछताछ की। यहां उसे मालूम हुआ कि एजेंसी ने ऐसा कोई एजेंट नहीं छोड़ा हुआ है।
उपरोक्त तीनों लोग वापिस प्रेमनगर में पहुंचे। ठग की एक चाल फेल होने के बाद इस नौजवान ठग ने दोबारा गेम तैयार की। अपने साहब के गोल चौक पर खड़े होने का बहाना किया। लेकिन मौके की तालाश में सिमरजीत कौर ने अपनी योजना के अनुसार युवक को बाईक पर बैठाकर चलने की बात की। बाईक चालक मनप्रीत बराड़ ने बाईक को एजेंसी की ओर बढ़ा लिया।
ठग को अपनी पोल खुलने का आभास हुआ तो उसने गिड़गिड़ाना शुरू कर दिया। खालसा हाई स्कूल के पास वह बाईक से नीचे लटक गया और महिला के पैरों में पड़ गया। ड्रामेबाज ठग ने जब भागने की कोशिश की तो सिमरजीत कौर, फुल्ला राम, मनप्रीत बराड़ ने उसे पकड़ लिया और घसीटते हुए एजेंसी ले गए। यहां उसके हाथ-पांव बांधकर बैठा दिया गया। इसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई। पकड़े गए ठग को मौका पर पहुंचे सिटी थाना के एएसआई चेत राम के हवाले कर दिया गया। पुलिस के समक्ष युवक ने अपनी पहचान कृष्ण सोनी निवासी हनुमानगढ़ के रूप में करवाई। इण्डेन गैस कंपनी की एजेंसी डबवाली गैस सर्विस के मालिक श्याम सुंदर सभ्रवाल ने बताया कि काफी समय से शहर तथा गांवों में इस प्रकार का गिरोह सक्रिय है। अकेले गुरूवार को उनके पास इस तरह की तीन शिकायत आई। महिला के प्रयासों से गिरोह का एक सदस्य पकड़ा गया। उन्होंने बताया कि एजेंसी की ओर से कोई एजेंट नहीं छोड़ा गया है।

रेल लाईन में मिले दो शव


एक शव की पहचान हुई, दूसरे को पहचान के लिए रखा
डबवाली (लहू की लौ) डबवाली-बठिंडा रेलवे ट्रेक पर शुक्रवार को दो व्यक्तियों के शव मिले। जिसमें से एक की पहचान हुई। जबकि एक शव को पहचान के लिए 72 घंटो के लिए बठिंडा के सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।
सुबह करीब सवा पांच बजे डबवाली रेलवे स्टेशन की ओर बढ़ रही कालका मेल रेल लाईन में एक व्यक्ति का शव पड़ा देख डूमवाली बाईपास के निकट गेट नं. 31 पर आकर अचानक रूक गई। गाड़ी के चालक ने रेल लाईन में शव पड़ा होने की सूचना रेलवे स्टेशन अधीक्षक महेश सरीन को दी। सूचना पाकर बठिंडा जीआरपी के एएसआई जगदीश चन्द्र मौका पर पहुंचे। शव की शिनाख्त करने का प्रयास किया गया। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। क्षेत्र में रहने वाले लोगों ने बताया कि गुरूवार शाम को मृतक को सड़क किनारे बैठा शराब पीता देखा गया था। शुक्रवार सुबह रेल लाईन के बीचों-बीच मृत मिला। ऐसा प्रतीत होता था कि मृतक रेल लाईन में कंबल बिछाकर उसके ऊपर पटरी को सिरहाना समझकर लेटा होगा। इसी दौरान गाड़ी आई और उसे अपनी चपेट में ले लिया।
जांच अधिकारी एएसआई जगदीश चन्द्र ने बताया कि मृतक व्यक्ति की आयु करीब 40 साल, कद साढ़े पांच फुट, रंग गेहूंआ, चेहरे पर छोटी काले-सफेद रंग की दाढ़ी है। उसके हल्की खाकी रंग का कुर्ता-पजामा, दाए पांव में चप्पल तथा बाएं पांव में जूती पहनी हुई है। मृतक दिहाड़ीदार मजदूर प्रतीत होता है। उसकी जेब से नशे की गोलियां तथा कुछ मात्रा में पोस्त बरामद हुई है। जांच अधिकारी ने बताया कि मृतक के फिंगर प्रिंट लिए गए हैं। आस-पास के खेतों, ढाणियों में रह रहे लोगों के पास सूचना पहुंचा गई है। आस-पास के थानों तथा चौंकियों को भी सूचित किया गया है। फिलहाल पहचान के लिए शव को 72 घंटों के लिए बठिंडा के सरकारी अस्पताल के शवगृह में रखा गया है।
संदिग्ध मौत
हर रोज की भांति आज भी रेलवे का की-मैन बाबू लाल रेल लाईन चैक कर रहा था। सुबह 7 बजे उसने गांव डूमवाली-पथराला के बीच गेट नं. 29 के पास रेल लाईन में पड़ा एक शव देखा। इसकी सूचना तत्काल स्टेशन अधीक्षक महेश सरीन को दी। जानकारी पाकर मौका पर डबवाली जन सहारा सेवा संस्था के सदस्य तथा जीआरपी बठिंडा से एचसी हरबंस सिंह मौका पर पहुंचे। मृतक के पहने कुर्ते की जेब से मिले एक विस्टिंग कार्ड के पीछे लिखे नंबरों के आधार पर मृतक की पहचान गांव सिंघेवाला निवासी 32 वर्षीय सुखराज के रूप में की गई। शव से कुछ दूरी पर शराब की बोतल भी पड़ी हुई मिली। जिसमें कुछ शराब बाकी थी।
सुखराज की पत्नी सुनीता (30) ने बताया कि उसका पति जामुन और किन्नू के बागों का ठेकेदार था। इन दिनों उसने गांव कुत्तियांवाली में जामुन के बाग ठेके पर लिए हुए थे। 9 जुलाई को उसकी बहन की शादी थी। शादी में भाग लेने के लिए वह अपने मायके गांव तरमाला गई हुई थी। मंगलवार को उसने फोन पर सुखराज से बात की। सुखराज ने उसे बताया कि इस बार उसे जामुन में घाटा पड़ा है। वह नहीं आ सकता। वे घर लौट आएं। उसके बाद उसकी कोई बात नहीं हुई। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे गांव का जसविंद्र नामक युवक उसे सुखराज का मोबाइल दे गया। मृतक के दो बेटे मनप्रीत सिंह (8), नवीन (6) हैं।
इधर सुखराज के पार्टनर बलदेव सिंह तथा बलवंत सिंह ने बताया कि वह गुरूवार सुबह करीब 8 बजे फीटर रेहड़ा पर अपने गांव तरमाला के लिए रवाना हुआ था। लेकिन उसका फीटर रेहड़ा मलोट रोड़ पर खड़ा है। जबकि करीब पांच किलोमीटर दूर रेल लाईन में उसका शव पड़ा है। इन लोगों ने बताया कि जामुन में उन्हें घाटा नहीं पड़ा है। करीब तीन माह पूर्व ही सुखराज उनसे जुड़ा था। उन्होंने पुलिस से मामले की जांच की मांग की।
उधर सुखराज के भाई बनवारी, ओमप्रकाश ने बताया कि वे लोग करीब बीस सालों से ठेकेदारी करते आ रहे हैं। व्यापार में उतार-चढ़ाव भी आते रहते हैं। उसके भाई ने अपनी पत्नी को लेने गांव तरमाला जाना था। लेकिन वह डबवाली कैसे आ गया, उन्हें भी मालूम नहीं। उन्हें संदेह है कि उसके भाई के साथ कोई अप्रिय घटना घटित हुई है। यह इत्तेफाकिया मौत नहीं है।
मामले की जांच कर रहे जीआरपी बठिंडा के हवलदार हरबंस सिंह ने बताया मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। मृतक के ससुर प्यारा लाल निवासी तरमाला तथा भाई ओमप्रकाश के ब्यान पर फिलहाल दफा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई अमल में लाई गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
सवाल जिनके जवाब नहीं?
1. सुखराज के शरीर का ऊपरी भाग मौजूद है, जबकि पेट से निचला भाग नहीं है?
2. शव फूला हुआ है। चौबीस घंटे के भीतर लाईन में पड़ा शव कैसे फूल सकता है?
3. मृतक का फीटर रेहड़ा घटनास्थल से पांच किलोमीटर दूर डबवाली में क्या कर रहा है?
4. मृतका की पत्नी, भाईयों तथा उसके पार्टनरों के ब्यान अलग-अलग क्यों पड़ रहे हैं?

22 जुलाई 2011

प्यार के लिए आशिक ने भरी माशूका की मांग


अपनी शादी रखे जाने से खफा युवती प्रेमी संग भागी, नहर में कूदने की थी तैयारी
डबवाली (लहू की लौ) शादी रखे जाने से खफा एक युवती अपने आशिक के संग घर से फरार हो गई। युवती के भाईयों को बात का पता लगने पर उन्होंने आशिक का सिर फोड़ दिया। खफा आशिक ने अपनी मशूका के साथ नशे की गोलियां निगल लीं। प्यार को परवान न चढ़ता देख मरने के लिए गांव मौजगढ़ के पास बहती भाखड़ा नहर के लिए चल पड़े। दोनों गुरूवार सुबह 5.30 बजे गांव मौजगढ़ के खेत में बेहोश मिले। जिन्हें उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में लाया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
गांव मौजगढ़ निवासी लक्ष्मण सिंह गुरूवार सुबह करीब 5.30 बजे अपने खेत में पानी लगाकर वापिस गांव जा रहा था। अचानक उसकी नजर किसान जगरूप सिंह के खेत में पड़े युवक-युवती पर पड़ी। दोनों बेहोश थे। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल खेत मालिक जगरूप सिंह तथा गांव के सरपंच ओमप्रकाश को दी। सरपंच की सूचना पर मौका पर आई सरकारी अस्पताल की एम्बुलैंस ने बेहोश युवक-युवती को उपचार के लिए सरकारी अस्पताल पहुंचाया। यहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को खतरे से बाहर घोषित कर दिया। इधर इसकी सूचना पाकर सिटी थाना के एएसआई रामसरूप तथा एएसआई साधु राम मौके पर पहुंचे। पुलिस के समक्ष युवती ने अपनी पहचान महाशा बिरादरी से संबंधित छिन्द्र कौर उर्फ काली, युवक ने मजहबी सिक्ख बिरादरी से संबंधित गुरमीत उर्फ वीर सिंह निवासी मसीतां के रूप में करवाई। अस्पताल के इमरजेंसी रूम में होने के बावजूद दोनों ने एक-दूसरे का हाथ पकड़े रखा।
19 साल का गुरमीत सिंह उर्फ वीरा सिंह दिहाड़ीदार मजदूर है। जबकि 18 साल की छिन्द्र कौर घर पर कार्य करती है। करीब दो साल पहले नरमा की चुगाई करते समय दोनों में प्रेम हो गया। मोबाइल पर आपसी बातचीत में यह प्रेम और गहरा होता गया। कुछ समय पूर्व युवती की मंगनी सिरसा के एक युवक से कर दी गई। इस बात से खफा दोनों ने घर से भागकर शादी रचाने का मन बनाया।
बुधवार रात करीब 12 बजे युवती अपने घर से बाहर आ गई। वह गांव के छप्पर के पास सिंदूर, कोल्ड ड्रिंक तथा अन्य सामान के साथ उसका इंतजार कर रहे वीरा के पास पहुंच गई। लेकिन युवती के भाई को उसके घर से बाहर जाने का पता चल गया। वह अपने ताऊ के लड़के को साथ लेकर अपनी बहन के पीछे-पीछे आ गया। उसने अपनी बहन को वीरा के साथ बैठा देखा। युवती के अनुसार गुस्से में आए उसके भाई कुलदीप तथा ताऊ के लड़के मंगा ने डंडों से वीरा पर हमला बोल दिया। वह वहां से भागकर कुछ दूर जा छुपी। वीरा के शोर मचाने पर उसके भाई वहां से भाग गए। युवती के अनुसार खुले आसमान के नीचे घायल वीरा ने उसकी मांग सिंदूर से भर दी। लेकिन उनकी शादी को सामाजिक मान्यता न मिलने के कारण वे लोग गांव मौजगढ़ के पास बहने वाली भाखड़ा नहर में कूदने के लिए बढ़ गए।
यूं निकले गांव से
वीरा के अनुसार गांव में चौकीदार होने के डर से उसने अपनी शर्ट उतारकर काली को पहना दी और उसे गांव से बाहर ले आया। उसके तथा काली के पास नशे की गोलियां थी, जो उन दोनों ने खा ली और भाखड़ा की ओर कदम बढ़ा दिए। लेकिन भाखड़ा से कुछ ही दूरी पर स्थित गांव मौजगढ़ के एक खेत में बेहोश होकर गिर पड़े। वीरा ने बताया कि इससे पूर्व उसने सिंदूर से काली की मांग भर दी थी।
अस्पताल के चिकित्सक डॉ. बलेश बांसल ने बताया कि लड़का-लड़की ने नशीली गोलियों का सेवन किया हुआ है। दोनों खतरे से बाहर हैं।
सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महा सिंह ने बताया कि उपरोक्त घटना की जानकारी उन्हें मिली थी। सूचना मिलने पर एएसआई रामसरूप तथा एएसआई साधु राम सरकारी अस्पताल में पहुंचे थे। युवक-युवती के ब्यानों के बाद अगली कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

।ईंट से मां का सिर फोड़ा


डबवाली (लहू की लौ) गांव मसीतां में कलियुगी बेटे ने अपनी मां का ईंट मारकर सिर फोड़ दिया। जिसे उपचार के लिए सरकारी अस्पताल में लाया गया।
गांव मसीतां निवासी 50 वर्षीय मुख्तियार कौर ने बताया कि उसके दो बेटे सतनाम सिंह तथा मनजीत सिंह हैं। दस दिन पूर्व उसने सतनाम को घर में उसका बनता हिस्सा दे दिया और घर में दीवार निकाल दी। बुधवार रात करीब 9 बजे शराब के नशे में धुत्त सतनाम गालियां निकालने लगा। उसके हिस्से की जमीन में पड़ा उनका रेहड़ा उठाने की बात कहने लगा। इसी बात को लेकर उसके पति सुरजीत सिंह की सतनाम से कहासुनी हो गई। उसने भी अपने बेटे को समझाने का प्रयास किया। नशे में धुत्त सतनाम ने उसके मुंह पर तमाचा जड़ दिया। जब उसके पति सुरजीत सिंह तथा दूसरे बेटे मनजीत सिंह ने इसका विरोध किया तो इस बीच सतनाम ने ईंट मारकर उसका सिर फोड़ दिया।
सिटी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर महा सिंह ने बताया कि एमएलआर उनके पास आई है। घायल के ब्यानों के बाद ही अगली कार्रवाई की जाएगी

पीआरटीसी की बसों से उड़ाया डीजल


डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा रोड़वेज के बस अड्डा पर खड़ी पीआरटीसी की बसों से डीजल चोरी होने का मामला थाना शहर पुलिस के पास पहुंचा है।
गुरूवार को पीआरटीसी के डबवाली बस स्टैण्ड पर स्थित अड्डा के इंचार्ज अमरजीत सिंह लाली के नेतृत्व में बस चालक गुरजंट सिंह, हरमंदर सिंह, प्रितपाल सिंह, भिन्द्र सिंह सिटी थाना प्रभारी महा सिंह से मिले। उन्हें बताया कि अड्डा में असामाजिक तत्वों की वारदातें दिन ब दिन बढ़ रही हैं। रविवार रात को अड्डा में खड़ी एक बस से अज्ञात व्यक्ति 110 लीटर डीजल निकाल ले गए।
उन्होंने थाना शहर प्रभारी को यह भी बताया कि अक्सर बस अड्डा पर खड़ी बस से डीजल चोरी होता ही है। कई बार तो अज्ञात चोर उनकी बसों को सेल्फ मारकर जीटी रोड़ रेलवे फाटक के नजदीक ले जाते हैं और वहां पर तेल को निकालने के बाद बस को वहीं खड़ी कर देते हैं। उन्होंने बताया कि चार-पांच माह के दौरान ही एक हजार लीटर डीजल उनकी बसों से चोरी हो चुका है।
सिटी थाना प्रभारी महा सिंह ने उन्हें आश्वासन दिया कि गश्त को बढ़ाया जाएगा। पुलिस चौकसी रखेगी। लेकिन वे भी नजर रखें। जैसे ही चोरों की जानकारी उन्हें मिले, तो वे पुलिस को इससे अवगत करवाएं।

नीलियांवाली में संदिग्ध मौत


डबवाली (लहू की लौ) गांव नीलियांवाली के किसान शिवराज सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत का मामला उलझ गया है। किसान के बेटों ने इसे अत्याधिक नशा करने के कारण हुई मौत बताया है। वहीं उसकी मां तथा भाई ने इसे जमीनी विवाद में हत्या करार दिया है। फिलहाल सदर पुलिस ने इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई अमल में लाकर विसरे को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा है।
गांव नीलियांवाली निवासी सुरजीत सिंह (23) ने पुलिस को दिए ब्यान में कहा है कि उसका 45 वर्षीय पिता शिवराज सिंह लम्बे समय से शराब तथा पोस्त का नशा करने का आदि था। बुधवार शाम को उसके पिता की अत्याधिक शराब पीने से हालत गंभीर हो गई। इस बात की जानकारी उसके छोटे भाई कुलदीप ने उसे दी। वह मौका पर पहुंचा। वे लोग अपने पिता को सरकारी अस्पताल में ले आए। यहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर मृतक शिवराज सिंह की मां करतार कौर (70), भाई लाभ सिंह (48) ने पुलिस में शिकायत देकर आरोप लगाया कि शिवराज नशे करने का आदि था। लेकिन उन्होंने उसे दवाई दिलाकर नशा छुड़वा दिया था। अब वह नशा नहीं करता था। शिवराज के तीन बेटों तथा पत्नी गांव हैबूआना में पड़ी लगभग उसकी आठ एकड़ जमीन को लेकर विवाद किए हुए थे। उन्हें शक है कि इन चारों ने मिलकर शिवराज को जहर देकर मारा है।
किसान शिवराज के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद डॉ. बलेश बांसल ने बताया कि मृतक के शरीर पर कहीं भी चोट के निशान नहीं मिले हैं। मौत कैसे हुई इसकी पुष्टि के लिए विसरे को करनाल स्थित प्रयोगशाला में भेजा गया है। सदर पुलिस के एसआई रतन सिंह ने बताया कि पुलिस ने मृतक के बड़े बेटे सुरजीत सिंह के उपरोक्त ब्यान के आधार पर इत्तेफाकिया मौत की कार्रवाई अमल में लाई है। गुरूवार को शव का सरकारी अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया। मृतक के भाई लाभ सिंह की शिकायत के आधार पर विसरे को जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा है। प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।

हाईवे पर कार ने मजदूर कुचला


डबवाली (लहू की लौ) नेशनल हाईवे नं. 10 पर गांव सांवतखेड़ा के निकट एक तेजगति कार की टक्कर से दिहाड़ीदार मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान जिला श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) के गांव किलियांवाली निवासी 62 वर्षीय गुरदेव सिंह के रूप में हुई है। वह गांव सांवतखेड़ा में अपने किसी परिचित से मिलकर साईकिल पर वापिस गांव लौट रहा था।
पुलिस को दर्ज कराई शिकायत में मृतक के बेटे अंग्रेज सिंह ने कहा है कि उसका पिता गुरदेव सिंह गुरूवार दोपहर करीब एक बजे गांव सांवतखेड़ा में रिश्तेदारी में मिलकर साईकिल पर डबवाली की ओर आ रहा था। गांव सांवतखेड़ा के निकट ही सिरसा साईड से आई एक तेजगति जेन कार ने उसमें टक्कर मार दी। जिससे उनकी मौका पर ही मौत हो गई। जबकि कार चालक कार को डबवाली की ओर भगा ले गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जेन कार इतनी तेज थी कि साईकिल सवार को करीब 100 फुट तक घसीटती हुई ले आई और पटक दिया। दुर्घटना में गाड़ी को भी काफी नुक्सान पहुंचा। कुछ दूरी पर लेजाकर चालक ने गाड़ी को रोका लेकिन साईकिल सवार के सड़क पर मृत पड़ा होने के कारण वह गाड़ी को मौका से भगा ले गया। मृतक गुरदेव के दो बेटे तथा दो बेटियां हैं। दिहाड़ीदार मजदूर होने के साथ-साथ वह सरबत सोशल वैल्फेयर सोसाईटी, किलियांवाली का सक्रिय सदस्य था।
मामले की जांच कर रहे सिटी थाना के एएसआई साधु राम ने बताया कि अंग्रेज सिंह के ब्यान के आधार अज्ञात कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज करके उसकी तालाश शुरू कर दी गई है। शव का सरकारी अस्पताल से पोस्टमार्टम करवाने के बाद उसे उसके वारिसों को सौंप दिया।

हजारों लीटर मिट्टी तेल पकड़ा


डबवाली (लहू की लौ) अंधेरे में पंजाब से समगल होकर हरियाणा में जा रहा हजारों लीटर मिट्टी के तेल का भरा टैंकर गोरीवाला पुलिस ने बुधवार देर रात को काबू किया है। चालक पुलिस को चकमा देकर भागने में कामयाब रहा। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बुधवार रात को गोरीवाला पुलिस को मुखबरी मिली थी कि दो नंबर में हजारों लीटर मिट्टी के तेल से भरा एक टैंकर बठिंडा से पंजाब के लिए रवाना हुआ है। अब यह टैंकर डबवाली से ऐलनाबाद के लिए चला है। मुखबर की सूचना पाकर पुलिस ने नाकाबंदी कर दी। गोरीवाला के पास पुलिस को डबवाली साईड से मुखबर द्वारा बताया गया टैंकर आता हुआ दिखाई दिया। पुलिस पार्टी ने उसे रूकने का इशारा किया। पुलिस को देखकर टैंकर चालक नीचे कूद गया और खेतों में भाग निकला।
गोरीवाला पुलिस चौकी के प्रभारी एसआई प्रीतम सिंह ने बताया कि ट्रक को काबू में करके चौकी लाया गया। मौका पर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक अरविंद पूनियां को बुलाया गया। उन्होंने चैकिंग के बाद बताया कि टैंकर में मिट्टी तेल है। माप के बाद टैंकर से 12 हजार लीटर तेल मिला। पुलिस ने आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज करके उसकी तालाश शुरू कर दी है। पुलिस फिलहाल टैंकर पर लिखे नंबर के आधार पर जांच में जुटी हुई है।
खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के निरीक्षक अरविंद पूनियां ने बताया कि बाजार में मिट्टी तेल का रेट 15 रूपए प्रति लीटर है। उस हिसाब से पकड़े गए मिट्टी तेल की कीमत 1 लाख 80 हजार रूपए है।

रात ढाई बजे पकड़ी पोस्त से भरी मारूति


डबवाली (लहू की लौ) सिटी पुलिस ने बुधवार रात ढ़ाई बजे चूरा पोस्त से भरी मारूति-800 के साथ गांव शेरगढ़ के एक व्यक्ति को काबू किया है। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसएचओ महा सिंह रात करीब ढ़ाई बजे चौटाला रोड़ पर गश्त पर थे। बिश्नोई मंदिर के पास पुलिस पार्टी को देखकर चौटाला साईड से आ रही एक मारूति-800 के कार चालक ने गाड़ी को पीछे मोडऩे का प्रयास किया। शक के आधार पर गाड़ी चैक की गई। एसएचओ महा सिंह ने बताया कि गाड़ी की पिछली सीट पर दो बोरियों में भरी 60 किलो चूरा पोस्त बरामद हुई। पकड़े गए आरोपी ने अपनी पहचान 51 वर्षीय महावीर सिंह जाट निवासी शेरगढ़ के रूप में करवाई। उसने बताया कि वह इसे राजस्थान के मटीली से एक व्यक्ति से खरीदकर लाया है। जिसे उसने आगे सप्लाई करना था।
पहले हुआ था गिरफ्तार
एसएचओ ने बताया कि आरोपी को साल 2001 में भी गिरफ्तार किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त पड़ौसी राज्य पंजाब में भी चूरा पोस्त तस्करी में पकड़ा जा चुका है। जबकि आरोपी का एक साथी पवन पंडित जेल में है। उन्होंने बताया कि गुरूवार को आरोपी को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी डॉ. अतुल मडिया की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इन दो दिनों में पुलिस महावीर सिंह से पोस्त विक्रेता का पता लगाएगी। यह भी जानने का प्रयास करेगी कि उसने 60 किलोग्राम पोस्त को आगे कहां और किस-किस को सप्लाई करना था।
चूरा पोस्त तस्करी में पकड़ा गया महावीर मारूति-800 के कागजात भी प्रस्तुत नहीं कर सका। जिसके चलते मोटर व्हीकल एक्ट के तहत भी उसका चालान किया गया।
4 किलो और पकड़ी
इंस्पेक्टर महा सिंह ने बताया कि इसके अतिरिक्त बिश्नोई मंदिर क्षेत्र में शहर के वार्ड नं. 7 के निवासी बलविंद्र सिंह को चार किलोग्राम चूरा पोस्त सहित काबू किया गया है। आरोपी पोस्त को थैले में भरकर लेजा रहा था।

21 जुलाई 2011

कुश्ती का योद्धा नशे के अखाड़े में चित



पंजाब का नं. 3 प्लेयर रहा है गिदड़बाहा का नवजोत, मेडिकल नशा खरीदने के लिए आता था

डीडी गोयल
093567-22045
डबवाली। कुश्ती के अखाड़े में अपने प्रतिद्वद्धियों को धूल चटाकर पूरे पंजाब में धूम मचाने वाला एक युवा नशे से धूल चाट गया। नशे ने केवल उसकी पढ़ाई ही नहीं छीनी बल्कि खेल प्रतिभा को नष्ट करके उसे अपराध की दुनिया में धकेल दिया। यह कहानी पंजाब में कुश्ती की दुनियां में अपना जलवा दिखाने वाले 18 वर्षीय युवक की है। जोकि जिला श्री मुक्तसर साहिब के गांव गिदड़बाहा का रहने वाला है।
यह युवक सोमवार रात करीब 11.30 बजे मण्डी किलियांवाली के मालवा बाईपास रोड़ पर स्थित एक वर्कशॉप में नशे की हालत में चोरी करता हुआ पकड़ा गया। इस संवाददाता के समक्ष युवक ने अपनी पहचान 18 वर्षीय नवजोत सिंह उर्फ ज्योति के रूप में करवाई। अपनी लाईफ के अटठ्रह सालों की कहानी के पन्नो ंका एक-एक लफ्ज अपनी जुबां से ब्यां किया। नवजोत एक आरएमपी डॉक्टर का बेटा है। आरएमपी डॉक्टर ने अपने बेटे में अच्छे संस्कार भरने के लिए उसे अंग्रेजी माध्यम स्कूल में एडमिशन दिलाया। शहर गिदड़ाबाहा में पहली से आठवीं तक की पढ़ाई अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में की।
अच्छी कद काठी वाले ज्योति ने कुश्ती के अखाड़ा में छलांग लगाई। यहां उसका कोई सानी नहीं था। अपनी प्रतिभा के दम पर ज्योति ने जोन में जगह बनाई। फिर जिला स्तर पर पहुंचा। यहां उसकी प्रतिभा का लोहा सबने माना और उसे स्टेट में जगह मिली। अण्डर-14 में राज्य स्तर पर खेलते हुए इस युवा खिलाड़ी ने अपनी प्रतिभा को ऊंची उड़ान दी। तीन दफा यह खिलाड़ी राज्य स्तर पर तीसरे नंबर पर आया। सूबे का ऐसा कोई अखाड़ा नहीं रहा यहां ज्योति ने जीत को न चूमा हो।
सूबे के नंबर तीन खिलाड़ी रहने वाले ज्योति का अखाड़ा ही दुश्मन निकला। चूंकि अखाड़ा में कुछ खिलाड़ी मेडिकल नशे की जद्द में थे। उन्हें नशे की शीशी पीता देख ज्योति के साथी खिलाड़ी ने उसे शीशी पीने की सलाह दी। ज्योति ने उस समय जो शीशी थामी वह उसकी बर्बादी का कारण बन गई। खांसी के लिए बनी एक छोटी सी शीशी से नशा करने का आदि बना यह युवा खिलाड़ी नशे की गर्त में इतना डूब गया कि चूरा पोस्त, अफीम के बाद स्मैक का नशा करने लगा।
ज्योति ने बताया कि डबवाली के मलोट और गिदड़बाहा में नशे की शीशी 100 रूपए में मिलती है। जबकि डबवाली में 40 से 60 रूपए में आसानी से उपलब्ध हो जाती है। उसने बताया कि डबवाली के चौटाला रोड़ से वह स्मैक लेकर पीता है। उसके अनुसार चौटाला रोड़ पर कई लोग स्मैक का धंधा करते हैं।
कुश्ती खिलाड़ी के पिता ने बताया कि बुरी संगत के कारण उसका होनहार बेटा नशे की गिरफ्त में आया। नशे ने प्रतिभा के साथ-साथ उसकी पढ़ाई पर भी विराम लगा दिया। 8वीं में नशे की लत लगने के बाद वह आगे की पढ़ाई नहीं कर पाया। हालांकि नशा मुक्ति के लिए उन्होंने ज्योति को छह माह तक नशा मुक्ति केंद्र में भी रखा। लेकिन कोई सुधार नहीं हुआ। अपने बेटे को सुधारने के लिए जितनी मेहनत वह कर सकता था, उसने की। जब सफल नहीं हुआ तो अब उसने अपने बेटे को ईश्वर के भरोसे छोड़ दिया है।

20 जुलाई 2011

डर से गांव छोड़ पड़ौसी राज्यों में जीवन व्यतीत कर रहे हैं ग्रामीण

डबवाली (लहू की लौ) गांव रामपुरा बिश्नोईयां के दो ग्रामीण दबंगों के डर से पड़ौसियों राज्यों पंजाब तथा राजस्थान में शरण लेकर अपना जीवन व्यतीत कर रहे हैं। इस बात का रहस्योद्घटन मंगलवार को डीएसपी कार्यालय में हुआ। दोनों ग्रामीणों ने डीएसपी बाबू लाल के समक्ष पेश होकर अपनी दास्तां सुनाई।
डीएसपी को दी अपनी शिकायत में गांव रामपुरा बिश्नोईयां के भैरू राम तथा मोहन लाल ने बताया कि उन्होंने अपनी जमीन का सौदा गांव माधोसिंघाना निवासी कमलकांत से किया था। जमीन की रजिस्टरी करवाने के लिए 17 जून 2011 की दोपहर को वे लोग डबवाली तहसील में पहुंचे थे। वहां पर रजिस्टरी क्लर्क के कमरे में घुसकर उनके गांव के कुछ लोगों ने उनसे मारपीट की। मोहन लाल को घसीटते हुए नई सफेद रंग की जियालो गाड़ी में डालकर गांव चौटाला के निकट स्थित एक ढाणी में ले गए। रास्ते में राजस्थान कैनाल में डालने की धमकी दी। ढाणी में लेजाकर उससे टिकट लगे कागजात पर हस्ताक्षर करवा लिए और छोड़ दिया।
इन दोनों ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि 21 जून को वे अपनी भूमि की रजिस्टरी कमलकांत के नाम करवाने के लिए तहसील में आए। पुन: उनके अपहरण का प्रयास किया गया। लेकिन वे रजिस्टरी करवाने में सफल रहे।
मोहन लाल तथा भेरू राम ने डीएसपी बाबू लाल को यह भी बताया कि रजिस्टरी होने के बाद आरोपी उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं और गांव न आने की चेतावनी भी। जिसके चलते वे लोग अब पंजाब और राजस्थान में शरण लेकर रह रहे हैं।
डीएसपी बाबू लाल ने बताया कि उनके पास गांव रामपुरा बिश्नोईयां के मोहन लाल तथा भेरू राम की शिकायत आई है। जांच के लिए शिकायत उन्होंने सिटी थाना प्रभारी के पास भेज दिया है।

कांग्रेस नेता की गाड़ी का अपहरण!

डबवाली (लहू की लौ) टैक्सी स्टैण्ड पर खड़ी एक रेनो गाड़ी को चालक सहित अज्ञात युवकों द्वारा भगा लेजाने का मामला पुलिस में आते ही पुलिस हरकत में आ गई। गाड़ी को कुछ समय बाद ही बरामद कर लिया गया। लेकिन जब मामला खुला तो पैसे का लेनदेन का था।
ठेकेदार तथा कांग्रेसी नेता गोपाल मित्तल ने सिटी पुलिस को एक शिकायत देकर आरोप लगाया कि उसकी रेनो गाड़ी को कुछ अज्ञात युवक उसके चालक रमेश सहित अपहरण करके ले गए हैं। मित्तल के अनुसार अपहरणकर्ताओं ने रमेश को फोन करके गोल चौक पर बुलाया और कहा कि उन्होंने सिरसा जाना है। जैसे ही गाड़ी गोल चौक में पहुंची तो तीन-चार युवक उसमें बैठ गए और सिरसा की ओर लेजाकर चालक को सेमनाला के पास उतार दिया और गाड़ी ले गए।
इस शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई। एएसआई गोपाल राम ने गाड़ी को तुरंत संदीप चौधरी के पेट्रोल पंप के पास से बरामद कर लिया।
नरसिंह कलोनी निवासी सुरेंद्र कुमार अपने साथी हरी सिंह, बूटा सिंह, काला सिंह, देवानंद, राजू, राजेंद्र, कैलाश, कालू, दिनेश कुमार के साथ थाना में उपस्थित हो गए। उन्होंने बताया कि उन्होंने गाड़ी का अपहरण नहीं किया। उन्होंने बताया कि ठेकेदार गोपाल मित्तल के साथ उनका पैसे के लेनदेन को लेकर झगड़ा है। उन्होंने स्वतंत्रता सेनानी पार्क में 55 हजार रूपए में सेलेक्शन नं. 1 घास लगाने का ठेका गोपाल मित्तल से लिया था। 10 हजार रूपए की अग्रिम राशि मित्तल ने उन्हें दे दी थी। 80 प्रतिशत काम होने के बाद जब उन्होंने और राशि मांगी तो गोपाल मित्तल ने राशि देने से इंकार कर दिया और उन्हें धक्के देकर घर से निकाल दिया। अपने पैसे वसूलने के लिए ही उन्होंने गाड़ी को सिरसा जाने के लिए मंगवाया था। लेकिन उसका चालक रमेश गाड़ी को यह कहकर पंप के पास छोड़ गया कि उसने भी गाड़ी मालिक से 50 हजार रूपए लेने है।
कांग्रेस नेता पवन गर्ग तथा रविंद्र बिन्दू ने बताया कि उन्होंने बीस हजार रूपए में पैसे के लेनदेन के मामले को निबटा दिया है। गोपाल मित्तल ने 10 अगस्त तक सुरेंद्र बगैरा की राशि देना तय किया है।
सिटी थाना प्रभारी महा सिंह ने बताया कि शिकायत उनके पास आई थी। गोपाल मित्तल ने शिकायत को यह कर वापिस ले लिया कि उनका आपस में समझौता हो गया है।

पेंशन के लिए अधिकारी को घेरा

बैठक में भाग लेने एसडीएम ऑफिस पहुंचे थे, पेंशन धारकों ने खूब खरी-खोटी सुनाई
डबवाली (लहू की लौ) पिछले चार माह से पेंशन न मिलने से खफा पेंशन धारकों ने मंगलवार को बैठक करने आए एक्सीस बैंक के अधिकारी को उपमण्डलाधीश कार्यालय के बाहर घेर लिया। अधिकारी को खूब-खरी खोटी सुनाई। एसडीएम के बीच-बचाव करने के बाद ही मामला ठंडा हुआ। पेंशन धारकों ने सरकार को पेंशन वितरण के लिए 25 जुलाई का समय देते हुए एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
उपमण्डल डबवाली में पेंशन धारकों को पेंशन देने में किए जा रहे विलंब को लेकर उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने अपने कार्यालय में एक्सीस बैंक के अधिकारियों की एक बैठक बुलाई हुई थी। इस बैठक में एक्सीस बैंक सिरसा के सहायक मैनेजर सुमित गोयल ने भाग लिया। बैठक की जानकारी जैसे-तैसे पेंशन धारकों तक पहुंच गई। पेंशन के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे पेंशन धारक उपमण्डलाधीश कार्यालय के समक्ष आ डटे। उन्हें पता चला कि एक्सीस बैंक के सहायक मैनेजर बैठक में भाग ले रहे हैं। आक्रोशित पेंशन पात्र उपमण्डलाधीश कार्यालय में घुस गए। उपमण्डलाधीश ने कार्यालय से बाहर आकर पेंशन धारकों की समस्या को सुना। इसी दौरान वहीं पर एक्सीस बैंक के अस्सिटेंट मैनेजर भी कार्यालय से बाहर गए। उन्होंने पेंशन धारकों को समझाना-बुझाना शुरू किया, तो पेंशन धारक गुस्से में आ गए। महिलाओं ने सहायक मैनेजर को खूब खरी-खोटी सुनाई। महिलाओं ने मैनेजर से कहा कि उनका बैंक पहले सरकार से पेंशन वितरण के नाम पर कमीश्न खा गया, फिर मुर्दों की पेंशन निगल गया, अब जो बचे हैं उनकी पेंशन भी अपने पेट में छुपाए बैठा है।
पेंशन धारक गणपत राम, सुनीता देवी, शारदा, बचनो, हरिराम, सरोज रानी, मोहन लाल, मूर्ति देवी ने एसडीएम को एक ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी कि अगर 25 जुलाई तक पेंशन का वितरण न किया गया तो पेंशन धारक सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
इस मौके पर उपस्थित वार्ड नं. 14 के पार्षद विनोद बांसल ने एक्सीस बैंक के अधिकारियों से कहा कि जिस प्रकार की वे नीति अपनाए हुए हैं, उससे लगता है कि सरकार को बदनाम करने की साजिश रची गई है। इसलिए बैंक में पेंशन धारकों की राशि सरकार द्वारा जमा करवाए जाने के बावजूद भी उन्हें वितरित नहीं की जा रही है।
एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल ने एक्सीस बैंक के अधिकारी को दो टूक शब्दों में कहा कि अगर बैंक से डबवाली क्षेत्र में पेंशन वितरण का कार्य नहीं हो सकता, सही सूची तैयार नहीं हो सकती तो वे उन्हें लिखकर दें दे, ताकि वे इस मामले को सरकार के समक्ष रखा जाए और विकल्प के रूप में सरकार इसका उपाय कर सकें।
एक्सीस बैंक के सहायक मैनेजर ने बैंक की ओर से अपनी सफाई देते हुए कहा कि उनकी सूची के अनुसार जिला सिरसा में एक लाख 32 हजार 677 पेंशन धारक हैं। जिसमें से एक लाख 8 हजार 939 के स्मार्ट कार्ड बन चुके हैं। औढ़ां और डबवाली क्षेत्र में पेंशन वितरण के लिए पानीपत तथा करनाल से 120 कर्मचारियों को लगाया गया था। लेकिन ये कर्मचारी बीच में ही अपना काम छोड़कर चले गए। जिसके चलते वर्तमान परिस्थितियां बैंक के समक्ष प्रस्तुत हुई।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि पेंशन वितरण के लिए आवश्यक पग उठाते हुए पेंशन वितरण कर्मचारियों को निर्धारित स्थलों के बाहर पेंशन धारकों की सूची चस्पा करने और इसकी नकल प्रशासनिक अधिकारियों को मुहैया करवाने के आदेश दिए गए हैं। एक्सीस बैंक को पेंशन वितरण का शैड्यूल निर्धारित करने के लिए कहा गया है।