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29 नवंबर 2014

सीबीआई के पूर्व एएसपी ने दी गवाही

डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक मामले में शिकायतकर्ता को धमकाने का मामला

डबवाली (लहू की लौ) डेरा सच्चा सौदा सिरसा के पूर्व प्रबंधक से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता को फोन पर धमकाने के मामले में सीबीआई के पूर्व एएसपी डबवाली की एक अदालत के समक्ष पेश हुये। मामला चार साल पुराना बताया जा रहा है।
वर्ष 2010 में दर्ज हुआ था मामला
गांव गंगा के नजदीक ढाणी में रहने वाले रामकुमार बिश्नोई ने 16 अगस्त 2010 को सीबीआई चंडीगढ़ के एसएसपी सतपाल सिंह को पत्र लिखकर कहा था कि डेरा सच्चा सौदा के पूर्व प्रबंधक फकीरचंद मामले में वह शिकायतकर्ता है। 12 अगस्त 2010 तथा 14 अगस्त 2010 को उसके पास धमकी भरी कॉल आई है। कॉलर ने खुद को लुधियाना के मुल्लांपुर का बताते हुये डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के खिलाफ बोलने पर जान से मारने की धमकी दी है। कॉलर ने खुद को रिटायर्ड फौजी बताया था। मामले की गंभीरता को समझते हुये एसएसपी ने मामले की जांच सीबीआई के एएसपी बीएस डोगरा को सौंप दी। बीएस डोगरा ने जांच रिपोर्ट उस समय सीबीआई के डीआईजी महेश अग्रवाल को दे दी। जिसके बाद 21 सितंबर 2010 को सदर थाना डबवाली के तहत आने वाली गोरीवाला चौकी में जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज हुआ था।
कॉल डिटेल में मिले सबूत
मामला दर्ज करने के बाद चौकी प्रभारी एसआई रमेश कुमार ने मामले की जांच की थी। कॉल डिटेल में शिकायत में दर्ज नंबर से रामकुमार बिश्नोई को उपरोक्त दोनों तारीखों में कॉल आने की पुष्टि हुई। यहीं नहीं रामकुमार को मिले अंगरक्षक ने भी अपने ब्यानों में फोन कॉल की पुष्टि की। मामले में संलिप्त आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने 1 दिसंबर 2012 को चार्जशीट अदालत में पेश की थी।
चार साल पुराने मामले में सीबीआई के पूर्व एएसपी बीएस डोगरा न्यायिक दंडाधिकारी (प्रथम श्रेणी) कपिल राठी की अदालत में पेश हुये। उपरोक्त मामले में अपने ब्यान दर्ज करवाये।

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