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19 नवंबर 2014

खुलने से पहले ही डिफाल्टर बना कस्तूरबा गांधी विद्यालय

बिजली बिल न भरने से कनेक्शन कटा, महज दो अध्यापकों की नियुक्ति से इसी वर्ष तीन कक्षाएं शुरू करने की तैयारी

डबवाली (लहू की लौ) गांव रत्ताखेड़ा-राजपुरा में बना कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय शुरू होने से पूर्व ही विवादों में घिर गया है। बिल बकाया होने पर बिजली निगम ने विद्यालय का बिजली कनेक्शन काट दिया है। विवादों के बीच विद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य ने चार्ज संभालने से मना कर दिया है। जबकि शिक्षा विभाग ने आनन-फानन में इसी माह से विद्यालय शुरू करने के निर्देश जारी कर रखे हैं। सवाल उठता है कि बगैर बालिकाओं तथा बिजली के बच्चे कैसे पढ़ेंगे? विद्यालय में बने हॉस्टल में कैसे रहेंगे?
किसी कारणवश पढ़ाई छोड़ चुकी या फिर अनाथ बालिकाओं के लिये हरियाणा सरकार ने रत्ताखेड़ा-राजपुरा में कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय का निर्माण करवाया है। विद्यालय का भवन करीब चार एकड़ भूमि में करीब दो करोड़ रूपये की लागत से तैयार हुआ है। जिसका उद्घाटन 16 फरवरी 2014 को पूर्व सीएम भूपिंद्र सिंह हुड्डा ने किया था। लेकिन विद्यालय में स्टॉफ की नियुक्ति नहीं हुई। जिसके चलते विद्यालय शुरू नहीं हो सका। अब हरियाणा में नई बनी भाजपा सरकार ने विद्यालय में हॉस्टल वार्डन समेत संस्कृत अध्यापक तथा एसएस अध्यापक की नियुक्ति की है। प्राचार्य का चार्ज रत्ताखेड़ा-राजपुरा के सरकारी विद्यालय के प्राचार्य दलीप सिंह को दिया है। लेकिन दलीप सिंह ने चार्ज लेने से मना कर दिया है। चूंकि विद्यालय शुरू होने से पहले ही कर्जदार हो गया है। बिजली निगम ने विद्यालय को डिफाल्टर की सूची में डाल रखा है। करीब 18 हजार रूपये का बिल विद्यालय की ओर बकाया पड़ा है।
6वीं से 8वीं तक होंगे दाखिले
दो अध्यापकों की नियुक्ति के बाद खट्टर सरकार विद्यालय को जल्दी शुरू करना चाहती है। निर्देश के बाद बीईओ डबवाली संत कुमार बिश्नोई ने मंगलवार को अपने कार्यालय में खंड के सभी सरकारी स्कूलों के प्रभारियों की बैठक ली। बैठक में प्रभारियों को बालिका विद्यालय शुरू करने के लिये सहयोग देने का आह्वान किया। प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्र में अनाथ या फिर किसी कारणवश शिक्षा छोड़ चुकी बालिकाओं को पुन: उपरोक्त विद्यालय में दाखिला दिलाने की बात कही।

कटा हुआ है बिजली कनेक्शन
सरकार ने विद्यालय इसी माह से शुरू करने के सख्त निर्देश दिये हैं। बालिकाओं की खोज के लिये वे स्वयं उपरोक्त दो अध्यापकों के साथ गांव-गांव में निकलेंगे। योजना के अनुसार एससी/बीसी या बीपीएल कार्ड धारकों की बच्चियों के दाखिले लिये जा सकते हैं। मैंने अभी चार्ज नहीं लिया है, चूंकि बिजली बिल का विवाद चल रहा है। बिजली कनेक्शन कटा हुआ है। विवाद शांत होने के बाद ही चार्ज संभालूंगा।
-दलीप सिंह, कार्यकारी प्राचार्य

सभी सुविधा मिलेगी
खंड के सरकारी स्कूलों के प्रभारियों की बैठक लेकर बालिका विद्यालय शुरू करने में सहयोग मांगा गया है। ऐसे बच्चों की पहचान की जा रही है जो अपनी पढ़ाई बीच में ही छोड़ चुके हैं। बालिकाओं को विद्यालय में पढ़ाई के लिये संपूर्ण वातावरण उपलब्ध करवाया जायेगा। वर्दी के साथ-साथ खान-पान तथा रहने के लिये हॉस्टल की सुविधा दी जायेगी। विद्यालय का भवन 12वीं कक्षा तक के लिये बनाया गया है। फिलहाल इसी वर्ष से 6वीं, 7वीं तथा 8वीं के दाखिले शुरू करके विद्यालय शुरू किया जा रहा है। -संत कुमार बिश्नोई, बीईओ, डबवाली

अतिक्रमण रोकने की कवायद थहड़े होंगे तो नहीं बनेगी गली

डबवाली (लहू की लौ) अब डबवाली में नगर परिषद ऐसी कोई गली नहीं बनाएगी, जिसमें थहड़े बने होंगे। अतिक्रमण रोकने की कवायद में एसडीएम सतीश कुमार उपरोक्त प्रस्ताव लेकर आये हैं। जिस पर कार्रवाई करते हुये नगर परिषद ने वार्ड नं. 3 में बन रही एक गली पर रोक लगा दी है।
एसडीएम सतीश कुमार ने नगर परिषद के एमई जयवीर डुडी तथा जेई सुरेंद्र कुमार के साथ बैठक करके उपरोक्त प्रस्ताव को सिरे चढ़ाया। उन्होंने कहा कि हरियाणा नगरपालिका म्यूनिसिपल एक्ट के तहत घरों के बाहर बने थहड़े अवैध हैं। जिनकी वजह से गलियां तथा मार्ग चौड़ाई में छोटे रह जाते हैं। भविष्य में अतिक्रमण को जड़ से खत्म करने के लिये प्रशासन प्रस्ताव लेकर आया है, जिसके तहत अब डबवाली में गली या रोड़ का निर्माण तभी होगा, जब उपरोक्त क्षेत्र के लोग अपने मकानों या दुकानों के आगे बने थहड़ों को तोड़ेंगे।
दूसरे दिन भी कटे चालान
नगर परिषद सचिव ऋषिकेश चौधरी के नेतृत्व में दूसरे दिन भी अतिक्रमणकारियों के चालान कटे। न्यू बस स्टैंड रोड़ पर नगर परिषद टीम ने मार्ग में बाधा बन रही दो फल रेहडिय़ों को उठा लिया। इसके बाद टीम चौटाला रोड़ की ओर बढ़ गई। चौटाला रोड़ पर सुरेंद्र लाल बैल्डिंग वक्र्स, सचदेवा स्टील, ढिल्लों एग्रीकल्चर वक्र्स के दो-दो हजार रूपये के चालान काटे। जबकि एक चाय विक्रेता को चेतावनी देकर छोड़ दिया।
रेहड़ी वालों को मिलेगी जगह
अतिक्रमण हटाने की ओर एक कदम ओर बढ़ते हुये नगर परिषद ने मंगलवार को गौशाला के नजदीक जगह को चकाचक करवाकर नंबर लगा दिये हैं। इस जगह पर शहर में फल-सब्जी, चाट की रेहड़ी लगाने वालों को शिफ्ट किया जायेगा। नगर परिषद ने उपरोक्त जगह पर 71 प्वाईंट अंकित किये हैं। बुधवार को सुबह 11 बजे ड्रा सिस्टम के जरिये रेहड़ी मालिकों के टोकन नंबर निकाले जाएंगे। जैसे-जैसे टोकन नंबर बाहर आता जायेगा, वैसे-वैसे रेहड़ी मालिकों को जगह मिलती जायेगी।
बस अड्डा की कार्यशाला बनेगी पार्किंग स्टेंड
न्यू बस स्टेंड क्षेत्र में वाहनों की पार्किंग की समस्या को दूर करने के लिये प्रशासन आगे आया है। एसडीएम सतीश कुमार तथा नप सचिव ऋषिकेश चौधरी ने बताया कि बस अड्डा की कार्यशाला में हमेशा गंदगी का अंबार लगा रहता है। इस स्थिति में इस जगह को पार्किंग स्टेंड में बदलने की योजना है। इससे न्यू बस स्टेंड रोड़ पर आड़े-तिरछे लगने वाले वाहनों से छुटकारा मिल जायेगा। वहीं बस स्टेंड तथा इर्द-गिर्द गंदगी की समस्या भी समाप्त हो जायेगी।

भगवान के दूत बन कर आये मुहल्ला वासी, बिन मां-बाप की बच्ची के हाथ किये पीले

डबवाली (लहू की लौ) बेटी का रिश्ता तय करने के बाद मां चल बसी। बाप का साया चार साल पहले उठ चुका था। पीछे रह गये थे तीन भाई-बहन। विवाह की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही थी इस बेटी के दुल्हनियां बनने के अरमान धूमिल हो रहे थे। शादी के प्रबंध न होने से रिश्तेदार भी चिंता में थे। ऐसे में मुहल्ला वासी भगवान के दूत बनकर आये। मुहल्ला वासियों की एकजुटता से इस बेटी के हाथ पीले हुये। लोगों की एकजुटता की यह मिसाल शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है।
अपने पति प्रकाश की मौत के बाद रोशनी देवी अपनी चार बच्चों के साथ प्रेमनगर में किराये के एक मकान में रहती थी। घरों में बर्तन-झाडू करके अपना तथा अपने परिवार का पेट पाल रही थी। अपनी बड़ी बेटी 19 वर्षीय पूजा का विवाह तय कर दिया। इसी बीच रोशनी देवी का निधन हो गया। बिना मां-बाप चार भाई-बहन एक-दूसरे को अच्छे दिन आने की दिलासा देते हुये समय गुजारने लगे। पूजा की शादी की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आते गई, चिंता गहराती गई। परस्पर कंधे से कंधा मिलाकर खड़े रिश्तेदार भी सोच में डूब गये। इन परिस्थितियों में सहयाग के लिये मुहल्ला वासी आगे आये, एकजुटता दिखाते हुये पैसे एकत्रित किये। मंगलवार को गुरूद्वारा बाबा विश्वकर्मा मंदिर में पूरे रीति-रिवाज के साथ इस बेटी का हाथ श्रीगंगानगर के गांव मल्लनपुर निवासी अमन के हाथों में देते हुये विदा किया। सबसे खास बात यह कि मुहल्ला वासियों ने इस बेटी को मां-बाप की कमी नहीं खलने दी।
रिश्तेदारों के सुपुर्द करेंगे तीन बच्चे
गली वासी पूजा के तीन भाई-बहनों की जिम्मेवारी उसके रिश्तेदारों को देंगे। ताकि वे पढ़-लिखकर अपने पैरों पर खड़े हो सकें। इस मौके पर बबलू पारछा, राजू भाट, सतीश कक्कड़, ताज अली खान, सुखदेव, पप्पू बाबा, गोगी छाबड़ा, पूनम धमीजा, भजन मिस्त्री, पूर्व पार्षद अशोक कुमार उपस्थित थे।

स्टे के बावजूद काट दिया बिजली कनेक्शन

डबवाली (लहू की लौ) अदालत में स्टे के बावजूद उपभोक्ता का कनेक्शन काटने से दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम विवादों में घिर गया है। उपभोक्ता के वकील ने बिजली निगम पर अदालत की अवमानना का केस दायर करने की तैयारी कर ली है।
सितंबर 2014 में आया था बिल
पब्लिक क्लब क्षेत्र निवासी नीरू को बिजली निगम ने सितंबर माह का बिल भेजकर 48,048 रूपये भरने के लिये कहा था। निगम ने बिल में 6493 यूनिट जले हुये दिखाये थे। नीरू ने बिल को पूर्णतय गलत करार देते हुये इसे कोर्ट में चैलेंज कर दिया। 17 नवंबर 2014 को उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी परवेश सिंगला की अदालत ने स्टे ऑर्डर जारी कर दिया। इसके बावजूद मंगलवार को बिजली निगम के दो कर्मचारी उपभोक्ता के घर पर बिजली का कनेक्शन काटने के लिये पहुंच गये। नीरू ने स्टे ऑर्डर की कॉपी दिखाते हुये कर्मचारियों को रोकने का प्रयास किया। कर्मचारियों ने उपभोक्ता तथा स्टे ऑर्डर को दरकिनार करते हुये कनेक्शन पर कैंची चला दी।
उपभोक्ता के वकील राजेश यादव ने बताया कि अदालत ने अपने आदेशों में बिजली निगम को कनेक्शन न काटे जाने के लिये कहा था। मामला न निपटने तक यथा स्थिति बनाये रखने के आदेश दिये थे। इसके बावजूद निगम ने अदालत के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुये कनेक्शन काट दिया। जबकि उपभोक्ता स्टे ऑर्डर की कॉपी दिखाकर बिजली कर्मचारियों को ऐसा करने से रोक रही थी। पूरे मामले में बिजली निगम ने कोताही बरती है। वे निगम पर अदालत की अवमानना का केस दायर करेंगे।

अदालती कार्यवाही का ज्ञान नहीं
डिफाल्टरों के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। उपभोक्ता को जो बिल दिया जाता है, उस पर कनेक्शन काटने की तिथि चेतावनी सहित दर्ज होती है। उपरोक्त मामले में किसी तरह की अदालती कार्यवाही का ज्ञान नहीं था। न ही अदालत की ओर से कोई अब तक कागजात मिले हैं।
-सुखबीर कंबोज, एसडीई, बिजली निगम, डबवाली

ऊंचे सीवरेज हौज बन रहे हादसों का कारण, जनस्वास्थ्य विभाग करवायेगा ठीक

डबवाली (लहू की लौ) रामनगर कलोनी में बने बुस्टिंग स्टेशन के पास स्थित सीवरेज हौज दुर्घटना का कारण बन रहा है। जिसके चलते ट्रेक्टर पलट गया लेकिन ट्रेक्टर चालक बाल-बाल बच गया।
राम नगर कलोनी निवासी दविन्द्र मिढ़ा, राजकुमार अंगी, टैनी अंगी, मुलखराज नागपाल ने बताया कि सीवरेज हौज सड़क से एक फुट ऊंचा है जिस कारण हादसे हो रहे हैं। इस बारे जनस्वास्थ्य विभाग को अवगत करवाया लेकिन सीवरेज हौज का लेवल न किये जाने पर इसकी शिकायत उपमंडल अधिकारी (ना.) डबवाली से की गई और हादसे का क्लिप दिखा कर इस समस्या से अवगत करवाया।
मुहल्ला वासियों के अनुसार उपमंडल अधिकारी (ना.) सतीश कुमार ने शनिवार को तुरन्त जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई संंकेत शर्मा को समस्या के समाधान के लिए आदेश दिये। लेकिन आज तक समाधान नहीं हो पाया।
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई सतपाल ने बताया कि लोगों की मांग पर सीवरेज हौज को ऊंचा बनाया गया था। शिकायत थी कि क्षेत्र में बाईक सवार युवक घूमते हैं। ठीक करवा दिया जायेगा।

सांडों ने रिक्शा चालक को पटका

डबवाली (लहू की लौ) मंगलवार सुबह बठिंडा चौक में तीन सांडों ने खूब उत्पात मचाया। सांडों की चपेट में आये रिक्शा चालक बाघ सिंह देसूजोधा को चोटें आयीं। 15 मिनट तक सांडों का उत्पात चलता रहा। दुकानदारों की हिम्मत के चलते बाघ सिंह को बचाया जा सका।

शराब बेचने के आरोप में पीट दिया

डबवाली (लहू की लौ) गांव अहमदपुर दारेवाला में कुछ लोगों ने शराब बेचने का आरोप लगाते हुए एक व्यक्ति को पीट डाला। जिसे उपचार के लिए अस्पताल लाया गया। घायल मदन लाल पुत्र साहब राम ने बताया कि सोमवार शाम को वह खेतों से लक्कड़ की ट्राली खाली करके ढाणी में गेहूं की बिजाई की मशीन लेने जा रहा था कि शराब के तथाकथित ठेकेदारों ने उसे रोक लिया और उस पर अवैध रूप से शराब बेचने का आरोप लगाते हुए लाठियों से बुरी तरह पीट डाला।

एंबुलेंस में डिलीवरी मामले में तीन दिन के भीतर मांगी रिपोर्ट

डबवाली (लहू की लौ) एंबुलेंस में डिलीवरी होने के मामले में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन सिरसा के डिप्टी सर्जन ने जांच के आदेश दिये हैं। डिप्टी सर्जन ने एसएमओ डबवाली को भेजे अपने पत्र में तीन दिन के भीतर रिपोर्ट करने के लिये कहा है।
प्राथमिक जांच में ईएमटी दोषी : एसएमओ एमके भादू ने बताया कि जांच के संबंध में डिप्टी सर्जन वीरेश भूषण का पत्र मिला है। तीन दिनों के भीतर रिपोर्ट मांगी गई है। प्रथम जांच में यहीं सामने आया है कि ईएमटी उस रोज एंबुलैंस में मौजूद नहीं था। इसकी सूचना उन्होंने टेलीफोन के जरिये डिप्टी सर्जन को दी थी। जांच के दौरान एंबुलैंस चालक, संबंधित ईएमटी के ब्यान दर्ज किये जाएंगे। ब्यानों के आधार पर रिपोर्ट बनाकर भेजी जायेगी।

यह था मामला
15 नवंबर 2014 को गांव सुकेराखेड़ा की आशा वर्कर रेणू को प्रसव पीड़ा होने पर एनएचएम की एंबुलेंस डबवाली के सरकारी अस्पताल में लेकर आ रही थी। बीच मार्ग में ही आशा वर्कर ने बच्चे को जन्म दे दिया था। उस समय एंबुलेंस में ईएमटी मौजूद नहीं था। जन्म के बाद बच्चे को चिकित्सीय सुविधा न मिलने के कारण बच्चा इंफेक्शन का शिकार हो गया था।

आग से हजारों की पराली जली

डबवाली (लहू की लौ) सोमवार की रात को इन्दिरा नगरी में आग लग जाने से करीब 12,000 रूपये की 6 पराली जल कर राख हो गई। मौका पर पहुंचे डबवाली नगर परिषद और माकिट कमेटी के अग्निशमक दस्ते ने आग पर काबू पाया।
रात्रि करीब 8 बजे इन्दिरा नगरी में भोला राम ठेकेदार की कोठी के पास खुली जगह में पड़ी भागीरथ पुत्र जगमाल की पराली को अचानक आग लग गई। आग की सूचना पाकर मौका पर डबवाली फायर ब्रिगेड के कर्म सिंह एएफएस, अलीशेर चालक, नन्द राम अग्निशामक बलवीर चालक तथा सुरेन्द्र अग्नि शामक फायर ब्रिगेड के साथ मौके पर पहुंचे और कड़े संघर्ष के बाद आग पर काबू पाया।
एएफएस कर्मसिंह के अनुसार आग से करीब 6 ट्राली पराली जल गई। आग पर काबू पाने में उन्हें दो घंटे 10 मिनट लगे। उनके अनुसार भागीरथ के अनुसार उसकी आग से 12,000 रूपये का नुक्सान हुआ।

फिर उठा रेलवे अंडरब्रिज का मामला

डबवाली (लहू की लौ) ओम प्रकाश बाबा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेज कर डबवाली में राम बाग के नजदीक स्थित फाटक नं. सी-34 पर आरयूबी (अडरब्रिज) जल्द बनाए जाने की मांग फिर उठाई है।  इस पत्र में ओम बाबा ने बताया कि रेलवे फाटक बंद होने के कारण लोगों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जब से जीटी रोड़ रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाए जाने का काम शुरू हुआ है तब से शहर में ट्रेफिक समस्या ओर भी गंभीर हो गई है। इसे देखते हुए फाटक न. सी-34 पर जल्द ही अंडर ब्रिज बनाया जाना अति आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में रेलवे विभाग ने अंडरब्रिज बनाने की मांग पर सहमति जताते हुए जिला कलेक्टर के माध्यम से प्रस्ताव बनाकर भेजने को कहा था। इसके बाद डबवाली प्रशासन ने सभी विभागों की एनओसी से संबंधित पत्र जिला उपायुक्त को भेज दिए। केवल वन विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया। ओम बाबा के मुताबिक इसके बाद अंडरब्रिज ब्रिज का प्रस्ताव बनाने के लिए कई पत्र जिला उपायुक्त को भेजे गए मगर उपायुक्त द्वारा आज तक प्रस्ताव नहीं बनाया गया है। करीब दस माह पूर्व भी प्रधानमंत्री कार्यालय को इस आश्य का मांग पत्र भेजा गया था। उसके बाद विभागों में मामूली हलचल हुई व कुछ समय बीतने के बाद सब ने फिर चुप्पी साध ली। इस कारण से अंडरब्रिज की मंजूरी का कार्य अधर में लटका हुआ है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है कि उपायुक्त सिरसा को निर्देश देकर डबवाली के फाटक नं. सी-34 पर अंडरब्रिज बनाए जाने संबंधी प्रस्ताव रेलवे को भिजवाकर उसे मंजूर करवाया जाए ताकि डबवाली शहर के लोगों की यातायात संबंधी समस्या दूर हो सके।

लवकुश पार्क : पालिका कर्मी ही फैला रहे गंदगी

डबवाली (लहू की लौ) एक तरफ तो प्रशासन डबवाली को क्लीन बनाने में जुटा है वहीं कुछ कर्मचारी इधर-उधर का कूड़ा उइा कर रामनगर कलोनी में स्थित लवकुश पार्क के पास जमा कर रहे हैं। जिसके चलते पार्क के आसपास के लोग इस कूड़े से परेशान हैं। पार्क क्षेत्र निवासी अशोक बतरा, त्रिलोक चन्द, भोजराज, दविन्द्र मिढ़ा ने बताया कि वह इस संबंध में संबंधित कर्मचारियों को कूड़ा फेंकने से कई बार रोक चुके हैं लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

लापरवाही की सजा भुगत रहे कबीर बस्ती के लोग, एसडीएम भी गुजरे गंदे पानी से

डबवाली (लहू की लौ) कबीर बस्ती में स्वच्छता अभियान के दौरान एसडीएम सतीश कुमार को गली में बह रहे सीवरेज के गंदे पानी में से गुजरना पड़ा। एसडीएम ने कहा कि सीवरेज बंद होने के जिम्मेवार गली वासी हैं, जो पॉलीथीन सीवरेज में फेंकते हैं। जिस पर गली वासियों ने जवाब दिया कि पॉलीथीन के कारण सीवरेज बंद नहीं, ये तो जब से बने हैं, तब से बंद है। गली वासियों का जवाब सुन एसडीएम भी हैरान रह गये। साथ चल रहे जनस्वास्थ्य विभाग के जेई सफाई देते-देते थक गये।
स्वच्छता अभियान के तहत मंगलवार को एसडीएम सतीश कुमार नगर परिषद सचिव ऋषिकेश चौधरी, सफाई निरीक्षक अविनाश सिंगला, भवन निरीक्षक सुमित ढांड़ा, जनस्वास्थ्य विभाग के जेई सतपाल रोज़ के साथ कबीर बस्ती में पहुंचे थे। इस दौरान एसडीएम बस्ती की गली नं. 12 में पहुंचे। चॉक सीवरेज से गंदा पानी निकलता देख दंग रह गये। गली वासियों ने इसका उलाहना एसडीएम को दिया। जिस पर एसडीएम ने सीवरेज में पॉलीथीन फेंकने पर गली वासियों को लताड़ लगाई। गली वासियों ने कहा कि करीब 2009-10 में सीवरेज का निर्माण हुआ था। तब से वे गंदगी में रहने को मजबूर हैं। कई बार शिकायत जनस्वास्थ्य विभाग को कर चुके हैं। समस्या का समाधान नहीं हो रहा। गली वासियों ने एसडीएम से सवाल किया कि आखिर वे ही बतायें, हम क्या करें। एसडीएम ने समस्या का समाधान करवाने का आश्वासन दिया। एसडीएम अन्य प्रशासनिक कर्मचारियों के साथ गंदे पानी से होकर गुजर गये।
ठेकेदार को नहीं किया भुगतान
करीब पांच साल पूर्व करीब 200 फुट क्षेत्र में सीवरेज का निर्माण हुआ था। निर्माण जनस्वास्थ्य विभाग ने निजी ठेकेदार से करवाया था। लेकिन सीवरेज सहीं न डाले जाने के कारण विभाग ने उसी समय से ठेकेदार की पेमेंट रोक रखी है। ठेकेदार पुन: सीवरेज सही नहीं करने आया और विभाग ने इस ओर ध्यान नहीं दिया। जिससे समस्या विकराल रूप धारण करती जा रही है। कुछ दिनों बाद ही सीवरेज ओवरफ्लो होकर बाहर बहना शुरू हो जाता है। ठेकेदार तथा विभाग की लापरवाही का खामियाजा कबीर बस्ती के लोग भुगत रहे हैं।

ठेकेदार ने बरती लापरवाही
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई सतपाल ने बताया कि सीवरेज लाईन बिछाने में ठेकेदार ने लापरवाही बरती है। मिट्टी की भराई उचित मात्रा में नहीं की गई है। इस लापरवाही के चलते ठेकेदार की पेमेंट रोकी गई है। गली में वाहन गुजरने के समय बिछाई गई पाईप टूट जाती है। जिससे सीवरेज चॉक होकर गली में बहना शुरू हो जाता है। समस्या के समाधान के लिये जल्द उच्च अधिकारियों से बात की जायेगी।

मीडिया पर पुलिस लाठीचार्ज की निंदा

सिरसा(लहू की लौ) बरवाला के सतलोक आश्रम के बाहर पुलिस द्वारा मीडिया कर्मियों पर किए गए लाठीचार्ज की निंदा करते हुए हरियाणा पत्रकार संघ के जिलाध्यक्ष भुपिंद्र पन्नीवालिया ने कहा कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हरियाणा पुलिस द्वारा किया गया यह हमला निंदनीय है तथा इससे मीडिया की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ने अपनी असफलता को छुपाने के लिए इस प्रकार की कार्यवाही की गई है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पत्रकार संघ प्रदेश सरकार से मांग करता है कि इस मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए व दोषी पुलिस कमचारियों को तुरंत सजा दी जाए तथा इसके साथ ही घायल हुए पत्रकारों व उनके नुकसान की भरपाई की जाए। 

एयरफोर्स स्टेशन का शैक्षणिक भ्रमण

डबवाली (लहू की लौ) राजा राम स्कूल के एनसीसी एयरविंग कैडेट्स को सिरसा एयरफोर्स स्टेशन का शैक्षणिक भ्रमण करवाया गया। जिसमें 28 कैडेट्स ने एनसीसी एयरविंग अधिकारी सत्यपाल जोशी  के नेतृत्व में भाग लिया।
सत्यपाल जोशी ने बताया कि  कैडेट्स को एयर क्राफ्ट के बारे में जानकारी दी गई एवं टेकऑफ तथा लैंडिंग करके दिखाई गई। दुश्मन के साथ वार के समय इंडियन एयरफोर्स कैसे प्लानिंग करती है, के बारे में कैडेट्स को बताया गया। उन्हें एयरक्राफ्ट की रिपेयरिंग वर्कशॉप दिखाई गई। एरोड्रम को बारे में जानकारी दी गई व एयर ट्रैफिक कंट्रोल तथा राडार के बारे बताया। उन्होंने बताया कि कैडेट्स को  मिसाईल क्षेत्र का अवलोकन करवाया गया।  एयर फोर्स की टेक्रिकल शाखा व ग्राऊंड ड्यूटी के बारे में भी कैडेट्स ने जानकारी दी। 

आरोग्य: प्रोटीन से भरपूर दालें

भारत में बहुत किस्म की दालें पैदा होती हैं। जैसे अरहर, मूंग, मसूर, उड़द,चना,मटर तथा लोबिया। जोकि भारतीय भोजन में विशेष स्थान रखती हैं क्योंकि जो लोग मांस सेवन नहीं करते वह केवल दालों से ही प्रोटीन प्राप्त कर सकते हंै।
गरीब आदमी को भोजन में दालें अति आवश्यक हैं। इनमें प्रोटीन बहुतयात में होता है। दालों में कार्बोहायड्रेट काफी मात्रा में होता है। थोड़ी चिकनाई भी होती है। विटामिन ए दालों में कुछ कम होता है। परन्तु विटामन बी बहुत हाता है। दालों में कैल्सियम कुछ कम होता है। परन्तु फासफोर्स और लोहा काफी मात्रा में होता है। प्रोटीन प्राप्त करने के लिए मास न सेवन करने वालों के लिये दालों का सेवन अति आवश्यक है। साबुत दालों को उगाने अर्थात् अंकुरित करने के बाद इन में विटामन सी की संख्या बहुत बढ़ जाती है। अंकुरित दालें शीघ्र हजम हो जाती हैं। इस लिये सप्ताह में दो तीन बार अंकुरित दालें आपके भोजन में शामिल होनी चाहिए।
साबुत मटर, लौबिया, चनों को 24 घंट पानी में भिगो दिया जाये। इसके बाद इन का सेवन रकें। अंकुरित दालों को थोड़ा पका कर और कच्ची हालत में भी खाया जा सकता है। कच्ची अंकुरित दालों में नींबू, नमक, हरी मिर्च, काली मिर्च, हरे धनियें के पत्ते, खीरा, टमाटर डाल कर सेवन कर सकते हैं। इस प्रकार बनाई गई कच्ची सब्जी विटामनों से भरपूर होती है। मूल उर्दू लेखक:महानंद अनुवादक: मनोहर लाल कामरा

19 Nov. 2014