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29 जनवरी 2011

एसडीएम कार्यालय में घुसे प्रदर्शनकारी मनरेगा मजदूर


डबवाली (लहू की लौ) गांव खुईयांमलकाना के मनरेगा मजदूरों ने गांव के सरपंच पर कार्य देने में भेदभाव करने का आरोप लगाते हुए एसडीएम कार्यालय के समक्ष नारेबाजी करके प्रदर्शन किया। गुस्साए मजदूर नारेबाजी करते हुए एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय में घुस गए।
मनरेगा मजदूर सरजंट सिंह, राजकुमार, रवि कुमार, धर्मवीर, जगपाल, रमेश लाल, पवन कुमार, बंटी, सुरेन्द्र कुमार, बलविंद्र सिंह, जग्गा राम, सुभाष, रवि, हरी सिंह, विक्रमजीत, सोनू कुमार, ओमप्रकाश, काका, गुरप्रीत सिंह, सतनाम सिंह आदि ने आरोप लगाया कि उनके गांव में मनरेगा के तहत जो भी कार्य होता है, उसमें भेदभाव बरता जाता है। उनके अनुसार गांव की सरपंच महिला है, जिसके चलते सरपंच का कार्य उसके पति सुखदेव सिंह देखते हैं। कुछ दिन पूर्व गांव में बने स्टेडियम में मनरेगा के तहत कार्य चलाया गया था, लेकिन उन्हें वहां कार्य नहीं दिया गया। गुरूवार को फिर से खालों की सफाई का कार्य शुरू हुआ है, इसमें भी उन्हें कार्य नहीं दिया गया। मनरेगा मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि महात्मा गांधी रोजगार गारंटी योजना के अंतर्गत उनके रोजगार गारंटी कार्ड बनाए गए हैं। लेकिन उन्हें आज तक वे मुहैया नहीं करवाए गए। कार्डों में क्या भरा जा रहा है, वे नहीं जानते।
इससे पूर्व मनरेगा मजदूरों ने उपमण्डलाधीश कार्यालय के आगे जोरदार नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। देखते ही देखते ये मजदूर एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल के कार्यालय में जा घुसे और खुईयांमलकाना में मनरेगा योजना के तहत करवाए गए कार्यां की जांच की मांग की। बाद में अपनी मांगों के समर्थन में एसडीएम को ज्ञापन भी सौंपा। जांच का आश्वासन पाने के बाद गुस्साए मजदूर शांत हुए।
बाद में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल ने बताया कि मनरेगा मजदूरों की शिकायत पर बीडीपीओ राम सिंह को जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
इस संदर्भ में जब गांव खुईयांमलकाना की सरपंच के पति सुखदेव सिंह से पूछा गया तो उन्होंने उपरोक्त आरोपों को निराधार करार दिया। उन्होंने बताया कि गुरूवार को ही मनरेगा के तहत कार्य शुरू हुआ है। काम के मुताबिक मनरेगा मजदूरों को लगाया गया है। कार्य देने में किसी मजदूर से भेदभाव नहीं किया जा रहा। उन्होंने स्वीकारा की कुछ मजदूरों के जॉब कार्ड कार्य भरने के लिए उनके पास पड़े थे। जिन्हें जल्द ही मजदूरों को वितरित कर दिया जाएगा।

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