युवा दिलों की धड़कन, जन जागृति का दर्पण, निष्पक्ष एवं निर्भिक समाचार पत्र

26 नवंबर 2014

कंपनी छोड़ बना बाईक चोर,गैंग सहित पुलिस के हत्थे चढ़ा

डबवाली (लहू की लौ) फाईनैंस कंपनी में अच्छे दिन चल रहे थे। बार-बार हो रहे तबादलों ने नींद हराम कर दी। अच्छी-भली नौकरी छोड़कर मधुमक्खी पालन का व्यवसाय करने की ठानी। नया काम शुरू करने से पहले ही बाईक चोर गिरोह का सदस्य बन बैठा। यह अनाड़ी चोर पहली दफा ही पकड़ा गया। बठिंडा की जेल में बंद इस चोर का प्रॉडक्शन वारंट हासिल करके गोल बाजार पुलिस ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
दो दिन के रिमांड पर गया आरोपी
डबवाली में कपड़े का काम करने वाले डिप्टी सरूप जैन का बाईक 22 सितंबर 2014 को राजा राम स्कूल के नजदीक स्थित जैन संस्थान के आगे खड़ा था। जैन ने जब अपना बाईक संभाला तो गायब मिला। कपड़ा विक्रेता की शिकायत पर शहर थाना पुलिस बाईक चोरी का मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी। इसी दौरान पंजाब की बठिंडा पुलिस ने 14 नवम्बर 2014 को बाईक चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए कुछ युवकों को काबू किया। एक आरोपी ने बठिंडा पुलिस के समक्ष डबवाली से बाईक चोरी करने की बात कबूली। जिसकी सूचना सांझा करते हुए बठिंडा पुलिस ने डबवाली पुलिस को दी। गोल बाजार पुलिस ने मंगलवार को प्रोडक्शन वारंट पर आरोपी को बठिंडा पुलिस से प्राप्त कर लिया। जिसे उपमंडल न्यायिक दंडाधिकारी परवेश सिंगला की अदालत में पेश करके दो दिन का पुलिस रिमांड हासिल कर लिया।
गुनाह कबूला
पुलिस रिमांड पर लिये गये 24 वर्षीय लखवीर सिंह पुत्र जगदेव सिंह ने बताया कि वह जिला बठिंडा के गांव पिसीयाना का रहने वाला है लेकिन अब हनुमानगढ़ में किराये पर रह रहा है। वह एक फाईनैंस कम्पनी में कार्यरत था। उसकी पहली पोस्टिंग अमृतसर में, इसके बाद उसे संगरूर, फिर हिमाचल और अब जयपुर भेजने के आदेश हुए थे। बार-बार के तबादले से परेशान होकर वह मधु मक्खी पालन का काम करने की सोच रहा था कि इसी दौरान उसकी दोस्ती गोनियाना निवासी राहूल से हुई, जो बाईक चोर गिरोह का सरगना था। उस पर संगति का रंग चढ़ा और उसने भी अमीर बनने का शॉर्टकट रास्ता चुनते हुए डबवाली से 22 सितम्बर को बाईक चुरा लिया और इस बाईक को अपने दोस्त राहूल को दे आया। इसी दौरान उनका गैंग बठिंडा पुलिस के हाथ चढ़ गया और वह भी पकड़ा गया। लखबीर के अनुसार उसकी यह पहली चोरी थी।
यूं मिला था बाईक
गोल बाजार पुलिस चौकी के एसआई भूप सिंह ने बताया कि बाईक चोरी करने के बाद आरोपी बाईक को बठिंडा ले गया। बठिंडा स्थित पूर्ण ऑटो वक्र्स पर बाईक को खड़ा करने के बाद वापिस नहीं लौटा। ऑटो वक्र्स के मालिक पूर्ण ने बाईक में मिले कागजात पर लिखे एक मोबाइल नंबर पर डॉयल किया। डॉयल नं. बाईक मालिक डिप्टी जैन का था। ऑटो वक्र्स मालिक से बाईक खड़े होने की सूचना पाकर जैन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने 5 अक्तूबर 2014 को बाईक बरामद कर लिया। एसआई के अनुसार रिमांड अवधि के दौरान लखबीर सिंह की निशानदेही पर बाईक के कागजात व अन्य चोरियों का सुराग लगाने का प्रयास किया जायेगा।

कोई टिप्पणी नहीं: