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02 जून 2011

चोटी के राष्ट्रीय राजनीतिक नेताओं और प्रमुख धार्मिक शख्शीयतों द्वारा बीबी सुरिन्द्र कौर बादल को भावभीनी श्रद्धांजलि

बठिंडा -चोटी के राष्ट्रीय राजनीतिक नेताओं और प्रमुख धार्मिक शख्शीयतों ने पंजाब के मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल की धर्म पत्नी सुरिन्द्र कौर बादल के  भोग के मौके पर आज यहां की नई अनाज मंडी में हुई अंतिम अरदास के अवसर पर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
    पंजाब भर और पड़ौसी राज्यों से समाज के प्रत्येक वर्ग में से हज़ारों की संख्या में लोग सुबह से ही सरदारनी बादल की अंतिम अरदास में शामिल होने के लिए पहुंचने आरंभ हो गये थे। दाना मंडी में लगाया गया विशाल पंडाल दोपहर 12 बजे तक भर गया था और उसके बाद लोगों को बाहर खड़े होकर श्रद्धांजलि समागम की कार्रवाई को सुनना पड़ा। सरदारनी बादल को श्रद्धांजलि भेंट करने वाले सभी ही प्रवक्ताओं ने कहा कि बीबी बादल ने प्रत्येक पक्ष से सफल और भरपूर जीवन व्यतीत किया और उनके व्यक्तित्व को अनूठे गुणों का संगम कहा। प्रवक्ताओं ने कहा कि धार्मिक वृति उनका प्रधान गुण था।
    भारतीय जनता पार्टी के सीनियर नेता श्री लाल कृष्ण अडवाणी ने कहा कि राष्ट्रीय राजनीति में जो साकारत्मक एवं अग्रणीय भूमिका स. बादल ने निभाई है उसके पीछे सरदारनी बादल की प्रेरणा और शक्ति कार्य करती रही है। उन्होंने कहा कि सरदारनी सुरिन्द्र कौर बादल ने जहां परिवारिक जिम्मेवारियों का बोझ उठाकर स. प्रकाश सिंह बादल को चिन्तामुक्त कर रखा, वहां उनको नैतिक शक्ति भी दी। भाजपा के रह चुके राष्ट्रीय प्रधान श्री राजनाथ सिंह ने कहा कि सरदारनी बादल दया, कोमलता, दृढता और शराफत का अनूठा संगम थे। लोकसभा में विरोधी पक्ष की नेता श्रीमति सुष्मा स्वराज ने कहा कि सरदारनी बादल ने हसमुख और खुशमिजाज शख्शीयत थी और उन्होंने राजनीति के कठोर क्षेत्र में रहते हुए भी अपनी आंतरिक नारी संवेदना को जीवित रखा।
    गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने सरदारनी बादल से अपनी नीजि यादों को स्मरण करते हुए कहा कि बीबी बादल से उनक ो हमेशा ही मां वाला स्नेह मिलता रहा है। वह सामाजिक क्रांति की प्रतीक थी और भ्रूण हत्या के खिलाफ अभियान चलाकर उनको सच्ची श्रद्धांजलि भेंट करनी चाहिए। हरियाणा के  पूर्व मुख्यमंत्री श्री औम प्रकाश चौटाला ने सरदारनी बादल को याद करते हुए कहा कि उन्होंने सम्पूर्ण जीवन लोगों के  दुख तकलीफों को घटाने के लिए कार्य किया और इसलिए बीबी बादल की कमी लम्बे समय तक महसूस की जाती रहेगी। श्री चौटाला ने कहा कि उनको पूरी तसल्ली है कि स. सुखबीर सिंह बादल अपनी मां के नक्शे कदम पर चलते हुए पंजाब और पंथ की सेवा कर रहें हैं।
    कांग्रेसी पार्टी के  सीनियर नेता श्री जगमीत सिंह बराड़ ने कहा कि देश के महान राजनीति वेता के तौर पर उभरे स. प्रकाश सिंह बादल द्वारा लड़े गए लम्बे राजनीतिक संघर्षो के पीछे सरदारनी बादल की प्रेरणा मयी भूमिका थी। उन्होंने कहा कि सरदारनी  बादल राजनीति में रहते हुए भी राजनीतिक संकीर्णताओं से उपर उठकर सोचने एवं विचारने की समर्था रखती थी। लोक भलाई पार्टी के प्रधान श्री बलवंत सिंह रामूवालिया ने कहा कि सरदारनी बादल ने अपने जीवन के अंतिम वर्ष गुरू घर और समाज की निष्काम सेवा करते हुए गुजारे। भारतीय कम्यूनिस्ट पार्टी के केंद्रीय कमेटी के  सदस्य डॉ. जोगिन्द्र दयाल ने कहा कि सरदारनी बादल अपने परिवारिक और सामाजिक जिम्मेवारी पूरी तनदेही से निभाने वाली एक सफल महिला थी।
    श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने सरदारनी बादल द्वारा गुरू रामदास लंगर की, की गई सेवा को याद करते हुए कहा कि सरदारनी बादल धार्मिक वृति वाले गुरूघर के नियमित सेवक थी। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन ईश्वर की निर्मल जीवन में रहकर गुजारा। दमदमी टक्साल के  मुखी बाबा हरनाम सिंह खालसा ने सिक्ख सिद्धांत प्रचारक संत समाज द्वारा श्रद्धांजलि भेंट करते हुए कहा कि सरदारनी बादल एक सिदकवान सिक्ख थी जिन्होंने हज़ारों व्यक्तियों को गुरू घर की सेवा की राह पर चलाया।
    अजीत प्रकाशन समूह के प्रबंधकीय सम्पादक डॉ. बरजिन्द्र सिंह हमदर्द ने सरदारनी बादल को याद करते हुए कहा कि बीबी बादल सच्चे शब्दों में एक कर्मयोगी थी। श्रद्धांजलि समागम से पूर्व भाई हरजिन्द्र सिंह श्रीनगर वाले और हज़ूरी रागी भाई रविन्द्र सिंह सहित प्रसिद्ध रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन किया और प्रसिद्ध कथावाचक भाई पिंदरपाल सिंह ने गुरूशब्द की कथा की। श्री हरमंदिर साहिब के अरदासीये भाई कुलविन्द्र सिंह ने बिछुड़ी आत्मा की आत्मिक शांति के लिए श्री गुरूग्रंथ साहिब के हज़ूर अरदास की और हैड ग्रंथी भाई जसविन्द्र सिंह ने हुक्म नामा लिया।
    श्रद्धांजलि समागम के अंत में पंजाब के  मुख्यमंत्री स. प्रकाश सिंह बादल ने सभी का धन्यवाद करते हुए कहा कि धार्मिक शख्शीयतों के आर्शीवाद और राष्ट्रीय नेताओं के प्रेरणामयी बोलों से हमारा दुख भी घटा है और हमें ढंढास भी बंधी है। अपनी स्वर्गीय धर्मपत्नी सुरिन्द्र कौर बादल के गुणों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वह आरंभ किए हर कार्य को संपूर्ण कर दम लेती थी। सरदारनी बादल के बिछोड़े को बेवक्त और दर्दनाक बताते हुए स. बादल ने कहा कि इस दुख की घड़ी में देश के प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह से लेकर प्रत्येक राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने राजनीतिक संकीर्णताओं से उपर उठकर उनके परिवार का दुख बटाया है। सरदारनी बादल की पुत्रवधु हरसिमरत कौर बादल संसद सदस्य, बेटी सरदारनी परनीत कौर और दामाद स. आदेश प्रताप सिंह कैंरों क ैबिनेट मंत्री सहित बादल परिवार के सभी सदस्य और रिश्तेदार अंतिम अरदास और श्रद्धांजलि समागम में उपस्थित थे।
    इस अवसर पर विभिन्न राष्ट्रीय एवं क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टीयों के नेता, पंजाब के कैबिनेट मंत्री, मुख्य संसदीय सचिव, संसद सदस्य, विधायक, शिरोमणि कमेटी सदस्य, शिक्षा शास्त्री, सिविल एवं पुलिस प्रशासन के उच्च अधिकारी और अकाली-भाजपा कार्यकत्र्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

आंगनवाड़ी केंद्रों पर गड़बड़झाला


डबवाली (लहू की लौ) खण्ड डबवाली में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्र इन दिनों खास चर्चा में हैं। सरकार के नियमों के विपरीत महकमे में लगे लोगों के घरों पर खुले इन केंद्रों पर बच्चों को राशन तक नसीब नहीं हो रहा। यहां तक की इन पर तैनात अधिकतर वर्कर संबंधित विभाग के ही कर्मचारियों के परिवारों से हैं।
खण्ड डबवाली के अंतर्गत आने वाले 48 गांवों में 144 आंगनवाड़ी केंद्र चल रहे हैं। सरकार की ओर से केंद्रों पर आने वाले बच्चों को प्रतिदिन खाना देने का एक मेन्यू बनाया गया है। मेन्यू के मुताबिक आंगनवाड़ी केंद्र में सोमवार को मीठा दलिया, मंगलवार को आलू पुरी, बुधवार को मीठे चावल, गुरूवार को गुलगुले, शुक्रवार को परांठे तथा शनिवार को नमकीन दलिया बनाया जाना तय किया गया है। लेकिन पिछले कुछ माह से मेन्यू के विपरीत नमकीन दलिया ही बच्चों को परोसा जा रहा है। इस दलिया में भी कीट मौज कर रहे होते हैं। ऐसा भोजन बच्चों को स्वास्थ्य देने की बजाए कभी भी अस्पताल भेज सकता है। नियमानुसार आंगनवाड़ी केंद्र सार्वजनिक जगह पर खोले जाते हैं। यहां तक की बिना पंचायत की मंजूरी के बिना कोई भी केंद्र किसी भी जगह नहीं खोला जा सकता। लेकिन इस क्षेत्र में तो नियम बताने वाले महकमे के कर्मचारियों के घरों में ये केंद्र चलाए जा रहे हैं।
गांव लोहगढ़ की महिला सरपंच के प्रतिनिधि नछत्तर सिंह, मां भगवती वैल्फेयर युवा क्लब लोहगढ़ के अध्यक्ष प्रदीप कुमार, विक्रम सेठी, रामकरण, कर्मजीत, अमरजीत, रविदास, ज्योति लाल, तरसेम कुमार राकेश कुमार आदि ने बताया कि उनके गांव में पांच आंगनवाड़ी केंद्र चल रहे हैं। पिछले तीन माह से इन केंद्रों में आने वाले बच्चों को भोजन के नाम पर केवल नमकीन दलिया ही परोसा जा रहा है। इस दलिया में भी कीट होते हैं। ऐसे में बच्चों को स्वास्थ्यप्रद भोजन देने के सरकार के दावे बेमानी लगते हैं। सरपंच प्रतिनिधि के अनुसार इन केंद्रों पर तैनात वर्कर कभी-कभी ही उपस्थित होती हैं। इन केंद्रों पर कितने बच्चे हैं, कितना राशन आता है या कितना राशन आया है, इसके हिसाब-किताब वाला रजिस्टर केंद्र में होने की बजाए वर्करों के घरों में मिलता है। यहां तक की गांव का एक सैंटर विभाग का ही एक कर्मचारी चला रहा है। केंद्रों हो रही गड़बडिय़ों के संबंध में पंचायत कई दफा प्रस्ताव पास करके प्रशासन से कार्रवाई की गुहार लगा चुकी है। लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई अमल में नहीं लाई गई है।
इस संबंध में जब सीडीपीओ डबवाली रमावती से बातचीत की गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि राशन न आने की वजह से खण्ड के आंगनवाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों को नमकीन दलिया ही दिया जा रहा है। राशन उपलब्ध होते ही सुपरवाईजरों की मार्फत संबंधित केंद्रों को भेज दिया जाएगा। उनके अनुसार आंगनवाड़ी केंद्र घर के किसी कमरे में नहीं खोला जाता। नियमानुसार यह केंद्र पंचायत की सहमति से सार्वजनिक जगह पर ही खोला जा सकता है। घरों में खुले केंद्र को सार्वजनिक जगह पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। सीडीपीओ के अनुसार केंद्रों पर आने वाले राशन का पूरा रिकॉर्ड रखा जाता है। यह रिकॉर्ड केंद्र में पड़ा होता है। कोई वर्कर इसे अपने घर पर नहीं ले जा सकता।
इस संदर्भ में उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि संबंधित विभाग को आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी केंद्र में गड़बड़ी पाई जाती है, तो संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

गड़बड़ी की आशंका
आंगनवाड़ी केंद्रों पर भेजे जाने वाले राशन में हेरफेर की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। चूंकि इन केंद्रों पर भेजा जाने वाला राशन केंद्र पर जाने की बजाए रास्ते में ही कहीं गायब हो जाता है। लोहगढ़ के आंगनवाड़ी केंद्रों पर तैनात हैल्पर श्वेता रानी, रानी  देवी, सरोज रानी ने बताया कि वे नहीं जानती कि विभाग की ओर से केंद्र में तैनात बच्चों के लिए कितना राशन भेजा जाता है। उनके अनुसार केंद्र पर तैनात वर्कर मात्र एक सप्ताह का राशन लेकर आती हैं। वही राशन वे बच्चों में बांट देती हैं।