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06 दिसंबर 2014

जिंदगी पर भारी पड़ रही वाहनों के बढऩे की रफ्तार

प्रत्येक माह खरीदे जा रहे करीब 310 वाहन, पुलिस महानिदेशक कर चुके हैं तीखी टिप्पणी

डबवाली (लहू की लौ) वाहनों की संख्या तेज रफ्तार के साथ बढ़ रही है, जिसमें जिंदगी का दम घुट रहा है। डबवाली में पिछले चार साल आठ माह में 18 हजार 720 वाहनों का रजिस्ट्रेशन हुआ। अगर माह वार रिपोर्ट का आंकलन किया जाये तो इस समयावधि में प्रत्येक माह करीब 310 वाहन पंजीकृत हुये। जिसमें मोटरसाईकिल, कार, ट्रेक्टर, स्कूटर/मोपेड तथा जीप शामिल हैं। इतनी बढ़ी संख्या में वाहनों का पंजीकरण होने के बावजूद चालक नियमों से कन्नी काटे हुये हैं। चालक नहीं जानते कि वाहन पर सवार होने से पहले कुछ नियम होते हैं। अगर नियमों की पालना की जाये तो हादसों से बचा जा सकता है।
अपने वाहन को जानिए
अपने वाहन को अच्छी तरह जानना आवश्यक है। आपको वाहन के नियंत्रण, सुरक्षा सुविधाओं व उसमें सक्रिय सूचकों, विभिन्न लाईटों और अलार्म के बारे में जानकारी होनी चाहिये। वाहन की लाईटें, हॉर्न, ब्रेक, टायर और अन्य नियंत्रकों को नियमित रूप से चैक करें और सुनिश्चित करें कि वे सही कार्य करने की दशा में हो।
हॉर्न : हर मोटर वाहन एक कार्यशील हॉर्न से सुसज्जित होना चाहिये जो ध्वनि के माध्यम से वाहन के स्थान या आगमन की पर्याप्त चेतावनी दे। घंटियां और सायरन हॉर्न नहीं हां। अपने हॉर्न का उपयोग केवल दुर्घटना से बचने के लिये करें। इसके अलावा केवल आपातकालीन वाहनों जैसे एंबुलैंस, फायर इंजन, पुलिस वाहनों या पंजीकरण प्राधिकारी द्वारा अनुमोदित वाहनों पर ही हॉर्न फिट किया जा सकता है, जो कठोर, तीखी तथा जोरदार आवाज निकालता हो।
हॉर्न संबंधी जरूरी टिप्स :
1. अनावश्यक और लगातार हॉर्न ना बजायें।
2. मौन क्षेत्रों में हॉर्न न बजायें।
3. साईलेंसर के अलावा निकाल गैसें निकालने के लिये किसी कट-आउट का प्रयोग ना करें।
4. कठोर, तीखी, जोरदार आवाज निकालने वाले हॉर्न ना लगवाएं।
5. ऐसे वाहन ना चलायें जो चलते समय अनुचित शोर करता हो।
6. ऐसा वाहन ना चलायें जिसका साईलेंसर चेतावनीपूर्वक आवाज करता हो।
लाईसेंस प्लेट : एक पंजीकरण चिहन सभी मोटर वाहनों के सामने और पीछे दोनों ओर स्पष्टता से लाईसेंस प्लेट के रूप मे प्रदर्शित होना चाहिये। एक सफेद बल्ब या रियर लैंप ठीक से पूरे पंजीकरण निशान क्षेत्र को प्रकाशित करने वाला होना चाहिये।
रिफ्लेक्टर : बाईक या तिपहिया वाहन को छोड़कर सभी वाहनों में पीछे की ओर दो लाल रिफ्लेक्टर दोनों दिशाओं में एक-एक लगे होने आवश्यक हैं। मोटरसाईकिल में पीछे की ओर कम से कम एक लाख रिफ्लेक्टर लगाया जाना चाहिये।
सीट बेल्टस और एयर बैगस : सीट बेल्ट एक महत्वपूर्ण उपकरण है जो दुर्घटना की स्थिति में चोट लगने या मृत्यु होने की संभावना को कम करता है। आगे की सीट पर बैठे व्यक्ति और सामने की तरफ की सीटों पर बैठे व्यक्तियों के लिये चलते वाहन में हर समय सीट बेल्ट पहनना अनिवार्य है।
क्या है सीट बेल्ट का फायदा
1. सीट बेल्ट आपको स्टेयरिंग के पीछे और टकराव की स्थिति में वाहन को आपके नियंत्रण में रखती है।
2. सीट बेल्ट आपके शरीर व सिर को वाहन के अंदर टकराने से बचाती है।
3. सीट बेल्ट टकराव की स्थिति में आपको वाहन के अंदर बनाये रखती है। जो व्यक्ति टबराव के समय वाहन से बाहर गिर जाये, उसे गंभीर चोटें लगने की अधिक संभावना होती है।
वाहन में यह नहीं होना चाहिये
1. सामने दिख रही कोई भी लाल या नीले रंग की चमकती या झपकती रोशनी
2. कोई स्पॉट लाईट या सर्च लाईट
3. कोई भी मल्टी टयून हॉर्न या सायरन जो असाधारण सी आवाज का आभास देता हो।
4.कांच अथवा खिड़कियों पर अंधेरी फिल्म का प्रयाग न हो।


यातायात पुलिस को भी नियमों की जानकारी नहीं
ड्राईविंग की समझ के अभाव और यातायात नियमों की निरंतर अवहेलना ने सड़कों को बेहद असुरक्षित बना दिया है। यह कोई कम आश्चर्य की बात नहीं कि मोटर वाहन चालकों, पैदल चलने वालों, साईकिल चालकों तथा यातायात पुलिस कर्मियों को भी यातायात नियमों की पर्याप्त जानकारी नहीं है। सुरक्षित ड्राईविंग की जानकारी के अभाव और यातायात के नियमों को भली-भांति लागू न किये जाने के कारण आज सड़कों पर अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो गई है। भारत में हर साल एक लाख 30 हजार से अधिक व्यक्ति सड़क दुर्घटनाओं में मारे जाते हैं। केवल पिछले दशक में ही देश में सड़कों पर होने वाली मौतों में लगभग 50 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। यदि यह बढ़ौतरी ऐसे जारी रही तो वर्ष 2015 तक यह आंकड़ा 1 लाख 50 हजार को पार कर जाने की आशंका है।
-एसएन वशिष्ठ, पुलिस महानिदेशक, हरियाणा
(हरियाणा पुलिस की ओर से सड़क सुरक्षा नामक पुस्तिका में छपे लेख में)


1 अप्रैल 2010 से
31 मार्च 2011
वाहन रजि.
स्कूटर/मोपेड 293
मोटरसाईकिल 2084
कार 497
ट्रेक्टर 233
जीप 63
कुल वाहन 3170

1 अप्रैल 2011 से
31 मार्च 2012
वाहन रजि.
स्कूटर/मोपेड 320
मोटरसाईकिल 2391
कार 537
ट्रेक्टर 395
जीप 91
कुल वाहन 3734

1 अप्रैल 2012 से
31 मार्च 2013
वाहन रजि.
स्कूटर/मोपेड 409
मोटरसाईकिल 2606
कार 638
ट्रेक्टर 525
जीप 121
कुल वाहन 4302

1 अप्रैल 2013 से
31 मार्च 2014
वाहन रजि.
स्कूटर/मोपेड 418
मोटरसाईकिल 2597
कार 697
ट्रेक्टर 579
जीप 100
कुल वाहन 4391


1 अप्रैल 2014 से
30 नवंबर 2014
(8 माह की रिपोर्ट)
स्कूटर/मोपेड 389
मोटरसाईकिल 1973
कार 395
ट्रेक्टर 301
जीप 45
कुल वाहन 3103

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