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21 अगस्त 2010

पंचायत ने दी सरकारी सुविधाओं के बायकाट की धमकी

डबवाली (लहू की लौ) रोज-रोज के धरनों और प्रदर्शनों से तंग जिला सिरसा प्रशासन ने इस पर लगाम कसने के लिए अपनी शक्ति का प्रयोग करते हुए इन पर कई तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं। लघुसचिवालय परिसर में धरना, प्रदर्शन करने के लिए प्रशासकीय खंड भवन से 100 मीटर दूरी पर स्थान निर्धारित किया गया है। इस स्थान के अलावा लघुसचिवालय भवन के पास कोई व्यक्ति धरना प्रदर्शन करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी।
लेकिन जनता ने अपनी आवाज को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए और रास्ते अपनाने शुरू कर दिए हैं। जिसमें धरना और प्रदर्शन की अपेक्षा महात्मा गांधी जी के असहयोग आंदोलन की तर्ज पर समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी योजनाओं का बाईकाट शामिल है। इस प्रकार की धमकी उपमण्डल डबवाली के गांव अबूबशहर की पंचायत ने उपमण्डलाधीश डबवाली को एक पत्र सौंपकर दी है। पंचायत ने पत्र की प्रतिलिपि प्रदेश के मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, आयुक्त तथा उपायुक्त सिरसा को भी प्रेषित की है। धमकी देने वालों में ग्राम पंचायत की सरपंच अमानती देवी सहित पंच भारत भूषण, सतपाल, कृष्णा देवी, सुरजीत कौर, हरजिन्द्र सिंह, सुखदेव सिंह, वीरपाल इन्द्रपाल, जगदीश कुमार, वीना रानी, जंगीर कौर, कृष्ण लाल आदि के नाम शामिल हैं। इन लोगों ने बताया कि गांव अबूबशहर में पिछले 50 वर्षों के दौरान कोई विकास कार्य नहीं हुआ है। गांव की हालत बद से बदत्तर हो चली है। गांव की समस्याओं से बार-बार प्रशासन को अवगत करवाए जाने के बावजूद आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। ग्राम पंचायत के इन सदस्यों ने बताया कि अगर उनकी समस्याओं की ओर शीघ्र ध्यान न दिया गया तो वे सरकारी योजनाओं का बायकाट करेंगे।
इस संदर्भ में जब एसडीएम डॉ. मुनीश नागपाल से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि ग्रामीणों की समस्याओं को दूर करने के लिए संबंधित विभागों को आदेश जारी कर दिए गए हैं। जल्द ही समस्याओं को निपटा दिया जाएगा।
बायकाट के कारण
1. बस स्टैण्ड रोड़ पूरी तरह से टूटी हुई है। बरसात का पानी जमा हो जाता है। कोई-न-कोई दुर्घटना होती रहती है।
2. गांव की प्रत्येक गली में गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। जिसकी वजह से मच्छरों की भरमार है। जिससे मलेरिया तथा अन्य बीमारियां फैलने का भय बन चुका है।
3. बरसाती पानी के साथ गंदगी वाटर वक्र्स की डिग्गियों में पहुंच जाती है। इतना ही नहीं पेयजल आपूर्ति की पाईपों में जगह-जगह लीकेज है।
4. गंदे पानी की निकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। पंचायत कई बार गुहार लगा चुकी है। परंतु अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ।
5. गांव में प्रत्येक वर्ष स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जाता है। लेकिन इस वर्ष प्रिंसीपल ने मनमानी से स्कूल का गेट तक नहीं खोला और न ही ध्वजारोहण किया गया। पंचायत ने मामले की जांच की मांग की।
6. गांव में रूढिय़ों के ढ़ेर लगे हुए हैं। साथ में अतिक्रमण भी बढ़ रहा है।
7. गांव के जोहड़ में पानी से ज्यादा गंदगी भरी पड़ी है।
8. सरकार द्वारा चलाए गए अभ्यिान में सभी गांवों को शौच मुक्त बनाया गया है। परंतु गांव अबूबशहर अभी तक शौच मुक्त नहीं।
9. चोरी की वारदातें दिन-ब-दिन बढ़ रही हैं।
10. नशाखोरी की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है।
11. बिजली की तारें नीची है, कभी भी हादसा घटित हो सकता है।

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