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17 नवंबर 2014

शाखा लगा रहे स्वंयसेवकों पर चली थीं अंधाधुंध गोलियां

24 साल पहले मंडी किलियांवाली स्थित जलघर में आरएसएस की शाखा पर आतंकवादी हमला हुआ था। आतंकवादियों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर आरएसएस के 11 स्वयंसेवकों को मौत के घाट उतार दिया था। जबकि 12 स्वयंसेवक गंभीर रूप से जख्मी हुये थे। मृतकों की याद में जलघर में स्मारक बना हुआ है। हर वर्ष आरएसएस स्वयंसेवक स्मारक पर इक्ट्ठे होकर शाखा लगाते हैं। हमले में बिछुड़े स्वयंसेवकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं।
17 नवम्बर 1990 को हर रोज की तरह सुबह 6 बजे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के स्वयंसेवक मंडी किलियांवाली स्थित जलघर में लगने वाली शाखा में एकत्रित हुए थे। नगर कार्यवाहक के रूप में जगदीश अंगी 27 स्वयंसेवकों को प्रशिक्षण दे रहे थे। करीब 6.30 बजे गए स्वंयसेवक शक्ति परीक्षण के लिये तैयार थे। 13-13 स्वयंसेवकों की टुकड़ी में बंटकर आमने-सामने खड़े थे। इस दौरान एक व्यक्ति वहां आया। जिसने अपने मुंह को छुपा रखा था। कंबल में छुपाये असले से अंधाधुंध गोलियां बरसानी शुरू कर दी। स्वयंसेवक संभलते इससे पूर्व ही गोलियों ने कई स्वयंसेवकों का सीना छलनी कर दिया। एक स्वयंसेवक ने गोलियों की परवाह न करते हुए आतंकवादी को पकड़ लिया। स्वंयसेवक का सीना छलनी करने के बाद वह भाग निकला। 11 स्वयंसेवक मौका पर ही काल का ग्रास बन गए। जबकि 12 स्वयंसेवक गोली लगने से घायल हुए। कुछ ने भागकर अपनी जान बचाई। आतंकवादियों की संख्या 4 थी। पूरे घटनाक्रम को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दिया गया था। चूंकि शाखा पर हमला करने वाले आतंकवादी का एक साथी जलघर के गेट पर खड़ा हुआ था। जबकि दो साथी जीप पर सवार होकर खड़े थे। गोलियों की आवाज सुनकर जलघर क्षेत्र के लोग बाहर आये। घायल स्वयंसेवकों को अस्पताल पहुंचाया।एसके दुआ का कहना है कि 1990 को आरएसएस शाखा पर हुए आतंकवादी हमले के बाद भी संघ ने शांति बनाए रखी। समाज विरोधी ताकतों को मुंह तोड़ जवाब मिला।
आज दी जायेगी श्रद्धांजलि
सह जिला संघ चालक एसके दुआ ने बताया कि सोमवार को आरएसएस कार्यकर्ता मंडी किलियांवाली स्थित जलघर में इक्ट्ठा होंगे। शाखा लगेगी। जिसमें 24 बरस पूर्व बिछुड़े कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि दी जायेगी।
ये बने थे काल का ग्रास : केवल कृष्ण पुत्र मेघराज मित्तल, सुरेन्द्र पुत्र सोहन लाल सिंगला, महेन्द्र पुत्र हरबंस लाल सिंगला, रामलाल पुत्र जगन्नाथ सिंगला, जीवन कुमार पुत्र रामलाल सिंगला, रवि पुत्र रामलाल सिंगला, जितेन्द्र कुमार पुत्र वेदप्रकाश जिन्दल, जगदीश पुत्र श्री राम खण्डवाल, दीवान चन्द पुत्र अजायब चन्द बांसल, रविन्द्र कुमार पुत्र फिरंगी लाल, भूषण कुमार पुत्र हंसराज
हमले में घायल हुए स्वयंसेवक : फिरंगी लाल पुत्र देसराज सिंगला, राम गोपाल पुत्र केवल कृष्ण, रामपाल पुत्र चिमन लाल सिंगला, दीपक पुत्र चिमन लाल सिंगला, मुकेश पुत्र लभू राम ओबराय, दीपक कुमार पुत्र सूरजभान सिंगला, कमल कुमार पुत्र सागर मल लड्ढा, ओमप्रकाश पुत्र श्री राम जीदगर, जगदीश राय पुत्र धन्नु राम अंगी, दलजीत सिंह पुत्र तरसेम खुरमी, रमेश कुमार पुत्र बाबू राम सिंगला, संजीव कुमार पुत्र मदन लाल ओबराय

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