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20 नवंबर 2014

टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करेगी केंद्रीय टीम


डबवाली (लहू की लौ) स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार देश में प्रति डेढ़ मिनट में एक व्यक्ति की मौत टीबी रोग से होती है। पिछले दस वर्षों से टीबी रोग नियंत्रण के तहत दी जाने वाली दवा का प्रभाव भी कम होने लगा है। दस वर्षों के फीडबैक के साथ-साथ योजना में सुधार की उम्मीद लेकर केंद्र सरकार की 26 सदस्यीय टीम सिरसा तथा सोनीपत में डेरा डालने वाली है। यह टीम 24 नवंबर से अपना काम शुरू करेगी।
वर्ष 2004 में टीबी रोग पर नियंत्रण के लिये कार्यक्रम शुरू हुआ था। जिसके तहत जिला सिरसा में डबवाली, ऐलनाबाद तथा सिरसा में टीबी रोग नियंत्रण केंद्र स्थापित किये गये थे। न्यूट्रीशियन की वजह से पनपने वाला यह रोग वर्तमान समय में भी काफी खतरनाक है। अगर पूर जिला सिरसा की बात की जाये तो हर वर्ष करीब 1525 मरीज टीबी के निकलते हैं। लेकिन अब इन मरीजों में से कुछ पर टीबी की दवा ने असर करना बंद कर दिया है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग सकते में आ गया है। पिछले दस वर्षों का डाटा लेने तथा योजना में खामियां दूर करने के लिये केंद्र की टीम सिरसा आ रही है।
अलग-अलग जगहों पर इतने मरीज
डबवाली केंद्र के तहत एक सामान्य अस्पताल, दो सीएचसी तथा आठ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आते हैं। 11 स्थानों पर करीब पौने चार लाख लोग निर्भर हैं। अकेले डबवाली में ही हर वर्ष 400 मामले निकलते हैं। जबकि ऐलनाबाद में सवा चार लाख लोगों में से हर वर्ष 425 मरीज, सिरसा की करीब साढ़े पांच लाख आबादी में से 700 मरीज प्रति वर्ष ट्रेस होते हैं। इस वर्ष डबवाली में निकले 10 मरीजों ने स्वास्थ्य विभाग को सोचने पर मजबूर कर दिया है। ये ऐसे मरीज हैं, जिन पर वर्तमान समय में दी जाने वाली टीबी की दवा ने असर करना बंद कर दिया है।
सिरसा में टीम के सदस्य
डॉ. शिव प्रकार हिमाचल प्रदेश, डॉ. संजय सिन्हा राजस्थान, डॉ. संजय अरोड़ा जम्मू, डॉ. पैलाश तालुकदार अरूणाचल प्रदेश, डॉ. डील फिना तामिलनाडू, डॉ. वैभव झारखंड, डॉ. तुषार मध्य प्रदेश, डॉ. कविथा ए सिंह यूपी, डॉ. जोसफ अरूणाचल प्रदेश, डॉ. नरेश अमृतसर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, नागपुर तथा चेन्नई के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

24 से 27 नवंबर तक रहेगी सिरसा में
वर्तमान समय में दी जाने वाली टीबी की दवा कुछ मरीजों पर प्रभावशाली नहीं हो रही है। बार-बार जांच में टीबी आने पर ऐसे रोगियों का टेस्ट करनाल सहित लैब में किया जाता है। करीब एक सप्ताह बाद रिपोर्ट आती है। ऐसे 10 मरीजों की रिपोर्ट पॉजीटिव आ चुकी है। ऐसे एक मरीज के उपचार पर ढाई लाख रूपये खर्च आयेगी। कार्यक्रम की समीक्षा के किये केंद्रीय टीम 24 से 27 नवंबर तक जिला सिरसा में रहकर योजना की समीक्षा करगी। टीबी नियंत्रण केंद्रों को दिशा-निर्देश जारी हो गये हैं। डाटा तैयार किया जा रहा है।
-डॉ. सुखवंत सिंह, प्रभारी, टीबी नियंत्रण कार्यक्रम

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