युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

07 जुलाई 2010

चलती बस से युवक को फेंका, मौत

डबवाली (लहू की लौ) पुरानी रंजिश को लेकर गांव जण्डवाला के दो युवकों में बस में हुए झगड़े में एक युवक ने दूसरे युवक को चलती बस से धक्का देकर उसकी हत्या कर दी।
थाना सदर डबवाली के कार्यकारी प्रभारी रतन सिंह ने बताया कि गांव जण्डवाला बिश्नोइयां के सोनू (15) पुत्र सत्यनारायण ने पुलिस को दिये ब्यान में कहा है कि उसका भाई प्रहलाद (18) उसे उसके ननिहाल सूरतगढ़ छोडऩे के लिए हरियाणा रोड़वेज की बस से गांव जण्डवाला बिश्नोइयां से संगरिया के लिए जा रहा था। गांव से ही इस बस में उनके गांव का विष्णु पुत्र रामसरूप सवार हुआ।
शिकायतकर्ता के अनुसार जैसे ही बस गांव आसाखेड़ा के पास पहुंची तो विष्णु पुरानी रंजिश को लेकर उसके भाई प्रहलाद से झगडऩे लगा। इसी दौरान विष्णु ने बस का दरवाजा खोल कर चलती बस से प्रहलाद को धक्का दे दिया। प्रहलाद की मौका पर ही मौत हो गई। पुलिस के अनुसार सोनू ने बताया कि 31 मार्च को प्रहलाद व विष्णु में किसी बात को लेकर झगड़ा हो गया था और इस संबंध में प्रहलाद बगैरा के खिलाफ 325 आईपीसी के तहत मामला दर्ज हुआ था। तभी से विष्णु उसके भाई से रंजिश रखता आ रहा है।
थाना प्रभारी ने बताया कि सोनू की शिकायत पर विष्णु के खिलाफ धारा 302 आईपीसी के तहत मामला दर्ज करके लाश को कब्जे में लेकर आगामी कार्यवाही शुरू कर दी है।

पुत्र मोह में रचाई दूसरी शादी, पहली पत्नी को घर से निकाला

डबवाली (लहू की लौ) भले ही इंसान चन्द्र और मंगल लोक पर पहुंच गया है और महिलाओं को पुरूषों के बराबर संवैधानिक अधिकार मिल गए हैं। लेकिन फिर भी पुरूष प्रधान समाज की मानसिकता में कोई बदलाव नहीं आया। जिसके चलते आज भी अपना वंश चलाए रखने के लिए बेटा न होने पर पत्नी को घर से निकालने से भी पुरूष नहीं चूकता। उपमण्डल डबवाली के गांव सकताखेड़ा की एक महिला ने इसी प्रसंग को लेकर अदालत की शरण ली है।
महिला ने लड़का पैदा न होने के चलते मानसिक व शारीरिक तौर पर प्रताडि़त करने और पहली के जीवित रहते नई शादी रचाने के आरोप में अपने पति सहित 9 जनों पर एक इस्तगासा दायर करके न्याय की गुहार लगाई है। जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी अमरजीत सिंह की अदालत ने धारा 156 (3) सीआरपीसी के तहत डबवाली पुलिस को पति सहित 9 जनों के खिलाफ धारा 406/498ए/494/504/506, 120बी आईपीसी के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
दायर इस्तगासा में जसवीर कौर (38) पत्नी दर्शन सिंह पुत्र कर्म सिंह निवासी गांव ढाबां तहसील संगरिया हाल पुत्री मुख्तियार सिंह पुत्र दलीप सिंह गांव सकताखेड़ा ने आरोप लगाया है कि मार्च 1992 में हिन्दू रीति-रिवाज के अनुसार उसकी शादी दर्शन सिंह पुत्र कर्म सिंह के साथ सम्पन्न हुई थी। जिसमें उसके माता-पिता ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान दहेज दिया। उसके 4-2-1993 को दर्शन सिंह के सहयोग से एक लड़की शरणदीप कौर का जन्म हुआ। वह अभी तक भी दर्शन सिंह की विवाहिता पत्नी है और उसके मध्य में आज तक कानूनी तौर पर कोई तलाक नहीं हुआ है। लेकिन उसके कोई लड़का पैदा न होने से दर्शन सिंह और उसका ससुर बलकौर सिंह निवासी ढाबां, रानी उर्फ लखवीर कौर पत्नी बलदेव सिंह, बलदेव सिंह पुत्र जीत सिंह निवासी सिरियांवाली जिला बठिण्डा उसे मानसिक रूप से व शारीरिक रूप से प्रताडि़त करने लगे और आरोपियों ने मारपीट करके तलाक हेतू कागजों पर हस्ताक्षर करवाने की कोशिश की। लेकिन उसने ऐसा नहीं होने दिया और धमकी देने लगे कि वे उसे घर पर नहीं बसाएंगे तथा दर्शन सिंह की दूसरी शादी बिना तलाक लिए ही करवा लेंगे।
इस पर वह रोती हुई अपने मायके आई। सारी बात मायके वालों को बताने पर उसकी माता इस सदमे को बर्दाश्त नहीं कर सकी और उसकी मौत हो गई। इसके बाद कई बार पंचायतें हुई। लेकिन आरोपी आश्वासन ही देते रहे। जून 2009 में उसे बताया गया कि उसके पति दर्शन सिंह की दूसरी शादी सुखपाल कौर के साथ बजरिया आनन्द कारज गांव जलाल जिला बठिण्डा में हो गई है। जिसमें बिचौले के रूप में रानी व उसके पति बलदेव सिंह ने भूमिका अदा की है।
इस पूरे मामले में शिकायतकात्री ने दर्शन सिंह की माता जसमेल कौर, दर्शन सिंह की दूसरी पत्नी सुखपाल कौर पुत्री मलकीत सिंह निवासी जलाल, मलकीत सिंह, अक्को पत्नी मलकीत सिंह निवासीगण जलाल, रानी उर्फ लखवीर कौर पत्नी बलदेव सिंह, बलदेव सिंह पुत्र जीत सिंह निवासीगण सिरियांवाली जिला बठिण्डा, हरदीप सिंह पुत्र नन्द सिंह सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी निवासी ढाबां को आरोपी बनाते हुए अदालत से न्याय की गुहार लगाई है। शनिवार को अदालत ने इस मामले की सुनवाई करते हुए थाना सदर पुलिस डबवाली को उपरोक्त धाराओं के तहत केस दर्ज करने के आदेश दिए हैं।

......अब पछतावा

डबवाली (लहू की लौ)  पिस्तौल की नोक पर लाखों रूपये का सोना लूटने वाले गिरोह के डबवाली पुलिस द्वारा पकड़े गये लुटेरे अब अपनी करनी पर पछतावा कर रहे हैं।
लूट के मामले में गिरफ्तार हवलदार तथा डीसी फरीदकोट के गनमैन गुरजीत सिंह (48)पुत्र बलदेव सिंह निवासी सुन्दर नगर, फरीदकोट ने इस संवाददाता से बातचीत करते हुए पुलिस कस्टडी में स्वीकार किया है कि उसने लूट की वारदात में शामिल होकर गलती की है। वह पंजाब पुलिस के डीजीपी कार्यालय चण्डीगढ़ में बतौर ड्राईवर भी तैनात रहा है। 23 जुलाई 1985 में वह पुलिस में भर्ती हुआ था, उसका बैल्ट नं. 754 है।
उसने बताया कि वह किस प्रकार से इस सरगना के मुखिया सुरजीत सिंह निवासी बरनाला के चंगुल में फंसा। उसके अनुसार सुरजीत सिंह पंजाब पुलिस से निलम्बित कर्मचारी है। उसकी मुलाकात फरीदकोट में अक्सर सुरजीत सिंह उस समय होती रहती थी जब वह पेशी भुगतने के लिए अदालत में आता था। उसे यह मालूम था कि वह इतना बड़ा शातिर है। अगर गुरजीत सिंह की मानें तो उसके अनुसार इस लूट की वारदात में अभी तक उसे हिस्सा नहीं मिला है। लेकिन हिस्सा बंटने से पूर्व ही हरियाणा पुलिस ने उसे दबोच लिया।
उसने यह भी बताया कि 26 जून को उसे सुरजीत सिंह ने फोन करके डबवाली पहुंचने के लिए कहा और वह तुरन्त जगजीत सिंह उर्फ जग्गा को साथ लेकर डबवाली के बठिंडा चौक में पहुंच गया और 26 जून की वारदात को अंजाम दिया। उसने यह भी बताया कि उनका एक साथी राम भी उनके साथ था। उनके अनुसार लूटपाट के बाद वह लोग तो फरीदकोट चले गये जबकि उनके दो अन्य साथी बठिंडा की ओर।
इधर पता चला है कि अन्य अभियुक्तों को पकडऩे के लिए पुलिस ने कई संदिग्ध स्थानों पर पकड़े गये आरोपियों की निशानदेही पर छापामारी भी की। लेकिन अभी तक पुलिस को सफलता नहीं मिली। इस संबंध थाना शहर डबवाली प्रभारी वीरेन्द्र सिंह से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि अन्य आरोपी शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिये जायेंगे।

डबवाली में पिटा काऊंटर इंटेलिजंस अधिकारी

डबवाली (लहू की लौ) यहां के बठिंडा चौक से एक कार चालक की कनपटी पर पिस्तौल लगा कर अपहरण करने का प्रयास कर रहे तीन जनों में से एक को लोगों ने दबोच लिया और उसकी अच्छी खातिरदारी की। लोगों का शिकार बने व्यक्ति ने पुलिस के समक्ष अपनी पहचान काऊंटर इंटेलिजंस पटियाला जोन पंजाब के एसआई के रूप में करवाई।
गुरतेज सिंह (40) पुत्र सुखमन्दर सिंह निवासी मुक्तसर ने बताया कि वह मुक्तसर में बाबा सन्त सिंह रोड़ पर हरमन ज्वैलर्स के नाम पर ज्वैलरी का काम करता है। रविवार को उसने कालांवाली अपनी बुआ को मिलने के लिए जाना था। उसने डबवाली में अपने बुआ के बेटे कुलदीप सिंह तथा सांडू कौर सिंह को इसकी सूचना फोन पहले देकर गोल चौक पर आने के लिए कह दिया था।
वह रविवार को सुबह लगभग 7.30 बजे बठिंडा चौक डबवाली में पहुुंच गया। कुलदीप सिंह पहले ही वहां मौजूद था। जबकि वह दोनों कौर सिंह के आने का इंतजार करने लगे। इसी दौरान वहां पर तीन व्यक्ति आये और उनमें से एक कार की पिछली सीट पर सवार हो गया और दूसरे ने उसकी कार की चाबी निकाल कर मोबाइल छीन लिया। तीसरा कार के दूसरी साईड पर खड़ा हो गया। पिछली सीट पर बैठे व्यक्ति ने उनकी कनपटी पर पिस्तौल लगा लिया और बाहर खड़े व्यक्ति को आदेश दिया कि वह उसे बाहर निकाल कर स्वयं कार का स्टेयरिंग संभाल ले।
शिकायतकर्ता के अनुसार वह उन व्यक्तियों से अपना कसूर पूछ रहा है और वह कौन व्यक्ति हैं जानने का प्रयास कर रहा था। तभी वहां पर कौर सिंह भी अपने बेटे वीरेन्द्र सिंह के साथ आ गया। उन्होंने संबंधित व्यक्तियों द्वारा कोई जवाब न देेने पर शोर मचा दिया। शोर सुन कर आसपास के लोगों ने उन तीन अज्ञात व्यक्तियों को घेर लिया और कनपटी पर पिस्तौल लगाने वाले को दबोच लिया। जबकि दो अन्य लोगों को चकमा देकर फरार हो गये।
लोगों ने पहले तो दबोचे गये व्यक्ति की अच्छी खातिरदारी की और बाद में उसे पुलिस को सौंप दिया। लूटपाट की घटना इसी चौक में 26 जून को पहले ही घटित हुई थी और लोग चौकन्ने थे। इस घटना की सूचना पाकर नगर के काफी लोग मौका पर पहुंच गये। जिसमें एडवोकेट रणजीत सिंह, एडवोकेट सुखबीर सिंह बराड़, एडवोकेट जितेन्द्र खैरा, वाईन ठेकेदार बिल्ला आदि शाामिल हैं। मौका पर पहुंचे इस संवाददाता को लोगों द्वारा दबोचे गये व्यक्ति ने अपना नाम पंकज कुमार निवासी रामपुरा बताया और कहा कि वह बरनाला के एक प्राईवेट कॉलेज में प्रोफेसर लगा हुआ है। थाना शहर डबवाली के प्रभारी वीरेन्द्र सिंह से जब इस सन्दर्भ में पूछा गया तो उन्होंने बताया कि पकड़े गये व्यक्ति ने पुलिस को अपनी पहचान स्वर्ण गांधी एसआई काउंटर इंटेलीजेेंस पटियाला जोन पंजाब बताया। उसने यह भी बताया कि वह अपने स्टाफ सदस्यों के साथ मलोट से किसी कार का पीछा कर रहा था। लेकिन गलती से बठिंडा चौक डबवाली में यह लोग उनके हत्थे चढ़ गये। उसने इस प्रकरण के लिए कार सवारों से लिखित में खेद भी प्रकट किया है।
ज्ञातव्य रहे डबवाली पुलिस को गहरी छानबीन के दौरान लोगों द्वारा पुलिस के सुपुर्द किये गये पंजाब पुलिस के इस अधिकारी ने अपने मिशन के बारे में कुछ भी नहीं बताया। सिर्फ इतना ही कहा कि मामला पूरी तरह सिक्रेट है और वह इसे बताने के लिए बाध्य नहीं हैं।