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24 दिसंबर 2014

बरसी पर घोषणा, डबवाली में दिया जायेगा डिजास्टर मैनेजमेंट का प्रशिक्षण

शहर में आने वाले प्रत्येक मंत्री-संतरी को जाना होगा अग्निकांड स्मारक पर

डबवाली (लहू की लौ) अब डबवाली में उपमंडल स्तर पर डिजास्टर मैनेजमेंट का प्रशिक्षण दिया जायेगा। यह घोषणा अग्निकांड की 19वीं बरसी पर श्रद्धांजलि देने पहुंचे कार्यकारी एसडीएम ने की। वहीं भाजपा सरकार या फिर भाजपा संगठन का नुमाईंदा डबवाली में आयेगा तो सबसे पहले अग्निकांड स्मारक पर नत मस्तक होगा। यह घोषणा भाजपा के डबवाली प्रतिनिधि ने की। डबवाली अग्निकांड की 19वीं बरसी पर बच्चों, महिलाओं, समाजसेवियों के साथ-साथ प्रशासनिक अधिकारियों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। श्रद्धांजलि सभा में अग्निकांड पीडि़तों ने प्रशासनिक अधिकारियों तथा सरकार के समक्ष कुछ मांगें रखी।
मंच का संचालन करते हुये रमेश सचदेवा ने कहा कि अगर नरेंद्र मोदी के कहने पर स्वच्छता के लिये पूरा देश खड़ा हो सकता है। उसी तरीके से नरेंद्र मोदी 23 दिसंबर 1995 को अग्नि सुरक्षा दिवस के रूप में मनाने की घोषणा करें, ताकि भारत ही नहीं पूरा विश्व डबवाली अग्निकांड से सीख ले सके। मानवीय गलती न दोहराई जाये। उन्होंने स्मारक को राष्ट्रीय स्मारक घोषित करने, उपमंडल स्तर पर डिजास्टर मैनेजमेंट का प्रशिक्षण देने, मेडिकल कॉलेज बनाने, सिविल अस्पताल में बर्न यूनिट स्थापित करने की मांग की। पीडि़तों ने मांग की कि सरकार को जो भी मंत्री या संतरी डबवाली में आये। वह कार्य शुरू करने से पहले अग्निकांड स्मारक पर नत्मस्तक हो।
भाजपा नेता को मांग मनवाने के लिये दोबारा मंच पर बुलाया
अग्निकांड पीडि़तों की मांग सुनने के बाद भाजपा नेता देवकुमार शर्मा यह कहते हुये अपना स्थान लेने लगे कि अग्निकांड पीडि़त जो भी उनसे सहयोग की अपेक्षा करेंगे वे उसके लिये तैयार हैं। सीएम ही नहीं अगर पीएम के पास भी जाना पड़ा तो वे जरूर चलेंगे। इसी बीच अग्निकांड पीडि़तों ने उन्हें एक मांग के लिये दोबारा मंच पर खड़ा कर लिया। जिस पर देवकुमार शर्मा ने कहा कि सरकार को जो भी मंत्री या संतरी डबवाली आयेगा, वह सबसे पहले अग्निकांड स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेगा।
इससे पूर्व अग्निकांड स्मारक पर हवन यज्ञ हुआ। श्री रामायण पाठ तथा श्री अखंड पाठ का भोग डाला गया। इस मौके पर तहसीलदार मातू राम नेहरा, डीएसपी सत्यपाल यादव, शहर थाना प्रभारी दलीप सिंह, बीईओ संत कुमार बिश्नोई, नप सचिव ऋषिकेश चौधरी, जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीई संकेत शर्मा, अग्निकांड पीडि़त संघ के शमशेर सिंह, विनोद बांसल, सुच्चा सिंह भुल्लर, संचालक कमेटी के अध्यक्ष जयमुनी गोयल, प्रकाश चंद बांसल उपस्थित थे।

....जीवन रूपी नाटक का पर्दा गिरा दिया

डबवाली (लहू की लौ) डबवाली अग्निकांड की बरसी पर श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिये केवल मात्र हरियाणा के नहीं बल्कि सीमाओं के बंधन तोड़कर पंजाब तथा राजस्थान के लोग तथा राजनीतिक भी पहुंचे। वहीं सोशल मीडिया में भी अग्निकांड के शहीदों को श्रद्धांजलि देने का सिलसिला लगातार जारी रहा। पंजाब पुलिस के फाजिल्कां तथा मोगा शहरों से आये पुलिस कर्मियों के साथ-साथ अकाली नेता अवतार सिंह बनवाला ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की। वहीं सोशल नेटवर्किंग साईट फेसबुक पर देश-विदेश के लोगों ने श्रद्धांजलि अर्पित की। रंगकर्मी संजीव शाद ने श्रद्धांजलि देते हुये लिखा कि दीवार पे लटके कलंडर पे आज 23 दिसंबर है। 19 वर्ष पहले भी 23 दिसंबर था, उस दिन रंगमंच पे उतरा था नन्हें कलाकारों का इक काफिला सपने ले के...मेरे शहर डबवाली में तालियों और संगीत के महारंग महोत्सव में आग ने तांडव मचा दिया, जीवन रूपी नाटक का पर्दा गिरा दिया। कैसा निर्देशक है तू कभी कभी तेरी पटकथा समझ में नहीं आती, हम तो मात्र कठपुतलियां हैं तेरे हाथ की। लेकिन शब्द नहीं है मेरे पास कुछ भी लिखने को हिम्मत नहीं है, बस है तो मौन और तेज चलती सांसें और नम आंखें...वो तो आज भी जिंदा हैं..। इसके साथ-साथ पिछले 19 वर्षों में डबवाली में विभिन्न पदों पर नौकरी कर चुके अधिकारियों ने वट्स ऐप के जरिये श्रद्धांजलि दी। तत्कालीन एसडीएम सतीश कुमार ने मृतक बच्चों को याद करते हुये दुखदायी घटना करार दिया।

मुझे लिखकर दो, आगे पहुंचाऊंगा
23 दिसंबर का दिन डबवाली के इतिहास में आंसुओं से लिखा जाता है। अग्निकांड के समय मैं 13 साल का था। एक बच्चे की पीड़ा, एक बच्चा ही समझ सकता है। उस समय आंखों से आंसू निकल आये थे। उस समय सोचा था कि एक बार उस जगह अवश्य जाऊंगा, यहां यह भीषण अग्निकांड हुआ। यह नहीं सोचा था कि डबवाली में आज ही के दिन अतिरिक्त कार्यभार संभालूंगा और स्मारक पर आने का मौका मिलेगा। डिस्जास्टर मैनेजमेंट उपमंडल स्तर पर शुरू होगा। राष्ट्रीय स्मारक बनाने या फिर अन्य जो मांग हैं, वे अग्निकांड पीडि़त लिखित में दें। उपायुक्त के माध्यम से मांगों को सरकार के आगे रखा जायेगा।
-धीरेंद्र कुमार, कार्यकारी उपमंडलाधीश, डबवाली

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