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18 दिसंबर 2009

गेहूं भिगोने के मामले में राजनीतिक और अफसरशाही की मिलीभगत-रवि चौटाला

डबवाली (लहू की लौ) भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री चौ. देवीलाल के पौत्र एवं किसान नेता रवि सिंह चौटाला ने भिवानी और डबवाली में सरकारी गेहूं पर पानी की स्प्रे करके भिगोने के मामले में कोई कार्यवाही न होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए इसमें राजनीतिकों और अफसरों की मिलीभगत करार दिया है।
उन्होंने कहा कि राजनीतिकों और अधिकारियों की मिलीभगत के चलते गेहूं भिगोने का काम केवल भिवानी और डबवाली में ही नहीं बल्कि पूरे हरियाणा में हो रहा है। राजनीतिकों और अफसरशाही की मिलीभगत से होने वाली इस लूट-खसूट से जनता को बचाने की जरूरत है। उनके अनुसार इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए और कानूनी दायरे में रहकर दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्यवाही की जानी चाहिए।
इधर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के पूर्व सचिव सतनाम सिंह नामधारी ने गेहूं भिगोने के मामले पर कहा कि वामपंथी दलों ने इसे गंभीरता से लिया है। शीघ्र ही जिला सिरसा के वामपंथी दलों की इस मामले को लेकर बैठक हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 31 दिसम्बर तक अगर सरकार ने दोषियों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की तो वामपंथी दल एक विशेष रणनीति के तहत इस मामले को लेकर आंदोलन चलाएंगे।

ब्यान से मुकरा डीएम

डबवाली (लहू की लौ) डबवाली में गेहूं भिगोने के मामले पर स्टेट वेयर हाऊस कार्पोरेशन के जिला प्रबन्धक एम.एल. वर्मा आज फिर अपने ब्यान से पलट गये और उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट उन्होंने पुलिस को नहीं बल्कि अपने मुख्यालय चण्डीगढ़ भेजी है।
पिछले करीब दो सप्ताह से डबवाली के स्टेट वेयर हाऊस कार्पोरेशन के गोदाम में होमगार्ड जवानों को नशीला भुजिया खिलाने के बाद गेहूं भिगोने का मामला चल रहा है और इस सम्बन्ध में जब भी कार्पोरेशन के जिला प्रबन्धक से बातचीत की जाती है तो वह हर रोज अपने ब्यान से पलटते रहते हैं। पहले उन्होंने कहा था कि गेहूं के नमूने नहीं लिये और बाद में कहा कि उसने गेहूं के नमूने लिये हैं। बुधवार को मोबाइल पर बातचीत के दौरान कहा कि उसने जांच रिपोर्ट तैयार करके पुलिस को प्रेषित कर दी है। लेकिन आज वीरवार को इस ब्यान से भी मुकर गये और कहा कि उसने तो अपने उच्च अधिकारियों को चण्डीगढ़ में जांच रिपोर्ट भेजी है।
उनसे यह पूछने पर कि जांच रिपोर्ट में क्या लिखा है, तो उन्होंने बताया कि उन्होंने तो सिर्फ जांच रिपोर्ट में यही बताया है कि डबवाली के विवादित गोदाम में पड़ी गेहूं के अलग-अलग स्टेगों से दो-दो नमूनें लिये और उनकी डबवाली तथा सिरसा में अपने स्तर पर नमी की जांच की। जो सही पाई गई है।
यहां विशेषकर उल्लेखनीय है कि जांच रिपोर्ट के सम्बन्ध में इस संवाददाता ने तीन बार जिला प्रबन्धक से मोबाइल पर सम्पर्क किया और पहली बार तो दोपहर 2.23 पर कहा कि वे काम में व्यस्त हैं, आधा घण्टा के बाद बात करना। जब 3.10 पर फिर बात की गई तो 15 मिनट के बाद बात करना। अन्तत: 4.35 मिनट पर ही वे गेहूं प्रकरण के सम्बन्ध में कुछ बताने को तैयार हुए।

रोजगार सहायक को हटाने के निर्णय से मजदूर हुए शांत

औढ़ां (जितेन्द्र गर्ग) खण्ड के गांव ख्योवाली में मनरेगा के तहत कार्य कर रहे मजदूरों की मांग व बीडीपीओ के निर्देशानुसार गुरुवार को जोहड़ पर ग्रामसभा की बैठक बुलाई गई। जिसमें एबीपीओ राजेंद्र सिंह लाठर, सरपंच सुरेंद्र सिंह श्योराण, ग्राम सचिव प्रेम कुमार व रोजगार सहायक राजाराम व अनेक मजदूर पुरुष व महिलाएं मौके पर मौजूद थे। ग्रामसभा की बैठक में सर्वसम्मति से रोजगार सहायक राजाराम की मनमानी व उसके गलत व्यवहार के कारण उसे हटाने का निर्णय लिया गया और लिखित कार्रवाई की गई। मजदूरों से जब कार्रवाई के कागजात पर हस्ताक्षर करने को कहा गया तो अभी चार पांच मजदूर ही हस्ताक्षर कर पाए थे कि अन्य लोगों ने हस्ताक्षर करने से मना कर दिया जिस कारण कार्रवाई अधूरी रह गई। तत्पश्चात मजदूरों ने कहा कि उन्हें दिहाड़ी पर काम दिया जबकि एबीपीओ राजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार के आदेशानुसार वे दिहाड़ी पर नहीं रख सकते। इस पर मजदूरों ने कहा कि वे अब डीसी व एडीसी सिरसा के पास जाकर अपनी मांग रखेंगे। एबीपीओ राजेंद्र कुमार व ग्राम सचिव प्रेमकुमार ने मजदूरोंं से कहा कि वे उनकी मांग को उच्चाधिकारियों तक पहुंचा देंगे। कुछ मजदूरों ने एक आदमी का नाम लेते हुए उसे रोजगार सहायक रखने को कहा तो एबीपीओ ने कहा कि 4 आदमियों का पैनल बनाया जाएगा और फिर उनमें से जो व्यक्ति योग्य होगा उसे रखा जाएगा। इस अवसर पर अनिल कुमार, बृजलाल, धर्मपाल, रघुबीर, प्रभुराम, हरीसिंह, रामू, राजेंद्र व कृष्ण सहित अनेक मजदूर उपस्थित थे। उल्लेखनीय है कि बुधवार को गांव ख्योवाली के सैकड़ों मजदूरों ने खंड कार्यालय ओढ़ां पहुंचकर अपनी मांग बीडीपीओ के समक्ष रखी थी। कल और आज दो दिन से मजदूरों की दिहाड़ी भी नहीं लगी और वे इसी कार्य में लगे रहे।

पिछले दरवाजे से खाद, बीज व कृषि यंत्र के दाम बढ़ाए जाने की योजना-अभय चौटाला

ऐलनाबाद (लहू की लौ) खेल रतन एवं जिला परिषद के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने आज अपने तीन दिवसीय दौरे के प्रथम दिन के दौरान ऐलनाबाद हलके के गांव कोटली, कुत्ताबढ़, रत्ताखेड़ा, हुमायुखेड़ा, शेखूपुरा, कृपालपट्टी, मौजूखेड़ा, बुढ़ीमेड़ी, प्रतापनगर, अमृतसरछोटा, अमृतसरबड़ा एवं मिर्जापुर सहित एक दर्जन से अधिक गांवों में जाकर मतदाताओं से सम्पर्क साधा और उनकी समस्याओं को सुनकर मौके पर ही निपटारा किया।

इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए चौटाला ने कांग्रेस सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि लम्बे समय तक कांग्रेस ने देश व प्रदेश पर शासन किया है लेकिन गांवों में वह अभी तक आधारभूत सुविधाएं देने में असफल रही है। उन्होंने कहा कि खेतों में सिंचाई करने के लिए नहरों में पानी नहीं है, कनक की बिजाई के लिए किसानों को बीज नहीं मिल रहा है जिससे किसानों के अंदर स्पष्ट रूप से चिंता देखी जा रही है। जिला परिषद अध्यक्ष ने कहा कि इनेलो की सरकार आने पर शहरों की तर्ज पर गांवों में सैक्टर बनाए जाएंगे और उन्हें शहरों जैसी आधारभूत सभी सुविधाएं उपलब्ध होगी। अभी तक महंगाई पर काबू न पाने के लिए कांगे्रस सरकार की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि आज कांग्रेसी नेताओं के बयानों से महंगाई तेजी से बढ़ रही है, कनक का व्यापक भंडार होते हुए भी विदेशों से गेहूं आयात करने की तैयारी की जा रही है और पिछले दरवाजे से खेतों में काम आने वाली खाद, बीज व कृषि यंत्र के दाम बढ़ाए जाने की योजना बनाई जा रही है लेकिन इनेलो इस प्रकार की जनविरोधी व किसान विरोधी योजनाओं को लागू नहीं होने देगी।
अभय सिंह चौटाला अपने तीन दिवसीय दौरे के दूसरे दिन 18 दिसम्बर को गांव ठोबरिया, तलवाड़ा, मौजू की ढाणी, बेहरवाला, धोलपालिया, नीमलां, काशी का वास, ढाणी शेरां, कर्मशाना, मिठनपुरा व किशनपुरा व 19 दिसम्बर को गांव उमेदपुरा, मेहनाखेड़ा, चिलकनी ढाब, भुर्टवाला, पोहड़का, कुमथला, मुसली, छोटी ममेरां, बड़ी ममेरां, मिठ्ठी सुरेरां, खारी सुरेरां व ढाणी लखजी में जाकर मतदाताओं से सम्पर्क साधेगें और उनकी समस्याओं को सुनकर मौके पर ही निपटारा करेंगे।

अध्यापक ने मुख्याध्यापक के जड़ा तमाचा

सिरसा। गांव अरनियांवाली स्थित सरकारी स्कूल के एक अध्यापक ने मुख्याध्यापक के मुंह पर तमाचा जड़ दिया। इसको लेकर आज स्कूल में काफी बवाल मचा। ग्रामीणों ने अध्यापक की इस हरकत से क्षुब्ध होकर मुख्य द्वार पर ताला जड़ दिया और जोरदार प्रदर्शन किया। जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी द्वारा काफी समझाने के बावजूद ग्रामीणों ने ताला नहीं खोला। वे अध्यापक को निलम्बित किए जाने अथवा तबादला किए जाने की मांग पर अड़े हुए थे। बताया गया है कि गांव अरनियांवाली के सरकारी स्कूल में कार्यरत्त अध्यापक राजेश का बीते दिवस प्रिंसीपल भीम सैन के साथ झगड़ा हो गया। इस दौरान राजेश ने मुख्याध्यापक को तमाचा जड़ दिया। ग्रामीणों को जब इस बात का पता चला तो वे अध्यापक राजेश के खिलाफ लामबंद हो गए। गांव के शहीद भगत सिंह युवा क्लब के सदस्यों ने आज सैंकड़ों ग्रामीणों के नेतृत्व में स्कूल में जाकर अध्यापक राजेश के खिलाफ खूब नारेबाजी की और स्कूल के मुख्य द्वार को ताला लगा दिया। गांव वासियों ने आरोप लगाते हुए कहा कि अध्यापक राजेश की कार्यप्रणाली जरा भी ठीक नहीं है। वह अकसर स्कूल के अन्य अध्यापकों के साथ झगड़ा करता है।
इस बात को लेकर पहले भी उसकी डेपुटेशन करवाई, लेकिन अपने राजनैतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर उसने 24 घंटे में डेपुटेशन कैंसल करवा ली। गांव वासियों ने कहा कि बीते दिवस स्कूल के मुख्याध्यापक के साथ झगड़ा कर अध्यापक राजेश ने नैतिकता की सारी सीमाएं लांघ दी है। उसके इस रवैये के कारण स्कूल में पढऩे वाले बच्चों पर गलत प्रभाव पड़ रहा है, वहीं उनकी पढ़ाई भी बाधित हो रही है।
स्कूल पर ताला जड़े जाने की सूचना मिलने पर जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी शेर सिंह खीचड़ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे आरोपी अध्यापक राजेश को डेपुटेशन पर भेज सकते हैं, लेकिन ग्रामीण नहीं माने। उन्होंने आरोपी अध्यापक का तबादला करने अथवा उसे निलम्बित किए जाने की मांग की। इस पर जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने कहा कि तबादला अथवा निलम्बित करना उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। यह जवाब सुनकर गुस्साए ग्रामीणों ने स्कूल का ताला खोलने से मना कर दिया।
जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी ने ग्रामीणों को काफी समझाया, लेकिन वे अपनी मांग पूरी होने तक ताला खोलने पर राजी नहीं हुए। ग्रामीणों ने जिला प्राथमिक शिक्षा अधिकारी को बैरंग लौटने पर मजबूर कर दिया। समाचार लिखे जाने तक स्कूल पर ताला लगा हुआ था और ग्रामीण नारेबाजी कर रहे थे। उधर, स्कूल के अन्य अध्यापकों ने भी आरोपी अध्यापक राजेश का तबादला अथवा निलंबन न होने तक स्कूल में काम करने से मना कर दिया है। अध्यापकों ने कहा कि जब स्कूल का मुख्याध्यापक ही सुरक्षित नहीं तो वे कैसे सुरक्षित रह सकते है।