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08 जनवरी 2011

ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स में आग, लाखों का नुक्सान


डबवाली (लहू की लौ) ओरियन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स में शुक्रवार अल सुबह अचानक आग लग गई। आग से लाखों रूपए के बिजली उपकरण जलकर राख हो गए। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है। अग्निश्मक दस्तों ने करीब दो घंटे के कड़े संघर्ष के बाद आग पर काबू पाया।
यूं लगा पता
बैंक के बाहर स्थित एटीएम के गार्ड कमलेश ने सुबह करीब 4 बजे बैंक के भीतर धुआं उठता देखा। उसने इसकी सूचना तुरंत फायर ब्रिगेड को दी। सूचना पाकर मौका पर फायर ब्रिगेड के एफएसओ हरमिंद्र सिंह, लिडिंग फायरमैन श्याम सुंदर, चालक रामप्रताप, फायरमैन विक्रम दास तथा नन्द राम पहुंचे।
शोरूम के शीशे तोड़ आग पर पाया काबू
बैंक के भीतर से धुंआ उठ रहा था। फायर ब्रिगेड कर्मचारी भी धुएं और घुटन के चलते भीतर जाने में मुश्किल अनुभव कर रहे थे। आग कहां लगी है, इसका पता नहीं चल पा रहा था।  करीब आधा घण्टा तक यह मालूम नहीं हो पाया कि आग बैंक के किस हिस्से में लगी है। फायर ऑफिसर हरमिंद्र सिंह के अनुसार आधा घंटा बाद बैंक के पीछे स्थित वोडाफोन के शोरूम के शीशे तोड़कर आग का पता लगाया गया और वहां से पानी फेंककर आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू हुआ। मौका पर पहुंची नगरपालिका की दोनों फायर ब्रिगेड ने करीब ढ़ाई घण्टे के कड़े संघर्ष के बाद आग पर काबू पाया।
पांच लाख का नुक्सान
सूचना पाकर मौका पर पहुंचे बैंक के शाखा प्रबंधक प्रेम भूषण गर्ग ने बताया कि आग लगने का कारण शार्ट-सर्किट हो सकता है। उनके अनुसार आग से एटीएम का पांच किलोवाट का यूपीएस, एक अन्य तीन किलोवाट का यूपीएस, यूपीएस की बैटरियां, इसी रूम में पड़ी बैंक की स्टेशनरी, बैंक में लगे चार एसी तथा अन्य इलेक्ट्रोनिक सामान जलकर राख हो गया। करीब पांच लाख रूपए का नुक्सान हुआ है। लेकिन स्ट्रॉंग रूम बाल-बाल बच गया। उन्होंने बताया कि इस आग के कारण हाल ही में करवाई गई पीओपी भी नष्ट हो गई। आग से छत को भी नुक्सान पहुंचा।
यूपीएस रहते हैं ऑन
बैंक के मैनेजर प्रेम भूषण गर्ग के अनुसार बैंक के स्टेशनरी रूम में दो यूपीएस लगे हुए हैं। जिनमें से पांच किलोवाट का यूपीएस एटीएम तथा तीन किलोवाट का यूपीएस बैंक के कार्य के लिए लगा हुआ है। ये दोनों यूपीएस हमेशा ऑन रहते हैं। इन्हीं में से किसी में शार्ट सर्किट हुआ होगा, जो आग लगने का कारण बना।
भवन मालिक केके सेठी के अनुसार अगर समय रहते आग पर काबू न पाया जाता तो उनके ऊपर स्थित निवास को भी नुक्सान पहुंचता। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस भी फोन करने के ढाई घण्टे के बाद घटनास्थल पर पहुंची। जबकि उपमण्डलाधीश को फोन किए जाने के बावजूद भी प्रशासनिक अधिकारी मौका पर नहीं पहुंचे और न ही उन्होंने उनका फोन रिसीव किया।
कोई केजूअलटी नहीं हुई
ढाई घण्टे विलम्ब से पहुंचे थाना शहर प्रभारी बलवंत जस्सू से जब केके सेठी ने कहा कि वह कई बार थाना में फोन कर चुका है। लेकिन किसी ने उठाया नहीं। अगर उठाया तो पहुंचा नहीं। इसके जवाब में थाना शहर प्रभारी ने बताया कि वह बाहर गश्त पर थे। उन्हें जैसे ही आग की सूचना मिली, वे मौका पर पहुंच गए। उन्होंने कहा कि भगवान का शुक्र है कि कोई केजूअलटी नहीं हुई।
आग से पुराना नाता
ओरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स का आग से पुराना नाता है। बैंक में पिछले साल की 3 जुलाई को भी अचानक आग लग गई थी। उस समय इलेक्ट्रोनिक रूम में लगा बिजली का मीटर जलकर राख हो गया था। आग का कारण शार्ट सर्किट ही माना गया था।

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