युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

31 जनवरी 2010

कांग्रेस में कलह

डबवाली (लहू की लौ) हल्का डबवाली के विधानसभा चुनाव में जिस प्रकार से कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा उससे कांग्रेस कार्यकर्ताओं में मायूसी ही नहीं बल्कि खटास भी पैदा हो गई है। इसी के चलते हल्का डबवाली कांग्रेस के प्रधान रामजी लाल तथा शहरी प्रधान नवरतन बांसल ने भी सोनिया गांधी को एक पत्र लिखकर पार्टी को सुचारू रूप से चलाने की मांग रखनी पड़ी है।
इन नेताओं सहित अन्य पार्टी कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा सोनिया गांधी को भेजे पत्र में कहा है कि जब से हरियाणा में कांग्रेस पार्टी की सरकार आई है, तब से डबवाली हल्का में चंद लोगों ने फूट पाओ राज करो की नीति अपना रखी है। डबवाली में कुछ शरारती तत्व और कार्यकर्ताओं ने गुटबाजी बनाकर पार्टी पर कुठाराघात किया है और पार्टी के पुराने वफादार कार्यकर्ताओं को पार्टी की बैठकों में न बुलाकर, उनको इज्जत और मान न देकर बाहर का रास्ता दिखा दिया है। जिस कारण पार्टी कार्यकर्ताओं में रोष है और पुराने वफादार कार्यकर्ता अपने-अपने घर बैठ गये हैं।
इस पत्र पर गोपाल मित्तल, साहब राम पुहाल, बलदेव राज शर्मा, कश्मीर सिंह तनेजा आदि के भी हस्ताक्षर हैं। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि सन् 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में पार्टी प्रत्याशी अशोक तंवर ने पार्टी संगठन को साथ लेकर चलते हुए लोकसभा चुनाव से विजयश्री पाई। परंतु इसी वर्ष विधानसभा चुनाव में पार्टी संगठन व वर्करों की अनदेखी के चलते कांग्रेस पार्टी बुरी तरह पराजित हुई। उनका आरोप है कि कुछ चंद लोगों ने कांग्रेस प्रत्याशी को अपनी मुट्ठी में रखा और इससे कांग्रेस वर्कर नाराज हुए। जो हार का कारण बने।
शिकायत में यह भी लिखा है कि सन् 2005 में भी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी जगन्नाथ चुनाव हारे। उन्हें भी यहां फूट का सामना करना पड़ा। चूंकि उनके साथ भी चंद आदमी थे और कार्यकर्ता व संगठन की अनदेखी की गई थी। इन पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोनिया गांधी से गुहार लगाई है कि हल्का डबवाली में पार्टी को सुचारू रूप से चलाने के लिए कोई अच्छा प्रतिनिधि दिया जाये, जो इस क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करके पार्टी को मजबूत और सुचारू रूप से चला सकें। अन्यथा पिछले चुनावों की तरह ही भविष्य में होने वाले चुनाव में भी पार्टी को मुंह की खानी पड़ेगी।
मजेदार बात तो यह है कि इस समय कांग्रेस में जो लड़ाई चल रही है, वह केवल मलाई खाने की लड़ाई है। कोई सत्ता के साथ जुड़कर मोटी मलाई चाट रहा है तो किसी के हाथ लस्सी भी नहीं आ रही है। जिसके चलते केवल अधिकांश कार्यकर्ता मदानी चलाने वाले ही रह गये हैं। जबकि मलाई बड़े खा रहे हैं।

ट्रीटमेंट प्लांट की खुदाई के लिए आई टीम को खदेड़ा

डबवाली (लहू की लौ) पंजाब मण्डीकरण बोर्ड जनस्वास्थ्य विभाग की टीम पुलिस दलबल के साथ मण्डी किलियांवाली में निर्धारित स्थल पर डिस्पोजल बनाने के लिए शुक्रवार को पहुंची। लेकिन नरसिंह कलोनी निवासियों के विरोध के चलते इस टीम को वहां से बेरंग लौटना पड़ा।
प्राप्त जानकारी अनुसार मालवा बाईपास रोड़ पर मण्डीकरण बोर्ड पंजाब के जनस्वास्थ्य विभाग ने करीब 28 वर्ष पूर्व डिस्पोजल एवं ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना तैयार की थी। इसी योजना के तहत मण्डीकरण बोर्ड पंजाब का जनस्वास्थ्य विभाग दो बार पहले भी ट्रीटमेंट प्लांट के लिए डिग्गी खुदवाने का प्रयास कर चुका है। लेकिन लोगों के विरोध के चलते उसे सफलता नहीं मिली।
शुक्रवार को तीसरी बार विभाग के सुपरवाईजर जसवीर सिंह तथा अकाली नेता राजेन्द्र सिंह भाटी के नेतृत्व में मण्डीकरण बोर्ड ने पुलिस बल के साथ इस स्थान पर दस्तक दी। उनके साथ जेसीबी मशीन भी थी। जैसे ही जेसीबी मशीन ने खुदाई का कार्य शुरू किया तो नरसिंह कलोनी के सरपंच जसपाल सिंह के नेतृत्व में कलोनी निवासी भारी संख्या में मौका पर जमा हो गये और बोर्ड के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इस विरोध के चलते विभागीय टीम को वहां से बैरंग वापिस जाना पड़ा। विरोध करने वालों में शामिल अमनदीप सिंह पंच, गिन्नी, अमरजीत सिंह, काली, राजवीर, अमृत, बलकरण, काका, देसराज, बोहड़ सिंह, धर्मा सिंह, सीता देवी, अमरजीत कौर, जसवीर कौर, गुरविन्द्र कौर, जंगीर कौर आदि ने बताया कि वे लोग ट्रीटमेंट प्लांट के खिलाफ नहीं है। लेकिन उनकी मांग है कि इसे आबादी से करीब एक किलोमीटर दूर बनाया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि अगर 28 वर्ष पूर्व विभाग की यहां ट्रीटमेंट प्लांट बनाने की योजना थी, तो इस स्थान पर विभाग ने निर्माणाधीन ट्रीटमेंट प्लांट का बोर्ड क्यों नहीं लगाया।
सरपंच जसपाल सिंह ने बताया कि पंचायत सदस्यों के साथ शीघ्र ही उपायुक्त मुक्तसर को मिलकर अपनी इस समस्या से अवगत करवाएंगे और उनसे अनुरोध करेंगे कि ट्रीटमेंट प्लांट आबादी से एक किलोमीटर दूर स्थापित किया जाये। उन्होंने यह भी कहा कि अगर विभाग ट्रीटमेंट प्लांट को आबादी से एक किलोमीटर दूर बनाता है, तो ग्राम पंचायत इसके लिए विभाग को पंचायती जमीन देने के लिए तैयार है।
मण्डीकरण बोर्ड पंजाब के जनस्वास्थ्य विभाग के सुपरवाईजर जसवीर सिंह ने कहा कि भले ही इस स्थान पर 28 वर्ष पूर्व ट्रीटमेंट प्लांट लगाने की योजना बनाई गई थी। लेकिन इस योजना को वर्तमान प्रकाश सिंह बादल की सरकार ने हाल ही में स्वीकृति देते हुए इस पर 2 करोड़ रूपये लगाने का निर्णय लिया है, उनके अनुसार सरकारी जमीन पर इसे बनाया जा रहा है और इसे इसी जगह पर हर हालत में बनाया जाएगा। उनके अनुसार आज फोर्स कम थी और प्रशासन भी नहीं चाहता कि विरोध करने वालों के साथ सख्ती से पेश आया जाये। प्रशासन चाहता है कि बातचीत से विरोध करने वाले ट्रीटमेंट प्लांट की महत्ता को समझें और इसका विरोध न करें।

किसानों ने बादल परिवार के खिलाफ दिया धरना

डबवाली (लहू की लौ) भारतीय किसान यूनियन (एकता ) उग्राहा ने गांव बादल के एक किसान को बादल परिवार द्वारा प्रताडि़त किये जाने के विरोध में शुक्रवार को लम्बी थाना के समक्ष जोरदार नारेबाजी करते हुए धरना दिया।
बीकेयू (एकता) के ब्लाक प्रधान गुरदीप सिंह खुड्डियां तथा सुक्खा सिंह सिंघेवाला ब्लाक प्रधान खेत मजदूर यूनियन ने बताया कि गांव बादल के एक गरीब किसान परिवार मोहन सिंह पुत्र नाजर सिंह ने 1995-96 में करीब चार एकड़ जमीन बादल परिवार के पवनप्रीत सिंह उर्फ बॉबी पुत्र जसवीर सिंह और जसवीर सिंह पुत्र बलवीर सिंह से एक साल के लिए ठेका पर ली थी। लेकिन इन लोगों ने गरीब किसान को आवश्यक पानी नहीं दिया। जिसके चलते वहां फसल नहीं हो सकी और जितनी भी फसल हुई, उसको बेचकर उसने पैसे दे दिये थे। लेकिन 21 हजार रूपये अभी भी बॉबी परिवार के बाकी रह गये थे। उनके अनुसार जमींदार ने पांच प्रतिशत ब्याज लगाकर अब इस गरीब किसान से 6 लाख रूपये की मांग शुरू कर दी और साथ ही उसकी दो कैनाल जमीन पर कब्जा कर लिया।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि 6-7-09 को किसान द्वारा इस भूमि पर बनाये गये मकान को भी आधी रात को उपरोक्त आरोपियों ने गनमैनों और अपने ड्राईवर के साथ मिलकर गिरा दिया। इसकी रपट भी लम्बी थाना में करवाई गई थी। लेकिन आज तक आरोपियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं हुई। गरीब किसान को इंसाफ न मिलने पर आज उन्हें लम्बी थाना का घेराव करना पड़ा है।
इस मौके पर जिला प्रधान पूर्ण सिंह दोदा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष भूपिन्द्र सिंह चन्नू, जिला महासचिव गुरभक्त सिंह भलाईआना, ब्लाक प्रधान मल सिंह क्खांवाली, जरनैल सिंह, भूपिन्द्र सिंह पंजावा, फलेल सिंह क्खांवाली, जसवीर सिंह सेहना, गुरतेज सिंह चन्नू, धीरा सिंह, जंगीर सिंह मिढ़ा, बलदेव सिंह, सुरजीत सिंह खुड्डियां, ब्लाक मलोट प्रधान बोहड़ सिंह शेरगढ़, ब्लाक मुक्तसर के कामरेड जगदेव सिंह, गोरा सिंह भागसर, जीता सिंह महाभद्र, मल सिंह, मुख्तियार सिंह रोहड़ांवाली, खेत मजदूर यूनियन के जिला प्रधान नानक सिंह सिंघेवाला, गुरतेज सिंह किलियांवाली, गुरपाश सिंह सिंघेवाला लोकमोर्चा, हेमराज टीएसयू उपस्थित थे।
धरना दे रहे किसानों के पास पहुंचे थाना लम्बी प्रभारी हरिन्द्र सिंह चमेली ने किसानों को आश्वासन दिलाया कि मोहन सिंह अपनी जमीन में अपना मकान बनाये। उसे पुलिस द्वारा संरक्षण दिया जाएगा। इस पर किसानों ने धरना समाप्त कर दिया।

30 जनवरी 2010

बीपीएल सूची लागू न होने से हजारों परिवार वंचित हैं लाभ से

डबवाली (लहू की लौ) हजारों परिवारों के लिए जीवन यापन का पर्याय बनी बीपीएल सूची जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के लिए कोई मायने नहीं रखती। भारी भरकम वेतन लेने वाले विभागीय अधिकारी प्रदेश सरकार द्वारा अनुमोदित की गई बीपीएल सूची को लागू करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। यही कारण है कि अगस्त-2009 से जारी की गई सूची को पांच माह बाद भी लागू नहीं किया गया है और इस सूची में शामिल पात्र परिवारों के बीपीएल कार्ड नहीं बन पाए हैं। बीपीएल कार्ड नहीं बनने के कारण हजारों परिवार न केवल रियायती दर पर मिलने वाले राशन से वंचित हैं, बल्कि प्रदेश सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों को दी जाने वाली सुविधाओं से भी महरूम हैं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा बीपीएल परिवारों को सस्ती दर पर राशन के अलावा बच्चों को शिक्षा, रोजगार व अन्य तरीकों से अनेक प्रकार की सुविधाएं दी जाती हैं। बीपीएल परिवारों को दो लाख रुपये का ऋण दिये जाने की योजना है, जिसमें 50 हजार रुपये तक अनुदान मिलता है। इसके अलावा बीपीएल परिवारों के बच्चों को पुस्तकें व अन्य प्रकार की सुविधा हासिल होती है। बीपीएल सूची में नाम आने के बावजूद हजारों परिवार जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कथित ढिलाई के चलते बीपीएल कार्ड से वंचित हैं। बीपीएल कार्ड नहीं होने के कारण वे सरकारी की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने से भी वंचित हैं।
यहां वर्णनीय है कि प्रदेश सरकार द्वारा अगस्त-2008 में बीपीएल सूची जारी की गई थी। इस सूची में अनेक प्रकार की खामियों को लेकर भारी रोष पैदा हुआ था। बाद में प्रदेश सरकार द्वारा अगस्त-2009 में एक और बीपीएल सूची जारी की गई, मगर खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने इस सूची में शामिल किये गये परिवारों के पीले कार्ड बनाने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। पहले लोकसभा चुनाव आए और उसके बाद विधानसभा चुनाव। तत्पश्चात ऐलनाबाद उपचुनाव आ गए, मगर प्रदेश सरकार की योजना सिरे नहीं चढ़ पाई। सिरसा के एक जागरूक नागरिक भूपेश गोयल द्वारा सूचना अधिकार के तहत मांगी गई जानकारी में जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने स्वयं इस आशय की स्वीकारोक्ति की है कि विभाग के सिरसा, मल्लेकां, नाथूसरी चौपटा, डिंग, सुचान, कालांवाली, रोड़ी, ओढां, डबवाली, जीवननगर, खारिया में बीपीएल कार्ड बनाने में ढिलाई बरती गई है।
बीपीएल सूची को लेकर तथ्य यह हैं कि जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा 8 हजार से अधिक परिवारों के कार्ड ही नहीं बनाए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में लोग विभाग के पास पीले कार्ड बनवाने ही नहीं पहुंचे। इसके साथ ही विभाग बीपीएल सूची में शामिल इन परिवारों को खोज ही नहीं पाया। हजारों परिवारों के इस बीपीएल सूची में शामिल होने के कारण पात्र परिवार इस सूची में स्थान नहंी बना पाए हैं।
विभाग की ओर से यदि 8025 परिवारों के नाम काट दिये जाते हैं तो इतनी ही संख्या के पात्र परिवारों को बीपीएल सूची में स्थान मिल सकता है, मगर जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कार्रवाई कछुआ गति से जारी है। उसे आम आदमी के हितों से शायद कुछ लेना-देना नहीं है। सूचना अधिकार के तहत जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा जो सूचना दी गई है, उसके तहत स्टेट बीपीएल के 15841 कार्ड मंजूर किये गये थे, जिनमें से 12162 कार्ड ही जारी किये गये। इस प्रकार 2679 परिवारों का कोई पता नहीं चल पाया। इसी प्रकार सेंट्रल बीपीएल के 31186 परिवारों को इस सूची में शामिल किया गया मगर 28319 परिवार ही कार्ड बनवाने के लिए पहुंचे। अंतोदय योजना के तहत 25827 परिवारों के नाम सूची में शामिल किये गये, जिनमें से 23348 लोग ही अपने राशन कार्डों पर गुलाबी कार्ड की मोहर लगवाने के लिए पहुंचे। विभाग द्वारा दी गई सूचना के तहत 8025 परिवारों के कार्ड नहीं बने हैं।
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की कथित ढिलाई का यह आलम है कि अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय सिरसा द्वारा 28 अगस्त 2009 को दी गई नई बीपीएल सूची को आज तक लागू नहीं किया गया। यही नहीं विभाग के कर्मचारियों ने उच्चाधिकारियों द्वारा दी गई हिदायतों की भी पालना नहीं की। विभाग के कर्मचारियों द्वारा बरती गई ढील पर उच्चाधिकारियों ने केवल हिदायत भर देकर अपने कत्र्तव्य की इतिश्री कर ली। उधर बीपीएल सूची में शामिल परिवार पीले कार्ड के लिए कभी अतिरिक्त उपायुक्त कार्यालय तो कभी खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के चक्कर लगा रहे हैं। बीपीएल सूची में शामिल होने के लिए सैकड़ों परिवार आज भी नेताओं और दलालों की हाजिरी भर रहे हैं।
पिछले पांच महीने से पीले कार्ड के लिए चक्कर लगाने का यह क्रम आज भी जारी है। दरअसल बीपीएल कार्ड की स्थिति में पात्र परिवार सस्ता राशन, बैंक ऋण, ईलाज व शिक्षा के अलावा अन्य सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। शर्मनाक बात यह है कि जिन अधिकारियों को इस बीपीएल सूची को लागू करवाना चाहिए, वे अपने मातहत कर्मियों को पीले कार्ड अविलंब बनाने की हिदायत भर दे रहे हैं।

अपहरण का मामला दर्ज

डबवाली (लहू की लौ) थाना शहर पुलिस ने 28 जनवरी को शाम 5.20 पर यहां के वार्ड नं. 9 के निर्मल चन्द पुत्र सरदारी लाल की पत्नी के आपहरण और घर की महिलाओं से मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में करीब 15 जनों के खिलाफ केस दर्ज करके आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है।
प्राप्त जानकारी अनुसार निर्मल चन्द ने पुलिस को दिये ब्यान में कहा है कि 2-05-2009 को उसकी शादी लखविन्द्र कौर पुत्री महिन्द्र सिंह के साथ हुई थी। लेकिन महिन्द्र सिंह बगैरा इस शादी से खुश नहीं थे। वीरवार को करीब 12.30 बजे जीपों में सवार होकर करीब 15 व्यक्ति उनके मकान पर आये और उसकी पत्नी को जबर्दस्ती उठाकर जीप में डालकर ले गये। इस दौरान जब उनकी घर की महिलाओं ने इसका विरोध किया तो उन्होंने उनके साथ मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता की शिकायत पर पुलिस ने गांव ढाणी खुईयांमलकाना के महिन्द्र सिंह, कश्मीर सिंह, बलवीर सिंह, सुरजीत सिंह पुत्रान इन्द्र सिंह, टीटू सिंह, गुरमीत सिंह पुत्रान कश्मीर सिंह, रणजीत सिंह, सतिन्द्र सिंह पुत्रान बलवीर सिंह, गुरलाभ सिंह पुत्र गुरजीत सिंह, संगीत पुत्र जोगिन्द्र सिंह तथा हीरा सिंह पुत्र गुरबचन सिंह, हरप्रीत सिंह पुत्र नसीब सिंह निवासीगण मौजगढ़ तथा हरप्रीत सिंह निवासी मलोट जिला मुक्तसर के खिलाफ धारा 148/149/323/365/506/452 आईपीसी के तहत केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में यह भी कहा है कि आरोपी उसकी पत्नी को नुक्सान पहुंचा सकते हैं तथा उनसे उसे भी जान-माल का खतरा है।

पिस्तौल की नोक पर टाटा ऐस लूटी

डबवाली (लहू की लौ) गांव माना के पास तीन अज्ञात लोगों ने पिस्तौल की नोक पर टाटा ऐस मालिक से टाटा ऐस और हजारों रूपये की नकदी लूट ली और उसे बांध कर नहरों के पास फेंक गये।
मंडी किलियांवाली के मालवा रोड़ निवासी तरनदीप सियाल पुत्र हरिन्द्रजीत सियाल ने बताया कि बुधवार सुबह वह अपने घर के आगे अपनी टाटा ऐस गाड़ी को धो रहा था कि इसी दौरान उसके पास दो व्यक्ति आये और कहने लगे कि उन्होंने गांव माना से भैंस लेकर आनी है। इस पर उसने उनसे 500 रूपये किराया की मांग की लेकिन आपसी समझौते से 350 रूपये में किराया तय हो गया।
ऐस मालिक के अनुसार वह दोनों लोग उसके साथ उसकी गाड़ी में बैठ गये और माना की ओर रवाना हो गये तथा उनका एक अन्य साथी मारूति कार के साथ उनके साथ हो लिया। वह अभी सिंघेवाला-बादल लिंक रोड़ पर जा ही रहे थे कि गांव माना से पहले उन्होंने गाड़ी को कच्चे में यह कहते हुए मुड़वा दिया कि निकटवर्ती ढाणी से उन्होंने भैंस को लादना है। थोड़ी ही दूर में उसे एक खेत में पड़ी पराली को गाड़ी में लादने के लिए कहा और स्वयं अपनी पास रखी बोतल से पानी पीने लगे। थोड़ी देर बाद जब वह पराली गाड़ी में डाल रहा था तो उनमें से एक ने उसकी कमर पर पिस्तौल लगा दी और दूसरे ने उसके मफलर से उसके हाथ बांध दिये। इन्हीं में से एक ने उसके कंधे से टीका लगा दिया और वह बेहोश होने लगा।
अर्धबेहोशी की हालत में उसे उन लोगों ने टाटा ऐस में डाल लिया और उसे लालबाई होते हुए अबुलखुराना की बड़ी नहरों की ओर ले गये। नहरों पर पहुंच कर उससे उसकी जेब में रखी 10 हजार रूपये की नकदी, मोबाइल तथा हाथ की अंगुली में डाली सोने की अंगूठी लूट ली और उसका मुंह, आंख, पैर बांध कर नहर में फेंकने लगे तो उसने मिन्नत खुशामद की तो लुटेरों का मन पिघल गया और उसे बंधी हुई हालत में फेंक कर ऐस गाड़ी लेकर फरार हो गये।
उसने जैसे-तैसे अपने को बंधन से मुक्त करके उसने इसकी जानकारी नहर पर डयूटी दे रहे व्यक्तियों को दी और उनके मोबाइल से घर पर और पुलिस को फोन किया। थाना लम्बी पुलिस ने तरणदीप सियाल की शिकायत पर अज्ञात युवकों के खिलाफ धारा 382, 341, 34 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके लुटेरों की तालाश शुरू कर दी है।

जन समस्याओं को लेकर सीपीआई कार्यकर्ताओं ने की नारेबाजी

डबवाली (लहू की लौ) गांव नरसिंह कलोनी में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ताओं ने पार्टी के जिला सचिव जगजीत सिंह जोगा के नेतृत्व में पंजाब सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की और बेरोजगारों को नरेगा के तहत उनका हक दिये जाने का अनुरोध किया।
इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए सीपीआई के जिला बठिण्डा सचिव जगजीत सिंह जोगा ने बताया कि बढ़ती हुई महंगाई ने आम नागरिक की कमर तोड़ दी है। इसके बावजूद पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल और मनोरंजन कालिया ने संयुक्त रूप से सरकार को एक रिपोर्ट देकर किसानों के 100 यूनिट बिजली को छीन लिया है। उन्होंने छीने गये इन यूनिटों को फिर से बहाल करने की मांग की।
इस मौके पर उन्होंने बताया कि वे हैरान हैं कि इस कमर तोड़ महंगाई के बावजूद नरेगा के तहत जॉब कार्ड नहीं बनाये जा रहे हैं, जिनको जॉब कार्ड दिये गये हैं, उनको काम नहीं दिया जा रहा, राशन कार्ड बनाये नहीं जा रहे, राशन डिपुओं पर दिये जाने वाले आटा-दाल में कटौती कर दी गई है। इस मौके पर सीपीआई कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इस अवसर पर बीबी जसवीर कौर प्रधान स्त्री सभा बठिण्डा, गुरमुख सिंह बादल मजदूर नेता पंजाब खेत मजदूर सभा, हरबन्स सिंह, चरणजीत सिंह बनवाला जिला प्रधान पंजाब किसान सभा, रमेश कुमार मंगला आदि उपस्थित थे। इस मौके पर स्थापित की गई गांव की स्त्री सभा में गुजरां देवी, बलवीर कौर, शीला देवी, बलजीत कौर, रानी कौर आदि को शामिल किया गया।

बांग्लादेशी घुसपैठिया गिरफ्तार

शिलांग। सीमा सुरक्षा बल (सीसुब) ने भारत-बांग्लादेश अंतर्राष्ट्रीय सीमा गुडङ्क्षलगाव में बृहस्पतिवार को घुसपैठ करते समय एक बांग्लादेशी नागरिक को गिरफ्तार किया। जिसकी पहचान बांग्लादेश के दंतभांगा गांव निवासी अब्दुल मतलीब (३५) के रूप में की गई है।
वहीं दूसरी ओर असम-मेघालय फ्रंटियर सीसुब ने असम के धुबड़ी जिले के अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तस्करी कर बांग्लादेश भेजी जा रही २५ गाय और अन्य सामग्री को जब्त किया। बाद में सीसुब ने कानूनी कार्रवाई के लिए राज्य पुलिस को सौंप दिया।

28 जनवरी 2010

सानिया मिर्जा की सगाई टूटी

बेंगलूर। अपने बचपन के मित्र सोहराब मिर्जा से शादी रचाने के ख्वाब रखने वाली मशहूर टेनिस खिलाड़ी साजिया मिर्जा ने सोहराब से दूरियां बना ली है। इन दूरियों की मध्यस्थता करने वाले सानिया के पिता ही हैं। पिता ने बताया, कि सानिया और सोहराब की सगाई टूट गयी है, वहीं एक चैनल को भी सानिया ने खुद एसएमएस करके इसकी जानकारी दी।
सानिया के पिता इमरान ने कहा, कि हैदराबाद के व्यवसायी मो- सोहराब मिर्जा उनकी बेटी सानिया के लम्बे जीवन सफर के लिये उपयुक्त नहीं थे। इसलिए उन्होंने यह निर्णय लिया। सोहराब फिलहाल इंग्लैण्ड में पढ़ाई कर रहे हैं।
सानिया ने सगाई टूटने के कारणों के बारे में तो कुछ नहीं कहा है, लेकिन सगाई टूटने की पुष्टि की है। सानिया ने कहा कि वह और सोहराब पिछले पांच सालों से दोस्त थे। लेकिन सगाई के समय के दौरान हमने खुद को असंगत पाया। सानिया ने कहा कि सोहराब का आगे का जीवन अच्छा रहे वह इसकी दुआ करती हैं। उल्लेखनीय है कि हाल ही में सानिया ने कहा था, कि वह शादी के बाद टेनिस को अलविदा कह देंगी।

भगोड़े डीआईजी टण्डन पर 50 हजार का इनाम

जयपुर। अभी तक पुलिस चोरों को ढूंढने के लिये इनाम का सहारा लेती थी, लेकिन अब पुलिस विभाग को ही बलात्कार के आरोपी डीआईजी को गिरफ्तार करने के लिये ईनाम की घोषणा करनी पड़ी। इस ईनाम के लिये पुलिस मुख्यालय से ५० हजार रुपये का नकद ईनाम देने से सम्बंधी आदेश जारी कर दिया है। गौरतलब है, कि मधुकर टण्डन के खिलाफ वर्ष १९९७ में बांदीकुंई थाने में कांस्टेबल ने पत्नी का अपहरण का उसके साथ बलात्कार करने का मामला दर्ज कराया था।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (क्राइम) कन्हैया लाल ने बताया कि न्यायालय ने टण्डन के खिलाफ स्थायी वारण्ट जारी किया है। एसओजी २००३ में बर्खास्त टण्डन को तलाशने में जुटी है। मुख्यालय से जारी आदेश में कहा गया है, कि टण्डन की सूचना देने पर ५० हजार इनाम मिलेगा और सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
कई स्तर पर जांच के बाद टण्डन के नहीं मिलने पर पुलिस की ओर से मामले में अदालत में चार्जशीट पेश कर दी थी। इसके बाद पुलिस ने मामले को ठण्डे बस्ते में डाल दिया। अब दुबारा इस मामले को लेकर सरकार चेती है। सरकार की ओर से ३० दिसम्बर को जारी हुए आदेश में मधुकर टण्डन व पेरोल पर जेल से बाहर आने के बाद फरार हुए बिती मोहन्ती की तलाश का काम एसओजी को सौंपा गया।

27 जनवरी 2010

खेल परिसर में धूमधाम से मना गणतंत्र दिवस



डबवाली (लहू की लौ) यहां के खेल परिसर में 61वां गणतंत्र दिवस समारोह मंगलवार को धूमधाम से मनाया गया। जिसमें उपमण्डलाधीश सुभाष चन्द्र गाबा ने ध्वजारोहण किया और सरकार की उपलब्धियों की जानकारी दी। इस मौके पर करीब 18 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस मौके पर परेड़ में एनसीसी आर्मी राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, डबवाली प्रथम, एनसीसी गल्र्ज एसडीजी द्वितीय रही, जबकि स्पैशल स्काऊटस का पुरस्कार नवप्रगति सीनियर सैकेण्डरी स्कूल को दिया गया। झांकियों में डीएवी सीनियर सैकेण्डरी स्कूल डबवाली प्रथम, महिला एवं बाल कल्याण विकास विभाग द्वितीय, वन विभाग को प्रोत्साहन पुरस्कार दिया गया। इस मौके पर परेड कमाण्डर रमेश कुमार सब इंस्पेक्टर हरियाणा पुलिस, एनसीसी अधिकारी आर्मी जितेन्द्र शर्मा, एनसीसी एयरविंग अधिकारी सत्यपाल जोशी, कृष्णा पत्नी रणवीर सिंह ब्लाक औढ़ां साक्षरता अभियान, भोला सिंह लीपिक एसएमओ औढ़ां, वेदप्रकाश दंत सहायक औढ़ां, विजय सिंह सहायक बाल विकास परियोजना अधिकारी, भूप सिंह प्रधानाचार्य राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रिसालियाखेड़ा, प्रभुदयाल मुख्याध्यापक राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय अहमदपुर दारेवाला, रमेश चन्द्र मैहता चौकीदार बाल विकास परियोजना अधिकारी, जगतार सिंह चौकीदार उपमण्डल अधिकारी (ना.) डबवाली, सतपाल पटवारी खण्ड विकास एवं पंचायत अधिकारी औढ़ां, रामनिवास शर्मा कर अधीक्षक नगरपालिका डबवाली, लखविन्द्र सिंह सेवादार नगरपालिका डबवाली, पवन कुमार सरपंच ग्राम पंचायत टप्पी, हरबन्स लाल पुत्र जीवन राम डबवाली, रूकमनी देवी एएनएम पीएचसी कालूआना, अमनदीप कौर पुत्री गुरतेज सिंह खालसा सीनियर सैकेण्डरी स्कूल, डबवाली, किरणदीप कौर पुत्री जगजीत सिंह खालसा सीनियर सैकेण्डरी स्कूल डबवाली, मनप्रीत कौर पुत्री जगसीर सिंह खालसा सीनियर सैकेण्डरी स्कूल डबवाली तथा 5 स्वतंत्रता सेनानियों को भी सम्मानित किया गया।

23 जनवरी 2010

ऐसा पहली बार हुआ है


डबवाली (लहू की लौ) ऐलनाबाद विधानसभा सीट से इनेलो प्रत्याशी अभय सिंह चौटाला की जीत के साथ न केवल कई नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं बल्कि लोगों में यह भी चर्चा चल पड़ी है कि ऐसा पहली बार हुआ है कि जब किसी राजनेता पिता के साथ-साथ उनके दोनों पुत्र भी विधानसभा के सदस्य बने हों। इस समय पूर्व मुख्यमन्त्री ओमप्रकाश चौटाला उचाना विधानसभा क्षेत्र से विधायक व विधानसभा में विपक्ष के नेता हैं। उनके बड़े बेटे अजय सिंह चौटाला डबवाली से विधायक हैं और छोटे बेटे अभय सिंह चौटाला आज ऐलनाबाद विधानसभा उपचुनाव में 64 हजार 813 वोट हासिल करके कांग्रेस प्रत्याशी भरत सिंह बेनिवाल को 6,227 वोटों के अन्तर से हराकर विधायक चुने गए हैं। इसी के साथ देवीलाल परिवार की तीन पीढिय़ों ने विपक्ष में होते हुए सरकार के खिलाफ विधानसभा उपचुनाव जीतने का भी एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।
हरियाणा विधानसभा में पिता-पुत्र दो राजनेताओं को तो एकसाथ विधायक रहने का पहले भी अवसर मिला था। 1987 में चौधरी देवीलाल के साथ उनके बेटे रणजीत सिंह विधायक चुने गए थे जबकि 1993 से 1998 तक भजनलाल व चंद्रमोहन एक साथ विधायक रहे थे। इसके अलावा 2000 से 2005 तक चौधरी ओमप्रकाश चौटाला व उनके पुत्र अभय सिंह चौटाला भी एक साथ विधायक रह चुके हैं। लेकिन चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के साथ उनके दोनों बेटों अजय चौटाला व अभय चौटाला का विधायक होना अपने आप में एक नया कीर्तिमान है। इसके अलावा एक कीर्तिमान यह भी स्थापित हुआ है कि चौधरी देवीलाल परिवार ने अब तक लड़े सभी उपचुनावों में जीत दर्ज की है।
चौधरी ओमप्रकाश चौटाला के बड़े बेटे अजय सिंह चौटाला 1990 में दातारामगढ़ राजस्थान से विधायक चुने गए थे और विधानसभा के मध्यावधि चुनावों में 1993 में नौहर से विधायक चुने गए थे और 1998 तक राजस्थान विधानसभा में विधायक रहे। 1999 में हुए लोकसभा के मध्यावधि चुनावों में वे भिवानी से सांसद चुने गए और 2004 तक लोकसभा के सांसद रहे। 2004 में वे राज्यसभा के सांसद चुने गए और 2009 तक राज्यसभा में सांसद रहे। इस समय वे डबवाली से विधायक हैं। अभय सिंह चौटाला पहले रोडी से और अब ऐलनाबाद से विधानसभा उपचुनाव में विधायक चुने गए हैं।
चौधरी देवीलाल परिवार ने इस जीत के साथ ही उपचुनावों में जीत का भी एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। चौधरी देवीलाल ने 1959 में संयुक्त पंजाब के समय सिरसा विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में 27 हजार मतों के अन्तर से जीत हासिल की थी। उसके बाद 10 मई, 1970 को ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र से हुए उपचुनाव में चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने 19 हजार मतों के अन्तर से जीत दर्ज की थी। इसके बाद रोडी विधानसभा क्षेत्र में 1974 मेें हुए उपचुनाव में चौधरी देवीलाल ने आजाद प्रत्याशी के तौर पर कांग्रेस उम्मीदवार इंद्राज सिंह बेनिवाल को 16 हजार मतों के अन्तर से हराकर सरकार के खिलाफ जीत दर्ज की।
इसके अलावा पंजाब समझौते के खिलाफ त्याग पत्र देकर पुन: चुनाव लड़कर चौधरी देवीलाल ने महम विधानसभा क्षेत्र से 24 दिसम्बर, 1985 को हुए उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को 11 हजार से ज्यादा मतों के अन्तर से हराकर सरकार के खिलाफ जीत दर्ज की। 1990 में चौधरी ओमप्रकाश चौटाला ने दड़बाकलां विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी जगदीश नेहरा को हराकर जीत दर्ज की। 1993 में नरवाना विधानसभा क्षेत्र में हुए उपचुनाव में इनेलो प्रमुख ओमप्रकाश चौटाला ने सरकार के खिलाफ जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी रणदीप सुरजेवाला को 19 हजार मतों के अन्तर से हराया। 2000 में हुए विधानसभा चुनाव में इनेलो प्रमुख चौधरी ओमप्रकाश चौटाला नरवाना व रोडी दोनों क्षेत्रों से विजयी हुए थे और उनके द्वारा खाली की गई रोडी सीट से अभय सिंह चौटाला उपचुनाव जीतकर विजयी हुए थे। इस बार श्री चौटाला उचाना व ऐलनाबाद विधानसभा सीटों से विजयी हुए और ऐलनाबाद सीट छोडऩे पर हुए इस उपचुनाव में इनेलो प्रत्याशी अभय सिंह चौटाला सरकार के खिलाफ जीत दर्ज करते हुए कांग्रेस प्रत्याशी भरत सिंह बेनिवाल को हराकर विधायक चुने गए हैं।

कबाड़ की दुकान में आग, हजारों का नुक्सान

डबवाली (लहू की लौ) यहां के सिरसा रोड़ पर कबाड़ की एक दुकान में आग लग जाने से करीब हजारों रूपये कीमत की इंडिका कार और टाटा सीरा जलकर राख हो गई। जबकि जीप की सीटें जल गई।
फायर ब्रिगेड सूत्रों के अनुसार रात को करीब 11 बजे सिरसा रोड़ पर स्थित एक कबाड़ की दुकान के मालिक जगदीश चन्द नारंग की सूचना पाकर नगरपालिका की फायर ब्रिगेड मौका पर पहुंची और आग पर काबू पाया। लेकिन इस दौरान वहां खड़ी इंडिका कार और टाटा सीरा जिनकी कीमत करीब डेढ़ लाख रूपये बताई जाती है, जलकर राख हो गई। वहीं खड़ी जीप की सीटें भी जल गई।
फायर ब्रिगेड सूत्रों के अनुसार आग लगने का कारण तो मालूम नहीं हो पाया। लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि किसी ने इन गाडिय़ों को आग लगाई होगी।

शीघ्र ही फोरलेन होगा राजमार्ग

औढ़ां (जितेन्द्र गर्ग) ओढ़ां में आबादी के मध्य से होकर गुजरते राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 10 पर ट्रफिक की अधिकता होने के कारण सड़क दुघर्टनाएं अक्सर होती रहती हैं। राष्ट्रीय राजमार्ग पर रहने वाले गांववासी कृष्ण खुराना, जगदीश मायला, प्रमोद कुमार, महेंद्र खुराना व गुरदेव सिंह आदि ने बताया कि इस मार्ग पर ट्रैफिक इतना ज्यादा होता है कि उन्हें हर समय दुघर्टना का भय बना रहता है अत: सुरक्षा की दृष्टि से इस मार्ग को चौड़ा करके फोरलेन किए जाने की जरूरत है ताकि ट्रैफिक का बोझ कुछ कम हो सके।
इस संबंध में नेशनल हाइवे हिसार के उपमंडल अधिकारी सतीश मेहता से बात किए जाने पर उन्होंने बताया कि ओढ़ां वासियों को इस समस्या से शीघ्र ही छुटकारा मिल जाएगा क्योंकि विभाग द्वारा इस राजमार्ग को ओढ़ां स्थित निरंकारी भवन से लेकर नई अनाज मंडी तक 2200 मीटर तथा डबवाली गांव में कालांवाली कैंचियों से लेकर सेम नाले तक 2800 मीटर सड़क को शीघ्र ही फोरलेन कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ओढ़ां व डबवाली में फोरलेन किए जाने वाले राजमार्ग की कुल लंबाई 5000 मीटर है और इस मार्ग को फोरलेन करने का टेंडर 7 करोड़ 76 लाख 40 हजार में हो चुका है तथा शीघ्र ही काम शुरू हो जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि इससे राजमार्ग की चौड़ाई पौने 9 मीटर बढ़ जाएगी और बीच में चार फुट का डिवाइडर होगा जिस कारण दुघर्टनाएं कम होंगी।

ऑफिस से सीधे घर जाओ और बच्चे पैदा करो का आदेश

नई दिल्ली (एजेन्सी) एक ओर जहां भारत सरकार जनसंख्या वृद्धि को लेकर परेशान है। सरकार न जाने कितनी ऐसी योजनाएं चला रही है, जिससे जनसंख्या नियंत्रण में काबू पाया जा सके, परंतु भारतीय हैं कि मानते ही नहीं, लेकिन हम जिस देश की बात करने जा रहे हैं, वहां स्थिति कुछ और है।
दक्षिण कोरिया की सरकार ने सरकारी और गैर सरकारी कार्यालयों में यह आदेश जारी कर दिया है, कि कार्यालय के ढेर सारी फाइलों के बोझ से निपटकर वह सीधे घर जाएं और अपनी पत्नी के साथ रहें, ताकि जनसंख्या में इजाफा हो सके। अब ये तो सरकार ही जानती होगी कि इस तरह का आदेश लागू करने के लिये उन्हें क्यों जरूरत पड़ी। यह सरकार की दरियादिली या फिर दक्षिण कोरिया के निवासियों में सेक्स के प्रति अनिच्छा।
बुधवार यानि सप्ताह के मध्य में स्वास्थ्य मंत्रालय के इमारत की बत्तियां शाम सात बजे बुझा दी जाएंगी और लोगों को बाहर कर दिया जाएगा। दक्षिण कोरिया के लिए उसकी आबादी की बढ़ती उम्र एक बड़ी चिंता की वजह बन रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने इसे सुलझाने का बीड़ा उठाया है।
मजाक में इस मंत्रालय को इन दिनों जोडिय़ां बनाने वाले मंत्रालय का नाम दिया जा रहा है और उदाहरण पेश करने के लिए मंत्रालय ने अपनी ही इमारत से शुरुआत की है।
इतना ही नहीं हर महीने में एक दिन मुहैया किया जा रहा है इसी उद्देश्य के लिए। जो अधिकारी एक से ज्यादा बच्चे पैदा कर चुके हैं उन्हें तोहफे दिए जा रहे हैं और विभाग की तरफ से ऐसे समारोह आयोजित किए जा रहे हैं जिससे अधिकारियों के बीच प्यार मुहब्बत बढ़े। वैसे आलोचकों का कहना है कि सरकार यदि वाकई गंभीर है तो उसे बच्चों की देखरेख और शिक्षा का खर्च कम करना चाहिए, क्योंकि इसी डर से युवा जोडिय़ां बच्चे पैदा करने से घबरा रही हैं।

21 जनवरी 2010

जम्मू-कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल पर से रोक हटी

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने जम्मू-कश्मीर में प्रीपेड मोबाइल फोन सेवा पर ढाई माह से लागू पाबंदी आज हटा ली। केन्द्र का आदेश तत्काल लागू हो गया है और ग्राहकों की जांच के लिए कड़े नियम लागू कर दिए गए हैं। सरकारी सूत्रों ने बताया कि केन्द्र ने राज्य के ३८ लाख प्रीपेड मोबाइल फोनधारकों की जांच के लिए पुख्ता योजना तैयार कर ली है। इसी के मद्देनजर प्रतिबंध हटाने का फैसला किया गया है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने पिछले साल पहली नवंबर से प्रदेश में प्रीपेड सेवा पर रोक लगा दी थी।
गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने हाल में कहा था कि यदि सेवाप्रदाता ग्राहकों की पहचान और जांच के लिए सौ फीसदी फूलप्रूफ योजना पेश करते हैं और मंत्रालय इससे संतुष्ट हो जाता है तो प्रतिबंध को वापस ले लिया जाएगा। जम्मू-कश्मीर सरकार और स्वयं मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला केन्द के साथ इस मसले पर बातचीत कर रह थे। मुख्यमंत्री ने केन्द्र से इस मसले को जल्द से जल्द हल करने का आग्रह किया था। राज्य सरकार दूरसंचार आपरेटरों के लिए ऐसी नीति के पक्ष में थी, जिसमें ग्राहकों की जांच का काम पूरा नहीं करने वाली कंपनियों पर वित्तीय जुर्माना लगाने के साथ-साथ कड़ी कार्रवाई की जा सके।

अब महिला हॉकी टीम को भी 'शिव' ने दिया सहारा

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कुछ दिनों पहले हॉकी इंडिया के खिलाडि़यों को आर्थिक सहायता देने के ऐलान के बाद देश में हॉकी इंडिया पर भी मंडरा रहे आर्थिक तंगी के चतले सहारा देंगे। श्री चौहान ने देश की पुरुष हॉकी टीम की तरह ही महिला हॉकी टीम को भी आर्थिक सहायता देने का गुरुवार को यहां ऐलान किया। इसके लिए वह दिल्ली में खेल मंत्री से भी चर्चा करेंगे। हालांकि उन्होंने कहाकि यह सहायता केंद्र सरकार के पास जाएगी।
उल्लेखनीय है कि पुरुष हॉकी खिलाडियों की पैसों की मांग पूरी होने के बाद महिला हॉकी खिलाडियों ने हॉकी इंडिया से पैसों की मांग कर डाली है। हालांकि महिला हॉकी के खिलाडि़यों ने पुरुष हॉकी के खिला$िडयों की तरह न तो हड़ताल की और न ही ह$डताल की चेतावनी दी, पर इतना जरूर किया, जिससे उनकी बात शासन-प्रशासन तक पहुंच जाए और उनकी प्रेक्टिस भी प्रभावित न हो। किन्तु इतना जरूर है कि उन्होंने इसके लिए एक अलग रास्ता अख्तियार किया, जिसके तहत जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती वह विरोध स्वरूप बांह पर काली पट्टी बांधकर खेलेंगीं। हालांकि इस मांग के माने जाने पर वह हड़ताल पर जाने की घोषणा करेंगी।
महिला हॉकी इंडिया की खिलाडि़यों ने बुधवार को गांधीगिरी के रूप में भोपाल स्थित सिंडीकेट बैंक में एक खाता (७७०५२०१०००२९७०-टीटीनगर ब्रांच) भी खुलवाया है, जिसके माध्यम से गरीब हॉकी खिला$िडयों की मदद की जाएगी। यह खाता कप्तान सुरिंदर कौर, ममता खरब, दीपिका मूर्ति और सुभद्रा प्रधान के नाम पर संयुक्त रूप से खुला है। इस दौरान हॉकी इंडिया की महिला खिलाडि़यों ने पुरुष खिलाडि़यों के समान ही फीस व अन्य भत्तों की मांग की, लेकिन वहां से जवाब मिला कि हमने सारा पैसा पुरुष खिला$िडयों पर खर्च कर दिया है। अभी आपके लिए कुछ नहीं हो सकता। इसके बाद महिला हॉकी खिलाडि़यों ने आपस में विचार विमर्श कर यह फैसला लिया है कि हम अपनी गरीब साथी खिलाडियों की मदद खुद करेंगी। उल्लेखनीय है कि भारतीय महिला हॉकी खिलाडी इन दिनों भोपाल के साई रीजनल सेंटर पर नेशनल कैम्प में हिस्सा ले रही हैं। यह कैम्प सात फरवरी तक चलेगा। इसमें देशभर की शीर्ष ३८ खिला$डी शामिल हैं। सात फरवरी के बाद दस दिन का विश्राम है। फिर खिला$डी भोपाल में १४ फरवरी को एकत्र होंगी और जापान टूर के लिए अभ्यास करेंगी। वैसे भी कामनवेल्थ गेम्स तक भारतीय महिला हाकी खिलाडि़यों का नेशनल कैंप भोपाल को आबंटित है।

स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में डकैती

इटारसी। त्रिवेंद्रम से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस में आज डकैती से हडकंप मच गया। इस दौरान डकैतों ने करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक लूटपाट की, जिसके बाद जीआरपी के होश उड़ गए। अभी मामले की जांच जारी है।
जानकारी अनुसार नागपुर से तकरीबन रात साढ़े १२ बजे लगभग ८ नकाबपोश बदमाश जनरल कोच में चढ़ गए और स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के स्टेशन से छूटते ही लूटपाट शुरू कर दी। करीब ढाई घंटे चली इस लूटपाट में डकैतों ने यात्रियों से नकदी के साथ ही सोने-चांदी के जेवरात सहित मोबाइल फोन भी लूट लिए। बताया जाता है कि टी गांव के पास अक्सर गाडि़यां काफी स्लो हो जाती हैं, जिसका फायदा उठाकर यह नकाबपोश बदमाश अपने मकसद में कामयाब होने के बाद यहीं पर गा$डी से उतर गए। घटना के बाद पूरी तरह लुट चुके यात्रियों ने बैतूल स्टेशन पर जमकर हंगामा मंचाया, जिस पर जीआरपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण पंजीबद्घ किया।

लंगर तैयार करते आग भड़की

डबवाली (लहू की लौ) दु:खहरण अंजनी माता मन्दिर, मण्डी किलियांवाली में बुधवार को लंगर तैयार करते समय गैस सिलेण्डर की पाईप लीक हो जाने से अचानक आग भड़क उठी। जिससे शंकर नामक हलवाई घायल हो गया।
प्राप्त जानकारी अनुसार दु:ख हरण अंजनी माता मन्दिर में आज गणेश और श्री अंजनी माता की मूर्ति स्थापना का कार्य सम्पन्न हो चुका था और इस मौके पर श्रद्धालुओं के लिए लंगर तैयार किया जा रहा था। लंगर तैयार करते समय भट्ठी के साथ जो गैस सिलेण्डर लगा हुआ था। उसकी पाईप अचानक लीक कर उठी और देखते-ही-देखते सिलेण्डर को आग ने अपने आगोश में ले लिया। बचाव करते हुए हलवाई शंकर का बाजू आग से झुलस गया और उसे गंभीर हालत में प्राईवेट अस्पताल में लेजाया गया। पता चला है कि मौका पर पहुंची फायर ब्रिगेड ने आग पर काबू पाया।

ललित मोदी ने मेरे फोन का जवाब नहीं दिया पीसीबी चीफ

लाहौर। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) के अध्यक्ष एजाज बट्टा मंगलवार को मुंबई में आईपीएल-३ के लिए हुई नीलामी में अपने देश के किसी खिलाड़ी के लिए बोली नहीं लगने से खासे नाराज हैं।
जियो न्यूज के मुताबिक बट्टा ने आईपीएल आयोजकों और फ्रेंचाइजी टीमों के मालिकों के इस कदम की आलोचना की और इस संबंध में आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी से बात करने की कोशिश की लेकिन उनके मुताबिक मोदी ने उनके फोन कॉल का जवाब ही नहीं दिया। लाहौर में मीडिया से मुखातिब बट्टा ने कहा, हमारे ११ खिलाड़ी नीलामी के लिए मैदान में थे लेकिन किसी के लिए बोली नहीं लगी। यह बेहद दुखदाई पक्ष है। मैं इसे लेकर बहुत नाराज हूं। मैंने खेल मंत्री से अनुरोध किया है कि वह इस संबंध में भारत के खेल मंत्री से बात करें। बट्टा ने कहा कि उन्होंने कई बार मोदी से संपर्क साधने की कोशिश की लेकिन मोदी ने एक बार भी उनके फोन कॉल का जवाब देना उचित नहीं समझा। बकौल बट्टा, यह बहुत निराशाजनक पहलू है। मैं मोदी से इसका कारण जानना चाहता था लेकिन उन्होंने मुझसे बात नहीं की। गौरतलब है कि मंगलवार को मुंबई के ट्राइडेंट होटल में हुई नीलामी में पाकिस्तान के किसी भी खिलाड़ी के लिए बोली नहीं लगाई गई। तीसरे सेशन के लिए मौजूदा ट्वेंटी-२० विश्व चौम्पियन पाकिस्तानी टीम के कुल ११ खिलाड़ी मैदान में थे लेकिन आठ में से एक भी फ्रेंचाइजी टीम ने उन्हें अपने साथ जोडऩे की इच्छा नहीं जाहिर की। यहां तक की ट्वेंटी-२० टीम के कप्तान शाहिद अफरीदी को भी खरीददार नहीं मिला।

बच्चे व युवा ज्यादा आते हैं स्वाइन फ्लू के चपेट में

नई दिल्ली। देश में स्वाइन फ्लू वायरस का संक्रमण जारी है। इस संबंध में किए गये एक ताजा सरकारी अध्ययन से यह बात सामने आयी है कि इस रोग के वायरस अन्य आयु के लोगों की अपेक्षा बच्चों और युवाओं को अधिक चपेट में ले रहे हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा स्वाइन फ्लू के संबंध में किए गये एक ताजा अध्ययन की रिपोर्ट के अनुसार गत वर्ष ११ मई से २० दिसंबर तक स्वाइन फ्लू की जांच के लिए मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की पुष्टि के २४ हजार २४२ मामलों को लिंग-आयु के आधार पर विभाजित किया तो यह बात सामने आयी कि इन पुष्टि के मामलों में सबसे अधिक संख्या ८५०१ पांच से १९ साल के युवावर्ग की थी। इनमें युवकों की संख्या ५०१६ और युवतियों की संख्या ३४८५ थी। इसके बाद दूसरा स्थान २० से ३९ साल के लोगों का था जिनकी संख्या ६८९० थी जिसमें, पुरुषों की संख्या ४१११ और महिलाओं की संख्या २७७९ थी। तीसरा स्थान ४० से ५९ साल के लोगों का था जिनकी संख्या २११८ थी जिसमें पुरुषों की संख्या १२०५ और महिलाओं की संख्या ९१३ थी। चौथा स्थान पांच साल से कम आयु के बच्चों का था जिनकी संख्या १६७६ थी जिसमें लड़के ९६९ और लड़कियां ७०७ थी, जबकि सबसे कम संख्या ६० से ऊपर आयु के लोगों की थी। यह संख्या ३५५ थी जिसमें पुरुषों की संख्या २१६ और महिलाओं की संख्या १३९ थी। रिपोर्ट के अनुसार देश में गतवर्ष २० दिसंबर तक एक लाख तीन हजार ७८० संदिग्ध रोगियों की जांच की गयी जिसमें से केवल २३ प्रतिशत यानी २३ हजार ७२७ मामलों में पुष्टि हुई और ७७ प्रतिशत यानी ८० हजार ५३ मामले नकारात्मक पाए गये। इस रोग से पीडि़त तीन प्रतिशत २८२ रोगियों की मौत हुई ओर ९७ प्रतिशत यानी २२ हजार ९४५ रोगियों को विभिन्न अस्पतालों में इलाज के बाद ठीक हो गये या उनका सुधार है।
देश में स्वाइन फ्लू का पहला मामला मई के दूसरे सप्ताह में आया था। उसके बाद से प्रत्येक एक सप्ताह में दर्ज किए गये इसके मामलों में भारी उतार चढाव आता रहा। ११ से १७ मई तक के सप्ताह में मामलों की संख्या केवल एक थी। उसके कुछ समय बाद २४-३० अगस्त तक के सप्ताह में यह संख्या बढ़कर एक हजार १५९ हो गई लेकिन अचानक ३१ अगस्त से ६ सितंबर के सप्ताह यह संख्या ८८५ हो गयी। उसके बाद यह तेजी से बढ़ी और १४-२० सितंबर के सप्ताह में बढ़कर एक हजार ७२० हो गई। इसी प्रकार फिर मामलों में तेजी से गिरावट आई और १९-२५ अक्टूबर तक के सप्ताह में ५३३ हो गयी जो ७-१३ दिसंबर तक के सप्ताह में बढ़कर २ हजार ९६ हो गई और १४-२० दिसंबर तक के सप्ताह में १९८१ हो गयी। अध्ययन के दौरान स्वाइन फ्लू के कुल मामलों में से ५००२ मामलों का चिकित्सीय परीक्षण किया गया तो उनमें फेब्रीली समूह के ४९४७ मामले सामने आये। जिनमें केवल बुखार और सांस लेने की कठिनाई महसूस होने वाले रोगियों की संख्या ३४४ यानी ७ प्रतिशत, बुखार और सर्दी लगने वाले रोगियों की संख्या ३२६ यानी ७ प्रतिशत, बुखार और खांसी एक साथ की संख्या ४००९ यानी ८४ प्रतिशत और केवल बुखार वालों की संख्या ७० यानी एक प्रतिशत पाई गयी। इसी प्रकार एफेब्रीली समूह में रोगियों की संख्या ३५३ सामने आयी इनमें खांसी और गला खराब वाले रोगियों की संख्या १५४ यानी ६१ प्रतिशत, केवल खांसी वाले रोगियों की संख्या ९३ यानी ३७ प्रतिशत और उल्टी आ रहे रोगियों की संख्या ६ यानी दो प्रतिशत पाई गयी।
सर्वेक्षण के दौरान देश के ९ प्रमुख शहरों में २१ नवंबर से २० दिसंबर तक की अवधि के दौरान स्वाइन फ्लू के ५७५१ मामले सामने आये। जिसमें सबसे अधिक ३४४८ मामले यानी १४-७ प्रतिशत दिल्ली में आये उसके बाद जयपुर में ६५८ यानी २-८ प्रतिशत, पुणे ४४७ यानी १-९ प्रतिशत, नोएडा २७४ यानी १-२ प्रतिशत, चेन्नई २२३ यानी एक प्रतिशत, गुडगांव २२१ यानी ०-९ प्रतिशत, बेंगलुरू २२० यानी ०-९ प्रतिशत, गाजियाबाद १४९ यानी १४९ यानी ०-६ प्रतिशत और चंडीगढ १११ यानी ०-५ प्रतिशत मामले सामने आये।

पवार ने कहा, बढ़ेंगे दूध के दाम

नई दिल्ली। महंगाई से त्रस्त आम आदमी को जल्द ही एक और झटका लगने वाला है। सूत्रों के मुताबिक देश में चीनी और दालों की कीमतों के आसमान छूने के बाद जल्द ही दूध की कीमतें भी बढऩे वाली हैं। केन्र्दीय कृषि मंत्री शरद पवार ने आज एक और चौंकाने वाला बयान देकर दूध की कीमतों को बढ़ाने के संकेत दे दिए हैं। पवार का कहना है कि देश में दूध की जबर्दस्त किल्लत हो रही है। जिसके मद्देनजर सरकार पर दूध का दाम बढ़ाने पर दबाव बनाया जा रहा है। पवार के मुताबिक खासकर उत्तर भारत में पिछले कई सालों से दूध के उत्पादन में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है जबकि मांग दिनोंदिन बढ़ती जा रही है। दूध की सबसे ज्यादा कमी उत्तर भारत में ही हो रही है। उन्होंने चीनी के बाद दूध के दामों में भी बढ़ोतरी कर जनता पर एक और भार डालने का संकेत दिया है।

20 जनवरी 2010

खेत मजदूरों को देख बीडीपीओ भागा


डबवाली (लहू की लौ) पंजाब खेत मजदूर यूनियन ने महंगाई पर नियंत्रण स्थापित करने और नरेगा के तहत मजदूरों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर मंगलवार को बीडीपीओ कार्यालय लम्बी के समक्ष धरना देकर अपना रोष प्रकट किया। लेकिन जब ज्ञापन देने का समय आया तो उस समय बीडीपीओ चोर मोरी से कार्यालय से फरार हो गया। जिससे मजदूरों में रोष भड़क गया और मजदूरों ने धरने को अनिश्चितकालीन घेराव में तबदील कर दिया।

हर रोज बढ़ रही महंगाई को नियंत्रण में करने, नरेगा स्कीम के अन्तर्गत मजदूरों को साल भर का रोजगार 200 रूपये प्रति दिहाड़ी के तहत देने जैसी मांगों को लेकर पंजाब खेत मजदूर यूनियन के कार्यकर्ता यूनियन की राज्य इकाई के आह्वान पर आज अचानक बीडीपीओ कार्यालय पर धरना देने के लिए पहुंच गये। इन मजदूरों के साथ बीडीपीओ ने 2.30 बजे का समय ज्ञापन देने के लिए निर्धारित किया था। लेकिन जब ज्ञापन देने का समय आया तो उस समय बीडीपीओ अपने कार्यालय के पिछवाड़े से खिसक गया। जिसको लेकर मजदूरों में रोष भड़क उठा। मौका पर उपस्थित मजदूर नेता लक्ष्मण सिंह सेवेवाला, सुक्खा सिंह आदि ने खेत मजदूरों के साथ विचार-विमर्श के बाद अपने इस धरने को अनिश्चित कालीन घेराव में बदल दिया और बीडीपीओ तथा पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की।
इस मौके पर खेत मजदूरों को सम्बोधित करते हुए यूनियन के प्रदेश महासचिव लक्ष्मण सिंह सेवेवाला ने कहा कि भारत की सत्ता पर काबिज हाकमों की गलत आर्थिक नीति के कारण ही महंगाई तेज गति से बढ़ रही है। जबकि कृषि में उत्पादन कम हो रहा है। पूंजीवादी सरकार कृषि की अपेक्षा अन्य साधनों पर पूंजी निवेश कर रही है। जबकि कृषि को निरोत्साहित करने पर तुली हुई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जन वितरण प्रणाली को सरकार की नीतियों ने पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया है।
सेवेवाला ने यह भी कहा कि सिंघेवाला-फतूहीवाला में मजदूरों से नरेगा के तहत करवाये गये काम का पारिश्रमिक 1 लाख 48 हजार 376 रूपये महीनों बीतने के बावजूद भी नहीं दिये गये।
इस मौके पर इलाका प्रधान सुक्खा सिंह, काला सिंह, राजा सिंह, गुरतेज सिंह, परमजीत सिंह चन्नू आदि नेताओं ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर मजदूर मांग कर रहे थे कि नरेगा के तहत मजदूरों को वर्ष भर के लिए 200 रूपये प्रति दिहाड़ी के हिसाब से रोजगार दिया जाये, महंगाई को नियंत्रित करने के लिए डिपुओं द्वारा रसोई और अन्य घरेलू प्रयोग की वस्तुओं की आपूर्ति सस्ते रेट पर की जाये, जमाखोरी बन्द की जाये और जमाखोरों द्वारा जमा की गई वस्तुओं को जब्त करके सस्ती दरों पर लोगों को वितरित की जायें, वायदा व्यापार पर रोक लगाई जाये, खेत मजदूरों को 10-10 मरले के प्लाट और मकान निर्माण के लिए एक लाख रूपये अनुदान राशि दी जाये, आत्महत्या से पीडि़त किसान-मजदूर परिवारों को 5-5 लाख रूपये मुआवजा और नौकरी दी जाये।

शिक्षा के गिरते स्तर के लिए संस्थाओं का सिस्टम दोषी-सेठी

डबवाली (लहू की लौ) किड्स किंगडम स्कूल, सिंघेवाला के प्रांगण में रविवार को वर्तमान शिक्षा पद्धति एवं शिक्षा के गिरते स्तर पर एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें डबवाली व आसपास के क्षेत्र के लोगो ने भाग लिया।
इस मौके पर लर्निग ट्री एजुकेशनेल सोसायटी की ओर से नीलू सेठी ने कहा कि शिक्षा के गिरते स्तर के लिए संस्थाओं का सिस्टम ही दोषी है। चूंकि शिक्षण संस्थाएं शिक्षा देने की अपेक्षा पैसा कमाने पर जोर देने लगी है। संस्थाएं इस बात पर अधिक विचार करती हैं कि पैसा अधिक से अधिक कैसे कमाया जाये लेकिन शिक्षा का स्तर कैसे ऊपर उठे इस पर ध्यान नहीं देती। जबकि लर्निग ट्री एजुकेशानल सोसायटी इससे हट कर केवल पैसा कमाने पर नहीं बल्कि बच्चे का शिक्षा स्तर कैसे ऊपर उठे इस पर जोर देती है। विद्यालय की अंग्रेजी अध्यायपिका उमा गर्ग ने कहा कि शिक्षा का स्तर तभी ऊंचा उठ सकता है जब वहां पर बच्चों को अध्ययन करवा रहे अध्यापक की शिक्षा और अनुभव का स्तर भी ऊंचा हो। सोसायटी के प्रवक्ता के के वर्मा ने कहा कि संस्था का दृष्टिकोण, उद्देश्य एवं मिशन महत्वपूर्ण होता है। यदि किसी संस्था का दृष्टिकोण विशाल, उद्देश्य उच्च एवं मिशन केवल सेवा हो तो वह संस्था केवल दूसरों का उदार ही नहीं करती बल्कि वह संस्था भविष्य में भी लम्बे समय तक लोगो की सेवा में कार्यरत रहने का गौरव पाती है। उनकी सोसायटी भी इसी पर चलते हुए 2020 में दसवी एवं 2022 में बाहरवीं कक्षा तक इस विद्यालय को ले जाकर सीबीएसई में बच्चों को टॉप पोजिशन हासिल करवाने का मिशन लेकर चल रही है। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि संस्था का उद्देश्य केवल बच्चे को टॉप पर लेजाना ही नहीं है बल्कि बच्चे का सर्वागीण विकास करवाते हुए उसे उच्च गुणवत्ता की शिक्षा देकर उसे देश, समाज और अपने प्रति उत्तरदायी बनाना है।
इस मौके पर एडवोकेट जगदीश गुप्ता ने संस्था के प्रयास की सरहाना करते हुए कहा कि यह संस्था जिस प्रकार से अपने प्रयासों में पारदर्शिता दिखा रही है उससे लगता है कि संस्था बच्चों और उनके अभिभावकों को उनकी उम्मीद से भी अधिक देने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर गांव लौहारा के सरपंच सुरजीत सिंह, देव कुमार शर्मा ने भी अपने विचार रखे। इस मौके पर आये हुए मेहमानो का धन्यवाद सोसायटी की प्रबंधन निर्देशिका मीनाक्षी खूंगर ने किया। जबकि मेहमानो का स्वागत स्कूल प्रशासक सोहन लाल गुम्बर ने किया।

सरपंच पर नरेगा का वेतन न देने का आरोप

डबवाली (लहू की लौ) गांव गोदीकां के एक युवक ने उपायुक्त सिरसा को एक शिकायत देकर नरेगा स्कीम के तहत गांव के सरपंच पर उसे काम करवाने के बावजूद भी वेतन न देने का आरोप लगाया है। जबकि सरपंच ने आरोप को खारिज करते हुए शिकायतकर्ता पर ही कई आरोप जड़ दिये हैं।

कालू राम पुत्र फूला राम निवासी गोदीकां ने उपायुक्त सिरसा को व्यक्तिगत रूप से 6 जनवरी को दिये एक पत्र में कहा है कि वह गांव गोदीकां का स्थाई निवासी है और उसे गांव के सरपंच विनोद सहारण ने सहायक/मैट के पद पर 15 मार्च 08 से 20 अगस्त 2009 तक कार्य पर रखा हुआ था और उसे 2000 रूपये प्रति माह के हिसाब से वेतन देना स्वीकार किया था। लेकिन उसे यह कहकर सरपंच वेतन न देता रहा कि अभी तक उसका वेतन उसके पास नहीं पहुंचा है। जबकि 4 माह पूर्व उसे सरपंच ने काम से भी निकाल दिया।
इधर इस सम्बन्ध में जब गांव के सरपंच विनोद सहारण से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि कालू राम पुत्र फूला राम उसके पास सहायक के पद पर ही नहीं था। उनके अनुसार ग्राम सभा की बैठक में एक प्रस्ताव पारित करके सहायक के पद पर किसी व्यक्ति को रखा जाता है। ग्राम सभा के रिकॉर्ड में कहीं भी कालू राम सहायक के पद पर नहीं है। उसने नरेगा के तहत जितना काम किया था, उसे उसके हिसाब से राशि दे दी गई है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे गांव में नरेगा के तहत जिसे भी राशि दी गई है, उसकी फोटो भी ली गई हैं। सरपंच ने यह भी कहा कि मामला कुछ और है।
सरपंच के अनुसार शिकायतकर्ता अपनी पत्नी को गांव में बने बैंक में नौकरी लगवाना चाहता था, जबकि नौकरी उसकी पत्नी से अधिक पढ़ी लिखी लड़की को मिली है। इसी रंजिश को लेकर शिकायतकर्ता उसके खिलाफ शिकायतबाजी कर रहा है।

सर्दी में स्कूल के गेट पर खड़े रहे बच्चे

डबवाली (लहू की लौ) सरकारी विद्यालयों की व्यवस्था इतनी बिगड़ती जा रही है कि हाड़ कम्पा देने वाली सर्दी में भी बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचने के बावजूद भी विद्यालय का मुख्य गेट न खुलने के बावजूद भी कड़कती सर्दी में बाहर खड़े रहना पड़ रहा है। अफसोस तो यह है कि अध्यापक भी समय पर नहीं पहुंचते।
इसका उदाहरण सोमवार को कई दिनों की छुट्टियों के बाद खुले राजकीय मिडिल स्कूल (राजकीय प्राथमिक पाठशाला नं. 3) में मिला। सुबह 9 बजे स्कूल के बच्चे इस विद्यालय के गेट पर आ गये। लेकिन गेट न खुले होने के कारण उन्हें बाहर सड़क पर ही घनी धुंध में गेट खुलने की इंतजार में खड़े होना पड़ा और यह बच्चे सड़क तक आ जाने से वाहनों की चपेट में आते हुए बचे। यहीं नहीं बल्कि इसके चलते कुछ समय तक वहां वाहनों का जाम भी लग गया।
इसकी सूचना पाकर 9.25 पर मौका पर पहुंचे इस संवाददाता को बच्चों ने बताया कि कुछ बच्चों को स्कूल के मुख्य गेट की चाबी लेने के लिए मास्टर शेषपाल के घर भेजा गया है। इधर इस संवाददाता ने विद्यालय के प्रभारी राजेन्द्र सिंह देसूजोधा को फोन करके स्थिति से अवगत करवाया और मौका पर पहुंचने के लिए कहा। इसी दौरान संवाददाता ने देखा कि 10 बजे तक अध्यापक एक-एक करके विद्यालय तक पहुंचे।
राजेन्द्र सिंह देसूजोधा ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि सभी मिडिल स्कूलों में चतुर्थश्रेणी कर्मचारी की व्यवस्था है लेकिन उनके विद्यालय को चतुर्थश्रेणी कर्मी नहीं दिया गया है। इसी के चलते यह मुश्किल दरपेश आई है। उनके अनुसार स्कूल में लाखों रूपये की कीमत का सामान आया हुआ है। जिसमें एजूसैट भी शामिल है। लेकिन चौकीदार न होने के कारण उसे शुरू नहीं किया गया और यह सामान बेकार साबित हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस स्कूल के केवल प्राईमरी विभाग में 413 बच्चे हैं जिनके बैठने की भी समुचित व्यवस्था नहीं है। इसके चलते यह स्कूल मिडिल के नॉरम को भी पूरा नहीं करता। इस स्कूल को डबल स्टोरी बनाने के लिए लिखा जा चुका है।

16 जनवरी 2010

विडियोकॉन ने हरियाणा के बाजारों में पेश किये विश्व-स्तरीय मोबाइल फोन

हिसार : विश्व की जानी मानी कंपनी विडियोकॉन ग्रुप ने आधुनिकतम मोबाइल व विश्वस्तरीय मोबाइल फोन बाजार में उतारे हैं। इसके नये मोबाइल फोन में कई आधुनिकतम फीचर मौजूद हैं जैसे बेसिक कलर मॉड्यूल, एफ एम रेडियो, डबल सिम की सुविधा, एमपी-३ म्यूजिक, कैमरा, मल्टीमीडिया एवं टच फोन आदि।
विडियोकॉन ग्रुप के चेयरमैन व एमडी श्री वी एन धूत ने कहा कि कंपनी का इरादा २०१० में बेहतरीन पेश करके इस क्षेत्र की शीर्षतम कंपनियों की श्रेणी में खुद को लाना है। बात चाहे क्वालिटी, रेंज, तकनीक या वैल्यू की हो, किसी भी मामले में समझौता नहीं किया जाएगा। मोबाइल फोन वर्तमान में 4० करोड़ लोगों के बीच अपनी पैठ बना चुका है। विडियोकॉन भारत की सबसे बड़ी एवं विश्वस्तरीय उपभोक्ता वस्तु कंपनी है तथा मोबाइल फोन सेवा के क्षेत्र में भी हमारी कंपनी भारतीय उपभोक्ता के दिलों पर राज करेगी।
विडियोकॉन का नया लोगो 'वीÓ तथा विडियोकॉन मोबाइल फोन का ब्रांड प्रचार संदेश (वी इज द न्यू मी) भी लोगों ने काफी पसंद किया है। विडियोकॉन ने नये मोबाइल हैंडसेट लांच करने से पहले भारतीय युवाओं की पसंद तथा मोबाइल के प्रति उनका नजरिया क्या है उसका विस्तृत अध्ययन किया। अध्ययन से पता चला कि पहले कपड़ों एवं खानपान में लोगों की ज्यादा रुचि हुआ करती थी, लेकिन अब लोगों की पसंद बदल चुकी है। उन ब्रांडों को लोग अधिक पसंद करने लगे हैं जो उनकी पर्सनेलिटी व एटीट्यूड को बढ़ाएं। पसंदीदा चीजों में मोबाइल फोन भी शामिल है। विडियोकॉन ने इन्हीं जरूरतों एवं पसंद को ध्यान में रखते हुए काफी स्टाइलिश एवं आधुनिकतम फीचर से लैस मोबाइल हैंडसेट बाजार में उतारा है।
24,000 करोड़ रुपये टर्नओवर के साथ विडियोकॉन भारत के 15 टॉप बड़े बिजनेस हाउस एवं विश्व के टॉप 100 बिजनेस हाउस में शुमार है। ब्रांड इक्विटी सर्वे 2009 के अनुसार विडियोकॉन भारत के टॉप 50 ब्रांडों में शामिल है। विडियोकॉन कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं घरेलू उपभोक्ता वस्तुओं की अग्रणी निर्माता कंपनी है तथा रंगीन टीवी, वॉशिंग मशीन एवं रेफ्रिजरेटर के क्षेत्र में विश्व की नंबर वन कंपनी है। कंपनी टीवी कीपूर्ण रेंज, वॉशिंग मशीन, एयर कंडीशनर, रेफ्रिजरेटर, ऑडियो व होम थियेटर सिस्टम, माइक्रोवेव आदि का उत्पादन करती है। विडियोकॉन विश्वस्तरीय बाजार में अपनी पहचान बना चुकी है। भारत में निर्मित अपनी वस्तुओं को यूरोप, पश्चिम एशिया, लेटिन अमरीका, नाइजीरिया एवं इंडोनेशिया आदि देशों के बाजार में बेचती है।

राणा, हेडली पर आरोप तय

शिकागो। पाकिस्तानी मूल के शिकागो निवासी तहाव्वुर हुसैन राणा तथा अमेरिकी नागरिक डेविड कोलमैन हेडली के खिलाफ अमेरिका की एक संघीय ज्यूरी ने आज मुंबई आतंकवादी हमलों के मामले में आरोप निर्धारित किए। इन दोनों को ज्यूरी ने आतंकवादी हमलों के मकसद से आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तय्यबा के लिए जमीनी आधार तैयार करने तथा साजो सामान संबंधी सहायता मुहैया कराने का आरोपी ठहराया है। ज्यूरी ने अपने फैप्रे में लश्कर द्वारा मुंबई हमलों की योजना बनाने की व्यापक जानकारी दी है और बताया है कि किस प्रकार इसके नेताओं ने चार दिनों तक चले हमले को निर्देशित किया। २६ नवंबर से शुरू हुए इस आतंकवादी हमले में छह अमेरिकियों समेत १६६ लोग मारे गए थे।
पाकिस्तानी मूल के ४९ वर्षीय अमेरिकी हेडली को संघीय जांच ब्यूरो ने अक्तूबर में गिरफ्तार किया था और उसके खिलाफ सात दिसंबर को आरोपपत्र दायर किया गया था जबकि ४९ वर्षीय पाकिस्तानी मूल के कनाडाई नागरिक राणा को १८ अक्तूबर को गिरफ्तार किए जाने के बाद से ही शिकागो में संघीय पुलिस की हिरासत में रखा गया है। राणा पर पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून प्रकाशित करने वाले डेनमार्क के एक समाचारपत्र के खिलाफ आतंकवादी हमले की योजना बनाने का आरोप है। आज जो आरोप निर्धारित किए गए हैं वे सात सितंबर को हेडली के खिलाफ लगाए गए आरोपों से मेल खाते हैं तथा तीन मामलों में राणा को प्रतिवादी ठहराया गया है। उसके खिलाफ भारत तथा डेनमार्क में आतंकवादी हमलों के लिए साजो सामान के रूप में सहायता मुहैया कराने और पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तय्यबा की मदद करने का आरोप लगाया गया है। पाकिस्तान स्थित एक प्रभावशाली आतंकवादी संगठन के नेता इलियास कश्मीरी के खिलाफ भी आरोप निर्धारित किए गए हैं जिसके बारे में कहा जाता है कि वह अल कायदा के नेताओं और पाकिस्तानी सेना के सेवानिवृत मेजर अब्दुर्र रहमान हाशिम सईद (अब्दुर्र रहमान) के लगातार संपर्क में था। अमेरिकी विधि विभाग ने एक बयान में यह जानकारी दी।
आज पहली बार कश्मीरी के खिलाफ आरोप निर्धारित किए गए हैं हालांकि इससे पूर्व राणा, अब्दुर्र रहमान और हेडली के खिलाफ तय किए गए आरोपों में केवल उसका नाम शामिल किया गया था। राणा पर मुंबई आतंकवादी हमलों को अंजाम देने तथा उसकी तैयारी में सहायता करने और डेनमार्क में आतंकवादी हमले की साजिश और लश्कर को साजो सामान की मदद देने का आरोप लगाया गया था। राणा को शिकागो में संघीय अदालत के समक्ष पेश करने के लिए अभी कोई तारीख तय नहीं की गई है। यह मामला अमेरिकी जिला न्यायाधीश हैरी डी लेनिनवेबर को सौंपा गया है। अमेरिका ने दिसंबर २००१ में लश्कर को विदेशी आतंकवादी संगठन करार दिया था। आरोपपत्र में कहा गया है कि हेडली ने मुंबई हमलों की योजना बनाने में अहम भूमिका निभाई और इसके लिए उसने पाकिस्तान में लश्कर के साजिशकर्ताओं को शक्तिशाली लक्ष्यों की व्यापक वीडियो फुटेज उपलब्ध कराई। इसके साथ ही उसने हमले के दौरान आतंकवादियों द्वारा अपनाए जाने वाले रूट की सटीक सूचना भी दी और समुद्र के रास्ते आतंकवादियों के महानगर में प्रवेश के मार्ग का भी ब्यौरा तय किया।
मार्च २००८ में लश्कर ने हेडली को मुंबई बंदरगाह तथा उसके आसपास के इलाके का नौका के जरिए दौरा करने तथा विभिन्न स्थलों की वीडियोग्राफी करने का निर्देश दिया था। करीब साल भर पहले हेडली ने मुंबई में प्रमुख लक्ष्यों और विशेषकर ताज होटल की तस्वीरें लीं और वीडियो टेप तैयार किए। उसने ताज होटल के दूसरे तल पर सम्मेलन कक्षों तथा बालरूम की विस्तृत वीडियो तैयार की। उसने ओबेराय होटल के वीडियो भी तैयार किए। भारत के इस प्रकार के हर निगरानी दौरे के बाद एकत्र की गई सूचना और वीडियो फुटेज लश्कर के नेताओं को देने के लिए हेडली पाकिस्तान गया। खुद को निर्दोष बताने वाले हेडली के बारे में समझा जाता है कि उसने लश्कर के साजिशकर्ताओं के निर्देशों का पूरी तरह पालन किया और ताज होटल में भविष्य में होने वाले सम्मेलनों का कार्यक्रम हाप्रि करने का प्रयास किया। लश्कर से जुड़े लोगों के साथ एक मुलाकात में हेडली को 'एÓ सदस्य ने ताज महल होटल का नमूना दिखाया। आरोपपत्र में यह बात कही गई है। मार्च या अप्रैल २००८ में लश्कर के ए और बी सदस्यों ने हेडली को ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम उपकरण दिया और बताया कि इसका इस्तेमाल किस प्रकार किया जाए। साजिश के ही हिस्से के तहत अप्रैल २००८ में हेडली ने मुंबई बंदरगाह तथा आसपास के इलाकों की जीपीएस उपकरण से निगरानी की और वीडियो टेप तैयार किए।
हेडली ने छत्रपति शिवाजी टर्मिनस ट्रेन स्टेशन का भी दौरा किया। हमले से पूर्व हेडली को लश्कर ने ताज होटल और हमलावरों के प्रवेश स्थलों की फिर से निगरानी करने को कहा जिसमें पुलिस स्टेशन से ताज महल होटल तक के मार्ग का वीडियो टेप तैयार करना भी शामिल था। लश्कर के दोनों ए और बी सदस्यों ने उसे मुंबई में यहूदी कम्युनिटी सेंटर चाबड़ हाउस की भी वीडियोग्राफी करने को कहा। आरोपपत्र में यह जानकारी दी गई है। हेडली के खिलाफ पिछले माह दर्ज किए गए १२ मामलों में आरोप तय किए गए हैं जिनमें छह मामले साजिश तथा बाकी हत्या, विदेशी आतंकवादी साजिशों में साजो सामान मुहैया कराने, लश्कर को साजो सामान मुहैया कराने तथा छह मामले भारत में अमेरिकी नागरिकों की हत्या से संबंधित हैं। अमेरिकी विधि विभाग ने कहा है कि वर्ष २००२ और २००३ में हेडली ने कथित रूप से पाकिस्तान में लश्कर के आतंकवाद प्रशिक्षण शिविरों में भाग लिया और डेनमार्क तथा भारत में हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए राणा, कश्मीरी तथा अब्दुर्र रहमान समेत इसके अन्य सदस्यों के साथ मिलकर साजिश रची।
विधि विभाग ने कहा है कि कश्मीरी और मेजर अब्दुर्र रहमान और पाशा के नाम से जाने जाने वाले अब्दुर्र रहमान, दोनों को हत्या की साजिश तथा डेनमार्क आतंकवादी साजिश में साजो सामान की मदद उपळब्ध कराने के लिए डेनमार्क में लोगों को भाड़े पर लेने का आरोप लगाया गया है। इन दोनों में से कोई भी अमेरिकी हिरासत में नहीं है। नाद्रर्न डिस्ट्रिक्ट आफ इलिनोइस के अमेरिकी अटार्नी पैट्रिक जे फित्जगेराल्ड, एफबीआई के शिकागो कार्यालय के विशेष एजेंट इंचार्ज राबर्ट डी ग्रांट और राष्ट्रीय सुरक्षा संबंधी सहायक अटार्नी डेविस क्रिस ने आरोप तय किए। इस मामले की जांच तथा अभियोजन में सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट आफ कैलिफोर्निया के अमेरिकी अटार्नी का कार्यालय, लास ऐंजिलिस तथा वाशिंगटन डीसी में एफबीआई कार्यालय भी भाग ले रहे हैं।

कोसी का कहर, सरकार दोषी : रिपोर्ट

पटना। बिहार के प्रधान महालेखाकार (पीएजी) ने २००८ में कोसी नदी के तटबंध टूटने के लिए राज्य सरकार को दोषी ठहराया है। तटबंधों के टूटने से आई बाढ़ ने लाखों लोगों को बेघर कर दिया था और कई लोग मारे गए थे। सरकारी सूत्रों ने आज बताया कि पीएजी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बिहार के जल संसाधन विभाग ने संरक्षण कार्य में तत्परता में कमी दिखाई जिसके कारण २००८ में नेपाल में कुसाहा में कोसी के बांध में दरार आई। नियंत्रक और महालेखा परीक्षक के अंदर आने वाले पीएजी कार्यालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि जल संसाधन विभाग ने बांध प्रभाग और बीरपुर के पूर्वी कोसी तटबंध प्रभाग के उन प्रस्तावों को स्वीकार नहीं किया जिसमें कमजोर बांधों के संरक्षण की बात थी। इसमें २००८ के बाढ़ में बह गए बांध भी शामिल थे। बांधों को दुरुस्त करने के बजाए विभाग ने निर्माण कार्यों को ११ जगहों से समेट कर १२-८ किलोमीटर से १३-६ किलोमीटर के बीच केवल पांच जगह कर दिया और ग्रामीण इलाकों में बांधों की मरम्मत करने का तो विचार ही नहीं किया।
प्रधान महालेखाकार (पीएजी) की रिपोर्ट में बताया गया है कि पांच अगस्त २००८ को १२-१९ किलोमीटर और १२-९० किमी स्पर में दरार पडऩा शुरू हुआ और १८ अगस्त को समस्या ने विकराल रूप धारण कर लिया लेकिन वायरलेस रिपोर्ट से प्रमाण मिलता है कि इस अवधि में भी तटबंधों को बचाने के लिए कोई कदम नही उठाए गए। रिपोर्ट में कहा गया है कि बाढ़ से बचाव कार्य में प्रभाग और विशेषज्ञों ने तटबंधों को छुआ तक नहीं। रिपोर्ट के अनुसार, चूंकि नेपाल में एक महत्वपूर्ण परियोजना पर काम चल रहा था इस वजह से स्थानीय प्रशासन और जल संसाधन विभाग को कोसी परियोजना के इलाकों की सुरक्षा और परियोजना के सुचारू निष्पादन के लिए समय-समय पर बैठकें करनी चाहिए थीं। पीएजी ने यह भी गौर किया कि भारत और नेपाल की संयुक्त समिति ने नियमित बैठकें नहीं कीं। जल संसाधन विभाग के अधिकारियों ने पीएजी के अधिकारों पर सवाल उठाए क्योंकि न्यायमूर्ति बालिया आयोग मामले की जांच कर रहा था और महालेखाकार के कार्यालय में यह मामला नहीं आता। जल संसाधन विभाग ने कहा- यह कानून का सिद्धांत है कि जब किसी मामले की न्यायिक जांच चल रही हो तब उसके समानांतर कोई और जांच नहीं हो सकती। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव ने न्यायिक जांच जारी होने का हवाला देकर इस मामले पर कुछ भी बोलने से इंकार कर दिया और कहा- हम इसकी रिपोर्ट की व्यग्रता से प्रतीक्षा कर रहे हैं।

06 जनवरी 2010

कला को बंदूकों से नहीं दबा सकते जेहादी-धालीवाल

डबवाली (लहू की लौ) कला कुदरत की तरह स्वतन्त्र है। वह न किसी देश, न किसी सीमा, न किसी धर्म, न किसी भाषा और न ही किसी जाति विशेष से बंधी होती है। बल्कि कला तो सबके लिए और सबको अच्छा संदेश देने के लिए होती है।
यह शब्द एक कलाकार के हैं जिसका नाम है केवल धालीवाल और जिसने कथा कश्मीर नाटक के माध्यम से कला के स्वरूप को संसार के सामने रखा है। कथा कश्मीर के माध्यम से कलाकार ने यह बताने का प्रयास किया है कि भले ही कश्मीर में जेहादी मौत का साया बनकर धर्म के नाम पर मासूमों का खून बहा रहे हैं और पुरातन कला को मिटाने के लिए बंदूक की गोलियों से कला को कत्ल करने का प्रयास कर रहे हैं। लेकिन इसके बावजूद भी कला को वे किसी प्रकार से नहीं दबा सकेंगे। क्योंकि कला भी एक जुनून है। जो कलाकार के माध्यम से संसार को शांति, भाईचारे और अपने अधिकारों की रक्षा का संदेश देते हुए अन्त में आतंक पर विजय प्राप्त करेगी।
इस संवाददाता से बातचीत करते हुए केवल धालीवाल ने बताया कि उसने अपनी अभिव्यक्ति को आवाज देने के लिए मंच-रंगमंच के नाम से अमृतसर में एक पहल की है। कथा कश्मीर का डबवाली में उसकी 10वीं प्रस्तुति है। वह अब तक सात वर्षों में अनेक देशों में घूम चुका है और वह इस मुकाम पर पहुंचा है कि रंगमंच एक ऐसा अभिव्यक्ति का साधन है, जो समाज को मार्गदर्शन दे सकता है। विशेषकर देश में फैली कुरीतियों के खिलाफ आवाज को बुलन्द करके उसको समाप्त करने में सहायक सिद्ध हो सकता है।
उन्होंने कहा कि कलाकार अपनी कला के माध्यम से समाज को बहुत कुछ देना चाहता है, लेकिन कलाकार की मजबूरियों के चलते कई बार सरकारें उसके मार्ग में बाधा बन जाती हैं। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि रंगमंच के कलाकारों को एकजुट होकर सरकारों की बैसाखियों को छोड़कर अपने पैरों पर खड़े होकर अपनी कला के लिए कुछ करना होगा। उनका मानना है कि सरकारें तो सहयोग के नाम पर केवल कलाकारों के जख्म ही कुरेद सकती हैं और उसे आगे बढऩे का मौका नहीं दे सकती, इसके लिए तो कलाकार को अपने में ही आगे बढऩे, देश और समाज की सेवा का जुनून भरना होगा।
धालीवाल ने पंजाब सरकार को कोसते हुए कहा कि अब तक पंजाब में जितनी भी सरकारें आई हैं, इन सरकारों ने राज्य में कला को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय स्तर पर रंगमंचों का एक भी कार्यक्रम आयोजित नहीं किया। जबकि कला को प्रोत्साहित करने के नाम पर नेता लोग जमकर ढि़ंढोरा पीटते हैं।