युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

03 दिसंबर 2014

ट्रेकर से मिली लच्छो की आईडी, पकड़े गये लुटेरे

वारदात में हुआ था चोरी के बाईक का प्रयोग

डबवाली (लहू की लौ) युवती की हिम्मत तथा तकनीक ने दो लुटेरों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। लूट की गुत्थी सुलझने पर पुलिस ने खुलासा किया कि वारदात में लुटेरों ने चोरी की बाईक का प्रयोग किया था। मंगलवार को पुलिस ने नाबालिग लुटेरे को यूनाईल कोर्ट में पेश किया। जबकि मोबाइल बरामदगी के लिये बालिग आरोपी का एक दिन का पुलिस रिमांड प्राप्त कर लिया।
यह था घटनाक्रम
आढ़ती फर्म झालरिया ट्रेडिंग कंपनी के मालिक बृजमोहन की पुत्रवधू सारिका पत्नी रोहित अपने पांच वर्षीय बेटे प्रणय के साथ 12 नवंबर 2014 की शाम करीब 6 बजे एक निजी अस्पताल से वापिस घर लौट रही थी। अस्पताल से ही एक युवक ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। इसी दौरान बाईक सवार एक युवक दया अस्पताल वाली गली में स्थित उनके मकान के आगे आकर खड़ा हो गया। गली में युवती को अकेला पाकर पीछे आ रहे युवक ने सारिका से उसका पर्स तथा मोबाइल छीन लिया और बाईक पर जा बैठा। दोनों फरार हो गये थे। मोबाइल करीब 22 हजार रूपये का था।
ट्रेकिंग सिस्टम से पकड़ा
सारिका के मोबाइल पर ट्रेकर लगा हुआ था। जैसे ही मोबाइल में नया सिम कार्ड डाला गया। वैसे ही ट्रेकर के जरिये संबंधित मोबाइल नंबर तथा आईडी सारिका के पास आ गई। सारिका के परिजनों ने अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी। वारदात के तार पंजाब के थाना लंबी के गांव तपाखेड़ा में जा भिड़े। सारिका ने पुलिस को पूरे मामले से अवगत करवाया। सोमवार को पुलिस ने गांव तपाखेड़ा निवासी कुलदीप सिंह तथा अबुलखुराना निवासी नाबालिग जश्न (बदला हुआ नाम) को काबू कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल लिया। मंगलवार को पुलिस ने कुलदीप को उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी परवेश सिंगला की अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे एक दिन के पुलिस रिमांड पर सौंप दिया।
पड़ौसी महिला की आईडी दे रखी थी
वारदात को अंजाम देने के बाद कुलदीप ने मोबाइल को सात हजार रूपये में अपने मौसेरे भाई को बेच दिया था। मौसेरे भाई ने पड़ौस में रहने वाली महिला लच्छो की आईडी के आधार पर सिम खरीदा और उसे मोबाइल में डाल लिया। जैसे ही पुलिस ने आईडी के आधार पर लच्छो के घर का दरवाजा खटखटाया, मामले की पोल खुल गई।
मलोट में पढ़ते हैं दोनों लुटेरे
कुलदीप मलोट के एक निजी स्कूल में 12वीं कक्षा का छात्र है। जबकि जश्न उसी विद्यालय की 10वीं कक्षा में पढ़ता है। वारदात के दिन जश्न बाईक चला रहा था। जबकि कुलदीप ने महिला से पर्स तथा मोबाइल छीना था।
चौकी में इंपाऊंड है बाईक
12 नवंबर को वारदात करने के बावजूद लुटेरों के हौंसले बुंलद थे। 14 नवंबर को एक बार फिर वे शहर में वारदात करने पहुंचे। गोल बाजार चौकी क्षेत्र में पुलिस ने बिना नंबर बाईक देखकर उन्हें रोका। बाईक संबंधी कागजात न दिखाने पर पुलिस ने बाईक इंपाऊंड कर ली। जबकि दोनों मौका से खिसकने में कामयाब हो गये थे।
शहर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर दलीप सिंह तथा जांच अधिकारी एसआई भूप सिंह ने बताया कि जिस बाईक पर लुटेरों ने वारदात को अंजाम दिया था। वह गोल बाजार पुलिस चौकी ने 14 नवंबर को इंपाऊंड किया था। नाबालिग आरोपी ने बाईक को अबोहर से दो माह पूर्व चुराया था। आरोपियों ने खुलासा किया है कि शौंक पूरा करने के लिये उन्होंने वारदात को अंजाम दिया था।

कोई टिप्पणी नहीं: