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19 नवंबर 2014

आरोग्य: प्रोटीन से भरपूर दालें

भारत में बहुत किस्म की दालें पैदा होती हैं। जैसे अरहर, मूंग, मसूर, उड़द,चना,मटर तथा लोबिया। जोकि भारतीय भोजन में विशेष स्थान रखती हैं क्योंकि जो लोग मांस सेवन नहीं करते वह केवल दालों से ही प्रोटीन प्राप्त कर सकते हंै।
गरीब आदमी को भोजन में दालें अति आवश्यक हैं। इनमें प्रोटीन बहुतयात में होता है। दालों में कार्बोहायड्रेट काफी मात्रा में होता है। थोड़ी चिकनाई भी होती है। विटामिन ए दालों में कुछ कम होता है। परन्तु विटामन बी बहुत हाता है। दालों में कैल्सियम कुछ कम होता है। परन्तु फासफोर्स और लोहा काफी मात्रा में होता है। प्रोटीन प्राप्त करने के लिए मास न सेवन करने वालों के लिये दालों का सेवन अति आवश्यक है। साबुत दालों को उगाने अर्थात् अंकुरित करने के बाद इन में विटामन सी की संख्या बहुत बढ़ जाती है। अंकुरित दालें शीघ्र हजम हो जाती हैं। इस लिये सप्ताह में दो तीन बार अंकुरित दालें आपके भोजन में शामिल होनी चाहिए।
साबुत मटर, लौबिया, चनों को 24 घंट पानी में भिगो दिया जाये। इसके बाद इन का सेवन रकें। अंकुरित दालों को थोड़ा पका कर और कच्ची हालत में भी खाया जा सकता है। कच्ची अंकुरित दालों में नींबू, नमक, हरी मिर्च, काली मिर्च, हरे धनियें के पत्ते, खीरा, टमाटर डाल कर सेवन कर सकते हैं। इस प्रकार बनाई गई कच्ची सब्जी विटामनों से भरपूर होती है। मूल उर्दू लेखक:महानंद अनुवादक: मनोहर लाल कामरा

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