युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

24 मार्च 2011

डेरा अनुयायी ने न्यायिक परिसर में की खुदकुशी


सिरसा। डेरा सच्चा सौदा से जुड़े एक नवयुवक ने आज बाद दोपहर सिरसा न्यायिक परिसर में कनपटी पर पिस्टल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। मृतक की पहचान सिरसा निवासी विनोद (24)पुत्र बालमुकंद के तौर पर हुई है। मृतक के पास से एक सुसाइड नोट भी मिला है। इस सुसाइड नोट में उसने अपनी आत्महत्या करने की वजह डेरा प्रमुख की हर रोज न्यायालय में विभिन्न मामलों में पड़ रही पेशी से आहत होना बताया हैै।
   डेरा अनुयायी युवक विनोद ने करीब सवा चार बजे न्यायालय में जजों की पार्किंग के पास मारूती कार संख्या डी एल 4सी एल 2458 में बैठकर अपनी कनपटी पर पिस्टल से गोली चलाकर खुदकुशी कर ली एकाएक फायर निकलने की आवाज सुनकर न्यायालय परिसर में सनसनी फैल गई जजों के गार्ड आवाज सुनकर कार के पास पहुंचे तो पाया कि मारूति कार में एक युवक खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ा हैै। सिरसा के पत्रकार रामचंद्र छत्रपति हत्याकांड में आज भी डेरा प्रमुूख की पेशी थी। युवक ने यह कृत्य बाबा की पेशी के बाद किया।
  घटना की सूचना पाकर हुड्डा चौकी प्रभारी राजकुमार मौके पर पहुंचे उन्होंने इसकी इतिलाह उच्च पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को दी जिस पर जिला मुख्यालय पुलिस उपाधीक्षक पूर्ण चंद पंवार व शहर थाना प्रभारी कृष्णा यादव भी घटनास्थल पर पहुंचे। युवक के गले में डाले लॉकेट से आभास हुआ कि युवक डेरा से सम्बधित है जिस पर डेरा प्रबंधक मंडल को सूचित किया गया। डेरा से जुड़े पदाधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर मृत युवक की शिनाख्त विनोद पुत्र बालमुंकद निवासी सिरसा के तौर पर की। विनोद काफी समय से डेरा सच्चा सौदा से जुड़ा था। पुलिस ने मृतक की जेब से एक सुसाईड नोट बरामद किया जिसमें युवक ने आत्म हत्या की वजह डेरा प्रमुख की अदालत में नित्य की पेशी से आहत होना बताया। मौके पर मौजूद पुलिस उपाधीक्षक पूर्ण चंद पंवार ने बताया कि युवक जिस कार से न्यायालय परिसर आया तथा जिस पिस्टल से खुदकुशी की किसका है पुलिस जांच कर रही हैै? मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला के सामान्य अस्पताल ले जाया गया हैै।
    काबिलेजिक्र है कि इस समय सी.बी.आई. की विशेष अदालत में रणजीत हत्याकांड, छत्रपति हत्याकांड एवं साध्वी यौन शोषण प्रकरण के मामले चल रहे हैं। पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सी.बी.आई. की विशेष अदालत में डेरा प्रमुख से संबंधित मामलों की सुनवाई हर रोज किए जाने के आदेश 15 दिसम्बर 2010 को दिए थे। डेरा प्रमुख की हर रोज पेशी सुनिश्चित किए जाने से डेरा अनुयायी खफा हैं। इसी बात से बिफरे डेरा अनुयायियों ने इसी बरस छह जनवरी को बाबा की पेशी के दौरान बरनाला रोड पर नारेबाजी की। शुरूआती दौर में तो भड़के डेरा प्रेमियों ने तो बरनाला रोड मार्ग को अवरुद्ध कर जाम भी लगा दिया था इसके बाद हर रोज हजारों की तादाद में डेरा अनुयायी बाबा की पेशी के दौरान न्यायालय परिसर के बाहर जुटते हैं।  वीडियो कान्फ्रैङ्क्षसग के जरिए डेरा प्रमुख अदालत में पेश हुए। अब तक वीडियो कान्फ्रैङ्क्षसग के जरिए छह दर्जन से अधिक बार वे अदालत में पेश हो चुके हैं।
  बता दें कि किे वर्ष 2007 में जसविद्र सिंह निवासी चक अतर सिंह वाला (पंजाब)नामक युवक ने न्यायालय परिसर में ही पुलिस अधीक्षक कार्यालय के पास स्वयं को आग के हवाले कर दिया था जिसकी बाद में मौत हो गई थी इसके बाद वर्ष अगस्त 2008 में पीलीबंगा(राजस्थान) के भगवान दास नामक व्यक्ति ने भी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख पर लगे आरोपों से आहत होकर पीलीबंगा तहसील परिसर में आत्मदाह कर लिया था।

कोई टिप्पणी नहीं: