युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

31 अगस्त 2010

18 वर्षों से कैद में हीरा

डबवाली (लहू की लौ) पिछले 18 वर्षों से जंजीरों में जकड़ा गांव पन्नीवाला रूलदू का हीरा अपनी चमक खो चुका है। तेज रफ्तार से दौड़ रही इस दुनियां से बेखबर होकर वह घर के एक कोने में कैदी की भांति जिंदगी जी रहा है।
गुरदीप उर्फ हीरा भाईयों में से सबसे छोटा है। उसकी उम्र 35 वर्ष हो चुकी है। बाल्यकाल से ही हीरा किसी से कुछ नहीं कहता था। स्कूल से वापिस घर आने के बाद वह गुमसुम सा घर के एक कोने में बैठा रहता। जैसे-तैसे उसने गांव के सरकारी स्कूल से पांचवी पास की। लेकिन 6वीं में प्रवेश पाते ही उसने स्कूल जाना छोड़ दिया। जवानी में पांव रखते ही उसे न जाने क्या हुआ वह घर के सदस्यों से बदसलूकी करने लगा। इसी दौरान हीरा के पिता कौर सिंह की हृदय घात से मौत हो गई। वे सिंचाई विभाग में कार्यरत थे। पिता की मौत के बाद हीरा और तनाव में रहने लगा। वह परिवार के सदस्यों से मारपीट भी करने लगा। बिना बताए वह घर से दूर जाने लगा। सूचना मिलने पर परिवार के सदस्य उसे ढूंढकर घर वापिस लाते। हीरा का चैकअप सिरसा और बठिंडा के डॉक्टरों को भी करवाया। डॉक्टरों की सलाह थी कि हीरा मानसिक रूप से बीमार है। उसे घर में ही रखें। हीरा की माता हरबंस कौर (65) निवासी पन्नीवाला रूलदू ने बताया कि उसके तीन बेटों में से हीरा सबसे छोटा है। उसका बड़ा बेटा कुलदीप टेलीफोन विभाग में कार्यरत था। 40 वर्ष की उम्र में उसकी मृत्यु हो गई। उसके पति कौर सिंह की मृत्यु के बाद उसकी जगह उसके मंझले बेटे सुखपाल उर्फ विजय को सिंचाई विभाग में नौकरी मिली। उसकी आशा थी कि हीरा भी पढ़ लिखकर बड़ा आदमी बने। लेकिन भगवान को कुछ ओर ही मंजूर था। शारीरिक रूप से स्वस्थ होते हुए भी 18 वर्षों से अपने बेटे को जंजीरों में कैद देख रही है। वह देखने के सिवा करे तो क्या करे।
हरबंस कौर के अनुसार हीरा को सबकुछ ज्ञात है। वह भोजन, चाय आदि मांगकर लेता है।  यहां तक की बीडी पीने का भी शौकीन है। अक्सर अपने भाई से बीडी लेकर अपना शौक पूरा करता है। लेकिन जंजीर खोलते ही आपे से बाहर हो जाता है और मारने को दौड़ता है। उसकी तो बस यही अंतिम इच्छा है कि उसका बेटा सामान्य हो जाए।
इस संदर्भ में सरकारी अस्पताल के एसएमओ डॉ. विनोद महिपाल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि अभी उनके सामने यह मामला आया है। हीरा की पूरी मदद की जाएगी। जिला सिरसा में कोई भी मनोरोग चिकित्सक नहीं है। इसके चलते हीरा को रोहतक में भेजा जाएगा। अस्पताल की ओर से रोहतक लेजाने के लिए उसे एम्बूलैंस उपलब्ध करवाई जाएगी।

29 अगस्त 2010

शादी रचाकर खाया जहर, प्रेमी की मौत

डबवाली | डबवाली के गांव बिज्जुवाली से शुक्रवार रात भागकर एक प्रेमी युगल ने रानियां के गांव सादेवाला के हनुमान मंदिर में शादी रचाई, और शनिवार सुबह 6 बजे के करीब दोनों ने सल्फास खाकर जान देने की कोशिश की। सल्फास के असर से प्रेमी की मौत हो गई और प्रेमिका सिरसा के सिविल अस्पताल में भर्ती है। उसकी हालत में सुधार है।
गांव कुस्सर में रहने वाले बलदेव सिंह का बेटा हरपाल सिंह (22) ड्राइवर है। हरपाल की बुआ जसविंद्र कौर गांव बिज्जुवाली में ब्याही हैं। इस वजह से उसका अक्सर गांव बिज्जुवाली में आना जाना लगा रहता था। बार बार के आने जाने से बुआ के पड़ोस में रहने वाले वीरचंद की पुत्री सरोज (19) और हरपाल के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। इस बात की भनक युवती के परिजनों को भी थी और उन्होंेने हरपाल को समझाया भी, लेकिन वह नहीं माना। शुक्रवार रात वह गांव बिज्जुवाली आया और दोनों गांव से भाग निकले।
मंदिर में रचाई शादी
सरोज और हरपाल पहले गांव सादेवाला के हनुमान मंदिर पहुंचे जहां दोनों ने प्रेम विवाह किया। दोनों रात के मंदिर के पास बनी एक ढाणी में रुके और यहां पर हरपाल ने अपनी शादी के जश्न में शराब भी पी। सुबह करीब 6 बजे एकाएक उसने अपनी जेब से सल्फास की गोलियां निकालीं और पानी में घोल कर खुद पीया और सरोज को भी पीने को कहा। सल्फास का घोल पीते ही हरपाल ने दम तोड़ दिया और सरोज की तबीयत बिगड़ने लगी। 
सुबह जब गांव सादेवाला का सरपंच सुखविंद्र ने इन दोनों को बेहोश देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पूछताछ के दौरान होश में आई सरोज ने बताया कि हरपाल ने सल्फास की गोलियां खाईं और उसे भी पीने को कहा, लेकिन उसने थोड़ी मात्रा में पी, जबकि हरपाल पूरा घोल पी गया था। सरोज ने बताया कि उन्होंने डरते हुए शादी रचाई, क्योंकि दोनों के घरवाले खिलाफ थे और शायद इसी डर से हरपाल ने यह कदम उठाया।

26 अगस्त 2010

दादी की हत्या करने वाला पोता धरा

बठिंडा (सिंगला/शर्मा) बाबा दीप सिंह नगर गली नं. 9 में 23—24 अगस्त की मध्यरात्रि को गुरप्रीत सिंह गोपी ने अपनी दादी का गला घोंटकर कत्ल कर दिया था वहीं कैनाल कॉलोनी पुलिस ने उक्त मामले में मृतका की लड़की नसीब कौर के बयानों पर गुरप्रीत सिंह गोपी तथा उसके दोस्त गोबिंद सिंह के खिलाफ अधीन धारा 302, 34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज कर लिया था और मात्र 24 घंटे में ही पुलिस ने गुरप्रीत सिंह गोपी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त कर ली।
आज पत्रकार वार्ता दौरान डीएसपी(एच) शैलेंद्र सिंह ने बताया कि गुरप्रीत सिंह के पिता दर्शन सिंह भी रोड एक्सीडैंट में मौत हो गई थी वहीं उसकी मां घर परिवार छोड़कर जालंधर चली गई थी इस कारण गुरप्रीत को माता-पिता का प्यार नसीब नहीं हुआ जिसको उसकी दादी सुरजीत कौर ने पाल पोसकर बड़ा किया था पर गुरप्रीत के नशे के आदी होने के कारण तथा मोगा की रहने वाली दो बच्चों की मां के साथ उसके अवैध संबंधों के कारण उसको सुरजीत कौर ने घर से निकाल दिया था। उन्होंने बताया कि सुरजीत कौर को गुरप्रीत के पिता की दुर्घटना में मौत होने के कारण करीब 4.5 लाख रूपये भी मिले थे पर गुरप्रीत को इसमें से कोई हिस्सा नहीं मिला इस कारण गुरप्रीत एक तो प्यार न मिलने के कारण चिड़चिड़ा हो गया था तथा दूसरी तरफ उसको पैसों का लालच भी आ गया था जिस कारण उसने अपनी दादी का कत्ल कर दिया था जिसको आज सुबह डबवाली रोड से गिरफ्तार कर लिया है जिससे उसकी दादी के गहने भी बरामद कर लिये हैं तथा उसको आज मानयोग अदालत में पेश किया जाना है वहीं बाकी रहते मामलों की जांच की जा रही है कि गोबिंद सिंह तथा गुरप्रीत की माशूका का इस कत्ल में कुछ  रोल है या नहीं। इस मौके डीएसपी के साथ एसएचओ कैनाल कॉलोनी यूसी चावला, वर्धमान चौंकी इंचार्ज अंग्रेज सिंह भी उपस्थित थे।

पीआरटीसी पेंशनरों ने डिपो एमडी की अर्थी फूंकी

बठिंडा (सिंगला/शर्मा) लंबे समय से लटकती आ रही मांगों को लेकर पीआरटीसी पैंशनरों ने बुधवार को बठिंडा बस स्टैंड के आगे पीआरटीसी के एमडी की अर्थी फूंकी।
इस मौके पर किये गये रोष धरने को संबोधित कर रहे पीआरटीसी पैंशनर्स एसोसिएशन के महासचिव कुलदीप सिंह ने बताया कि एसोसिएशन की मांगों के संबंध में 9 अगस्त को पटियाला में एमडी के मुख्य कार्यालय पटियाला में पीआरटीसी के पैंशनरों की मीटिंग थी। जिसमें एमडी पैंशनरों की मांगों को सुने बिना ही वहां से उठकर चले गए। इसी बात को लेकर पैंशनरों में एमडी के खिलाफ काफी रोष पाया जा रहा है। इसी संदर्भ में सभी पीआरटीसी के डिपुओं के सामने एमडी की अर्थी फूंककर रोष प्रदर्शनों को किया गया। रोष प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे प्रीतम सिंह बराड़ व महासचिव कुलदीप सिंह लांबा ने यूनियन वर्करों की मांगों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। उन्होंने बताया कि पैंशनरों की  काफी लंबे समय से डीऐ की किस्तों का भुगतान न होना, आठ प्रतिशत डीऐ की किशत जुलाई 2010 से ना देना, पांचवें पे कमीशन का  बढ़ा हुआ  बकाया सभी पैंशनरों को न देना, सेवा मुक्त हुए पैंशनरों के बकाया लंबे समय से अदा ना करना। फैमली पासों में सोध न करना, मेडिकल बिलों का भुगतान पंजाब सरकार के आदेशों के अनुसार न करना आदि शामिल है। गुरबचन सिंह जस्सी प्रधान ने मैनेजमेंंट  व पंजाब सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर जल्द ही उनकी मांगों को पूरा न किया गया तो इसके विरोध में यूनियन के सदस्य अपने संघर्ष को ओर तेज करेंगे।

25 अगस्त 2010

तस्करों और पुलिस कर्मियों में झड़प, एक तस्कर दबोचा

डबवाली (लहू की लौ) थाना शहर पुलिस ने पंजाब में सप्लाई होने जा रहे हजारों रूपए कीमत के अफीम दूध की एक बड़ी खेप पकडऩे में सफलता हासिल की है। तस्करों ने पुलिस के साथ हाथापाई भी की। इस दौरान एक तस्कर भागने में सफल रहा। जबकि एक दबोचा गया।
थाना शहर डबवाली के प्रभारी उपनिरीक्षक विक्रम नेहरा ने बताया कि उनके नेतृत्व में एसआई भागीरथ तथा एएसआई सूबे सिंह यादव सहित पुलिस पार्टी ने गांव शेरगढ से बडिंगखेडा (पंजाब) जाने वाले कच्चे मार्ग पर नाकाबंदी की हुई थी। इसी दौरान गांव शेरगढ की तरफ से डिस्कवर बाईक पर सवार दो युवक आए। युवकों को पुलिस ने जैसे ही रूकने का इशारा किया तो उन्होने मौके से फरार होने का प्रयास किया। इसी बीच उनकी पुलिस पार्टी के साथ झड़प भी हुई। इस दौरान एक युवक भाग निकला। परंतु उनमें से एक बाईक सहित पुलिस के हत्थे चढ़ गया। शक के आधार पर पुलिस ने जब युवक की तलाशी ली तो उसके पास से अफीम दूध बरामद हुई, जिसका वजन एक किलो पांच सौ ग्राम था।
थाना प्रभारी ने बताया कि उक्त आरोपियों ने पुलिस की सरकारी डयूटी में बाधा डालने का प्रयास भी किया तथा पुलिस कर्मियों से दुव्र्यवहार किया। दोनो आरोपियों के खिलाफ मादक पदार्थ अधिनियम तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं 332, 353, 186 के तहत अभियोग दर्ज किया गया है। गिरफ्तार किए गए युवक की पहचान कृष्ण (28) पुत्र भागीरथ निवासी शेरगढ के रूप में हुई है। जबकि फरार हुए युवक की पहचान बिंद्र (35) पुत्र गुरचरण निवासी शेरगढ के रूप में हुई है। थाना शहर प्रभारी के अनुसार बाईक को बिंद्र चला रहा था। पकड़े गए आरोपी ने पूछताछ के दौरान पुलिस के समक्ष स्वीकार किया कि उन्होंने इस खेप को पंजाब के जिला मुक्तसर के गांवों में सप्लाई करना था। पकड़े गए अफीम दूध की कीमत करीब डेढ़ लाख रूपए आंकी जा रही है। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी महावीर सिंह की अदालत में पेश किया और अदालत ने उसे 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिए।

ईंट भट्ठों में गूंजेगा क,ख,ग

चण्डीगढ़। हरियाणा में ईंट-भट्ठों में कार्य करने वाले लोगों के बच्चों को बेहतर गुणवत्ता की शिक्षा प्रदान करने, मिड-डे-मील योजना को और प्रभावी बनाने तथा संसाधनों का समुचित उपयोग सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने एक कलस्टर रूट अपनाने और प्रतिष्ठिïत एवं विश्वसनीय स्वैच्छिक एजेंसियों को वैकल्पिक अनूठे शिक्षा केन्द्र, जोकि 'भट्ठपाठशालाÓ के नाम से प्रसिद्घ हैं, स्थापित करने एवं संचालिक करने का कार्य सौंपने का निर्णय लिया है।
प्रदेश मेंं ईंट-भ_ïों पर कार्य परिस्थितियों को सुधारने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा करने के लिए हरियाणा की मुख्य सचिव श्रीमती उर्वशी गुलाटी की अध्यक्षता में आज यहां हुई एक बैठक में यह जानकारी दी गई। ईंट-भ_ïा मौसम आमतौर पर वर्ष में अक्तूबर मास से शुरू होकर मई मास तक चलता है।
श्रीमती गुलाटी ने निर्देश किए कि ईंट-भट्ठा मौसम शुरू होने से पहले सभी आरम्भिक कार्य शुरू कर दिए जाएं ताकि ईंट-भ_ïों में कार्य करने वाले श्रमिकों की समस्याओं को कम किया जा सके। प्रदेश के ईंट-भ_ïों में कार्य करने वाले श्रमिकों के लिए सम्बन्धित प्राधिकरणोंं  एवं विभागों द्वारा स्वास्थ्य सेवाएं, उनके बच्चों के लिए शिक्षा तथा आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का प्रावधान करने के अलावा उनका मेहनताना भी सुनिश्चित किया जाएगा।
मुख्य सचिव ने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि प्रत्येक र्इंट-भ_ïे पर श्रमिकों के लिए उसी प्रकार स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जाएं, जैसेकि पहले मोबाईल वैनस की मदद से चिकित्सा अधिकारियों तथा सहायक स्टाफ द्वारा ईंट-भ_ïों का दौरा करके  उपलब्ध करवाई जाती रही हैं।
    बैठक में बताया गया कि एक योजना बनाई गई है जिसके तहत जिला में ईंट-भ_ïों के  समूह के लिए एक स्थल पर भ_ïा पाठशाला खोली जाएगी ताकि श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाई जा सके। इस कार्य के लिए पात्र स्वैछिक एजेंसियों से आवेदन आमंत्रित किए जाएंगे। इस कार्य के लिए एजेंसियों को सूचीबद्घ करने की प्रक्रिया समाप्त होने के उपरांत अक्तूबर एवं नवम्बर में बच्चों के दाखिले किए जाएंगे। भ_ïा पाठशाला अब एक दिन में चार घण्टों के बजाए छ: घण्टों के लिए चलाई जाएंगी।
    बैठक में यह भी बताया गया कि सर्वशिक्षा अभियान की वैकल्पिक अनूठी शिक्षा योजना को और आगे बढ़ा दिया गया है ताकि ईंट भ_ïा परिसरों में अपने माता-पिता के साथ रहने वाले छ: से 14 वर्ष की आयु वर्ग के सभी मौसमी प्रवासी बच्चों को इस योजना का लाभ उपलब्ध करवाया जा सके। भ_ïा पाठशालाओं में बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ शिक्षण एवं अध्ययन सामग्री, उपकरण तथा अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाती हैं। सतही वास्तविकताओं के आधार पर ही कलस्टर पद्घति निर्धारित की गई है। प्रदेश में हजारों ईंट-भ_ïे हैं और उनमें से अधिकतर में स्कूल न जाने वाले बच्चों की संख्या बहुत कम है। प्रत्येक ईंट-भ_ïे पर स्कूल स्थापित करना न तो सम्भव है और न ही उचित, इसलिए सभी बच्चों को दाखिला दिलाने के लिए निकटवर्ती ईंट-भ_ïों का एक समूह बनाकर एक सुविधाजनक स्थल पर भ_ïा पाठशाला स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। ऐसा किए जाने से इन पाठशालाओं का परिविक्षण करना सरल होगा और साथ ही संसाधनों का उचित उपयोग और शिक्षा एवं उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता को सुधारने में भी मदद मिलेगी। कलस्टरस, जहां भ_ïा पाठशालाएं स्थापित की जानी हैं, की सूची पहले ही तैयार की जा चुकी है।
    भ_ïा पाठशालाओं में बच्चों को मिड-डे-मिल उपलब्ध करवाने की प्रणाली को भी अंतिम रूप दिया जा चुका है। गैर सरकारी संगठनों की मदद से उन्हें गर्म एवं ताजा तैयार पौष्टिक भोजन उपलब्ध करवाने के प्रयास किए जाएंगे, जिसके लिए जिला प्रशासन द्वारा राशन की आपूर्ति की जाएगी। बेहतर विकल्प उपलब्ध न होने की स्थिति में निकटवर्ती सरकारी स्कूल, जहां रसोइयों द्वारा बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जाता है, से इस कार्य में मदद ली जाएगी। बहरहाल, बच्चों को ताजा एवं पौष्टिïक भोजन उपलब्ध करवाया जाना सुनिश्चित करने के लिए सम्बन्धित अतिरिक्त उपायुक्त द्वारा भ_ïा पाठशालाओं का दौरा किया जाएगा।
    वर्ष 2009-10 के दौरान ईंट-भ_ïों में पात्र बच्चों का सर्वेक्षण करवाने के उपरांत विभिन्न जिलों में 681 भ_ïा पाठशालाएं स्थापित की गई और उनमें लगभग 17000 प्रवासी बच्चों को दाखिला दिया गया। इन 681 भ_ïा पाठशालाओं में से अधिकतम 50 अम्बाला जिला में, 21 भिवानी में, 42 फरीदाबाद में, 35-35 फतेहाबाद एवं जींद में, आठ गुडग़ांव में, 46 हिसार में, 25 झज्जर में, 21 कैथल में, नौ करनाल में, 40 कुरूक्षेत्र में, 30-30 महेन्द्रगढ़ एवं मेवात में, 39 पलवल में, 45 पानीपत में, 29 पंचकूला में, 40 रोहतक में, 33 रेवाड़ी में, 24 सिरसा में, 47 सोनीपत में और 32 यमुनानगर में स्थापित की गईं।
    बैठक में बताया गया कि ईंट भटï्ठों पर कार्य करने के लिए आने के बाद श्रमिकों को खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा राशन कार्ड जारी किए जाएंगे, ताकि उन्हें सस्ते मूल्यों पर आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध करवाई जा सकें। सम्बन्धित जिला प्रशासन के वरिष्ठï अधिकारियों द्वारा अपने क्षेत्रों के ईंट-भ_ïों का दौरा करके श्रमिकों का उचित मेहनताना भी सुनिश्चित किया जाएगा। श्रम विभाग के कर्मचारियों द्वारा श्रमिकों के उचित मेहनताने के साथ-साथ उनका बीमा भी सुनिश्चित किया जाएगा।

राजस्व कोर्ट केस के निपटान की समीक्षा का निर्णय

चण्डीगढ़। हरियाणा सरकार ने ऑनलाइन वैब आधारित राजस्व कोर्ट केस परिवीक्षण प्रणाली के माध्यम से सभी जिलों में राजस्व कोर्ट केस के निपटान की प्रगति की समीक्षा करने का निर्णय है।
इस संबंध में आज यहां राजस्व विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव श्री नरेश गुलाटी ने सभी मंडलायुक्तों एवं उपायुक्तों के साथ वीडियो कान्फ्रेंस के माध्यम से मामलों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। कान्फ्रेंस के दौरान यह निर्णय लिया गया कि पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए। यदि किसी एक अधिकारी के अधीन अधिक मामले हैं, तो जिला उपायुक्तों को उपलब्ध अधिकारियों में मामलों को बांट कर कार्यभार को कम करना चाहिए। सभी उपायुक्तों को न्यायालय मामलों की जानकारी आगामी एक माह के अन्दर-अन्दर सॉफवेयर पर डालने के निर्देश दिये गये। सभी मंडलायुक्तों को नियमित आधार पर मामलों की स्थिति की समीक्षा करने तथा जहां आवश्यक हो उपचारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिये हैं।
कान्फ्रेंस के दौरान इस बात की जानकारी दी गई कि हाल ही में बाढ़ के कारण खराब हुई खरीफ-2010 की फसलों के लिए सरकार द्वारा अतिशीघ्र राहत राशि जारी की जाएगी। प्रभावित किसानों को राहत राशि वितरित करने के लिए उपायुक्तों को तहसील अनुसार वितरण कार्यक्रम बनाने के लिए कहा गया है और इसके लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिये गये हंै।
प्रदेश में सार्वजनिक भूमि पर धार्मिक संस्थाओं द्वारा किये गये अनाधिकृत निर्माण को हटाने, अन्य स्थान स्थापित करने और नियमित करने की नीति के क्रियान्वयन की स्थिति पर विचार विमर्श करते हुए कुछ उपायुक्तों ने बताया कि उन्होंने ढांचे हटाने के लिए जैसा सम्भव हुआ है। कार्यवाही की है और वे नीति के अनुसार इन्हें अन्य स्थानों पर स्थापित करने और नियमित करने के लिए कार्यवाही कर रहे हैं। वित्तायुक्त एवं प्रधान सचिव, राजस्व उपायुक्तों द्वारा नीति मार्गदर्शन का अनुसरण करके कानून के अनुसार आवश्यक कार्यवाही किये जाने से प्रभावित हुए।
    कान्फं्रेस के दौरान हरियाणा भूमि सुधार सूचना प्रणाली (हैलरिस), हरियाणा पंजीकरण सूचना प्रणाली (हैरिस), रैवन्यू मामलों की स्थिति तथा कोर्ट केस मोनिटरिंग सिस्टम के क्रियान्वयन तथा प्राकृतिक आपदाओं के लिए राहत वितरण की समीक्षा पर भी चर्चा की गई।
    हरियाणा सरकार द्वारा तहसीलों में भूमि रिकॉर्ड के कम्प्यूटरीकरण के लिए विजुअल बैसिक  सर्वर बेसड सॉफ्टवेयर सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। यह सॉफ्टवेयर एनआईसी हरियाणा राज्य इकाई द्वारा विकसित किया गया है और सभी उपायुक्तों दिसम्बर, 2010 तक सभी जमाबंदी ऑनलाइन करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अतिरिक्त, वर्तमान ऑनलाइन जमाबंदियों का नियमित रूप से अद्यतन करने पर भी बल दिया गया। इसके अतिरिक्त हरियाणा पंजीकरण सूचना प्रणाली भी एनआईसी हरियाणा द्वारा विकसित की गई है। इस प्रणाली का उद्देश्य एकल खिड़की सेवा प्रदान करना, समयबद्घ पंजीकरण, पारदर्शी और विश्वसनीय कार्य प्रणाली सुनिश्चित करना है। यह पंजीकरण से सृजित राजस्व के परिवीक्षण का एक औजार है।

माता-पिता के साथ नहीं, मैं तो प्रेमी संग जाऊंगी

डबवाली (लहू की लौ) गांव पाना से सोमवार रात को रहस्यमय परिस्थितियों में गायब हुई 20 वर्षीय युवती को गांव मांगेआना के खेतों से पुलिस ने बरामद करके अदालत में पेश किया और अदालत ने उसे नारी निकेतन भेजने के आदेश दिये।
थाना सदर के कार्यकारी प्रभारी एसआई रतन सिंह ने बताया कि गांव पाना के मिट्ठू सिंह की बेटी भूपिन्द्र कौर (20) सोमवार की रात को लगभग 12 बजे घर से गायब हो गई। लेकिन मंगलवार सुबह गांव मांगेआना के भूपिन्द्र सिंह ने पुलिस को सूचना दी कि गांव के खेतों में संदिग्ध अवस्था में एक लड़की घूम रही है। इसी आधार पर पुलिस ने मौका पर पहुंच कर लड़की को बरामद कर लिया। लड़की ने अपना नाम भूपिन्द्र कौर पुत्री मि_ू सिंह निवासी पाना बताया। जिसकी सूचना लड़की के माता-पिता को दी गई। इधर लड़की ने पुलिस को बताया कि वह अपनी मर्जी से अपने ही गांव के अवतार सिंह के साथ आई थी और वह उसी के साथ रहना चाहती है। ब्यानों के आधार पर पुलिस ने लड़की को उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी महावीर सिंह की अदालत में पेश किया और अदालत ने 164 सीआरपीसी के तहत लड़की के ब्यान कलमबद्ध करने के बाद लड़की को नारी निकेतन करनाल भेजने के आदेश दिये। इस मौके पर उपस्थित भूपिन्द्र कौर की माता जसविन्द्र कौर (45) पत्नी मिट्ठू सिंह ने बताया कि उसकी लड़की पिछले दो वर्ष से मानसिक रूप से परेशान है और उसे अक्सर मिर्गी के दौरे पड़ते हैं और अक्सर वह दौरे के बाद अपनी सुधबुध खो बैठती है।

दो बाईक चोर काबू, जेल भेजे

डबवाली (लहू की लौ) थाना शहर पुलिस ने बाईक चोर गिरोह के दो सदस्यों को काबू करने में सफलता अर्जित की है। जबकि गिरोह का सरगना पुलिस के हत्थे नहीं चढ़ा है। थाना शहर प्रभारी विक्रम नेहरा ने बताया कि पुलिस को मुखबरी मिली थी कि बाईक चोर गिरोह के तीन सदस्य डबवाली में घूम रहे हैं। उनके पास चोरी का एक बाईक भी है। वे यहां ग्राहक की तालाश में हैं। मौका पर दबिश दी जाए तो उन्हें पकड़ा जा सकता है। उन्होंने हवलदार खेता राम के नेतृत्व में एक टीम गठित करके मौका पर भेजा।
थाना प्रभारी के अनुसार टीम ने 22 अगस्त को डॉ. गुलाटी अस्पताल वाली रोड़ पर दबिश दी तो चोरी के बाईक सहित एक युवक को काबू कर लिया। जबकि उसके दो अन्य साथी पुलिस को देखकर भाग निकले। पकड़े गए युवक ने अपनी पहचान जसकरण उर्फ जस्सा (23) निवासी क्खांवाली (पंजाब) के रूप में करवाई। आरोपी को अदालत में पेश किया गया। यहां से उसका एक दिन का रिमांड प्राप्त हुआ। आरोपी जसकरण सिंह को निशानदेही के लिए मलोट रोड़ की ओर लेजाया जा रहा था। इसी दौरान रेलवे फाटक के नजदीक उसने अपने एक अन्य साथी को देख लिया। जिसे पुलिस ने दबोच लिया। पकड़े गए दूसरे आरोपी ने अपनी पहचान प्रविन्द्र सिंह (19) निवासी क्खांवाली के रूप में करवाई। एसआई विक्रम नेहरा ने बताया कि गिरोह के मुखिया की पहचान कुलविंद्र सिंह (26) निवासी क्खांवाली के रूप में हुई है। वह बाईक चोरी में पकड़े गए जसकरण का बड़ा भाई है। पुलिस आरोपी की तालाश कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि बरामद हुआ मोटरसाईकिल गांव डबवाली के राजदीप सिंह बराड़ का है। आरोपी बीती 4 अगस्त को इसे कलोनी रोड़ से चुरा ले गए थे। पकड़े गए दोनों आरोपियों को मंगलवार को उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी महावीर सिंह की अदालत में पेश किया गया। अदालत ने आरोपियों को जेल भेजने के आदेश दिए।

नोट छीन भागी युवती

डबवाली (लहू की लौ) सार्वजनिक स्थानों पर असामाजिक तत्वों की गतिविधियां जारी हैं। मंगलवार को रेलवे स्टेशन पर टिकट के लिए लाईन में लगी एक महिला के हाथ में पकड़ा नोट छीनकर एक युवती फरार हो गई। महिला के पति ने काफी शोर मचाया। लेकिन वहां खड़े लोग मूकदर्शक बने रहे। गली संतोषी माता मंदिर वाली में रहने वाले सुभाष सेठी (40) ने बताया कि रक्षाबंधन पर अपने भाई को राखी बांधने के लिए उसकी पत्नी सीमा (38) ने बेटियों रिया (16) और रजनी (14) के संग जैतो मण्डी जाना था। वह उन लोगों को रेलगाड़ी पर चढ़ाने के लिए रेलवे स्टेशन पर आया हुआ था। टिकट के लिए उसकी पत्नी विंडो पर खड़ी थी और उसने हाथ में सौ रूपए का नोट पकड़ रखा था। अचानक एक 20-22 साल की युवती ने सीमा के हाथ में पकड़ा नोट छीन लिया और भाग गई। उसने पीछा करके युवती को दबोच लिया। स्टेशन पर खड़े लोगों को भी उसने उपरोक्त घटनाक्रम के बारे में बताया लेकिन उसकी सहायता के लिए कोई आगे नहीं बढ़ा। मौका पाकर लड़की बठिंडा जाने के लिए खड़ी गाड़ी में जा बैठी और फरार हो गई। इस संबंध में जब स्टेशन मास्टर महेश सरीन से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि वे मिनट-दर-मिनट अनाऊंसमेंट करवाकर रेल यात्रियों को सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

चोरी की गुत्थी सुलझाई

डबवाली (लहू की लौ) थाना शहर पुलिस ने धालीवाल नगर स्थित वेद प्रकाश मास्टर के हुई चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए चोरी के आरोपियों को गिरफ्तार करने और चोरी हुआ समान बरामद करने में सफलता हासिल की है।
थाना शहर के एएसआई तथा जांच अधिकारी  कैलाश चन्द्र ने बताया कि 16-17 अगस्त को धालीवाल नगर स्थित मास्टर वेद प्रकाश के घर के बाहर खड़ी स्कूल वैन से डीजल और स्कार्पियों कार से बैंटरी,एलसीडी,डीवीडी अज्ञात ने चुरा ली थी।
वेद प्रकाश के ब्यान पर पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज करके इसकी जांच शुरू कर दी थी। पुलिस ने जांच के दौरान इस चोरी के आरोप में गांव डबवाली के पाल उर्फ पालू (40)पुत्र सीता राम तथा गांव दारेवाला के श्रवण (24) पुत्र जगदीश  को गिरफ्तार करके उन से चुराये गये समान को बरामद करने के बाद आरोपियों को पुलिस ने उपमण्डल न्यायिक दण्डाधिकारी महावीर सिंह की अदालत में पेश किया। अदालत ने दोनो को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजने के आदेश दिये।

ईक कुड़ी पंजाब दी 17 सितंबर को होगी रिलीज

बठिंडा (प्रवीण सिंगला) पंजाबी फिल्म ईक कुड़ी पंजाब दी 17 सितंबर को रिलीज होने जा रही है तथा यह फिल्म पंजाबी सभ्यता, पंजाबियत के रंग में रंगी हुई साफ सुथरी पारिवारिक फिल्म है। यदि पंजाब के लोग, खासकर युवा वर्ग इस फिल्म को देखेगा तो फिल्म की टीम अपने आपको भागों वाली समझेगी।
इन बातों का प्रगटावा आज स्वामी विवेकानंद गल्र्ज कॉलेज में फिल्म के मुख्य कलाकार तथा प्रसिद्ध पंजाबी गायक नौजवान दिलों की धड़कन अमरेंद्र गिल ने किया। उनके साथ सह कलाकार, प्रसिद्ध पंजाबी कॉमेडियन राणा रणवीर, प्रसिद्ध पंजाबी गीतकार अमरदीप  गिल, प्रसिद्ध थियेटर कलाकार और रंगकर्मी टोनी बातिश, पत्रकार तथा गीतकार हरिंद्र भुल्लर भी उपस्थित थे। इस मौके कॉलेज की छात्राओं को संबोधन करते हुए अमरेंद्र गिल ने बताया कि यह फिल्म मशहूर नाटककार स.गुरशरण सिंह को समर्पित है। जबकि फिल्म के निर्माता निर्देशक मनमोहन सिंह हैं जिनके द्वारा मुंडे यूके दे फिल्म में उनको सह कलाकार का किरदार दिया गया था और उस किरदार में उनके द्वारा अच्छी मेहनत करने के फल के तौर पर स.मनमोहन सिंह ने उनको आने वाली इस ईक कु ड़ी पंजाब की फिल्म में मुख्य कलाकार की भूमिका दी है।
इस मौके उन्होंने छात्राओं की इच्छाओं के मुताबिक अपने गीत भी अपनी सुरीली आवाज में सुनाए।  इस मौके राणा रणबीर ने बताया कि उनका इस फिल्म में शरारती रोल है और फिल्म के डॉयलॉग भी उनके द्वारा लिखे गये हैं जबकि नौजवान पीढ़ी पर आधारित एक गीत भी उनके द्वारा लिखा गया फिल्म में सुनने को मिलेगा। उन्होंने अपने अंदाज में कहा कि यह गीत सुनने के लिए ओरिजनल कैसटें ही खरीदी जाएं क्योंकि डुप्लीकेट कैसटों में यह गाना नहीं होगा। उन्होंने बताया कि इस फिल्म की प्रमोशन के लिए बठिंडा आने का मतलब है कि इस फिल्म की हीरोईन जसपिंद्र चीमा बठिंडा से बिलांग करती है और फिल्म में किरदार भी बठिंडा से संबंधित हैं और यह फिल्म देखकर बठिंडा वाले सीना चौड़ा करके घूमा करेंगे कि बठिंडा भी किसी से पीछे नहीं है। अमरदीप गिल ने बताया कि इस फिल्म का टाईटल सांग उनके द्वारा लिखा गया है जबकि एक सैड सांग भी है। फिल्म में सुखजिंद्र छिंदा द्वारा म्यूजिक दिया गया है जबकि निम्मा लोहारका के भी गीत इस फिल्म में हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म में गग्गू गिल, दीप ढिल्लों, किम्मी वर्मा, अमन धालीवाल, कंवलजीत सिंह, गुरप्रीत घुग्गी तथा नवनीत निशान मुख्य सितारे हैं। उन्होंने बताया कि मनमोहन सिंह जो फिल्म के निर्माता निर्देशक हैं जो एक अच्छे कैमरामैन भी हैं जिनके द्वारा दिल वाले दुल्हनियां ले जायेंगे, बेताब, चांदनी, लम्हें, डर जैसी हिंदी फिल्मों का फिल्मांकन भी किया गया है।
इस मौके कॉलेज की पिं्रसीपल मैडम राज गुप्ता ने पहुंचे हुए कलाकारों का भारी स्वागत करते हुए कहा कि यह बहुत ही खुशी की बात है कि पंजाबी कलाकारी में प्रसिद्ध नाम रखने वाले अमरेंद्र गिल, राणा रणबीर, अमरदीप गिल और उनकी टीम ने आज उनके कॉलेज में पहुंचकर कॉलेज को बनता सम्मान दिया है और उनको धन्यवाद का पात्र बनाया है। उन्होंने ऐलान किया कि इस फिल्म को उनके कॉलेज की पूरी टीम सहित छात्राऐं देखेंगीं।

अब नम्बरदार कर सकेंगे फ्री बस यात्रा

डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा के परिवहन मंत्री ओम प्रकाश जैन ने आज कहा कि हरियाणा राज्य परिवहन आम लोगों को बेहतर आवागमन की सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए वचनबद्ध है। अब कोई भी व्यक्ति बस पास बनवा सकता है। जन साधारण को सुरक्षित व आरामदायक परिवहन सेवाएं मुहैया करवाने के लिए हर संभव प्रयास किये जा रहे है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि हरियाणा सरकार की महिला शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना के तहत लड़कियों के लिए मास में केवल 20 दिन का एक तरफा मासिक किराया लेकर बस पास बनाकर स्पेशल बस यात्रा सुविधा दी जा रही है। इसी प्रकार हरियाणा सरकार से मान्यता प्राप्त स्कूल,कालेज व अन्य शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत्त विद्यार्थियों को रोड़वेज की सामान्य बसों में 60 कि०मी० तक यात्रा करने के लिए 6 माह का रियायती पास बनवाने की सुविधा दी जा रही है। इसी प्रकार सरकारी कर्मचारियों को एक मास में 35 टिकटों का किराया लेकर बस पास बनवाने की सुविधा दी गई है।
इसी प्रकार, अर्जुन अवार्ड विजेता, ओलम्पिक व राज्य पुरस्कार विजेता खिलाडियों, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता कलाक ारों के अलावा नम्बरदारों को तहसील कार्यालय द्वारा जारी किए गए कूपन दिखाने पर मास में दो बार घर से जिला मुख्यालय तक तथा 10 बार तहसील कार्यालय तक हरियाणा परिवहन की बसों में आने जाने की नि:शुल्क यात्रा सुविधा प्रदान की गई है।
जैन ने बताया कि 25 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले भूतपूर्व सैनिकों को भी हरियाणा परिवहन की बसों में नि:शुल्क यात्रा उपलब्ध करवाकर सरकार ने एक अनूठी पहल की है।

युवाओं में अंग्रेजी भाषा स्किल अपग्रेड करने के लिए जिला में चलेगा कार्यक्रम

सिरसा। यूथ एनर्जी मैनेजमेंट कार्यक्रम के तहत ब्रिटिश कोंसिल, कांफडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (सीआईआई) तथा सीटी एंड गिल्ड (यूके)द्वारा सिरसा जिला के युवाओं में अंग्रेजी भाषा में स्किल अपग्रेड करने तथा व्यावसायिक शिक्षा में प्रशिक्षण देने के लिए कार्यक्रम शुरु किया जाएगा। यह जानकारी आज यहां जिला उपायुक्त सी.जी रजिनीकांथन ने ब्रिटिश कौंसिल द्वारा आयोजित बैठक में जिला के अंग्रेजी प्राध्यापकों को संबोधित करते हुए दी। इस कार्यक्रम को शत् प्रतिशत सफल बनाने के लिए विभिन्न राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में कार्यरत अंग्रेजी के कनिष्ठ प्राध्यापकों का सहयोग लिया जाएगा।
कांथन ने बताया कि यूथ एनर्जी मैनजमेंट कार्यक्रम के लिए पूरे देश में सिरसा और सीतापुर (उत्तर प्रदेश)जिलों का चयन किया गया है। इस कार्यक्रम के लिए शिक्षा में पिछड़ेपन के आधार पर इन जिलों का चयन किया गया है। हालांकि यह कार्यक्रम सबसे पहले सिरसा जिला में ही पायलट प्रोजेक्ट के रुप में शुरु किया गया है। इसके बाद सीतापुर में सिरसा की तर्ज पर शुरु किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के लिए ब्रिटिश कोंसिल द्वारा जिला के तीस से भी अधिक प्राध्यापकों को अंग्रेजी भाषा में प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए सिरसा मुख्यालय में अंग्रेजी भाषा की लैब स्थापित की जाएगी जिसमें ब्रिटिश कोंसिल के मास्टर ट्रेनर प्राध्यापकों को प्रशिक्षित करेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत स्थानीय बहुतकनीकी महाविद्यालयों और औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के प्राध्यापकों और अध्यापकों को प्रशिक्षित किया जाएगा।

पुलिस थाने होंगे ऑनलाईन-कांडा

डबवाली (लहू की लौ) हरियाणा के गृह एवं राज्यमंत्री श्री गोपाल कांडा ने कहा कि 48 करोड़ रुपए के राशि खर्च करके प्रदेश के सभी 250 पुलिस थानों को इंटरलिंक कर ऑनलाइन किया जाएगा। कांडा मंगलवार को सिरसा के मुरलीधर कांडा चैरिटेबल ट्रस्ट के कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनकर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी थानों में इंटरलिंक के प्रथम चरण का कार्य पूरा हो चुका है। सभी पुलिस थानों में कंप्यूटर आदि की सुविधा प्रदान कर दी गई है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के साथ-साथ राष्ट्रीय स्तर पर भी सभी पुलिस थानों को ऑनलाइन किया जाना है। यह सुविधा शुरु होने के बाद विभाग के अधिकारियों को अपराधियों की धरपकड़ में मदद मिलेगी यानी कोई भी अपराधी देश के किसी भी हिस्से में छुप नहीं पाएगा। सभी अपराधियों का रिकार्ड ऑनलाइन होगा। किसी भी पुलिस थाने में अपराधी की हिस्ट्री का पता लगाकर उसे बिना किसी विलंब के गिरफ्तार किया जाएगा।
कांडा ने बताया कि यह योजना पूरे देश में लागू की जा रही है। योजना के तहत देश के लगभग 15 हजार से भी अधिक पुलिस थानों को इंटरलिंक किया जा रहा है। इस योजना के तहत जेल, अदालतों व अन्य कई विभागों को भी जोड़ा जाएगा। हरियाणा में यह कार्य आगामी 2011 तक पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इंटरलिंक के इस कार्य के लिए राज्य में मुख्य सचिव उर्वशी गुलाटी की अध्यक्षता में समिति गठित की गई है। समिति द्वारा इस कार्य की मॉनिटरिंग की जा रही है।
उन्होंने बताया कि प्रदेश के सभी थानों में कंप्यूटर स्थापित होने से सभी एफआईआर कंप्यूटर से दर्ज की जा रही है। अब अदालतों में भी चालान कंप्यूटर से पिं्रट करके निकालकर पेश किए जा रहे है। सभी थानों में कार्यरत कर्मचारियों को कंप्यूटर का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। उन्होंने बताया कि इंटरलिंक करने के दूसरे फेज में नेटवर्किंग का कार्य किया जाना है। इस योजना के लागू होने से अपराधियों को पकडऩे में सुविधा होगी ही साथ ही साथ अपराधों में भी कमी आएगी। कांडा ने बताया कि प्रदेश में पब्लिक और पुलिस में बेहतर संबंध स्थापित करने के उद्देश्य से  सभी जिला में एक-एक थाने को मॉडल थाना बनाया गया है जिन्हें आई.एस.ओ प्रमाणित  करवाया गया है। पूरे प्रदेश में अब तक दो दर्जन से भी अधिक थानों को आईएसओ प्रमाणित करवाया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सभी थानों में शिकायत दर्ज करवाने के लिए कमप्लेंट विंडो सिस्टम शुरु किया गया है जिसके माध्यम से थानों में आने वाली सभी शिकायतों को कम्यूटराईजड कर पंजीकृत किया गया है। शिकायत दर्ज करवाने वाले को शिकायत नंबर और उसकी रसीद भी दी जा रही है। आई.एस.ओ के मापदंडों के अनुसार थानों का पूरा रिकार्ड व्यवस्थित रखा गया है। थानों में रखे सभी 25 तरह के रजिस्ट्ररों को पूरी तरह तिथि वार व्यवस्थित रखा गया है।
उन्होंने बताया कि आई.एस.ओ प्रमाणित थानों में सफाई की भी विशेष व्यवस्था है। शिकायत करवाने वाले लोगों के बैठने के लिए वेटिंग रुम तथा वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है।

24 अगस्त 2010

नशा देकर पशु व्यापारियों को लूटा

डबवाली (लहू की लौ) दिल्ली से डबवाली आ रहे तीन पशु व्यापारियों को कुछ लोगों ने मार्ग में लूट लिया। बेहोशी की हालत में पशु व्यापारी डबवाली के गोल चौक के पास मिले। जिन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में लेजाया गया।
डबवाली से सटी पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के विधानसभा हल्का की मण्डी किलियांवाली में हर रविवार को पशु मेला भरता है। दूर-दराज से लोग यहां पशु खरीदने के लिए आते हैं। इसी मेले से पशु खरीदने के लिए शनिवार रात्रि करीब 10 बजे उत्तर प्रदेश के जिला बुलंदशहर के कस्बा औरंगाबाद के तीन पशु व्यापारी दिल्ली के अन्तर्राष्ट्रीय बस अड्डा से हरियाणा रोड़वेज की बस में सवार हुए। तीनों के पास हजारों रूपए की नकदी थी। लेकिन तीनों को ही बीच रास्ते में लूट लिया गया। बस रविवार सुबह करीब 4.40 बजे डबवाली के गोल चौक पर पहुंची। बेहोशी की हालत में इन पशु व्यापारियों को बस के परिचालक ने डबवाली के गोल चौक पर उतार दिया। तीनों को उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में लेजाया गया। रविवार दोपहर बाद करीब दो बजे पशु व्यापारियों में से दो को होश आया। तब जाकर उन्होंने अपनी पहचान बताई। पत्रकारों से बातचीत करते हुए ईशाक (35) पुत्र नजीर अहमद निवासी औरंगाबाद जिला बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) ने बताया कि वह अपने बड़े भाई इश्फाक (37)  निवासी औरंगाबाद जिला बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) तथा औरंगाबाद निवासी फिरोज  (36) पुत्र अल्लाह मेहर के साथ शनिवार रात करीब 10 बजे डबवाली के लिए हरियाणा रोड़वेज की बस में सवार हुआ था। उन लोगों ने डबवाली के साथ लगती मण्डी किलियांवाली में भरने वाले पशु मेले में से पशु खरीदने थे। उसी समय बस में तीन अन्य व्यक्ति भी सवार हुए। जो अपने आपको मेरठ और मुजफ्फरनगर के निवासी बताते थे। ईशाक ने आगे बताया कि बस में बैठने के करीब दो-तीन घंटे बाद बस एक ढाबा पर रूकी। उनके साथ बैठे तीनों व्यक्तियों में से एक ने उन्हें चाय पीने के लिए कहा। दबाव देने पर वे चाय पीने के लिए मान गए और साथ में खाने के लिए बिस्कुट भी दिए। जोकि कड़वे थे। बिस्कुट खाते ही उन्हें चक्कर आने लगे और वे बेहोश हो गए। उसके बाद उन्हें नहीं मालूम उनके साथ क्या हुआ। होश में आने के बाद जब उन्होंने अपनी जेबें टटोली तो उसमें रखी राशि गायब थी। तीनों पशु व्यापारियों ने नकदी को अपनी-अपनी पेंट की अंदरूनी जेब में छिपा रखा था। फिरोज के पास 42 हजार, ईशाक के पास 35 हजार तथा इश्फाक के पास 45 हजार रूपए की नकदी थी। लुटेरे अपने साथ फिरोज और ईशाक को मोबाइल सैट भी ले गए। इधर उक्त बस के परिचालक धमेंद्र ने बताया कि दिल्ली से सवार होते समय इन लोगों की संख्या छह थी। इनमें से एक ने डबवाली के लिए छह टिकट लिए थे। ये सभी 47 से 52 नं. सीट पर बैठे हुए थे। बस में भीड़ अधिक थी। डबवाली में उसे आकर मालूम हुआ कि तीन लोग बेहोश पड़े हैं। जबकि इनके साथ सफर करने वाले तीन जनें गायब थे। थाना शहर प्रभारी विक्रम नेहरा ने बताया कि पशु व्यापारियों के ब्यान कलमबद्ध करने के बाद घटना स्थल का पता चलेगा, उसी के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

सुखबीर बादल ने युवाओं को नशे की दलदल में धकेला-बिट्टू

बठिंडा (सिंगला/शर्मा) अकाली-भाजपा सरकार हर बार पैसे की दुहाई देते हुए कहती है कि केन्द्र सरकार मदद नहीं कर रही जबकि केन्द्र सरकार से सबसे ज्यादा पैसा प्रकाश सिंह बादल लेकर आये हैं। बादल विकास कार्य न होने के लिए जिम्मेवार केन्द्र सरकार को ठहरा कर स्वयं बचने की कोशिश करते हैं।
उपरोक्त शब्द यूथ कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व सांसद रवनीत बिट्टू तथा आल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव व पंजाब प्रभारी विकास उपाध्याय ने यूथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करने के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहे। उन्होंने कहा कि पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने युवाओं से झूठे वायदे करके युवा वर्ग को नशे की दलदल में धकेल दिया है। रोजगार से रोजगार छीन कर उसे बेरोजगार बना दिया है। जमीनों पर कब्जे किये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सबसे पहले यूथ कांग्रेस नशे में फंसी नौजवान पीढ़ी को नशे से बाहर निकालने का काम करेगा।
विकास उपाध्याय ने कहा कि यूथ कांग्रेस एक शक्तिशाली संगठन है जो हर अत्याचारी से लडऩे की ताकत रखता है। उन्होंने कहा कि अगर नशे का कहर इसी प्रकार जारी रहा तो पंजाब की जवानी ही समाप्त हो जायेगी। इस मौके पर आशू ठाकुर, कोमल सरीन, लक्खा सिंह, रघुवीर सिंह, रूपिन्द्र बिन्द्रा व अन्य जिलों के युवा कांग्रेस नेता भी मौजूद थे।

21 अगस्त 2010

पंचायत ने दी सरकारी सुविधाओं के बायकाट की धमकी

डबवाली (लहू की लौ) रोज-रोज के धरनों और प्रदर्शनों से तंग जिला सिरसा प्रशासन ने इस पर लगाम कसने के लिए अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए इन पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। लघुसचिवालय परिसर में धरना, प्रदर्शन करने के लिए प्रशासकीय खंड भवन से 100 मीटर दूरी पर स्थान निर्धारित किया गया है। इस स्थान के अलावा लघुसचिवालय भवन के पास कोई व्यक्ति धरना प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
लेकिन जनता ने अपनी आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए और रास्ते अपनाने शुरू कर दिए हैं। जिसमें धरना और प्रदर्शन की अपेक्षा महात्मा गांधी जी के असहयोग आंदोलन की तर्ज पर समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी योजनाओं का बाईकाट शामिल है। इस प्रकार की धमकी उपमण्डल डबवाली के गांव अबूबशहर की पंचायत ने उपमण्डलाधीश डबवाली को एक पत्र सौंपकर दी है। पंचायत ने पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, आयुक्त तथा उपायुक्त सिरसा को भी प्रेषित की है। धमकी देने वालों में ग्राम पंचायत की सरपंच अमानती देवी सहित पंच भारत भूषण, सतपाल, कृष्णा देवी, सुरजीत कौर, हरजिन्द्र सिंह, सुखदेव सिंह, वीरपाल इन्द्रपाल, जगदीश कुमार, वीना रानी, जंगीर कौर, कृष्ण लाल आदि के नाम शामिल हैं। इन लोगों ने बताया कि गांव अबूबशहर में पिछले 50 वर्षों के दौरान कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। गांव की हालत बद से बदत्तर हो चली है। गांव की समस्याओं से बार-बार प्रशासन को अवगत करवाए जाने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम पंचायत के इन सदस्यों ने बताया कि अगर उनकी समस्याओं की ओर शीघ्र ध्यान न दिया गया तो वे सरकारी योजनाओं का बायकाट करेंगे।
इस संदर्भ में जब एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही समस्याओं को निपटा दिया जाएगा।
बायकाट के कारण
1. बस स्टैण्ड रोड़ पूरी तरह से टूटी हुई है। बरसात का पानी जमा हो जाता है। कोई-न-कोई दुर्घटना होती रहती है।
2. गांव की प्रत्येक गली में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जिसकी वजह से मच्छरों की भरमार है। जिससे मलेरिया तथा अन्य बीमारियां फैलने का भय बन चुका है।
3. बरसाती पानी के साथ गंदगी वाटर वक्र्स की डिग्गियों में पहुंच जाती है। इतना ही नहीं पेयजल आपूर्ति की पाईपों में जगह-जगह लीकेज है।
4. गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। पंचायत कई बार गुहार लगा चुकी है। परंतु अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ।
5. गांव में प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस वर्ष प्रिंसीपल ने मनमानी से स्कूल का गेट तक नहीं खोला और न ही ध्वजारोहण किया गया। पंचायत ने मामले की जांच की मांग की।
6. गांव में रूढिय़ों के ढ़ेर लगे हुए हैं। साथ में अतिक्रमण भी बढ़ रहा है।
7. गांव के जोहड़ में पानी से ज्यादा गंदगी भरी पड़ी है।
8. सरकार द्वारा चलाए गए अभ्यिान में सभी गांवों को शौच मुक्त बनाया गया है। परंतु गांव अबूबशहर अभी तक शौच मुक्त नहीं।
9. चोरी की वारदातें दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं।
10. नशाखोरी की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है।
11. बिजली की तारें नीची है, कभी भी हादसा घटित हो सकता है।

15 अगस्त 2010

पत्नी की हत्या कर नहर में कूदा

डबवाली (लहू की लौ) गांव मिड्डूखेड़ा में शुक्रवार देर रात को एक मजदूर ने चरित्र के संदेह में अपनी पत्नी की तेजधार हथियार से बेरहमी से हत्या कर दी और स्वयं गांव के नजदीक से गुजरने वाली राजस्थान कैनाल में कूद गया।
जानकारी अनुसार गांव मिड्डूखेड़ा निवासी रज्जा उर्फ राजा सिंह के बेटे जगसीर सिंह उर्फ सीरा सिंह की शादी करीब चौदह वर्ष पहले गांव दौला निवासी गोरा सिंह की बेटी संदीप कौर से हुई थी। पिछले कुछ सालों से दोनों में मनमुटाव चला आ रहा था। सीरा के भाई मोहन सिंह के अनुसार संदीप कौर उनके घर के पास स्थित शराब के ठेके के करिंदों से अक्सर मिलती-जुलती रहती थी। जिस पर सीरा एतराज करता था। बार-बार समझाने के बावजूद भी संदीप कौर नहीं मानी और सीरा इसे सामाजिक तौर पर अपनी बेइज्जती मानता था। मौका मिलते ही संदीप कौर को उसने तेजधार हथियारों से काट डाला।
घटना की सूचना मिलने पर लम्बी थाना प्रमुख हरिन्द्र सिंह चमेली मौका पर पहुंचे और उन्होंने घटना का निरीक्षण किया। लाश को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मलोट भेज दिया। पुलिस ने मृतका के पिता गोरा सिंह पुत्र काला सिंह के ब्यान पर सीरा सिंह के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
थाना लम्बी के प्रभारी एसआई हरिंद्र सिंह चमेली ने बताया कि मृतका के पिता गोरा सिंह ने पुलिस को दिए ब्यान में कहा है कि उसकी बेटी से सीरा सिंह अक्सर उससे मारपीट करता रहता था। वह उसे कई बार समझा चुके थे। पांच दिन पूर्व सीरा अपनी पत्नी संदीप कौर को मायके से ले गया था। शुक्रवार को उन्हें पता चला कि दोनों में फिर तनाव पैदा हो गया है। जिस पर समझाने-बुझाने के लिए वह गांव मिड्डूखेड़ा में आ गया। जब वह समझा-बुझा रहा था तो उस समय सीरा तैश में आ गया और उसने उसके सामने ही कापे से संदीप कौर को काट डाला और फरार हो गया।
थाना प्रभारी ने बताया कि ग्रामीणों ने उन्हें बताया है कि हत्या के बाद जगसीर सिंह उर्फ सीरा राजस्थान कैनाल में कूद गया। लेकिन अभी तक उसकी लाश नहीं मिली है। फिलहाल पुलिस ने सीरा के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।

मूर्ति स्थापना को लेकर दिन-भर रहा तनाव

डबवाली (लहू की लौ) यहां के वाल्मीकि चौक के पास गन्दगी के डिपू को उठवाने के लिए हनुमान के श्रद्धालुओं ने रामसेवक हनुमान की मूर्ति स्थापित कर दी। जिसको लेकर बवाल खड़ा हो गया। प्रशासन के अधिकारी मौका पर पहुंचे। लेकिन काफी देर तक माथापच्ची करने के बाद भी श्रद्धालु अपनी बात से टस से मस नहीं हुए।
रामसेवक हनुमान की मूर्ति की स्थापना के पक्ष और विरोध में दो ग्रुप खड़े हो गये। एक ग्रुप का नेतृत्व प्रवीन सिंगला तथा दूसरे ग्रुप का नेतृत्व कामरेड गणपत राम कर रहे थे। प्रवीन सिंगला ने बताया कि उनके घरों के आगे नगरपालिका ने डिपू बना रखा है और गन्दगी के ढेर यहां लगे रहते हैं, जिसके चलते उनके बच्चे रोगी हो गये हैं। कई बार नगरपालिका को डिपू हटवाने के लिए कहा गया। लेकिन नगरपालिका टस से मस नहीं हुई बल्कि लोगों ने यहां पर मांस तक फेंकना शुरू कर दिया। यहीं नहीं बल्कि लोग इस स्थान पर खड़े होकर पेशाब करते हैं जिसका दुष्प्रभाव उनके परिवारों पर पड़ रहा है। जिसके चलते आसपास के सभी लोगों ने साफ-सफाई करके हनुमान की मूर्ति स्थापित करके इसे पावन स्थान बनाने का प्रयास किया।
इधर दूसरे पक्ष के कामरेड गणपत राम बगैरा का आरोप है कि वह गन्दगी कहां फेंके। जबकि पिछले 25 सालों से यहां कूड़े का डिपू बना हुआ है। इस मामले को लेकर दोनों पक्ष आमने-सामने आ गये। यहां तक कि दोनों पक्षों की महिलाएं भी सड़कों पर आ गईं। तनाव की स्थिति और मंदिर के अवैध निर्माण को लेकर मौका पर उपमंडलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल तथा नायब तहसीलदार हरि ओम बिश्नोई दल बल के साथ मौका पर पहुंचे। लेकिन जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों ने हनुमान की मूर्ति को हटवाने का प्रयास किया तो श्रद्धालु महिलाएं वहां डट गईं और उन्होंने मूर्ति को चारों ओर से घेर लिया और साथ में चेतावनी दी कि मूर्ति उनकी लाशों के ऊपर से ही उठेगी। मामले को सुलझाने के लिए उपमंडलाधीश ने अग्रवाल पीरखाना में वार्ड नं. 13, 14, 15 के लोगों की एक बैठक बुलाई और उसमें बताया कि सुप्रीम कोर्ट के नवम्बर 2009 के निर्णय अनुसार किसी भी सार्वजनिक स्थान पर अवैध रूप से मंदिर का निर्माण करवाना गैरकानूनी है और सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्पष्ट रूप से हिदायतें दी गई हैं कि इस अवैध निर्माण को तुरन्त प्रभाव से गिरा दिया जाये वरना वह सभी लोग दोषी होंगे जो इस अवैध निर्माण को देखेंगे।
उन्होंने यह भी बताया कि बठिंडा रोड़ पर स्थित रामभक्त हनुमान मंदिर को भी तोडऩे के आदेश आ चुके हैं। इसे भी कुछ दिनों में गिराया जा सकता है। राम भक्त हनुमान मंदिर प्रबंधक समिति को स्वयं ही मंदिर को हटवा लेेने के लिए कहा गया है। इस मौके पर उन्होंने वार्ड नं. 14 में ताजा स्थापित की गई मूर्ति को हटवाने के लिए 14 मैम्बरी कमेटी का गठन किया। जिसमें पार्षद विनोद बांसल, पार्षद मधु बागड़ी, पार्षद सुरजीत चावला के साथ-साथ सीता राम सिंगला, साहब राम पुहाल, रामरख, चित्रगुप्त छाबड़ा, प्रवीन सिंगला, डॉ. भारत भूषण छाबड़ा, विजय छाबड़ा, संजय कुमार, गणपत राम, आशा वाल्मीकि और कृष्ण कुमार को मनोनित किया गया। लेकिन जब मूर्ति को हटाने का समय आया तो इस क मेटी के अधिकांश सदस्य मौका से फरार हो गये और कहने लगे कि वह अपने हाथों से स्थापित की गई मूर्ति को किसी भी कीमत पर हटा कर पाप नहीं लेंगे। इस मौके पर तनाव की स्थिति इतनी बढ़ गई कि उपमंडलाधीश तो इस मामले को बीच में ही छोड़ कर चले गये। लेकिन दोनों पक्षों की महिलाएं आमने-सामने आ गईं। समय रहते थाना शहर प्रभारी विक्रम नेहरा, थाना सदर प्रभारी भगवान दास और उनके साथियों ने स्थिति को नियंत्रण मेें कर लिया। अन्तत: काफी लम्बे विवाद के बाद करीब 2 बजे दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हो गये कि मूर्ति को सम्मान सहित हटा कर वाल्मीकि मंदिर में पहुंचा दिया जाये। इस स्थान पर कोई भी कूड़ा नहीं फेंकेगा। बल्कि यहां खड़ी की गई रेहडिय़ों में कूड़ा डाल देगा। पुन: उपमंडलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल ने मामले को अपने हाथ में लिया और दोनों पक्षों में अपने कार्यालय में बुलाया। वहां पर मामले को सुलझाने के बाद नायब तहसीलदार हरिओम बिश्नोई तथा डीएसपी बाबू लाल के नेतृत्व में मूर्ति को वहां से हटा कर सम्मानपूर्वक वाल्मीकि मंदिर में भेज दिया। वाल्मीकि समाज के साहब राम पुहाल ने कहा कि इस मूर्ति को यहां स्थापित करवायेंगे।

हिल गई डबवाली

डबवाली (लहू की लौ) गुरूवार रात को एक सीनेटरी शॉप में जोरदार विस्फोट हुआ। विस्फोट से उठी आग की लपटों की चपेट में आकर दो जनें घायल हो गए।  दुकान का सामान और एक बाईक जल गया। आस-पास की दुकानों को भी नुक्सान पहुंचा। पुलिस ने सम्पत्ति को नुक्सान पहुंचाने के आरोप में चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। फिलहाल विस्फोट में प्रयुक्त किए गए पदार्थ का पता नहीं चल सका है।
राष्ट्रीय राजमार्ग नं. 10 पर स्थित वैद्य उत्तम चन्द वाली गली में सीनेटरी शॉप मै. हंसराज भूषण कुमार पर गुरूवार रात करीब 10.55 पर जोरदार धमाका हुआ। जिससे दुकान के परखच्चे उड़ गए। दो दुकानों पर लगे शट्टर दुकान से करीब पंद्रह फुट की दूरी पर राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की दीवार के पास जाकर गिरे। दुकानों के भीतर की दीवारें तहस-नहस हो गई। मौका पर पहुंची दमकल गाडिय़ों ने धमाके बाद उठी आग पर काबू पाया। विस्फोट से साथ पड़ती दुकानों में भी दरारें आ गई। सूचना पाकर मौका पर थाना शहर पुलिस के प्रभारी एसआई विक्रम नेहरा, गोल बाजार पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई कृष्ण कुमार अपने दलबल सहित पहुंचे।
मामले की जांच कर रहे गोल बाजार पुलिस चौकी के प्रभारी एएसआई कृष्ण कुमार ने बताया कि गुरूवार रात को उन्हें सूचना मिली कि वैद्य उत्तम चन्द वाली गली में एक सीनेटरी शॉप पर धमाका हुआ है और आग लगी हुई है। दो लोग खून से लथपथ सड़क पर पड़े हैं। वे मौका पर पहुंचे उस समय दुकान के भीतर पड़े सामान और सड़क पर गिरी पड़ी एक बाईक को आग लगी हुई थी। दो दुकानों के शट्टर करीब पंद्रह फुट की दूरी गिर पड़े मिले। जबकि घायल वहां से गायब थे।
जांच अधिकारी के अनुसार दुकान मालिक राकेश कुमार (31) निवासी डबवाली ने पुलिस को दिए ब्यान में कहा है कि वह रात को करीब 8.30 बजे दुकान मंगल करके घर गया था। रात को करीब 11 बजे उसे पता चला कि उसकी दुकान में विस्फोट हुआ है और दुकान में पड़े सामान को आग लगी हुई है तथा साथ में वहां खड़ी एक बाईक भी जल रही है। सूचना पाकर वह मौका पर पहुंचा।
शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए ब्यान में यह भी बताया पिछले दो वर्षों से दुकान के कब्जे को लेकर उनका वेदप्रकाश पुत्र मोहन लाल, अमित उर्फ धन्ना, नरेन्द्र उर्फ लीला पुत्रान वेदप्रकाश निवासी डबवाली से झगड़ा चल रहा है और यह विवाद अदालत में विचाराधीन है। ये लोग उसे कई बार धमकियां दे चुके हैं और करीब चार-पांच माह पूर्व उनकी दुकान पर आकर कब्जे का प्रयास भी कर चुके हैं। उसे संदेह है कि इन्हीं लोगों ने रात को विस्फोट करके उसकी दुकान को उड़ाने का प्रयास किया।
थाना शहर पुलिस डबवाली ने राकेश के ब्यान पर वेदप्रकाश पुत्र मोहन लाल, अमित उर्फ धन्ना, नरेन्द्र उर्फ लीला पुत्रान वेदप्रकाश  निवासी डबवाली तथा एक अन्य युवक सोनू के खिलाफ धारा 436/34 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
एएसआई के अनुसार विस्फोट में घायल होने वाले के नाम अमित   तथा सोनू बताया जाता है। पुलिस को मालूम हुआ है कि घायलों को बठिण्डा लेजाया गया है।
इधर घायलों को बठिण्डा लेजाने वाले मां जगदम्बा वैल्फेयर क्लब डबवाली की एम्बूलैंस के चालक राजू ने मोबाइल पर बताया कि इस समय वह चण्डीगढ़ में है। वह शुक्रवार सुबह 4.30 बजे राज अस्पताल, किलियांवाली से मोटरसाईकिल को आग लगने से घायल हुए युवकों को लेकर बठिण्डा के डॉ. कैलाश गोयल के अस्पताल में दाखिल करवाकर आया है।
बठिण्डा के डॉ. कैलाश गोयल के पास दाखिल अमित उर्फ धन्ना (40) पुत्र वेदप्रकाश निवासी नजदीक पुराना पोस्ट ऑफिस, डबवाली ने संवाददाता से बातचीत करते हुए बताया कि उसकी टांग में फ्रेक्चर आया है। उसके चाचा दर्शन कुमार ने पहले उसे राज अस्पताल, मण्डी किलियांवाली में दाखिल करवाया था। बारिश की वजह से रात को 10.30 बजे उसका मोटरसाईकिल पुराना बस स्टैण्ड के निकट गिर जाने से उसे चोट लगी। जबकि इसी अस्पताल में उपचाराधीन सोनू (19) पुत्र गोरीशंकर निवासी डबवाली ने बताया कि वह धनराज की करियाणा की दुकान पर काम करता है। डबवाली के पुराना बस स्टैण्ड रोड़ पर मोटरसाईकिल को आग लगने का हादसा होने के कारण वह घायल हो गया। आग कैसे लगी उसे मालूम नहीं।

धमाके की गूंज पंजाब में भी

डबवाली (लहू की लौ) वैद्य उत्तम चन्द वाली गली में एक सीनेटरी की दुकान में विस्फोट की सूचना जैसे ही शुक्रवार सुबह नगर के लोगों को मिली तो इस घटना को देखने के लिए लोगों का हजूम सुबह से ही जमा हो गया। विस्फोट की जांच के लिए सीन ऑफ क्राईम तथा फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम मौका पर पहुंची। सीन ऑफ क्राईम के प्रभारी डॉ. जोगिन्द्र सिंह ने अपनी टीम के साथ घटना स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने बताया कि विस्फोट होने से इंकार नहीं किया जा सकता। लेकिन विस्फोट में किस रासायनिक पदार्थ का प्रयोग किया गया जिससे धमाके के साथ दुकान में आग लगी। फिलहाल इसकी जांच चल रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घटना स्थल से जले हुए मोटरसाईकिल, आरओ, दुकान के भीतर पड़े जले हुए गत्ते सहित चार नमूने लिए गए हैं। जिन्हें जांच के लिए मधुबन भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है। इस मौके पर फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट रोशन लाल भी उपस्थित थे।
हादसे से यहां डबवाली शहर हिला, वहीं इसकी गूंज पंजाब में भी सुनाई दी। घटना पंजाब राज्य की सीमा तथा पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के गांव बादल के नजदीक होने के कारण पंजाब गुप्तचर विभाग के कर्मचारी भी मौका पर पहुंचे और आवश्यक जानकारी जुटाई। बीते शनिवार को बठिण्डा के जोगीनगर इलाके में भी इसी तरह का एक विस्फोट हुआ था। नछत्तर सिंह के दो मंजिला मकान में हुए विस्फोट में नछत्तर सिंह, उसकी माता सदावंती, बेटियों रजनी और गगनदीप, किराएदार नफीस अहमद की चार वर्षीय बेटी अर्शला और गली से गुजरती सुरभि की मौत हो गई थी। पंजाब गुप्तचर विभाग बठिण्डा विस्फोट और डबवाली विस्फोट दोनों को एक जैसा मानकर अपनी कार्रवाई आगे बढ़ा रहा है।

विस्फोट से दहशत का माहौल

डबवाली (लहू की लौ) स्वतंत्रता दिवस को देखते हुए हरियाणा में रेड अलर्ट चल रहा है। लेकिन 12 अगस्त की रात को पुराना बस स्टैण्ड रोड़ पर हुए धमाके ने नगर में दहशत फैला दी। धमाका इतना जोरदार था कि एक किलोमीटर वर्ग क्षेत्र में इसकी गूंज सुनाई दी।
धमाका स्थल मै. हंसराज भूषण कुमार की सीनेटरी दुकान के पड़ौसी और पुराना बंस स्टैण्ड रोड़ के निवासी रिशव (26) ने बताया कि जैसे ही उन्होंने विस्फोट को सुना, तो उनके घर के सभी लोग दहल उठे और एकदम बाहर निकले। देखा कि सीनेटरी की दुकान में आग लगी हुई है और दुकान के बाहर खड़ी एक बाईक जल रही है। इसकी जानकारी देने के लिए वह स्वयं दुकान के मालिक राकेश कुमार के घर गया और उसे बुलाकर लाया। उसके अनुसार घटना करीब 10.55 मिनट की है।
घटना के दूसरे प्रत्यक्षदर्शी सोहन सिंह (57) ने बताया कि धमाके की आवाज सुनकर वह अपने घर से बाहर आया, तो देखा कि दो युवक राकेश की दुकान के पास से उसकी तरफ बढ़ रहे हैं। ये युवक एक-दूसरे को सहारा देकर उसके पास पहुंचे। जोकि खून से लथपथ थे। एक घायल युवक ने उससे कपड़ा मांगा। इसी दौरान एक व्यक्ति सफेद रंग के वाहन पर आया और दोनों घायलों को ले गया। दुकान के बिल्कुल पीछे स्थित कुएं वाली गली के निवासी रेशम सिंह (57) ने बताया कि वह अपने परिवार के साथ सो रहा था। रात को करीब 10.55 पर धमाका हुआ। उसे लगा जैसे उसके घर में धमाका हुआ है। वह घर की छत पर गया तो देखा कि वैद्य उत्तम चन्द वाली गली की एक दुकान से आग की लपटें निकल रही हैं।
घटना स्थल के पड़ौसी मनियारी के दुकानदार गुरनाम सिंह (55) ने बताया कि पड़ौसी सोहन सिंह से सूचना पाकर वह मौका पर पहुंचा। उसने देखा कि उसकी दुकान का शट्टर भी उखड़ा हुआ है। दुकान के भीतर दरारें आई हुई हैं।कुएं वाली गली के निवासी बलजिन्द्र सिंह (45) ने बताया कि धमाका बड़ा जबर्दस्त था। यूं लगा जैसे भूकंप आया है। वह अपने घर की छत्त पर जा चढ़ा। वैद्य उत्तम चंद वाली गली में आग की लपटें देखी। वह मौका पर गया तो देखा कि फायर ब्रिगेड आग बुझाने में लगी हुई है।

पुलिस की नजर में व्यक्तिगत रंजिश का मामला

डबवाली (लहू की लौ) वैद्य उत्तम चंद वाली गली में हुए धमाके को पुलिस व्यक्तिगत रंजिश मानकर चल रही है। लेकिन धमाके में प्रयुक्त किए गए पदार्थ के बारे में मौन है। लोग धमाके को लेकर सहमे हुए हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए राकेश कुमार (31) पुत्र हंसराज निवासी वार्ड नं. 3, नजदीक श्री वैष्णों माता मंदिर ने बताया कि वह मै. हंसराज भूषण कुमार के नाम से सीनेटरी फिटिंग, पाईप फिटिंग आदि की दुकान करता है। यह दुकान काफी समय से उनके पास एमएन शर्मा सोलन हिमाचल प्रदेश से किराए पर ली हुई है। अब यह दुकान वेदप्रकाश पुत्र मोहन लाल निवासी डबवाली ने खरीद ली थी। करीब दो वर्ष पहले वेदप्रकाश बगैरा ने उन्हें दुकान खाली करने के लिए कहा था। जिस पर उसने अदालत में दावा कर दिया। दुकान का स्टे अदालत से उसे मिला हुआ है। डबवाली अदालत में उसका केस विचाराधीन है।
उसने आगे बताया कि 12 अगस्त 2010 की रात को करीब 8.30 बजे वह अपनी दुकान बंद करके ताले लगाकर अपने घर चला गया था और रात को करीब 11 बजे पड़ौसियों ने आकर बताया कि उसकी दुकान में धमाका हुआ है और आग लगी हुई है। इस पर वह और लीला पुत्र रतन लाल मौका पर आए तो देखा कि उसकी दुकान के दोनों शट्टर बाहर पड़े हैं, सामान बिखरा हुआ है। दुकान के पीछे के शट्टर व छत्त भी उड़ी हुई है और आग लगी हुई है। इतनी देर में दमकल विभाग की गाड़ी आ गई और आग को बुझाया। उनके अनुसार उनकी दुकान के बाहर सामने गली में दूसरे किनारे पर एक मोटरसाईकिल हीरो होंडा बुरी तरह जली हुई हालत में पड़ा है और दुकान के आगे चप्पल पड़ी है। उसे पता चला कि इस हादसे में अमित कुमार पुत्र वेदप्रकाश गुप्ता और अमित का नौकर सोनी उर्फ सोनू को चोटें लगी हैं। घायल अवस्था में वह राज अस्पताल डबवाली में दाखिल है। उसने कहा कि उसे संदेह है कि अमित गुप्ता व उसके नौकर सोनी ने उसकी दुकान को किसी विस्फोटक पदार्थ से धमाका करके आग लगाकर उसे नुक्सान पहुंचाया है। इस हादसे में वेदप्रकाश पुत्र मोहन लाल, नरेन्द्र कुमार उर्फ लीला पुत्र वेदप्रकाश का भी हाथ है।
शिकायतकर्ता के अनुसार उसने इसकी सूचना पुलिस को दे दी है और उसने पुलिस ने आरोपियों से अपनी जान-माल की सुरक्षा भी मांगी है।
इस संदर्भ में थाना शहर प्रभारी एसआई विक्रम नेहरा ने बताया कि वेदप्रकाश बगैरा से राकेश कुमार बगैरा का दुकान के कब्जे को लेकर विवाद चल रहा है और फिलहाल मामला दर्ज करके इस पूरे प्रकरण की जांच एएसआई कृष्ण कुमार द्वारा की जा रही है।

11 अगस्त 2010

तूड़ी में छुपा रखी थी चोरी की गेहूं

डबवाली (लहू की लौ) पांच माह पूर्व डबवाली की दो आढ़ती फर्मों के गोदामों से हजारों रूपए की सरसों व गेहूं चोरी करने के मामलों की परतें पुलिस ने उधेडऩी शुरू कर दी हैं। पुलिस ने चोर गिरोह का केवल सुराग ही नहीं लगाया, बल्कि इस गिरोह के एक और सदस्य को काबू करके उससे 27 गट्टे गेहूं तथा तीन गट्टे सरसों के बरामद करने में सफलता अर्जित की है।
थाना शहर पुलिस के प्रभारी उपनिरीक्षक विक्रम नेहरा ने बताया कि मार्च 2010 में रामचन्द्र पुत्र अमरनाथ बांसल ने पुलिस में एक मामला दर्ज करवाकर आरोप लगाया था कि कबीर बस्ती के नजदीक स्थित उसके गोदाम का ताला तोड़कर अज्ञात व्यक्ति करीब 52 गट्टे गेहूं चुरा ले गए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज करने के बाद आरोपियों की तालाश जोर-शोर से शुरू कर दी थी। इस संबंध में जांच का कार्य सहायक उपनिरीक्षक सूबे सिंह यादव को सौंपा गया।
उन्होंने बताया कि सहायक उपनिरीक्षक सूबे सिंह यादव ने मुखबरी के आधार पर 8 अगस्त 2010 को राजस्थान के नगर हनुमानगढ़ की सुरेशा बस्ती के काला उर्फ गुरचरण पुत्र किरपाल सिंह के घर छापामारी करके मौका से 27 गट्टे गेहूं बरामद कर लिए। जोकि तूड़ी में दबाए हुए थे। इसके साथ ही काला को गिरफ्तार भी कर लिया। मौका पर गेहूं मालिक रामचन्द्र पुत्र अमरनाथ बांसल से शिनाख्त भी करवाई गई।
थाना शहर प्रभारी के अनुसार 21 अप्रैल 2010 को भी इसी पुलिस ने कृष्ण पुत्र जोगिन्द्र निवासी सुरेशा बस्ती हनुमानगढ़ को गिरफ्तार किया था। उस समय तीन गट्टे गेहूं के बरामद किए गए थे। इस प्रकार कुल 30 गट्टे बरामद हो चुके हैं। जबकि 22 अन्य गट्टे बरामद करने के लिए पुलिस ने काला उर्फ गुरचरण का पुलिस रिमांड भी डबवाली की अदालत से प्राप्त किया। मंगलवार को उसे फिर अदालत में रिमांड समाप्त होने पर पेश किया। अदालत ने आरोपी को न्यायिक हिरसत में भेज दिया।
पुलिस के समक्ष रिमांड के दौरान काला ने स्वीकार किया कि इस वारदात में उसके आठ अन्य सहयोगी भी हैं। अब पुलिस उन आठ अन्य सहयोगियों को पकडऩे के लिए दबिश दे रही है और पुलिस को उम्मीद है कि अन्य 22 गट्टे फरार आरोपियों से बरामद हो सकेंगे।
नेहरा के अनुसार 8 अगस्त को पकड़े गए काला उर्फ गुरचरण से पुलिस ने चोरी के तीन गट्टे सरसों भी बरामद किए हैं। उन्होंने बताया कि 5-6 अप्रैल 2010 को थाना शहर पुलिस ने आढ़ती फर्म डिप्टी सरूप एण्ड संज के मालिक रमेश मित्तल की शिकायत पर उसके नई अनाज मण्डी बी-ब्लॉक में स्थित गोदाम से 36 गट्टे गेहूं चोरी करने का मामला दर्ज करके आरोपियों की तालाश शुरू की थी। मामले की जांच सहायक उपनिरीक्षक कैलाश चन्द्र कर रहे हैं। अभी तक सरसों चोरी में छह जनें गिरफ्तार किए जा चुके हैं। इससे पूर्व गिरफ्तार किए गए पांच जनों के नाम कृष्ण (28), मलखान (55), मान सिंह (30), गोबिंद (19), शशि कपूर (20) निवासीगण सुरेशा बस्ती, हनुमानगढ़ हैं। अब तक पुलिस आरोपियों से 21 गट्टे सरसों पकड़ चुकी है। जबकि अन्य आरोपी इस मामले में अभी भी फरार हैं। गेहूं और सरसों चोरी मामलों की कड़ी एक-दूसरे से मिलती-जुलती है और दोनों ही मामलों में कुछ आरोपी सांझे हैं।

सरे बाजार लड़की ने नोटों से भरा थैला उड़ाया

डबवाली (लहू की लौ) थाना शहर से कुछ दूरी पर ही स्थित एक पेस्टीसाईडस की दुकान के बाहर खड़े किसान के मोटरसाईकिल पर लटक रहे हजारों रूपए से भरे थैले अप-टू-डेट लड़की उड़ा ले गई। किसान को इसकी जानकारी दस मिनट बाद मिली। घटना मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे की है।
गांव अहमदपुर दारेवाला के किसान बस्सन सिंह (55) पुत्र भजन सिंह ने बताया कि वह स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एण्ड जयपुर की डबवाली शाखा से चालीस हजार रूपए की नकदी निकलवा कर अनाज मण्डी में गया था और बाद में बस स्टैण्ड के पास स्थित राधेश्याम एण्ड संस की पेस्टीसाईड की दुकान से उसने कीड़ेमार दवा खरीदी और इस दौरान उसने अपने मोटरसाईकिल पर लटके थैले को गायब पाया। उसे पता चला कि मोटरसाईकिल पर लटक रहे थैले को एक पेंट-शर्ट पहनी लड़की चुरा ले गई है।
किसान के मुताबिक थैले में चालिस हजार रूपए की नकदी, कुछ आवश्यक कागजात थे। उसने इसकी सूचना थाना शहर पुलिस को दी। सूचना पाकर थाना शहर प्रभारी उपनिरीक्षक विक्रम नेहरा ने तुरंत किसान के साथ आरोपी को ढूंढने के लिए सहायक उपनिरीक्षक सत्यनारायण को भेजा। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक लड़का और एक लड़की घटना से आधा घंटा पूर्व राधेश्याम एण्ड संस की दुकान के आस-पास मंडरा रहे थे और उस समय किसान का मोटरसाईकिल भी दुकान के बाहर खड़ा था। इसी दौरान लड़की फलों वाली रेहड़ी के पास आकर खड़ी हो गई और लड़का पास ही एक करियाणा की दुकान के नजदीक खड़ा हो गया। जैसे ही किसान ने अपना थैला मोटरसाईकिल पर लटकाया तो तुरंत लड़के ने लड़की को इशारा किया और लड़की मोटरसाईकिल के पास पहुंच गई। उसने फूर्ती से थैला उठाया और फुर्र हो गई। कुछ समय बाद किसान को पता चला कि मोटरसाईकिल पर लटका थैला गायब है। उसने शोर मचाया। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बताया जाता है कि बस स्टैण्ड रोड़ पर इस वारदात को अंजाम देने वाला एक गिरोह घूम रहा है। इस गिरोह में दो लड़कियां 14-15 वर्ष की हैं। जबकि दो लड़के 20-22 वर्ष के भी हैं। लड़के इशारा करके लड़कियों से ऐसी वारदातों को अंजाम दिलाते हैं।
इस संदर्भ में थाना शहर प्रभारी उपनिरीक्षक विक्रम नेहरा से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि पीडि़त किसान शिकायत लेकर उसके पास आया था और उसने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी को खोजने का प्रयास किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं के प्रति लोगों का भी दायित्व है कि वे सतर्क रहें और बिना समय गवाएं इस प्रकार की घटना की सूचना पुलिस को दें। अगर कोई अजनबी घूमता हुआ किसी को दिखाई दे, तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दे।

विस्फोट मामले की होगी जांच-बादल

बठिंडा (सिगला/शर्मा) मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल मंगलवार को जोगीनगर पहुंचे। यहां उन्होंने शनिवार को हुए विस्फोट में मारे गए लोगों के परिजनों को ढांढस बंधाया। पीडि़त परिवारों को सहायता राशि के चैक भी दिए। मुख्यमंत्री बादल ने विस्फोट वाली जगह का जायजा लिया। बाद में उन्होंने विस्फोट में मारे गए नछत्तर सिंह की पत्नी कर्मजीत को चार लाख, बलवंत सिंह को पच्चीस हजार, विजय कुमार को एक लाख, नफीस अहमद को एक लाख पच्चीस हजार, सुरेश कुमार को पचास हजार, सुरमान सिंह को पचास हजार की सहायता राशि का चैक दिया। इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने मृतकों के बच्चों की पढ़ाई नि:शुल्क करवाए जाने की भी घोषणा की। इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए बादल ने कहा कि यह बहुत दु:खदायी घटना है। विस्फोट मामले की जांच कराई जाएगी। मानसा रोड़ के पुल का उद्घाटन 16 अगस्त को किया जाएगा। इस अवसर पर सरूप चंद सिंगला, उपायुक्त गुरू किरतकृपाल सिंह, एसडीएम केपीएस माही, एसएसपी सुखचैन सिंह गिल व जगदीश बिश्नोई मौजूद थे।

10 अगस्त 2010

सफाई कर्मचारियों ने15 अगस्त को दी हड़ताल पर जाने की धमकी

डबवाली (लहू की लौ) नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों ने राष्ट्रीय त्यौहार 15 अगस्त को हड़ताल पर चले जाने की धमकी दी है। आरोप है कि सफाई कर्मचारियों को तीन माह का वेतन नहीं मिला और न समय उनका पीएफ जमा होता है।
सोमवार को नगरपालिका के सफाई कर्मचारियों ने नगरपालिका की सफाई शाखा के समक्ष धरना दिया और अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी की। सफाई कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष शाम लाल ने बताया कि वेतन के लिए वे नगरपालिका अधिकारियों के पिछले तीन माह से चक्कर काट रहे हैं। लेकिन उन्हें वेतन नहीं दिया जा रहा। समय पर पैगार न मिलने के कारण उन्हें केवल खाद्य पदार्थों की उधार चुकाने में मुश्किल आ रही है, बल्कि इसके साथ ही बच्चों की फीसें भरने में भी उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। वे ब्याज पर माल खरीदकर अपना तथा अपने परिवारों का पेट पाल रहे हैं।
सफाई कर्मचारी चत्तर सिंह, सुनील कुमार, सतीश, कमल, जगदीश, ओमप्रकाश, प्रकाशो देवी, दर्शना देवी, कमला रानी ने आरोप लगाया कि उनकी बैंक लोन की किश्तें भी समय पर अदा नहीं की जाती। जिसके चलते उन पर बैंक का ब्याज अलग से पड़ रहा है। जबकि इन किश्तों को उन्हें वेतन देते समय काट लिया जाता है। उनकी 11-11 माह की किश्तें अभी तक अदा नहीं की गई हैं। सफाई कर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी भी की।
सफाई कर्मचारियों की ओर से सफाई शाखा पर धरना दिए जाने की सूचना पाकर नपा के कार्यकारी सचिव रामनिवास शर्मा मौका पर पहुंचे। उन्होंने सफाई कर्मियों को समझाया-बुझाया। उन्होंने आश्वासन दिया कि शुक्रवार तक सफाई कर्मियों का एक माह का वेतन उनके खातों में जमा करवा दिया जाएगा।  आश्वासन पाने के बाद कर्मचारी शांत हुए और धरना उठा लिया। हालांकि सफाई कर्मियों ने चेतावनी दी कि अगर ऐसा न हुआ तो वे राष्ट्रीय त्यौहार 15 अगस्त को हड़ताल पर चले जाएंगे। जिसकी जिम्मेवारी पालिका प्रशासन की होगी।

कांग्रेसियों ने स्वतंत्रता सेनानियों को याद किया

डबवाली (लहू की लौ) भारत छोड़ो आंदोलन की 68वीं वर्षगांठ पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी तथा अन्य स्वतन्त्रता सेनानियों को याद करते हुए ब्लाक कांग्रेस शहरी द्वारा अग्रवाल धर्मशाला मे एक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक मे ब्लाक कांग्रेस ग्रामीण, कांग्रेस सेवादल, हल्का युवा कांग्रेस, शहर युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओ ने भाग लिया। इस बैठक मे सभी कार्यकर्ताओ ने गांधीजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किए तथा वक्ताओ ने भारत छोड़ो आन्दोलन के बारे मे जानकारी दी। इस सभा को बख्तावरमल दर्दी, प्रकाश चन्द बांसल, महाशा कुन्दनलाल, डा.भारत भूषण छाबड़ा, कर्मचन्द शर्मा, सन्दीप चौधरी, साहबराम पुहाल, केशव शर्मा, डा.सुरेन्द्र मदान आदि वक्ताओ ने सभी स्वतन्त्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी। मंच संचालन विनोद बांसल ने किया। इस मौके पर ब्लाक शहरी प्रधान पवन गर्ग, ब्लाक ग्रामीण प्रधान दरबारा सिंह, पूर्व प्रधान रामजी लाल, नवरतन बांसल, बलदेव राज शर्मा, बिशम्बर दयाल मैहता, जिला महासचिव मदन भांभू, गुरतेज सोनी, हेमराज जिन्दल, सुरेन्द्र सिंह ठेकेदार, ओमप्रकाश वधवा, ईश्वर दयाल गांधी, रमेश बागड़ी, गीता चौहान, बिन्दिया महन्त, हरनेक सिंह, जगदीप सूर्या, ओमप्रकाश बागड़ी, राकेश बब्बर,राजेन्द्र जैन, रविन्द्र गर्ग, संजय मिढा, चित्रगुप्त छाबड़ा, युवा हल्का प्रधान कुलदीप सिंह, शहरी युवा प्रधान अमन भारद्वाज, रविन्द्र बिन्दु, दीपक बाबा, डा.संतोष अरोड़ा, शिव नारायण मोटन, भारत भूषण सिंगला, बिमला महाशा, पवन रेगर, दर्शन गोयल, मनवीर मान, कुलदीप सूर्या, चंचल कम्बोज, सतपाल सिंह, विजय बांसल, सुखमन्दर प्रधान, रघुवीर सिंह, सन्नी बत्तरा सहित सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित थे।

भू-माफिया के खिलाफ बिफरे लोग

डबवाली (लहू की लौ) प्लाटो पर अवैध कब्जे को लेकर प्लाट बचाओ संघर्ष समिति के सदस्यों ने सोमवार को उपमण्डलाधीश कार्यालय के समक्ष जमकर नारेबाजी की। समिति के सदस्यों ने उपमण्डलाधीश को एक ज्ञापन भी दिया।
समिति के अध्यक्ष एसडी कपूर ने बताया कि डबवाली में भू-माफियों ने प्लाट धारकों की जमीनों पर कब्जे कर रखे हैं और भू-माफिया मालिक बनकर उन्हें आगे बेच रहा है। इसकी जांच के लिए उन्होंने चार माह पूर्व उपमण्डलाधीश को ज्ञापन दिया था। जिस पर उन्होंने नायब तहसीलदार हरिओम बिश्नोई को जांच अधिकारी नियुक्त किया था। लेकिन इसके बावजूद भी जांच का काम अभी तक अधूरा है और प्लाट मालिक अपना हक पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्लाट धारक भू-माफिया के खिलाफ शपथ-पत्र भी दे चुके हैं। इस संदर्भ में उपमण्डलाधीश डॉ. मुनीश नागपाल से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि मामले की जांच चल रही है। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए, जो भी जांच में दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

बेहतर जनसेवा व स्थाई रोजगार के नारे के साथ सर्वकर्मचारी संघ का जत्था रोहतक रवाना

डबवाली (लहू की लौ) भारत छोड़ो आंदोलन की 68वीं वर्षगांठ पर सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा की ओर से बेहतर जनसेवा व स्थाई रोजगार के नारों के साथ जनजागरण अभियान शुरू किया गया। सोमवार को इस अभियान की शुरूआत उपमण्डल डबवाली के गांव अबूबशहर से की गई। जत्थे का नेतृत्व संघ के वरिष्ठ उपप्रधान सरबत सिंह पूनियां, कोषाध्यक्ष सीएन भारती एवं राज्य कमेटी के सदस्य अशोक कुमार कर रहे हैं। अभियान की शुरूआत से पूर्व जनसभा की गई। जिसमें कच्चे-पक्के कर्मचारियों के अतिरिक्त सैंकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। जनसभा को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने सरकार की नीतियों को विस्तार से खोल कर रखा। जनता से आह्वान किया कि वे राजनेताओं से पूछें कि जनता की सेवा के लिए खड़े किए गए सार्वजनिक क्षेत्र के महकमे शिक्षा, परिवहन, बिजली, स्वास्थ्य व जनस्वास्थ्य आदि के बारे में विस्तार की बजाए सिकुड़ क्यों रहे हैं। सीएन भारती ने कहा कि तीस हजार के लगभग अध्यापकों के पद खाली पड़े हैं। शिक्षा अधिकार कानून लागू होने से बीस हजार नए अध्यापकों के पद बनते हैं, उनके अतिरिक्त विद्यालयों में हजारों की संख्या में लिपिक व चतुर्थ श्रेणी के पद खाली पड़े हैं। पूनियां के अनुसार हरियाणा की सवा दो करोड़ जनता व पौने सात हजार गांवों को देखते हुए परिवहन बेड़े में कम से कम आठ हजार बसों की आवश्यकता है। इन बसों के आने से जहां जनता को परिवहन की पूरी सुविधा मिलेगी। वहीं पचास हजार नवयुवकों को ड्राईवर, कंडक्टर, मैकेनिक आदि के रूप में रोजगार मिलेगा। कर्मचारी नेता ने कहा कि सरकार की योजना पानी तक को बेचने की है। सरकार ग्रामीण वाटर वक्र्स को धन्ना सेठों को बेचने जा रही है।
पूनियां ने बताया कि सर्व कर्मचारी संघ 22 अगस्त को मुख्यमंत्री के गृह जिला रोहतक में रैली करने जा रहा है। रैली के लिए आज के दिन पूरे प्रदेश से चार जत्थे चले हैं। अबूबशहर के अतिरिक्त कालका, हौडल तथा नांगल चौधरी से चले ये जत्थे प्रदेश वासियों को जागरूक करते हुए रैली में भाग लेंगे।
अबूबशहर से शुरू हुआ जत्था डबवाली, गांव खुईयांमलकाना, औढ़ां, बड़ागुढ़ा, फतेहपुरिया और जोधपुरिया में पहुंचा। जत्थे में सर्व कर्मचारी संघ जिला सिरसा कमेटी के जिला प्रधान सोहन सिंह रंधावा, सचिव प्रेम शर्मा, वरिष्ठ उपप्रधान रमेश मजोंका, नंदन सिंह, करणी सिंह, सुरजीत सिंह बेदी आदि शामिल हैं।

महिला को शराबी से लिफ्ट लेनी महंगी पड़ी

डबवाली (लहू की लौ) एक महिला को शराबी से लिफ्ट लेना उस समय महंगा पड़ा जब मोटरसाईकिल चालक ने मोटरसाईकिल को एक बैलगाड़ी की बीच दे मारा और महिला को मुंह तुड़वा कर अस्पताल जाना पड़ा। घायल रानी (45) पत्नी प्रकाश निवासी गंगा ने बताया कि वह अपनी बेटी सोमा पत्नी सुक्खा कंगड़खेड़ा (सिरसा) को मिल कर रविवार रात को डबवाली लौटी थी। लेकिन उसे डबवाली बस अड्डा से गंगा के लिए कोई बस न मिली तो उसने एक मोटरसाईकिल को हाथ देकर रूकवा लिया और गांव गंगा तक के लिए लिफ्ट  मांगी। लेकिन मोटरसाईकिल चालक ने कहा कि वह तो जलालआना जा रहा है तो उसने कहा कि कि वह उसे डबवाली गांव तक छोड़ दे।
उसके अनुसार उनका मोटरसाईकिल जैसे ही डबवाली गांव के पास पहुंचा तो आगे जा रही बैलगाड़ी से टकरा गया। जिससे वह और मोटरसाईकिल चालक घायल हो गये। जिन्हें घायल अवस्था में पुलिस एम्बुलैंस ने अस्पताल पहुुंचाया।
थाना शहर पुलिस के हवलदार तथा जांच अधिकारी जयसिंह ने बताया कि मोटरसाईकिल चालक का नाम लखविन्द्र (33) पुत्र मिट्ठू सिंह निवासी जलालआना है। दोनों को प्राथमिक उपचार के बाद सिरसा सिविल अस्पताल में ले जाया गया। मोटरसाईकिल चालक दुर्घटना के समय शराबी था। पुलिस को दोनों ने इस घटना को इत्तफाकिया बताते हुए कोई भी कार्यवाही करवाने से इंकार कर दिया।

पति और सास से तंग आकर विवाहिता ने फांसी खाई

डबवाली (लहू की लौ) पति और सास से तंग आकर एक विवाहिता ने फांसी खा कर जान दे दी। थाना लम्बी के प्रभारी एसआई हरिन्द्र सिंह चमेली ने बताया कि डबवाली उपमंडल के गांव शेरगढ़ निवासी मनफूल राम ने पुलिस को दिये ब्यान में कहा है कि उसकी बेटी सुखप्रीत कौर (26) की शादी 6 वर्ष पूर्व गांव घुमियारा निवासी हंसराज पुत्र लाल चन्द के साथ सम्पन्न हुई थी। उन्होंने इस शादी में अपनी हैसियत से बढ़ कर दान दहेज दिया था। उसकी बेटी के दो लड़के भी हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार उसकी बेटी सुखप्रीत की सास रामप्यारी तथा पति हंसराज परेशान करते थे और मारपीट करते थे। इस सन्दर्भ में कई बार पंचायतें भी हुईं। मारपीट से तंंग आकर रविवार को कोई जहरीला पदार्थ निगल लिया और पंखे से फंदा लगा कर जान दे दी।
पुलिस ने मृतका के पिता की शिकायत पर धारा 306/34 आईपीसी के तहत सुखप्रीत कौर के पति व सास के खिलाफ केस दर्ज करके आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है।

09 अगस्त 2010

अब लेह पहुंचेगी डेरे की टीम

कहा, इंसानियत की सेवा में विश्व रिकार्ड बनना होगी गौरव की बात
सिरसा। डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ने कहा कि डेरे का उद्देश्य कोई रिकार्ड बनाना नहीं, बल्कि मानवता की ज्यादा से ज्यादा सेवा करनालक्ष्य है। अगर इंसानियत की सेवा में विश्व रिकार्ड बने तो इससे गौरवमयी बात क्या हो सकती है? वे रविवार को डेरा सच्चा सौदा के सचखंड हॉल में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि हाल ही में लेह में बादल फटने से आई प्राकृतिक आपदा में पीड़ित परिवारों की मदद करने के लिए शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग द्वारा सोमवार को राहत सामग्री भेजी जाएगी। मानवता भलाई कार्यों के लिए गठित शाह सतनाम जी ग्रीन एस वेलफेयर फोर्स विंग में करीब 35 हजार सेवादार हर समय प्राकृतिक आपदा, दुर्घटनाआें और मुसीबत के समय फंसे लोगों की मदद के लिए तत्पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि वेश्यावृति उन्मूलन अभियान के तहत बुराइयां त्याग कर समाज की मुख्य धारा में शामिल होने वाली लड़कियों को वे अपनी बेटी का दर्जा देते है और उनका संपूर्ण इलाज करवाने के बाद उनकी शादियां करवाई जाती हैं। अब तक डेरा सच्चा सौदा में आठ शादियां हो चुकी हैं। उन्होंने आह्वान किया कि जो अपनी बेटियों को गर्भ में मरवा देते हैं, भू्रण हत्या करवाते हैं।
वे अपनी कन्याआें को मारे नहीं, बल्कि उन्हें दें। वे उन बच्चियों को अपनी बेटी बनाकर रखेंगे। उन्होंने कहा कि लोगों को बढ़-चढ़कर रक्तदान में भाग लेना चाहिए। इससे किसी को जीवन प्रदान किया जा सकता है। इसी मकसद से रविवार को रक्तदान शिविर लगाया गया।

रक्तदान का बनाया नया रिकार्ड

एक दिन में 40 हजार डेरा प्रेमियों ने किया महादान
सिरसा। डेरा सच्चा सौदा ने रविवार को रक्तदान के खुद के बनाए रिकार्ड को तोड़ दिया। डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां के जन्म माह पर डेरा सच्चा सौदा में आयोजित रक्तदान शिविर में 40 हजार लोगों ने रक्तदान किया।
एक दिन में सर्वाधिक यूनिट रक्तदान करने का गिनीज रिकार्ड डेरा सच्चा सौदा के ही नाम है।
सात दिसंबर 2003 को शाह सतनाम जी धाम में आयोजित रक्तदान शिविर में एक दिन में 15432 यूनिट रक्त एकत्र किया गया था, जिसके लिए पहली बार डेरा सच्चा सौदा का नाम गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हुआ। इसके बाद श्रीगंगानगर के श्री गुरुसर मोडिया गांव में 10 अक्तूबर 2004 को आयोजित रक्तदान शिविर में 17921 यूनिट रक्त एकत्रित किया और डेरा ने अपने ही रिकार्ड को तोड़ा। अब रविवार को 40 हजार यूनिट रक्त एकत्र कर डेरा ने फिर से रिकार्ड तोड़ दिया है।
रविवार सुबह शाह सतनाम जी धाम के सचखंड हॉल में डेरा प्रमुख संत गुरमीत राम रहीम ने रक्तदान शिविर का उद्घाटन किया। उनके साथ उनकी माता नसीब कौर भी मौजूद थीं। रक्तदान कार्य में देशभर से आए चिकित्सकों के साथ-साथ अन्य 50 चिकित्सक और पांच सौ पैरा मेडिकल के सदस्य जुटे थे।
शिविर में शाही परिवार के सदस्यों ने भी किया रक्तदान किया, जिसमें प्रमुख रूप से डेरा प्रमुख के पुत्र एवं शाह सतनाम जी क्रिकेट अकादमी के अध्यक्ष जसमीत सिंह इंसां, दामाद एवं शाह सतनाम जी हेल्थ केयर विंग के अध्यक्ष डा. शान ए मीत इंसां, छोटे दामाद एवं शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान के अध्यक्ष रूह-ए-मीत इंसां, पुत्री हनीप्रीत इंसां शामिल थीं।
इनके अलावा शाह सतनाम जी शिक्षण संस्थान से जुडे़ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों, पुलिस व सेना के जवानों ने भी रक्तदान किया।

08 अगस्त 2010

सेल्स टैक्स अफसर और पुलिसवालों को दौड़ा दौड़ा कर पीटा

डबवाली | पंजाब के किलियांवाली बैरियर पर बुधवार रात टैक्स चोरी के संदेह में इंपाउंड किए गए माल से भरे एक कैंटर को अज्ञात हथियारबंद लोग उठा ले गए। तलवारों से लैस व्यक्तियों ने सेल्सटैक्स अधिकारी और पुलिस बल के जवानों को दौड़ दौड़ कर पीटा और उनको उठा ले जाने की कोशिश भी की।
पंजाब के किलियांवाली बैरियर पर ड्यूटी पर तैनात सेल्स टैक्स इंस्पेक्टर अशोक बांसल ने बताया कि बुधवार रात लगभग 10 बजे मलोट की दिशा से आए परचून के सामान से भरे एक कैंटर को रोका गया और जब उससे कागजात मांगे गए तो वह कैंटर छोड़ भाग गया। अशोक बंसल ने बताया कि इसके बाद कैंटर को इंपाउंड कर बैरियर की सीमा रेखा में खड़ा करवा दिया गया। कुछ समय बाद ही करीब तीस लोग तलवार लेकर गाडिय़ों से आए और उन्होंने बैरियर पर तैनात सेल्स विभाग के कर्मचारियों के साथ-साथ पुलिसवालों पर भी हमला बोल दिया। हथियारबंदों ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और उनके अपहरण करने का भी प्रयास किया। बकौल अशोक बंसल: मैं खुद बैरियर कार्यालय में घुस गया और भीतर से दरवाजा बंदकर अपनी जान बचाई। इसी बीच हथियारबंद इंपाउंड किए गए केंटर को ले भागे।
अशोक बंसल ने बताया कि उन्होंने इस घटना की जानकारी थोड़ी देर बाद अपने विभाग के आला अधिकारियों को दी। उन्होंने बताया कि इस दौरान उन्होंने किलियांवाली पुलिस चौकी को भी इसकी सूचना देेने का प्रयास किया गया लेकिन फोन पर चौकी में संपर्क नहीं हो सका। इस घटना में पुलिस के सिपाही जगजीत सिंह की उंगली पर मामूली चोट आई है।
गुरुवार को सेल्स टैक्स विभाग बठिंडा जोन के एटीसी (मोबाइल टीम) लाजपाल जाखड़ मौका पर पहुंचे और उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया। उसके बाद उन्होंने मुक्तसर के एसएसपी से घटना के सिलसिले में बात की। एसएसपी ने उन्हें विश्वास दिलाया कि आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अवश्य की जाएगी। वहीं थाना लंबी पुलिस के प्रभारी एसआई हरिंद्र सिंह ने बताया कि उनके पास शिकायत आ चुकी है और मामले की जांच कर रहे हैं।

डेरा प्रमुख को धमकी,सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप

सिरसा। डेरा सच्चा सौदा के ई-मेल पर आज डेरा व डेरा प्रमुख को उड़ा दिए जाने का संदेश मिलने के बाद डेरा के अनुयाइयों व सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया है।
स्वतंत्रता दिवस नजदीक होने व डेरा प्रमुख की लगातार पेशियों के दौरान मिले इस ई-मेल संदेश के बाद सुरक्षा घेरा बेहद मजबूत कर दिया गया है लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसके बावजूद आशंकित हैं। डेरा सच्चा सौदा के ई-मेल एड्रेस पर कल शाम मेल संदेश आया जिसमें डेरा सच्चा सौदा व डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को हमला करके उड़ा दिए जाने की बात लिखी थी। इस बात की सूचना डेरा प्रबंधकों ने तुरंत पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस ने डेरा सच्चा सौदा के उपप्रबंधक अभिजीत की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच आरंभ कर दी है।
डेरा सच्चा सौदा सिरसा के उपाध्यक्ष अभिजीत भगत ने सदर सिरसा पुलिस थाने में शिकायत दी है जिसमें कहा गया है कि 31 जुलाई को डेरा की मेल आईडी पर एक ई मेल मिला था जिसमें भेजने वाले ने अपना नाम मदन लिखा है। ई मेल में धमकी दी गई है कि डेरा के गढ़ी स्थित प्रेमपुरा धाम को 15 अगस्त के दिन बम से उड़ा दिया जाएगा। ई-मेल भेजने वाले ने अपना मोबाइल नंबर 9416589588 लिखा है। सदर सिरसा पुलिस ने अभिजीत भगत की शिकायत पर गत दिवस जान से मारने की धमकी देने सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उधर जब से डेरा को ई-मेल मिला है, तब से सुरक्षा एजेंसियां सतर्क है। जिस व्यक्ति का ई-मेल पर नाम व मोबाइल नंबर है उसे सिरसा एसपी ने बुलाकर पूछताछ भी की है। इससे पहले भी डेरा प्रमुख को जान से मारने की धमकी मिल चुकी है वहीं स्टपनी बम से उनके काफिले पर हमला भी हो चुका है जिसमें बख्शीश सिंह नामक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया हुआ है। यह मुकदमा अभी लंबित है। डेरा प्रमुख की आज साध्वी यौन शोषण मामले में पेशी थी।
शाम 4 बजे डेरा प्रमुख कोर्ट में पेश हुए और मात्र 25 मिनट की पेशी के बाद ही उन्हें कड़ी सुरक्षा व जेड प्लस के घेरे में वापस डेरा में ले जाया गया। धमकी के बाद आज अदालत परिसर में पुलिस का बंदोबस्त पहले के मुकाबले काफी कड़ा था। आगामी 13 व 14 अगस्त को रणजीत सिंह हत्याकांड में सुनवाई होनी है। इसी 14 अगस्त को ही बाबा की जमानत रद्द किए जाने संबंधी फैसला भी होना है।
उधर डेरा को ई-मेल भेजने का आरोपी मदन हांसी के पास स्थित गांव मेहंदा का रहने वाला है। मदन ने बताया कि उसने किसी को मेल नहीं किया है। मेल पर उसका नाम व मोबाइल नंबर लिखकर उसे फंसाया जा रहा है। वह प्रेमपुरा धाम में भी लिखित में इस बाबत शपथ पत्र दे चुका है। सिरसा एसपी से भी वह मिलकर स्पष्टीकरण दे चुका है। मदन ने बताया कि 18 जून को उसे भी किसी ने मोबाइल पर जान से मारने की धमकी दी थी। लगता है किसी साजिश के तहत उसे फंसाया जा रहा है। साथ ही सुरक्षा व्यवस्था को बेहद तगड़ा कर दिया गया है।

डबवाली नगरपालिका पर वित्तीय संकट, कर्मचारियों को वेतन नहीं

डबवाली (लहू की लौ) नगरपालिका में वित्तीय संकट के चलते पिछले दो माह का वेतन कर्मचारियों को न मिलने से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है।
नगरपालिका के सफाई कर्मचारी सत्यवान और चत्तर सिंह ने बताया कि उन्हें मई माह का वेतन कड़े संघर्ष के बाद गुरूवार और शुक्रवार को मिला है। जबकि जून और जुलाई माह का वेतन अभी तक नगरपालिका की ओर पेंडिंग पड़ा है। इन कर्मचारियों के अनुसार वे ब्याज पर माल खरीदकर अपना तथा अपने परिवारों का पेट पाल रहे हैं। वेतन समय पर न मिलने से उन्हें केवल खाद्य पदार्थों की उधार चुकाने में मुश्किल आ रही है, बल्कि इसके साथ ही बच्चों की फीसें भरने में भी उन्हें भारी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।
इन कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी बैंक लोन की किश्तें भी समय पर अदा नहीं की जाती। जिसके चलते उन पर बैंक का ब्याज अलग से पड़ रहा है। जबकि इन किश्तों को उन्हें वेतन देते समय काट लिया जाता है। चत्तर सिंह के अनुसार उसकी 11 माह की किश्तें अभी तक अदा नहीं की गई हैं। इन कर्मचारियों के अनुसार पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का नगरपालिका को आदेश है कि वे हर माह की पांच से दस तारीख तक उनका वेतन अदा करे। लेकिन इसके बावजूद भी उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया जा रहा।
इस संबंध में जब नगरपालिका के लेखाकार देसराज चालिया से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि पालिका की आर्थिक स्थिति बहुत कमजोर है। वह भी इसी के चलते अपना तबादला रानियां करवा गए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि अप्रैल माह से सरकार की अनुदान राशि भी वेतन के लिए नगरपालिका को नहीं मिली है। मई माह का वेतन भी कर्मचारियों को पालिका के आय के स्त्रोत से ही दिया गया है। जिसमें हाऊस टैक्स, नगरपालिका दुकानों का किराया, ड्राईविंग लाईसेंस और स्टॉम्प डियूटी से प्राप्त आय शामिल है। उनके अनुसार नगरपालिका के पास आय के स्त्रोत तो पहले ही छीने जा चुके हैं, जिसमें सीवरेज और वाटर तथा चुंगी कर शामिल हैं।
उन्होंने इस बात को स्वीकार किया कि नगरपालिका पर इस समय पालिका के कर्मचारियों का दो माह का वेतन तो बकाया है ही, इसके साथ ही तीस लाख रूपए की देनदारियां भी हैं।

03 अगस्त 2010

सिरसा में खुलेगी हरियाणा की पहली टॉकिंग लाइब्रेरी

सिरसा। देहरादून के राष्ट्रीय दृष्टिबाधित संस्थान द्वारा स्थानीय हेलन केलर दृष्टिबाधित स्कूल में दृष्टिहीन बच्चों के लिए 'टॉकिंग लाइब्रेरीÓ की स्थापना की जाएगी। यह जानकारी उपायुक्त  सी.जी रजिनीकांथन ने आज  हेलन केलर दृष्टिबाधित स्कूल के सत्र का उद्घाटन करने के पश्चात बैठक में दी।
उन्होंने बताया कि यह टॉकिंग लाइब्रेरी सभी सुविधाओं से सुसज्जित होगी और दृष्टिबाधित बच्चों को  महापुरुषों की जीवनियां और विभिन्न साहित्य उपकरणों द्वारा सुनाए जा सकेंगे जिससे स्कूल में पढऩे वाले बच्चों के ज्ञान में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि इस लाइब्रेरी में आधुनिक किस्म के उपकरण लगाए जाएंगे। स्कूल के नए सत्र की शुरुआत हवन यज्ञ व वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच हुई।
उपायुक्त  सी.जी रजिनीकांथन ने सत्र का उद्घाटन करने के साथ-साथ स्कूल में स्थापित किए गए फाईल मेकिंग, प्लेट मेकिंग कार्य की भी शुरुआत की।  स्कूल में फाईल मेकिंग व प्लेट मेकिंग की कई मशीनें स्थापित की गई है। शुरुआती सत्र में स्कूल में 20 बच्चों का दाखिला किया गया है जिनमें से 11 बच्चों को स्कूल में ही चल रहे छात्रावास में रखा गया है जबकि अन्य बच्चें जो आसपास के क्षेत्र के रहने वाले है उन्हें लाने- ले जाने के लिए एक वातानुुकुलित वाहन खरीदा गया है।
फोटो विवरण: सिरसा में हेलन केलर दृष्टिबाधित स्कूल के सत्र का हवन यज्ञ व वैदिक मंत्रोच्चारण से शुरुआत करते शहर के गणमान्य लोग।

एक साथ जलीं 21 चिताएं

गुडग़ांव। जिला गुडग़ांव के गांव बाघनकी में आज 21 चिताएं एक साथ जली। इनमें 20 चिताएं उन युवकों की थी जो रविवार को गौमुख से कावड़ लेकर वापिस गुडग़ांव आते समय उत्तरकाशी के निकट डबरानी में एक सड़क दुर्घटना में मारे गये थे और एक चिता गांव के पूर्व सरपंच गंगाबिशन की थी जिसका आज तड़के हृदयगति रूकने से निधन हो गया था। गांव का सारा माहौल गमगीन था और गांव बाघनकी व आसपास के गांव वासियों, मृतकों के रिश्तेदारों, परिचितों, मित्रों आदि ने हजारों की संख्या में गांव में पहुँचकर दिवंगत आत्माओं को अश्रुपूर्ण विदाई दी।
सड़क दुर्घटना में मारे गए 24 कावडिय़ों के उत्तरकाशी से शव आज गुडग़ांव पहुँचे। ये शव विशेष वाहन में लाए गए थे तथा जिला प्रशासन के प्रतिनिधि के तौर पर मानेसर के तहसीलदार के.एस. ढाका के नेतृत्व में एक दल इस विशेष वाहन के साथ था। शवों को लेकर ये विशेष वाहन आज प्रात: लगभग 10.00 बजे जिला के गांव बाघनकी में पहुँचा। गांव में पहुँचने से पहले पंचगांव चौक से ही जिला प्रशासन ने बाघनकी से बाहर के शवों को एम्बूलैंसों में डाल कर उनके गांवों में भेजने की व्यवस्था कर रखी थी। इस दुर्घटना में अकेले गांव बाघनकी के 20 युवक मारे गए जबकि एक युवक जिला ऐटा उत्तर प्रदेश, एक भौड़ाकलां, एक सोहना तथा एक गुडग़ांव से था। दुर्घटना के समय ये सभी युवक ट्रक नं0 एच.आर.-55ई-2303 में सवार थे जो रास्ते में पलट कर गहरी खाई में गिर गया था।
मृतकों को श्रद्घांजलि देने के लिए हजारों की संख्या में लोग आज गांव बाघनकी पहुँचे थे जिसके कारण गांव से लगभग तीन किलोमीटर तक वाहनों की कतारे लगने के कारण जाम लगा हुआ था और लोगों को पैदल ही गांव तक जाना पड़ा। शवों को पहले गांव के राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय में उतारा गया था जहां पर परिजनों को अपने लाडलों के अन्तिम दर्शन करवाये गये। गांव के लोगों ने ही ऐसी व्यवस्था कर रखी थी कि महिलाओं को स्कूल परिसर में लाया जा रहा था जहां पर ही वे रोती-बिलखती मृतक युवकों को अन्तिम विदाई दे रही थी। इनमें कोई माँ अपने लाडले को याद करके विलाप कर रही थी तो कोई पत्नी अपने सुहाग के अन्तिम दर्शन करके फूट-फूट कर रो रही थी। कही कोई बहन अपने सदा के लिए बिछुड़े भाई को बिलख-बिलख कर पुकार रही थी। गांव के स्कूल में महिलाओं की चीखों व रोने की आवाजों से सारा माहौल गमगीन था जिसे देख कर विभिन्न स्थानों से मृतकों को अन्तिम विदाई देने आये लोगों की आंखों में भी आंसू भर आये। इन रोती-बिलखती महिलाओं को ग्रामीण जबरदस्ती उनके घरों को ले जा रहे थे।
गांव के सारे मृतक युवकों के शव एक साथ गांव के राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय में रखे गए थे। गमगीन ग्रामीणों को ढांढस बंधाने के लिए हजारों की संख्या में लोग वहां पहुँचे जिनमें आसपास के गांवों के निवासी, मृतकों के रिश्तेदार, विभिन्न राजनैतिक दलों के नेता, जिला प्रशासन के अधिकारीगण शामिल थे। राज्य सरकार की तरफ से हरियाणा के वित्त, वन एवं पर्यावरण मंत्री कप्तान अजय सिंह यादव, मुख्य संसदीय सचिव एवं सोहना के विधायक धर्मबीर, मुख्य संसदीय सचिव राव दानसिंह ने मृतकों के परिजनों के प्रति हार्दिक संवेदना व्यक्त की। मुख्य संसदीय सचिव धर्मबीर ने इस मौके पर कहा कि इतना बड़ा हादसा पहले कभी नहीं हुआ और इस घटना से समूचा हरियाणा प्रदेश शोकाकुल है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार व जिला प्रशासन इस दु:ख की घड़ी में मृतक युवकों के परिजनों के साथ है और उनकी हर संभव मदद की जायेगी। इसी प्रकार मुख्य संसदीय सचिव राव दान सिंह ने भी इस घटना को दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की।
मृतक युवकों को अन्तिम विदाई देने गुडग़ांव कांग्रेस शहरी के जिलाध्यक्ष जी.एल. शर्मा, पटौदी के विधायक गंगाराम, कांग्रेस के संगठन सचिव धर्मबीर डागर, युवा कांग्रेस के नेता नरेश सहरावत, रोहतास बेदी, हरियाणा विधानसभा के पूर्व उपाध्यक्ष गोपीचन्द गहलोत, सोहना के पूर्व विधायक सुखबीर जौनापुरिया, भाजपा नेता रामबिलास शर्मा व उमेश अग्रवाल, उपायुक्त राजेन्द्र कटारिया, संयुक्त पुलिस आयुक्त आलोक मित्तल, पुलिस उपायुक्त दक्षिणी पालाराम, गुडग़ांव उत्तरी के एसडीएम सतेन्द्र दुहन, गुडग़ांव नगर निगम के संयुक्त आयुक्त नरेन्द्र सिंह यादव, गुडग़ांव सदर के सहायक पुलिस आयुक्त कृष्ण मुरारी, मानेसर के तहसीलदार के.एस. ढाका सहित हजारों लोग उमड़ पड़े। स्कूल के परिसर में तथा दूर-दूर तक बाहर भी लोगों की भारी भीड़ थी।
स्कूल परिसर से इन शवों को गांव के शमशान घाट में ले जाया गया जहां पर सभी की चिताएं एक साथ जलाई गई और हजारों नम आंखों ने इन मृतक युवकों को अन्तिम विदाई दी। एक ही गांव के इतने ज्यादा 17 से 25 वर्ष की आयु के बीच के युवकों की अर्थियाँ एक साथ उठने से उनके किसी परिजन का हाल बेहाल हो सकता है इसलिए जिला प्रशासन ने गांव में कई एम्बूलैंस तथा डाक्टरों को तैनात कर रखा था। युवकों के शवों को देख कर अपनी सुधबुद खो बैठे व्यक्तियों तथा महिलाओं को चिकित्सकों ने तत्काल प्राथमिक चिकित्सा दी। इसी प्रकार अंत्येष्ठिï के समय शमशान घाट में भी वह मंजर देख कर दो व्यक्ति बेहोश हो गए, उन्हें भी चिकित्सकों ने दवा दी।

तेजाखेड़ा के जलघर के टैंक में समा गए दो दोस्त

डबवाली | गांव तेजाखेड़ा के जलघर की डिग्गी में एक छोटी सी दोस्ती की कहानी ने दम तोड़ दिया। एक ही कक्षा में पढऩे वाले गांव के दो किशोर रविवार सुबह यहां खेलने आए, लेकिन देर शाम डिग्गी से उनकी लाशें निकलीं। दोनों के परिजनों और गांव वालों का कहना है कि हो न हो वे जलघर में लगे अमरूद के पेड़ पर चढ़े होंगे और हो सकता है कि पेड़ से टहनियों की फिसलन से डिग्गी में गिर गए हों।
शीशपाल और विष्णु गांव दोनों आठवीं में पढ़ते थे। दोनों में खूब छनती थी। दोनों की उम्र पंद्रह बरस के आस पास थी। रविवार को छुट्टी का दिन था, सो दोनों सुबह 8 बजे ही अपने अपने घर से खेलने के लिए निकल पड़े। शीशपाल के पिता विनोद सुथार के मुताबिक सुबह से शाम होने लगी और दोनों की कोई पता न चला, यहां तक कि वे दोपहर को खाना खाने भी घर नहीं आए।
शाम तक दोनों नहीं लौटे तो उनके परिजनों को चिंता हुई और उनकी तलाश शुरू हुई तो जलघर की डिग्गी में शीशपाल और विष्णु की चप्पलें तैरती नजर आईं। इससे दोनों के डिग्गी में गिरने का आशंका उपजी। तुरत फुरत गांव के तैराक पप्पू (35) पुत्र रामरख को बुलाया गया। करीब डेढ़ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद रामरख ने शीशपाल और विष्णु को खोज लिया, लेकिन तब तक उनकी सांसें उखड़ चुकी थीं। 
पेड़ से गिरने की आशंका
दोनों बच्चों की लाशें बाहर निकाले जाने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। चौटाला पुलिस चौकी के एएसआई रोशन लाल ने बताया कि पुलिस ने मृतक शीशपाल के पिता विनोद सुथार और ग्रामीण मनसा राम, बनवारी लाल, सुखराम और पंच श्योनाथ आदि ने बयान में संभावना व्यक्त की है कि जलघर की डिग्गी के पास अमरूद के पेड़ से दोनों छात्र अमरूद तोडऩे के लिए पेड़ पर चढ़े होंगे। पेड़ की टहनी कमजोर होने के कारण दोनों डिग्गी में जा गिरे होंगे या डिग्गी के पास से उनके पांव फिसल गए होंगे जिससे वे डिग्गी में गिर गए होंगे। मौके पर कोई व्यक्ति न होने के कारण दोनों को बचाया नहीं जा सका।
गांव में पसरा मातम
दोनों छात्र शीशपाल व विष्णु की असामयिक मौत होने पर गांव तेजाखेड़ा में मातम पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने बताया कि दोनों छात्र पढ़ाई में होशियार थे। शीशपाल का एक भाई और एक बहन है जबकि विष्णु के दो भाई और एक बहन है। सोमवार को गांव तेजाखेड़ा के रामबाग में दोनों मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया।

02 अगस्त 2010

11 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी कलकत्ता से काबू

सिरसा। जिला की शहर सिरसा पुलिस ने एसबीआई बैंक की मुख्य शाखा से 11 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने वाले अरोपी को कलकत्ता से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किये हुए आरोपी की पहचान चंदन सिंह पुत्र विश्वानाथ निवासी 47 छप्पर महल, 24 परगना कलकत्ता के रूप में हुई है। आरोपी को आज मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि उसकी निशानदेही पर राशि बरामद की जा सके।
जानकारी के अनुसार एसबीआई बैंक की मुख्य शाखा के चीफ मैनेजर श्री एनके गुप्ता की शिकायत पर आरोपी चंदन सिंह के विरुद्ध 25 अगस्त 2008 को शहर थाना सिरसा में भादसं की धारा 420, 467, 468, 471 के तहत अभियोग दर्ज हुआ था। बैंक द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि उपरोक्त आरोपी ने सिरसा एचडीएफसी बैंक में विभिन्न तिथियों को फार्म भरकर एसबीआई मुम्बई के मिचुअल फंड के 22 चैक 50-50 हजार रुपये के फर्जी तैयार करके जमा करवाए गए। एचडीएफसी बैंक द्वारा पैसे क्रेडिट होने के लिए उक्त चैक एसबीआई मेन ब्रांच को सौंपे गये, जहां से 11 लाख रुपये क्रेडिट होकर आरोपी के खाते में जमा हो गये। आरोपी ने जमा हुए पैसे एटीएम द्वारा अपने खाते से कलकत्ता और पटना से निकलवा लिये।
शहर थाना पुलिस ने जांच का जिम्मा शहर के उपनिरीक्षक हंसराज बिश्रोई को सौंपा। उपनिरीक्षक हंसराज पर आधारित टीम आरोपी चंदन सिंह के गिरफ्तारी वारंट लेकर कलकत्ता पहुंची तथा महत्वपूर्ण सुराग जुटाते हुए उसको उसके घर से गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर कलकत्ता की संबंधित अदालत में पेश कर उसे राहदारी रिमांड पर सिरसा लाया गया। उपनिरीक्षक हंसराज ने बताया कि आरोपी चंदन सिंह को मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में पेश कर आज रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि धोखाधड़ी की राशि को उसकी निशानदेही पर बरामद किया जा सके।

नाबालिगा को बेचने की साजिश में 4 गिरफ्तार

सिरसा। जिला की रानियां पुलिस ने एक नाबालिगा को बेचने की साजिश करते हुए चार लोगों को कस्बा रानियां से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किये गये लोगों में सुरजीत सिंह पुत्र श्रवण सिंह निवासी भडोलावाली, हीरा सिंह पुत्र बंता सिंह निवासी जीवननगर, पूजा पत्नी बिट्टू सिंह निवासी जीवननगर व मंजू पुत्री देसराज निवासी जेजे कॉलोनी शामिल हैं। घटना का मुख्य आरोपी जिसको लड़की बेची जानी थी, लक्खा सिंह (28 वर्ष) पुत्र रिछपाल सिंह निवासी हमजापुर जिला फतेहाबाद मौके से भागने में सफल हो गया। सभी आरोपियों के विरुद्ध पीडि़ता 12वर्षीय पालो पुत्री लाल सिंह निवासी जीवननगर की शिकायत पर भादसं की धारा 366ए/120 बी के तहत अभियोग दर्ज कर मौके से भागे मुख्य आरोपी लक्खा सिंह की तलाश शुरू कर दी है।
रानियां थाना प्रभारी निरीक्षक महासिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि जांच पड़ताल में सामने आया है कि पालो पुत्री लाल सिंह निवासी जीवननगर को 50 हजार रुपये में लक्खा सिंह निवासी हमजापुर जिला फतेहाबाद को बेचा जाना था। आरोपी सुरजीत सिंह लड़की का रिश्ते में ताया व हीरा सिंह मामा लगता है। जबकि पूजा निवासी सिकंदरपुर व मंजू निवासी जेजे कॉलोनी लक्खा सिंह की रिश्तेदार हैं, जो उसके साथ सिरसा से रानियां आई थी। थाना प्रभारी ने बताया कि गिरफ्तार किये गये चारों आरोपियों व लक्खा सिंह ने मिलकर षड्यंत्र रचा तथा लड़की को बहला-फुसला कर रानियां कस्बे में ले आए। लड़की को कहा गया कि रानियां चलना है तथा कपड़े बगैरा खरीदकर लाने हैं। लड़की को जब शक हुआ तो उसने शोर मचाकर झगडऩा शुरू कर दिया और लोग इक_े हो गये। जैसे ही पुलिस को इसकी सूचना मिली तो तुरंत थाना प्रभारी महासिंह ने अन्य पुलिस कर्मियों के साथ उक्त स्थान पर दबिश देकर उक्त आरोपियों काबू कर लिया। जबकि लक्खा सिंह मौका से भागने में कामयाब हो गया। थाना प्रभारी महासिंह ने बताया कि चारों आरोपियों को आज इलाका मजिस्ट्रेट श्रीमती पायल मित्तल की अदालत में पेश किया जाएगा, जबकि लक्खा सिंह को शीघ्र गिरफ्तार किया जाएगा।

लोग पलायन को मजबूर

डबवाली (लहू की लौ) बाढ़ जैसी स्थितियों से गुजर रहे हर्ष नगर के लोगों ने पानी की निकासी न होने के बाद अब यहां से पलायन करना शुरू कर दिया है। दो परिवार पलायन कर ही गए हैं और अन्य पलायन करने के लिए सामान बांध रहे हैं।
शनिवार शाम को करीब डेढ़ घण्टे तक चली मूसलाधार वर्षा से हर्ष नगर में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई थी। जिसके चलते कागज बीनने वाले लोगों की करीब सौ झुग्गी पानी में डूब गई और घरेलू सामान के साथ-साथ दो बालिकाएं इस पानी में बह भी गई थी। रविवार को दूसरे दिन भी हर्ष नगर में जमा हुए पानी की निकासी न होने के कारण इस क्षेत्र के निवासियों ने पलायन करना शुरू कर दिया है।
बरसाती पानी का शिकार हुए प्रदीप (50) ने बताया कि बरसाती पानी में उसका सबकुछ बह गया। तिनका-तिनका इक्ट्ठा कर बनाया गया उसका बसेरा भी उजड़ गया। अब उसके पास अगर रहने के लिए बचा है तो केवल नीला आसमान। वह अब सिरसा जाने को मजबूर हो रहा है। प्रदीप अपनी पत्नी रीना, बेटे निब्बड, राखी पत्नी निब्बड, दूसरे बेटे रिंकू व उसकी पत्नी नूरी के साथ घर छोडऩे को मजबूर है। वह रविवार को सिरसा की ओर रवाना हुआ। प्रदीप के अनुसार उसे उम्मीद है कि सिरसा में बसे उसके रिश्तेदार मुश्किल के इन दिनों में उसे अपने यहां पनाह देंगे।
इधर बरसाती पानी में अपना सबकुछ गंवा चुके रोशन (30) तथा उसकी पत्नी भागा देवी ने अपना सामान समेटते हुए बताया कि उनके लिए यहां कुछ भी नहीं बचा है। मेहनत करके जोड़े गए बर्तन, कपड़े व अन्य सारा सामान पानी में बह गया। अब उनके पास यहां से पलायन करने के अतिरिक्त कोई चारा नहीं है। चूंकि हर्ष नगर में बरसाती पानी भरा हुआ है।
इसी नगर के निवासी सुभाष, विनोद, सेठ कुमार, लालचन्द, सिकन्दर आदि ने बताया कि करीब पच्चीस साल पूर्व उन्होंने पांच सौ-पांच सौ रूपए देकर सरकार से प्लाट लिए थे। इतने वर्ष बीतने के बावजूद पुन: सरकार ने उनकी कोई सुध नहीं ली। मजबूरन उन्हें मूलभूत समस्याओं से दो-चार होना पड़ रहा है। नगर में सीवरेज लाईन बिछी हुई है, लेकिन थोड़ी सी बरसात आने पर ही सीवरेज चॉक हो जाते हैं। नतीजा यह रहता है कि बरसाती पानी की निकासी न होने के कारण पानी उनके नगर में जमा हो जाता है। जिससे हर बार उन्हें नुक्सान उठाना पड़ता है। शनिवार की मूसलाधार वर्षा में उनकी झुग्गियां बह जाने के बावजूद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी उनकी सुध लेने नहीं आया। अब उनके पास यहां से पलायन करने के अतिरिक्त कोई मार्ग शेष नहीं बचा है।
जनस्वास्थ्य विभाग के जेई सुभाष चन्द्र ने बातचीत के दौरान बताया कि डिस्पोजल चलाकर पानी निकालने का प्रयास किया गया था। लेकिन साथ लगते पंजाब के किसानों ने इस पर एतराज प्रकट किया। जिसके चलते पानी की निकासी नहीं हो पाई थी। कुछ दूरी पर अतिरिक्त खड्डा खोदा गया है। ताकि जल्द ही पानी की निकासी हो सकें।

चौटाला में झगड़ा, पांच घायल

डबवाली (लहू की लौ) पुरानी रंजिश के चलते गांव चौटाला में दो पक्षों में हुए झगड़े में एक पक्ष के पांच लोगों को चोट आयी है। जिसमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। चौटाला पुलिस चौकी के प्रभारी जीत सिंह कुंंडू ने बताया कि पुलिस ने चौटाला निवासी सरोज (40) पत्नी सुनील कुमार की शिकायत पर इसी गांव के 8 जनों के खिलाफ धारा 323/342/147/148 आईपीसी के तहत केस दर्ज करके आगाामी कार्यवाही शुरू कर दी है। पुलिस को दिये ब्यान में सरोज ने बताया कि उसके भांजे सुभाष (18) पुत्र रणवीर सिंह निवासी चौटाला का 7-8 दिन पूर्व गांव के विनीत पुत्र रामकुमार के साथ किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था जिसे पंचायती तौर पर उस समय निपटा लिया गया था। लेकिन विनीत इस समझौते के बावजूद भी सुभाष के साथ मन में खुनस लिये हुए था। इसी खुनस के चलते शनिवार रात को उसने अपने भाई विनोद, पिता रामकुमार पुत्र मनीराम तथा चाचा श्रवण, पाला व तीन अन्य के साथ लेकर उनके मकान में घुस कर उन पर हमला कर दिया और चोटें मारीं।
इस झगड़े में आरोपियों ने उस (सरोज) सहित उसके बेटे गोबिन्द (16), बेटी ममता (20), बहन संतोष (38) पत्नी रणवीर सिंह, भांजा सुभाष (18) पुत्र रणवीरसिंह के चोटें मारीं। घायल अवस्था में उन्हें इलाज के लिए गांव के सरकारी अस्पताल में ले जाया गया लेकिन बाद में उन्हें डबवाली, डबवाली से सिरसा रैफर कर दिया गया।

हथियारों से लैस दो गुट अस्पताल में भिड़े

डबवाली (लहू की लौ) अनाज मण्डी निकट स्थित स्वतंत्रता सेनानी पार्क के पास तेजधार हथियारों से लैस युवाओं के दो गुट आमने-सामने हो गए। झगड़े में दोनों गुटों के दो जने घायल हो गए। उपचार के लिए अस्पताल में पहुंचे उपरोक्त गुटों में फिर ढिशुम-ढिशुम शुरू हो गई। सूचना पाकर मौका पर पुलिस भी पहुंची। पुलिस को देखकर युवक भाग निकले।
जानकारी अनुसार डबवाली के वार्ड नं. 13 में रहने वाले राजन (19) का डबवाली के ही वार्ड नं. 8 में रहने वाले विकास (22) से रविवार को स्वतंत्रता सेनानी पार्क के नजदीक झगड़ा हो गया। दोनों युवकों ने मोबाइल से सम्पर्क करके अपने साथियों को मौका पर बुला लिया। मामला तूल पकड़ गया। तेजधार हथियारों से लैस दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए। झगड़े में राजन और विकास को चोटें आई। दोनों को उपचार के लिए अस्पताल में लाया गया।
अस्पताल में उपचार के दौरान हथियारों से लैस युवाओं के ये दोनों गुट फिर भिड़ गए। चतुर्थश्रेणी कर्मी विनोद ने साहस का परिचय देते हुए दोनों गुटों को अलग-थलग किया। इधर सूचना पाकर मौका पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस को देखकर युवाओं के दोनों गुट भाग गए।
अस्पताल के चिकित्सक डॉ. सरवन बांसल ने बताया कि अस्पताल के बाहर युवाओं के दो गुटों में झगड़ा हुआ था। घायलों को इलाज करवाने के लिए दोनों गुट अस्पताल में आए थे। लेकिन यहां भी आमने-सामने हो गए। इसकी सूचना पुलिस को दी गई।
मामले की जांच कर रहे थाना शहर पुलिस के हवलदार जय सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों को थाना में बुलाया गया है।

कांग्रेस ने किया सीबीआई का राजनीतिकरण-रामफल शर्मा

डबवाली (लहू की लौ) भाजपा कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष रामफल शर्मा ने कहा कि सरकार ने घग्घर मे खनन रोकने की बजाए इसे संरक्षण एवं बढ़ावा दिया। बाढ़ से हुई हरियाणा की दुर्दशा तथा स्थिति को सामान्य ना कर पाने की विफलता की नैतिक जिम्मेवारी लेते हुए हुड्डा सरकार को इस्तीफा दे देना चाहिए।
वे रविवार को कर्मचारी प्र्रकोष्ठ के मण्डल प्रधान कृष्ण ग्रोवर के निवास पर सम्पन्न भाजपा पदाधिकारियों की बैठक को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होने मांग की कि सरकार एक श्वेत पत्र जारी कर साफ करे कि प्रदेश में भूपेन्द्र सिंह हुड्डा के कार्यकाल में कुल कितनी नौकरियां लगी है और उनमें रोहतक के कितने लोगो को रखा गया। प्रदेशाध्यक्ष शर्मा ने कहा कि केन्द्र की कांग्रेस सरकार ने सीबीआई जैसी निष्पक्ष जांच एजेंसी का भी राजनीतिकरण कर दिया है। एक तरफ तो 1984 के सिख दंगों के दोषियों को क्लीन चिट दे रही है, दूसरी ओर गुजरात के मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी की लोकप्रियता से डरी सहमी कांग्रेस सीबीआई के जरिए गुजरात के मंत्रियों को झूठे आरोपों में फंसा रही है।
बैठक को कर्मचारी प्रकोष्ठ के प्रदेश प्रभारी एस.डी.कपूर, प्रदेश महासचिव मदन मोहन सचदेवा, डबवाली प्रभारी सतीश जग्गा, मण्डल महामंत्री बलदेव सिंह मांगेआना, जिला सचिव दाता राम बसौड़, महिला मोर्चा जिलाध्यक्षा शकुन्तला बरेजा, किसान मोर्चा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य रणधीर सिंह पन्नीवाला तथा अधिवक्ता प्रकोष्ठ के राजेन्द्र सिंह एडवोकेट ने भी संबोधित किया। बैठक में प्रशासन संबंधी जनसमस्याओं के निवारण के लिए मन्नू राम शर्मा की अध्यक्षता में पांच सदस्य समिति का भी गठन किया गया। बैठक में व्यापार प्रकोष्ठ के  जिला उपप्रधान हेम राज बांसल, देस राज सेठी, प्रवेश घई, कृष्ण कीनिया, संजीव, सुशील गर्ग, राम किशन मैहता, नन्द लाल, चिरंजी लाल, खुशहाल चन्द सहित कई पदाधिकारी मौजूद है।

01 अगस्त 2010

बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात

डबवाली (लहू की लौ) शनिवार को डबवाली नगर में जोरदार बारिश हुई। करीब डेढ़ घण्टा चली बारिश से बिजलीघर, दुकानों तथा घरों में बरसाती पानी घुस गया। हर्षनगर में दो बच्चे पानी में बह गए। क्षेत्र में करीब 40 एमएम बारिश होने का अनुमान है।
वार्ड नं. 17 की पार्षद गीता चौहान ने बताया कि शनिवार को हुई बरसात ने उनके हर्ष नगर में काफी तबाही मचाई। सात परिवार जो तम्बू लगा कर रह रहे थे उनके तम्बू व सामान पानी में बह गया। पार्षद के अनुसार सिंघीकाट मुहल्ला में रहने वाले दीपक कुमार पुत्र निरंजन कुमार, मोनू पुत्र गुल्लू राम, सुच्चा पुत्र मदन लाल, विनोद पुत्र टैरा राम, मंजू रानी पत्नी तुपा राम, बेगम पत्नी स्व. जागराज, शगनलाल के घर के बर्तन, बिस्तरे, चारपाई बगैरा सब पानी में बह गए। शगनलाल की दो बेटियां मिट्ठू (8), आरती (4) भी बरसात के पानी में बह गईं। उनके मुहल्ले के लोगों ने आसपास के खेतों में पानी निकाल कर हर्ष नगर को बचाया। करीब दो घण्टे के कड़े संघर्ष के बाद पानी में बही बच्चियों को बेहोशी की हालत में बाहर निकाला गया। उन्हें निकटवर्ती एक प्राईवेट अस्पताल में लेजाया गया। दोनों बच्चों की हालत खतरे से बाहर बताई जाती है।
इधर वार्ड नं. 11 के निवासी संजय मिढ़ा ने बताया कि उनके वार्ड की लवली मैहता पार्षद वाली गली में इन्द्रसेन मिढ़ा, विजय सेतिया, चिमन लाल मिढ़ा, वेदप्रकाश बतरा आदि के घरों में डेढ़-डेढ़ फुट बरसाती पानी भर गया। जब इस संबंध में जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से शिकायत की गई तो उन्होंने कहा कि उनके पास स्टाफ नहीं है। वार्ड पार्षद ने तो यह कह कर पल्ला झाड़ लिया कि उनकी तो सरकार ही नहीं है।
चौटाला रोड़ पर स्थित मिट्ठू सिंह बराड़ नगर में बरसाती पानी की निकासी न होने के कारण आत्मा राम, जगदीश कुमार, चेतराम, मोटा राम के घरों में बरसाती पानी घुस गया।
उधर गांव डबवाली स्थित हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड (एचवीपीएनएल)   के 132केवी सबस्टेशन के कंट्रोल पैनल में दो फुट तक बरसाती पानी घुस गया। पानी टरनच में चला जाने के कारण नगर की विद्युत आपूर्ति ठप्प हो गई। बाद में मोटर का प्रयोग करके टरनच में घुसे पानी को बाहर निकाला गया। तीन घण्टे बाद विद्युत आपूर्ति बहाल हो पाई।
बरसाती पानी के जलभराव पर जनस्वास्थ्य विभाग के जेई सुभाष चन्द्र ने बताया कि डिस्पोजल की मोटरें चल रही हैं और रात भर भी चलती रहेंगी और शीघ्र ही बरसाती पानी निकल जाएगा।