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06 दिसंबर 2014

हर माह तीन ने गंवाई जान

यातायात नियमों का ज्ञान न होने तथा लापरवाही बन रही हादसों का कारण

डबवाली (लहू की लौ) यातायात नियमों के प्रति ज्ञान न होने से सड़क दुर्घटनाओं में तेजी से इजाफा हो रहा है। पिछले दस वर्ष के आंकड़ों पर गौर किया जाये तो इस वर्ष डबवाली क्षेत्र में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। दुर्घटना में हर माह तीन लोगों की जान गई है। जबकि घायल लोगों का आंकड़ा भी यही रहा है। शहर थाना डबवाली क्षेत्र में इस वर्ष 44 हादसे हुये हैं। जिनमें से बीस हादसे जानलेवा साबित हुये। सदर थाना डबवाली क्षेत्र में कुल 20 हादसे हुये। जिनमें से 10 हादसों में जान गई। बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर पुलिस मुहिम छेडऩे जा रही है। यातायात नियमों के बारे में स्कूली बच्चों को जागरूक किया जायेगा।

शहर थाना डबवाली क्षेत्र में हादसे
साल हादसे (जिनमें जान गई)  घायल
2005 10 14
2006 18 21
2007 14 11
2008 08 24
2009 19 08
2010 09 14
2011 09 10
2012 11 19
2013 11 22
2014 20 22

स्पीड लिमिट पर ध्यान दें : अक्सर जल्दी के चक्कर में सड़क दुर्घटनाएं होती हैं। युवा सड़क को रेसिंग ट्रेक समझकर दोपहिया या फिर चार पहिया वाहन भगाते हैं। लेकिन इस बारे में भी गति सीमा निर्धारित हैं।
वाहन का प्रयोग राष्ट्रीय राजमार्ग राज्य राजमार्ग अन्य मुख्य सड़कें
              (किमी/घंटा) (किमी/घंटा) (किमी/घंटा)
बस/ट्रक           65           65 60
कार/जीप                    90          80 70
मोटरसाईकिल            50           50 45
एक पहलू यह भी : यदि आप किसी बारात, सैनिक या पुलिस मार्च या कामगारों के सड़क पर मरम्मत कार्य में लगे होने के दौरान गुजर रहे हैं, तो आपकी गति 25 किमी. प्रति घंटा से अधिक नहीं होनी चाहिये। (स्त्रोत : हरियाणा पुलिस)

सड़क दुर्घटनाओं के संबंध में तथ्य
1. विश्व में प्रतिवर्ष 13 लाख लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। 2. 90 प्रतिशत सड़क हादसे भारत जैसे विकासशील देशों में होते हैं। 3. विश्व में युवा जनसंख्या में मृत्यु का यह सबसे बड़ा कारण है।  4. सड़क दुर्घटनाएं प्रतिवर्ष पांच प्रतिशत की दर से बढ़ रही हैं। 5. भारत का सड़क दुर्घटनाओं से होने वाली मौतों में दुनियां में पहला स्थान है। 6. भारत में प्रति घंटा में 15 लोग सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। इसका अर्थ है कि 360 लोग प्रतिदिन शाम को घर नहीं पहुंचते हैं। 7. मृतकों में 85 प्रतिशत लोग परिवार के मुखिया हैं, जो परिवार की रोजी रोटी चलाते हैं। 8. सड़क हादसों में शिकार 70 प्रतिशत लोग, 30 से 59 वर्ष की आयु से संबंधित हैं। 10. पूरे विश्व में सड़क हादसों में मरने वालों में 50 प्रतिशत से अधिक पैदल चलने वाले साईकिल सवार या दो पहिया वाहन सवार हैं।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार का आंकड़ा
ड्राईवरों की लापरवाही व गलत दृष्टिकोण ही 81 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं के लिये एकमात्र जिम्मेदार कारण है। इसी कारण 82 प्रतिशत लोग घायल होते हैं व 76 प्रतिशत लोग सड़क हादसों में मारे जाते हैं।
लापरवाही के मुख्य कारण
शराब पीकर वाहन चलाना, तेज रफ्तार, उतावलापन, गति सीमा को तोडऩा, गाड़ी चलाते समय मोबाइल पर बात करना, ट्रेफिक नियमों का उल्लंघन करना, तेज गति से ओवरटेक करना, वाहनों को ओवरलोड व सड़कों की दुर्दशा।

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