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31 अगस्त 2009

हरियाणा विधानसभा चुनाव 13 अक्टूबर को


डबवाली (लहू की लौ) चुनाव आयोग ने सोमवार को तीन राज्यों- महाराष्ट्र, हरियाणा और अरुणाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की घोषणा कर दी। तीनों ही राज्यों में चुनाव 13 अक्टूबर को होंगे।


चुनाव की तारीख घोषित होने के साथ-साथ तीनों प्रदेश में आचार संहिता लागू हो गई है। चुनाव आयुक्त द्वारा की गई घोषणा के अनुसार प्रत्याशी 18 सितम्बर को अपना नामांकन दाखिल करेंगे व 29 सितम्बर तक नामांकन वापिस लिया जा सकेगा। घोषणा के अनुसार सभी राज्यों में आज से आचार संहिता लागू हो गई है।

ज्ञातव्य हो कि हरियाणा में 90 सीटों पर चुनाव होंगे। 1 करोड़ 20 लाख 63 हजार मतदाता अपने मतदान का प्रयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र में 288 तथा अरूणाचल प्रदेश में 60 सीटों पर प्रत्याशी अपना भाग्य आजमाएंगे। चुनाव आयोग के अनुसार तीनों प्रांतों के प्रत्याशियों के मतपेटी में बंद भाग्य का फैसला 22 अक्तबूर को किया जाएगा। इन राज्यों में चुनाव नए परिसीमन के आधार पर होंगे।

हरियाणा में कुल 90 विधानसभा सीटें हैं। पिछले चुनाव में कांग्रेस को 67 सीटें, आईएनएलडी को 9, निर्दलीयों को 10 और एनसीपी को एक सीट मिली थी। बहुजन समाज पार्टी को यहां एक सीट मिली थी। चुनाव तिथि घोषित होने के साथ ही प्रदेश के लोगों की नजर सभी पार्टियों खासतौर पर कांग्रेस के टिकट बंटवारे पर टिक गई है। इनेलो ने भी आचार संहिता लगने के साथ ही टिकट बंटवारे की प्रकिया शुरू की बात कही है।

मोबाइल टावर मधुमक्खियों के लिए खतरनाक

तिरुवनंतपुरम। मोबाइल फोनों के टावर केरल में मधुमक्खियों के लिए खतरनाक साबित हो रहे हैं। एक नए अध्ययन में खुलासा किया गया है कि मोबाइल टावरों और सेल फोन से निकलने वाले वैद्युत चुंबकीय विकिरण में श्रमिक मधुमक्खियों का जीवन समाप्त करने की क्षमता होती है।

उल्लेखनीय है कि श्रमिक मधुमक्खी ही फूलों से मकरंद एकत्रित करती हैं। पर्यावरणविद और प्राणी विज्ञान विभाग में रीडर डा. सैनुद्दीन पत्ताजे ने अपने अध्ययन में कहा है कि केरल के विभिन्न भागों में मधुमक्खियों के छत्तों की संख्या में कमी देखी जा रही है और यदि मोबाइल टावरों की संख्या को रोका नहीं गया तो एक दशक के भीतर केरल से मधुमक्खियों का सफाया हो सकता है।

पत्ताजे ने अपने अध्ययन में पाया है कि जब एक मोबाइल फोन को छत्ते के करीब रखा गया तो पांच से 10 दिनों के भीतर उसकी बस्ती उजड़ गई। क्योंकि श्रमिक मधुमक्खियां अपने छत्ते में नहीं लौटीं, वहां केवल रानी, अंडे और छत्ते में रहने वाली अवयस्क मधुमक्खियां बची रह गई। टावरों से उत्पन्न होने वाली शक्तिशाली तरंगे श्रमिक मधुमक्खियों के खोजी और उद्यमी कौशल को नुकसान पहुंचाने के लिए पर्याप्त होती हैं।

कोल्लम जिले में पुनालुर के एस एन कालेज में अध्यापन करने वाले पत्ताजे ने कहा कि मधुमक्खियों की बस्तियों में जीवन निर्वाह में श्रमिक मधुमक्खियां महत्वपूर्ण योगदान करती हैं। कुछ महीने पहले पत्ताजे के नेतृत्व में पर्यावरणविदों के दल ने केरल के कोल्लम जिले के विभिन्न भागों में अध्ययन किया था।

उन्होंने पाया कि मोबाइल टावरों से निकलने वाले विकिरण से गौरैया के अस्तित्व को भी खतरा उत्पन्न हो रहा है। ये शहरी इलाकों सहित मनुष्यों के रिहायशी क्षेत्रों के पास समूह में रहती हैं। वायनाड के एक मधुमक्खी पालक पैरक्कल चाको ने कहा कि यह सही है कि क्षेत्र में व्यापक पैमाने पर मधुमक्खियों के छत्तों का विनाश हो रहा है। अभी तक ऐसा माना जाता था कि जलवायु परिवर्तन और आक्रांता कीटों के हमलों के कारण ऐसा हो रहा है।

उन्होंने कहा कि मोबाइल टावर भी खतरे का स्रोत हो सकते हैं। इस बिंदु से जांच की जानी चाहिए। पत्ताजे ने कहा कि हालांकि इस संबंध में विस्तार से अध्ययन की जरूरत है, लेकिन यह तर्कसंगत बात लगती है कि कीट और इसी प्रकार के छोटे जंतु मोबाइल टावरों और सूक्ष्म तरंगों से सबसे आसानी से प्रभावित होते हैं। पत्ताजे ने दावा किया कि जो छत्ते मोबाइल टावरों के पास होते हैं, उनमें मधुमक्खियों के व्यवहारगत पैटर्न में अंतर देखा जा रहा है।

कृषकों को मधुमक्खी पालन से शहद और मोम के रूप में अतिरिक्त आय कराने के अलावा मधुमक्खियां परागण वाले पुष्पों तथा पादपों की मदद कर वनस्पति को फलने फूलने में मदद करती हैं। मधुमक्खी की एक कालोनी [छत्ता] में एक रानी और कुछ ड्रोन सहित 20 से 31 हजार के करीब मधुमक्खियां होती हैं। मधुमक्खियों की आबादी का 90 फीसदी हिस्सा श्रमिक मधुमक्खियों से बना होता है।

हाल में केरल में व्यावसायिक मधुमक्खियों की संख्या में तेजी से गिरावट देखी गई है। इसका आधिकारिक कारण उनमें होने वाली बीमारियों और ततैए, चीटियों और मोम कीट के हमले को बताया जा रहा है। उसे रोकने के लिए मधुमक्खी पालकों को लगातार निगरानी रखनी पड़ती है। किसानों ने शिकायत की है कि मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने के लिए उत्कृष्ट किस्मों का उपयोग किए जाने से भी नुकसान हुआ है। क्योंकि ए नई किस्म की मधुमक्खियां जलवायु के अनुरूप स्वयं को ढाल नहीं पाती हैं। मधुमक्खियां और अन्य कीट अब भी जीवित बचे हुए हैं और लाखों वर्षो की अवधि में उनमें एक जटिल प्रतिरक्षा प्रणाली उत्पन्न हुई है।

पत्ताजे ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए विचार करना महत्वपूर्ण हो गया है कि वे अचानक क्यों मर रही हैं। स्वाभाविक है कि मानव निर्मित कारकों के बिंदु का मुद्दा उठेगा, जो मधुमक्खियां गायब हो जाती हैं उनका कभी पता नहीं लग पाता।

मधुमक्खी पालकों ने कहा है कि कई छत्तों को वे अचानक ही छोड़ देती हैं। पत्ताजे ने कहा कि मोबाइल टावरों की गैर तार्किक रूप से बढ़ती संख्या पर लगाम लगाने की जरूरत है और व्यावहारिक समाधान निकालने की जरूरत है। केरल में करीब छह लाख मधुमक्खी के छत्ते हैं और एक से सवा लाख लोग मधुमक्खी पालन में शामिल हैं। अधिकतर लोगों के लिए यह अतिरिक्त आय अर्जित करने का जरिया है। एक छत्ते से चार से पांच किलोग्राम शहद का उत्पादन होता है।

विधानसभा चुनाव में गूंजेंगे स्थानीय मुद्दे

डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा के आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खिलाफ विपक्ष कई मुद्दे लेकर मैदान में आ रही है। जिसमें प्रमुख रूप से सूखा, बिजली के कट और राज्य की लॉ एण्ड ऑर्डर की व्यवस्था शामिल हैं। इसके साथ-साथ ही स्थानीय मुद्दे भी प्रभावी साबित हो सकते हैं।
कांग्रेस पार्टी विकास को मुद्दा बनाकर चुनाव मैदान में आ रही है। लेकिन इस सम्बन्ध में मतदाताओं की राय यह है कि विकास तो कोई भी सरकार आये वो तो होगा ही होगा, जिसमें सड़कें या गलियां बनना शामिल हैं। लेकिन आम आदमी के विकास के लिए कांग्रेस ने क्या किया, यह मुख्य मुद्दा रहेगा। जिसमें बेरोजगारी पहले से बढ़ी है। रोजगार के अवसर छिन रहे हैं। किसान प्राकृतिक कारणों से निराश होकर खेती से मुंह मोड़ रहा है और वह भी रोजगार के अवसर उद्योग या अन्य में ढूंढ़ रहा है। किसान का बेटा किसानी में न जाकर शहरों में रोजगार ढूंढ़ रहा है।
आम लोगों के अनुसार सरकार महंगाई पर नियंत्रण पाने में असफल रही है, बल्कि महंगाई को बढ़ावा देने में लगी हुई है। उद्योग-धंधे स्थापित न करके बिना वजह सिर्फ वोट प्राप्त करने के लिए पैसा बांटने में व्यस्त है। नरेगा स्कीम के तहत गांवों में पैसा बांटा गया है। लेकिन विकास जीरो रहा है। ग्रामीणों के अनुसार सरकार ने अगर रोजगार ही देना था तो खड्डे खुदवाने की अपेक्षा इस पैसे को गांवों की गलियां सीसी बनाने और उन्हें सीवरेज जैसी सुविधा उपलब्ध करवाने में दिया जाता और वहीं पर ग्रामीणों को रोजगार भी उपलब्ध करवा दिया जाता। अब अगर रोजगार देने की बात कही गई है तो केवल ग्रामीणों को निठल्ला बनाने का ही प्रयास किया गया है। चूंकि मजदूरी पर लगे लोग मिट्टी को ही इधर-उधर फेंक रहे हैं, वह भी बिना किसी कारण के।
नरेगा से यहां सरकार को वोट मिलने की उम्मीद है, वहां मजदूर न मिलने से निर्माण कार्य रूक गये हैं या फिर महंगी दिहाड़ी पर निर्माण कार्य करवाने के लिए आम आदमी मजबूर है। यहां तक लॉ एण्ड ऑर्डर का सवाल है राज्य में कोई भी ऐसा दिन नहीं जाता जब कहीं न कहीं हत्या या लूटमार न हुई हो। लेकिन फिर भी सरकार यह दावा करती है कि राज्य में पूरी तरह शान्ति है और लोग सुख-चैन से जी रहे हैं।
हरियाणा सरकार विज्ञापनों के माध्यम से राज्य में पूरी बिजली होने का ढिंढोरा पिटती है। लेकिन वास्तविकता में बिजली लोगों को उनकी जरूरत पूरी करने के बराबर भी नहीं मिलती। इससे सरकार को एक लाभ जरूर हुआ है कि बिना बिजली के ही लोगों को बड़े-बड़े बिल आ रहे हैं। पैसा लोगों की जेब से निकलकर सरकारी खजाने में जा रहा है। चूंकि बिजली मिले न मिले उपभोक्ता को फिक्स बिल तो आ ही जाना है। लोड़ भी अनावश्यक रूप से उपभोक्ताओं पर डाल दिया गया है।
विपक्ष के समक्ष उपरोक्त मामलों के अतिरिक्त स्थानीय मुद्दे भी महत्व रखते हैं। जो विपक्ष ने अभी से उठाने शुरू कर दिये हैं। इनमें डबवाली विधानसभा में प्रमुख मुद्दों में रजिस्ट्रियां बन्द होना, बार-बार घोषणाओं के बावजूद भी कॉलेज भवन का निर्माण न होना, रेलवे ओवरब्रिज का मामला भी जैसे है वैसे ही रहना, सड़कों आदि के निर्माण में हुए घोटालों की जांच सिर्फ फाईलों में ही सीमित होकर रह जाना शामिल है।
विपक्ष के पास हुड्डा सरकार के खिलाफ एक बड़ा मुद्दा यह भी है जिसमें 48 औद्योगिक और 7 इंस्टीट्यूशनल संस्थानों को करोड़ों रूपये की जमीन सस्ते भाव अलाट करना शामिल है। इसके साथ ही कुछ धार्मिक संस्थाओं को भी वोट बटौरने के लिए हुड्डा सरकार ने सरकारी जमीनें बिना किसी कारण ही अलाट कर दी। यह मुद्दा भी चुनावों में उठ सकता है।

दो अकाली धड़ों में मारपीट

डबवाली (लहू की लौ) मण्डी किलियांवाली में अकाली दल के दो धड़ों में चल रहे आरोप-प्रत्यारोप को लेकर दोनों ही पक्ष शनिवार रात को भिड़ गये और मामला पुलिस में जा पहुंचा।


अकाली दल के वरिष्ठ नेता तथा मण्डी किलियांवाली के पूर्व सरपंच किशोर चन्द ने आरोप लगाया कि उसने अपने साथियों के साथ मुख्यमंत्री पंजाब, पुलिस तथा प्रशासन के आला अधिकारियों को एक शिकायत पत्र भेजकर गांव की सरपंच पुष्पा खरोड़ तथा उसके पति अजय खरोड़ पर मुर्दो के नाम पेंशन हड़पने का आरोप लगाया था। इस शिकायत के बाद से सरपंच और उसका पति उससे रंजिश रखने लगा।

शिकायतकर्ता के अनुसार शनिवार रात को करीब 10 बजे अजय खरोड़ अपने 4-5 अन्य साथियों को साथ लेकर उनके घर आ धमका। इस मौके पर वह तथा उसकी पत्नी लाजवन्ती सदस्य ब्लाक समिति, लम्बी उपस्थित थे। आरोपियों ने उसके घर में घुसकर उससे पहले गाली-गलौच किया तथा धमकी दी कि उसे उसकी शिकायत करने का मजा चखाएंगे। मौका से उसके बेटे जागरण पर गये हुए थे। इसके बाद ये लोग बिट्टू मानसा के घर गये और वहां भी गालियां निकाली। वह इस मामले की शिकायत लेकर जब किलियांवाली पुलिस चौकी में पहुंचा तो अजय खरोड़ अपने साथियों को लेकर उसके पीछे ही वहां आ धमका और वहां पर उससे और उसकी पत्नी से मारपीट की और उसे पुलिस वालों ने छुड़वाया।

इधर मण्डी किलियांवाली की सरपंच पुष्पा खरोड़ के पति अजय खरोड़ ने आरोप लगाया है कि वह किलियांवाली रोड़ पर स्थित कुलवन्त की दुकान पर बैठा हुआ था, वहीं पड़ौस में लॉटरी स्टॉल चलाने वाले किशोर चन्द के बेटे अरूण, पवन और अमित ने बिट्टू मानसा के साथ मिलकर उस पर हमला कर दिया और उससे गाली-गलौच किया। उसने यह भी आरोप लगाया कि यह सारा पूर्व सरपंच किशोर चन्द की शह पर किया गया। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने पहले उसे पेंशन के झूठे मामले में फंसाने का प्रयास किया और अब उस पर पुलिस चौकी में झूठी शिकायत करके उसे फंसाया जा रहा है।

चोरीशुदा मोबाइल सहित काबू

डबवाली (लहू की लौ) औढ़ां पुलिस ने डकैती के मामले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है जबकि उसके दो साथी अभी तक पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े हैं।


यह जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ओढ़ां हीरा सिंह ने बताया कि गत 25 जुलाई को गांव रोहिडांवाली के पास एक ट्रक चालक गुरमीत सिंह से तीन युवकों ने पिस्तौल की नोक पर दो हजार रुपए की नकदी व मोबाइल छीन लिया था। उस मामले की छानबीन करते हुए राजमल एएसआई ने पंजाब के फतुखेड़ा निवासी देवेंद्र सिंह उर्फ काका पुत्र कश्मीर सिंह को गिरफ्तार करके उससे मोबाइल बरामद कर लिया है जबकि दो हजार रुपए की नकदी अभी तक बरामद नहीं हुई है। पुलिस ने देवेंद्र सिंह को अदालत में पेश कर दिया है।

उल्लेखनीय है कि गत 24 जुलाई की रात्रि एक ट्रक नंबर आरजे 20 जी 5829 बठिंडा पंजाब से ईंट भ_े वाली राख लेकर रेवाड़ी जा रहा था। रात्रि 10 बजे के लगभग ट्रक जब जीटी रोड पर स्थित जूट मिल के नजदीक पहुंचा तो पीछे से आ रही एक सफेद रंग की एस्टीम कार ने ट्रक को इशारा देकर रोक लिया तथा कार में सवार तीन युवकों ने ट्रक के चालक परिचालक को कागजात दिखाने को कहा। ट्रक चालक गुरमीत सिंह पुत्र हरि सिंह निवासी कोटकपुरा ट्रक से नीचे उतरकर जब कागजात दिखाने लगा तो उनमें से एक युवक ने चालक को पिस्तौल की नोक पर लेते हुए कहा कि जो कुछ है हमारे हवाले कर दो। इस पर चालक ने 2 हजार रुपए उसके हवाले कर दिए। इतने पर संतुष्ट न होते हुए उन्होंने चालक गुरमीत सिंह, परिचालक राजू शर्मा व ट्रक की तलाशी ली तो उनके हाथ एक मोबाइल लगा। नकदी और मोबाइल छीनकर उन्होंने कार को वापिस ओढ़ां की ओर मोड लिया और फरार हो गए थे। ट्रक चालक चालक ने पन्नीवाला मोटा स्थित नाके पर पहुंचकर पुलिस को सूचना दे दी थी।

30 अगस्त 2009

ईमानदारी जिन्दा है

डबवाली (लहू की लौ) यहां के एक युवक ने सड़क पर गिरी पांच हजार रूपये की राशि सम्बन्धित मालिक को देकर ईमानदारी का परिचय दिया।


एकता नगरी निवासी मुनीष कुमार पुत्र पवन कुमार ने बताया कि वह मोटरसाईकिल पर कहीं बाहर जा रहा था और जब वह बस स्टैण्ड के पास से गुजरा तो उसका पर्स खो गया। लेकिन संयोग से यह पर्स जैन मशीनरी स्टोर के मालिक नरेश जैन पुत्र मास्टर शिव कुमार को मिल गया। इस पर्स में 5000 रूपये की राशि थी।

नरेश जैन ने जैसे-तैसे मुनीष का पता किया और उसे ढूंढकर उसकी खोई राशि पर्स सहित लौटा दी। मुनीष ने इस ईमानदारी के लिए उसे पुरस्कार देना भी चाहा लेकिन उसने पुरस्कार लेने से यह कहकर इंकार कर दिया कि यह उसका कत्र्तव्य था। जैन की इस ईमानदारी की प्रशंसा सर्वत्र हो रही है।

मोबाइल चोर मोटरसाईकिल सहित काबू

डबवाली (लहू की लौ) यहां के जीटी रोड़ पर स्थित एक टायरों की दुकान से मोबाइल चोरी करने के आरोप मेें थाना शहर पुलिस ने दो जनों को गिरफ्तार करके उनसे मोबाइल भी बरामद कर लिया है।


प्राप्त जानकारी अनुसार वार्ड नं. 14 निवासी विनोद कुमार पुत्र सतपाल अपनी दुकान श्री बाला जी टायर पर गत शाम को बैठा हुआ था कि अचानक उसकी दुकान से दो मोटरसाईकिल सवार युवक नोकिया का मोबाइल उड़ा ले गये। इसकी सूचना उसने पुलिस को दी। शनिवार को बठिंडा साईड से आ रहे एक मोटरसाईकिल को गश्त के दौरान एसआई भागीरथ ने रोका और उसकी तालाशी ली तो उसमें से मोबाइल फोन निकला। जो कि चैक करने के बाद विनोद का पाया गया। पुलिस ने मोटरसाईकिल सहित युवकों को हिरासत में ले लिया। जिन्होंने अपनी पहचान संदीप उर्फ सन्नी पुत्र गुरजन्ट सिंह निवासी मसीतां, जसविन्द्र उर्फ बिन्द्री पुत्र कौर सिंह मलवाला हाल संगत मंडी के रूप में करवाई।

29 अगस्त 2009

अब जूते चमकेंगे केले के छिलकों और आलू से

लंदन : शू पालिश और चमकाने वाली क्रीम के बिना भी आप अपने जूते चमका सकते हैं। अगर एक नयी किताब की बात मानी जाये तो केले का छिलका और आलू भी बखूबी यह काम कर सकता है और यह आपकी जेब के लिए मुफीद होगा।
इस किताब के अनुसार आप केले के छिलके की भीतरी परत को जूतों पर रगड़ दीजिये और बाद में मुलायम कपड़े से इसे चमका दीजिये। यह तरीका सस्ती पालिशों की तुलना में कहीं बेहतर साबित होगा और इससे आपकी जेब पर बोझ भी कम पड़ेगा।
‘‘ मेक डू एंड मेंड ’’ नामक इस पुस्तक के अनुसार यदि आपके जूते चीमड़ हो गये है तो आप केले के छिलके के साथ साथ आधे कच्चे आलू को भी रगड़ दीजिये और बाद में उन्हें कपड़े से साफ कर दीजिये। ’’ दरअसल यह पुस्तक द्वितीय विश्व युद्ध मे लिखी गयी ‘‘ मेक डू एंड मेंड ’’ का अद्यतन संस्करण है। इसमें धन बचत की और आधुनिक सलाह दी गयी हैं। मिसाल के तौर पर रात के समय फोन चार्जर की जांच करनी चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिजली का फालतू उपभोग न हो।
एक अन्य सलाह यह भी है कि आभूषणों और सेलोटेप को धब्बों से बचाने के लिए इसकी सफाई में टूथब्रश का इस्तेमाल किया जाये।