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29 नवंबर 2014

बेचने के लिये रखा था लाखों का गेहूं, पकड़ा गया!

डबवाली (लहू की लौ) गेहूं से भरे गोदामों में भ्रष्टाचार की कई परतें खुलने के बावजूद न कर्मचारी चेते हैं, न ही उन्हें संरक्षण देने वाले अधिकारी। उपमंडल डबवाली के एक गोदाम में इस बार भी ऐसा हो रहा था।  लाखों रूपये का सरकारी गेहूं बेचा जाता, इससे पहले ही भारतीय खाद्य निगम के एक अधिकारी ने छापा मारकर गेहूं पकड़ लिया। गुपचुप तरीके से अंजाम दी गई इस कार्रवाई के बाद एफसीआई के डिपो इंचार्ज पर गाज गिरी है। जब इस मामले में निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी से बात की गई तो वे टालमटोल कर गये। अधिकारी के रवैये ने कई सवाल पैदा कर दिये हैं।
डिपो इंचार्ज का तबादला
गांव सांवतखेड़ा स्थित गोदाम का कंट्रोल हैफेड के पास है। गोदाम में भरने वाली गेहूं एफसीआई की होती है। सितंबर, अक्तूबर में स्पैशल के दौरान इस गोदाम से गेहूं उठाया गया था। उठान के बाद लूज गेहूं को पुन: बैग में भरकर स्पैशल तक नहीं पहुंचाया गया। कर्मचारियों तथा अधिकारियों ने मिलीभगत करके लूज गेहूं से एक स्टेग जितने करीब बत्तीस सौ बैग बना लिये। बताया जा रहा है कि सरकारी गेहूं को बेचा जाना था। इससे पहले ही भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) की एक टीम ने भनक पाकर गोदाम में छापा मार लिया। रिकॉर्ड की जांच किये जाने पर गोदाम में करीब बत्तीस सौ बैग ज्यादा पाये गये। टीम ने हैफेड तथा एफसीआई अधिकारियों तथा कर्मचारियों से जवाब तलबी की। लेकिन वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाये।
जांच टीम ने उपरोक्त स्टॉक को रिकॉर्ड में जमा करने के बाद हैफेड तथा एफसीआई अधिकारियों को लताड़ा। टीम ने जांच की तुरंत बाद ही एफसीआई डिपो इंचार्ज आरके गर्ग का तबादला भी कर दिया। उनके स्थान पर रोहतक के डिपो इंचार्ज एसपी भाटिया को डबवाली डिपो का इंचार्ज बनाया गया है।

लूज गेहूं भरा था बैग में, बाद में दर्ज हुआ
सांवतखेड़ा गोदाम में गेहूं एफसीआई का लगता है। सिक्योरिटी हैफेड उपलब्ध करवाती है। टीम ने दौरा कर लूज गेहूं से भरे बैग पकड़े थे। स्पैशल के दौरान एकदम से इसे रिकॉर्ड में दर्ज नहीं किया जा सकता। बाद में बैग दर्ज कर लिये गये।
-छबील दास, प्रभारी हैफेड, डबवाली

मुझे मामले की जानकारी नहीं
मैंने कुछ दिन पूर्व ही डबवाली में ज्वाईन किया है। मुझे उपरोक्त मामले की जानकारी नहीं है।
-एसपी भाटिया, इंचार्ज डबवाली डिपो

एफसीआई हिसार के डीएम सुभाष चंद्र की नोटंकी
पहली कॉल : मैं डबवाली नहीं आया (फोन काट दिया)।
दूसरी कॉल : मैं अभी विजी हूं, थोड़ी देर बाद करना (फोन काट दिया)
तीसरी कॉल (कुछ समय बाद) : हैलो, हैलो, हैलो (फोन काट दिया)। लगातार कॉल की गई फोन रिसीव नहीं किया।

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