युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

17 नवंबर 2009

कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बनाई योजना

डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा सरकार ने कृषि वानिकी व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एक योजना बनाई है, जिसके अंतर्गत वन विभाग द्वारा कृषि भूमि पर विशेष आर्थिक महत्व के वृक्षों की प्रजातियों के रोपण की योजना है और इसके लिए किसानों को दूसरे और तीसरे वर्ष क्रमश: 2 रुपये और 3 रुपये की दर से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
यह जानकारी हरियाणा के वन एवं वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने आज वरिष्ठï वन अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए दी।
कैप्टन यादव ने कहा कि हरियाणा सरकार ने राज्य में पोपलर की रोपाई को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है और इसके लिए पोपलर की पौध किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध करवाई जायेगी। उन्होंने कहा कि पोपलर की पौध पर 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी और 5 रुपये प्रति पौध की दर से बेची जायेगी जबकि इससे पहले किसानों को 10 रुपये प्रति पौध की दर से इसकी कीमत चुकानी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि पोपलर की पौध की आपूर्ति केवल उन्हीं किसानों को की जायेगी, जो अपनी भूमि पर पोपलर लगायेंगे और किसानों को पोपलर की अधिकतम 200 पौध पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जायेगी।
वन मंत्री ने पोपलर पौध की बेहतर किस्म, जिनमें क्रांति, विमको सीडलिंग लिमिटेड (डब्ल्यूएसलएल) क्लोन्स, डब्ल्यूएसलएल 22, 29, 32 शामिल हैं, को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि ये अधिकतम संख्या में उगाई जानी चाहिए ताकि किसानों को इनके उत्पाद से अधिकतम मुनाफा हो सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन में भी वृद्धि होगी।
कैप्टन यादव ने कहा कि पूरे राज्य के स्थाई हरियाली को बढ़ाने के लिए बड़, पीपल, नीम और जामुन जैसे परम्परागत महत्व के वृक्षों की बागवानी को बढ़ावा देने के लिए बैठक में निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य में पट्टीदार वन, सड़क और रेलवे लाइनों के साथ बड़े पट्टीदार वनों का बड़ा क्षेत्र नई रेल पटरियों को बिछाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। शिवालिक और अरावली में प्राकृतिक वन समिति रह गये है और विकास का दबाव झेल रहे है। कृषि भूमि ही एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर किसानों की मदद से वृक्षारोपण का विस्तार किया जा सकता है।
बारिश के पानी के अनुकूलतम प्रयोग के लिए इसके संरक्षण पर बल देते हुए कैप्टन यादव ने कहा कि जल संचयन संरचनाओं (विशेष रूप से पहाड़ों पर) की भूमिका ने एक महत्वपूर्ण आयाम ले लिया है। उन्होंने विचार व्यक्त किये कि शिवालिक और अरावली की पहाडिय़ों के उपयुक्त स्थलों पर ऐसी संरचनाओं का निर्माण होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि विभाग के पास उपलब्ध संभव संसाधनों का उपयोग बांधों के निर्माण पर किया जाना चाहिए।

कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बनाई योजना

डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा सरकार ने कृषि वानिकी व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एक योजना बनाई है, जिसके अंतर्गत वन विभाग द्वारा कृषि भूमि पर विशेष आर्थिक महत्व के वृक्षों की प्रजातियों के रोपण की योजना है और इसके लिए किसानों को दूसरे और तीसरे वर्ष क्रमश: 2 रुपये और 3 रुपये की दर से प्रोत्साहन राशि दी जायेगी।
यह जानकारी हरियाणा के वन एवं वित्त मंत्री कैप्टन अजय सिंह यादव ने आज वरिष्ठï वन अधिकारियों की बैठक को संबोधित करते हुए दी।
कैप्टन यादव ने कहा कि हरियाणा सरकार ने राज्य में पोपलर की रोपाई को प्रोत्साहित करने का निर्णय लिया है और इसके लिए पोपलर की पौध किसानों को रियायती दरों पर उपलब्ध करवाई जायेगी। उन्होंने कहा कि पोपलर की पौध पर 50 प्रतिशत की छूट दी जायेगी और 5 रुपये प्रति पौध की दर से बेची जायेगी जबकि इससे पहले किसानों को 10 रुपये प्रति पौध की दर से इसकी कीमत चुकानी पड़ती थी। उन्होंने कहा कि पोपलर की पौध की आपूर्ति केवल उन्हीं किसानों को की जायेगी, जो अपनी भूमि पर पोपलर लगायेंगे और किसानों को पोपलर की अधिकतम 200 पौध पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दी जायेगी।
वन मंत्री ने पोपलर पौध की बेहतर किस्म, जिनमें क्रांति, विमको सीडलिंग लिमिटेड (डब्ल्यूएसलएल) क्लोन्स, डब्ल्यूएसलएल 22, 29, 32 शामिल हैं, को बढ़ावा देने की जरूरत पर बल दिया और कहा कि ये अधिकतम संख्या में उगाई जानी चाहिए ताकि किसानों को इनके उत्पाद से अधिकतम मुनाफा हो सके। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कृषि वानिकी को बढ़ावा देने के लिए बजट आवंटन में भी वृद्धि होगी।
कैप्टन यादव ने कहा कि पूरे राज्य के स्थाई हरियाली को बढ़ाने के लिए बड़, पीपल, नीम और जामुन जैसे परम्परागत महत्व के वृक्षों की बागवानी को बढ़ावा देने के लिए बैठक में निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि हरियाणा राज्य में पट्टीदार वन, सड़क और रेलवे लाइनों के साथ बड़े पट्टीदार वनों का बड़ा क्षेत्र नई रेल पटरियों को बिछाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। शिवालिक और अरावली में प्राकृतिक वन समिति रह गये है और विकास का दबाव झेल रहे है। कृषि भूमि ही एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर किसानों की मदद से वृक्षारोपण का विस्तार किया जा सकता है।
बारिश के पानी के अनुकूलतम प्रयोग के लिए इसके संरक्षण पर बल देते हुए कैप्टन यादव ने कहा कि जल संचयन संरचनाओं (विशेष रूप से पहाड़ों पर) की भूमिका ने एक महत्वपूर्ण आयाम ले लिया है। उन्होंने विचार व्यक्त किये कि शिवालिक और अरावली की पहाडिय़ों के उपयुक्त स्थलों पर ऐसी संरचनाओं का निर्माण होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को सलाह दी कि विभाग के पास उपलब्ध संभव संसाधनों का उपयोग बांधों के निर्माण पर किया जाना चाहिए।

प्रदेश में स्वाईन फ्लू के 657 मामले

डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा स्वास्थ्य मंत्री गीता भुक्कल ने आज लोगों से आग्रह किया कि इनफ्लूएंजा ए एच1एन1 से घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि राज्य का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है और संदिग्ध स्वाइन फ्लू के मामलों का निरीक्षण करके इस बीमारी से पीडि़त पाए जाने वाले लोगों का उपचार कर रहा है।
गीता भुक्कल ने यहां जारी एक वक्तव्य में कहा कि सभी उपायुक्तों और जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अभिभावकों और अध्यापकों को इनफ्लूएंजा ए एच1एन1 के रोकथाम के उपायों के बारे में शिक्षित करें। यदि कोई संदिग्ध मामला पाते हैं तो वे उसको नजदीकी अस्पतालों में लायें।
उन्होंने कहा कि अब तक इनफ्लूएंजा ए एच1एन1 के कुल 1108 संदिग्ध मामलों का परीक्षण एवं जाँच की गई है। इन मामलों में से 657 मामले पॉजि़टिव पाए गए। अब तक 49 पॉजि़टिव मामलों का विभिन्न अस्पतालों में उपचार किया गया है तथा उपचार के बाद उन्हें अस्पतालों से छुट्टïी दे दी गई है।
उन्होंने कहा कि इनफ्लूएंजा के 563 पॉजि़टिव मामलों का घरों में ही अलग रखकर उपचार किया गया तथा उनका उपचार पूरा हो चुका है। इस समय भी 37 पॉजि़टिव मामलों का घरों में अलग रखकर उपचार किया जा रहा है। अब तक ऐसे किसी भी पीडि़त को अस्पताल में दाखिल नहीं करवाया गया है। पॉजि़टिव मामलों के सम्पर्क में आए कुल 1378 लोगों को कैमोप्रोफिलैक्सिस दी गई है।
उन्होंने कहा कि 657 पॉजि़टिव मामलों में से 466 मामले जिला गुडग़ांव से, 73 मामले जिला फरीदाबाद से, 41 मामले जिला पंचकूला से, 15 मामले अम्बाला से, 13-13 मामले हिसार, पानीपत और सोनीपत से तथा आठ मामले सिरसा से हैं। करनाल, भिवानी और रोहतक से तीन-तीन मामले, यमुनानगर और कैथल से दो-दो मामले तथा कुरूक्षेत्र और झज्जर का एक-एक मामला है।
उन्होंने कहा कि इनफ्लूएंजा ए एच1एन1 के कुल 657 पॉजि़टिव मामलों में से 451 यानि 68.6 प्रतिशत मामलों को निजी प्रयोगशालाओं द्वारा पॉजि़टिव घोषित किया गया है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा में अब तक इनफ्लूएंजा ए एच1एन1 के कारण आठ लोगों की मृत्यु हुई है। जहां एक व्यक्ति की मृत्यु गत 20 अगस्त को जिला गुडग़ांव में हुई, वहीं 26 अगस्त एवं 11 सितम्बर को जिला फरीदाबाद में दो लोगों की तथा 28 सितम्बर को जिला अम्बाला में एक व्यक्ति की और 20 अक्तूबर को जिला झज्जर में एक व्यक्ति की, 30 अक्तूबर को करनाल में एक व्यक्ति की, 5 नवम्बर को जिला पानीपत में एक व्यक्ति की तथा 9 नवम्बर, 2009 को पंचकूला में एक व्यक्ति की मौत हुई है।
उन्होंने कहा कि इनफ्लूएंजा ए एच1एन1 के लक्षणों वाले रोगियों के साथ पूरी चौकसी बरती जा रही है। लोगों को इस बीमारी से बचाव के उपायों बारे अवगत कराया गया है। जिला इकाइयों को इनफ्लूएंजा ए एच1एन1 के मामलों की शीघ्र पहचान करने, परीक्षण करने, उन्हें अलग रखने तथा उपचार करने के लिए तैयार किया गया है।
गुडग़ांव मण्डल के लिए फरीदाबाद एवं गुडग़ांव में, हिसार मण्डल के लिए हिसार में, रोहतक मण्डल के लिए रोहतक में तथा अम्बाला मण्डल के लिए अम्बाला में दवाइयां एवं व्यक्तिगत संरक्षण किट्स उपलब्ध करवाई गई हैं, क्योंकि इनफ्लूएंजा ए एच1एन1 के परीक्षण एवं उपचार के लिए इनकी आवश्यकता होती है। इन केन्द्रों में दवाइयों तथा अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति का नियमित अद्यतन किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि 6670 तीन परतों वाले मास्क्स, 555 एन95 मास्क्स, 91,500 टैमीफ्लू कैपसूल्स और 1734 टैमीफ्लू सिरप्स जिला इकाइयों को जारी की गई हैं।
राज्य सरकार द्वारा महामारी अधिनियम, 1897 के तहत पहले ही कुछ विनियम लागू किये जा चुके हैं। इन विनियमों के तहत निजी चिकित्सक को इनफ्लूएंजा ए एच1एन1 के संदिग्ध मामलों का पता लगते ही तुरंत बिना समय गंवाए सम्बन्धित जिला के सिविल सर्जन को इस बारे सूचित करना होगा।

कांग्रेस पर झूठ बोलकर गुमराह करने का आरोप

चंडीगढ़ (लहू की लौ) इनेलो ने हुड्डा सरकार पर प्रदेश की जीवनरेखा एसवाईएल की अनदेखी करने और लोगों को झूठ बोलकर गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस की तीखी आलोचना की है।
इनेलो के प्रधान महासचिव अजय सिंह चौटाला ने कहा कि मुख्यमन्त्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा से लेकर वित्त व सिंचाई मन्त्री कैप्टन अजय यादव तक पहले भी साढ़े चार साल तक लोगों को झूठ बोलकर गुमराह करते रहे हैं और अब फिर लोगों को गुमराह करने के लिए वही पुराने राग अलापने लगे हैं।
इनेलो के प्रधान महासचिव ने कहा कि हुड्डा सरकार एसवाईएल के मुद्दे पर गम्भीर नहीं है और कांग्रेस आलाकमान के दबाव में पिछले पांच सालों से एसवाईएल के मुद्दे को प्रदेश सरकार जानबूझकर दबाने के प्रयासों में लगी हुई है। उन्होंने कहा कि लोगों से झूठ बोलकर सत्ता हथियाने वाली कांग्रेस पार्टी ने पिछले पांच सालों के दौरान एसवाईएल के निर्माण के लिए कोई कदम नहीं उठाया जिसके चलते प्रदेश की जनता कांग्रेस से बेहद नाराज है और प्रदेश के 18 जिलों में कांग्रेस के जहां मात्र 27 विधायक चुनाव जीतकर आए वहीं प्रदेश की जनता ने इन जिलों से कांग्रेस के खिलाफ 49 विधायक जिताकर भेजे हैं।
इनेलो नेता ने कहा कि पिछले पांच सालों से प्रदेश व केन्द्र में कांग्रेस की सरकारें हैं। एसवाईएल के निर्माण को लेकर चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के प्रयासों से सर्वोच्च न्यायालय का फैसला हरियाणा के पक्ष में आ चुका है। सर्वोच्च न्यायालय के फैसले अनुसार एसवाईएल के अधूरे निर्माण को केन्द्र सरकार ने अपनी किसी एजेंसी से पूरा करवाना है। आज सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर किसी अदालत का कोई स्थगन आदेश नहीं है। यानी केन्द्र की कांग्रेस सरकार को सर्वोच्च न्यायालय का फैसला लागू करने के लिए कहीं कोई कानूनी अड़चन नहीं है। ऐसे में प्रदेश की कांग्रेस सरकार को चाहिए कि वे अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए केन्द्र पर दबाव बनाए और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को लागू करते हुए केन्द्र एसवाईएल के अधूरे निर्माण को पूरा करवाए।
अजय सिंह चौटाला ने हरियाणा के वित्त व सिंचाई मन्त्री कैप्टन अजय सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि इनेलो व चौधरी देवीलाल का परिवार ही किसानों व हरियाणा के हितों का हमेशा सबसे बड़ा हितैषी रहा है और हरियाणा का निर्माण चौधरी देवीलाल के प्रयासों से ही हुआ था। उन्होंने कि कांग्रेस ने हर स्तर पर हरियाणा के हितों को न सिर्फ नुकसान पहुंचाया बल्कि प्रदेश के किसानों को बर्बाद करने को कोई कसर नहीं छोड़ी। उन्होंने कहा कि कैप्टन अजय सिंह को चाहिए कि वे चौटाला परिवार पर आरोप लगाने से पहले अपने गिरेबान में झांकें और अगर उनमें हिम्मत है और वे हरियाणा के हितों के रक्षक हैं तो वे पंजाब के तत्कालीन कांग्रेसी मुख्यमन्त्री कैप्टन अमरेंदर सिंह को कांग्रेस से बाहर निकलवाएं जिन्होंने पंजाब विधानसभा से एक विधेयक पारित करवाकर हरियाणा के साथ हुए सभी जल समझौतों को रद्द कर दिया था।
डबवाली के नवनिर्वाचित विधायक ने कहा कि हरियाणा को उसके हिस्से का अतिरिक्त पानी सिर्फ एसवाईएल से ही मिल सकता है और हरियाणा के पक्ष में सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आने के बावजूद हुड्डा सरकार ने एसवाईएल को पूरा करवाने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हुड्डा सरकार बनने के बाद दो साल ऐसे थे जब हरियाणा-पंजाब व केन्द्र में कांग्रेस की सरकारें थीं। उस समय हरियाणा के कांग्रेसी नेताओं ने नहर का निर्माण पूरा करना तो दूर इसको लेकर कभी एक शब्द भी नहीं कहा। उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों से केन्द्र व हरियाणा में कांग्रेस की सरकारें थीं और आज भी दोनों जगह कांग्रेस की सरकारें हैं। तो ऐसे में हुड्डा सरकार व प्रदेश के वित्त व सिंचाई मन्त्री कैप्टन अजय सिंह को चाहिए कि वे अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने के लिए ओछे हथकंडे अपनाने की बजाय केन्द्र पर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला लागू करने के लिए दबाव बनाएं और इस दिशा में ठोस काम करें ताकि प्रदेश के लोगों को राहत मिल सके और हरियाणा की प्यासी धरती को उसके हिस्से का पूरा पानी मिल सके।
उन्होंने कहा कि पिछले पांच सालों के दौरान प्रधानमन्त्री मनमोहन सिंह व कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी कई बार हरियाणा के दौरे पर आ चुकी है। उन्होंने कहा कि इस दौरान भूपेंद्र सिंह हुड्डा अथवा कैप्टन अजय यादव सहित उनके मन्त्रिमण्डल के किसी मन्त्री ने सोनिया के सामने एसवाईएल का मुद्दा उठाने की जुर्रत तक नहीं की। इसी से पता चलता है कि कांग्रेस की नीयत एसवाईएल व हांसी-बुटाना का निर्माण पूरा करवाने व लोगों को पूरा पानी दिलवाने में नहीं बल्कि झूठी बयानबाजी करके जनता को गुमराह करने व अपनी राजनीतिक रोटियां सेंकने तक ही सीमित है।

सिंचाई विभाग कर रहा है बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़

डबवाली (लहू की लौ) सरकारी विभागों में आमतौर पर यह कहकर अपने दायित्वों की अधिकारी इतिश्री कर लेते हैं कि उनके पास पद खाली नहीं है। जबकि पद खाली हैं और बेरोजगारों को रोजगार देने की अपेक्षा नियमों को ताक पर रखकर चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को डिप्लोमा होल्डर के लिए उपयुक्त स्थानों पर नियुक्ति करके सरकार को चूना लगाने के साथ-साथ पढ़े-लिखे बेरोजगारों के साथ भी धोखा करने से नहीं चूकते और अदालतों के आदेशों की भी अनदेखी करके लगातार नियमों की अवहेलना करने से परहेज नहीं कर रहे हैं।
इसके ज्वलंत उदाहरण का उल्लेख एक बेरोजगार ने अपने शपथपत्र में करते हुए बताया कि सिंचाई विभाग हरियाणा के उच्च अधिकारियों ने नियमों के विपरीत चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को सिगनेलर (तार बाबू) के पद पर पदोन्नति देकर सरकार को करोड़ों रूपये का चूना लगाया है। गांव मौजगढ़ के जगदीश कुमार पुत्र सोहन लाल ने एक शपथ-पत्र देकर लगाते हुए शपथ-पत्र में लिखा है कि सिंचाई विभाग हरियाणा सिगनेलर ग्रुप-सी सर्विस रूल 1985 के अनुसार सिगनेलर (तार बाबू) को डायरेक्ट भर्ती किया जा सकता है। सिंचाई विभाग हरियाणा में चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को सिगनेलर के पद पर प्रमोट करने का सिगनेलर ग्रुप-सी सर्विस रूल 1985 में कोई प्रावधान नहीं है। फिर भी सिंचाई विभाग हरियाणा के आला अधिकारियों ने तथाकथित भ्रष्टाचार की आड़ में नियम को तोड़कर चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को सिगनेलर के पद पर प्रमोट करके सर्विस रूल 1985 की उल्लंघना ही नहीं की बल्कि इस प्रकार से सरकार को करोड़ों रूपये का चूना भी लगाया है।
शिकायतकर्ता के अनुसार यह गलत प्रमोट हुए सिगनेलर 13 माह का वेतन भी ले रहे हैं और एसीपी भी ले रहे हैं, जोकि नियमानुसार गलत है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने 19 मार्च 2009 को मुख्यमंत्री हरियाणा और दिनांक 24 मार्च 2009 को मुख्य सचिव हरियाणा को पत्र लिखकर उपरोक्त मामले की राज्य सतर्कता ब्यूरो से जांच करवाने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने आज तक इस सम्बन्ध में न तो कोई जांच की और न ही नियमों की उल्लंघना करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की। जबकि सिंचाई विभाग हरियाणा के उच्च अधिकारी 25 वर्षों से नियम के विपरीत चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को सिगनेलर के पद पर प्रमोट करके सरकार को करोड़ों रूपये का चूना लगा चुके हैं और लगा भी रहे हैं। शिकायतकर्ता ने यह भी अपने शपथपत्र में लिखा है कि सूचना अधिनियम 2005 के तहत हरियाणा सरकार से उसने सम्बन्धित सूचना मांगी थी कि सरकार उपरोक्त मामले की स्टेट विजीलैंस से जांच क्यों नहीं करवा रही और गलत प्रमोट हुए सिगनेलरों को क्यों नहीं हटाया जा रहा। नियम के विपरीत चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को सिगनेलर के पद पर प्रमोट करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही क्यों नहीं की जा रही। लेकिन सिंचाई विभाग ने यह कहकर पल्ला झाड़ दिया कि उस द्वारा मांगी गई सूचनाएं अधिनियम 2005 के तहत नहीं आती हैं।
आरोपकर्ता के अनुसार वे पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट से सिविल रिटपोटीशन नं. 487/1997, 18238/1999, 10236/2000, 9131/2001 और कंटेपट पोटीशन (सीओसीपी) नं. 730/2003 आदि के तहत हाईकोर्ट में कई बार केस जीत चुके हैं। हाईकोर्ट ने भी सिंचाई विभाग हरियाणा सिगनेलर ग्रुप-सी सर्विस रूल 1985 को सही ठहराया है और सिंचाई विभाग को नियम के विपरीत गलत प्रमोट हुए सिगनेलरों को हटाने का आदेश दिया है। फिर भी सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी हाईकोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रहे।
शिकायतकर्ता के अनुसार सिंचाई विभाग हरियाणा में सिगनेलर (तारबाबू) के काफी पद खाली पड़े हैं। सिंचाई विभाग ने 1985 से लेकर आज तक एक बार भी नियम के अनुसार सिगनेलर के पद सीधी भर्ती से न भरकर नियम के विपरीत चतुर्थश्रेणी कर्मचारियों को सिगनेलर के पद पर प्रमोट करके बेरोजगार डिप्लोमा होल्डर सिगनेलरों के साथ बहुत बड़ा अन्याय किया है और कर रहा है। जगदीश कुमार ने अपने शपथपत्र में यह भी आरोप लगाया है कि सिंचाई विभाग के उच्च अधिकारी जो सिगनेलर रिटायर हो जाता है, उसको ही ठेका पर सिगनेलर नियुक्त कर लेते हैं। उनके अनुसार प्रत्येक विभाग ठेके पर भर्ती करता है, लेकिन सिंचाई विभाग हरियाणा सिगनेलरों के इतने पद खाली होने के बावजूद भी न तो ठेके पर भर्ती करता है और न ही स्थाई भर्ती कर रहा है। बेरोजगार डिप्लोमा होल्डर आयु सीमा पार कर रहे हैं।
शिकायतकर्ता ने सरकार से अनुरोध किया है कि वह सिंचाई विभाग में नियमानुसार खाली पदों को भरे और बेरोजगार डिप्लोमा होल्डरों के साथ न्याय करके बेरोजगारी को दूर करे।

सिंचाई विभाग कर रहा है बेरोजगारों के भविष्य से खिलवाड़

नकली पुलिसकर्मी दबोच, पुलिस को सौंपा

डबवाली (लहू की लौ) यहां के बस स्टैंड पर स्वयं को सीआईए स्टाफ का सदस्य बता कर लोगों से पैसे ऐंठने का प्रयास करने के आरोप में एक युवक को लोगों ने दबोच कर पुलिस के हवाले कर दिया।

प्राप्त जानकारी अनुसार डबवाली के बस स्टैंड पर एक युवक राजस्थान से आने वाली बसों की तालाशी ले रहा था और तालाशी के बहाने चूरा-पोस्त का आरोप लगा कर सवारियों से पैसे ऐंठने का प्रयास कर रहा था। इसकी जानकारी कुछ राहगीरों को मिली और उन्होंने उस युवक को दबोच लिया। इस युवक ने उसे पकडऩे वाले लोगों को एक आई कार्ड दिखा कर स्वयं को सीआईए स्टाफ का सदस्य बताया और अपना नाम बलविन्द्र सिंह निवासी गांव शाहबाद पट्टी सिरसा बताया।
संदेह होने पर लोगों ने इस युवक को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने युवक का आई कार्ड तो कब्जे मेें ले लिया। लेकिन युवक द्वारा यह कहने पर कि वह तो पुलिस का सहयोग कर रहा था। बताया जाता है कि पुलिस ने उसे कहा कि वह स्वयं ऐसा काम नहीं कर सकता बल्कि इसकी सूचना पुलिस को दे सकता है। युवक के पास जो कार्ड था उस पर मीडिया पुलिस समाचार सर्विस दिल्ली लिखा हुआ था।

गोदाम से हजारों की चोरी

डबवाली (लहू की लौ) यहां के वार्ड नं. 2 की अमृतसरियों वाली गली में स्थित एक गोदाम का ताला तोड़ कर अज्ञात व्यक्ति करीब 20 हजार रूपये की कीमत का सामान चुरा ले गये। शू मर्चेन्ट रविन्द्र कुमार उर्फ पिंकी ने बताया कि वार्ड नं. 2 में उनका स्टोर है। रात को अज्ञात व्यक्ति स्टोर का ताला तोड़ कर स्टोर में पड़ी रेंजर साईकिल, एक बोरी गेहूं, 20 और 10 किलो का एक-एक वाट तथा चप्पलों का भरा एक कार्टून चुरा ले गये। जिसकी कीमत करीब 20 हजार रूपये आंकी जा रही है। इसकी सूचना पुलिस को सूचना दी जा चुकी है।

गोदाम से हजारों की चोरी

डबवाली (लहू की लौ) यहां के वार्ड नं. 2 की अमृतसरियों वाली गली में स्थित एक गोदाम का ताला तोड़ कर अज्ञात व्यक्ति करीब 20 हजार रूपये की कीमत का सामान चुरा ले गये। शू मर्चेन्ट रविन्द्र कुमार उर्फ पिंकी ने बताया कि वार्ड नं. 2 में उनका स्टोर है। रात को अज्ञात व्यक्ति स्टोर का ताला तोड़ कर स्टोर में पड़ी रेंजर साईकिल, एक बोरी गेहूं, 20 और 10 किलो का एक-एक वाट तथा चप्पलों का भरा एक कार्टून चुरा ले गये। जिसकी कीमत करीब 20 हजार रूपये आंकी जा रही है। इसकी सूचना पुलिस को सूचना दी जा चुकी है।

ट्राला की चपेट में आया स्कूटर, दो घायल

डबवाली (लहू की लौ) रविवार शाम को गांव रूलदू सिंहवाला के पास एक स्कूटर के ट्राला की चपेट में आ जाने से स्कूटर पर सवार दो युवक घायल हो गये।

पुलिस सूत्रों के अनुसार एक स्कूटर डबवाली से बठिंडा जा रहा था जिस पर दो युवक सवार थे कि जैसे ही यह स्कूटर गांव रूलदूवाला के पास पहुंचा तो एक ट्राला ने स्कूटर से टक्कर मारी और स्कूटर पर सवार युवक नीचे गिर कर घायल हो गये। जिन्हें घायल अवस्था में पुलिस ने बठिंडा के सरकारी अस्पताल में पहुंचाया। घायलों की पहचान सोनू पुत्र ओमप्रकाश, अक्ष कुमार पुत्र रामसेवक निवासीगण धोबियन बस्ती, बठिंडा के रूप में हुई है। पुलिस ने स्कूटर चालक सोनू के पिता ओमप्रकाश पुत्र रामभलाई के ब्यान पर ट्राला चालक के खिलाफ केस दर्ज करके उसकी पहचान जसविन्द्र सिंह पुत्र संतोख सिंह निवासी कोकरी बेनीवाल (मोगा) के रूप में करते हुए उसके खिलाफ धारा 279/337/338/427 आईपीसी के तहत केस दर्ज कर लिया है।

भारत-पाक सीमा पर घुसपैठिया हलाक

श्रीगंगानगर। जिले के अनूपगढ़ सैक्टर में कैलाश सीमा चौकी अधीन पिल्लर नं. 367 के समीप तारबंदी के गेट पर आज सुबह करीब पौने 7 बजे पाकिस्तान की ओर से आया एक व्यक्ति चढ़ते हुए दिखाई दिया। इस स्थान पर बीएसएफ की नाका पार्टी नं. 6 तैनात थी। इस पार्टी के जवान चंद्रकांत शर्मा ने घुसपैठिये को ललकारा तो वह गेट से उतरकर नजदीक झाडिय़ों में जा छिपा। बार-बार ललकारे जाने पर घुसपैठिये बाहर नहीं आया तो चंद्रकांत शर्मा ने सर्विस राइफल से चार राउंड गोलियां दाग दीं, जिससे घुसपैठिये मारा गया। इस घुसपैठ की कोशिश को नाकाम कर दिये जाने की जानकारी मिलने पर बीएसएफ के डीआईजी तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल तथा मारे गए घुसपैठिये का निरीक्षण किया। मृतक लगभग 45 वर्ष का था और उसने पठानी सलवार-कुर्ता पहना हुआ था। उसकी जेबों में सिगरेट व माचिस की डिब्बी के अलावा कुछ नहीं मिला। बीएसएफ के अधिकारियों ने पाक रेंजर्स के साथ फ्लैग मीटिंग की और शव उन्हें स्वीकार करने के लिए कहा। पाक रेंजर्स ने मृतक के पाकिस्तानी होने का इंकार कर दिया। तत्पश्चात डॉक्टरों को वहां बुलाकर शव का पोस्टमार्टम करवाया गया। इस संबंध में कैलाश सीमा चौकी के कंपनी कमांडर इब्राहिम की रिपोर्ट के आधार पर सीमा क्षेत्र में घुसपैठ का मामला अनूपगढ़ थाने में दर्ज किया गया है।