युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

08 अगस्त 2010

सेल्स टैक्स अफसर और पुलिसवालों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा

डबवाली | पंजाब के किलियांवाली बैरियर पर बुधवार रात टैक्स चोरी के संदेह में इंपाउंड किए गए माल से भरे एक कैंटर को अज्ञात हथियारबंद लोग उठा ले गए। तलवारों से लैस व्यक्तियों ने सेल्सटैक्स अधिकारी और पुलिस बल के जवानों को दौड़ दौड़ कर पीटा और उनको उठा ले जाने की कोशिश भी की।
पंजाब के किलियांवाली बैरियर पर ड्यूटी पर तैनात सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर अशोक बांसल ने बताया कि बुधवार रात लगभग 10 बजे मलोट की दिशा से आए परचून के सामान से भरे एक कैंटर को रोका गया और जब उससे कागजात मांगे गए तो वह कैंटर छोड़ भाग गया। अशोक बंसल ने बताया कि इसके बाद कैंटर को इंपाउंड कर बैरियर की सीमा रेखा में खड़ा करवा दिया गया। कुछ समय बाद ही करीब तीस लोग तलवार लेकर गाडिय़ों से आए और उन्होंने बैरियर पर तैनात सेल्स विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ पुलिसवालों पर भी हमला बोल दिया। हथियारबंदों ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनके अपहरण करने का भी प्रयास किया। बकौल अशोक बंसल: मैं खुद बैरियर कार्यालय में घुस गया और भीतर से दरवाजा बंदकर अपनी जान बचाई। इसी बीच हथियारबंद इंपाउंड किए गए केंटर को ले भागे।
अशोक बंसल ने बताया कि उन्होंने इस घटना की जानकारी थोड़ी देर बाद अपने विभाग के आला अधिकारियों को दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने किलियांवाली पुलिस चौकी को भी इसकी सूचना देेने का प्रयास किया गया लेकिन फोन पर चौकी में संपर्क नहीं हो सका। इस घटना में पुलिस के सिपाही जगजीत सिंह की उंगली पर मामूली चोट आई है।
गुरुवार को सेल्स टैक्स विभाग बठिंडा जोन के एटीसी (मोबाइल टीम) लाजपाल जाखड़ मौका पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उसके बाद उन्होंने मुक्तसर के एसएसपी से घटना के सिलसिले में बात की। एसएसपी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अवश्य की जाएगी। वहीं थाना लंबी पुलिस के प्रभारी एसआई हरिंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास शिकायत आ चुकी है और मामले की जांच कर रहे हैं।

डेरा प्रमुख को धमकी,सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप

सिरसा। डेरा सच्चा सौदा के ई-मेल पर आज डेरा व डेरा प्रमुख को उड़ा दिए जाने का संदेश मिलने के बाद डेरा के अनुयाइयों व सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
स्वतंत्रता दिवस नजदीक होने व डेरा प्रमुख की लगातार पेशियों के दौरान मिले इस ई-मेल संदेश के बाद सुरक्षा घेरा बेहद मजबूत कर दिया गया है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसके बावजूद आशंकित हैं। डेरा सच्चा सौदा के ई-मेल एड्रेस पर कल शाम मेल संदेश आया जिसमें डेरा सच्चा सौदा व डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को हमला करके उड़ा दिए जाने की बात लिखी थी। इस बात की सूचना डेरा प्रबंधकों ने तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा के उपप्रबंधक अभिजीत की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
डेरा सच्चा सौदा सिरसा के उपाध्यक्ष अभिजीत भगत ने सदर सिरसा पुलिस थाने में शिकायत दी है जिसमें कहा गया है कि 31 जुलाई को डेरा की मेल आईडी पर एक ई मेल मिला था जिसमें भेजने वाले ने अपना नाम मदन लिखा है। ई मेल में धमकी दी गई है कि डेरा के गढ़ी स्थित प्रेमपुरा धाम को 15 अगस्त के दिन बम से उड़ा दिया जाएगा। ई-मेल भेजने वाले ने अपना मोबाइल नंबर 9416589588 लिखा है। सदर सिरसा पुलिस ने अभिजीत भगत की शिकायत पर गत दिवस जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उधर जब से डेरा को ई-मेल मिला है, तब से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क है। जिस व्यक्ति का ई-मेल पर नाम व मोबाइल नंबर है उसे सिरसा एसपी ने बुलाकर पूछताछ भी की है। इससे पहले भी डेरा प्रमुख को जान से मारने की धमकी मिल चुकी है वहीं स्टपनी बम से उनके काफिले पर हमला भी हो चुका है जिसमें बख्शीश सिंह नामक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया हुआ है। यह मुकदमा अभी लंबित है। डेरा प्रमुख की आज साध्वी यौन शोषण मामले में पेशी थी।
शाम 4 बजे डेरा प्रमुख कोर्ट में पेश हुए और मात्र 25 मिनट की पेशी के बाद ही उन्हें कड़ी सुरक्षा व जेड प्लस के घेरे में वापस डेरा में ले जाया गया। धमकी के बाद आज अदालत परिसर में पुलिस का बंदोबस्त पहले के मुकाबले काफी कड़ा था। आगामी 13 व 14 अगस्त को रणजीत सिंह हत्याकांड में सुनवाई होनी है। इसी 14 अगस्त को ही बाबा की जमानत रद्द किए जाने संबंधी फैसला भी होना है।
उधर डेरा को ई-मेल भेजने का आरोपी मदन हांसी के पास स्थित गांव मेहंदा का रहने वाला है। मदन ने बताया कि उसने किसी को मेल नहीं किया है। मेल पर उसका नाम व मोबाइल नंबर लिखकर उसे फंसाया जा रहा है। वह प्रेमपुरा धाम में भी लिखित में इस बाबत शपथ पत्र दे चुका है। सिरसा एसपी से भी वह मिलकर स्पष्टीकरण दे चुका है। मदन ने बताया कि 18 जून को उसे भी किसी ने मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी थी। लगता है किसी साजिश के तहत उसे फंसाया जा रहा है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को बेहद तगड़ा कर दिया गया है।

डबवाली नगरपालिका पर वित्तीय संकट, कर्मचारियों को वेतन नहीं

डबवाली (लहू की लौ) नगरपालिका में वित्तीय संकट के चलते पिछले दो माह का वेतन कर्मचारियों को न मिलने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
नगरपालिका के सफाई कर्मचारी सत्यवान और चत्तर सिंह ने बताया कि उन्हें मई माह का वेतन कड़े संघर्ष के बाद गुरूवार और शुक्रवार को मिला है। जबकि जून और जुलाई माह का वेतन अभी तक नगरपालिका की ओर पेंडिंग पड़ा है। इन कर्मचारियों के अनुसार वे ब्याज पर माल खरीदकर अपना तथा अपने परिवारों का पेट पाल रहे हैं। वेतन समय पर न मिलने से उन्हें केवल खाद्य पदार्थों की उधार चुकाने में मुश्किल आ रही है, बल्कि इसके साथ ही बच्चों की फीसें भरने में भी उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
इन कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बैंक लोन की किश्तें भी समय पर अदा नहीं की जाती। जिसके चलते उन पर बैंक का ब्याज अलग से पड़ रहा है। जबकि इन किश्तों को उन्हें वेतन देते समय काट लिया जाता है। चत्तर सिंह के अनुसार उसकी 11 माह की किश्तें अभी तक अदा नहीं की गई हैं। इन कर्मचारियों के अनुसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का नगरपालिका को आदेश है कि वे हर माह की पांच से दस तारीख तक उनका वेतन अदा करे। लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा।
इस संबंध में जब नगरपालिका के लेखाकार देसराज चालिया से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पालिका की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। वह भी इसी के चलते अपना तबादला रानियां करवा गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल माह से सरकार की अनुदान राशि भी वेतन के लिए नगरपालिका को नहीं मिली है। मई माह का वेतन भी कर्मचारियों को पालिका के आय के स्त्रोत से ही दिया गया है। जिसमें हाऊस टैक्स, नगरपालिका दुकानों का किराया, ड्राईविंग लाईसेंस और स्टॉम्प डियूटी से प्राप्त आय शामिल है। उनके अनुसार नगरपालिका के पास आय के स्त्रोत तो पहले ही छीने जा चुके हैं, जिसमें सीवरेज और वाटर तथा चुंगी कर शामिल हैं।
उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि नगरपालिका पर इस समय पालिका के कर्मचारियों का दो माह का वेतन तो बकाया है ही, इसके साथ ही तीस लाख रूपए की देनदारियां भी हैं।